Sunday, July 5, 2026 2:08 am

19 साल की मॉडल का सुखप्रीत कौर का शव कमरे में लटका हुआ मिला

अहमदाबाद/सूरत गुजरात की डायमंड सिटी सूरत में दुखद घटना सामने आई है। शनिवार को 19 साल की मॉडल का सुखप्रीत कौर का शव कमरे में लटका हुआ मिला। यह मॉडल चार दिन पहले ही सूरत पहुंची थी। मध्य प्रदेश की रहने वाली मॉडल अपनी तीन सहेलियों के साथ एक कमरे में रह रही थी। ऐसी संभावना व्यक्त की जा रही है शुक्रवार को जब वह रूम में अकेली थी, तो उसने पंखे से दुपट्टा बांधकर सुसाइड कर लिया। पुलिस को मौके पर कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। इसके चलते मॉडल ने आत्महत्या का कदम क्यों उठाया इसका खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस ने मॉडल के मोबाइल को कब्जे में लिया है। इसके अलावा साथ में रहने वाली लड़कियों से भी पूछताछ की है। कमरे में लटकी मिली मॉडल पुलिस के अनुसार मध्य प्रदेश की रहने वाली सुखप्रीत लखविंदर सिंह कौर तीन अन्य लड़कियों के साथ सरोली कुंभारिया गांव स्थित सारथी रेजीडेंसी में रहती थी। वह मॉडलिंग का काम करने के लिए चार दिन पहले ही सूरत पहुंची थी। शनिवार को मॉडल का शव कमरे में लटका मिला। घटना का खुलासा तब हुआ साथ में रहने वाली लड़की कमरे पर पहुंची। उसने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। इसके बाद सारोली पुलिस ने मृतक शव को पोस्टमार्टम के लिए स्मीमेर अस्पताल भेजा है। पुलिस को अभी तक कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस ने परिवार को सूचना दी है। हर समस्या का है हलमन में सुसाइड का ख्याल आए तो मनोचिकित्सक से बात करके आप अपनी समस्या का हल खोज सकते हैं। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 14416 है, जहां आप 24X7 संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा और भी कई हेल्पलाइन नंबर्स हैं जहां आप संपर्क कर सकते हैं। सामाजिक न्याय और आधिकारिता मंत्रालय की हेल्पलाइन- 1800-599-0019 (13 भाषाओं में है) इंस्टीट्यूट ऑफ़ ह्यमून बिहेवियर एंड एलाइड साइंसेज-9868396824, 9868396841, 011-22574820 हितगुज हेल्पलाइन, मुंबई- 022- 24131212 नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोसाइंस-080 – 26995000 recent visitors 16

रेलवे सुरक्षा जागरूकता के लिए छोटा भीम बनेगा भारतीय रेल का नया साथी

भोपाल  रेलवे सुरक्षा और जनजागरूकता के क्षेत्र में एक अभिनव पहल की जा रही है। इस पहल के अंतर्गत देश के लोकप्रिय एनिमेटेड पात्र 'छोटा भीम' को रेलवे सुरक्षा संदेशों के प्रचार के लिए शामिल किया गया है। प्रसिद्ध एनीमेशन स्टूडियो ग्रीन गोल्ड एनीमेशन प्रा. लि. के सीईओ एवं प्रबंध निदेशक श्री राजीव चिलकलापुडी द्वारा छोटा भीम ब्रांड की ओर से इस सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। यह करार हाल ही में मुंबई के जियो वर्ल्ड सेंटर में आयोजित वर्ल्ड ऑडियो विजुअल एंड एंटरटेनमेंट समिट (WAVES 2025) में सम्पन्न हुआ। इस समझौते के तहत अब रेलवे के विभिन्न सुरक्षा अभियानों में छोटा भीम और उसके साथी पात्रों का उपयोग किया जाएगा। रेलवे प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, आगामी एक वर्ष की अवधि में छोटा भीम एवं उसके पात्रों को प्रिंट, डिजिटल, टेलीविजन, रेडियो, पोस्टर, स्कूल कार्यक्रमों और अन्य प्रचार माध्यमों के जरिए रेलवे सुरक्षा के संदेश प्रसारित करने हेतु इस्तेमाल किया जाएगा। इस सहयोग का उद्देश्य विशेष रूप से बच्चों और परिवारों के बीच रेलवे परिसर में सुरक्षित और जिम्मेदार व्यवहार के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। यह देखा गया है कि छोटा भीम की लोकप्रियता न केवल देशभर में बल्कि वैश्विक स्तर पर बच्चों में अत्यधिक है, और इस वजह से यह अभियान जनसंचार के दृष्टिकोण से अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो सकता है।  यह सहयोग भारतीय रेल की रचनात्मक पहुंच को जनमानस तक पहुंचाने का एक अभिनव प्रयास है। उन्होंने कहा कि इस माध्यम से रेलवे सुरक्षा शिक्षा को न केवल रोचक बनाया जा सकेगा, बल्कि छोटे बच्चों को भी इसे सहज रूप से समझाया जा सकेगा। यह अभियान रेलवे की उस प्रतिबद्धता का हिस्सा है, जिसके तहत जनहित में जागरूकता बढ़ाने हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि रेलवे परिसर में हर यात्री की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। recent visitors 31

कोर्ट ने सुनाया अंतिम फैसला- शिमला की संजौली मस्जिद सिर्फ 3 मंजिल नहीं, पूरी की पूरी गिराई जाएगी

शिमला हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली क्षेत्र में स्थित मस्जिद को लेकर नगर निगम अदालत ने अंतिम फैसला सुना दिया है। पूरी मस्जिद के अवैध घोषित कर उसे पूरी तरह गिराने का आदेश दिया गया है। इससे पहले अदालत ने 5 अक्टूबर 2024 को मस्जिद की ऊपरी तीन मंजिलों को गिराने का आदेश दिया था। शिमला नगर निगम आयुक्त भूपिंदर अत्री की अदालत ने शनिवार को सुनवाई के बाद पूरे निर्माण को अवैध करार देते हुए संजौली मस्जिद को पूरी तरह से गिराने का आदेश जारी कर दिया। यह फैसला उस समय आया जब वक्फ बोर्ड की ओर से अदालत में मस्जिद की जमीन का मालिकाना हक साबित करने के लिए कोई पुख्ता दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सका। साथ ही मस्जिद निर्माण से संबंधित कोई वैध नक्शा या नगर निगम की स्वीकृति भी पेश नहीं की गई। इससे पहले अदालत ने 5 अक्टूबर 2024 को मस्जिद की ऊपरी तीन मंजिलों को गिराने का आदेश दिया था, लेकिन मस्जिद कमेटी इस पर समय रहते कार्रवाई नहीं कर सकी। अदालत ने अवैध निर्माण पर सख्त रुख अपनाया शनिवार को हुई सुनवाई में नगर निगम अदालत ने मस्जिद के बची हुई दो मंजिलों को भी अवैध माना और उन्हें गिराने का आदेश दिया। सुनवाई के दौरान वक्फ बोर्ड के वकील ने दलील दी कि मस्जिद का अस्तित्व 1947 से पहले का है और यह पुनर्निर्माण है। इस पर अदालत ने सवाल उठाया कि अगर यह पहले से मौजूद थी तो नए निर्माण के लिए नगर निगम की मंजूरी क्यों नहीं ली गई? नियमों को ताक पर रखकर सारी मस्जिद बनाई गई। पौने घंटे तक चली बहस के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा और दोपहर एक बजे के बाद नगर निगम आयुक्त भूपिंदर अत्री ने फैसला सुनाया। इसमें साफ कहा कि पूरी मस्जिद अवैध है, इसे गिराया जाए। मस्जिद कमेटी समय पर नहीं कर सकी कार्रवाई 5 अक्तूबर 2024 को नगर निगम अदालत ने मस्जिद की ऊपरी तीन मंजिलों को गिराने का आदेश दिया था, जिसे दो महीने के भीतर पूरा करना था। लेकिन मस्जिद कमेटी द्वारा समय-सीमा में कार्य पूरा नहीं किया जा सका। बाद में दो बार और समय मांगा गया, परंतु अब भी एक मंजिल और पिलर का काम अधूरा है। पिछले साल हुई झड़प के बाद सामने आया मामला संजौली मस्जिद का यह मामला तब सुर्खियों में आया जब 29 अगस्त 2024 को शिमला के मल्याणा क्षेत्र में दो समुदायों के बीच झड़प हुई, जिसमें एक व्यक्ति घायल हुआ था। इसके बाद 1 सितंबर को संजौली मस्जिद के बाहर तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई और अवैध निर्माण का मुद्दा उठ खड़ा हुआ। 11 सितंबर 2024 को हिंदू संगठनों ने मस्जिद निर्माण के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़कर मस्जिद की ओर कूच किया, जिस पर पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस दौरान कई प्रदर्शनकारी और पुलिस कर्मी घायल हुए। इसी के बाद नगर निगम कोर्ट ने इस मामले में गंभीरता दिखाई और जांच शुरू की। recent visitors 29

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने किया पाटन में सिविल अस्पताल का शुभारंभ

जबलपुर उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने आज शनिवार को जबलपुर जिले के प्रवास के दौरान विकासखण्ड मुख्यालय पाटन में 100 बिस्तरों के सिविल अस्पताल का शुभारंभ किया। श्री शुक्ल ने स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को राज्य शासन की प्राथमिकता बताते हुये कहा कि इस दिशा में निरंतर प्रयास हो रहे हैं। प्रदेश भर में जहाँ नये स्वास्थ्य केंद्र बनाए जा रहे हैं, वहीं मौजूदा स्वास्थ्य केंद्रों का उन्नयन किया जा रहा है। साथ ही चिकित्सकों की तथा नर्सिंग स्टाफ की नियुक्ति भी की जा रही है। पाटन में सिविल अस्पताल के शुभारंभ के अवसर पर सांसद श्री आशीष दुबे, विधायक श्री अजय विश्नोई, पाटन नगर परिषद के अध्यक्ष आचार्य जागेन्द्र सिंह एवं श्री राजकुमार पटेल भी मौजूद थे। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने सिविल अस्पताल का शुभारंभ करने के बाद अस्पताल का भ्रमण किया और उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया।   recent visitors 33

तांदुला डेम से लापता मछुआरे का 36 घंटे बाद तैरता हुआ मिला शव

बालोद 36 घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाने के बाद लापता मछुआरे सोमन निसाद का शव तैरते हुआ मिला है। दरअसल, तांदुला डेम में सभी मछुआरे गुरुवार को मछली पकड़ने के लिए गए हुए थे। सोमन भी जाल बिछा रहा था, तभी अचानक मौसम ने करवट ली। तेज आंधी-तूफान के कारण डोंगा डेम में पलट गया और मछुआरा की पानी में डूबकर मौत हो गई। घटना बालोद थाना क्षेत्र की है। ग्राम बोरिद सोमन निसाद (48 वर्ष) रोज की तरह गुरुवार को मछली पकड़ने तांदुला डेम में गया था, लेकिन तेज हवाओं और मौसम की खराबी के बाद वह लौटकर नहीं आया। जबकि अन्य मछुवारे वापस घर आ गए। स्थानीय ग्रामीणों को जब उसकी नाव और मछली पकड़ने का जाल किनारे पर लावारिस हालत में मिले, तो उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। लगातार गोताखोरों की टीम खोजबीन में जुटी हुई थी। आज सुबह डेम में तैरते शव को बाहर एसडीआरएफ ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया है। recent visitors 38

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए नामांकन प्रस्ताव 31जुलाई तक

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (पीएमआरबीपी) 2025 के लिए नामांकन आमंत्रित किए हैं। नामांकन प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2025 है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 18 वर्ष से कम आयु (31 जुलाई 2025 तक) के उन युवाओं को सम्मानित करता है, जिन्होंने निम्नलिखित 6 श्रेणियों में उत्कृष्टता का प्रदर्शन किया है, जैसे-बहादुरी, सामाजिक सेवा, पर्यावरण, खेल, कला और संस्कृति, तथा विज्ञान और प्रौद्योगिकी। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अनुसार, सभी नामांकन आधिकारिक राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल https://awards.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन प्रस्तुत किए जाने हैं। नामांकन 5 से 18 वर्ष (31 जुलाई 2025 तक) की आयु के बच्चों के लिए खुला है। कोई भी व्यक्ति या संस्था असाधारण उपलब्धियों वाले बच्चों को पीएमआरबीपी के लिए नामांकित कर सकती है। बच्चे स्व-नामांकन के माध्यम से भी आवेदन कर सकते हैं । अधिक जानकारी और नामांकन के लिए पोर्टल (https://awards.gov.in) को विजिट करें। आवेदन करने के लिए, आवेदकों को पहले अपना नाम, अंतिम नाम, जन्म तिथि, आवेदक का प्रकार (व्यक्तिगत/संगठन), मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, आधार नंबर आदि जैसे विवरण और कैप्चा सत्यापन करके पोर्टल पर पंजीकरण या लॉग इन करना होगा। पंजीकरण के पश्चात्, उन्हें चल रहे नामांकन अनुभाग के अंतर्गत “प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2025” का चयन करना चाहिए और “नामांकन/अभी आवेदन करें” पर क्लिक करना चाहिए। इसके पश्चात् आवेदकों को संबंधित पुरस्कार श्रेणी चुननी चाहिए और यह इंगित करना चाहिए कि नामांकन उनके लिए है या किसी और के लिए। आपको बता दें, आवेदन पत्र में नामिति का विवरण, उपलब्धि और उसके प्रभाव का वर्णन करने वाला एक संक्षिप्त विवरण (अधिकतम 500 शब्द) और सहायक दस्तावेज (पीडीएफ प्रारूप, अधिकतम 10 अनुलग्नक) और एक हालिया फोटो (जेपीजी/जेपीईजी/पीएनजी प्रारूप में) अपलोड करना है। आवेदनों को ड्राफ्ट के रूप में सहेजा जा सकता है और अंतिम रूप से प्रस्तुत करने से पहले संपादित किया जा सकता है। समीक्षा और प्रस्तुत करने के बाद, आवेदन की एक डाउनलोड करने योग्य प्रति संदर्भ के लिए उपलब्ध होगी। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में भारत के युवाओं की उपलब्धियों की सराहना करना और उन्हें बढ़ावा देना, वास्तविक जीवन के आदर्शों को प्रदर्शित करके देश भर के साथियों को प्रेरित करना और बच्चों के समग्र विकास के लिए अनुकूल वातावरण को बढ़ावा देना है।   recent visitors 21

भारत ने आज पाकिस्तान के खिलाफ कई बड़े फैसले लिए, सभी प्रकार की डाक और पार्सल सेवाओं पर लगाई रोक

नई दिल्ली भारत सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए पाकिस्तान से आने वाली सभी प्रकार की डाक और पार्सल सेवाओं के आदान-प्रदान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह निर्णय हवाई और जमीनी दोनों मार्गों के लिए लागू होगा। भारत ने आज पाकिस्तान के खिलाफ कई बड़े फैसले लिए हैं जिनमें सभी प्रकार के आयात पर पूर्ण रोक और पाकिस्तानी झंडे वाले जहाजों का भारतीय बंदरगाहों पर प्रवेश बैन कर दिया गया है। अब डाक विभाग द्वारा जारी एक सार्वजनिक नोटिस में कहा गया है, "भारत सरकार ने हवाई और जमीनी मार्गों के माध्यम से पाकिस्तान से आने वाले सभी श्रेणियों के मेल और पार्सल के आदान-प्रदान को निलंबित करने का फैसला लिया है।" पाकिस्तान के साथ डाक सेवाओं का इतिहास भारत और पाकिस्तान के बीच डाक सेवाओं का आदान-प्रदान लंबे समय से सीमित स्तर पर जारी था। हालांकि, अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पाकिस्तान ने कुछ समय के लिए डाक सेवाओं को निलंबित कर दिया था, जो बाद में तीन महीने बाद बहाल हो गई थीं। लेकिन अब, भारत सरकार ने मौजूदा तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए सभी डाक और पार्सल सेवाओं को पूरी तरह से बंद करने का फैसला किया है। प्रभाव और संभावित परिणाम इस निलंबन से दोनों देशों के बीच पत्राचार, व्यापारिक डाक, और व्यक्तिगत पार्सलों का आदान-प्रदान पूरी तरह से ठप हो जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इसका सबसे अधिक प्रभाव उन लोगों पर पड़ेगा जो दोनों देशों के बीच पारिवारिक या व्यापारिक पत्राचार पर निर्भर हैं। इसके अलावा, यह कदम पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर भी असर डाल सकता है, क्योंकि भारत से आयात होने वाले कुछ सामानों का परिवहन डाक सेवाओं के माध्यम से होता था। भारत ने पाकिस्तान से प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष आयात पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया इससे पहले आज ही भारत ने राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक नीति के हित में तत्काल प्रभाव से पाकिस्तान से सभी वस्तुओं के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है। एक सरकारी आदेश में यह जानकारी दी गई। इस निर्णय से पाकिस्तान से भारत में माल की सभी आवक पूरी तरह से रुक जाएगी। भारत का पाकिस्तान को पिछले साल अप्रैल से इस साल जनवरी तक निर्यात 44.76 करोड़ डॉलर था, जबकि आयात मात्र 4.2 लाख डॉलर था। विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने दो मई को एक अधिसूचना में कहा कि “इस संबंध में विदेश व्यापार नीति (एफटीपी) 2023 में एक प्रावधान जोड़ा गया है, जिसके तहत अगले आदेश तक तत्काल प्रभाव से पाकिस्तान में बने या वहां से निर्यात किए जाने वाले सभी सामानों के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात या पारगमन पर रोक लगाई जाएगी।” इसमें कहा गया कि यह प्रतिबंध राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक नीति के हित में लगाया गया है। आदेश में कहा गया कि इस प्रतिबंध के किसी भी अपवाद के लिए भारत सरकार की मंजूरी की आवश्यकता होगी। एफटीपी में ‘पाकिस्तान से आयात पर प्रतिबंध’ शीर्षक के तहत प्रावधान डालते हुए इसमें कहा गया है, “पाकिस्तान से आयात या निर्यात किए जाने वाले सभी सामानों का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात या पारगमन, चाहे स्वतंत्र रूप से आयात योग्य हो या अन्यथा अनुमति प्राप्त हो, तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक प्रतिबंधित रहेगा।” अप्रैल-जनवरी 2024-25 के दौरान पड़ोसी देश से मुख्य आयात में फल और मेवे (80 हजार डॉलर), कुछ तिलहन और औषधीय पौधे (2.6 लाख डॉलर) और जैविक रसायन शामिल थे। यह निर्णय 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद लिया गया है, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। पाकिस्तान के ध्वज वाले जहाजों के बंदरगाह में प्रवेश पर रोक भारत ने शनिवार को आधिकारिक तौर पर पाकिस्तान के ध्वज वाले जहाजों को भारत में किसी भी बंदरगाह में प्रवेश पर रोक लगाने के निर्णय की घोषणा की। यह प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। सरकार की ओर से शनिवार को जारी एक आधिकारिक निर्देश के अनुसार, पाकिस्तान के झंडे वाले किसी भी जहाज को भारतीय बंदरगाहों पर जाने से रोक दिया गया है, जबकि भारतीय झंडे वाले जहाजों को भी पाकिस्तान के बंदरगाहों पर ठहरने से रोक दिया गया है। सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए कहा कि यह आदेश ‘सार्वजनिक हित में और भारतीय जहाजरानी के हित में भारतीय संपत्तियों, कार्गो और संबंधित बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए’ लागू किया गया है। यह निर्देश तुरंत प्रभावी हो गया है और अगली सूचना तक लागू रहेगा। पाकिस्तान पर भारत का ताबड़तोड़ ऐक्शन आतंकी हमले के बाद भारत ने कई कदम उठाए, जिसमें अटारी सीमा चौकी को तत्काल बंद करना शामिल है, जिसका इस्तेमाल कुछ खास तरह के सामानों की आवाजाही के लिए किया जाता है। इसके अलावा भारत ने पाकिस्तानी सैन्य अताशे को निष्कासित करने और 1960 की सिंधु जल संधि को निलंबित करने की घोषणा की है।इसके कारण भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार पहले ही पूरी तरह से ठप्प हो चुका है। साल 2019 में पुलवामा आतंकी हमले के बाद दोनों पक्षों द्वारा उठाए गए कदमों के बाद दोनों देशों के बीच दोतरफा व्यापार नगण्य हो गया था।   recent visitors 29