Friday, July 10, 2026 7:12 am

भारत को Sweden से मिला Anti-armour हथियार, पाकिस्तान के लिए बनेगा काल

नई दिल्ली/ स्टॉकहोम  पहलगाम आतंकी हमले के बीच आशंका है कि भारत और पाकिस्तान युद्ध में फंस सकते हैं। इन सबके बीच स्वीडिश कंपनी SAAB ने भारतीय सशस्त्र बलों को AT4 Anti-Armor वीपन सिस्टम की डिलीवरी की घोषणा की है। साब इंडिया ने कहा है कि उसने कामयाबी के साथ भारतीय सुरक्षा बलों को AT4 Anti-Armor सिस्टम सौंप दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में SAAB इंडिया ने कहा है कि "हमें भारतीय सशस्त्र बलों को हमारे AT4 Anti-Armor हथियार प्रणाली की सफल डिलीवरी की घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है। AT4 कम दूरी की लड़ाई के लिए एक भरोसेमंद सिंगल-शॉट समाधान के रूप में भारत के शस्त्रागार में शामिल हो गया है। भारत ने AT4CS AST वैरिएंट खरीदा है, जिसमें इमारतों, दुश्मनों के बंकरों और शहरी लड़ाई में इस्तेमाल किया जाता है।" भारतीय सेना AT4 Anti-Armor से शहरी युद्ध के अलावा पहाड़ी इलाकों में बंकर बनाकर छिपे दुश्मनों पर सिंगल शॉट हमला कर सकती है। इसके अलावा इसे काफी कम स्थान से दागा जा सकता है। कई बार जवानों के पास हथियार चलाने के लिए काफी कम स्थान होता है या फिर इमारतों में छिपकर भी इसे फायर किया जा सकता है। भारत ने खास तौर पर आतंकवाद विरोधी अभियान चलाने के लिए इसे स्वीडिश कंपनी साब से खरीदा है और इस वक्त, जब पाकिस्तान के साथ तनाव बना हुआ है, AT4 Anti-Armor भारतीय सेना की लड़ाकू क्षमता को बढ़ाएगा। AT4 Anti-Armor सिस्टम की खासियत AT4 Anti-Armor को जवान कंधे पर रखकर फायर कर सकते हैं। ये एक मानव-पोर्टेबल हथियार है, जिसका वजन सिर्फ 7.5 किलो होता है। ये एक ही शॉट के बाद डिस्पोजेबल हो जाते होते हैं। ये एक रिकॉइललेस हथियार है, जिसे एक ही सैनिक ऑपरेट कर सकते हैं। इसकी लंबाई सिर्फ एक मीटर होती है और इससे 300 मीटर की दूरी से दुश्मन पर सटीक हमला किया जा सकता है। एक बार दागने के बाद इसे फेंक दिया जाता है। इसमें प्री लोडेड हीट वारहेड होता है, जो टैंक, बख्तरबंद वाहन, बंकर या दीवार को भेदने के लिए डिजाइन किया गया है। इसे पैदल सेना के लिए डिजाइन किया गया है। यानि एक सैनिक छिपकर आराम से किसी टैंक को उड़ा सकता है। इसका इस्तेमाल काफी आसान होता है और फायर करने के लिए इसे कुछ ही सेकंड्स में तैयार किया जा सकता है। बख्तरबंद गाड़ियों, फोर्टिफाइड पोजिशन्स, और लो-फ्लाईंग हेलीकॉप्टरों के खिलाफ ये काफी असरदार है। भारत के अलावा इसका इस्तेमाल अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, यूक्रेन, जर्मनी और फ्रांसीसी सैनिक करते हैं। यूक्रेनी सैनिकों ने इससे रूसी टैंकों और बख्तरबंद वाहनों को काफी नुकसान पहुंचाया है। रूसी टैंकों को उड़ाने के लिए इसका जमकर इस्तेमाल किया गया है। हालांकि भारत इसका नया ग्राहक है, लेकिन भारतीय सेना लंबे समय से साब द्वारा डिजाइन किए गए कार्ल-गुस्ताफ शोल्डर-फायर हथियार सिस्टम का इस्तेमाल करती आ रही है। इसका उत्पादन भारत में भारत डायनेमिक्स करती है। AT4 में कार्ल-गुस्ताफ वाली सारी खूबियां हैं। AT4-CS एक हल्का, पोर्टेबल, पूरी तरह से डिस्पोजेबल एंटी-टैंक हथियार है जिसे भारतीय सेना और वायुसेना ने 2022 में प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के तहत चुना था। पता चला है कि करीब 2,000 यूनिट का ऑर्डर दिया गया था। इसका वजन करीब 9 किलोग्राम है और इसकी प्रभावी रेंज 200 मीटर है। कार्ल गुस्ताफ़ का इस्तेमाल भारतीय सेना द्वारा 1976 से किया जा रहा है और यह कंधे से दागा जाने वाला मुख्य हथियार रहा है। कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, भारतीय सेना कार्ल गुस्ताफ़ के लगभग सात अलग-अलग प्रकारों का इस्तेमाल कर रही है। कार्ल गुस्ताफ़ के गोला-बारूद की रेंज अलग-अलग है, जिसकी अधिकतम रेंज 1,500 मीटर तक है। एंटी-टैंक गोला-बारूद की रेंज 500 मीटर है। कार्ल गुस्ताफ़ के पुराने संस्करण और पुराने गोला-बारूद का निर्माण भारत में ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड और अब नए बने रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा किया जाता है। recent visitors 34

भारत की ओर से सैन्य कार्रवाई के अंदेशे के बीच पाकिस्तान में खौफ, पाक सेना ने रडार सिस्टम को सियालकोट पर तैनात किया

 नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले को सात दिन हो गए हैं. इस हमले के बाद भारत की ओर से सैन्य कार्रवाई के अंदेशे के बीच पाकिस्तान खौफ में है. ऐसे में पाकिस्तानी सेना भारत के किसी भी तरह के संभावित हमले से बचने के लिए कई कदम उठा रहा है. जानकारी के मुताबिक, इंडियन एयरस्ट्राइक को डिटेक्ट करने के लिए पाकिस्तानी सेना अपने रडार सिस्टम को सियालकोट सेक्टर में फॉरवर्ड लोकेशन पर तैनात कर रही है. फिरोजपुर से सटे हुए इलाकों में भारत की मूवमेंट्स का पता लगाने के लिए पाकिस्तानी फौज इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर को भी फॉरवर्ड लोकेशंस पर तैनात कर रहा है. हाल ही में पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय सीमा से महज 58 किलोमीटर की दूरी पर चोर कंटोनमेंट में TPS-77 रडार को तैनात किया था. वहीं, पाकिस्तान ने लगातार पांचवें दिन सीजफायर का उल्लंघन किया और एलओसी पर फायरिंग की. पाकिस्तानी सेना ने बिना किसी उकसावे के कुपवाड़ा, बारामूला और अखनूर सेक्टर्स में फायरिंग शुरू की. भारतीय सेना ने पाकिस्तान का मुंहतोड़ जवाब दिया. बता दें कि पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी जबकि 17 घायल हुए थे. यह हमला पहलगाम की बैसारन घाटी में किया गया था, जिसमें आतंकियों ने चुन-चुनकर लोगों को निशाना बनाया गया था. पहलगाम अटैक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में हुई सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी (CCS) ने सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया था. यह पहली बार है जब भारत ने इतनी बड़ी और सख्त कार्रवाई की गई. भारत और पाकिस्तान के बीच तीन बड़ी जंग हो चुकी है लेकिन पहले कभी भी इस संधि को स्थगित नहीं किया गया. कैबिनेट कमेटी की बैठक में लिए गए फैसलों के बारे में विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर बताया था कि 1960 की सिंधु जल संधि तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दी गई. यह रोक तब तक रहेगी, जब तक पाकिस्तान क्रॉस बॉर्डर टेरेरिज्म को अपना समर्थन देना बंद नहीं करता.   recent visitors 34

पाकिस्तानी एयरलाइंस को भारतीय वायुक्षेत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं देने पर भारत सरकार बड़ा फैसला !

 नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर में पहलगाम आतंकी हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के संबंधों में तनाव चरम पर है. इस बीच दोनों देशों की सरकारों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ कई बड़े कदम उठाए गए हैं. इस बीच भारत सरकार पाकिस्तानी एयरलाइंस के लिए अपने एयरस्पेस को बंद करने पर विचार कर रही है. सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तानी एयरलाइंस को भारतीय वायुक्षेत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं देने पर भारत सरकार विचार कर रही है. इस फैसले के बाद पाकिस्तानी एयरलाइंस को दक्षिणपूर्व एशियाई देशों तक पहुंचने के लिए चीन और श्रीलंका के रास्ते जाना पड़ेगा. इसके साथ ही भारतीय बंदरगाहों पर पाकिस्तानी जहाजों के ठहरने पर भी प्रतिबंध लगाने पर विचार किया जा रहा है. हालांकि, पाकिस्तानी एयरलाइंस भारत की ओर से किसी तरह की कार्रवाई के डर से पहले से ही भारतीय वायुक्षेत्र में प्रवेश करने से बच रहे हैं. इससे पहले पाकिस्तान ने भारतीय विमानों के लिए एयरस्पेस बंद कर दिया था. बता दें कि पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी जबकि 17 घायल हुए थे. यह हमला पहलगाम की बैसारन घाटी में किया गया था, जिसमें आतंकियों ने चुन-चुनकर लोगों को निशाना बनाया गया था. पहलगाम अटैक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में हुई सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी (CCS) ने सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया था. यह पहली बार है जब भारत ने इतनी बड़ी और सख्त कार्रवाई की गई. भारत और पाकिस्तान के बीच तीन बड़ी जंग हो चुकी है लेकिन पहले कभी भी इस संधि को स्थगित नहीं किया गया. कैबिनेट कमेटी की बैठक में लिए गए फैसलों के बारे में विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर बताया था कि 1960 की सिंधु जल संधि तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दी गई. यह रोक तब तक रहेगी, जब तक पाकिस्तान क्रॉस बॉर्डर टेरेरिज्म को अपना समर्थन देना बंद नहीं करता.   recent visitors 36

प्रदेशवासियो की जेबों को लगेगा बड़ा झटका! 1 मई से इतने रुपये मंहगी हो सकती है बिजली

 जबलपुर मई माह में बिजली उपभोक्ताओं को बिल से झटका लग सकता है। बिल में करीब 50 से 100 रुपये की बढ़ोतरी होगी। विद्युत नियामक आयोग के नए टैरिफ आदेश पर करीब 4 प्रतिशत बिजली के रेट बढ़ने के निर्देश वितरण कंपनी ने एक अप्रैल को ही जारी कर दिये थे। इसके चलते जो उपभोक्ता 200 से 400 यूनिट बिजली खपत करते हैं उनको 50 से लेकर 99 रुपये तक बिजली के बिलों में अतिरिक्त भुगतान करना पड़ेगा। उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने इस पर रोक की मांग की है। बढ़े रेट पर रोक लगाने की मांग नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच, भारतीय वरिष्ठ नागरिक एसोसियेशन, महिला समिति, मानव अधिकार क्रांति संगठन तथा सीनियर सिटीजन वेलफेयर एसोसियेशन ने इस बढ़े हुए बिजली दामों पर आक्रोश जताते हुए सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 108 के तहत इस पर रोक लगाने की मांग की है। आयोग ने बिजली कंपनियों पर कार्रवाई नहीं की डॉ. नाजपांडे ने बताया कि मप्र पावर मैनेजमेंट कंपनी के सर्कुलर 24 जनवरी 2024 के अनुसार बिजली हानि प्रतिशत 15.45 था। लेकिन बाद में एक वर्ष के भीतर इसी कंपनी के सर्कुलर दिनांक 25 मार्च 2025 के अनुसार वह 17.22 प्रतिशत हो गया है। वास्तविकता में बिजली हानि प्रतिशत घटना चाहिए था, लेकिन वह उल्टा बढ़ गया है। यह विद्युत नियामक आयोग आदेश की पूर्णतः अवहेलना हुई है। इसके बाद भी आयोग ने बिजली कंपनियों पर कार्रवाई नहीं की है। जबलपुर के नयागांव स्थित 220 केवी सबस्टेशन में रविवार की शाम को फिर से तकनीकी खराबी आ गई। इस वजह से 220 केवी सब स्टेशन में एक घंटे सप्लाई बंद रही। इससे शहर का बड़ा इलाका प्रभावित हुआ। उपभोक्ता परेशान हुए। लोगों द्वारा बिजली बंद होने की शिकायत भी कॉल सेंटर में की गई। जानकारी के अनुसार शाम को 220 नयागांव सबस्टेशन के आइसोलेटर में खराब आ गई थी जिसके कारण शक्ति भवन, रामपुर, आईटी पार्क, सूपाताल, संजीवनी नगर आदि 33 केवी सबस्टेशन की बिजली बंद हो गई। पूरे क्षेत्रों में करीब शाम को 6 बजे से 7 बजे तक बिजली बंद रही है। 220 सब स्टेशन से सप्लाई बहाल होने के बाद सभी जगहों की बिजली की आपूर्ति शुरु हो सकी। साउथ डिवीजन के कार्यपालन अभियंता अभिषेक विश्वकर्मा ने बताया कि 220 से सप्लाई बाधित होने कारण 33 केवी की सबस्टेशनों की सप्लाई प्रभावित हुई थी। recent visitors 36

बदनावर से टिमरवानी तक नया हाई-वे बनाया जाएगा, जो सीधे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से जुड़ेगा

इंदौर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे( Delhi-Mumbai Expressway) से इंदौर भी जुड़ने जा रहा है। पिछले दिनों बदनावर आए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इंदौर को इस हाई-वे से जोड़ने का ऐलान किया था। इसके बाद एनएचएआइ इसकी डीपीआर बनाने में जुटा है। एनएचएआइ के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुमेश बांझल ने बताया कि इंदौर का इंदौर-अहमदाबाद हाई-वे से घाटा बिल्लौद, लेबड़ होते हुए बदनावर से जुड़ाव हो जाएगा। बदनावर से टिमरवानी तक नया हाई-वे बनाया जाएगा, जो सीधे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से जुड़ेगा। इंदौर-अहमदाबाद रोड के अलावा उज्जैन रोड से भी नई सड़क के जरिए जुड़ा जा सकता है। इसके लिए तीन हजार करोड़ में करीब 90 किमी की फोरलेन सड़क बनाई जाएगी। अभी डीपीआर बनाई जा रही है। साथ ही इसे नेशनल हाई-वे का दर्जा देने पर भी काम किया जा रहा है। इसके बाद जमीन अधिग्रहण और टेंडर की प्रक्रिया की जाएगी। काम शुरू होने में करीब डेढ़ साल लगेंगे। दिल्ली-मुंबई की दूरी घटेगी इंदौर से मुंबई और दिल्ली जाने के लिए वर्तमान रूट के अलावा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे(Delhi-Mumbai Expressway) से जुड़ने पर वाहनों की बड़े शहरों से आवाजाही आसान हो सकेगी। दूरी भी घटेगी। recent visitors 58

MP में कर्मचारियों का बढ़ाकर 55 % हुआ, अगली सैलरी बढ़कर कितनी आएगी, जाने संभावित सैलरी क्या होगी

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार ने रविवार को कर्मचारियों का डीए 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 55 प्रतिशत कर दिया है. इस भारी बढ़त के साथ सरकारी कर्मचारियों में खुशी की लहर है. वहीं अब कर्मचारी ये गणित जानने में लगे हुए हैं कि उनकी अगली सैलरी बढ़कर कितनी आएगी? इस आर्टिकल में जानें डीए 55 प्रतिशत होने के बाद आपकी संभावित सैलरी क्या हो सकती है? पहले जानें क्या होता है DA? नई सैलरी का गणित जानने से पहले बता दें कि DA को अंग्रेजी में डियरनेस अलाउंस कहते हैं. इसका मतलब होता है महंगाई भत्ता. सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में महंगाई भत्ता एक जीवनयापन भत्ता है, जो महंगाई को देखते हुए दिया जाता है. महंगाई भत्ता महंगाई के असर को कम करने कि लिए दिया जाता है. डीए यानी महंगाई भत्ता कर्मचारी के मूल वेतन से कैल्क्युलेट किया जाता है. DA के बाद वेतन कैसे कैल्क्युलेट किया जाता है? उदाहरण के तौर पर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी अगर 15 हजार रु है, और डीए 50 प्रतिशत है तो उसका डीए 15000 का 50 प्रतिशत यानी 7500 रु होगा. वहीं कर्मचारी का सकल वेतन या ग्रॉस सैलरी 15000+7500 = 22,500 रु होगी. हालांकि, ग्रॉस सैलरी में डीए के अलावा कई अन्य तरह के भत्ते भी जोड़े जाते हैं. ये भत्ते व्यक्ति के ग्रेड पे और अन्य फैक्टर्स को देखते हुए दिए जाते हैं. इसमें HRA यानी हाउस रेंट अलाउंस, ट्रेवल अलाउंस समेत कई तरह के भत्ते जोड़े जाते हैं, जिससे आखिर में ग्रॉस सैलरी कैल्क्युलेट की जाती है. इसके बाद पीएफ व अन्य टैक्स काटने के बाद नेट सैलरी बनती है, जो कर्मचारी के खाते में क्रेडिट होती है. 55 प्रतिशत DA बढ़ने के बाद कितनी होगी नई सैलरी? मान लीजिए कि आपका मूल वेतन 25,000 रु है. वहीं, अबतक 50 प्रतिशत के हिसाब से 12,500 रु महंगाई भत्ता दिया जा रहा था. ऐसे में जनवरी 2025 के बाद 5 प्रतिशत डीए बढ़ने से कुल डीए 25,000 रु का 55 प्रतिशत यानी 13,750 रु होगा. यानी हर महीने 1250 रु की बढ़ोत्तरी. एरियर में एकसाथ ये राशि मिलने से कर्मचारियों को काफी राहत मिलेगी. हालांकि, जुलाई 2024 से दिसंबर 2024 तक 3 प्रतिशत के हिसाब से डीए जोड़ा जाएगा. वहीं जनवरी 2025 के बाद 2 प्रतिशत के हिसाब से. डीए बढ़ने के बाद कर्मचारियों की सैलरी में बढ़त ग्रेड पे के हिसाब से भी होगी. यानी जितनी ज्यादा बेसिक सैलरी होगी डीए और वेतन उतना बढ़ेगा. 5 किश्तों में सरकार देगी डीए की राशि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ाने की घोषणा करते हुए कहा है कि सभी शासकीय कर्मचारियों को 1 जुलाई 2024 से 3% और 1 जनवरी 2025 से 2% महंगाई भत्ता दिया जाएगा. ऐसे में कर्मचारियों की सैलरी में महंगाई भत्ता जिस तारीख से लागू होगा उसे पांच समान किश्तों में दिया जाएगा. कर्मचारियों को कब मिलेगी बढ़ी हुई सैलरी? मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा, '' प्रदेश के सभी कर्मचारियों को केंद्र के समान ही 55% महंगाई भत्ता दिया जाएगा. महंगाई भत्ते में वृद्धि के फल स्वरुप एरियर राशि का भुगतान पांच समान किस्तों में जून 2025 से अक्टूबर 2025 तक दिया जाएगा.'' recent visitors 36

ATM से पैसे निकालने वालों को बड़ा झटका! HDFC, PNB और IndusInd Bank ने जारी किए नए चार्ज

नई दिल्ली अगर आपकी एटीएम से बार-बार पैसे निकालने की आदत है तो इसे तुरंत बदल दें। अगर ऐसा नहीं करते हैं तो एक मई से आपको बड़ा नुकसान होने लगेगा। दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एटीएम से पैसे निकालने के नियमों में कुछ बदलाव किए हैं। ये नए नियम पूरे देश में 1 मई 2025 से लागू होंगे। रिजर्व बैंक का कहना है कि इन बदलावों का मकसद एटीएम इस्तेमाल करने पर लगने वाले चार्ज को लेकर पारदर्शिता लाना है। इससे बैंकों को भी एटीएम नेटवर्क चलाने में आसानी होगी। दरअसल, हर बैंक अपने हर ग्राहक को एटीएम से पैसे निकालने की एक लिमिट तक फ्री सुविधा देता है। इसमें अपने बैंक के एटीएम और दूसरे बैंकों के एटीएम दोनों शामिल हैं। फ्री लिमिट के बाद बैंक चार्ज लेना शुरू करता है। एक मई से इस चार्ज में बढ़ोतरी हो रही है। फ्री लिमिट के बाद एटीएम ट्रांजैक्शन पर हर बार 1 मई के बाद प्रति ट्रांजैक्शन अधिकतम 23 रुपये का शुल्क देना होगा। इस पर टैक्स अलग से लगेगा। अभी तक यह शुल्क 21 रुपये तक था। फ्री ट्रांजेक्शन लिमिट क्या होगी? आरबीआई ने साफ कर दिया है कि अब भी मेट्रो शहरों में हर महीने 3 फ्री ट्रांजेक्शन मिलेंगे और नॉन-मेट्रो शहरों में 5 फ्री ट्रांजेक्शन की सुविधा रहेगी। यह लिमिट फाइनेंशियल जैसे कैश निकालने और नॉन-फाइनेंशियल जैसे बैलेंस चेक, मिनी स्टेटमेंट, पिन चेंज आदि दोनों ट्रांजेक्शन पर लागू होगी। फ्री लिमिट के बाद कितना चार्ज लगेगा? अगर आप फ्री लिमिट से ज्यादा ट्रांजेक्शन करते हैं तो अब हर अतिरिक्त ट्रांजेक्शन पर 23 रुपये (प्लस टैक्स) देने होंगे। ये नियम सभी एटीएम पर लागू होगा। बैंक क्या कह रहे हैं? HDFC Bank ने बताया है कि 1 मई से अपने एटीएम से कैश निकालने पर फ्री लिमिट से ज्यादा ट्रांजेक्शन पर 23 रुपये + टैक्स लगेगा। वहीं बैलेंस चेक, मिनी स्टेटमेंट और पिन चेंज जैसे नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन फ्री रहेंगे। PNB ने कहा है कि अन्य बैंकों के एटीएम पर फ्री लिमिट के बाद फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन पर 23 रुपये और नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन पर 11 रुपये (जीएसटी अलग) का चार्ज लगेगा। ये बदलाव 9 मई 2025 से लागू होगा। IndusInd Bank ने भी जानकारी दी है कि उनके सेविंग्स, सैलरी, एनआर और करंट अकाउंट होल्डर्स को 1 मई 2025 से फ्री लिमिट के बाद गैर-IndusInd एटीएम से निकासी पर 23 रुपये प्रति ट्रांजेक्शन देना होगा। ग्राहकों के लिए सलाह ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे अपने एटीएम ट्रांजेक्शन पर नजर रखें, खासकर जब दूसरे बैंक के एटीएम का इस्तेमाल कर रहे हों। ज्यादा शुल्क से बचने के लिए कोशिश करें कि ज्यादा से ज्यादा अपने बैंक के एटीएम का ही इस्तेमाल करें या डिजिटल पेमेंट का सहारा लें। कितनी बार है फ्री सुविधा     मेट्रो शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई आदि में ग्राहक महीने में तीन बार मुफ्त में एटीएम इस्तेमाल कर सकते हैं।     नॉन-मेट्रो शहरों में यह लिमिट पांच बार है। गैर-मेट्रो शहर वे होते हैं जो मेट्रो शहरों जितने बड़े नहीं होते।     यह लिमिट पैसे निकालने और दूसरी तरह के ट्रांजैक्शन, दोनों के लिए है। इसका मतलब है कि आप महीने में तीन या पांच बार ही मुफ्त में पैसे निकाल सकते हैं या बैलेंस चेक कर सकते हैं। कुछ बैंक के अलग हैं नियम कुछ बैंकों ने अधिकतम ट्रांजैक्शन में छूट दी है। इसमें एचडीएफसी बैंक भी शामिल है। एचडीएफसी बैंक के ग्राहकों पर एचडीएफसी के एटीएम से पैसे निकालने पर ही चार्ज लगेगा। बैलेंस चेक करना, मिनी स्टेटमेंट निकालना और पिन बदलना मुफ्त होगा। अगर आप किसी दूसरे बैंक के एटीएम से पैसे निकालते हैं तो पैसे निकालने के साथ-साथ बैलेंस चेक करने, मिनी स्टेटमेंट निकालने और पिन बदलने पर भी चार्ज लगेगा। होम नेटवर्क के बाहर का ATM पड़ेगा महंगा हर महीने की पहली तारीख को देश में कई नियमों में बदलाव होता है और अगले महीने की पहली तारीख यानी 1 मई से भी कई बदलाव (Rule Change From 1st May) लागू होने जा रहे हैं. इसमें एटीएम से पैसे निकालने पर लगे वाले चार्ज से जुड़ा नियम भी शामिल हैं. जी हां, होम बैंक नेटवर्क के बाहर अगर किसी एटीएम मशीन से कोई भी ट्रांजैक्शन किया जाता है, या फिर बैलेंस चेक किया जाता है, तो यूजर को अब पहले से ज्यादा चार्ज देना पड़ेगा. अभी भी ऐसे एटीएम का उपयोग करने वाले चार्ज अप्लाई है और 1 मई से ये और भी बढ़ने वाला है. अब इतना बढ़ने वाला है खर्च केंद्रीय बैंक (RBI) ने बीते दिनों भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) के प्रस्ताव के आधार पर फीस बढ़ाने की अनुमति दी थी. रिपोर्ट की मानें तो अब तक अगर ग्राहक अपने होम बैंक के ATM के बजाय किसी दूसरे नेटवर्क के बैंक एटीएम से पैसे निकालते थे, तो उन्हें हर ट्रांजैक्शन पर 17 रुपये चार्ज देना होता था, जो 1 मई से बढ़कर 19 रुपये हो जाएगा. इसके अलावा अगर किसी दूसरे बैंक के ATM से बैलेंस चेक करते थे, तो इस पर 6 रुपये का शुल्क लगता था, जिसे अब बढ़ाकर 7 रुपये कर दिया जाएगा. व्हाइट लेवल ATM ऑपरेटर्स की थी मांग ATM Transaction Fee Hike की मांग लगातार व्हाइट-लेबल एटीएम ऑपरेटर्स के द्वारा की जा रही थी. उनका तर्क था कि बढ़ती परिचालन लागतों को देखते हुए पुरानी फीस कम है. NPCI के प्रस्ताव को आरबीआी की मंजूरी के बाद अब छोटे बैंकों पर दबाव ज्यादा बढ़ने की आशंका है. दरअसल, वे अपने सीमित इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण दूसरे बैंकों के एटीएम नेटवर्क पर बहुत ज्यादा निर्भर हैं. ये जान लेना जरूरी है कि बढ़ी हुई इंटरचेंज फीस, वह राशि होती है जो एक बैंक दूसरे बैंक को तब देता है, जब उसका कोई ग्राहक दूसरे बैंक के एटीएम का इस्तेमाल पैसों की निकासी के लिए करता है. गौरतलब है कि 'व्हाइट लेबल एटीएम' सरकारी और प्राइवेट बैंकों के एटीएम की तरह काम करते हैं. इसे बैंक की बजाय निजी या गैर- बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (NBFC) लगाती हैं. इनसे आप डेबिट (Debit Card) और क्रेडिट कार्ट (Credit Card) के जरिए कैश विद्ड्ऱॉल, बैलेंस चेक या उन सभी सुविधाओं का उपयोग कर सकते हैं, जो अन्य एटीएम में मिलती हैं. क्या है बैंकों की … Read more