सीयूईटी यूजी परीक्षा 8 मई से शुरू होंगे एग्जाम, डेटशीट जल्द होगी जारी

इंदौर कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) यूजी की शुरुआत आठ मई से हो रही है, जो एक जून तक चलेगी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) देशभर में यह परीक्षा दो पारियों में आयोजित करेगी। जैसे-जैसे परीक्षा की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे छात्रों की तैयारी भी तेज हो गई है। एजेंसी ने एडमिट कार्ड जारी करना शुरू कर दिया है, जिसमें परीक्षा केंद्र की जानकारी भी दी गई है। इस वर्ष करीब 14 लाख विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। इंदौर जिले से इस परीक्षा में 45 हजार विद्यार्थी बैठेंगे। इनमें से अधिकतर ने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय से संचालित पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने की इच्छा जताई है। इंदौर में तीन से चार परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इस बार डीएवीवी ने सीयूईटी यूजी में कुछ नए पाठ्यक्रमों को जोड़ा है। इनमें बीए भूगोल, साइकोलॉजी, दर्शन और बीबीए एविएशन आदि शामिल हैं। पहले इन कोर्सों में नान-सीयूईटी के आधार पर दाखिला मिलता था, लेकिन इस बार छात्रों की रुचि को देखते हुए इन्हें भी परीक्षा में शामिल किया गया है। 28 कोर्स चल रहे हैं डीएवीवी अब कुल 28 एकीकृत और स्नातक पाठ्यक्रमों का संचालन कर रही है। इनमें बीए अर्थशास्त्र, बीकाम कराधान, बीकाम ऑनर्स, बीफार्मा, बीसीए, बीएएलएलबी, एमसीए, एमटेक आदि शामिल हैं। इन पाठ्यक्रमों में कुल 1470 सीटों के लिए आवेदन प्राप्त हुए हैं। जुलाई में काउंसिलिंग, अगस्त से प्रवेश प्रक्रिया परीक्षा एक जून को समाप्त होगी। इसके बाद एक महीने के भीतर एनटीए परिणाम घोषित करेगा। इसके लगभग दस दिन बाद विश्वविद्यालयों को छात्रों का डाटा मिलेगा। इस आधार पर प्रावीण्य सूची और रैंक तैयार की जाएगी। डीएवीवी की काउंसिलिंग प्रक्रिया 15 जुलाई तक शुरू होने की संभावना है, जिसका पहला चरण अगस्त में आयोजित होगा। परीक्षा केंद्र नहीं बदल सकते कुछ विद्यार्थियों को इंदौर के बाहर परीक्षा केंद्र मिला है, जिससे वे परेशान हैं। वे केंद्र बदलने के लिए एनटीए को ईमेल भेज रहे हैं। सीयूईटी समन्वयक डॉ. कन्हैया आहूजा ने कहा कि परीक्षा केंद्र में बदलाव संभव नहीं है। एनटीए ने पहले ही अपनी अधिसूचना में इस बारे में दिशा-निर्देश जारी कर दिए थे। डेटशीट का अता-पता नहीं, NTA क्या चाहता है? ऐसा पहली बार हो रहा है कि इतने कम दिन बचे होने के बाद भी छात्रों को अपने एग्जाम की डेटशीट तक नहीं पता है। छात्र असमंजस में है और एनटीए से भी लगातार पूछ रहे हैं। वहीं कई प्राइवेट यूनिवर्सिटीज में एडमिशन शुरू हो गए हैं, जो सीयूईटी स्कोर के आधार पर एडमिशन नहीं करती हैं। कुछ समय पहले ऐसी खबरें भी आई थीं कि नीट की वजह से सीयूईटी एग्जाम आगे टल सकता है। ऐसे में छात्र अब दूसरे विकल्पों की ओर जाने को मजबूर हो रहे हैं। करियर काउंसलर आलोक बंसल कहते हैं कि ऐसी प्राइवेट यूनिवर्सिटीज की कमी नहीं है, जो सीयूईटी स्कोर के बिना एडमिशन करती हैं। उनका कहना है कि अगर छात्र को ये ही नहीं पता है कि उसका अगला कदम क्या होगा तो वह कैसे अपना प्लान बनाएगा? आपको क्या लगता है, सीयूईटी 2025 में कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट होना कितना फायदेमंद है?     बहुत फायदेमंद     कुछ हद तक फायदेमंद     कम फायदेमंद     बिल्कुल नहीं अभी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने सीयूईटी का शेड्यूल ही जारी नहीं किया है और जब डेटशीट तक नहीं पता है तो एग्जाम कब से होंगे, इस बारे में असमंजस है। उसके बाद रिजल्ट कब आएगा, यह भी एक सवाल रहेगा। खास बात यह है कि इस बार सीयूईटी-2025 में कई तरह के बदलाव हुए हैं और हर पेपर कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट होगा, जबकि पिछले वर्ष 2024 में यह एग्जाम हाईब्रिड मोड में हुआ था। पिछले वर्ष 15 मई से एग्जाम शुरू हुआ था और करीब 25 दिन पहले 20 अप्रैल 2024 को डेटशीट जारी हो गई थी। इस बार 8 मई से 1 जून तक एग्जाम होना है और 28 अप्रैल तक भी डेटशीट नहीं आई है। सिटी स्लिप कैसे कर सकते हैं डाउनलोड?     सबसे पहले सीयूईटी की आधिकारिक वेबसाइट exam.nta.ac.in/CUET-UG पर जाएं.     फिर होमपेज पर CUET UG 2025 परीक्षा सिटी स्लिप लिंक का चयन करें.     उसके बाद नए पेज पर पहुंचने के बाद जरूरी डिटेल्स दर्ज करें और सबमिट बटन दबाएं.     अब स्क्रीन पर सीयूईटी यूजी परीक्षा की सिटी स्लिप दिखाई देगी.     आगे की जरूरत के लिए उसकी एक कॉपी सेव करके रख लें और उसे प्रिंट भी करा लें. CUET UG 2025 Exam Pattern: परीक्षा पैटर्न क्या है? सीयूईटी यूजी परीक्षा अंग्रेजी, हिंदी, असमिया, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, मराठी, ओडिया, पंजाबी, तमिल, तेलुगु और उर्दू सहित 13 भारतीय भाषाओं में कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी. उम्मीदवारों को प्रत्येक पेपर पूरा करने के लिए 60 मिनट का समय मिलेगा. विशेष जरूरत वाले उम्मीदवारों की सुविधा के लिए, PwBD (बेंचमार्क विकलांग व्यक्ति) उम्मीदवारों को परीक्षा के प्रत्येक घंटे के लिए अतिरिक्त 20 मिनट का समय दिया जाएगा. इस परीक्षा के लिए प्रत्येक टेस्ट पेपर में 50 ऑब्जेक्टिव टाइप के बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) होंगे और सभी प्रश्न अनिवार्य होंगे. प्रत्येक सही उत्तर के लिए उम्मीदवारों को पांच अंक दिए जाएंगे. हालांकि परीक्षा में निगेटिव मार्किंग भी होती है, जिसमें प्रत्येक गलत उत्तर के लिए एक अंक काटा जाता है. recent visitors 31

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा यह टीम छत्तीसगढ़ की सफलता

रायपुर : छत्तीसगढ़ की केयरएज रैंकिंग में बड़ी छलांग छत्तीसगढ़ की शासन, सामाजिक विकास और अर्थव्यवस्था में जबरदस्त सुधार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा यह टीम छत्तीसगढ़ की सफलता रायपुर केयरएज स्टेट रैंकिंग 2025 में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए देश के बड़े राज्यों की सूची में अपनी रैंकिंग को तीन स्थान तक बेहतर किया है। वर्ष 2023 की तुलना में राज्य का समग्र स्कोर 6.1 अंकों की वृद्धि के साथ 34.8 से बढ़कर 40.9 हो गया है। इसी के साथ छत्तीसगढ़ देश के 17 बड़े राज्यों के गु्रप में 14वें स्थान से 11वें स्थान पर पहुंच गया है। यह प्रदर्शन शासन, सामाजिक संकेतकों और आर्थिक मजबूती में व्यापक सुधार का प्रमाण है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि यह ‘टीम छत्तीसगढ़’ की एकजुट मेहनत और जन-सेवा की भावना का परिणाम है। हमने शासन में पारदर्शिता, सेवा की गति, और नागरिकों की भागीदारी को प्राथमिकता दी है। सामाजिक क्षेत्र में हमारा जोर शिक्षा, स्वास्थ्य और गरीब कल्याण पर रहा है। आर्थिक क्षेत्र में निवेश और रोजगार को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि केयरएज की यह रिपोर्ट हमारे कार्याें का आंकड़ों के रूप में मान्यता है। हमने हर क्षेत्र में सुधार की नीति अपनाई है, चाहे वह आर्थिक सशक्तिकरण हो, शिक्षा हो या स्वास्थ्य सेवाएं। यह उपलब्धि सभी के प्रयास और जनता के सहयोग का परिणाम है। छत्तीसगढ़ राज्य अब राष्ट्रीय मंच पर प्रतिस्पर्धा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। निकट भविष्य में हमारा राज्य देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा। केयरएज की रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ में आर्थिक प्रदर्शन के मापदण्ड पर उल्लेखनीय 9.9 अंकों की वृद्धि दर्ज की है। वर्ष 2023 में जहां राज्य 12वें स्थान पर था, वहीं 2025 में यह 7वें स्थान पर आ गया है। यह राज्य की आकर्षक औद्योगिक नीति, निवेश प्रोत्साहन और वित्तीय प्रबंधन का परिणाम है। छत्तीसगढ़ ने वित्तीय प्रबंधन को बेहतर करते हुए राजस्व संग्रहण की दक्षता बढ़ाई है। जीएसटी संग्रहण में वृद्धि और बजट प्रबंधन में पारदर्शिता के कारण राज्य की राजकोषीय स्थिति अधिक मजबूत हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ ने शासन-प्रशासन के क्षेत्र में 14.2 अंकों की छलांग लगाई है, सार्वजनिक सेवा, कानून व्यवस्था और डिजिटल गवर्नेंस में किए गए सुधार इसके मुख्य कारण रहे। वहीं सामाजिक क्षेत्र में 17.8 अंकों की वृद्धि इस बात का प्रमाण है कि राज्य ने साक्षरता, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और आय-समानता के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। छत्तीसगढ़ राज्य ने आर्थिक क्षेत्र में भी लगभग 10 अंकों की बढ़त दर्ज की है, जो राज्य की स्थिर विकास दर में वृद्धि और औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार का शुभ संकेत है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि 2025 की कार्यप्रणाली में 50 संकेतकों के आधार पर मूल्यांकन किया गया, जबकि 2023 में यह संख्या 46 थी। 2023 और 2025 के बीच छत्तीसगढ़ ने शासन, सामाजिक और आर्थिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय सुधार किया है। recent visitors 22

कोरी कोली समाज कल्याण समिति ने श्यामपुर में अक्षय तृतीया पर निःशुल्क कन्या विवाह सम्मेलन आयोजित किया

श्यामपुर दिनांक 30.04.2025 को कोरी कोली समाज कल्याण समिति रजिस्टर्ड  मध्य प्रदेश शाखा जिला सीहोर तहसील श्यामपुर के तत्वाधान में अक्षय तृतीया के उपलक्ष्य में निःशुल्क कन्या विवाह सम्मेलन कोली समाज द्वारा आयोजित किया गया । जिसमें संस्था द्वारा 04  जोड़ो का वैवाहिक कार्य संपन्न कराया गया। समाज द्वारा वरों की बारात बस स्टैंड से कार्यक्रम स्थल तक निकाली गई ।इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता भोपाल नगर निगम वार्ड 48 के पार्षद अरविन्द वर्मा द्वारा की गई जिसमें संस्था के प्रदेश अध्यक्ष देवेन्द्र शाक्य, सचिव सुनील शाक्य एवं ग्राम सरपंच नवीन ताराचंद जी चौहान अखिल भारतीय कोली समाज संस्था के राष्ट्रीय सचिव एस के पंथी जी, युवा विंग प्रदेश अध्यक्ष रोनी अतरौलिया,  जनपद सदस्य श्री विनोद जी परिहार एवं ग्राम गुलखेड़ी सरपंच एवं भारतीय जनता पार्टी से श्यामपुर मंडल अध्यक्ष श्री अजय जी ठाकुर उपस्थित रहे। मंच संचालन श्री योगेन्द्र शंकवार द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में समाजजनों द्वारा वैवाहिक जोड़ो को उपहार स्वरूप सामग्री भेंट कर उनके सुखी दाम्पत्य जीवन एवं उज्जवल भविष्य की कामना की। recent visitors 36

लटेरी की आरी घाटी के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा, 3 की मौत, 12 घायल…

 विदिशा  विदिशा जिले के लटेरी तहसील में आरी घाटी के पास गुरुवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 12 अन्य लोग घायल हो गए। यह दुर्घटना उस वक्त हुई जब बारात लेकर एक पिकअप वाहन सिरोंज से लौट रहा था और आरी घाटी के समीप असंतुलित होकर पलट(Lateri road accident) गया। जानकारी के अनुसार, इंदौर के पास मानपुर तहसील के आंवलीपुरा गांव से बारात सिरोंज आई थी। आदिवासी परिवार में शादी समारोह के बाद रात में बारात लौट रही थी कि तभी यह हादसा हो गया। घायलों को तत्काल लटेरी के शासकीय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने तीन लोगों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों में दो पुरुष और एक महिला शामिल हैं। लटेरी एसडीओपी अजय मिश्रा ने बताया कि पिकअप वाहन में बाराती शामिल थे वहीं दूल्हा-दुल्हन दूसरे वहां से आ रहे थे। गाड़ी में 16 बाराती सवार थे इनमें से चार घायलों को विदिशा जिला अस्पताल(Vidisha Accident News) रेफर किया गया है। ये हुए घायल दुर्घटना में घायल लोगों में हेमराज टाकिया(आदिवासी) (12), हजारी उर्फ बिहारी (40), लक्ष्मी बाई (22), द्वारकी बाई (35), सांतिबाई (30), अजय (13), छोटू (12), किशोर (13), जितेन्द्र (16), नंदू (40), तूफान (25), और रानी (3) शामिल हैं। सभी घायलों का इलाज लटेरी अस्पताल में चल रहा है। वहीं मृतकों की पहचान आंवलीपुरा निवासी नारायण (20), करमदिया रतलाम निवासी गोकुल (18) और बरोद खंडवा निवासी बंसती बाई (32) के रूप में हुई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। recent visitors 24

आधुनिक प्रौद्योगिकी से जुड़े उद्योगों के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए साय सरकार की बड़ी छलांग

छत्तीसगढ़ का पहला एआई डाटा सेंटर पार्क नवा रायपुर में एआई डाटा सेंटर पार्क नवा रायपुर का मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 3 मई को करेंगे भूमिपूजन आधुनिक प्रौद्योगिकी से जुड़े उद्योगों के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए साय सरकार की बड़ी छलांग रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 3 मई 2025 को सवेरे 11.30 बजे अटल नगर नवा रायपुर स्थित सेक्टर-22 (सीबीडी रेलवे स्टेशन के निकट) ए आई डेटा सेंटर पार्क का भूमिपूजन करेंगे। इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन, वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी मौजूद रहेंगे। उल्लेखनीय है कि इस एआई एक्सक्लूजिव डाटासेंटर पार्क की लागत 1000 करोड़ रुपए होगी, यह 13.5 एकड़ मेंहोगा। इसमें 2.7 हेक्टेयर एरिया स्पेशल इकानामिक जोन के विकास के लिए होगा। उल्लेखनीय है कि दुनिया भर में डाटा सेंटर की मांग तेजी से बढ़ रही है क्योंकि आर्टिफिशल इंटेलीजेंस की बुनियाद डाटा सेंटर पर होती है। छत्तीसगढ़ सरप्लस बिजली स्टेट है इस वजह से यहां पर डाटा सेंटर के लिए बड़ी संभावनाएं हैं। रैस बैंक डाटा सेंटर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा इसका भूमिपूजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय लगातार कोर सेक्टर के साथ ही आधुनिक जमाने के अनुरूप नये उद्योगों को बढ़ावा दे रहे हैं। उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन द्वारा इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए संकल्पित रूप से काम किया जा रहा है। बीते दिनों प्रदेश में सेमीकंडक्टर यूनिट के लिए भी भूमिपूजन किया गया। इसकी लागत 1163 करोड़ की है। उल्लेखनीय है कि डाटा सेंटर एआई को संचालित करने के लिए सबसे उपयोगी टूल होते हैं। एआई लार्ज लैंग्वेज माडल पर काम करते हैं और डाटा माइनिंग का काम करते हैं। जब भी डाटा माइनिंग होती है बड़े पैमाने पर ऊर्जा लगती है और इसके लिए डाटा सेंटर उपयोगी होते हैं। भविष्य की प्रगति इस बात पर निर्भर है कि हम आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर किस तरह से आगे बढ़ेंगे। भारत अपना स्वयं का एआई माडल तैयार कर रहा है। स्वाभाविक रूप से देश की प्रगति के साथ छत्तीसगढ़ भी तेजी से कदमताल करेगा। अटल नगर में डाटा सेंटर के आने से रोजगार की बड़ी संभावनाएं भी पैदा होंगी। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा एनर्जी समिट किये गये हैं जिससे छत्तीसगढ़ देश के पावर हब बनने की दिशा में बढ़ेगा। ऐसे में डाटा सेंटर पार्क के माध्यम से इस संभावना का भरपूर उपयोग हो सकेगा। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने नई औद्योगिक नीति में आधुनिक तकनीक से संबंधित उद्योगों पर विशेष प्रावधान किये गये हैं। इसका लाभ इस क्षेत्र में निवेश के लिए आगे आने वाले उद्यमियों को होगा। इस तरह से अटल नगर में एआई एक्सक्लूजिव डाटासेंटर पार्क बनना बहुत शुभ संकेत है। इस संबंध में उल्लेखनीय है कि उद्योग विभाग ने सिंगल विंडो सिस्टम और ईज आफ डूइंग बिजनेस तथा स्पीड आफ बिजनेस को अपनाया है। इससे डाटा सेंटर के लिए भूमि चिन्हांकन की प्रक्रिया बहुत जल्द की गई और अब इसका शुभारंभ किया जा रहा है। recent visitors 32

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में तेजी से हो रहे सुधार: केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह

रायपुर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पुराने वक्फ बिल की विसंगतियों को दूर करने का प्रयास नए वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 के माध्यम से किए जा रहे है, ताकि मुस्लिम समुदाय के पिछड़े और गरीब तबके के लोगों के जीवन को बेहतर बनाया जा सकें और उन्हें विकास की मुख्यधारा में शामिल किया जा सके। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वक्फ सुधार जनजागरण अभियान समिति रायपुर द्वारा वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 विषय पर मेडिकल कॉलेज सभागार में आयोजित व्याख्यान माला में यह बात कही। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 मुसलमानों के हित में है और इसका लाभ सभी मुसलमानों को होगा। यह बिल मुस्लिम समाज के विरोध में नहीं है। विषय-विशेषज्ञों एवं समाज के सभी तबके से सलाह मशवरा कर यह कानून लाया गया है। व्याख्यान माला के मुख्य वक्ता केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में तेजी से रिफार्म किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चाहे जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाने की बात हो या ट्रिपल तलाक जैसे कानूनों को समाप्त कर मुस्लिम समाज के महिलाओं को हक दिलाने की बात हो, यह सभी कार्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हुए हैं। अब वक्फ बिल के माध्यम से पिछड़े मुसलमानों को उनका हक दिलाते हुए वक्फ बोर्ड की गड़बड़ियों को दूर कर सकारात्मक सुधार का प्रयास किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आगे बताया कि हमारी सरकार का प्रयास है कि वक्फ के माध्यम से समाज के वास्तविक लोगों को ही इसका फायदा मिल सके। उन्होंने पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से यूपीए सरकार द्वारा आनन-फानन 2013 में वक्फ क़ानून में किए संशोधन से हुए नुकसान एवं विसंगतियों के बारे विस्तृत जानकारी दी। साथ ही वर्तमान वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 से होने वाले फायदों एवं विसंगति प्रावधानों के हटाने के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री राम विचार नेताम ने कहा कि आज वक्फ कानून के संबंध में जो गलतफहमी समाज में फैलाई जा रही है उससे हम सब को बचना है और नए वक्फ कानून की वास्तविकता को पहचाना एवं जानना है। हमारे विभाग द्वारा भी जिला स्तर से लेकर विकासखंडों तक ऐसे जागरण या व्याख्यान माला का आयोजन किए जाएंगे। इस अवसर में पूर्व विधायक भाटापारा शिवरतन शर्मा, धमतरी महापौर रामू रोहरा छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के चेयरमेन डॉ. सलीम राज सहित मुस्लिम समाज के बुद्धिजीवी वर्ग बड़ी संख्या में उपस्थित थे। recent visitors 29

मुख्यमंत्री सहित अन्य जन-प्रतिनिधियों ने नवदंपत्तियों को दी शुभकामनाएं, आशीर्वाद और बधाई

सामूहिक विवाह सामाजिक समरसता का हैं सशक्त माध्यम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव कल्याणियों का पुनर्विवाह एक पवित्र कार्य सामाजिक समरसता का महाकुंभ मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह समारोह : पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव गढ़ाकोटा में 3,219 नव दंपत्ति बंधे परिणय सूत्र में मुख्यमंत्री सहित अन्य जन-प्रतिनिधियों ने नवदंपत्तियों को दी शुभकामनाएं, आशीर्वाद और बधाई भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारे सनातन धर्म में सभी की सुख-समृद्धि और उन्नति की कामना की गई है। उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह सामाजिक समरसता का सशक्त माध्यम है। विवाह में सिर्फ वर-वधु का विवाह नहीं, बल्कि दो परिवारों और कुटुम्बों का मिलन भी होता है। उन्होंने कहा कि हर माता-पिता का यह सपना होता है कि उसकी बेटी का, उन्होंने जितने अच्छे से लालन-पालन किया उससे अच्छा लालन-पालन और प्यार उसे ससुराल में मिलेगा। इस विश्वास के साथ ही बेटी के माता-पिता उसे वर को सौंपते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सागर जिले के गढ़ाकोटा में 23वें वृहद सामूहिक विवाह समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस समारोह में 3 हजार 219 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। समारोह में खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत, मंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी, मंत्री लखन पटैल, सांसद सागर संसदीय क्षेत्र श्रीमती लता वानखेडे, दमोह सांसद राहुल सिंह, पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ विधायक गोपाल भार्गव, पूर्व मंत्री एवं विधायक जयंत मलैया, विधायक प्रदीप लारिया, विधायक ब्रज बिहारी पटैरिया, पूर्व विधायक श्रीमती पारुल साहू, पूर्व मंत्री रामकृष्ण कुसमरिया, पूर्व मंत्री श्रीमती ललिता यादव, श्री108 किशोरदास जी महाराज, जिला पंचायत अध्यक्ष हीरासिंह राजपूत, नगर निगम अध्यक्ष वृन्दावन अहिरवार, जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी, जिला अध्यक्ष श्रीमती रानी पटैल, अभिषेक दीपू भार्गव, डॉ. अनिल तिवारी, शैलेश केसरवानी ने भी नव दंपत्तियों को वैवाहिक जीवन के शुभारंभ पर आशीर्वाद और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुझे विश्वास है कि वर पक्ष के परिवार बहु को बेटी के समान ही प्यार और सम्मान देंगे। उन्होंने कहा कि गढ़ाकोटा में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में निकाह के साथ पुनर्विवाह भी हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कल्याणियों का पुनर्विवाह एक अच्छी पहल है। यह पवित्र कार्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जन-प्रतिनिधियों और समाजसेवियों से अपील करते हुए कहा कि वे कल्याणियों के पुनर्विवाह में उनका सहयोग करे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार कल्याणियों के पुनर्विवाह, निःशक्तजन के विवाह और सामाजिक समरसता स्थापित करने, अंतर्जातीय विवाह को प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने कहा कि बुन्देलखंड वीरों की भूमि है, बुन्देलखंड के वीरों का गौरवशाली इतिहास रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुन्देलखंड की पवित्र भूमि में सामूहिक कन्या विवाह के भव्य समारोह के लिए आयोजकों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। सामाजिक समरसता का महाकुंभ है मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह : विधायक पूर्व एवं मंत्री भार्गव रहली विधायक एवं पूर्व मंत्री भार्गव ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह/निकाह समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि कन्यादान महादान है, कन्यादान करने से मोक्ष प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि 23 वर्ष पहले प्रारंभ किया गया यह कार्यक्रम जीवन के अंतिम क्षण तक जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि उनका रहली की जनता के साथ पीढ़ियों का रिश्ता है। विधायक भार्गव ने कहा कि धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक महाकुंभ में आज 3 हजार 219 से अधिक नवदंपत्तियों ने सात फेरे लिए हैं। मुझे अब तक 28 हजार से अधिक बेटियों के कन्यादान का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि मेरे जीवन की अंतिम सांस तक बेटियों का कन्यादान करने का सिलसिला चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि कन्यादान विवाह समारोह समाज से भेदभाव मिटाने का कार्य भी कर रहा है। विधायक भार्गव ने कहा कि मैंने अपने इकलौते बेटे अभिषेक दीपू भार्गव का विवाह भी इसी महाकुंभ में सभी वर्गों एवं विभिन्न जातियों के जोड़ों के साथ कराया था। इसी प्रकार मैंने अपनी बेटी का विवाह भी सामूहिक विवाह समारोह में किया था। उन्होंने कहा कि सौभाग्य की बात है कि समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मिलित होकर नव दंपत्तियों को आशीर्वाद दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी नव दंपत्तियों के लिये शुभकामना संदेश भेजा है। बुंदेली व्यंजनों से किया गया नव दंपत्तियों का स्वागत 23वें कन्यादान विवाह निकाह समारोह में 3 हजार से अधिक नव-दंपत्तियों के साथ घराती-बरातियों का बुंदेली व्यंजनों के साथ स्वागत किया गया। कन्यादान कार्यक्रम में सभी बुंदेली व्यंजनों के साथ आम का पना, फ्रूटी, आइसक्रीम, कढ़ी-चावल, बिजोरा, रोटी, खीर, पुरी, पापड़, चटनी, अचार, सलाद सहित अन्य बुंदेली व्यंजन परोसे गए।   recent visitors 22