Saturday, July 4, 2026 10:18 pm

सौरभ कुमार हत्याकांड में आरोपी मुस्कान और साहिल को कोर्ट से झटका, याचिका हुई खारिज

मेरठ सौरभ कुमार हत्याकांड में आरोपी पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल की जमानत याचिका को शनिवार को अदालत ने खारिज कर दिया। अपर जिला जज पवन कुमार शुक्ला ने दोनों की जमानत प्रार्थना नामंजूर कर दी। बता दें कि सौरभ कुमार की हत्या उसकी पत्नी मुस्कान ने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर की थी। दोनों ने सौरभ की हत्या कर उसके शरीर के टुकड़े किए और फिर नीले ड्रम में भर दिया था। ड्रम में सीमेंट भी डाल दिया था। हत्या के कुछ ही दिनों बाद आरोपी पकड़े गए थे। recent visitors 39

उल्लू ऐप ने विवाद के बाद एजाज खान के रियलिटी शो ‘हाउस अरेस्ट’ को हटाया

मुंबई,  अभिनेता एजाज खान के रियलिटी शो ‘‘हाउस अरेस्ट’’ में यौन गतिविधियों से संबंधित सामग्री को लेकर बढ़ते विवाद के बाद स्ट्रीमिंग मंच ‘उल्लू’ से इसे हटा दिया गया है। उल्लू ऐप पर शो ‘हाउस अरेस्ट’ सर्च किये जाने पर शुक्रवार को कोई परिणाम नहीं मिला। सर्च करने पर आए संदेश में कहा गया, ‘‘आपके द्वारा ‘हाउस अरेस्ट’ के लिए किए गए सर्च का कोई मिलान नहीं मिला।’’ उल्लू ऐप को मुख्य रूप से उसकी वयस्क सामग्री के लिये जाना जाता है। उल्लू ऐप से इस शो को ऐसे समय में हटा दिया गया है, जब शो की एक छोटी वीडियो क्लिप को लेकर सोशल मीडिया पर राजनीतिक नेताओं और अन्य लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं आईं और इसने आक्रोश को जन्म दिया। राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने शो से जुड़े विवाद का स्वत: संज्ञान लेते हुए उल्लू ऐप के मुख्य कार्यकारी अध्यक्ष (सीईओ) विभु अग्रवाल और रियलिटी शो ‘बिग बॉस’ के पूर्व प्रतिभागी खान को तलब किया तथा शो की सामग्री की कड़ी निंदा की है। आयोग ने कहा, ‘वायरल क्लिप में महिलाओं को कैमरे के सामने जबरन अंतरंग कृत्य करने के लिए मजबूर करते हुए दिखाया गया है। एनसीडब्ल्यू ने इस मंच (उल्लू) की अश्लीलता को बढ़ावा देने और सहमति का उल्लंघन करने के लिए आलोचना की है।’ अग्रवाल और ‘रक्तचरित्र’ समेत कुछ फिल्मों और टीवी शो में काम कर चुके खान को नौ मई को एनसीडब्ल्यू के समक्ष उपस्थित होने को कहा गया है। शो के प्रतिभागियों में से एक गहना वशिष्ठ ने कहा कि उन्हें कई संदेश मिल रहे हैं कि अश्लीलता फैलाने के लिए शो पर प्रतिबंध लगा दिया जाना चाहिए। उन्होंने ‘इंस्टाग्राम’ पर जारी एक वीडियो में कहा, ‘‘आप लोग पोर्न देखते हैं। क्या यह अश्लीलता फैलाना नहीं है। इनके खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की जाती?’’ वशिष्ठ ने मीडिया संस्थानों पर बड़े मुद्दों पर बहस को अनदेखा करने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘छोटे मुद्दों को बड़ा बनाया जा रहा है।’’ शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की राज्यसभा सदस्य प्रियंका चतुर्वेदी ने बृहस्पतिवार को ‘एक्स’ पर शो की एक क्लिप साझा की और पूछा कि इस तरह की ‘‘अश्लील सामग्री’’ बनाने वाले ‘कंटेट ऐप’ पर प्रतिबंध क्यों नहीं लगाया जाता है। उन्होंने पूछा, ‘‘मैंने स्थायी समिति के समक्ष यह मुद्दा उठाया है कि उल्लू ऐप और ऑल्ट बालाजी जैसे ऐप अश्लील सामग्री के लिए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा लगाए गए प्रतिबंध से बच निकलने में कामयाब रहे हैं। मैं अभी भी उनके जवाब का इंतजार कर रही हूं।’’ चतुर्वेदी ने एक और पोस्ट साझा किया, जिसमें उन ऐप के नाम थे, जिन्हें सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने मार्च 2024 में प्रतिबंधित कर दिया था। उन्होंने कहा, ‘‘सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने 14 मार्च, 2024 को 18 ओटीटी मंच पर प्रतिबंध लगा दिया था, जो अश्लील सामग्री प्रसारित करते हुए पाए गए थे। सरकार ने जिन ऐप पर प्रतिबंध लगाया था, वह मुख्य रूप से अश्लील सामग्री वितरित करने वाले मंच थे। 18 ऐप पर प्रतिबंध लगाया गया। हैरानी की बात है कि दो सबसे बड़े ऐप ‘उल्लू’ और ‘ऑल्ट बालाजी’ को इसके दायरे से बाहर रखा गया था। क्या सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय बताएगा कि उन्हें (उपरोक्त दोनों ऐप को) इस प्रतिबंध से क्यों बाहर रखा गया।’’ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की महाराष्ट्र विधानपरिषद की सदस्य चित्रा वाघ ने शो पर तुरंत प्रतिबंध लगाने की मांग की। उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर अश्लीलता को खुली छूट देना बंद करो। एजाज खान के ‘हाउस अरेस्ट’ पर तुरंत रोक लगाओ। इसने अश्लीलता की सारी हदें पार कर दी हैं।’’ वाघ ने कहा, ‘‘ऐसी सामग्री अब बच्चों के मोबाइल फोन पर आसानी से उपलब्ध है। इस तरह के कार्यक्रम न केवल हमारी संस्कृति का अपमान करते हैं, बल्कि समाज के नैतिक स्वास्थ्य को भी नुकसान पहुंचाते हैं। यह अगली पीढ़ी के दिमाग पर एक विकृत हमला है।’’ उल्लू ऐप पर 11 अप्रैल से ‘हाउस अरेस्ट’ का प्रसारण शुरू हुआ था। इस रियलिटी शो में 12 प्रतिभागी हैं, जिसमें से नौ महिलाएं और तीन पुरुष हैं। शो में ये सभी एक आलीशान विला में रहते हैं, जहां उन्हें विभिन्न टास्क करने पड़ते हैं और चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। सोशल मीडिया पर कई उपयोगकर्ताओं ने सामग्री के नाम पर अश्लीलता को बढ़ावा देने के लिए खान और ऐप की आलोचना की। एक उपयोगकर्ता ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘एजाज खान और उल्लू ऐप दोनों ही बार-बार अपराध करते हैं। ऐसे अश्लील ओटीटी शो पर सेंसरशिप क्यों नहीं है? मुझे लगा था कि भारत में पोर्न साइट पर प्रतिबंध है।’’ एक अन्य उपयोगकर्ता ने कहा, ‘‘क्या यह अश्लीलता नहीं है? लैटेंट पर इसलिए प्रतिबंध लगा दिया गया, क्योंकि यह एक डार्क कॉमेडी शो था। ओह, अश्लील शो पर प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता, है न? एजाज खान अपने नये शो में इसका खुलकर प्रचार कर रहे हैं।’’ एक अन्य उपयोगकर्ता ने कहा, ‘‘यह शो न केवल घिनौना है, बल्कि अश्लीलता की परिभाषा से परे है। प्रस्तोता एजाज खान हदें पार कर रहे हैं। यह बिग बॉस की सबसे सस्ती कॉपी है। इस शो की रील वायरल हो रही है। कृपया इस शो पर जल्द से जल्द प्रतिबंध लगाएं।’’ उल्लू ऐप 2018 में शुरू किया गया था। इस पर वेब-सीरीज, फिल्में और रियलिटी शो सहित विभिन्न प्रकार की बोल्ड और वयस्क सामग्री उपलब्ध हैं।     recent visitors 49

हवा में उड़ने के शौकीन एविएशन में बनाए करियर

करियर बनाने के लिए आजकल युवा ऐसे ऑप्शकन तलाश रहे हैं, जिनमें पैसे के साथ-साथ ग्लैउमर भी हो। एयरहोस्टेड़स स्टी वर्ड बनकर आप ये दोनों ही चीजें बड़ी आसानी से हासिल कर सकते हैं। आइए लेते हैं एविएशन इंडस्ट्री  का एक जायजा। एविएशन में करियर बनाने की संभावनाएं दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं। जहां पहले एविएशन का क्षेत्र सरकारी हवाई सेवाओं तक ही सीमित था, वहीं अब निजी क्षेत्र भी एविएशन की दौड़ में शामिल हो गए हैं। देश के आर्थिक विकास को तेजी देने वाले इस क्षेत्र में संभावनाओं का एक अनंत आसमान युवाओं को अपनी ओर खींच रहा है। यह क्षेत्र जितना रोमांचक है, उतना ही चुनौतीपूर्ण भी। दूसरे क्षेत्रों की तुलना में शानदार जीवनशैली, सुविधाओं और उम्दो वेतन ने इसे करियर का हॉट ऑप्शरन बना दिया है। एविएशन के क्षेत्र में जिस तेजी से विकास हो रहा है, उसके अनुसार भारत इस क्षेत्र में सन 2025 तक नंबर वन पर होगा। वर्तमान में देखा जाए, तो विश्वै का केवल दो प्रतिशत एविएशन बिजनेस भारत में होता है। एयर होस्टेिस एकेडमी की सपना गुप्ता2 का मानना है कि इस क्षेत्र में नौकरियों की कोई कमी नहीं है, बशर्ते कोर्स करने के लिए आपने एक सही संस्थापन का चयन किया हो। एविएशन के क्षेत्र में करियर बनाने को लेकर जिन लोगों के मन में कोई भ्रम है या जो लोग इस क्षेत्र की बारीकियों को समझना चाहते हैं उनके लिए सपना गुप्तात ने एक किताब भी लिखी है। विनिंग स्ट्रैनटेजी: सर्विंग विद अ स्मा इल नाम की यह किताब एविएशन में रुचि रखने वाले लोगों के लिए बेहद उपयोगी है। वर्ष 1994 से पहले तक निजी ऑपरेटर्स को डोमेस्टिक एयरलाइंस और एविएशन की सुविधा नहीं थी, लेकिन 1994 में एयर कॉर्पोरेशन एक्टउ में सुधार किया गया और निजी ऑपरेटर्स को भी डोमेस्टिक एयरलाइंस ऑपरेट करने की सुविधा दे दी गई। इसके बाद जेट एयरवेज, एयर सहारा, किंगफिशर, स्पा इस जेट आदि कंपनियां इस क्षेत्र में अपनी सेवाएं देने लगीं। आने वाले समय में छह नई एयरलाइंस अपनी सेवाएं शुरू करने जा रही हैं। ग्लोइबलिसिस लिमिटेड ने भारतीय एविएशन मार्केट का अध्यमयन करके यह निष्किर्ष निकाला है कि यह विश्वी के सबसे तेजी से बढ़ने वाले क्षेत्रों में से एक है। योग्य्ता एयरहोटसस फ्लाइट स्टी वर्ड से संबंधित कोर्स को करने के लिए कैंडिडेट को बारहवीं पांस होना चाहिए। यह क्षेत्र जितना ग्लैफमरस है उतना ही हार्ड वर्क भी मांगता है, साथ ही जिसमें सेवा करने की भावना होगी, वही इस क्षेत्र में सफल हो सकता है। एजुकेशन क्वा लिफिकेशन के साथ कम्युैनिकेशन स्क्लिस और ग्रूमिंग को भी इस क्षेत्र में महत्वि दिया जाता है। एविएशन का क्षेत्र काफी विस्तृकत है, एयरहोस्टेास, पायलट के अलावा सेल्सी रिजर्वेशन, टिकटिंग, सिक्योसरिटी, कार्गो, एचआर, मार्केटिंग, इंजीनियरिंग व केटरिंग प्रमुख हैं। आमतौर पर पायलट और एयरहोस्टेिस के लिए ही जाने जाने वाले इस क्षेत्र में टेक्निकल और नॉन टेक्निकल दोनों ही क्षेत्रों में नौकरियां उपलब्धष कराई जाती हैं। मनी मैटर्स एविएशन के क्षेत्र के अलग-अलग कर्मचारियों और अधिकारियों को यात्रा, चिकित्साह, सुविधा और आवास के साथ बीस हजार से लेकर पांच लाख तक वेतन मिलता है। यह सब आपके पद और क्षेत्र पर निर्भर करता है। संस्थासन… एयरहोस्टेड़स एकेडमी नई दिल्ली राजस्थाटन स्टेएट फद्यलाइंग स्कूल, जयपुर सहारा एविएशन एकेडमी दिल्ली्   recent visitors 44

उत्तर भारत के लोग ‘पुष्पा’ और ‘केजीएफ’ जैसी फिल्मों के नायकों को देखना चाहते हैं : नागार्जुन

मुंबई, दक्षिण भारतीय फिल्मों के अभिनेता नागार्जुन का मानना है कि ‘पुष्पा’ और ‘केजीएफ’ जैसी फिल्मों ने देश के उत्तरी क्षेत्र में इसलिए बेहतर प्रदर्शन किया है क्योंकि वहां के लोग ऐसी फिल्मों के प्रमुख किरदारों और नायकों को देखना चाहते हैं। नागार्जुन ने कहा कि फिल्म ‘पुष्पा’ में अल्लू अर्जुन द्वारा निभाया गया मजदूर से तस्कर बने पुष्पराज जैसा किरदार बिहार, पंजाब और उत्तर प्रदेश के दर्शकों के लिए एक नयापन लेकर आया और यही कारण है कि फिल्म ने हिंदी भाषा में मूल संस्करण की तुलना में अधिक कमाई की। उन्होंने कहा, ‘‘पुष्पा’ सीरीज की दोनों फिल्मों ने तेलुगु की तुलना में उत्तर भारत में अधिक कमाई की। ‘पुष्पा’ से पहले भी हमने तेलुगु में इसी तरह की कहानियां देखी हैं और यह हमारे लिए कोई नयी बात नहीं थी, जबकि देश के उत्तरी क्षेत्र बिहार, पंजाब और उत्तर प्रदेश में दर्शक पुष्पा या ‘केजीएफ’ या ‘बाहुबली’ जैसी फिल्मों के हीरो को देखना चाहते थे।’’ नागार्जुन ने ‘विश्व दृश्य श्रव्य और मनोरंजन सम्मेलन’ (वेव्स) के दूसरे दिन शुक्रवार को कहा, ‘‘वे ऐसे ही हीरो देखना चाहते थे। वे बड़े-से-बड़े हीरो देखना चाहते थे। भारतीय लोगों के लिए, केवल रोजमर्रा की जिंदगी जीना ही बहुत मुश्किल है। और जब वे फिल्में देखकर तनाव दूर करना चाहते हैं, तो वे पर्दे पर जादू देखना चाहते हैं।’’ ‘शिवा’, ‘मास’, ‘किलर’, ‘किंग’ और ‘डॉन’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों के लिए मशहूर अभिनेता ने कहा कि ऐसी फिल्में तब तक अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकतीं, जब तक कि वे उस संस्कृति और भाषा से जुड़ी न हों, जिन पर वह आधारित होती हैं। अभिनेता ने कहा, ‘‘राजामौली ने बाहुबली को एक फ्रेम से दूसरे फ्रेम में शूट किया, यह सोचकर कि यह एक तेलुगु फिल्म है। उन्हें अपनी जड़ों और भाषा पर बहुत गर्व था, और उन्होंने इसे एक तेलुगु फिल्म की तरह शूट किया, और दुनिया भर में लोगों ने इसे पसंद किया। अगर आप कहानी को पर्दे पर व्यक्त करने में अपनी जड़ों से जुड़े हैं, तो दर्शक इसे पसंद करेंगे। ’’   recent visitors 35

कारपेट खरीदने जाते समय ध्यान में रखें ये बातें…

साफ-सुथरा घर हर किसी को पसंद होता है। घर को साफ-सुथरा रखने के लिए हम बाजार से बहुत सी चीजें लाते हैं, ताकि हमारा घर देखने के लिए बहुत सुदंर लगे। आज हम आपको घर के सजाने के लिए कारपेट का चुनाव करने के बारे में बताएंगे। बाजार में कारपेट बहुत से रंगों और डिजाइनों में देखने के मिलते हैं। हमें टाइल और वुड फ्लोरिंग की तरह कारपेट को खरीदते समय भी बहुत सावधानी रखनी पड़ती है क्योंकि इन का रंग छूटता है जिसके कारण यह खराब हो जाते हैं। तो आइए जानते हैं कार्पेट खरीदने के टिप्स। -कारपेट खरीदते समय रबर या फोम की भराव सामग्री लें, ताकि फर्श पर बिछाने पर जल्दी न उधड़े। -हमेशा स्टाइल के अनुसार ही कारपेट को चुनें। मखमल की कार्पेट्स कभी न खरीदें क्योंकि इन पर पैरों के निशान, वैक्यूम के निशान आदि रह जाते हैं। हम सभी इनका इस्तेमाल घर में ऐसी जगह पर बिछा कर करते है यहां पर लोग कम आते-जाते हैं, जैसे कि फॉर्मल लिविंग रूम, मास्टर बेडरूम में ज्यादा करते है। -बजट में रह कर ही कारपेट खरीदें और महंगे कारपेट पर अपने पैसे खराब न करें।आप अलग-अलग डीलर्स के पास जाकर इसकी यही कीमत का पता लगा सकते हैं। -कारपेट प्रोवाइडर का चुनाव करते समय पहले ध्यान में रखें कि इसकी वैराइटी अच्छी हो और यह आपके बजट में है या नहीं। आप इसे किसी शोरूम, फ्लोरिंग कंपनी, बड़े डिपार्टमेन्टल स्टोर, या फिर ऑनलाइन भी ले सकते हैं। -अगर आपके घर में बच्चे या डौगी है तो ऐसा कारपेट ही चुनें जिसकी देखभाल करनी आसान हो और मैंटेनेंस पर खर्च भी कम आता हो। -कारपेट खरीदते समय उसकी लंबी वारंटी न देखें। कारपेट वही खरीदें जिसे अच्छे मटेरियल से बनाया जगा हो। अगर कारपेट अच्छी क्वालिटी का बना हो तो उसकी वारंटी भी ज्यादा होती है। -हमेशा ऊन या जैविक सामग्री जैसे प्राकृतिक उत्पादों से बने कार्पेट्स ही खरीदें। जो वाष्पशील पदार्थों से बने होते है उन्हें कभी न खरीदें क्योंकि इन में इन्स्टालेशन के बाद बदबू आती रहती है।     recent visitors 42

आंतरिक संघर्ष के चलते हालत खराब, पाकिस्तान में बड़ा अटैक, सरकारी इमारतों को फूंका, हाईवे जाम

क्वेटा भारत में आतंकवाद फैलाने वाले पाकिस्तान की खुद ही आंतरिक संघर्ष के चलते हालत खराब है। हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में पाकिस्तान का लिंक सामने आया था। लेकिन वह खुद आंतरिक संघर्ष से परेशान है। सिंध में पानी के बंटवारे के लिए लिए हाहाकार मचा है और स्थानीय लोगों ने हाईवे जाम कर रखे हैं। इस बीच बलूचिस्तान के कलात में हमला हुआ है। यहां क्वेटा कराची हाईवे को बड़ी संख्या में बंदूकधारियों ने जाम कर दिया। यही नहीं मौके से गुजर रहे वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया। यह घटना कलात जिले के मोंगोचार इलाके में हुई है। यहां पर इन लोगों ने कई सरकारी इमारतों को आग के हवाले कर दिया। इन इमारतों में नेशनल बैंक ऑफ पाकिस्तान का ऑफिस, स्थानीय अदालत समेत कई विभागों के कार्यालय शामिल हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि इस अग्निकांड में बड़े पैमाने पर इमारतों को नुकसान पहुंचा है। खबर है कि पास में ही स्थित पाकिस्तान के एक आर्मी कैंप पर भी हमला हुआ था, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। पाकिस्तानी न्यूज वेबसाइट्स के मुताबिक इन लोगों ने नेशनल हाईवे पर खड़े वाहनों को चेक किया। कई बसों और कारों से लोगों को उतारकर पूछताछ की। इस दौरान हाईवे पर ट्रैफिक बाधित रहा। इस तरह के कराची से क्वेटा को जोड़ने वाले हाईवे को पूरी तरह ब्लॉक करके जांच करना बड़ी घटना है। माना जा रहा है कि बलूच लिबरेशन आर्मी के लोगों ने ही यह हमला किया था। वे पंजाबी मूल के लोगों को टारगेट करना चाहते थे। इसीलिए उन्होंने वहां मौजूद यात्रियों की पड़ताल की। वे उनकी पहचान जानना चाहते थे और यदि पंजाबी मूल के निकलते तो उनकी जान को खतरा भी हो सकता था। ऐसी ही कई घटनाएं लगातार देखने को मिल रही हैं, जिनमें बलूच लिबरेशन आर्मी के लोगों ने पाकिस्तानी पंजाब के लोगों की टारगेट किलिंग कर दी। सूत्रों का कहना है कि काफी देर तक सशस्त्र समूह ने कई इमारतों को अपने कब्जे में रखा। इस घटना की जानकारी मिलने के बाद जैसे ही सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे तो ये लोग मौके से निकल गए। किसी को भी पाकिस्तानी सुरक्षा बल पकड़ नहीं पाए। यही नहीं काफी देर तक मशक्कत करने के बाद हाईवे को चालू कराया जा सका। यही नहीं एक अन्य घटना में शुक्रवार की रात को मोटरसाइकिल सवार हथियारबंद लोगों ने एक चेक पोस्ट पर हमला किया। इन लोगों ने टोल वसूलने वाले कर्मचारी हक नवाज लांगोवे की हत्या कर दी। यही नहीं सड़क पर बने एक पुल को भी धमाके से उड़ा दिया गया। पुल गिराने की घटना में किसी को चोट नहीं पहुंची है। recent visitors 19

मैंने पहली बार देखा है कि कोई सरकार हमारे उद्योग में इतनी रुचि ले रही है: आमिर खान

मुंबई, बॉलीवुड स्टार और फिल्म निर्माता आमिर खान ने कहा है कि उन्होंने पहली बार देखा है कि कोई सरकार फिल्म उद्योग में इतनी रुचि ले रही है। आमिर खान ने शुक्रवार को मुंबई के जियो वर्ल्ड सेंटर में आयोजित विश्व श्रृव्य दृश्य विजुअल और मनोरंजन शिखर सम्मेलन (वेव्स) 2025 में आयोजित ‘स्टूडियोज ऑफ द फ्यूचर: पुटिंग इंडिया ऑन वर्ल्ड स्टूडियो मैप’ नामक पैनल चर्चा में शिरकत की। फिल्म समीक्षक मयंक शेखर द्वारा संचालित इस सत्र में फिल्म उद्योग के कई दिग्गज शामिल हुए। इनमें निर्माता रितेश सिधवानी, प्राइम फोकस लिमिटेड के नमित मल्होत्रा, फिल्म निर्माता दिनेश विजन, पीवीआर सिनेमा के अजय बिजली और प्रसिद्ध अमरीकी निर्माता चार्ल्स रोवन शामिल रहे। आमिर खान ने कहा, “यह पहली बार है जब मैंने किसी सरकार को हमारे उद्योग में इतनी रुचि लेते देखा है। वेव्स केवल एक संवाद नहीं है। यह नीति का पुल है। यह एक आशाजनक शुरुआत है। मुझे यकीन है कि हमारी चर्चायें नीतियों में बदल जाएँगी।” ओटीटी बहस पर आमिर खान ने बताया कि कैसे थिएटर और ओटीटी रिलीज़ के बीच की संकीर्ण खिड़की थिएटर दर्शकों को हतोत्साहित करती है।   recent visitors 35