Friday, July 10, 2026 4:41 am

बेमेतरा : विश्व मलेरिया दिवस पर जागरूकता रथ रवाना, मलेरिया उन्मूलन का लिया संकल्प

बेमेतरा विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर आयोजित आज शुक्रवार को जिले में विभिन्न शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों द्वारा जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम “Malaria Ends With Us: Reinvest, Reimagine, Reignite” (मलेरिया हमारे साथ समाप्त हो जाए – पुनः निवेश करें, पुनः कल्पना करें, पुनः प्रज्वलित करें) के अंतर्गत यह आयोजन किया गया।   मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. यशंवत कुमार ध्रुव एवं जिला नोडल अधिकारी (NVBDCP) सह जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक बसोड़ द्वारा जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस रथ के माध्यम से आमजन को मलेरिया के लक्षण, बचाव और उपचार संबंधी जानकारी दी गई।    कार्यक्रम का उद्देश्य वर्ष 2027 तक प्रदेश को स्थानीय मलेरिया संक्रमण से मुक्त करना एवं 2030 तक मलेरिया का पूर्णतः उन्मूलन करना है। इसके लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया गया।   शहरी क्षेत्र की समस्त मितानिनों के लिए मलेरिया पर एक कार्यशाला का भी आयोजन किया गया, जिसमें मलेरिया की पहचान, रोकथाम व त्वरित उपचार संबंधी जानकारी प्रदान की गई। मलेरिया संक्रमित मादा मच्छर के काटने से फैलता है, जिसके लक्षणों में तेज बुखार, बदन दर्द, सिर दर्द एवं उल्टी आदि शामिल हैं।   स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि मलेरिया की जांच एवं उपचार सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में निःशुल्क उपलब्ध है। साथ ही मच्छरों के लार्वा नियंत्रण के लिए रुके हुए पानी में मिट्टी का तेल अथवा जला हुआ मोबिल ऑयल डालने तथा कीटनाशक-उपचारित मच्छरदानी के प्रयोग की सलाह दी गई।    कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री लता बंजारे, व्ही.बी.डी. पर्यवेक्षक श्री गुलाबचंद साहू, जिला मितानिन समन्वयक श्रीमती लता मेरावी, मितानिन प्रशिक्षक उषा साहू, समस्त मितानिन एवं अन्य अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।इस अवसर पर सभी ने मलेरिया मुक्त समाज की दिशा में कार्य करने का संकल्प लिया। recent visitors 28

बेमेतरा : छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बेमेतरा : संविदा पदों हेतु आवेदनकर्ताओं की पात्र/अपात्र सूची जारी, 28 अप्रैल तक आमंत्रित किए गए दावा-आपत्ति

बेमेतरा छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, जिला बेमेतरा के अंतर्गत रिक्त संविदा पदों पर भर्ती हेतु विज्ञापन के माध्यम से जारी किया गया था। इच्छुक एवं योग्य अभ्यर्थियों से आवेदन 24 मार्च 2025 की संध्या 5.30 बजे तक आमंत्रित किए गए थे। प्राप्त आवेदनों का परीक्षण पूर्व में गठित समिति द्वारा किया गया, जिसमें नाम, पता, उम्र, शैक्षणिक योग्यता एवं अनुभव जैसे बिंदुओं का सूक्ष्म निरीक्षण किया गया। परीक्षण उपरांत पात्र एवं अपात्र अभ्यर्थियों की सूची का प्रकाशन कर दिया गया है। अपात्रता के मुख्य कारणों में आवश्यक योग्यता या अनुभव का अभाव, दस्तावेजों की अपूर्णता तथा पूर्ण समय अनुभव प्रमाण हेतु बैंक स्टेटमेंट/सैलरी स्लिप का अभाव शामिल है।    यदि किसी अभ्यर्थी को इस सूची के संबंध में कोई दावा या आपत्ति प्रस्तुत करनी हो, तो वह कार्यालयीन समय में 28 अप्रैल 2025 की संध्या 5.00 बजे तक रजिस्टर्ड/स्पीड पोस्ट या व्यक्तिगत रूप से जिला पंचायत बेमेतरा की आवक-जावक शाखा में प्रस्तुत कर सकते हैं। डाक से विलंब से प्राप्त आवेदनों के लिए कार्यालय उत्तरदायी नहीं होगा। पात्र/अपात्र सूची का अवलोकन जिले की वेबसाइट www.bemetara.gov.in पर तथा जिला पंचायत कार्यालय के सूचना पटल पर किया जा सकता है। recent visitors 24

भारतीय मौसम विभाग ने चेतावनी दी, 25 से 30 अप्रैल के बीच राज्य के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है

देहरादून गर्मी से झुलसते उत्तराखंडवासियों को जल्द ही राहत मिल सकती है, क्योंकि एक बार फिर पहाड़ों में मौसम करवट लेने को तैयार है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि 25 से 30 अप्रैल के बीच राज्य के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। जहां एक ओर मैदानों में तेज गर्मी और लू लोगों को बेहाल कर रही है, वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में भी तपिश बढ़ने लगी है। इसका असर अब प्राकृतिक जल स्रोतों पर भी दिखने लगा है, जिससे कई इलाकों में जल संकट की स्थिति बन गई है।  कहां-कहां और कब होगी बारिश? जानिए जिलेवार अलर्ट  25 अप्रैल – उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ में बारिश के आसार।  26 व 27 अप्रैल – इन तीन जिलों के साथ रुद्रप्रयाग और बागेश्वर में भी बारिश और आकाशीय बिजली की संभावना।  28 अप्रैल – पूरे प्रदेश में मौसम के साफ रहने की उम्मीद। 29 अप्रैल – पिथौरागढ़, चम्पावत और नैनीताल में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 30 अप्रैल – मौसम विभाग ने पूरे उत्तराखंड में व्यापक बारिश की संभावना जताई है, खासकर चम्पावत और नैनीताल में तेज़ बौछारें पड़ सकती हैं।  गर्जना और बिजली गिरने की चेतावनी IMD ने 26 और 27 अप्रैल को गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई है। लोगों से आग्रह किया गया है कि इस दौरान खुले स्थानों से बचें और सुरक्षित स्थानों में रहें।  गर्मी से बेहाल लोग और जल संकट की दस्तक राज्य के मैदानी जिलों में पारा लगातार चढ़ रहा है। एसी-कूलर ही अब राहत का सहारा बने हैं। उधर, पहाड़ों में तेज धूप के कारण झरने और प्राकृतिक जलस्रोत सूखने लगे हैं, जिससे गांवों में पेयजल संकट गहराने लगा है।   recent visitors 24

महासमुंद : ‘सुशासन तिहार में मत्स्य विभाग की योजना से लाभान्वित हुए टिकेश्वर एवं गंगाबाई’

महासमुंद : 'सुशासन तिहार में मत्स्य विभाग की योजना से लाभान्वित हुए टिकेश्वर एवं गंगाबाई’ मत्स्य विभाग द्वारा प्रदत्त आइस बॉक्स और मछली जाल से मिलेगा रोजगार को नया आयाम महासमुंद छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आमजन तक सुशासन की पहुंच सुनिश्चित करने हेतु प्रारंभ किए गए “सुशासन तिहार“ अभियान का सकारात्मक प्रभाव जिले के दूरस्थ ग्रामीण अंचलों में भी देखने को मिल रहा है। शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से न केवल जरूरतमंदों को सहायता मिल रही है, बल्कि उनके जीवन में स्थायी परिवर्तन भी आ रहा है। शासन की योजनाओं का लाभ जब ज़मीनी स्तर तक पहुंचता है, तभी उसका असली उद्देश्य पूर्ण होता है। सिंघनपुर के टिकेश्वर सतनामी की कहानी इसका जीवंत उदाहरण है, जिन्हें मत्स्य विभाग की फुटकर मत्स्य विक्रय योजना के तहत आइसबॉक्स प्रदान किया गया। इस सहयोग ने उनके मछली व्यवसाय को नई दिशा दी और आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ने का अवसर प्रदान किया। टिकेश्वर ने बताया कि मछली विक्रय के दौरान ताजगी बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होती है, लेकिन विभाग द्वारा प्रदत्त आइसबॉक्स से अब वे मछलियों को लंबे समय तक संरक्षित रख पाएंगे। इससे न केवल उनकी आय में वृद्धि होगी, बल्कि उनके व्यवसाय में स्थायित्व भी आएगा। टिकेश्वर बताते हैं, कि“पहले मछलियों को जल्दी बेचना पड़ता था, वरना खराब होने का डर रहता था। अब आइसबॉक्स की मदद से मैं मछलियों को दूर के बाजारों तक भी अच्छे हालत में बेच पाऊंगा। इससे मेरी आमदनी भी बढ़ेगी। इसी प्रकार से ग्राम गोड़पाली की निवासी श्रीमती गंगाबाई निषाद ने मछली पकड़ने के लिए जाल प्रदान करने हेतु आवेदन किया था। उनके इस आवेदन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित विभाग द्वारा उन्हें “मत्स्यपालन प्रसार योजना“ के अंतर्गत मछली पकड़ने हेतु जाल उपलब्ध कराया गया। गंगाबाई निषाद लंबे समय से मछली पालन के माध्यम से अपने परिवार का भरण-पोषण करती आ रही हैं। अब जाल प्राप्त होने से उन्हें अपनी आजीविका को और सुदृढ़ करने का अवसर मिला है। यह सहायता उनके लिए आर्थिक संबल बनेगी। टिकेश्वर एवं गंगाबाई ने शासन और विभाग के प्रति आभार जताते हुए कहा कि “सुशासन तिहार“ जैसे अभियान न केवल योजनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि आमजन को उनमें भागीदार बनाकर सशक्त भी करते हैं। मत्स्य विभाग का उद्देश्य भी यही है, गांवों में स्वरोजगार को बढ़ावा देकर ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना। recent visitors 27

पहलगाम आतंकी हमले पर झारखंड सरकार के मंत्री ने हिमाचल के CM से मांगा ‘इस्तीफा’, सोशल मीडिया पर Video Viral

हिमाचल झारखंड सरकार के उच्च शिक्षा, पर्यटन और कला-संस्कृति मंत्री सुदिव्य सोनू एक अजीबोगरीब बयान को लेकर विवादों में घिर गए हैं। सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह पूरे आत्मविश्वास के साथ जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुई घटना के लिए हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से इस्तीफा मांगते नजर आ रहे हैं। मंत्री सुदिव्य का यह बयान अब सोशल मीडिया पर मजाक का विषय बन गया है। वीडियो में सुदिव्य कहते हैं कि पहलगाम की घटना पर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को इस्तीफा देना चाहिए। यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना है, जिसमें उन्होंने अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफलता दिखाई है। मेरा यह मानना है कि उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। यह बयान सुनकर हर कोई हैरान है, क्योंकि पहलगाम जम्मू-कश्मीर राज्य में स्थित है, न कि हिमाचल प्रदेश में। इसके बावजूद मंत्री ने यह बयान इतने विश्वास के साथ दिया कि देखने वालों को भ्रम होने लगा। सवाल यह उठ रहा है कि क्या मंत्री को वास्तव में यह जानकारी नहीं है कि पहलगाम जम्मू-कश्मीर में है, या उन्होंने यह बयान किसी व्यंग्य के तौर पर दिया है। हालांकि, मंत्री की ओर से अब तक इस बयान पर कोई सफाई नहीं दी गई है, जिससे भ्रम और भी गहरा गया है। सोशल मीडिया पर लोगों ने इस बयान को लेकर सुदिव्य सोनू की आलोचना शुरू कर दी है। कई यूजर्स ने कटाक्ष करते हुए पूछा कि अगर उच्च शिक्षा मंत्री को भारत के राज्यों की भौगोलिक जानकारी नहीं है तो छात्रों का भविष्य किसके भरोसे है? गौरतलब है कि सुदिव्य सोनू झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) कोटे से झारखंड सरकार में मंत्री हैं और उनके पास उच्च शिक्षा, पर्यटन और कला संस्कृति जैसे अहम विभाग हैं। ऐसे में इस तरह की बयानबाजी को लेकर विपक्षी दलों ने भी सवाल उठाए हैं और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से स्पष्टीकरण मांगा है। बहरहाल, यह पहला मौका नहीं है जब किसी मंत्री ने बिना तथ्यों की जांच किए विवादास्पद बयान दे दिया हो, लेकिन जब मामला उच्च शिक्षा से जुड़ा हो, तब ऐसी चूकें गंभीर चिंता का विषय बन जाती हैं। अब देखना यह होगा कि खुद मंत्री सुदिव्य या झारखंड सरकार इस पर क्या सफाई देती है। recent visitors 19

रायपुर : गांधी भवन में स्थापित होगा सौर ऊर्जा सिस्टम, हरित ऊर्जा की दिशा में एक और कदम

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन ने अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में एक और अहम कदम उठाते हुए रायपुर स्थित गांधी भवन में सौर ऊर्जा आधारित सिस्टम स्थापित करने की योजना बनाई है। इस परियोजना का उद्देश्य भवन की विद्युत आवश्यकताओं को पर्यावरण अनुकूल तरीके से पूरा करना है। खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष राकेश पाण्डेय और राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) के अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी के बीच इस संबंध में आज महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में गांधी भवन में सौर ऊर्जा प्रणाली की स्थापना और उसकी उपयोगिता पर विस्तार से चर्चा हुई। दोनों अध्यक्षों ने परियोजना को शीघ्र अमल में लाने के लिए परस्पर समन्वय स्थापित करने पर सहमति जताई। यह पहल न केवल छत्तीसगढ़ की हरित ऊर्जा नीति को मजबूती देगी, बल्कि गांधी भवन जैसे ऐतिहासिक स्थल को स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा के प्रयोग का प्रेरणादायक उदाहरण भी बनाएगी। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा अक्षय ऊर्जा के प्रचार-प्रसार एवं उपयोग को प्राथमिकता दी जा रही है और यह परियोजना उसी दिशा में एक सकारात्मक प्रयास के रूप में देखी जा रही है। recent visitors 26

थाईलैंड के प्राचुआब किरी खान प्रांत में पतंग की तरह लहराते हुए समंदर में गिरा विमान क्रैश, पांच पुलिस अधिकारियों की मौत

थाईलैंड थाईलैंड के प्राचुआब किरी खान प्रांत में एक बड़ा विमान हादसा हुआ है, जिसमें पुलिस अधिकारियों से भरा एक छोटा विमान समंदर में गिर गया। हादसे में विमान में सवार पांच पुलिस अधिकारियों की मौत हो गई है। यह हादसा हुआ हिन जिले के पास हुआ, जहां विमान पैराशूट प्रशिक्षण की तैयारी के लिए परीक्षण उड़ान पर था। रॉयल थाई पुलिस के प्रवक्ता अर्चायोन क्रेथोंग ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त विमान ‘वाइकिंग डीएचसी-6 ट्विन ओटर’ था। घटनास्थल से प्राप्त तस्वीरों में विमान का मलबा दिखाई दे रहा है। हवाई अड्डे से कुछ ही दूर हुई यह दुर्घटना, थाईलैंड की पुलिस के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि विमान में सवार सभी छह लोग पुलिस अधिकारी थे। स्थानीय जनसंपर्क विभाग के मुताबिक, पांच अधिकारियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य अधिकारी गंभीर हालत में अस्पताल में है। फिलहाल, दुर्घटना के कारणों की जांच जारी है, और अधिकारियों ने विमान के ब्लैक बॉक्स से डाटा इकट्ठा करना शुरू कर दिया है। recent visitors 24