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मुख्यमंत्री कन्या विवाह-निकाह योजना में अब न्यूनतम 11 और अधिकतम 200 जोड़ों की शादी हो सकेगी, संशोधन 15 मई से लागू होंगे

भोपाल  मध्य प्रदेश की डॉ मोहन यादव की सरकार ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह-निकाह योजना में संशोधन किया है। अब सालभर में सिर्फ चार दिन ही सामूहिक विवाह होगा। वहीं इस स्कीम के तहत अब न्यूनतम 11 और अधिकतम 200 जोड़ों की शादी हो सकेगी। यह संशोधन 15 मई से लागू होंगे। प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना में संशोधन किया है। नये संशोधन में इस योजना के लिये चार तिथियां बसंत पंचमी, अक्षय तृतीया और तुलसी विवाह (देवउठनी ग्यारस), एक अन्य तिथि विभाग के अनुसार निर्धारित की जाएगी। योजना के अंतर्गत अब सामूहिक विवाह सालभर में चार बार इन्हीं तिथियों में आयोजित होंगे। शासन ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और मॉनिटरिंग की दृष्टि से तिथियों का निर्धारण किया है। साथ ही सामूहिक विवाह समारोह में जोड़ों की न्यूनतम संख्या 11 और अधिकतम 200 निर्धारित की गई है। योजना का लाभ लेने के लिए बाकी की शर्तें पहले की ही तरह है। आपको बता दें कि डॉ मोहन यादव की सरकार मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 49 हजार रुपये सीधे वधु के खाते में ट्रांसफर किये जाते हैं और 6 हजार रुपये की राशि आयोजनकर्ताओं को व्यवस्थाओं के लिए दिया जाता है।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 6

डिंडौरी में बॉक्साइट खनन को लेकर बैगा आदिवासी ग्रामीणों में उबाल, पंचायत ने खनन निरस्तीकरण का प्रस्ताव पारित किया

डिंडौरी मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले अंतर्गत ग्राम पंचायत पिपरिया माल में बॉक्साइट खदान (bauxite mining) को लेकर विरोध के स्वर मुखर होने लगे हैं। खनन कार्य पर ग्राम पंचायत ने अभिमत देते हुए आपत्ति कलेक्टर (खनिज शाखा) को सौंप दिया है। ग्राम पंचायत के माध्यम से दर्ज कराई गई आपत्ति में लगभग एक सैकड़ा ग्रामवासियों के दस्तखत और अंगूठा निशान हैं। निजी कारोबारी हड़प रहे जमीन- ग्रामीण केंद्र सरकार की तरफ कराए गए सर्वे में यहां बॉक्साइट सहित अन्य खनिजों की उपलब्धता की जानकारी आई थी, लेकिन यहां ब्लॉक की नीलामी नहीं की गई। जानकारी के बाद निजी खनन कारोबारी सक्रिय हो गए और गांव की जमीनों की खरीद फरोत बड़े पैमाने पर शुरू कर दी है। ग्राम पंचायत के आदिवासी परिवारों ने धोखाधड़ी कर कम कीमत पर और फर्जी तरीके से जमीन खरीदे जाने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर से शिकायत की थी। खनिज कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भूमि खरीद में गड़बड़ियों की जांच करने और खनिज कारोबारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई थी। इसे लेकर अब तक प्रशासन की तरफ से की गई कार्रवाई को सार्वजनिक नहीं किया गया। ग्राम पंचायत पिपरिया माल ने खनिज शाखा से 15 अप्रैल को जारी पत्र के संदर्भ में अभिमत देते हुए 26 अप्रैल को बॉक्साइट ब्लॉक पिपरिया (ईस्ट ब्लॉक) के खनन पर आपत्ति जताई है। 700 एकड़ से ज्यादा भूमि की खरीदी खनिज विभाग को दिए गए अभिमत में कहा गया है कि ग्राम पंचायत पिपरिया माल अंर्तगत 700 एकड़ से ज्यादा भूमि की खरीदी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि 5 प्रतिशत लोगों को ही अपनी भूमि बेचने की सही जानकारी है, जबकि 95 प्रतिशत भूमिस्वामी को गलत जानकारी देकर रजिस्ट्री कराई गई है। बैगा आदिवासी अशिक्षित है, उन्हें भूमि के मूल्य के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। अधिकांश बैगा आदिवासियों को उनके खाते में पैसा जमा कराया जाएगा कह कर उन्हें रजिस्ट्रार कार्यालय ले जाकर भूमि की रजिस्ट्री करा ली गई है। जानकारी के अनुसार किसानों को औने पौने दाम देकर बेसकीमती भूमि की रजिस्ट्री कराने के आरोप लगाए गए हैं। निरस्त करने प्रस्ताव हुआ था पारित 11 अप्रैल 2025 को ग्राम में विशेष ग्रामसभा आयोजित हुई थी, जिसमें सर्वसमति से बॉक्साइट परियोजना को निरस्त करने प्रस्ताव पारित किया गया है। पिपरिया माल ग्राम पंचायत सीमा क्षेत्र व सीमावर्ती पड़ोसी ग्रामों में बॉक्साइट खनन से जल, जंगल, जमीन और जनजाति जन समुदाय को हानि हुई है। खनन प्रक्रिया से आस-पास का पर्यावरण जीव जंतु जैव विविधता खेती, जड़ी बूटी नष्ट होगीं। बैगा जनजाति की पंरपरा, रीति रिवाज संस्कृति में भी प्रभाव पड़ेगा। ग्राम पंचायत पिपरिया माल इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए बॉक्साइट खनन निरस्त करने प्रस्ताव पारित किया है। इसकी जानकारी ग्राम पंचायत ने फागूलाल अध्यक्ष पेसा ऐक्ट समिति पिपरिया, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, क्षेत्रीय प्रमुख, संचालनालय भौमिकी तथा खनिकर्म क्षेत्रीय कार्यालय जबलपुर को भी प्रेषित की है। अवैध तरीके से क्रय की जा रही भूमि बताया जा रहा है कि ग्राम पंचायत पिपरिया माल में 2015 से अवैध तरीक से बैगाओं की भूमि क्रय की जा रही है, जिसमें स्थानीय बजाग के बिचौलियों एवं पटवारी से लेकर भूमि पंजीयक तक सभी ने भूमि रजिस्ट्री में बैगा आदिवासियों को गलत जानकारी देकर अधिकांश रजिस्ट्री की है। भूमि स्वामी विशेष अनुसूचित जनजाति बैगा समुदाय के हैं। साथ ही भूमि पंजीयन में ग्रामसभा का अभिमत भी नहीं लिया गया। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 6

AMU के कब्जे से जिला प्रशासन ने 41,050 वर्ग मीटर भूमि को खाली कराया

अलीगढ़ उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में नगर निगम और जिला प्रशासन ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के कब्जे वाली 1.26 अरब कीमत की जमीन को कब्जा मुक्त कराया है। शहर में सालों से अतिक्रमण कारियों ने अरबों रुपए की बेशकीमती जमीन पर कब्जा जमा रखा था। यह जमीन अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के कब्जे में थी और इस पर लोगों ने अवैध रूप से अतिक्रमण कर लिया था। वहीं शासन के निर्देशानुसार कब्जा मुक्त कराने के लिए लगातार चल रहे अभियान के क्रम में अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची और बुलडोजर चलाकर अवैध अतिक्रमण को साफ कराया। इसके बाद जमीन पर नगर निगम के बोर्ड लगा दिए हैं। इससे कि कोई दुबारा इस पर अवैध रूप से कब्जा ना करे। अलीगढ़ नगर निगम द्वारा यह कार्यवाही नगला पटवारी भमोला क्षेत्र में की गई है। जहां एक लंबे समय से इस बेशकीमती जमीन पर AMU का कब्जा था। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में जमीन को खाली करवा कर उस पर नगर निगम का स्वामित्व बोर्ड लगा दिया गया। इस कार्यवाही के दौरान सहायक नगर आयुक्त वीर सिंह, उपजिलाधिकारी कोल दिग्विजय सिंह,समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी रही। अधिकारियों के अनुसार यह भूमि नगर निगम की स्वामित्व वाली थी, जिस पर अनधिकृत रूप से मुस्लिम विश्वविद्यालय द्वारा कब्जा किया गया था। वही इस कार्यवाही को लेकर नगर आयुक्त विनोद कुमार का कहना है कि हम स्पष्ट कहते है कि आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। और सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे एएमयू ने नगर निगम की और जमीनों पर भी कब्जा कर रखा है पूरी जांच के बाद उनके भी कब्जा मुक्त किया जाएगा। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के कब्जे से गाटा संख्या 92, 94, 95/1, 95/2 96, 98 करीब 41,050 वर्ग मीटर भूमि को कब्ज़ा मुक्त कराया। इस भूमि की अनुमानित बाजार कीमत 1.26 अरब से ज्यादा बताई जा रही है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 7

मुख्यमंत्री साय नवा रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में पंजीयन (रजिस्ट्री) विभाग की 10 नवीन सुविधाओं का शुभारंभ

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 3 मई को नवा रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में पंजीयन (रजिस्ट्री) विभाग की नवाचार आधारित 10 नवीन सुविधाओं का शुभारंभ और मेसर्स रैक बैंक द्वारा प्रस्तावित अत्याधुनिक एआई डाटा सेंटर का शिलान्यास भी करेंगे। यह कार्यक्रम राज्य के डिजिटल बुनियादी ढ़ांचे को सुदृढ़ बनाने और आम नागरिकों को पारदर्शी, सरल तथा तकनीकी सुलभ सेवाएं प्रदान करने की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण कदम होगा।   पंजीयन विभाग द्वारा आम नागरिकों की सुविधा, पारदर्शिता और दस्तावेजों की सुरक्षा के उद्देश्य से पंजीयन प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल और सरल बनाया गया है। इन सुविधाओं में आधार आधारित प्रमाणीकरण, ऑनलाइन सर्च एवं डाउनलोड, कैशलेस भुगतान, डिजीलॉकर, व्हाट्सएप नोटिफिकेशन, घर बैठे रजिस्ट्री, डिजीडॉक्यूमेंट, स्वतः नामांतरण जैसी तकनीकी सेवाएं शामिल हैं। इन सुविधाओं से रजिस्ट्री प्रक्रिया, पेपरलेस सुरक्षित और नागरिकों के लिए सहज हो सकेगी। अब आम नागरिक रजिस्ट्री से जुड़ी सेवाएं घर बैठे प्राप्त कर सकेंगे, जिससे समय, श्रम और धन की बचत होगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय द्वारा जिस एआई डाटा सेंटर का शिलान्यास किया जाएगा, वह नवा रायपुर के सेक्टर 22 में विशेष आर्थिक क्षेत्र के रूप में स्थापित किया जा रहा है। प्रथम चरण में 5 मेगावॉट क्षमता का यह केंद्र पर्यावरण संरक्षण मानकों का पालन करते हुए सौर ऊर्जा आधारित होगा तथा भविष्य में इसकी क्षमता 150 मेगावॉट तक विस्तार की जा सकेगी। लगभग 1000 करोड़ के निवेश वाली इस परियोजना से 500 से अधिक लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह इकाई राज्य की औद्योगिक नीति वर्ष 2024-30 के तहत एंकर यूनिट के रूप में विकसित होगी। इसके साथ ही राज्य में आईटी, आईटीईएस, इलेक्ट्रॉनिक्स और डेटा सेवाओं से जुड़े एक नए इको-सिस्टम के विकास की नींव रखी जाएगी। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 5

हजारों वर्ष पुराने मुड़िया बौद्ध मठ के रास्ते से अतिक्रमण हटाने के HC ने कलेक्टर को दिए निर्देश

जबलपुर जबलपुर के गोपालपुर के पास स्थित मौर्यकालीन प्राचीन बौद्ध मठ के पहुंच मार्ग से अतिक्रमण हटाने के लिए हाईकोर्ट ने जबलपुर कलेक्टर को अंतरिम आदेश जारी किए हैं। चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने यह आदेश उस जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए, जिसमें मठ से जुड़े रास्ते पर अतिक्रमण कर आवाजाही बंद करने की शिकायत की गई थी। याचिका बौद्धिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया के रीजनल हेड सुखलाल वर्मा और अखिल भारतीय कुशवाहा महासभा के प्रदेश अध्यक्ष दादा बैजनाथ कुशवाहा की ओर से दायर की गई थी। इसमें कहा गया है कि लम्हेटा घाट स्थित मुड़िया बौद्ध मठ हजारों वर्ष पुराना मौर्यकालीन बौद्ध स्थल है। इसके पास की 32 एकड़ शासकीय भूमि पर कथित रूप से भूमाफियाओं ने कब्जा कर लिया है और मठ तक पहुंचने का मार्ग अवरुद्ध कर दिया है। याचिका में उल्लेख किया गया कि 27 जनवरी 2021 को तत्कालीन कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने मप्र टूरिज्म बोर्ड को पत्र भेजकर मठ के विकास के लिए बजट स्वीकृति का अनुरोध किया था। इससे पहले 15 जून 2012 को म.प्र. शासन के पुरातत्व अभिलेखागार एवं संग्रहालय विभाग ने इस स्थल को प्राचीन स्मारक घोषित करने की अधिसूचना जारी की थी। 1 अप्रैल 2015 को इस स्थल को अंतिम रूप से संरक्षित स्मारक घोषित करने का अनुरोध भी संस्कृति विभाग को भेजा गया, लेकिन अब तक शासन स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अतिक्रमण के खिलाफ स्थानीय स्तर पर पत्राचार और धरना-प्रदर्शन भी हुए, लेकिन जब कार्रवाई नहीं हुई, तो यह याचिका दाखिल की गई। याचिका में मप्र शासन के प्रमुख सचिव (राजस्व), प्रमुख सचिव (पुरातत्व), प्रमुख सचिव (धार्मिक न्यास), सचिव (पर्यटन एवं संस्कृति विभाग), कलेक्टर जबलपुर, एसडीओ (राजस्व), तहसीलदार, नगर निगम अधिकारी भेड़ाघाट और निजी पक्षों रीता सेंगर, गुंजन नंदा, सोनिया नारंग व आरडीएम केयर इंडिया प्रा. लि. के मैनेजिंग डायरेक्टर अंगददीप सिंह नारंग को अनावेदक बनाया गया है।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 4

केंद्र सरकार मप्र को 44255.33 करोड़ रुपए देगी और 24263.71 करोड़ रुपए राज्य सरकार के अंश के शामिल होंगे

 भोपाल मध्यप्रदेश में केंद्रीय योजनाओं के संचालन के लिए बड़ी राशि मिलने वाली है। इसी कड़ी में केंद्रीय योजनाओं के संचालन के पीएम मोदी (PM MODI) ने एमपी (MP) के लिए पिटारा खोला है। पीएम ने कुल 68519.05 करोड़ रुपए खर्च का फैसला किया है। केंद्र सरकार 44255.33 करोड़ रुपए देगी और 24263.71 करोड़ रुपए राज्य सरकार के अंश के शामिल होंगे। मोदी सरकार ने डॉ मोहन सरकार को 28 अप्रैल तक की स्थिति में 283.46 करोड़ रुपए दे भी दिए है। मप्र कृषि और ग्रामीण विकास विभाग को पिछले बजट से अधिक राशि, पिछले वित्त वर्ष में ग्रामीण विकास विभाग के लिए 8561.16 करोड़ रुपए मिले थे, इस साल 9819.34 करोड़ रुपए का प्रावधान है। कृषि विकास विभाग में पिछले साल 237.36 करोड़ रुपए का प्रावधान था, इस वित्त वर्ष में 1005.46 करोड़ रुपए देने का फैसला लिया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग को पिछले वित्त वर्ष में 1541 करोड़ रुपए का प्रावधान था। इस वित्त वर्ष में 4448.40 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। पिछले वित्त वर्ष में 4400 करोड़ के प्रावधान के बावजूद प्रदेश को जल जीवन मिशन में राशि आवंटित नहीं की गई, इस वित्त वर्ष में 8561.22 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। पिछले एक महीने में केंद्र सरकार ने मोहन सरकार को 283 करोड़ रुपए दिए हैं , इसमें लोक निर्माण विभाग, किसान कल्याण और कृषि विकास विभाग को 39.14 करोड़ रुपए मिला है, जबकि वित्त विभाग को भी 217.07 करोड़ रुपए मिला है. जिसका खर्च किया जाना है. बता दें कि 2024-25 में मोदी सरकार ने केंद्रीय बजट में मोहन सरकार को 37652 करोड़ रुपए देने का प्रावधान किया था, लेकिन इसमें 16155 करोड़ कम मिले थे, प्रदेश को केवल 21497 करोड़ रुपए ही मिले थे. इन विभागों को मिलेगा सबसे ज्यादा फंड इस पैसे में सभी विभागों को फंड मिलेगा, लेकिन ग्रामीण विकास विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग और स्कूल शिक्षा विभाग को सबसे ज्यादा फंड दिया जाएगा. इसके अलावा भी दूसरे सभी विभागों को फंड मिलेगा. लेकिन चार विभाग ऐसे हैं जिनके हिस्से में ज्यादा कुछ नहीं आने वाला है. इनमें पर्यटन संस्कृति विभाग, वित्त विभाग और भोपाल गैस त्रासदी विभाग शामिल है.  Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 8

बीजेपी के जाति जनगणना कराने का ऐलान, जिसका लक्ष्य सामाजिक समीकरणों को साधना और चुनावी रणनीति को मजबूत करना

नई दिल्ली  बीजेपी ने एक बार फिर अपनी राजनीतिक चतुराई का परिचय देते हुए राष्ट्रीय स्तर पर जाति जनगणना करवाने की घोषणा की है। यह फैसला सिर्फ आंकड़ें जुटाने के लिए नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से सामाजिक इंजीनियरिंग, चुनावी रणनीति और वैचारिक संतुलन का भी समीकरण बिठाने का प्रयास किया जा रहा है। यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है, जब देश की राजनीति में 'मंडल-कमंडल' की बहस को फिर से हवा देने की कोशिश हो रही थी। ऐसे में यह समझना चुनावी और राजनीतिक रणनीति को देखते हुए बहुत जरूरी है कि नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र की एनडीए सरकार ने यह कदम अचानक किन 5 प्रमुख वजहों से लिया है और कैसे यह उसके लिए एक 'गेमचेंजर' साबित हो सकता है। 2024 के लोकसभा चुनाव का नतीजा 2014 में नरेंद्र मोदी के पहले लोकसभा चुनाव से लेकर 2019 तक उनके कार्यकाल के दूसरे चुनाव तक बीजेपी ने ओबीसी (OBC),अति-पिछड़ी जातियों (EBC) और अनूसूचित जातियों (SC) को जोड़कर एक मजबूत सामाजिक समीकरण खड़ा किया था। लेकिन, 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा का यह वोट बैंक बिखर गया और इन वर्गों का एक बड़ा हिस्सा कांग्रेस और INDIA ब्लॉक की ओर झुक गया, जिससे बीजेपी के 400 पार वाला सपना चकनाचूर हो गया। बीजेपी और एनडीए को इसके चलते खासकर यूपी,राजस्थान, महाराष्ट्र और हरियाणा जैसे बड़े राज्यों में तगड़ा झटका लगा। ऐसे में जाति जनगणना वाला दांव इन जातियों की उन उपेक्षित भावनाओं पर मरहम लगाने का प्रयास है। ओबीसी को सीधा संदेश देने का प्रयास बीजेपी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ओबीसी होने वाले तथ्य को अबतक विपक्ष के पिछड़े वाले दांव को कुंद करने के लिए इस्तेमाल करती रही है। जब बिहार में जातिगत सर्वे करवाया गया था, तब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनकी जेडीयू एनडीए में नहीं थे। अलबत्ता तब भी बीजेपी ने आधिकारिक रूप से उस जातिगत सर्वे का समर्थन किया था। अब मोदी सरकार देशभर में जाति जनगणना का दांव चलकर प्रधानमंत्री और बिहार के सीएम नीतीश के पिछड़ा पृष्टभूमि को और मजबूती से भुनाने की कोशिश कर रही है। वैसे भी मोदी सरकार राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने के अपने फैसले का हमेशा जिक्र करती रही है। अब इस फैसले से उसका काम और आसान हो सकता है कि असल में पीएम मोदी खुद पिछड़े समाज से तो हैं ही, वह ओबीसी समाज के मसीहा के तौर पर भी काम कर रहे हैं। राज्यों की राजनीति पर भारी पड़ने की कोशिश बीजेपी को मालूम पड़ चुका था कि अगर केंद्र जाति जनगणना को लेकर सुस्त रहा, तो विपक्ष शासित राज्य सरकारें इसे अपने-अपने ढंग से लागू करके सामाजिक समीकरणों को अपने पक्ष में मोड़ने की कोशिश सकती हैं। तेलंगाना पहले ही इस दिशा में सक्रिय हो चुका है। कर्नाटक में कांग्रेस सरकार भी अपने दांव लगाने की कोशिशों में जुटी है और झारखंड में भी ‘सरना कोड’ की मांग जोर पकड़ रही है। ऐसे में केंद्र की ओर से इसे राष्ट्रीय स्तर पर करवाने का एलान करके, बीजेपी सरकार ने विपक्ष की राजनीति पर बढ़त बनाने वाली चाल चल दी है। नया प्रयोग करने की कोशिश 2014 में जब से मोदी सरकार आई है, उसकी अनेकों कल्याणकारी योजनाएं, सामाजिक ताने-बाने को भी मजबूत करने के लिए बनाई गई हैं। ईडब्ल्यूएस कोटा और विश्वकर्मा योजना इसका सबसे बेहतरी उदाहरण है। इसी तरह से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजातियों के लिए भी अनेकों योजनाएं चल रही हैं, जिनके माध्यम से इन वर्गों के उत्थान का भी काम हो रहा है, वहीं इसके माध्यम से सरकार इन वर्गों के बीच पहुंच भी पहुंची है। लेकिन, जाति जनगणना के माध्यम से पार्टी जातियों में बंटे भारतीय समाज को सीधे तौर पर साधने की कोशिश कर रही है, जिसे अब सहेज कर रखना उसके लिए बहुत बड़ी चुनौती बन चुकी थी। क्योंकि, उज्जवला योजना, जनधन योजना जैसी अनेकों ऐसी योजनाएं हैं, जिनके माध्यम से भाजपा सरकार ने खुद को समाज के विशेष वर्गों के नजदीक पहुंचाया है, लेकिन अब उसमें भी जातियों के आधार पर दिक्कतें बढ़ने लगी थीं, जिसके लिए नया कार्ड चलना जरूरी लग रहा था। हिंदुत्व की सियासत पर जाति की चाशनी बीजेपी की राजनीति लंबे समय से हिंदुत्व के इर्द-गिर्द घूमती रही है। लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव परिणामों ने यह स्पष्ट कर दिया कि सिर्फ धार्मिक ध्रुवीकरण अब पार्टी के लिए पर्याप्त नहीं है। इसलिए अब पार्टी हिंदुत्व पर भी सामाजिक न्याय और पिछड़ों की चुनावी चाशनी लगाने की कोशिश कर रही है। इसका मकसद एक ऐसे व्यापक सामाजिक समीकरण को तैयार करना है, जिसमें धार्मिक और जातिगत दोनों स्तरों पर समर्थन हासिल हो सके। हालांकि, बीजेपी की यह सोच समझी रणनीति चुनावी फ्रंट पर कितना काम करती है, यह इस समय का सबसे बड़ा सवाल है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 7