Tuesday, July 7, 2026 7:36 am

अब 5 स्‍टार रेटिंग के साथ आएंगे स्मार्टफोन और टैबलेट

नई दिल्ली एसी और रेफ्रि‍जरेटर समेत तमाम होम अप्‍लायंसेज में आपने रेटिंग देखी होगी। 3 स्‍टार या 5 स्‍टार रेटिंग सबसे कॉमन होती है। कुछ ऐसा ही कदम स्‍मार्टफोन्‍स और टैबलेट को लेकर भी उठाया जाने वाला है। एक रिपोर्ट के अनुसार, स्मार्टफोन और टैबलेट बनाने वाली कंपनियों को अपने प्रोडक्‍ट्स को रेटिंग देनी होगी। इसका मकसद ग्राहकों को यह बताना है कि प्रोडक्‍ट को रिपेयर करना कितना आसान होगा। ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार की एक कमिटी ने इस संबंध में अपनी रिपोर्ट दी है। इसमें ऐसा ढांचा बनाने की बात कही गई है, जिससे कंस्‍यूमर्स को सही जानकारी मिल पाए और वो किसी प्रोडक्‍ट को खरीदने से पहले फैसला ले सकें। नया प्रोडक्‍ट खरीदने को मजबूर करती हैं कंपनियां उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय में सचिव निधि खरे ने पीटीआई से बातचीत में कहा कि कंपन‍ियां हमेशा चलने वाली डिवाइस नहीं बना रहीं। वो ग्राहकों को नया प्रोडक्‍ट खरीदने को मजबूर कर रही हैं। कंपनियां जानबूझकर ऐसे प्रोडक्‍ट बना रही हैं, जो जल्‍दी खराब हो जाएं और कम टाइम तक चलें। उन्‍होंने कहा कि रिपेयरबिल‍िटी इंडेक्‍स को इसीलिए लाने की योजना है। इसका मकसद है कि कंपनियों को उनकी जिम्‍मेदारी का एहसास हो। वह एक सिस्‍टम बनाएं। अपने प्रोडक्‍ट को रेट करें, जिससे कस्‍टमर उसे खरीदते वक्‍त सही फैसला कर पाए। लैपटॉप, डेस्‍कटॉप को भी दायरे में लाने की तैयारी नेशनल कंस्‍यूमर हेल्‍पलाइन पर इस मामले को लेकर 20 हजार शिकायतें मिली हैं। जांच के बाद यह कदम उठाया गया है। शुरुआत में नियमों के दायरे में स्‍मार्टफोन और टैबलेट आएंगे। बाद में इसमें लैपटॉप, डेस्‍कटॉप और अन्‍य प्रोडक्‍ट्स को भी शामिल किया जाएगा। समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है, जिस पर मिनिस्‍ट्री को आगे काम करना है। जल्‍द कुछ गाइडलाइंस जारी हो सकती हैं। प्रोडक्‍ट और वेबसाइट पर दिखानी होगी रेटिंग रिपोर्ट के अनुसार, समिति ने 5 पॉइंट रेटिंग स्‍केल का सुझाव दिया है। उसे प्रोडक्‍ट पैकेजिंग और वेबसाइट पर दिखाना की सलाह दी गई है। फोन और टैबलेट बनाने वाली कंपनियों को रेटिंग दिखानी होगी। रेटिंग इस बात पर निर्भर करेगी कि डिस्‍प्‍ले, बैटरी, कैमरा, चार्जिंग पोर्ट और स्‍पीकर को रिपयेर करना कितना आसान है। प्रोडक्‍ट ओपन करना कितना ईजी और उसमें किस तरह के स्‍क्रू व टूल्‍स यूज हुए हैं। स्‍पेयर पार्ट्स कितनी आसानी से मिल जाते हैं और सॉफ्टवेयर अपडेट को लेकर क्‍या पॉलिसी है। अगर कोई सर्विस अच्‍छी है तो उसे 5 रेटिंग दी जाएगी, जो ठीकठाक है, उसे तीन रेटिंग मिलेगी। शुरुआत में फीचर फोन्‍स को इस नियम से बाहर रखा जाएगा। recent visitors 44

समीकरण बिगाड़ सकता है राजस्थान रॉयल्स, कोलकाता नाइट राइडर्स पर भी मंडरा रहा है IPL 2025 से बाहर होने का खतरा

नई दिल्ली गत चैंपियन कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) रविवार को जब राजस्थान रॉयल्स का सामना करेगा तो उसका लक्ष्य जीत हासिल करके प्लेऑफ में पहुंचने की अपनी उम्मीद को जीवंत रखना होगा। केकेआर को लीग स्टेज में चार और मैच खेलने हैं और प्लेऑफ के लिए उसका समीकरण सीधा है। चारों मैच जीत कर 17 अंक तक पहुंचना। इससे वह अंतिम चार में पहुंचने के लिए अगर मगर से बच जाएगा। कागजों पर यह आंकड़ा भले ही सीधा नजर आता है लेकिन वास्तविकता में यह काफी मुश्किल है। केकेआर को इन चार मैच में से दो मैच घरेलू मैदान पर खेलने हैं। वह रविवार को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ खेलने के बाद बुधवार को अपने घरेलू मैदान पर चेन्नई सुपर किंग्स का सामना करेगा। इसके अलावा उसे 10 मई को सनराइजर्स हैदराबाद और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (17 मई) के खिलाफ उनके मैदान पर मैच खेलने हैं। सनराइजर्स की टीम अपना उत्साह खो चुकी है लेकिन बेंगलुरु की टीम शानदार फॉर्म में चल रही है और ऐसे में कोलकाता का अंतिम मुकाबला बेहद रोचक होने की संभावना है। लेकिन यह अभी बाद की बात है और केकेआर को अभी अपना ध्यान घरेलू मैदान पर होने वाले दो मैच पर केंद्रित करना होगा। राजस्थान और चेन्नई की टीम प्लेऑफ की दौड़ से लगभग बाहर हो चुकी हैं और ऐसे में वे बिना किसी खास दबाव के मैदान पर उतरेंगी जिससे निपटना केकेआर के लिए आसान नहीं होगा। कोलकाता अगर यहां से कोई मैच हारता है तो उनकी गाड़ी 15 अंकों पर ही अटक जाएगी, इसके बाद उन्हें दूसरी टीमों के रिजल्ट पर निर्भर रहना होगा। केकेआर की बड़ी चिंता घरेलू मैदान पर उनका खराब प्रदर्शन है। ईडन गार्डन्स कभी उनका गढ़ हुआ करता था, लेकिन इस बार उसने अभी तक पांच मैचों में से केवल एक जीत हासिल की है जबकि पंजाब किंग्स के खिलाफ पिछला मैच बारिश के कारण पूरा नहीं हो पाया था और दोनों टीमों को एक-एक अंक मिला था। केकेआर के स्पिनर यहां की असमान उछाल से सामंजस्य से बिठाने में नाकाम रहे हैं जबकि उसके बल्लेबाज भी अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। उसकी बल्लेबाजी में आक्रामकता की कमी दिख रही है जिसके दम पर उसकी टीम ने पिछले साल खिताब जीता था। पिछले सत्र में सुर्खियां बटोरने वाले फिनिशर रिंकू सिंह आठ पारियों में सिर्फ 169 रन बना पाए हैं जबकि सलामी बल्लेबाज क्विंटन डी कॉक ने सात पारियों में 137.50 के स्ट्राइक रेट से 143 रन बनाए हैं। उनके प्रदर्शन में निरंतरता का अभाव है। लेकिन केकेआर को सबसे ज्यादा निराश वेंकटेश अय्यर ने किया है जिन्हें इस फ्रेंचाइजी ने 23.75 करोड रुपए में खरीद कर उप कप्तान नियुक्त किया था। वेंकटेश ने 10 मैचों में केवल 142 रन बनाए हैं। कप्तान अजिंक्य रहाणे इस सत्र में केकेआर के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज रहे हैं, लेकिन वह फील्डिंग के दौरान हाथ में लगी चोट से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं ठीक हूं। मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर रहा हूं और उम्मीद है कि मैं रविवार को मैच खेलूंगा।’’ राजस्थान रॉयल्स का अभी तक निराशाजनक प्रदर्शन रहा है। उसकी टीम ने अपने पिछले सात मैचों में केवल एक जीत हासिल की है जिससे उसकी नीलामी के दौरान अपनाई गई रणनीति की खामियां भी उजागर हो गई हैं। आईपीएल की नई सनसनी 14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने 35 गेंद पर शतक लगाकर क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी तरफ खींचा था लेकिन उनसे हर समय इसी तरह के प्रदर्शन की उम्मीद नहीं की जा सकती है। टीम इस प्रकार हैंं: कोलकाता नाइट राइडर्स: अजिंक्य रहाणे (कप्तान), रिंकू सिंह, क्विंटन डी कॉक (विकेटकीपर), रहमानुल्लाह गुरबाज़ (विकेटकीपर), अंगकृष रघुवंशी, रोवमैन पॉवेल, मनीष पांडे, लवनिथ सिसौदिया, वेंकटेश अय्यर, अनुकूल रॉय, मोइन अली, रमनदीप सिंह, आंद्रे रसेल, एनरिक नोकिया, वैभव अरोड़ा, मयंक मारकंडे, स्पेंसर जॉनसन, हर्षित राणा, सुनील नारायण, वरुण चक्रवर्ती और चेतन सकारिया। राजस्थान रॉयल्स: संजू सैमसन (कप्तान), रियान पराग, यशस्वी जयसवाल, शिम्रोन हेटमायर, शुभम दुबे, वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), कुणाल सिंह राठौड़, युद्धवीर सिंह चरक, नितीश राणा, संदीप शर्मा, तुषार देशपांडे, आकाश मधवाल, कुमार कार्तिकेय, क्वेना मफाका, वानिंदु हसरंगा, महेश थीक्षाना, फजलहक फारूकी, अशोक शर्मा और जोफ्रा आर्चर। recent visitors 35

खाद्य मंत्री राजपूत ने नल-जल योजना की सुरखी विधानसभा के ग्रामवार समीक्षा की

भोपाल नल-जल योजना के काम समय-सीमा में नहीं होने पर निर्माण एजेंसी को ब्लैक लिस्ट किया जाएगा। सरपंच, ग्रामवासी और निर्माण एजेंसी का सहयोग, समन्वय कर कार्य कराए। साथ ही नल-जल योजना की सामग्री चोरी और क्षतिग्रस्त होने पर एफआईआर की कार्रवाई करें। कार्य पूर्ण होने के बाद सड़कों का रेस्टोरेशन गुणवत्ता के साथ करें। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने यह निर्देश सागर में कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में सुरखी विधानसभा क्षेत्र में चल रही नल-जल योजना की समीक्षा के दौरान दिए। मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि सरपंच एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि के साथ समन्वय बनाकर योजनाओं का क्रियान्वयन करें। मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि बगैर देरी के पानी की समस्या का निदान किया जाये। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर लूप लाइन डालें। साथ में बूस्टर पंप भी लगाएं, जिससे कि ग्रामवासियों को प्रेशर के साथ पानी उपलब्ध हो सके। मंत्री श्री राजपूत ने सुरखी विधानसभा क्षेत्र की एक-एक ग्राम की समीक्षा करते हुए सरपंच, संबंधित निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों से वन-टू-वन चर्चा की, उनकी समस्या सुनी और उनका निदान करने के भी निर्देश दिए। मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि सभी सरपंच अपने ग्राम की इस प्रकार की कार्य योजना तैयार करें जिस प्रकार वह अपने घर की योजना तैयार करते हैं और उसी तरह कार्य करें। उन्होंने कहा कि नल-जल योजना के कार्य पूरा होने पर ग्राम पंचायत स्तर पर 100 रुपए प्रति घर कनेक्शन के हिसाब से किराया लें और उसका संधारण करें। उन्होंने कहा कि सरपंच यह भी देखें कि ग्राम की नल-जल योजना क्षतिग्रस्त न हो पाए और कोई भी सामग्री चोरी न जाए और यदि ऐसा होता है तो तत्काल एफआईआर करायें। मंत्री श्री राजपूत ने मैराथन बैठक लेते हुए 200 गांव के जनप्रतिनिधियों को सुना और उनकी समस्याओं का निदान करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री संदीप जी आर ने कहा कि नल-जल योजनाओं के सभी कनेक्शन घरों के अंदर लगाएं। हैंड पम्पों के पास रिचार्ज पिट बनाएं, जिससे पानी का स्तर बढ़ सके। उन्होंने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत सभी ग्रामों के पुराने नदी नाले, बावड़ी को पुनर्जीवित करने के लिए सरपंच के साथ सभी ग्रामवासी आगे आए जिससे कि पानी की समस्या का निदान किया जा सके और क्षेत्र का जल-स्तर बढ़ सके। इस अवसर पर जैसीनगर जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री बृजेंद्र सिंह, राहतगढ़ जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मीना राजू आदिवासी, उपाध्यक्ष श्रीमती साधना अरविंद सिंह टिंकू राजा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विवेक के वी, ग्राम पंचायत के सरपंच सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे।   recent visitors 29

देवास के नामनपुर गांव में तालाब का गहरीकरण, जल गंगा संवर्धन अभियान हुआ लोकव्यापी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आहवान पर 30 मार्च से प्रारंभ जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जल संरक्षण की दिशा में कार्य किये जा रहे हैं। इसके लिए जन सहभागिता आधारित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। अभियान को जन-जन तक पहुंचाने एवं लोकव्यापीकरण के लिये समाज के सहयोग से उपलब्ध जल संरचनाओं जैसे तालाब, पुराने कुंआ, और नदियों में श्रमदान के द्वारा स्वच्छता कार्य किये जा रहे हैं। झाबुआ में मंत्री सुश्री भूरिया ने किया उदयपुरिया तालाब के जीर्णोद्धार का शुभारंभ झाबुआ का उदयपुरिया तालाब का निर्माण वर्ष 1987 हुआ था। इसकी ऊंचाई 10 मी एवं क्षमता 0.29 एमसीएम है। इस तालाब से वर्तमान में लगभग 45 हैक्क्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होती है। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत उद‌यपुरिया तालाब के गहरीकरण एवं कैचमेण्ट क्षेत्र की साफ-सफाई के काम का शुभारंभ महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने जोर्णोद्धार कार्य का भूमि-पूजन किया। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के दौर में यह हमारा दायित्व है कि प्रकृति संरक्षण के सामुदायिक प्रयास किये जाएं। जल संरक्षण के इस पुनीत कार्य में शासन-प्रशासन के साथ जन‌भागीदारी आवश्य‌क है। कलेक्टर नेहा मीणा ने बताया कि विगत वर्ष जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत किये गये कार्यों से जिले में सिंचाई के लिये पानी की उपलब्धता बनी रही, जिससे इस वर्ष गेहूँ का रकबा 86 हजार हेक्टेयर से 1.04 लाख हैक्टेयर से अधिक हो गया। देवास के नामनपुर गांव में तालाब का गहरीकरण देवास जिले में ‘जल गंगा संवर्धन’ अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत ग्राम पंचायतों में जल संरक्षण के कार्य कराए जा रहे हैं। जल गंगा संवर्धन अभियान के माध्यम से जल की एक-एक बूंद को सहेजने के लिए जल संरचनाओं के निर्माण एवं गहरीकरण का कार्य किया जा रहा है। देवास के नामनपुर गांव में जनसहयोग से तालाब का गहरीकरण किया जा रहा है। गहरीकरण से बारिश के दिनों में पानी का संग्रहित होगा तथा वाटर लेवल भी बढ़ेगा, जिससे पेयजल के साथ खेती करने के लिए भी पानी मिल सकेगा। जिले में ‘जल गंगा संवर्धन’ अभियान जन अभियान बन रहा है। अभियान के अंतर्गत जल संरचनाओं के निर्माण एवं गहरीकरण का कार्य किया जा रहा है। नदी, नालों, कुएं, बावड़ियों एवं कुंड की साफ-सफाई की जा रही है। इनमें से गदंगी और गाद बाहर निकाली जा रही है। देवास के सिरोंज गांव में क्षिप्रा नदी और घाटों की सफाई की जा रही है। अभियान के लिए श्रमदान कर रहे ग्रामीणों ने क्षिप्रा नदी को स्वच्छ रखने का संकल्प दोहराया। बुरहानपुर में पीपलपानी के देवल बैराज से निकाली गई गाद जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत ग्राम पीपलपानी के देवल बैराज से गाद निकालने का कार्य किया जा रहा है। जन सहयोग से हो बैराज के गहरीकरण से आने-वाले दिनों में क्षेत्र को लाभ मिलेगा। बुरहानपुर के देवल बैराज का निर्माण वर्ष 2020 में किया गया। इसकी कुल जल ग्रहण क्षमता 2.70 एमसीएस है और  इससे 190 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की जाती है। बैराज से गाद की सफाई हो जाने पर उसमें वर्षा के जल का भराव होगा और इससे क्षेत्र में भूजल समृद्धि आयेगी। अलीराजपुर में बन रहे अमृत सरोवर, मंत्री श्री चौहान ने किया भूमि-पूजन जिले के कट्ठीवाड़ा जनपद के ग्राम अकोला में 22 लाख 67 हजार रुपये से निर्मित होने वाले अमृत सरोवर का भूमि-पूजन मंत्री श्री नागर सिंह चौहान ने किया।  मंत्री श्री चौहान ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने जल स्रोतों के संरक्षण और संवर्धन के लिए संचालित ‘जल गंगा संवर्धन’ अभियान के अंतर्गत अकोला में अमृत सरोवर का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि जिले में लगभग 18 अमृत सरोवर बनाए जाएंगे। अभियान के अंतर्गत 840 खेत तालाबों का निर्माण एवं प्राचीन कुओं बावड़ियों और जलाशयों का पुनरुद्धार किया जाएगा। इससे हमारे क्षेत्र में भू-जल स्तर में सुधार होगा और पानी से संबंधित समस्याओं से निजात मिलेगी। खेती के लिए भी पर्याप्त मात्रा में पानी की उपलब्धता बनी रहेगी। जबलपुर में प्राचीन गढ़ा बावड़ी का हो रहा पुनरुद्धार जबलपुर में जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए जन सहभागिता आधारित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। अभियान को जन-जन तक पहुंचाने एवं लोकव्यापीकरण के लिये सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से समाज को इन कामों में जोड़ा जा रहा है। जन सहयोग से पानी सहेजने के लिए नदियों में बोरी बंधान और हैंडपंपों के पास सोक-पिट्स का निर्माण भी किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत नवांकुर संस्था और रचना बाल कल्याण समिति के संयोजन से मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद निर्देशन में गढ़ा बावली के पुनरुद्धार का कार्य भी किया जा रहा है। recent visitors 24

मॉस्को में नौ मई को रूस की विक्टरी डे परेड में शामिल नहीं होंगे राजनाथ सिंह

नई दिल्ली रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रूस द्वारा नौ मई को मॉस्को में आयोजित विक्टरी डे परेड में शामिल नहीं होंगे और उनके स्थान पर रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ वहां भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। आधिकारिक सूत्रों ने दी जानकारी दी। मॉस्को में नौ मई को आयोजित होने वाले समारोह में रक्षा राज्य मंत्री सेठ को भेजने का कदम पहलगाम आतंकवादी हमले को लेकर भारत व पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर उठाया गया है। जर्मनी पर सोवियत विजय की याद में कार्यक्रम रूस ने द्वितीय विश्व युद्ध में जर्मनी पर सोवियत विजय की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर होने वाली विक्टरी-डे परेड के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आमंत्रित किया था, लेकिन यह निर्णय लिया गया कि रक्षा मंत्री राजनाथ इसमें शिरकत करेंगे। सूत्रों ने बताया कि अब रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ परेड में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। रूस ने इस वर्ष विक्टरी डे परेड में भाग लेने के लिए कई मित्र देशों के नेताओं को आमंत्रित किया है। प्रधानमंत्री मोदी पिछले वर्ष राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ वार्षिक शिखर सम्मेलन और कजान में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए दो बार रूस गए थे। इस वर्ष रूसी राष्ट्रपति के वार्षिक शिखर सम्मेलन में शिरकत के लिए भारत आने की उम्मीद है। recent visitors 34

भगवान के दर्शन करने हजारों श्रद्धालु पहुंचे, आज भक्तों को देंगे दर्शन, खुलेंगे भगवान बद्रीनाथ के पट

नई दिल्ली भगवान बद्रीनाथ के पट आज खुलेंगे। भगवान के दर्शन करने हजारों श्रद्धालु एक दिन पहले ही वहां पहुंच गए हैं। कहते हैं कि 6 माह के बाद भी पट खुलने के बाद भी एक ज्योति जलती रहती है। बता दें कि बद्रीनाथ जहां भगवान विष्णु विराजमान हैं, जहां दर्शन भर से व्यक्ति के लिए मोक्ष के द्वार खुल जाते हैं। ब्रदीनाथ ही वह स्थान है जहां दर्शन करने से व्यक्ति जन्म मरण के चक्र से मुक्ति पा सकता है। बद्रीनाथ चार प्रमुख धाम में से एक है। बद्रीनाथ को लेकर कहावत भी है कि "जो जाए बद्री, वो न आए ओदरी", इसका अर्थ है कि जो व्यक्ति बद्रीनाथ के दर्शन कर लेता है। भगवान विष्णु योग ध्यान मुद्रा में लीन थे भगवान विष्णु के नहीं बल्कि मां लक्ष्मी के नाम पर पड़ा है। मान्यताओं और कथाओं के अनुसार, एक बाद भगवान विष्णु योग ध्यान मुद्रा में लीन थे अधिक बर्फबारी होने के कारण वह बर्फ से पूरी तरह ढक चुके थे। उनकी यह दशा देखकर मां लक्ष्मी का हृदय द्रवित हो उठा वह बहुत परेशान हो गई। फिर माता लक्ष्मी भगवान विष्णु के पास जाकर एक बेर वृक्ष का रूप ले लिया( जिसका नाम बदरी था) और सारी बर्फ उस वृक्ष के ऊपर गिरे लगी। बदरीनाथ की मूर्ति की लंबाई 1 मीटर है भगवान विष्णु की प्रतिमा मंदिर से गायब हो गई थी। बदरीनाथ की मूर्ति की लंबाई 1 मीटर यानी 3।3 फीट है। जब हिंदू और बौद्ध धर्म में संघर्ष चल रहा था इस समय मूर्ति की रक्षा के लिए इसे मंदिर के समीप स्थित नारद कुंड में छिपा दिया गया था। इसके बाद 8वीं सदी में शंकराचार्य को नारद कुंड से मूर्ति प्राप्त हुई थी। उन्होंने इसे एक गुफा में स्थापित कर दिया लेकिन, कहा जाता है कि वहां से फिर मूर्ति अचानक गायब हो गई थी। कलियुग में बद्रीनाथ की महिमा पुराण की मानें तो जल प्रलय और सूखा पड़ने के बाद गंगा लुप्त हो जाएगी। इसके बाद बद्रीनाथ के दर्शन नहीं हो पाएंगे। कहते तो ये भी हैं कि इस दिन नर नारायण पर्वत भी आपस में मिल जाएंगे तब बद्रीनाथ जाने का रास्ता पूरी तरह से बंद हो जाएगा। यह भी कहते हैं कि सिर्फ बद्रीनाथ ही नहीं केदारनाथ मंदिर भी पूरी तरह से लुप्त हो जाएगा। इसके बाद कई वर्षों बाद भविष्य बद्री नाम का नया तीर्थस्थल स्थापित होगा। जहां भक्त जन पूजा कर पाएंगे। recent visitors 28

मुख्यमंत्री साय बोले – आमजन के हित में करें स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वास्थ्य विभाग के सभी प्रमुख अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा है कि आमजन के हित में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होते रहना चाहिए। उन्होंने कहा है कि अस्पतालों में मरीजों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित हो और उन्हें अपने घर के आस पास ही अच्छा इलाज मिले। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज रायपुर सिविल लाइन स्थित अपने निवास कार्यालय में स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं  की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि एनीमिया, मैटरनल प्रोग्राम और लेप्रोसी जैसी बीमारियों पर प्राथमिकता से काम किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजनों के इलाज में कोई कमी नहीं आएगी और इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के खाली पदों को भी शीघ्र ही पीएससी और व्यापम के द्वारा भरा जाएगा। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने राज्य सरकार के गठन के बाद स्वास्थ्य के क्षेत्र में की गयी उपलब्धियों की जानकारी देते हुए भविष्य की योजनाओं को भी मुख्यमंत्री के सामने रखा। स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया ने बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य टीबी और मलेरिया जैसी बीमारियों के उन्मूलन की दिशा में बेहतर कार्य कर रहा है। टीबी उन्मूलन की दिशा में उपचार सफलता की दर 90 फीसदी है जबकि इस दौरान शत प्रतिशत टीबी मरीजों का नोटिफिकेशन किया गया है। इसके साथ ही राज्य में मार्च 2025 तक टीकाकरण का 94 फीसदी लक्ष्य पूर्ण किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानंद, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा एवं आयुक्त आयुष विभाग शिखा राजपूत तिवारी, प्रबंध संचालक एनएचएम एवं आयुक्त सह संचालक डॉ प्रियंका शुक्ला, खाद्य एवं औषधि विभाग के नियंत्रक दीपक अग्रवाल, सीजीएमएससी प्रबंध संचालक पद्मिनी भोई साहू समेत स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। recent visitors 20