ग्वालियर इटावा हाईवे को सिक्स लाइन बनाने को लेकर अनशन कर रहे संतों के पास नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला पहुंचे

भिंड ग्वालियर इटावा हाईवे को सिक्स लाइन बनाने को लेकर अनशन कर रहे संतों के पास 9वें दिन शुक्रवार को नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला पहुंचे. जहां उन्होंने संत के चरणों मे नतमस्तक होकर आंदोलन खत्म करने को कहा. बता दें कि, ग्वालियर इटावा नेशनल हाईवे 719 को चौड़ा करने की मांग को लेकर अखिल भारतीय संत समिति के नेतृत्व में 100 से अधिक संतों का भिंड में 9 दिनों से धरना प्रदर्शन चल रहा है. मंत्री से बोले संत, देर से आए हो दरअसल, भिंड शहर के खंडा रोड पर साधू संत पिछले 9 दिनों से ग्वालियर-इटावा हाईवे को सिक्स लाइन बनाने को लेकर अनशन कर रहे हैं. शुक्रवार को संतों से मिलने नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला पहुंचे. मंत्री से संत समिति के अध्यक्ष कालीदास महाराज ने कहा, ''आप बहुत देर से आए हो.'' इस पर मंत्री शुक्ला ने मुस्कराते हुए कहा, ''हां, कुछ व्यस्तता के कारण देर हो गई. मैं संतों का आशीर्वाद लेने आया हूं. आपकी मांगें सरकार तक पहुंचाई जा चुकी हैं. सरकार ने हाईवे निर्माण को लेकर वचन दिया है, जो निश्चित रूप से पूरा किया जाएगा. इसमें थोड़ा समय जरूर लग रहा है, लेकिन सरकार पर भरोसा रखें और आंदोलन समाप्त करें.'' गोहद में पूर्व सैनिक अर्धनग्न हुए साधू संत के समर्थन में समाजसेवी और पूर्व सैनिक उतर आये. जहां उन्होंने संतों की मांग को जायज ठहराते हुए अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया. यह प्रदर्शन करते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचे और नायब तहसीलदार राकेश श्रीवास्तव को ज्ञापन सौंपा. प्रदर्शन में महेश सिंह करारिया, अंतराम प्रजापति, धर्मेंद्र तोमर, बंटी, सोनू शर्मा समेत कई लोग शामिल रहे. बिगड़ गई थी संत की तबीयत प्रदर्शन के दौरान ही समाजसेवी बंटी जादौन और अंतराम प्रजापति बड़े हनुमान मंदिर से 40 डिग्री गर्मी और चिलचिलाती सड़क पर दंडवत करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे थे. वहीं बीते मंगलवार को भूख हड़ताल के दौरान संत प्रेमदास महाराज की तबीयत बिगड़ गई थी. उन्हें तत्काल जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां से इलाज के बाद उन्हें छुट्टी मिल गई थी. जिसके बाद वह वापस आंदोलन स्थल पर पहुंच भूख हड़ताल पर बैठ गए थे. recent visitors 25

विद्यालयों में लापरवाही बरतने का नतीजा, एक प्रधानपाठक निलंबित, तीन शिक्षकों को नोटिस

बैकुण्ठपुर/कोरिया ‘सुशासन तिहार 2025’ के तहत जिले के शैक्षणिक संस्थानों में अनुशासन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला शिक्षा अधिकारी कोरिया द्वारा सोनहत विकासखण्ड के शालाओं का बाद आकस्मिक निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण के दौरान गंभीर लापरवाही एवं अनियमितताएं सामने आने पर एक प्रभारी प्रधानपाठक को निलंबित किया गया जबकि तीन अन्य शिक्षकों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए गए हैं। शासकीय प्राथमिक शाला टिकरापारा, किशोरी में पदस्थ प्रभारी प्रधानपाठक विक्रम सिंह निरीक्षण के समय बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाए गए। विद्यालय की स्थिति अत्यंत दयनीय पाई गई, बच्चों का शैक्षणिक स्तर निम्न, साफ-सफाई का अभाव, शिक्षण सामग्री का अभाव तथा आवश्यक अभिलेख जैसे परीक्षाफल पंजी और रोकड़-बही भी उपलब्ध नहीं थी। ग्रामवासियों ने शिकायत की कि प्रधानपाठक शराब के आदी हैं। इसे गंभीर कदाचरण मानते हुए सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उनका मुख्यालय अब विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, सोनहत कार्यालय निर्धारित किया गया है। निरीक्षण के दौरान अन्य शिक्षकों की लापरवाही भी उजागर हुई। उमेश पैकरा, सहायक शिक्षक, टिकरापारा विद्यालय की दुर्व्यवस्था व बच्चों की शैक्षणिक स्थिति खराब होने पर नोटिस जारी की गई। शिव शंकर केवलवंशी, प्रधानपाठक, पूर्व माध्यमिक शाला कचोहर तथा राजू कुमार, प्रभारी प्रधानपाठक, प्राथमिक शाला कचोहर को समय से पूर्व शाला बंद करने पर कारण बताओ सूचना पत्र जारी की गई है। जिला शिक्षा अधिकारी जितेन्द्र कुमार गुप्ता ने स्पष्ट किया कि आगे भी विद्यालयों का औचक निरीक्षण जारी रहेगा। शिक्षा में लापरवाही बरतने वाले किसी भी शिक्षक को बख्शा नहीं जाएगा और उन पर नियमानुसार सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। recent visitors 20

उत्तराखंड के चमोली में गहरी खाई में गिरी कार… 5 की मौत,तेज आंधी और बारिश के चलते हुआ हादसा

चमोली  उत्तराखंड के चमोली में एक बड़े हादसे में पांच लोगों की दर्दनाक मौत का मामला सामने आया है। शुक्रवार देर शाम करीब सात बजे चमोली जिले के बिरही-निजमूला मोटर मार्ग पर गाड़ी गांव के पास कोरेलधार में कार खाई में गिर गई। हादसे के कारणों को लेकर जांच चल रही है। पुलिस और बचाव टीमें दुर्घटनास्थल पर पहुंची, लेकिन भारी बारिश के चलते राहत और बचाव कार्यों में दिक्कतें आने की भी सूचना आई हैं। हालांकि, पुलिस और प्रशासन की टीम ने सभी मृतकों के शवों को बरामद कर लिया है। बारात की कार गिरी बिरही-निजमूला मोटर मार्ग पर गाड़ी गांव के पास कोरेलधार में बारात की कार गिरने का मामला सामने आया। खाई में कार गिरने के बाद हड़कंप मच गया। शादी वाले घर में कोहराम मच गया। मरने वालों को लेकर सूचना आ रही है कि सभी निजमूला क्षेत्र से किसी शादी से लौटकर दशोली विकासखंड के हरमनी गांव जा रहे थे। वापसी के दौरान ही यह हादसा हो गया। हादसे का पता तब चला, जब बरात में शामिल एक वाहन की खोजबीन की गई। गाड़ी को खोजने निकले लोगों ने खाई में गाड़ी को गिरा पाया। इसके बाद प्रशासन और पुलिस को घटना की सूचना दी गई। जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। आज होगा पोस्टमार्टम बिरही-निजमूला मोटर मार्ग पर गहरी खाई में गिरी कार से पुलिस की टीम ने मृतकों के शवों को रेस्क्यू कर लिया है। इसके बाद उनके शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। एसडीआरएफ और पुलिस की टीम ने पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन को चलाया। recent visitors 38

NCERT की चौथी, पांचवीं, सातवीं और आठवीं की किताबें जुलाई तक आने की संभावना है

रायपुर  राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने इस साल कक्षा चौथी, पांचवीं, सातवीं और आठवीं के पाठ्यक्रमों में बदलाव किया है। इस कारण अभी तक इनकी किताबें बाजार में नहीं आई हैं। इधर एनसीईआरटी का ब्रिज कोर्स भी तैयार किया है, जो छात्रों को अगली कक्षा में जाने से पहले, नई शिक्षा नीति और नई पाठ्यक्रम के अनुसार है। यह पाठ्यक्रम मुख्य रूप से कक्षा पांचवीं, छठवीं, सातवीं और आठवीं के लिए तैयार किया है। स्कूल शुरू, लेकिन किताबें नहीं एक अप्रैल से स्कूल शुरू हो चुके हैं और अभिभावकों पर दबाव बनाया जा रहा है कि वे बच्चों के पुस्तकें लेकर भेजें। इस कारण अभिभावक भी परेशान हैं, जबकि स्कूल शिक्षा विभाग ने जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों में एनसीईआरटी की पाठ्य पुस्तकों का उपयोग सुनिश्चित कराया जाए। ब्रिज कोर्स से पढ़ाई     केंद्रीय विद्यालय-1 के प्राचार्य अशोक चंद्राकर ने बताया कि इस बार एनसीईआरटी ने सभी कक्षा के बच्चों को पढ़ाने के लिए ब्रिज कोर्स दिया है। पिछली कक्षा के कुछ विषयों को लेकर बच्चों को पढ़ाया जा रहा और उन्हें रिकाल करवाया जा रहा है।     वहीं सीबीएसई स्कूल के शिक्षकों का कहना है कि उनके पास जो किताबें हैं, वे अभी वही बच्चों को पढ़ाएंगे। सीबीएसई स्कूल के शिक्षकों का कहना है कि पाठ्यक्रम बदलाव से पूरी किताबें छप नहीं पाई हैं, जिससे बच्चों को नई किताबें मिलने में देरी हो रही है। इससे सीबीएसई और केंद्रीय विद्यालय में पढ़ने वाले हजारों विद्यार्थियों की परेशानी बढ़ गई है।     इन कक्षाओं के हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान विषय के कोर्स में बदलाव किया है। विद्यार्थियों को बदले हुए पाठ्यक्रम की किताबें जुलाई से मिलने की संभावना है।   recent visitors 24

छत्तीसगढ़ में गैर संचारी रोग के ईलाज में आभा आईडी है मददगार

इस डिजिटल तकनीक से इलाज की गुणवत्ता में हो रहा सुधार रायपुर,  छत्तीसगढ़ राज्य में अब गैर संचारी रोग (नॉन-कम्युनिकेबल डिज़ीज़- एनसीडी) जैसे हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज़ , कैंसर के स्क्रीनिंग , इलाज और मॉनिटिरिंग  में डिजिटल तकनीक का उपयोग बड़े स्तर पर किया जा रहा है। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत शुरू की गई आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) आईडी इस दिशा में गेमचेंजर साबित हो रही है। आभा आईडी के माध्यम से मरीज अपने स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में सुरक्षित रख सकते हैं और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी से आसानी से साझा कर सकते हैं। इस आईडी की मदद से अस्पतालों, क्लीनिकों और लेबोटरी के बीच जानकारी साझा करना भी आसान हो गया है, जिससे इलाज की गुणवत्ता में सुधार हो रहा है। छत्तीसगढ़ में आभा आईडी को राष्ट्रीय एनसीडी पोर्टल से जोड़ा गया है। इससे मरीजों की स्क्रीनिंग, डायग्नोसिस, इलाज और मॉनिटरिंग की प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित हो गई है।  एएनएम और कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर  के लिए मोबाइल और टैबलेट आधारित ऐप्स तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए वेब पोर्टल उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे काम करना आसान हो गया है। संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. प्रियंका शुक्ला का कहना है कि आभा आईडी बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इससे एनसीडी जैसी बीमारियों की रोकथाम और प्रबंधन में मदद मिलेगी। दुर्ग जिले में इस पहल का सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है। जनवरी 2024 से फरवरी 2025 के बीच, 12,627 आभा आईडी को एनसीडी मरीजों के रिकॉर्ड से जोड़ा गया। इसके परिणामस्वरूप, आभा से जुड़े मरीजों में फॉलोअप रेट 68 प्रतिशत तक पहुंच गया, जबकि बिना आभा आईडी वाले मरीजों में यह केवल 37 प्रतिशत रहा। इसी तरह, ब्लड प्रेशर और डायबिटीज़ नियंत्रण में भी आभा से जुड़े मरीजों में सुधार देखा गया। 49 प्रतिशत मरीज नियंत्रण में रहे, जबकि गैर-जुड़े मरीजों में यह आंकड़ा 29 प्रतिशत रहा। डब्ल्यूएचओ की मदद से स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया है। राज्य सरकार और विश्व स्वास्थ्य संगठन की टीम इस पूरी प्रक्रिया पर सतत निगरानी रख रही है। आभा आईडी को आधार की डेमोग्राफिक जानकारी से जोड़ने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए डब्ल्यूएचओ ने हिंदी में प्रशिक्षण वीडियो भी बनाया है। छत्तीसगढ़ में यह डिजिटल पहल ना सिर्फ बीमारियों के रोकथाम में मददगार साबित हो रही है, बल्कि इससे स्वास्थ्य विभाग की सेवाओं के प्रति विश्वास बढ़ा है। recent visitors 28

परिवहन चेक पॉइंट की नई गाइडलाइन जारी, वर्दी और बॉडी वॉर्न कैमरे के बिना वाहनों की नहीं होगी जांच, POS मशीन से बनेंगे चालान

भोपाल  मध्य प्रदेश की परिवहन चौकियों में मिल रहीं भ्रष्टाचार की शिकायतों पर रोक लगाने मोहन सरकार ने सख्त निर्णय लिया है। परिवहन आयुक्त विवेक शर्मा ने वाहन चेकिंग के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। कहा, बिना वर्दी और बॉडी वॉर्न कैमरे के बिना वाहनों की जांच नहीं की जा सकेगी। पॉइंट ऑफ सेल से चालानी कार्रवाई की जाएगी। परिवहन आयुक्त विवेक शर्मा के मुताबिक, नई गाइडलाइन पायलट प्रोजेक्ट के तहत कुछ जिलों में पहले से लागू की थी। इससे न सिर्फ पारदर्शिता बनी रहती है, बल्कि वाहन चालकों को भी आसानी होती है। पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा। 15 मई से यह व्यवस्था पूरे प्रदेश में लागू की जाएगी। गाइडलाइन के अनुसार जांच के समय कम से कम एक सहायक परिवहन उप निरीक्षक का मौजूद होना जरूरी होगा। सभी स्टाफ को वर्दी पहनना अनिवार्य है और वर्दी पर नाम की प्लेट भी होनी चाहिए। जांच कार्यवाही में केवल विभागीय अधिकारी व कर्मचारी ही शामिल रहेंगे, किसी भी निजी व्यक्ति की भागीदारी पूरी तरह वर्जित है। चालान की प्रक्रिया केवल POS मशीन के माध्यम से ही की जाएगी। जहां POS मशीन उपलब्ध नहीं है, वहां इसके उपयोग की व्यवस्था प्राथमिकता से की जाएगी। एक बार में एक ही वाहन की जांच की जाएगी, और उसके बाद ही अगला वाहन रोका जाएगा। किसी भी वाहन को 15 मिनट से अधिक बिना कारण के नहीं रोका जा सकेगा। रात्रिकालीन जांच के लिए अच्छी रोशनी वाले सुरक्षित स्थान का चयन अनिवार्य होगा। स्टाफ को LED बैटन और रिफ्लेक्टिव जैकेट उपलब्ध कराई जाएंगी। बॉडी वॉर्न कैमरे जांच की पूरी अवधि के दौरान सक्रिय रहेंगे। कम से कम दो कैमरे चालू रहेंगे, जिनमें से एक लाइव मोड में होगा। कैमरे संबंधित अधिकारी या कर्मचारी को ही आवंटित किए जाएंगे। कैमरों की रिकॉर्डिंग और स्टोरेज की निगरानी भी यूनिट प्रभारी की जिम्मेदारी होगी। यदि जांच के दौरान किसी वाहन चालक या अन्य व्यक्ति से विवाद की स्थिति उत्पन्न होती है, तो उसकी रिकॉर्डिंग अनिवार्य रूप से की जाएगी। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि दिशा-निर्देशों के क्रियान्वयन की पूरी जिम्मेदारी संबंधित यूनिट प्रभारी की होगी। किसी भी प्रकार की लापरवाही की स्थिति में उनके खिलाफ अनुशासनात्मक या दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। यह दिए दिशा निर्देश     कम से कम एक सहायक परिवहन उप निरीक्षक स्तर के अधिकारी की मौजूदगी में ही चेकिंग की जाएगी।     चेकिंग के समय पूरा स्टाफ वर्दी में होना चाहिए। सभी की वर्दी पर नेम प्लेट भी लगी होनी चाहिए।     यूनिट के साथ अटैच ड्राइवर के अलावा कोई भी प्राइवेट व्यक्ति चेकिंग की कार्यवाही के दौरान प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं होना चाहिए।     बॉडी वॉर्न कैमरा उपलब्ध होते ही चेकिंग की पूरी अवधि के दौरान कम से कम दो बॉडी वॉर्न कैमरा चालू रहे।     कम से कम एक बॉडी वॉर्न कैमरा लाइव मोड में होना चाहिए। का उपयोग वही करेंगे।     चेकिंग के दौरान रिकॉर्डिंग मोड के दो कैमरों के अलावा बाकी दूसरे कैमरे स्टैंड बाय मोड में रहेंगे।     चालानी कार्यवाही केवल पॉइंट ऑफ सेल मशीन ही की जाएगी।     यूनिट द्वारा एक बार में एक ही वाहन को रोका जाए और उसकी चेकिंग, उसके खिलाफ कार्यवाही के बाद ही किसी दूसरे वाहन को रोका जाए।     किसी भी वाहन को बिना किसी विशेष कारणों के 15 मिनट से ज्यादा न रोका जाए। अन्यथा ये माना जाएगा कि वाहन को रोकने के संबंध में यूनिट की मंशा सही नहीं हैं।     रात के समय अगर चेकिंग जरूरी हो तो ऐसे स्थान को चेकिंग के लिए चुना जाए, जहां रोशनी के अभाव में कोई दुर्घटना न हो। अंधेरे के समय स्टाफ के पास एलईडी बैटन और रिफ्लेक्टिव जैकेट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो। ये प्रभारी सुनिश्चित करेंगे। चौकियां बंद, 45 चेक प्वाइंट में वसूली मध्य प्रदेश में गुजरात की तर्ज पर एक साल पहले परिवहन चौकियों को बंद कर दिया है। उनकी जगह पर अंतरराज्यीय सीमा पर 45 चेक प्वाइंट बनाए गए हैं, लेकिन ट्रकों और वाहनों से अवैध वसूली की लगातार शिकायतें मिलती रहती हैं। इसके बाद परिवहन आयुक्त ने नया आदेश जारी किया है। प्रभारी के खिलाफ होगी कार्रवाई परिवहन आयुक्त विवेक शर्मा ने बताया कि चेकिंग पाइंट पर पारदर्शिता लाने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इससे वाहन चालकों चेकिंग के दौरान होने वाली समस्या भी दूर हुई है। इन निर्देशों का पालन करने में चूक होने पर प्रभारी पर अनुशासनात्मक, दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।   recent visitors 32

कोबरा 208 की टीम ने मुर्कराजगुटटा की जंगल पहाड़ी में माओवादियों के बंकर को खोजकर नष्ट किया

बीजापुर  छत्तीसगढ़ के बीजापुर में कैम्प जीड़पल्ली से कोबरा 208 की टीम माओवादी विरोधी अभियान पर निकली थी। अभियान के दौरान मुर्कराजगुटटा की जंगल पहाड़ी में माओवादियों के द्वारा बंकर बनाकर छिपाया गया सामान बरामद किया गया है। सामान को माओवादियों के द्वारा कांक्रीट आरसीसी स्लेब से बने बंकरनुमा कक्ष में छिपाकर रखा गया था। बंकरनुमा कमरा 20 बाय 08 फीट साइज का था। उक्त बंकर से माओवादियों द्वारा छुपाकर रखे गये 6 नग सोलर प्लेट, 6 नग जरकीन, 2 नग माओवादी वर्दी, 2 नग सिलिंग पंखा बरामद किया गया। माओवादियों के कोर एरिया में लगातार जारी है सर्चिंग कोबरा 208 की टीम द्वारा पूरे क्षेत्र में सर्चिंग के दौरान मुर्कराजगुटटा की पहाड़ी जंगल से माओवादी सामान के छिपाने के जगह को खोजकर नष्ट किया गया। इसके पूर्व कोमटपल्ली और तुमरेल के जंगल से माओवादियों के द्वारा हथियार बनाने का उपकरण, औजार, विस्फोटक सामग्री आदि का सामान भी बरामद किया गया है। सुरक्षा बलों के द्वारा माओवादियों के बटालियन कोर एरिया में लगातार गश्त सर्चिंग की कार्रवाही की जा रही है। बड़े माओवादियों के लिए बनाया था बंकर माओवादियों के सबसे मजबूत अंडरग्राउंड सुरंग की यह तस्वीर है। माओवादियों के कांक्रीट से बने बंकर तक पहुंची फोर्स। सुकमा और बीजापुर जिले की सीमा पर माओवादियों के बटालियन नंबर 1 के कोर जोन में बंकर बना रखा था। हिड़मा जैसे माओवादियों ने फोर्स से बचने पक्का बंकर बनाया था। इससे पहले माओवादियों के कई अंडरग्राउंड बंकर मिल चुके हैं। अब सीमेंट और ईंट से बना बंकर मिला है। माओवादियों ने अपने बड़े मेंबर्स को छुपाने और माओवादी गतिविधियों को ड्रोन या यूएवी की नजर में आए बिना जारी रखने बनाए था यह बंकर। recent visitors 25