CM साय ने मॉल में सर्व सुविधायुक्त सिनेमा हॉल का शुभारंभ किया और राज्य सरकार के सुशासन पर आधारित एक वीडियो देखा

रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर में जोरा मॉल का भव्य शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश का आशीर्वाद लिया और सभी के सुख, समृद्धि और मंगल की कामना की। इस दौरान उन्होंने मॉल में सर्व सुविधायुक्त सिनेमा हॉल का शुभारंभ किया और राज्य सरकार के सुशासन पर आधारित एक वीडियो देखा।           मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर कहा कि राजधानी वासियों के लिए आज का दिन बेहद खास है। यह नया प्रतिष्ठान लोगों को आधुनिक जीवनशैली से जुड़ी सभी आवश्यक वस्तुएं, मनोरंजन और सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराएगा। इससे आसपास के युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे और क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। श्री साय ने कहा कि यह मॉल आने वाले समय में शहरी जीवनशैली को और अधिक सहज, समृद्ध और सुविधाजनक बनाएगा।        मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि लगभग 12 वर्षों की यात्रा के बाद यह प्रतिष्ठान अपने वास्तविक स्वरूप में बनकर तैयार हुआ है। प्रतिष्ठान के संचालक अनुभवी है और उद्योगपति के रूप में उनके लंबे अनुभवों का लाभ इस नए प्रतिष्ठान को भी मिलेगा। उन्होंने क्षेत्रवासियों और प्रतिष्ठान से जुड़े सभी को बधाई और शुभकामनाएं दी। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े मॉल का आज विधिवत शुभारंभ हुआ है। 12-13 वर्ष पहले ट्रेजर आईलेंड के नाम से इस मॉल का काम प्रारम्भ हुआ, परन्तु लम्बी यात्रा के बाद आज नए कलेवर के साथ इसका शुभारम्भ हुआ। यह मॉल रायपुर और प्रदेशवासियों के लिए बेहतरीन खरीदी एवं मनोरंजन का केंद्र होगा। राजधानी रायपुर देश में विकसित राजधानी के रूप में अपनी पहचान बना रहा है और यह मॉल इस पहचान को स्थापित करने में अपना योगदान देगा। शुभारंभ समारोह को उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने भी संबोधित कर अपनी शुभकामनाएं दी।          इस शुभ अवसर पर वन मंत्री  केदार कश्यप, राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा, विधायक श्री अमर अग्रवाल, विधायक श्री अनुज शर्मा, विधायक  मोतीलाल साहू, सीएसआईडीसी के चेयरमैन  राजीव अग्रवाल, सीएमडीसी के अध्यक्ष  सौरभ सिंह, आरडीए के अध्यक्ष  नंदकुमार साहू, बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष  प्रभतेज सिंह भाटिया, मॉल के संचालक श्री विजय झावर भी उपस्थित रहे। recent visitors 40

ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर अचानक भड़की आग, दूसरे प्लेटफ़ॉर्म से डायवर्ट कर निकाली ट्रेन

ग्वालियर  ग्वालियर रेलवे स्टेशन के प्लेटफ़ॉर्म नंबर एक पर बने वीआईपी वेटिंग रूम में आज भीषण आग लग गई, आज लगते ही स्टेशन पर हडकंप मच गया, तेज काला धुंआ उठता देश अधिकारियों ने फायर ब्रिगेड की सूचना दी और रेलवे अधिकारियों से बात की जिसके बाद नगर निगम के अमले ने मशक्कत के बाद आग को काबू कर लिया, आग लगने की वजह वेटिंग रूम में लगे एसी में ब्लास्ट होना बताया जा रहा है, घटना के चलते ग्वालियर स्टेशन से गुजरने वाली ट्रेनों को दूसरे प्लेटफ़ॉर्म से डायवर्ट कर निकाला गया। ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर आज दोपहर उस समय अफरा तफरी का माहौल बन गया जब लोगों ने वीआईपी वेटिंग रूम से धुंआ उठते देखा, स्टेशन निदेशक के कमरे के पास में बने वीआईपी वेटिंग रूम में आग की सूचना मिलते ही स्टेशन स्टाफ एक्शन में आया और आग की सूचना फायर ब्रिगेड और पुलिस को दी। डिप्टी, स्टेशन निदेशक एके तिवारी ने मीडिया को बताया कि उन्हें एक कुली ने आग लगने की सूचना दी थी, सूचना मिलते ही उन्होंने वीआईपी रूम का ताला खोला तो अन्दर से बहुत तेज  धुंआ बाहर निकला उन्होंने बहुत मुश्किल से दरवाजा बंद किया फिर आग लगने की सूचना फायर ब्रिगेड, पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों को दी। फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियों ने आग पर पाया काबू सूचना पर नगर निगम की फायर ब्रिगेड गाड़ियाँ स्टेशन पहुंची और पानी की बौछार शुरू की, उप आयुक्त नगर निगम ग्वालियर सतपाल सिंह चौहान ने बताया कि स्टेशन पर आग लगने की सूचना मिली थी जिसके बाद तत्काल गाड़ियाँ रवाना की गई और तीन गाड़ी पानी फेंककर आग पर काबू कर लिया गया। निर्माण कार्य के चलते नहीं थी भीड़, बड़ा हादसा टला आपको बता दें कि वीआईपी  वेटिंग रूम प्लेटफ़ॉर्म नम्बर एक पर बना है इन दिनों ग्वालियर स्टेशन पर जीर्णोद्धार का काम चल रहा है तो वीआईपी रोम अधिकतर बंद ही रहता है अज भी बंद ही था, निर्माण कार्य के चलते इस क्षेत्र में यात्रियों की भीड़ भी कम ही रहती है वर्ना कोई बड़ा बड़ा हादसा हो सकता था। यातयात रोका, ट्रेनों को दूसरे प्लेटफ़ॉर्म से निकाला   घटना के चलते दिल्ली से झाँसी से तरफ जाने वाली और झाँसी से दिल्ली की तरफ जाने वाली यानि दोनों रूट को सुरक्षा की दृष्टि से कुछ समय के लिए रोक दिया, फिर आग पर काबू होने के बाद सभी ट्रेनों को प्लेटफ़ॉर्म नंबर 2, 3, 4 से डायवर्ट कर उनके गंतव्य की तरफ रवाना किया, अभी ट्रेफिक सामान्य कर दिया गया है , आग लगने का कारण  वीआईपी वेटिंग रूम में लगे एसी में ब्लास्ट बताई जा रही है हालाँकि असली वजह और नुकसान जांच के बाद ही मालूम चल सकेगा। recent visitors 53

रायपुर : असंग कबीर आश्रम सोनपैरी में योग आयोग स्थापना दिवस सम्पन्न

रायपुर छत्तीसगढ़ योग आयोग का स्थापना दिवस आज असंग कबीर आश्रम सोनपैरी में  सामाजिक कर्तव्य के माध्यम से सादगीपूर्ण वातावरण में मनाया गया। हाल ही में कश्मीर के पहलगाम में हुई दुखद घटना के चलते कार्यक्रम को श्रद्धांजलि सभा के साथ संयमित स्वरूप में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि देवकर साहेब (असंग कबीर आश्रम सोनपैरी) रहे। छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष रूपनारायण सिन्हा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। उन्होंने उपस्थित नागरिकों को सामूहिक योगाभ्यास कराया गया। अतिथियों द्वारा योग एवं जीवनशैली पर प्रेरणादायक उद्बोधन प्रस्तुत किए गए एवं सभी गणमान्य अतिथियों का सम्मान भी किया गया। कार्यक्रम के समापन पर कश्मीर के पहलगाम में शहीद हुए वीर जवानों और नागरिकों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर विशेष रूप से योगेश्वरानंद योगी, किशोर साहू, जनपद सदस्य हिमांशु कुर्रे और प्रणव शर्मा, सहायक लेखा अधिकारी गौरव देवांगन, परिवीक्षा अधिकारी रविकांत कुंभकार, छबि राम साहू, श्रीमती ज्योति साहू, योगी राम साहू सहित बड़ी संख्या में योग साधक व ग्राम सोनपैरी के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। recent visitors 37

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका भर्ती पर दावा-आपत्ति 25 मई तक आमंत्रित

गरियाबंद जिले के एकीकृत बाल विकास परियोजना गरियाबंद अंतर्गत आने वाले आंगनबाड़ी केन्द्र कोसमबुड़ा 01 में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के 01 पद एवं आंगनबाड़ी केन्द्र धवलपुर 01, मारागांव एवं ओंड़ कमारपारा में 01-01 आंगनबाड़ी सहायिकाओं के कुल 04 रिक्त पद की भर्ती हेतु आवेदन आमंत्रित किये गये थे। जिसमें से अनंतिम योग्यता सूची प्रकाशित कर दिया गया है। अनंतिम योग्यता सूची में किसी को दावा आपत्ति करना हो तो वह 05 मई 2025 तक संध्या 5.30 बजे तक कार्यालय में आकर दावा-आपत्ति कर सकते हैं। निर्धारित तिथि पश्चात किये गये दावा आपत्ति पर विचार नहीं किया जायेगा।   recent visitors 37

घटती प्रजनन दर एक गंभीर विषय, अब ट्रंप ने बताया- प्रत्येक नवजात शिशु की मां को 5000 डॉलर का ‘बेबी बोनस’ देने का प्रस्ताव भी

वाशिंगटन अमेरिका में लगातार गिरती जन्मदर को लेकर डोनाल्ड ट्रंप की चिंताएं बढ़ती जा रही हैं। सुपरपावर कहे जाने वाले इस देश में घटती प्रजनन दर एक गंभीर विषय बन गई है। रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप महिलाओं को शादी के लिए प्रोत्साहित करने के उपायों पर अपने सलाहकारों से विचार-विमर्श कर रहे हैं। इतना ही नहीं उनके करीबी सहयोगी अमेरिकियों से अधिक बच्चे पैदा करने का आग्रह कर रहे हैं और इसके लिए वित्तीय प्रोत्साहन देने की बात भी कह रहे हैं। आइए जानते हैं कि अमेरिका के अलावा दुनिया के और कौन से देश हैं जो जन्मदर बढ़ाने के लिए पैसे दे रहे हैं: व्हाइट हाउस में जन्मदर बढ़ाने को लेकर कुछ दिलचस्प सुझाव आए हैं। इनमें से एक असामान्य विचार यह है कि फुलब्राइट स्कॉलरशिप का 30% विवाहित या बच्चों वाले लोगों के लिए आरक्षित किया जाए। इसके अतिरिक्त प्रत्येक नवजात शिशु की मां को 5000 डॉलर का 'बेबी बोनस' देने का प्रस्ताव भी है। गौरतलब है कि ट्रंप पहले भी अमेरिका में एक नए 'बेबी बूम' का आह्वान कर चुके हैं। अमेरिका के अलावा कई अन्य देश भी जन्मदर बढ़ाने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन दे रहे हैं: चीन: यहां अधिक बच्चे पैदा करने पर चाइल्डकेयर सब्सिडी मिलती है। कई शहरों में तो पहले बच्चे के लिए लगभग 13,800 डॉलर (1 लाख युआन) तक की सब्सिडी दी जाती है। स्विट्जरलैंड: अल्बिनेन गांव में घटती आबादी को रोकने के लिए सरकार नवविवाहित जोड़ों को 50 लाख रुपये से अधिक और प्रत्येक वयस्क सदस्य को 22 लाख रुपये से अधिक देती है। इसके अलावा प्रत्येक बच्चे के लिए लगभग आठ लाख रुपये दिए जाते हैं। जर्मनी: जर्मनी में माता-पिता को पहले या दूसरे हर बच्चे के लिए प्रति माह 250 यूरो (लगभग 23,572 रुपये) मिलते हैं। फिनलैंड: यहां नवजात बच्चे के लिए सरकार लगभग 7 लाख 86 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान करती है जिसका उद्देश्य जनसंख्या वृद्धि को प्रोत्साहित करना है। फ्रांस: फ्रांस की सरकार भी बच्चे पैदा करने के लिए वित्तीय सहायता देती है। गर्भवती महिलाओं को गर्भधारण के 28वें सप्ताह के बाद लगभग 900 यूरो मिलते हैं साथ ही 16 सप्ताह की सवेतन मातृत्व अवकाश भी मिलता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि अमेरिका जन्मदर बढ़ाने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है और क्या इन वित्तीय प्रोत्साहनों से देश की डेमोग्राफी में कोई महत्वपूर्ण बदलाव आता है। फिलहाल यह मुद्दा अमेरिका में एक गरमागरम बहस का विषय बना हुआ है।   recent visitors 34

जामा मस्जिद की सीढ़ियों से पाकिस्तान को तगड़ा जवाब दिया गया, पहलगाम पर जुटे मुसलमान, पूरे देश में उबाल

नई दिल्ली पहलगाम में आतंकवादी हमले के विरोध में पूरे देश में उबाल है। दिल्ली की ऐतिहासिक जामा मस्जिद की सीढ़ियों से शुक्रवार को पाकिस्तान को तगड़ा जवाब दिया गया। जुमे की नमाज के बाद सैकड़ों मुसलमानों ने दहशतगर्दी के खिलाफ लड़ने की आवाज बुलंद की और कहा कि पाकिस्तान भारतीय मुसलमानों का भी दुश्मन है। कश्मीर के पहलगाम में धर्म पूछकर मारे गए 26 पर्यटकों के लिए देशभर में गम और गुस्से की लहर है। कश्मीर से कन्याकुमारी तक जगह-जगह विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं और सरकार से सख्त ऐक्शन की मांग की जा रही है। शुक्रवार को दिल्ली की जामा मस्जिद पर भी जबरदस्त आक्रोश जाहिर किया गया। सैकड़ों मुसलमानों ने हाथों में तिरंगे और 'पाकिस्तान मुर्दाबाद' के पोस्टर लेकर अपनी भावनाओं का इजहार किया। जामा मस्जिद से कहा गया, 'जो हमारी मुल्क के ऊपर बुरी नजर रखेगा, सबसे पहले हिन्दुस्तान के एक-एक मुसलमान का खून बहेगा। अपने मुल्क में दहशतगर्दी पनपने नहीं देंगे। सरकार जल्द से जल्द सख्त फैसले ले, कड़े फैसले ले। उसके बाद देश को सुकून मिलेगा। कश्मीर के उन भाइयों को भी सलाम जिन्होंने दहशतगर्दों का मुकाबला किया और जानें बचाईं। हम उन 26 परिवारों के साथ हैं जिनके बच्चों की जान गई।' उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तान का एक एक नागरिक, 140 करोड़ देशवासी, हिंदू हो मुस्लिम हो या सिख, ईसाई, गरीब हो या अमीर, आतंकवाद को हिन्दुस्तान के अंदर पनपने नहीं देगा। इस जामा मस्जिद से कहना चाहते हैं कि जो कह रहे हैं कि लड़ाई लड़ रहे हैं, वो हिन्दुस्तान के मुसलमानों के साथ भी अत्याचार और अन्याय कर रहे हैं। ये आपस में नफरत पैदा करना चाहते हैं। भाई को भाई से लड़वाना चाहते हैं। इस मुल्क में 75 साल पहले हिंदुओं और मुसलमानों ने आजादी के लिए लड़ाई लड़ी थी और अब आतंकवाद के खिलाफ एकसाथ लड़ेगा। recent visitors 28

पुरुष हॉकी एशिया कप में पाकिस्तान के ख‍िलाड़‍ियों को वीजा नहीं देगा भारत

नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले 26 लोगों की जान चली गई और कई लोग घायल हो गए, भारत सरकार ने गुरुवार को पाकिस्तानी नागरिकों को देश छोड़ने का आदेश दिया और उनके वीजा रद्द कर दिए. इस कदम से एशिया कप में पाकिस्तान की मौजूदगी पर सवालिया निशान लग गया है, जो 29 अगस्त से 7 सितंबर तक बिहार के राजगीर में आयोजित होने वाला है. ऐसे में माना जा रहा है कि अब पाकिस्तान के ख‍िलाड़‍ियों को वीजा पुरुष हॉकी एशिया कप जो 2026 एफआईएच (International Hockey Federation) वर्ल्ड कप क्वाल‍िफायर है, इस पर अब संकट के बादल मंडरा रहे हैं, क्योंकि पहलगाम आतंकी हमलों के बाद बिहार में होने वाले इस टूर्नामेंट में पाकिस्तान की भागीदारी अनिश्चित है. इस महीने की शुरुआत में हॉकी इंडिया ने पुष्टि की थी कि पाकिस्तान, साउथ कोरिया, मलेशिया, चीन और जापान के साथ कॉन्ट‍िनेंटल चैम्प‍ियनश‍िप के लिए भारत आएगा. इंड‍ियन एक्सप्रेस को सूत्र ने बताया कि यह पूछे जाने पर कि क्या पाकिस्तान से जुड़े मैच किसी न्यूट्रल वेन्यू पर होंगे या उन्हें प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति दी जाएगी? इस पर हॉकी इंडिया के एक सूत्र ने कहा कि वे ‘इंतजार करेंगे और देखेंगे कि अगले कुछ महीनों में स्थिति कैसी होती है. अभी कोई भी फैसला लेना जल्दबाजी होगी. लेकिन एक बात स्पष्ट है, हम सरकार की नीति का पालन करेंगे, चाहे वह कुछ भी हो. क्यों हैं एश‍िया कप का महत्व? एशिया कप का महत्व बहुत अधिक है क्योंकि यह वर्ल्ड कप क्वाल‍िफायर है, जिसके विजेता को अगले साल के मेगा-इवेंट के लिए सीधा स्थान मिलता है, जिसकी सह-मेजबानी नीदरलैंड और बेल्जियम द्वारा होनी है.  भारत और पाकिस्तान अपने चौथे कॉन्ट‍िनेंटल टाइटल की तलाश में हैं. यहां भारत की टक्कर साउथ कोरिया से भी होनी है. जो गत चैम्प‍ियन भी है. उसने इस प्रतियोगिता को किसी भी अन्य देश की तुलना में पांच बार जीता है. वैसे एशिया कप ही नहीं, पाकिस्तान की अंडर-23 टीम को FIH जूनियर वर्ल्ड कप में भी भाग लेना है, जो कि साल के अंत में चेन्नई और मदुरै में होना है.  पाकिस्तान की हॉकी टीम का टूर्नामेंट के लिए भारत आना असामान्य नहीं है, क्योंकि पिछले एक दशक में ही पाकिस्तानी की टीम ने ने तीन बार सीमा पार की है. ऐसा 2014 चैम्प‍ियंस ट्रॉफी, 2018 वर्ल्ड कप और 2021 जूनियर वर्ल्ड कप के दौरान हुआ. 2023 में PAK फुटबॉल टीम आई थी भारत 2023 में पाकिस्तान की फुटबॉल टीम ने भारत में साउथ एश‍ियन चैम्पियनशिप खेली, जबकि भारत के टेनिस खिलाड़ियों ने पिछले साल डेविस कप के लिए इस्लामाबाद की यात्रा की थी. दोनों देशों की टीमों द्वारा लगातार किए जा रहे दौरे क्रिकेट की स‍िचुएशन से से अलग हैं, जहां भारत और पाकिस्तान ने दोनों देशों में आयोजित आईसीसी इवेंट्स में तटस्थ स्थानों पर मैच खेलने पर सहमति जताई है.   recent visitors 30