Wednesday, July 8, 2026 7:28 am

CM यादव 30 अप्रैल को उमरबन में संबल योजना में अनुग्रह सहायता के 600 करोड़ सिंगल क्लिक से वितरित करेंगे

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 30 अप्रैल को करेंगे श्रमिक परिवारों को राशि वितरित 30 अप्रैल को अनुग्रह सहायता योजना के 27,523 प्रकरणों में 600 करोड़ रूपये की राशि की जाएगी अंतरित CM यादव 30 अप्रैल को उमरबन में संबल योजना में अनुग्रह सहायता के 600 करोड़ सिंगल क्लिक से वितरित करेंगे धार जिले के उमरबन में होगा राशि वितरण कार्यक्रम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 30 अप्रैल को धार जिले के उमरबन में संबल योजना में अनुग्रह सहायता के 27 हजार 523 प्रकरणों में राशि रूपये 600 करोड़ सिंगल क्लिक से वितरित करेंगे। कार्यक्रम में श्रम व पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल एवं स्थानीय जन प्रतिनिधि, हितग्राही उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना, प्रदेश में असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लाखों श्रमिकों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। इसमें अनुग्रह सहायता योजना के अंतर्गत दुघर्टना में मृत्यु होने पर 4 लाख रूपये एवं सामान्य मृत्यु होने पर 2 लाख रूपये प्रदान किये जाते हैं। इसी प्रकार स्थायी अपंगता पर 2 लाख रूपये एवं आंशिक स्थायी अपंगता पर 01 लाख रूपये तथा अंत्येष्टि सहायता के रूप में 5 हजार रूपये प्रदान किये जाते हैं। संबल योजना में जहाँ एक ओर महिला श्रमिक को प्रसूति सहायता के रूप में 16 हजार रूपये दिये जाते हैं तो वहीं दूसरी ओर श्रमिकों के बच्चों को महाविद्यालय शिक्षा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत उच्च शिक्षा में शिक्षा हेतु सम्पूर्ण शिक्षण शुल्क राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है। नीति आयोग की पहल पर प्रदेश के गिग एवं प्लेटफार्म वर्कर्स को भी संबंल योजना के अंतर्गत सम्मिलित किया जाकर इनका पंजीयन प्रारम्भ किया गया है एवं इन्हें भी संबल योजना के अंतर्गत समस्त लाभ प्रदान किये जा रहे हैं। संबल हितग्राहियों को खाद्यान्न पात्रता पर्ची भी प्राप्त होती है जिससे वे केन्द्र तथा राज्य सरकार द्वारा रियायती दरों पर राशन प्राप्त कर रहे हैं। संबल योजना प्रदेश में असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लाखों श्रमिकों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। इसमें श्रमिक को जन्म से लेकर मृत्यु तक आर्थिक सहायता प्राप्त होती है। प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के लाखों निर्माण श्रमिकों के लिये भी निर्माण मंडल के माध्यम से कई योजनायें संचालित की जाती हैं। इनमें निर्माण श्रमिकों की मृत्यु होने पर अनुग्रह सहायता तथा स्थायी एवं आंशिक अपंगता पर सहायता भी सम्मिलित है। सभी संबल हितग्राहियों को आयुष्मान भारत निरामयम योजना अंतर्गत पात्र श्रेणी में चिन्हित किया गया है, अब वे भी 5 लाख रूपये वार्षिक निः शुल्क चिकित्सा प्राप्त कर रहे है। प्रदेश सरकार द्वारा योजना प्रारंभ से अब तक 01 करोड 75 लाख श्रमिकों का संबल योजना के अंतर्गत पंजीयन किया गया है, पंजीयन प्रक्रिया जारी है। संबल योजना के अंतर्गत वर्ष 2018 से वर्तमान तक कुल 6 लाख 81 हजार से अधिक प्रकरणों में राशि रूपये 6 हजार 432 करोड से अधिक के हितलाभ का वितरण किया जा चुका है।   recent visitors 22

भारत और फ्रांस के बीच 26 राफेल मरीन विमानों की डील हो गई, 63,000 करोड़ रुपये में की गई

नई दिल्ली जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद जारी तनाव के बीच सोमवार को भारत और फ्रांस के बीच 26 राफेल मरीन विमानों की डील हो गई है. यह डील 63,000 करोड़ रुपये में की गई है. इस डील के तहत भारतीय नौसेना के लिए फ्रांस से 26 राफेल मरीन एयरक्राफ्ट खरीदे जाएंगे. इस समझौते के भारत का प्रतिनिधित्व रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने किया. इस ौदरान नौसेना के उपप्रमुख वाइस एडमिरल के. स्वामीनाथन भी मौजूद थे. भारत और फ्रांस के बीच हुए इस समझौते के तहत 22 सिंगल-सीट और 4 ट्विन-सीट विमान शामिल होंगे. इससे पाकिस्तान को करारा झटका लगने वाला है क्योंकि ये जेट आईएनएस विक्रांत पर तैनात किए जाएंगे. 1971 की जंग में भारतीय नौसेना ने पाकिस्तान की धज्जियां उड़ा दी थी. इस जेट के आने से इंडियन नेवी और ताकतवर हो जाएगी. भारत और फ्रांस के बीच 2016 में एक सौदा हुआ था, जिसके तहत पहले से ही भारतीय वायुसेना के बेड़े में 36 एयरक्राफ्ट है. भारतीय वायुसेना के राफेल जेट अंबाला और हाशिनारा इन दो बेस से ऑपरेट होंगे. इन 26 राफेल-M की डील के साथ भारत की राफेल जेट की संख्या बढ़कर 62 हो जाएगी. कैसा है Rafale-M फाइटर जेट? Rafale-M एक मल्टीरोल फाइटर जेट है. इसका AESA राडार टारगेट डिटेक्शन और ट्रैकिंग के लिए बेहतरीन है. इसमें स्पेक्ट्रा इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम है जो इसे स्टेल्थ बनाता है. इसमें बीच हवा में ही रीफ्यूलिंग हो सकती है. यानी इसकी रेंज बढ़ जाएगी. राफेल-एम फाइटर आने से भारतीय समुद्री क्षेत्र में निगरानी, जासूसी, अटैक जैसे कई मिशन किए जा सकेंगे. यह फाइटर जेट एंटी-शिप वॉरफेयर के लिए बेस्ट है. इसमें प्रेसिशन गाइडेड बम और मिसाइलें लगा सकते हैं. जैसे- मेटियोर, स्कैल्प, या एक्सोसैट. इस फाइटर जेट के आने से हवा, पानी और जमीन तीनों जगहों से सुरक्षा मिलेगी. नौसेना एक देश के चारों तरफ अदृश्य कवच बना सकेगी. दक्षिण एशिया में भारत-चीन के पास ही एयरक्राफ्ट कैरियर भारत और चीन के अलावा किसी अन्य दक्षिण एशियाई देश के पास एयरक्राफ्ट कैरियर नहीं है. चीन के एयरक्राफ्ट कैरियर पर तीन तरह के मल्टीरोल फाइटर जेट तैनात हैं. पहला J-10, दूसरा J-15 और तीसरा Sukhoi-30. पाकिस्तान के पास जो फाइटर जेट्स हैं, उनमें से ज्यादातर चीन के ही हैं. अब हम आपको तीनों के साथ Rafale-M की तुलना करके बताते हैं… इस समझौते का प्रतिनिधित्व भारत में फ्रांस के राजदूत और भारतीय रक्षामंत्रालय के अधिकारी करेंगे. रिपोर्ट के अनुसार रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह भारतीय पक्ष का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं, जबकि फ्रांस और भारत के रक्षा मंत्री डिजिटल रूप से इसमें भाग ले सकते हैं. इससे पहले फ्रांसीसी रक्षा मंत्री को व्यक्तिगत रूप से इस हस्ताक्षर समारोह में भाग लेने के लिए आना था, लेकिन कहा जा रहा है कि व्यक्तिगत कारणों से उन्हें अपना दौरा रद्द करना पड़ा. सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने इस महीने की शुरुआत में इस सौदे को मंजूरी दे दी थी. भारतीय विमानवाहक पोतों, खास तौर पर आईएनएस विक्रांत जो अभी सेवा में है पर तैनाती के लिए 26 राफेल मरीन लड़ाकू विमानों की तत्काल जरूरत है. मिग-29 लड़ाकू विमानों के मौजूदा बेड़े ने कथित तौर पर रखरखाव संबंधी मुद्दों के कारण खराब प्रदर्शन किया है. फ्रांस से खरीदने जाने वाले राफेल एम जेट विमान को भारत के युद्धपोत पर अपने आवश्यकतानुसार सेट किया जाएगा. कहा जा रहा कि इसे आईएनएस विक्रांत पर रखा जाएगा. सरकार के अनुसार यह खरीद अस्थायी समाधान के रूप में है. भारत में भी एक से बढ़कर एक लड़ाकू विमान विकसित किए जा रहे हैं. एनएनआई की रिपोर्ट के अनुसार हस्ताक्षर समारोह संभवतः साउथ ब्लॉक स्थित रक्षा मंत्रालय मुख्यालय के बाहर आयोजित किया जाएगा. बता दें कि पीएम मोदी की अध्यक्षता में इसी महीने की 9 तारीख को सुरक्षा मामलों की कैबिनेट में इस डील को मंजूरी मिली थी. इसे अब तक का सबसे बड़ा रक्षा सौदा माना जा रहा है. सरकार के इस अनुबंध में 22 सिंगल-सीटर और चार ट्विन-सीटर जेट शामिल हैं. साथ ही बेड़े के रखरखाव, रसद सहायता, कार्मिक प्रशिक्षण और स्वदेशी घटक विनिर्माण के लिए एक व्यापक पैकेज भी शामिल है. भारत में वर्तमान में 36 राफेल हैं. इसे 2016 एक सौदे के तहत खरीदे गए थे. ये विमान अंबाला और हासीमारा में तैनात हैं. नए सौदे से भारत में राफेल विमानों की कुल संख्या 62 हो जाएगी, जिससे देश के 4.5 पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के बेड़े में उल्लेखनीय वृद्धि होगी. लंबाई मे छोटा, इसलिए मैन्यूवरिंग आसान J-10: 55.5 फीट J-15: 73.1 फीट Su-30: 72 फीट Rafale-M… सिर्फ 50.1 फीट. यानी आकार में सबसे छोटा. किस तरह की होगी डील? Rafale-M एक मल्टीरोल फाइटर जेट है. दक्षिण एशिया की बात करें तो भारत और चीन के अलावा किसी अन्य देश के पास एयरक्राफ्ट कैरियर नहीं है. इसके आने से चीन और पाकिस्तान समेत इंडो-पैसिफिक में जो स्थितियां हैं, उनसे निपटना आसान हो जाएगा. साथ ही इस डील में ऑफसेट प्रोविजन है. इससे भारत के मेक इन इंडिया मुहिम को भी बढ़ावा मिलेगा. डील में पैकेज है. इसमें मेंटेनेंस और लॉजिस्टिक सपोर्ट भी शामिल है. नौसैनिकों की ट्रेनिंग, ऑपरेशन और मेंटेनेंस की ट्रेनिंग भी शामिल है. क्रू/पायलट… सिंगल पायलट के हाथ में कमान J-10: एक पायलट J-15: 1/2 पायलट Su-30: 2 पायलट Rafale-M…1 या 2 पायलट उड़ाते हैं. वजन में हल्का यानी हैंडलिंग आसान J-10: 14 हजार kg J-15: 27 हजार kg Su-30: 24, 900 kg Rafale-M… 15 हजार kg, यानी जे-10 से थोड़ा भारी, लेकिन बाकियों से हल्का है. कैसा है Rafale-M फाइटर जेट? इसका AESA राडार टारगेट डिटेक्शन और ट्रैकिंग के लिए बेहतरीन है. इसमें स्पेक्ट्रा इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम है जो इसे स्टेल्थ बनाता है. इसमें बीच हवा में ही रीफ्यूलिंग हो सकती है. यानी इसकी रेंज बढ़ जाएगी. राफेल-एम फाइटर आने से भारतीय समुद्री क्षेत्र में निगरानी, जासूसी, अटैक जैसे कई मिशन किए जा सकेंगे. यह फाइटर जेट एंटी-शिप वॉरफेयर के लिए बेस्ट है. इसमें प्रेसिशन गाइडेड बम और मिसाइलें लगा सकते हैं. जैसे- मेटियोर, स्कैल्प, या एक्सोसैट. इस फाइटर जेट के आने से हवा, पानी और जमीन तीनों जगहों से सुरक्षा मिलेगी. नौसेना एक देश के चारों तरफ अदृश्य कवच बना सकेगी. फ्यूल (इंटरनल कैपेसिटी) में सबसे बेहतर J-10: 8950 लीटर J-15: … Read more

एक घंटे तक दशहतगर्द वहां दहशतगर्दी करते रहे और 8 लाख फौज में से कोई नहीं आया: पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी

नई दिल्ली पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी ने पहलगाम में हुए घातक आतंकवादी हमले के लिए भारतीय सेना पर उंगली उठाई है। उनका कहना है कि 1 घंटे तक जब दशहतगर्द वहां दहशतगर्दी करते रहे तो कोई नहीं आया और जब आए तो कुछ ही मिनटों में इसका इल्जाम पाकिस्तान पर लगा दिया। बता दें, मंगलवार 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था जिसमें 26 लोगों की जान गई थी। इस हमले ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। पहलगाम अटैक पर शाहिद अफरीदी का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह कहते नजर आ रहे हैं, “एक घंटे तक दशहतगर्द वहां दहशतगर्दी करते रहे और 8 लाख फौज में से कोई नहीं आया, और जब आए तो 10 मिनट के अंदर पाकिस्तान पर इल्जाम लगा दिया। खुद ही ब्लंडर संभालते रहते हैं, खुद ही लोगों को मरवा देते हैं, फिर उनकी वीडियोज दिखाते हैं कि वो जिंदा है। इस तरह से न करें।” उन्होंने आगे कहा, “देखिए कोई भी मुल्क दशहतगर्दी को सपोर्ट नहीं करता. पाकिस्तान हमेशा अमन की बात करता है. हमारा दीन अमन का पैगाम देता है. हम भारत से हमेशा अच्छे संबंध बनाने की कोशिश करते रहे हैं. हमें वहां से धमकियां मिलती रही हैं. हमें तो पता भी नहीं होता था कि हम जाएंगे भी या नहीं। 2016 का वर्ल्ड कप याद हो तो हम लाहौर में ही थे, मैं कप्तान था टीम को लीड कर रहा था, हमें पता ही नहीं था कि हमारी फ्लाइट होनी है या नहीं। मुझे लगता है कि स्पोर्ट्स डिप्लोमेसी हमेशा अच्छी रहती है। आपकी कबड्डी टीम आ जाती है यहां, क्रिकेट नहीं खेलते आपस में। बंद करना है तो पूरी तरीके से बंद करो या अगर चलना है तो पूरी तरीके से चलो।” बता दें, पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कड़े कदम उठाए हैं, जिसमें सिंधु जल संधि को रोकने समेत कई अन्य फैसले शामिल हैं। इस पर पाकिस्तान ने कहा कि नदी के पानी को रोकने को युद्ध की कार्रवाई के रूप में देखा जाएगा और उसने भारतीय विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद करने और सभी व्यापार को निलंबित करने जैसे जवाबी उपायों का ऐलान किया है। पाकिस्तानी विदेश मंत्री डार ने चीन के निरंतर और अटूट समर्थन के लिए प्रशंसा भी व्यक्त की और सभी मौसमों में रणनीतिक सहकारी साझेदारी के साझा दृष्टिकोण के लिए पाकिस्तान की मजबूत प्रतिबद्धता की पुष्टि की। वहीं, चीनी और पाकिस्तानी विदेश मंत्रियों की टिप्पणियों पर भारत की ओर से फिलहाल कोई भी प्रतिक्रिया नहीं आई है। recent visitors 41

कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कार्यभार ग्रहण किया

बिलासपुर  जिले के नए कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने सवेरे कार्यभार ग्रहण कर लिया। निवर्तमान कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने उन्हें कार्यभार सौंपी। श्री अग्रवाल वर्ष 2012  बैच के आईएएस अधिकारी हैं। इसके पहले वे राजनांदगांव में कलेक्टर थे। जिला कार्यालय पहुंचने पर नए कलेक्टर का अधिकारी कर्मचारियों ने गुलदस्ता भेंटकर स्वागत किया। औपचारिक स्वागत के बाद कलेक्टर सीधे मंथन सभाकक्ष पहुंचे और टीएल बैठक लेकर सुशासन तिहार सहित महत्वपूर्ण लंबित मामलों की समीक्षा की। उन्होंने जनदर्शन में आम जनता से भेंटकर उनकी समस्याएं भी सुनी। recent visitors 20

जंगल मे लगी आग पर ग्रामीणों के सहयोग से पाया गया तात्कालिक राहत

जंगल मे लगी आग पर ग्रामीणों के सहयोग से पाया गया तात्कालिक राहत वन परिक्षेत्र अधिकारी चितरंगी रवि शेखर सिंह परिहार आगजनी में सहयोग के लिए किया अपील सिंगरौली वन परिक्षेत्र चितरंगी के जंगलों में आगजनी की घटना सामने आई है। वन कर्मियों और ग्रामीणों के सहयोग से तत्परता के साथ  आग को बुझाने में कामयाबी मिली । वन संपदा को सुरक्षित किया गया। भारतीय वन अधिनयम 79 1927 के अधीन राजस्व जनपद एवं समस्त शासकीय सेवक औऱ आम जन मानस की नैतिक जिम्मेदारी सहयोग करने की बनती है। वन जंगलो के आधार पर जीवन चलायमान है। recent visitors 19

139 उत्कृष्ट विद्यालयों का संचालन

भोपाल स्कूल शिक्षा विभाग शासकीय स्कूलों में माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक स्तर की गुणवत्ता युक्त शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश के जिला मुख्यालय एवं विकासखंड पर उत्कृष्ट विद्यालयों का संचालन कर रहा है। वर्तमान में 43 जिला मुख्यालयों पर और 96 विकासखंड स्तर पर उत्कृष्ट विद्यालय संचालित हो रहे हैं। जिला स्तरीय उत्कृष्ट विद्यालयों में लगभग 49 हजार 500 और विकासखंड स्तरीय विद्यालयों में 66 हजार 250 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। यह योजना प्रदेश में वर्ष 2017-18 में शुरू की गई थी। प्रदेश में 41 जिला उत्कृष्ट विद्यालयों में 100 सीटर बालक और 100 सीटर बालिका छात्रावास भी स्वीकृत किये गये हैं। वर्तमान में इन छात्रावासों में लगभग 5 हजार 800 विद्यार्थियों को छात्रावास की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उत्कृष्ट विद्यालय की स्थापना से विद्यार्थियों की शिक्षा के स्तर में काफी अच्छे परिणाम सामने आये हैं।   recent visitors 46

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अधिवक्ताओं के साथ सुनी ‘मन की बात’

उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने अधिवक्ताओं के साथ सुनी ‘मन की बात’ ‘मन की बात’ के प्रेरक संदेशों से जागरूक होते हैं देशवासी, रचनात्मक विकास और सहभागिता के लिए होते हैं प्रेरित – श्री अरुण साव बिलासपुर  उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने  रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में प्रदेशभर से आए शासकीय अधिवक्ताओं के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 121वीं कड़ी का प्रसारण सुना। उन्होंने ‘मन की बात’ सुनने के बाद कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में स्थित साइंस सेंटर की सराहना की है। यह प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण क्षण है। प्रधानमंत्री ने इसे उम्मीदों की नई किरण बताया है। श्री साव ने कहा कि हमारी सरकार बस्तर की शांति और विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। हमारी सरकार बनने के बाद वहां शांति स्थापित हो रही है और बस्तर विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक हो या बस्तर पंडुम, या फिर दंतेवाड़ा का साइंस सेंटर, छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा बस्तर के लिए उठाए गए कदमों की चर्चा राष्ट्रीय स्तर पर हो रही है। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित नक्सल उन्मूलन अभियान का स्पष्ट असर बस्तर में देखने को मिल रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘मन की बात’ की यह कड़ी भी हमेशा की तरह प्रेरणादायी और ज्ञानवर्धक है। यह कार्यक्रम रचनात्मक परिवर्तन और देश के विकास में नागरिकों की सक्रिय सहभागिता को प्रोत्साहित करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने कार्यक्रम के माध्यम से आने वाले 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ लगाने को जो आह्वान किया है, वह लोगों को जरूर प्रेरित करेगा। ‘मन की बात’ के माध्यम से देश के विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे नवाचारों, सामाजिक पहलों और सकारात्मक परिवर्तनों की जानकारी देशवासियों तक पहुंचती है। इससे देशभर के लोग जागरूक होते हैं और उनमें ऊर्जा का संचार होता है। recent visitors 22