UP में युवक ने अपनी सगी बहन को किया प्रेगनेंट! लड़की बोली- भाई ने 1 अप्रैल को रात में दो बार…

लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है. आरोप है कि यहां पारा इलाके में एक भाई ने बहन के साथ हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं. पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर उसके सगे भाई के खिलाफ रेप सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया है. पीड़िता ने क्या बताया? पीड़िता ने अपनी तहरीर में बताया है कि 1 अप्रैल 2025 की रात घर के अन्य सदस्यों के सोने के समय उसके भाई ने दो बार उसका रेप किया. जब पीड़िता ने पिता को इसकी जानकारी दी, तो परिवार ने उसे ही चुप रहने के लिए डांट-फटकार कर डराया. पीड़िता के अनुसार, आरोपी भाई ने जान से मारने तक की धमकी दी और कहा कि अगर उसने किसी को सच बताया तो उसका अंजाम मौत होगा. बंधक बना कर किया दुराचार पारा निवासी युवती का रिश्ता कुछ माह पहले तय हुआ था। पीड़िता के मुताबिक एक अप्रैल की रात सगा भाई कमरे में घुस आया। आरोपित ने बहन के साथ छेड़छाड़ की। विरोध करने पर हाथ-पैर बांध कर बहन के साथ दुराचार किया। विरोध करने पर बोला कि कुछ दिन में तुम्हारी शादी है। किसी को कुछ पता नहीं चलेगा। अगर किसी से शिकायत की तो तुम्हें मार दूंगा। भाई की करतूत से परेशान युवती ने माता-पिता को घटना की जानकारी दी। पर, उन्होंने भी बेटे की करतूत पर पर्दा डालते हुए युवती को शिकायत करने से रोक दिया। 15 अप्रैल को निकाह, 29 को गर्भवती होने का पता चला पीड़िता के मुताबिक 15 अप्रैल को निकाह होने के बाद रुख्सत होकर ससुराल गई। कुछ दिन गुजरने के बाद ही उसकी तबीयत खराब होने लगी। 29 अप्रैल को महिला को पति डॉक्टर के पास लेकर गया। चेकअप में महिला के गर्भवती होने का पता चला। यह बात सुन कर ससुराल वाले भी हैरान रह गए। काफी पूछताछ करने पर महिला ने भाई की घिनौनी करतूत के बारे में सास को जानकारी दी। तुम मुकदमा लिखाओ, हम साथ देंगे बहू के साथ हुई ज्यादती का पता चलने पर सास ने उसका हौसला बढ़ाया। पीड़िता के मुताबिक ससुराल वालों के कहने पर ही वह गुरुवार को पारा कोतवाली पहुंची। जहां सगे भाई के खिलाफ दुष्कर्म करने की तहरीर दी है। इंस्पेक्टर सुरेश सिंह ने बताया कि महिला की तरफ से मुकदमा दर्ज करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। जो मीट दुकान में काम करता है। पीड़िता की जबरन कराई गई शादी आगे बयान में पीड़िता ने कहा कि उसे धमकी दी गई थी कि 15 अप्रैल 2025 को उसकी जबरन शादी कर दी जाएगी. नियत तिथि को उसकी शादी कराई गई. मगर ससुराल पहुंचने के बाद पीरियड्स न होने पर मेडिकल जांच कराई गई. डॉक्टरों ने पुष्टि की कि महिला 5 हफ्ते दो दिन की गर्भवती है. इस खुलासे ने पूरे परिवार को झकझोर दिया. recent visitors 46

NIA को मिला अहम सुराग हमले के समय पहलगाम में प्रतिबंधित हुवावे सैटेलाइट फोन का इस्तेमाल हुआ था

श्रीनगर  जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की जांच अब NIA कर रही है। इस हमले में 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक सहित 26 लोगों की जान चली गई थी। जांच एजेंसियों को एक अहम सुराग मिला है। हमले के समय पहलगाम इलाके में एक प्रतिबंधित हुवावे (Huawei) सैटेलाइट फोन का इस्तेमाल हुआ था। हुवावे एक चीनी कंपनी है। इस पर भारत में रोक है। शक है कि यह फोन पाकिस्तान या किसी दूसरे देश से तस्करी करके लाया गया था। चीनी टेलीकॉम कंपनी पर है रोक दरअसल भारत में चीनी टेलीकॉम कंपनियां हुवावे और ZTE (झोंगक्सिंग टेलीकम्युनिकेशन इक्विपमेंट) को 5G नेटवर्क के लिए उपकरण बेचने की अनुमति नहीं है। हालांकि इन पर कोई सीधा प्रतिबंध नहीं है। लेकिन भारतीय टेलीकॉम कंपनियों ने हुवावे और ZTE को 5G रोलआउट से बाहर कर दिया है। ऐसा इसलिए है क्योंकि ये कंपनियां भारत सरकार की ओर से तय किए गए 'विश्वसनीय स्रोत' की शर्त को पूरा नहीं करती हैं। सुरक्षा कारणों से भारतीय टेलीकॉम कंपनियां यूरोपीय उपकरण इस्तेमाल करने के लिए ज्यादा पैसे देने को भी तैयार हैं। अमेरिका और यूरोप में चीनी हुवावे पर प्रतिबंध अमेरिका और यूरोप में चीनी हुवावे पर प्रतिबंध लगा है। जुलाई 2022 में अमेरिका और ब्रिटेन की सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुखों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में चीन के खिलाफ चेतावनी जारी की थी। FBI और MI5 के प्रमुखों ने आरोप लगाया था कि चीन आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है। चीन ने इन आरोपों को निराधार बताया था। अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड, जो कनाडा के साथ फाइव आइज़ इंटेलिजेंस-शेयरिंग गठबंधन के सदस्य हैं, उन्होंने भी हुवावे को अपने 5G नेटवर्क से प्रतिबंधित कर दिया है। पहलगाम अटैक की एनआईए कर रही हर एंगल से जांच पहलगाम हमला हाल के समय में कश्मीर में हुए सबसे घातक हमलों में से एक है। इसमें बेकसूर पर्यटकों को निशाना बनाया गया था। एनआईए फॉरेंसिक एक्सपर्ट और टेक्निकल इंटेलिजेंस की मदद से कई पहलुओं पर जांच कर रही है। इसमें सैटेलाइट फोन को ट्रैक करना भी शामिल है। इसके लिए पश्चिमी एजेंसियों से मदद ली जा रही है। पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। टीआरएफ ने क्या दी है चेतावनी? TRF ने कहा है कि 85,000 से ज्यादा डोमिसाइल गैर-स्थानीय लोगों को जारी किए गए हैं। इससे भारतीय कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर (IOJK) में जनसांख्यिकीय परिवर्तन का रास्ता खुल गया है। ये गैर-स्थानीय लोग पर्यटक बनकर आते हैं। डोमिसाइल प्राप्त करते हैं और फिर ऐसे व्यवहार करते हैं जैसे वे जमीन के मालिक हों। नतीजतन हिंसा उन लोगों के खिलाफ निर्देशित की जाएगी जो अवैध रूप से बसने की कोशिश कर रहे हैं। TRF का कहना है कि जम्मू-कश्मीर में बाहर के लोगों को बसाया जा रहा है, इसलिए वे हिंसा करेंगे। तीन संदिग्धों के स्केच जारी चश्मदीदों ने बताया है कि हमले में पांच से ज्यादा हमलावर शामिल थे। NIA इन बयानों की जांच कर रही है ताकि घटनाओं का क्रम पता चल सके। NIA की टीमें एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर सुराग ढूंढ रही हैं। जम्मू-कश्मीर में ओवरग्राउंड वर्कर्स भी जांच के दायरे में हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पहले तीन संदिग्धों के स्केच जारी किए थे और प्रत्येक पर 20 लाख रुपये का इनाम रखा था। NIA ने कहा है कि वह आतंकी साजिश का पर्दाफाश करने के लिए पूरी कोशिश कर रही है। फॉरेंसिक टीमें हमले की जगह पर सबूत ढूंढ रही हैं। दोषियों को न्याय के कटघरे में लाएगी एनआईए NIA ने एक बयान में कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों के बाद एनआईए ने औपचारिक रूप से पहलगाम आतंकी हमले के मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है। एजेंसी ने कहा कि दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। एनआईए इस मामले की तह तक जाएगी और दोषियों को सजा दिलाएगी। recent visitors 47

सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन जल्द तैनाती क्षेत्र में आतंकवाद विरोधी अभियानों में काफी मददगार

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर में बढ़ती आतंकी गतिविधियों के बीच सुरक्षा अधिकारियों का मानना ​​है कि सीआरपीएफ के जंगल वारियर्स (कोबरा बटालियन) की जल्द तैनाती क्षेत्र में आतंकवाद विरोधी अभियानों में काफी मददगार हो सकती है. दरअसल, सुरक्षा एजेंसियों को इस बात की चिंता है कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए नरसंहार में शामिल आतंकवादियों का अभी तक पता नहीं चल पाया है. इस संबंध में सीआरपीएफ के पूर्व महानिदेशक सुजॉय लाल थाउसेन ने ईटीवी भारत से कहा, "कोबरा आतंकी गतिविधियों से लड़ने में काफी सक्षम है. उन्हें फिर से ट्रेन किया जा सकता है और वे आतंकवाद विरोधी अभियानों में जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की मदद कर सकते हैं." कोबरा बटालियन कोबरा बटालियन, जिसे कमांडो बटालियन फॉर रेसोल्यूट एक्शन के नाम से भी जाना जाता है, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की एक स्पेशल यूनिट है. यह मुख्य रूप से गुरिल्ला और जंगल युद्ध की रणनीति में अपनी विशेषज्ञता के लिए जानी जाती है, खासकर वामपंथी उग्रवाद (LWE) से निपटने में. कोबरा को जंगल के इलाकों में ऑपरेशन पर ध्यान केंद्रित करने के कारण 'जंगल योद्धा' भी कहा जाता है. थाओसेन ने कहा, "नक्सल इलाकों में अपनी प्रतिबद्धता से मुक्त होने के बाद कोबरा आतंकवाद विरोधी अभियानों में शामिल हो सकेंगे. झारखंड, ओडिशा, बंगाल और बिहार जैसे राज्यों में कोबरा की प्रतिबद्धता कुछ साल पहले की तुलना में बहुत कम है. उन सभी इकाइयों को जम्मू-कश्मीर के माहौल के हिसाब से फिर से प्रशिक्षित किया जा सकता है और आतंकवादियों से लड़ने के लिए जम्मू-कश्मीर में तैनात किया जा सकता है." जम्मू-कश्मीर में एक कंपनी पहले ही प्रशिक्षित हो चुकी है इससे पहले जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियान में कोबरा बटालियन को तैनात करने की पहल की गई थी. हालांकि, इसे आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए नहीं रखा गया. सीआरपीएफ महानिदेशक के रूप में थाउसेन के कार्यकाल के दौरान एक कोबरा कंपनी को अनुकूलन प्रक्रिया के लिए जम्मू-कश्मीर भेजा गया था. थाउसेन ने कहा, "अपने कार्यकाल के दौरान मैंने जम्मू-कश्मीर में एक कोबरा कंपनी भेजी है. चूंकि नक्सल क्षेत्र में हमारी भागीदारी कम हो रही थी, इसलिए मैंने अपने कार्यकाल के दौरान जम्मू-कश्मीर में एक कंपनी को परिचित कराने के लिए भेजा था." हालांकि, स्थानीय प्राधिकारी और स्थानीय पुलिस की इच्छा होने पर ऐसे केंद्रीय बलों को तैनात किया जाता है. थाउसेन ने कहा, "अगर स्थानीय प्राधिकारी और स्थानीय पुलिस मांग करती है, तो केंद्रीय बलों को विशिष्ट क्षेत्र में तैनात किया जाता है." तैनाती प्रक्रिया तैनाती प्रक्रिया के बारे में बात करते हुए थाउसन ने कहा कि तैनाती प्रक्रिया किसी विशिष्ट क्षेत्र में आतंकवादियों की गतिविधियों पर निर्भर करती है.उन्होंने कहा, "यह इस बात पर निर्भर करता है कि जम्मू-कश्मीर में कितनी यूनिट की आवश्यकता है. तैनाती प्रक्रिया जिलों या क्षेत्रों में आतंकवादी गतिविधियों पर भी निर्भर करती है.तैनाती आतंकवादियों की कुल संख्या की गणना पर निर्भर करती है." पहलगाम में आतंकवादियों का ठिकाना सुरक्षा बलों का मानना ​​है कि पहलगाम हमले में शामिल आतंकवादी प्राकृतिक गुफाओं और वन क्षेत्रों में छिपे हो सकते हैं. पिछले 11 दिनों से बैसरन घाटी, तरानाउ हप्तगुंड, दावरू और अन्य निकटवर्ती क्षेत्रों के घने जंगलों में सघन तलाशी अभियान चल रहा है. कोबरा एक गेम चेंजर साबित हो सकता है भारत के सुरक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना ​​है कि कोबरा बल की तैनाती जम्मू-कश्मीर के आतंकवाद विरोधी अभियान में गेम चेंजर साबित हो सकती है. प्रसिद्ध सुरक्षा विशेषज्ञ (सेवानिवृत्त) ब्रिगेडियर बीके खन्ना ने कहा, "बटालियन (कोबरा) को जंगल में युद्ध करने का अनुभव है. एक बार जब यह जम्मू-कश्मीर के इलाकों से लैस हो जाएगा, तो सुरक्षा एजेंसियों को अधिकतम लाभ मिलेगा." कोबरा नक्सलियों से लड़ रहा है कोबरा यूनिट को नक्सली आंदोलन की रीढ़ तोड़ने का क्रेडिट दिया जाता है. यह सीआरपीएफ की एक विशेष गुरिल्ला युद्ध कमांडो यूनिट है, जिसे जंगल के इलाकों में लड़ने में व्यापक विशेषज्ञता हासिल है. कोबरा यूनिट के कमांडो मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत होते हैं. इनमें से ज़्यादातर कोबरा टीमें नक्सल हिंसा से प्रभावित विभिन्न राज्यों में तैनात हैं. साथ ही, कोबरा की कुछ यूनिटें आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए पूर्वोत्तर राज्यों में भी तैनात की गई हैं. recent visitors 38

आज वीआइपी के शहर में मूवमेंट के दौरान यातायात को रोका और उसका रूट बदला जाएगा

ग्वालियर विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर(Narendra Singh Tomar) के बेटे प्रबल सिंह तोमर के आशीर्वाद समारोह में शामिल होने आज 4 मई को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, राज्यपाल मंगू भाई पटेल, झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिवप्रताप शुक्ला सहित कई चार राज्यों के सीएम और केंद्रीय मंत्री ग्वालियर आएंगे। समारोह मेला मैदान में होगा। इसे लेकर सुरक्षा और यातायात इंतजाम को पुख्ता किया जा रहा है। शहर में वीआइपी मूवमेंट वीआइपी(VVIP) के शहर में मूवमेंट के दौरान यातायात को रोका और उसका रूट बदला जाएगा। ट्रैफिक पुलिस ने जो रूट प्लान बनाया उसमें वीआइपी के शहर भ्रमण के दौरान 10 से ज्यादा प्वाइंट पर यातायात डायवर्ट होगा। रविवार को नीट की परीक्षा है और करीब 11 परीक्षा केंद्र उस रूट पर हैं जहां से वीआइपी मेहमानों की आवाजाही रहेगी। यातायात पुलिस अधिकारियों का कहना है नीट के परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचाना प्राथमिकता रहेगी। परीक्षार्थी एडमिट कार्ड दिखाकर किसी भी चौराहे से निकल सकते हैं। परीक्षार्थी भी समय पर सेंटर पर पहुंचने से घर से करीब दो घंटे पहले निकलें तो उन्हें भी राहत रहेगी। शनिवार को पुलिस काफिला निकाल कर रिहर्सल करेगी। रास्ता बदलकर चलेगा ट्रैफिक     वीआइपी भ्रमण के दौरान शहर में भारी वाहन की एंट्री बंद रहेगी।     भिंड व मालनपुर से आने वाले वाहनों को लक्ष्मणगढ़ पुल से बाइपास के रास्ते बड़ागांव पुल, हुरावली से सचिन तेंदुलकर मार्ग होकर शहर में आना पड़ेगा।     मुरार से भिंड जाने वाली वाहन गोला का मंदिर चौराहा होकर नहीं जाएंगे। इन्हें 7 नंबर, 6 नंबर चौराहे से आर्मी एरिया होकर बड़ागांव पुल होते हुए मुरैना और भिंड जाना होगा।     मुरैना से भिंड, डबरा और दतिया जाने के लिए निरावली बायपास का रास्ता रहेगा।     दतिया और डबरा से भिंड और मुरैना जाने वाले वाहन विक्की फैक्ट्री के रास्ते नहीं आएंगे इन्हें सिकरौदा तिराहा से डायवर्ट किया जाएगा।     पुरानी छावनी से बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन सिटी सेंटर जाने के लिए मल्लगढ़ा चौराहे से वाहनों का रूट डायवर्ट होगा। चार शहर का नाका होकर तानसेन रोड, नया आरओबी क्रॉस कर स्टेशन बजरिया आएंगे।     गोला का मंदिर, पड़ाव और हजीरा से डीडीनगर , एयरपोर्ट और भिंड जाने के लिए हजीरा थाने के बाजू से नया पुल, महू जमाहर शनिचरा बाइपास होकर जाना पड़ेगा।     एयरपोर्ट, डीडीनगर से मुरार, रेलवे स्टेशन और बाड़ा के लिए पानी की टंकी तिराहा पिंटो पार्क, सात नंबर चौराहा, बारादरी से जाना रहेगा।     लश्कर से गोला का मंदिर और मुरैना जाने के लिए एलएनआइपीई के सामने से नयापुल होकर हजीरा, मलगढ़ा के रास्ते जाना रहेगा।     आकाशवाणी से मुरार जाने के लिए थाटीपुर, कुम्हरपुरा से बारादरी होकर जाना पड़ेगा।     मुरैना से बस स्टैंड, फूलबाग आने के लिए जलालपुर से सागरताल, बहोड़ापुर का रास्ता रहेगा। recent visitors 41

शहपुरा का स्तावित मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क को केंद्र सरकार के भारत माला प्रोजेक्ट में शामिल कराने के लिए प्रयास शुरू

जबलपुर शहपुरा के ग्राम खैरी में प्रस्तावित मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क को केंद्र सरकार के भारत माला प्रोजेक्ट में शामिल कराने के लिए प्रयास शुरू हो गए हैं। योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश में दो शहर भोपाल और इंदौंर में लॉजिस्टिक पार्क बनना हैं। इसमें इनलैंड कंटेनर डिपो भी शामिल है। इंदौर में काम शुरू हो गया है लेकिन भोपाल में जगह का संकट आ रहा है। ऐसे में मध्यप्रदेश इंडस्ट्रीयल डेवलपमेंट कारपोरेशन ने जबलपुर को इसमें शामिल करने का प्रस्ताव शासन को भेजा है। निर्यात इकाइयों की संभावनाएं बढ़ेंगी पार्क के निर्माण से जबलपुर में एक्सपोर्ट करने वाली औद्योगिक इकाइयों के आने की संभावनाएं बढ़ जाएंगी। इसमें इनलैंड कंटेनर डिपो तैयार होता है। इसमें कस्टम डिपार्टमेंट का कार्यालय भी चलता है। उसमें निर्यात की जाने वाली सामग्री को विदेश भेेजने की जांचें हो सकेंगी।  खैरी में 54 एकड़ भूमि चिन्हित भेड़ाघाट और सहजपुर के बीच ग्राम खैरी में इसके लिए 54 एकड़ भूमि चिन्हित की जा चुकी है। रिंग रोड के किनारे लॉजिस्टिक पार्क के निर्माण के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग रसद प्रबंधन लिमिटेड ने सर्वे पूरा कर लिया है। इसके निर्माण के साथ ही रेल कनेक्टिविटी के लिए मात्र एक किलोमीटर का रेलवे ट्रेक बिछाया जाना है। रिंग रोड के माध्यम से एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी मिल जाएगी। अब एनएचएलएमएल को डीपीआर तैयार करना है इसके बाद निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया होगी। केंद्र से ही मिल जाएगी राशि भारत माला प्रोजेक्ट में आधिकारिक रूप से जबलपुर को शामिल करने के लिए राज्य शासन को जद्दोजहद करनी पडेगी। इसके शामिल होने से बजट संबंधी समस्याएं सामने नहीं आएंगी। नियमित रूप से राशि मिल सकेगी। इससे कार्य समय सीमा में पूरा होने में भी मदद मिलती है।  मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क के लिए खैरी की जगह उपयुक्त है। सर्वे एजेंसियों ने इसे उचित पाया है। अब पार्क को भारत माला प्रोजेक्ट में शामिल करवाने के लिए राज्य शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।     सृष्टि प्रजापति, कार्यकारी संचालक, एमपीआइडीसी, जबलपुर recent visitors 38

लाडली बहना योजना स कटे हजारो नाम, अब हर महीने की 16 तारीख तक आएगी किस्त

भोपाल  मध्यप्रदेश की लोकप्रिय और महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल ‘लाड़ली बहना योजना’ अक्सर चर्चा में रहती है। इसके तहत लाभार्थी महिलाओं के खाते में हर महीने 1250 रुपए की राशि ट्रांसफर की जाती है। मई में भी लाड़ली बहनों के खाते में 24वीं किस्त आने वाली है। लेकिन ‘लाड़ली बहना योजना’ ने कई जिलों की बहनों को बड़ा झटका दे दिया है। बता दें कि 10 हजार 963 महिलाएं अब इस योजना का लाभ नहीं उठा पाएंगी। 24वीं किस्त आने से पहले जान लीजिए कि मई में किन लाड़ली बहनों के खाते में नहीं आएंगे योजना के पैसे…। इस वजह से कई लाड़ली बहना हुई बाहर राज्य शासन की सबसे महत्वपूर्ण लाड़ली बहना योजना(Ladli Behna Yojana 24th Installment) में लगातार दूसरे साल 2025 में 60 वर्ष की आयु पार होने पर 10 हजार 963 महिलाएं के नाम स्वत: पोर्टल से हट गए हैं। इन्हें 1250 रुपए मासिक राशि के लाभ से अलग कर दिया गया। केवल 3,92,912 महिलाएं ही इस योजना में शेष बताई गई हैं। बाहर हुई महिलाएं अपात्र महिलाओं की संख्या: 690 लाभ परित्याग करने वाली महिलाएं: 890 मृत महिलाओं की संख्या: 646 समग्र से डिलीट महिलाएं: 426 आधार से समग्र डि-लिंक महिलाएं: 505 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाएं: 10963 कुल पात्र महिलाएं: 392912 अब हर महीने की 16 तारीख तक आएगी किस्त मध्य प्रदेश की महिलाएं लाडली बहना योजना की 24वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार कर रही हैं। मई का महीना शुरू होते ही महिलाएं उत्साहित हैं। उन्हें उम्मीद है कि इस बार उनके खाते में जल्द ही पैसे आएंगे। पिछली बार 23वीं किस्त 16 अप्रैल को ट्रांसफर की गई थी। आमतौर पर हर महीने की 10 तारीख तक किस्त आ जाती थी। इसलिए, महिलाएं सोच रही हैं कि मई की किस्त कब आएगी। किस्त में देरी पर उठे थे योजना के बंद होने पर सवाल पिछले महीने लाडली बहना योजना के बंद होने की अफवाहें उड़ी थीं। इस पर कैलाश विजयवर्गीय ने कहा था कि योजना बंद नहीं होगी। उन्होंने मोहन कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए ये बात कही थी। उन्होंने कहा था कि 'लाडली बहना योजना बंद नहीं होगी और योजना के तहत दिए जाने वाली राशि 1250 को हर महीने की 10 से 16 तारीख के बीच ट्रांसफर किया जाएगा।' एमपी सरकार ने शुरू की थी योजना लाडली बहना योजना मध्य प्रदेश सरकार ने शुरू की थी। इसका मकसद महिलाओं को सशक्त बनाना और उनकी जिंदगी को बेहतर बनाना है। इस योजना से आज मध्य प्रदेश की लाखों महिलाओं को फायदा मिल रहा है। इस योजना के तहत हर महीने की 10 तारीख को महिलाओं के खाते में 1250 रुपये ट्रांसफर किए जाते हैं। इस तरह सरकार महिलाओं को सालाना 15000 रुपये की आर्थिक मदद देती है। पिछली बार हुई थी देरी अप्रैल 2025 की 23वीं किस्त जारी होने में देरी की वजह से इस योजना के बंद होने पर सवाल उठने लगे थे। विपक्ष ने भी इस पर खूब सवाल उठाए थे। इस पर सरकार की ओर से मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जवाब देते हुए कहा था कि किस्त के रूपए हर महीने की 10 से 16 तारीख के बीच में ट्रांसफर हो जाएंगे। कौन ले सकता है इस योजना का लाभ लाडली बहना योजना का लाभ लेने के लिए कुछ शर्तें हैं। महिला मध्य प्रदेश की मूल निवासी होनी चाहिए। उसके परिवार में कोई आयकरदाता नहीं होना चाहिए। साथ ही, परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में नहीं होना चाहिए। विधवा और तलाकशुदा महिलाएं भी इस योजना का लाभ ले सकती हैं। योजना की महत्वपूर्ण बातें     लाड़ली बहना योजना(Ladli Behna Yojana) 5 मार्च 2023 से शुरू हुई।     पंजीयन की अंतिम तारीख 30 अप्रेल 2023 थी। फिर योजना में संशोधन किया।     25 जुलाई 2023 से 20 अगस्त 2023 तक फिर पंजीयन किया।     अभी पंजीयन के निर्देश नहीं। जनप्रतिनिधि अनुरोध कर रहे। इन महिलाओं को नहीं मिलेगा लाभ     अविवाहित महिलाएं लाड़ली बहना योजना का लाभ नहीं ले सकतीं।     जिन महिलाओं की उम्र 60 वर्ष की आयु से ज्यादा है उन्हें, इस योजना का कोई लाभ नहीं मिलेगा।     जिनके परिवार की सालाना इनकम 2.5 लाख से अधिक है, वे भी योजना का लाभ नहीं ले सकतीं।     जिनके परिवार का कोई सदस्य वर्तमान या पूर्व सांसद-विधायक हो वे भी योजना के लिए आवेदन नहीं कर सकतीं।     जिन महिलाओं के परिवार का कोई सदस्य सरकारी पद का लाभ ले रहा है, वे महिलाएं भी लाड़ली बहना योजना के लिए पात्र नहीं हैं। इन महिलाओं को ही मिलेगा लाभ     मध्यप्रदेश का मूल निवासी होना जरूरी     विवाहित, विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता     21 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी महिलाएं     किसी भी वर्ग की महिलाएं ले सकती हैं लाभ     स्वयं या परिवार का कोई भी सदस्य आयकरदाता न हो     जिनके परिवार के पास 5 एकड़ से कम भूमि हो   recent visitors 44

राज्य सरकार ने मंत्रालय में पद​स्थ कर्मचारियों, अधिकारियों के भत्ते में खासा इजाफा किया

भोपाल एमपी में सरकारी अमले के लिए राज्य सरकार की मेहरबानी लगातार जारी है। सरकार ने कर्मचारियों, अधिकारियों के भत्ते में फिर बढ़ोत्तरी की है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसके आदेश भी जारी कर दिए हैं। राज्य सरकार ने मंत्रालय भत्ते में बढ़ोतरी की है। भत्ते में ढाई गुना से ज्यादा वृद्धि की गई है।प्रदेश में मंत्रालय भत्ता करीब डेढ़ दशक बाद बढ़ाया गया है। ऐसे में कर्मचारियों, अफसरों ने खुशी जाहिर की है। राज्य सरकार ने मंत्रालय में पद​स्थ कर्मचारियों, अधिकारियों के भत्ते में खासा इजाफा कर दिया है। इनमें मंत्रालय भत्ते में करीब 2.57 गुना वृद्धि की गई है। मंत्रालय के सभी संवर्गों के अधिकारियों, कर्मचारियों को भत्ता बढ़ोत्तरी का लाभ मिलेगा। सभी अधिकारियों, कर्मचारियों के मंत्रालय भत्ते में वृद्धि जिन अधिकारियों, कर्मचारियों के मंत्रालय भत्ते में वृद्धि की गई है उनमें अपर सचिव, उप सचिव, अवर सचिव, स्टाफ आफिसर, अनुभाग अधिकारी शामिल हैं। इनके साथ ही निज सचिव, निज सहायक, स्टेनोग्राफर, अनुभाग अधिकारी, सहायक ग्रेड-2 और सहायक ग्रेड-3 के भत्ते भी बढ़ाए गए हैं। मंत्रालय भत्ता में 1 अप्रैल 2025 से बढ़ोतरी की गई सामान्य प्रशासन विभाग ने मंत्रालय भत्ता बढ़ोत्तरी के आदेश जारी कर दिए हैं। आदेश के अनुसार मंत्रालय भत्ता में 1 अप्रैल 2025 से बढ़ोतरी की गई है जिसका भुगतान मई माह के वेतन में किया जाएगा। मंत्रालय कर्मचारियों, अधिकारियों को अभी सन 2013 में स्वीकृत मंत्रालय भत्ता दिया जा रहा था। recent visitors 38