वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. गिरिजा व्यास के निधन के बाद देर रात उनका पार्थिव देह लाया गया उदयपुर

उदयपुर पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. गिरिजा व्यास के निधन के बाद देर रात उनका पार्थिव देह उदयपुर लाया गया। शुक्रवार सुबह 10 से 12 बजे तक दैत्य मगरी स्थित उनके आवास पर अंतिम दर्शन का समय रखा गया है। दोपहर बाद 4 बजे उदयपुर में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। गौरतलब है कि डॉ. व्यास का गुरुवार शाम अहमदाबाद के जायडस हॉस्पिटल में 81 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था। बीती 31 मार्च को गणगौर पूजा के दौरान आग से झुलसने के बाद उनकी हालत लगातार नाजुक बनी हुई थी और कल शाम 7:15 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। डॉ. व्यास के अंतिम दर्शन के लिए शुक्रवार सुबह कांग्रेस के शीर्ष नेता उदयपुर पहुंचे। प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली दोपहर 12 बजे दैत्य मगरी स्थित उनके निवास पर पहुंचकर पार्थिव देह पर कांग्रेस का ध्वज व पुष्पचक्र अर्पित करेंगे। प्रदेश कांग्रेस महासचिव व प्रवक्ता पंकज कुमार शर्मा ने जानकारी दी कि डॉ व्यास की पार्थिव देह उनके निवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखी गई है और शाम 4 बजे बाद उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस दौरान राजस्थान सरकार के पूर्व अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह राठौड़, संदीप चौधरी, पवन गोदारा और उदयपुर लोकसभा प्रत्याशी एवं पूर्व कलेक्टर तारा चंद मीणा भी उपस्थित रहेंगे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों के साथ भाजपा के कद्दावर नेता गुलाबचंद कटारिया ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है। डॉ. गिरिजा व्यास न सिर्फ राज्य और केंद्र सरकार में मंत्री रहीं, बल्कि राजस्थान प्रदेश कांग्रेस की अध्यक्ष और राष्ट्रीय महिला आयोग की चेयरपर्सन के रूप में भी उन्होंने उल्लेखनीय भूमिका निभाई। वे महिलाओं के अधिकार और कल्याण के लिए हमेशा मुखर रहीं। 2018 में उन्होंने उदयपुर शहर सीट से विधानसभा चुनाव लड़ा था, हालांकि उन्हें बीजेपी नेता गुलाबचंद कटारिया से पराजय मिली थी। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की करीबी मानी जाने वाली डॉ. व्यास का राजनीतिक और सामाजिक जीवन सादगी, समर्पण और सेवा भावना से परिपूर्ण रहा। आज शाम उनका अंतिम संस्कार उदयपुर में किया जाएगा। recent visitors 37

अमृतस्य मध्यप्रदेश नृत्य प्रस्तुति से अतिथि होंगे अभिभूत

भोपाल वर्ल्ड ऑडियो विजुअल एंड एंटरटेनमेंट समिट-2025 (WAVES) में एमपी टूरिज्म का "अतुलनीय मध्यप्रदेश" पवेलियन, प्रदेश के पर्यटन स्थलों और संस्कृति के अनूठे और रोचक प्रस्तुतीकरण के कारण आगंतुकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। नवीनतम डिजिटल तकनीक से बने टच इनेबल्ड इंटरैक्टिव मैप के माध्यम से मध्यप्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों के बारे में अतिथि जान रहे है। साथ ही बड़ी एलसीडी स्क्रीन में चलने वाले के टीवीसी और विडियोज को देखकर प्रदेश की सुंदरता के प्रति मोहित हो रहे है। प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति एवं प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि WAVES-2025 जैसे वैश्विक मंच पर ‘अतुलनीय मध्यप्रदेश’ पवेलियन के माध्यम से प्रदेश की समृद्ध पर्यटन विविधता, ऐतिहासिक धरोहरों, वन्य जीवन और सांस्कृतिक विरासत को नवीन तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। हमारा उद्देश्य देश–विदेश से आने वाले आगंतुकों को मध्यप्रदेश की खूबसूरती और संभावनाओं से परिचित कराना है। पेवेलियन के माध्यम से निवेशकों, फिल्म निर्माताओं और पर्यटकों को आमंत्रित किया जा रहा हैं कि वे मध्यप्रदेश को अपनी प्राथमिक पसंद बनाएं। पर्यटन के लिए बल्कि प्रदेश की नई पर्यटन एवं फिल्म नीति का लाभ उठाए साथ ही आर्थिक प्रगति भी करें। प्रदेश की वन्य संपदा और ऐतिहासिक धरोहरों की रोमांचक यात्रा कराने के लिए पेवेलियन में आधुनिक तकनीक से बनी एनामॉर्फिक स्क्रीन लगाई गई है, जहां पर्यटन स्थलों, वन्य क्षेत्रों और वन्य जीवों को थ्रीडी तकनीक से प्रदर्शित किया जा रहा है। मध्यप्रदेश टूरिज्म पॉलिसी और मध्यप्रदेश की फिल्म पॉलिसी से अवगत कराने के लिए टच स्क्रीन लगाई गई है, जहां इच्छुक पॉवर पॉइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से बिंदुवार जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। इसके साथ ही सभी आंगतुकों को ब्रोशर, मध्यप्रदेश का पर्यटन मैप, साहित्य और सोवेनियर भी प्रदान किए जा रहे हैं। पेवेलियन को आकर्षक रूप से सुसज्जित किया गया है। साथ ही ऑकुलस के माध्यम से प्रदेश के पर्यटन स्थलों की वर्चुअल सैर भी करायी जा रही है। देश–विदेश से आने वाले आर्टिस्ट, इनोवेटर्स, इन्वेस्टर्स और पॉलिसी मेकर्स को मध्यप्रदेश के पर्यटन स्थलों, ऐतिहासिक धरोहरों, प्रदेश की परंपराओं, संस्कृति, वन संपदा और वन्य जीवन के बारे में अवगत कराया जा रहा है। विशेष रूप से मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा मध्यप्रदेश शासन द्वारा लागू की गई नई फिल्म व टूरिज्म पॉलिसी के बारे में जानकारी दी जा रही है। अमृतस्य मध्यप्रदेश नृत्य प्रस्तुति से अतिथि होंगे अभिभूत वेव्स के दूसरे दिन शुक्रवार, 2 मई को शाम 4:30 बजे सांस्कृतिक संध्या में वैश्विक मंच पर अमृतस्य नृत्य नाटिका की प्रस्तुति दी जाएगी। नृत्य के माध्यम से प्रदेश की ऐतिहासिक विरासत और समृद्ध संस्कृति का अनुभव आगंतुकों को कराया जाएगा। प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत विविधता और पर्यटन स्थलों की खूबसूरती को प्रसिद्ध कोरियोग्राफर मैत्री पहाड़ी के निर्देशन में 100 से अधिक कलाकार अनूठे रूप में प्रस्तुत करेंगे। "अमृतस्य मध्यप्रदेश" ओजपूर्ण और लयबद्ध नृत्य के माध्यम से अतिथियों के बीच प्रदेश के वैभवशाली अतीत, समृद्ध संस्कृति और विरासत को जीवंत करेंगी।   recent visitors 21

दमोह जिले के किशन तलैया में जल गंगा संवर्धन कार्यक्रम में मंत्री पटेल हुए शामिल

छोटी नदियों के संरक्षण से बड़ी नदियाँ रहेगी अविरल प्रवाहित: मंत्री पटेल पानी की व्यवस्था बेहतर हो जाने से खुशहाली और समृद्धि आएगी-सांसद लोधी सांस्कृतिक अमूर्त धरोहर में नर्मदा परिक्रमा को किया गया शामिल ब्रोशर का हुआ विमोचन, मजदूरों का हुआ सम्मान दमोह जिले के किशन तलैया में जल गंगा संवर्धन कार्यक्रम में मंत्री पटेल हुए शामिल भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि हमारा लक्ष्य सिर्फ जल को संरक्षित करना नहीं, जल स्त्रोतों को बचाना भी है। उन्होंने कहा कि बड़ी नदियों को बचाने के लिए छोटी नदियों को बारहमासी करने का मौका अभी हमारे पास हैं। हमारे पूर्वजों ने बावड़ियां बनाई, कुएं बनाए है, उन्हें सहजने का कार्य हमें करना होगा। उन्होंने कहा कि उद्देश्य बड़ा साफ है, छोटी नदियों को हमने अगर बारहमासी कर‍दिया तो बड़ी नदियों का अस्तित्व बचा रहेगा। मंत्री पटेल गुरुवार को दमोह जिले के किशन तलैया में जल गंगा संवर्धन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी, सांसद दमोह राहुल सिंह लोधी, विधायक एवं पूर्व मंत्री दमोह जयंत कुमार मलैया, विधायक हटा श्रीमती उमादेवी खटीक, सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर, अधिकारी-कर्मचारीगण, नागरिक मौजूद रहे। मंत्री पटेल ने कहा जल गंगा संवर्धन अभियान 30 मार्च से 30 जून तक चलेगा। विगत वर्ष 32 नदियों को जोड़ने का संकल्प लिया था इस बार संकल्प है, मध्यप्रदेश में नर्मदा बेसिन, गोदावरी बेसिन, गंगा बेसिन उसमें जाने वाली किसी भी नदी का उद्गम स्थल मध्यप्रदेश में है, उस तक पहॅुचने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा सीधे नदी से पानी लेते है, तो एक भी बॅूद पानी नही बचता ओर बाद में हम मवेशियों के लिये ट्यूबवेल से भरते है। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता से जल संरक्षण कार्य किया जायेगा, सरकार इसकी अगुवाई कर रही हैं। मंत्री पटेल ने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का अभारी हॅू कि सांस्कृतिक अमूर्त धरोहर के रूप में नर्मदा परिक्रमा को शामिल किया गया है। आने वाले समय में यूनेस्को की लिस्ट में भी नर्मदा परिक्रमा शामिल हो। दमोह सांसद राहुल सिंह लोधी ने कहा जल गंगा संर्वधन अभियान प्रदेश सरकार की एक अभिनव पहल है। इस पहल में हम सबको जुड़ना है। सांसद लोधी ने कहा मंत्री पटेल पूरे प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग जिलों में जा रहे हैं और जो नदियाँ 12 महीने पानी देती थी पर किन्हीं कारणों से मिट्टी भरने, पत्थर भरने या हमने वहाँ नाले, पुल, पुलिया बना दिया, स्टॉप डेम बना दी और बहुत सी अन्य प्रकार की गतिविधियों के कारण से वो नदियाँ अब जो बारहमासी नदियाँ थी, वो 6 महीने, 5 महीने में ही उनका पानी समाप्त हो जाता है। सांसद लोधी ने जल संरक्षण की पहल के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं मंत्री पटेल को धन्यवाद और साधुवाद दिया। ब्रोशर का हुआ विमोचन, श्रमिकों का हुआ सम्मान मंत्री पटेल और अन्य जनप्रतिनिधियों ने अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के उपलक्ष में भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की संचालित योजनाओं संबंधी जानकारी ब्रोशर का विमोचन किया। इस अवसर पर मजदूरों का सम्मान शॉल-श्रीफल से सम्मान कर उपहार भी दिए।   recent visitors 26

अनु अग्रवाल ने पिया अपना यूरिन

मुंबई बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर परेश रावल ने कुछ समय पहले ही खुलासा किया था कि उन्होंने अपना यूरिन पिया था. जिसके बाद से वो चर्चा में आ गए थे. वहीं, अब आशिकी गर्ल एक्ट्रेस अनु अग्रवाल ने अपने एक इंटरव्यू में खुलासा किया है कि वो भी अपना यूरिन पी चुकी हैं. इसके साथ ही एक्ट्रेस ने यूरिन पीने के फायदे तक बताया है. अनु अग्रवाल ने भी पिया है यूरिन बता दें कि अनु अग्रवाल  ने हाल ही में अपने एक इंटरव्यू में बताया कि बहुत से लोग ये नहीं जानते हैं. ये जागरुकता की कमी, मगर यूरिन पीने को आम्रोली कहते हैं. ये हठयोग की एक मुद्रा है, जो कि बीच का भाग है, इसे अमृत माना जाता है. यूरिन पीने के बताए फायदे इसके साथ ही अनु अग्रवाल  ने आगे कहा- मैंने खुद पिया है. हम सभी ने इसे आजमाया है. ये एक बहुत जरुरी अभ्यास है. मगर एक बात याद रखनी है. आप पेशाब की पूरी धार नहीं पीते हैं. आपको केवल एक भाग पीना होता है. इस बीच के भाग को अमृत माना जाता है. ये स्किन को झुर्रियों से दूर रखता है. ये हेल्थ के लिए बहुत फायदेमंद है. मैंने खुद इसे महसूस किया है. बता दें कि कुछ समय पहले ही परेश रावल ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि उन्हें वीरू देवगन ने हर सुबह अपना यूरिन पीने की सलाह दी थी. उन्होंने कहा था कि सभी फाइटर ऐसा करते हैं. उसके बाद 15 दिन तक परेश रावल ने रोजाना अपना पेशाब पिया था. recent visitors 40

राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि समस्याओं का मौके पर निराकरण के प्रयास भी किये जा रहे

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने गोविंदपुरा क्षेत्र की विभिन्न कॉलोनियों का भ्रमण के दौरान जनता से उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने कहा कि समस्याओं का मौके पर निराकरण के प्रयास भी किये जा रहे है। उन्होंने कहा सीवेज, नाली मरम्मत आदि के कार्यों को वर्षा पूर्व करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। राज्यमंत्री श्रीमती गौर को शंकराचार्य होम्स के रहवासियों ने जलापूर्ति में कम प्रेशर, पानी की कमी, स्ट्रीट लाइट की खराबी एवं सीवेज संबंधी समस्याओं से अवगत कराया। राज्यमंत्री ने शीघ्र निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। अंजलि विहार के नागरिकों ने जनसंवाद के दौरान जलापूर्ति, स्ट्रीट लाइट, सीवरेज व्यवस्था जैसे विषयों को उठाया। इस पर त्वरित समाधान हेतु अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। प्रोसपेरा कॉलोनी, वैष्णों परिसर और रामेश्वरम कॉलोनी के रहवासियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए मुख्य सड़क से अतिक्रमण हटाने, सीवेज व्यवस्था दुरुस्त करने, स्ट्रीट लाइट सुधारने एवं अन्य नागरिक सुविधाओं की सतत उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। यशोदा गार्डन में नागरिक सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए सीवेज व्यवस्था को दुरुस्त करने, अतिक्रमण हटाने एवं पार्क निर्माण कार्यों को गति देने के लिए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए। गायत्री विहार में रहवासियों ने बताया कि सीवेज लाइन तो हैं, लेकिन वह सीवेज नेटवर्क से कनेक्ट नहीं है। राज्यमंत्री ने मौके पर जाकर अधिकारियों को सीवेज लाइन का कार्य बारिश से पहले पूरा करने के निर्देश दिए। शिव शक्ति मंदिर गुलाबी नगर में मंदिर के आसपास पेविंग ब्लॉक, स्ट्रीट लाइट, 2 हाईमास्क और मंदिर के मुख्य द्वार पर गेट की मांग को तुरंत स्वीकार करते हुए अधिकारियों को शीघ्र इन्हें पूरा करने के लिए निर्देशित किया। भेल संगम कालोनी बाग सेवनिया के रहवासियों ने मुख्य रूप से 80 फीट रोड पर लाइट की व्यवस्था, खुली पड़ी नालियों पर फर्श लगाने, मेन रोड पर स्पीड से वाहन गुजरते हैं, इसलिए ब्रेकर बनवाने की मांग की। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने सभी मांगों को स्वीकार करते हुए बताया कि निर्माण एजेंसी जल्द काम शुरू कर देगी। उन्होंने तुरंत ही निर्माण कार्य के लिए भूमि-पूजन भी कर दिया। पचपन झुग्गी बस्ती बागमुगालिया, मिसरोद की महिलाओं ने पेयजल, बिजली नहीं मिलने, नाली निर्माण अधूरा छोड़ने की शिकायत की। ईस्टन काउंटी कालोनी की महिलाओं ने सीवेज लाइन नहीं होने, पेयजल सप्लाई में कठिनाई, नाली निर्माण, कचरा नहीं उठने, स्ट्रीट लाइट और पुलिस की गश्त नहीं होने की बात रखी। मेट्रो आशियाना काम्पलेक्स के रहवासियों ने नर्मदा जल सप्लाई की मांग प्रमुखता से रखी। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने सभी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को इन कार्यों को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। पार्षद प्रताप वारे, जितेंद्र शुक्ला, श्रीमती शीला पाटीदार, सुमोनिका ठाकुर सहित बड़ी संख्या में रहवासी, कार्यकर्ता और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।   recent visitors 23

मंत्री सारंग ने बताया कि त्रि-स्तरीय योजना के तहत हम उत्कृष्ट खिलाड़ी निर्माण करेंगे

भोपाल सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने गुरूवार को तात्या टोपे स्टेडियम से खेल एवं युवा कल्याण विभाग के प्रदेशव्यापी “ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर-2025” का शुभारंभ किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में मंत्री सारंग ने कहा कि "ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर – 2025" मध्यप्रदेश के युवाओं के शारीरिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक विकास की दिशा में एक सार्थक पहल है। यह शिविर केवल खेल सिखाने का माध्यम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को एक सजग, अनुशासित और सक्षम नागरिक के रूप में तैयार करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि इस नवाचार के अंतर्गत प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण, खेल अकादमियों से जुड़ाव और प्रतियोगिताओं में भागीदारी के अवसर मिलेंगे। शिविर के नये प्रारूप से खिलाड़ियों को मिलेगा अवसर मंत्री सारंग ने बताया कि खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा प्रतिवर्ष स्कूली विद्यार्थियों के लिए आयोजित किए जाने वाले पारंपरिक ग्रीष्मकालीन खेल शिविर को इस वर्ष एक नवीन रूप प्रदान किया गया है। मध्यप्रदेश में पहली बार “ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर – 2025” को नए तरीके से प्रारंभ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस शिविर का उद्देश्य केवल खेलों से जुड़ाव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा मंच बनेगा जहाँ से प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को भविष्य के उत्कृष्ट खिलाड़ी के रूप में तराशा जाएगा। उत्कृष्ट खिलाड़ी निर्माण की त्रि-स्तरीय योजना मंत्री सारंग ने बताया कि त्रि-स्तरीय योजना के तहत हम उत्कृष्ट खिलाड़ी निर्माण करेंगे। इसमें प्रथम चरण में ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर के माध्यम से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को चयनित किया जायेगा। द्वितीय चरण में चयनित खिलाड़ियों को विभाग की ‘प्रतिभा खोज’ और ‘खेलो बढ़ो अभियान’ जैसे योजनाओं से जोड़ा जाएगा। तृतीय चरण में शीर्ष खिलाड़ियों को खेल अकादमियों और ‘खेलो एमपी’ सहित विभाग की प्रमुख प्रतियोगिताओं में सम्मिलित कर भविष्य के चैंपियन तैयार किए जाएंगे। शिविर में खेलों के साथ शारीरिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक विकास पर फोकस मंत्री सारंग ने बताया कि गर्मियों की छुट्टियों में बच्चें खेल के साथ-साथ अपने व्यक्तित्व और बौद्धिक विकास पर भी कार्य करेंगे। विद्यार्थियों को व्हॉलीबाल, जिम्नास्टिक, जूडो, ताईक्वांडों, बॉक्सिंग, कबड्डी, तलवारबाजी, कराते, मल्लखम्ब, टेबिल टेनिस, स्केटिंग, कुश्ती, लॉन टेनिस, बैडमिंटन, फुटबॉल, बॉस्केटबॉल, एरोबिक, स्कवैश, एथलेटिक्स, शूटिंग (रायफल/पिस्टल) का प्रशिक्षण दिया जायेगा। इन खेलों के साथ ही विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के लिये आध्यात्म, योग सहित विभिन्न गतिविधियों को सम्मिलित किया गया है। शिविर के लिये ऑनलाइन होंगे रजिस्ट्रेशन मंत्री सारंग ने बताया कि खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा प्रदेश के समस्त जिलों में 30 जून तक “ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर-2025” का आयोजन किया जा रहा है। इसमें भाग लेने के लिये विद्यार्थी 18 मई तक MYMP पोर्टल www.merayuva.mp.gov.in पर ऑनलाइन पंजीयन कर सकेंगे। पंजीकरण लिंक विद्यार्थियों को SMS के माध्यम से प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि लिंक के माध्यम से विद्यार्थी सरलता से अपना पंजीयन पूरा कर सकेंगे। पंजीयन के पश्चात विद्यार्थियों की प्रोफाइल बनेगी। इस प्रोफाइल का उपयोग खेल प्रतिभा खोज सहित अन्य कार्यक्रमों के लिये भी किया जायेगा।   recent visitors 15

मुख्यमंत्री ने हरसूद में वन समितियों एवं जनजातीय सम्मेलन में दीं अनेक सौगातें

जनजातीय समुदाय को स्व-रोजगार से जोड़ने में लघु वनोपज समितियां सक्षम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने किया स्कूल, अस्पताल एवं अन्य विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण बुजुर्गों को टार्च और एफएम जैसी आधुनिक तकनीक से लैस छड़ी का किया वितरण नई औद्योगिक क्रांति से प्रदेश के युवाओं का संवरेगा भविष्य, रोजगार के अवसर होंगे सृजित मुख्यमंत्री ने हरसूद में वन समितियों एवं जनजातीय सम्मेलन में दीं अनेक सौगातें भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश के जनजातीय वर्ग को विकास की मुख्य धारा में लाने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा अनुरूप जनजातीय भाई-बहनों के समग्र कल्याण के लिए पेसा नियमों को ध्यान में रखते हुए जनजातीय क्षेत्रों के विकास को और अधिक गति दी जा रही है। प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में बसे जनजातीय परिवारों को भी केन्द्र सरकार की सभी योजनाओं जैसे पक्का मकान, नि:शुल्क राशन और आयुष्मान योजना से मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही है। उन्होंने कहा कि हर गरीब और जरूरतमंद के बच्चों के स्वर्णिम भविष्य के लिए हमारी सरकार हर स्तर पर प्रयास कर रही है। राज्य सरकार तेंदुपत्ता संग्राहकों को बोनस देकर प्रोत्साहित कर रही है। तेंदूपत्ता के शासकीय मूल्य में 1000 रुपए प्रति मानक बोरा की वृद्धि कर इसे 4000 रुपए प्रति मानक बोरा कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में अभी 15 हजार वन समितियां हैं। जनजातीय समुदाय को स्व-रोजगार से जोड़ने में लघु वनोपज समितियां निरापद रूप से सर्वाधिक सक्षम हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को खंडवा जिले के हरसूद में तेंदूपत्‍ता, वन समितियों और जनजातीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। हरसूद को नए अस्पताल, स्कूल और सिंचाई परियोजना की सौगात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्षेत्रीय बुजुर्गों को टार्च और एफएम जैसी आधुनिक तकनीक से लैस छड़ी (स्टिक) का वितरण किया और विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को पात्रतानुसार हितलाभ के चेक, ई-रिक्शा प्रदान किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्कूल, अस्पताल जैसे विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हरसूद में जल संरक्षण के लिये सरकार द्वारा चलाये जा रहे जल गंगा संवर्धन कार्यक्रम में सहभागिता की। इस अवसर पर वर्षा जल की बूंद-बूंद सहेजने के उद्देश्य विषय पर केंद्रित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हरसूद को विकास कार्यों की सौगात दी, जिनमें 20 करोड़ की लागत की नया अस्पताल, सांदिपनि आदर्श विद्यालय, 45 करोड़ की लागत से नई सिंचाई परियोजना शामिल है। कार्यक्रम में केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्यमंत्री दुर्गादास उइके, जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, विधायक नारायण पटेल, विधायक श्रीमती छाया पटेल सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं हितग्राही उपस्थित थे। प्रदेश में बुजुर्गों को सहारा और सम्मान देने वाली सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज बुजुर्गों को आधुनिक जादू की छड़ी मिली है। प्रदेश में बुजुर्गों को सहारा और सम्मान देने वाली सरकार है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में हमारी सरकार समृद्ध, सशक्त और विकसित मध्यप्रदेश बनाने के लिए मिशन मोड पर कार्य कर रही है। प्रदेश में खेतों को सिंचित करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। सिंचाई का रकबा बढ़ने से सीधा लाभ किसानों को मिलेगा। मध्यप्रदेश में गेहूं का उपार्जन मूल्य 2600 रुपए है, जो देशभर में सर्वाधिक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में शुरू हुई 2 राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजनाओं के संदर्भ में कहा कि राज्य सरकार पड़ोसी राज्यों के साथ सभी लंबित मुद्दों को सुलझा रही है। राजस्थान के बाद अब महाराष्ट्र के साथ नदी जल समझौतों की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गीता भवनों का निर्माण कार्य हो रहा है। राज्य सरकार ने प्रत्येक ब्लॉक में एक आदर्श ग्राम और एक वृंदावन गांव बनाने का निर्णय लिया है। नई औद्योगिक क्रांति से संवरेगा प्रदेश के युवाओं का भविष्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में पर्यटन क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। यहां सबसे ज्यादा टाइगर हैं। देश में चीता भी सिर्फ मध्यप्रदेश में ही हैं। सरकार वन्य जीव पर्यटन को बढ़ावा देकर युवाओं को गाइड के रूप में प्रशिक्षित कर पर्यटन रोजगार से जोड़ने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस)- 2025 प्रदेश में औद्योगीकरण की नई शुरुआत है, जिसमें 30 लाख करोड़ रुपए के ऐतिहासिक निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। हमारी नई औद्योगिक नीतियों से प्रदेश के युवाओं का भविष्य संवरेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। राज्य में गरीबों का समग्र कल्याण, युवाओं को रोजगार, अन्नदाता (किसानों) की समृद्धि और प्रदेश की सभी बहनों के सशक्तिकरण के लिए हमने 4 मिशन शुरू किए हैं। उन्होंने कहा कि सबके सहयोग और सद्प्रयासों से हम यह मिशन पूरा करेंगे। जल, जंगल और जमीन के संरक्षण में जुटी मध्यप्रदेश सरकार : केंद्रीय राज्यमंत्री उइके केंद्रीय राज्यमंत्री दुर्गादास उइके ने कहा कि मध्यप्रदेश में 70 आवासीय विद्यालय शुरू किए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार जनजातीय समुदाय के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार जल, जंगल और जमीन के संरक्षण में जुटी है। प्रधानमंत्री मोदी के विजनरी नेतृत्व से मध्यप्रदेश अब स्वर्णिम राज्य बनने की ओर अग्रसर है। प्रदेश में जनजातीय समाज के विकास के लिए विभिन्न क्षेत्रों में कई विकास योजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है। बेसहारों का सहारा बन रही है हमारी सरकार : जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. शाह जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा कि प्रदेश की मेधावी बेटियों को पढ़ने और आगे बढ़ाने के लिए सरकार ने स्कूटी वितरण योजना शुरू की है। खंडवा जिले की बेटियों को भी इन योजनाओं का लाभ मिल रहा है। उन्होंने बुजुर्गों को छड़ी वितरण के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारी सरकार किसी को भी बेसहारा नहीं रहने देगी। बेसहारों का सहारा बनकर सरकार इनके समग्र कल्याण की चिंता कर रही है।   recent visitors 14