एमबीए के जरिए कैरियर को दें उडान

डाॅ. रघुराम राजन, अजय बंगा, इंदिरा नुई, चंदा कोचर और प्रसून जोशी में क्या समानता है? इन सभी ने अपने-अपने क्षेत्र में शीर्ष कामयाबियां हासिल की है और ये सभी राश्ट्रीय अथवा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आइकन बन चुके हैं। इनमें एक और समानता यह है कि इन सभी ने किसी न किसी बिजनेस स्कूल से एमबीए की पढ़ाई की है। आप भी अपनी मेहनत की बदौलत यह मुकाम हासिल कर सकते हैं। मौजूदा समय में किसी अच्छे बिजनेस स्कूल से एमबीए की डिग्री किसी भी क्षेत्र में कामयाबी की गारंटी मानी जाती है यही कारण है कि हर साल लाखों इच्छुक छात्र उच्च स्तरीय एमबीए संस्थानों में प्रवेष लेने के लिए कैट, सैट, मैट और केमैट जैसी परीक्षाएं देते हैं। शीर्ष बिजनेस स्कूलों में प्रवेश के लिए कैट, मैट एवं सैट जैसी अत्यंत कठिन परीक्षाओं में अच्छे नम्बर लाने जरूरी है और काफी प्रतिभाशाली और मेहनती छात्र किसी न किसी कारण से कैट, मैट एवं सैट जैसी परीक्षाएं देने से या तो चूक जाते हैं या इनमें अच्छे नम्बर नहीं ला पाते हैं। ऐसे में आपको निराश होने की जरूरत नहीं है क्योंकि अच्छे संस्थान से एमबीएम करने के लिऐ केमैट (कर्नाटक मैनेजमेंट अप्टीच्युड टेस्ट) के रूप में आपके पास एक और विकल्प होता है। दरअसलं केमैट किसी शैक्षणिक वर्ष में बिजनेस स्कूलों में एमबीए पाठ्यक्रमों में प्रवेश पाने का अंतिम विकल्प भी है जिसके जरिए आप भारत की सिलिकन वैली के रूप में मशहूर बेंगलूर तथा कर्नाटक के 150 प्रमुख बिजनेस स्कूलों में एमबीए पाठ्यक्रम में दाखिला ले सकते हैं। इस साल से केमैट-कर्नाटक की परीक्षा पहली बार नई दिल्ली, नौएडा, लखनउ, इलाहाबाद, कोलकाता, पटना, रांची, इंदौर जैसे 10 से अधिक शहरों में हो रही है। इसके लिए पंजीकरण 10 मई तक चलेगा तथा 29 मई को प्रवेश परीक्षा होगी। आईआईएम, अहमदाबाद के छात्र रह चुके फ्यूचर ब्रांड के सीईओ संतोष देसाई का कहना है कि एमबीए के बारे में सबसे अच्छी बात यह है कि एमबीए करने के बाद आप केवल मैनेजर नहीं रहते बल्कि एक निर्माता बन जाते हैं। मेरे विचार से आपके लिए जो सबसे महत्वपूर्ण भावी चुनौती है वह यह है कि आप किस तरह से प्रबंधक के काम को अंजाम देते हैं। मैनेजमेंट के संस्थान में आपको सोचने की आजादी होती है और आप चुनौतियांे का सामना करने में सक्षम बनते हैं। हालांकि आपमें सारी खूबिंयां होती है लेकिन अगर आप अच्छे संस्थान से एमबीए की पढ़ाई करते हैं तो आप स्वतंत्र होकर सोचने में सक्षम बन जायेंगे, जो भावी चुनौतियों का सामना करने में मददगार साबित हो सकता है। एमबीए के लिए आपको वैसे ज्ञान और कौशल की जरूरत है जो आपके जीवन के न केवल प्रोफेशनल जीवन में बल्कि व्यक्तिगत जीवन में भी जरूरी है। एमबीएम पाठ्यक्रमों में छात्रों को अपनी निजी एवं संगठनात्मक उत्पादकता को अधिक से अधिक बनाने की क्षमता एवं कौशल को सीखना होता है। प्रबंधन शिक्षा विशेषज्ञ तथा एमबीएयूनिवर्स डाॅट काॅम के अमित अग्निहोत्री के अनुसार दुनिया भर में नौकरियों एवं रोजगार के क्षेत्र में आर्थिक मंदी छाई है इसके बावजूद अच्छे बिजनेस स्कूल से एमबीए करने वाले छात्रों के लिए बेहतरनी प्लेसमेंट तथा अच्छी खास सैलरी पैकेज में कोई कमी नहीं आई हे। एशियाई विकास बैंक के अनुसार भारत की अर्थव्यवस्था चीन की अर्थव्यवस्था को पीछे छोड़ते हुए 7.4 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है, जबकि चीन की अर्थव्यवस्था के बढ़ने की दर 6.5 प्रतिशत है। मेक इन इंडिया तथा स्टार्ट अप इंडिया के लिए भी अधिक कुशल एवं प्रबंधकीय क्षमताओं वाले प्रोफेशनल्स की जरूरत होगी। एमबीए शिक्षा विशेषज्ञ एसके अग्रवाल बताते हैं कि जिन छात्रों ने वाणिज्य, मानविकी, कला, कम्प्यूटर अनुप्रयोगों एवं अन्य विशयों में सामान्य स्नातक किया है उनके लिए डाक्टर, इंजीनियर एवं वैज्ञानिक आदि बनना संभव नहीं है लेकिन अगर आप एमबीए की डिग्री हासिल कर लेते हैं तो आप उच्च वेतन वाले प्रबंधक बन सकते हैं। कुछ संस्थानों में एमबीए होना या कोई एडवांस डिग्री होना कुछ खास पद पर नियुक्त होने के लिए जरूरी होती है। बिना अच्छी डिग्री के आगे बढ़ने में दिक्कत होती है, भले ही आप कितने ही अधिक प्रतिभाशाली क्यों न हो। चूंकि मंदी के कारण रोजगार पर भी प्रभाव पड़ा है इसलिए कई कंपनियां कर्मचारियों की छंटनी भी करती हैं लेकिन अगर आपके पास अच्छे संस्थान से एमबीए की डिग्री है तो आपको अतिरिक्त लाभ मिलता है। अमित अग्निहोत्री का कहना है कि आईआईएम, एफएमएस, एमआईएमएस बेगलूर, आईएफआईएम बेंगलूर, आईआईएफटी, एसपीजेआईएमआर, एमडीआई, एआईटीआईई, एमएमआईएमएस, एलायंस यूनिवर्सिटी, आईएफआईएम बिजनेस स्कूल, एमपी बिरला इंस्टीच्यूट, एमएस रमैया, माउंट कार्मेल, पीईएसआईटी जैसे देश के विभिन्न शहरों में स्थित प्रमुख काॅलेजों में प्लेसमेंट में 10 से 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है और सात लाख रुपये से लेकर 70 लाख रुपये तक का पैकेज मिलने लगा है। दरअसल एमबीए के अलावा दो साल की अवधि वाला ऐसा कोई स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम नहीं हैं जिसके पूरा होने से पहले ही अच्छी सैलरी वाली नौकरी की शुरूआत हो जाए।   recent visitors 47

वैवाहिक वर्षगाँठ पर उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मीडिया सलाहकार ताहिर अली को दी शुभकामनाएँ

भोपाल, उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने अपने मीडिया सलाहकार ताहिर अली को उनकी विवाह की 40वीं वर्षगाँठ के अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने ताहिर अली को मंत्रालय भोपाल में पुष्पगुच्छ भेंट कर सुखद, स्वस्थ एवं समृद्ध दांपत्य जीवन की कामना की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने ताहिर अली और उनकी धर्मपत्नी को इस पावन अवसर पर हार्दिक बधाई दी और प्रेम, विश्वास और सौहार्द से परिपूर्ण जीवन व्यतीत करने की कामना की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री शुक्ल के विशेष सहायक चन्द्रप्रताप गोहल, निज सचिव आनंद भट्ट, ओएसडी अशोक शर्मा और जनसंपर्क अधिकारी अंकुश मिश्रा उपस्थित थे। सभी ने ताहिर अली को पुष्पगुच्छ प्रदान कर हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उल्लेखनीय है कि ताहिर अली विगत 21 वर्षों से उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल के साथ मीडिया समन्वय एवं जनसंपर्क गतिविधियों का सफलतापूर्वक संचालन कर रहे हैं। उनके कुशल नेतृत्व, लेखन क्षमता एवं मीडिया के प्रति सजग दृष्टिकोण ने उन्हें एक प्रतिष्ठित और विश्वसनीय सलाहकार के रूप में स्थापित किया है। उप मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी अली को शुभकामनाएँ प्रेषित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। recent visitors 36

NEET-UG 2025 में फर्जीवाड़ा करने वाले डमी कैंडिडेट गैंग के पांच सदस्यों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

जयपुर जयपुर में पुलिस ने राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) 2025 में फर्जीवाड़ा करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में डमी कैंडिडेट गैंग के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। करणी विहार थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर दबिश देकर गैंग के मास्टरमाइंड सहित अन्य सदस्यों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार लोगों के कब्जे से फर्जी दस्तावेज, ब्लूटूथ डिवाइस, मोबाइल, सिमकार्ड, नकद राशि और एक स्कॉर्पियो गाड़ी बरामद की गई है।   डीसीपी (वेस्ट) अमित कुमार ने बताया कि NEET परीक्षा रविवार दोपहर आयोजित की गई थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि करणी विहार क्षेत्र के जगदम्बा नगर स्थित एक फ्लैट में कुछ युवक फर्जीवाड़े की योजना बना रहे हैं। पुलिस टीम ने मौके पर दबिश देकर अजीत कुमार बराला (26), सोहन लाल चौधरी (26) और जितेंद्र शर्मा (24) को गिरफ्तार किया।   पुलिस के अनुसार, आरोपी NEET परीक्षा में असली अभ्यर्थियों की जगह डमी कैंडिडेट को बैठाकर परीक्षा पास करवाने की योजना बना रहे थे। पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने फॉर्म भरते समय एआई टूल्स की मदद से डमी कैंडिडेट की तस्वीरें असली उम्मीदवारों की तस्वीरों से मिलाई थीं। आरोपियों ने एडवांस के तौर पर 50 हजार रुपये भी लिए थे।   डमी कैंडिडेट के रूप में तैयारी कर रहे जितेंद्र शर्मा को रोहित गोरा और संजय चौधरी की जगह NEET और पारा मेडिकल परीक्षा में बैठाने की योजना थी। पुलिस ने बाद में इन दोनों मूल अभ्यर्थियों को भी गिरफ्तार कर लिया।   आरोपियों में अजीत और सोहन, दोनों राष्ट्रीय आयुर्वेदिक संस्थान (एनआईए) में पीजी के छात्र हैं। जबकि जितेंद्र कॉपर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस कर्नाटक में एमबीबीएस फर्स्ट ईयर का छात्र है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी पैसे के लालच और ऐश-ओ-आराम की जिंदगी के लिए इस गैरकानूनी गतिविधि में शामिल हुए। पुलिस अब गिरोह के अन्य संभावित नेटवर्क और पिछले मामलों में इनकी संलिप्तता की जांच कर रही है। recent visitors 50

इन उपायों को अपनाकर बनाएं रखें चेहरे की सुंदरता

आपके चेहरे की खूबसूरती पर दाग-धब्बों, फटे होंठों या थकी-थकी फूली आंखों का ग्रहण न लगे इसके लिए बस थोड़ी सी सावधानियां बरतने और सदियों से आजमाए गए नुस्खे अपनाने की जरूरत है। यहां हम ऐसी ही समस्याओं और उनके निदान का जिक्र कर रहे हैं…   ब्लैक हैड्स:- यदि आपकी त्वचा तैलीय है तो आपके चेहरे पर कहीं भी ब्लैक हैड्स उभर सकते हैं। बेहतर होगा कि आप इन्हें किसी सौंदर्य विशेषज्ञ से दूर कराएं क्योंकि आपके लिए इन्हें स्वयं दूर करना मुश्किल होगा। छिद्र फैल भी सकते हैं।   यदि एक बार चेहरे पर से ब्लैक हैड्स दूर हो जाएं तो सप्ताह में दो-तीन बार फेस मास्क अवश्य लगाएं ताकि फिर चेहरे पर ब्लैक हैड्स न होने पाएं। इस बीच तेल रहित फाउंडेशन हमेशा उंगलियों के पोरों को गोल-गोल घुमाते हुए लगाएं।   दाग-धब्बे:- अकसर लोगों के चेहरे पर मुंहासों जैसे छोटे-छोटे दाने निकल आते हैं। दाना निकलते ही हम उसे दबाकर कील निकलाने की कोशिश करते हैं पर इन्हें दबाने और कील निकालने में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। बेहतर तो यही होगा कि इन फुंसियों पर आप कोई भी एंटीसेप्टिक लोशन या क्रीम लगाएं और फिर फाउंडेशन लगाएं। इसके अतिरिक्त रात में लोशन लगाकर सोएं।   झुर्रियां:- आंखों के इर्द-गिर्द लकीरों का उभरना चिंताजनक होता है। पर ऐसा उम्र के बढ़ने के साथ होता है। आंखों के इर्द-गिर्द की त्वचा बहुत ही महीन और पतली होती है। इस पर बहुत ही कम तेल ग्रंथियां होती हैं। इसलिए अकसर यहां की त्वचा को अतिरिक्त पोषण की आवश्यकता होती है। इस जगह आईक्रीम लगाना चाहिए। आंखों के इर्द-गिर्द बहुत ही हल्का फाउंडेशन या कम से कम पाउडर लगाना चाहिए क्योंकि कोई भी प्रसाधन गाढा लगाने से उस पर लोगों की नजर पड़ती है और कमियां साफ नजर आती हैं।   फूली हुई आंखें:- यदि आपकी आंखें नींद पूरी न होने के कारण फूली हुई हैं या थकावट से सूज गई हैं तो थोड़ी देर लेट जाइए और बादाम के तेल या गुलाब जल में एक रुई का फाहा भिगोकर अपनी आंखों पर 10 मिनट रखिए। इससे आराम मिलेगा। इसके अलावा खीरे के पतले स्लाइस, आलू के स्लाइस या साधारण टी-बैग आंखों पर रखकर थोड़ी देर लेटी रहें। इससे भी आंखों को आराम मिलेगा।   होठों का फटना:- सर्दियों के दिनों में अकसर होंठ फटने लगते हैं। फटे हुए होठों पर ऑलिव ऑयल या मलाई लगाएं। ये होठों को पोषण भी देंगे और उन्हें चिकना भी बनाएंगे। इसके अतिरिक्त विटामिन ई के तत्व भी जल्दी उपचार करने में सहायक होते हैं।   recent visitors 56

मालगाड़ी की चपेट में आने से 10 वर्षीय बच्चे की मां के सामने ही मौत

सीकर सीकर जिले के नीम का थाना क्षेत्र में एक 10 वर्षीय बच्चे की मालगाड़ी की चपेट में आने से मौत हो गई। यह हृदयविदारक घटना नीम का थाना के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत रेलवे बुगदा कान्हा होटल के पास हुई। मृत बच्चे की पहचान यूपी हाल निवासी आयुष के रूप में हुई है, जो अपने मां, पिता और भाई के साथ औद्योगिक क्षेत्र में रह रहा था। जानकारी के अनुसार, आयुष अपने परिवार के साथ बाजार से खरीदारी कर लौट रहा था। घर लौटते समय जब वे रेलवे लाइन पार कर रहे थे, तभी आयुष ने अपनी मां सुनीता से टॉयलेट जाने की बात कही। मां ने उसे पास में ही टॉयलेट करने को कहा। मासूम आयुष रेलवे पटरी के पास बैठकर शौच कर ही रहा था कि तभी अचानक तेज गति से आ रही मालगाड़ी की चपेट में आ गया। घटना इतनी तेज थी कि मां के सामने ही बेटे की मौके पर मौत हो गई।   बताया जा रहा है कि महिला ने अपने बच्चे को बचाने का भरपूर प्रयास किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। बेटे की मौत के बाद मां सुनीता का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। आसपास के लोगों ने जब मां की चीखें सुनीं तो बड़ी संख्या में घटनास्थल पर लोग इकट्ठा हो गए। मासूम आयुष का छोटा भाई मां को चुप करवाता रहा, लेकिन मां के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। रेलवे ट्रैक पर हुए इस दर्दनाक हादसे को देखकर आसपास के इलाके में भी सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। इसके बाद शव को नीम का थाना के जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। पुलिस ने बताया कि यह हादसा रेलवे लाइन के पास की गई लापरवाही का नतीजा है। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है।   recent visitors 53

प्रदेश में 44 हजार करोड़ रुपए की रेल परियोजनाएं प्रगति पर : रेलमंत्री

-क्लीन ट्रेन स्टेशनों का नवाचार,अब 750 स्टेशनों पर होगी ट्रेनों की एयरक्राफ्ट की तर्ज पर सफाई -सुरक्षित व सस्ती रेल सेवाओं के लिए रेलवे संकल्पबद्ध  भोपाल  रेल सेवाओं के विस्तार और रेलयात्रियों को बेहतर यात्री सुविधा मुहैय्या करवाने के उद्देश्य से राजस्थान में 44 हजार करोड़ रुपए की रेल परियोजनाएं प्रगति पर हैं।  सोमवार को संक्षिप्त प्रवास पर गृहनगर जोधपुर पहुंचे रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने यह जानकारी देते हुए बताया कि रेलवे प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप गरीबों और मध्यम वर्ग के हितों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित व सस्ती रेल सेवा उपलब्ध कराने के लिए संकल्पबद्ध है और उसके लिए हर संभव प्रयास किया जा रहे हैं । रेलवे स्टेशन पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए वैष्णव ने बताया कि आज राजस्थान में विभिन्न रेल परियोजनाओं के विकास और उनके क्रियान्वयन हेतु केंद्र सरकार ने 10 हजार करोड़ रुपए का बड़ा रेल बजट स्वीकृत किया है। उन्होंने बताया कि रेलवे ने  विगत 10 वर्षों में 3 हजार 784 किलोमीटर रेल लाइनें है बिछाने के साथ ही विद्युतीकरण का कार्य पूरा करवाया है। उन्होंने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास कर उनका नवीनीकरण कराया जा रहा है।  रेल मंत्री ने बताया कि प्रदेश में तेजी से रेलवे का ढांचागत विकास किया जा रहा है जिसमें 1510 फ्लाई ओवर व अंडरपास का निर्माण, पुष्कर- मेड़ता रोड नई रेल लाइन, अंबाजी से आबूरोड की कनेक्टिविटी तरंगा हिल तक, लूनी- समदड़ी-भीलड़ी  रेल मार्ग का दोहरीकरण, रींगस- खाटूश्याम जी के बीच 17 किलोमीटर नई रेल लाइन, जयपुर से सवाई माधोपुर 131 किलोमीटर दोहरीकरण, अजमेर से चित्तौड़ तक 171 किलोमीटर मार्ग का दोहरीकरण, मावली-देवगढ़ मदारिया स्टेशनों के बीच गेज परिवर्तन, रास से मेड़ता तक नई रेल लाइन का निर्माण, रामगंज मंडी-भोपाल, नीमच से बड़ी सादड़ी स्टेशनों के बीच नई रेल लाइन का निर्माण सहित अनेक परियोजनाएं शामिल है।  उन्होंने बताया कि रतलाम-बांसवाड़ा-डूंगरपुर के लिए नई रेल लाइन का केंद्र सरकार से अनुमोदन लिया जाएगा तथा इसके लिए राज्य सरकार से भी कुछ मुद्दों पर बातचीत जारी है।  एयरक्राफ्ट की तर्ज पर होगी अब ट्रेनों में सफाई की व्यवस्था रेल मंत्री वैष्णव ने बताया कि रेलवे स्वच्छता को बढ़ावा देते हुए निरंतर नवाचार करता रहा है। इसके तहत क्लीन ट्रेन स्टेशन का बड़ा विजन रेलवे ने अपनाया है ।  चुनिंदा क्लीन ट्रेन स्टेशन में ट्रेनों की मेजर क्लीनिंग की जा रही है और देश में अभी ऐसे 350 रेलवे स्टेशन है तथा यह संख्या बढ़ाकर अब 750 की जा रही है।  उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट पर जिस तरह से एयरक्राफ्ट की क्लीनिंग होती है वैसे ही इन स्टेशनों पर ट्रेनों की सफाई की जाएगी जो अपने आप में एक अद्भुत और नवाचार है।  ट्रेनों में 12 हजार जनरल कोच जोड़े गए  रेल मंत्री ने बताया कि कोरोना काल के बाद रेल सेवाओं को फिर से सुविधा युक्त बनाने हेतु विभिन्न ट्रेनों में 12 हजार जनरल कोच जोड़े गए हैं जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के यात्रियों की सुविधा में बहुत वृद्धि हुई है।  इसके अलावा ग्रीष्मावकाश को देखते हुए यात्रियों के आवागमन की सुविधा के लिए देश भर में स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। recent visitors 33

सभी के लिए आदर्श हैं भगवान श्रीराम

भगवान श्रीराम की मातृ-पितृ भक्ति भी बड़ी महान थी वो अपने पिता राजा दशरथ के एक वचन का पालन करने 14 वर्ष तक वनवास काटने चले गए और माता कैकयी का भी उतना ही सम्मान किया। भातृ प्रेम के लिए तो श्रीराम का नाम सबसे पहले लिया जाता है उन्होंने अपने भाइयों को अपने बेटों से बढ़ कर प्यार दिया इनके इसी भातृ प्रेम की वजह से उनके भाई उन पर मर मिटने को तैयार रहते थे। श्रीराम ने रावण का और अन्य असुरों का संहार कर धरती पर शांति भी कायम की। भगवान श्रीराम महान पत्नी व्रता भी थे उन्होंने वनवास से लौटने के बाद माता सीता के साथ न रह कर भी कभी राजसी ठाठ में जीवन नहीं बिताया तथा न ही कभी उनके सिवा किसी अन्य की कल्पना की। भगवान श्रीराम ने अपने सेवकों तथा अनुयायियों का भी सदैव ध्यान रखते हैं। वह अपने सेवक हनुमानजी एवं अंगद के लिए हमेशा प्रस्तुत रहते थे। भगवान श्रीराम में सभी गुण विद्यमान थे।   हिन्दुओं के आराध्य देव श्रीराम भगवान विष्णु के दसवें अवतार माने जाते हैं। मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में विख्यात श्रीराम का नाम हिन्दुओं के जन्म से लेकर मरण तक उनके साथ रहता है। अयोध्या के राजा दशरथ के ज्येष्ठ पुत्र श्रीराम ने असुर राज रावण और अन्य आसुरी शक्तियों के प्रकोप से धरती को मुक्त कराने के लिए ही इस धरा पर जन्म लिया था। उन्होंने अपने जीवन के माध्यम से नैतिकता, वीरता, कर्तव्यपरायणता के जो उदाहरण प्रस्तुत किये वह बाद में मानव जीवन के लिए मार्गदर्शक का काम करने लगे।   महर्षि वाल्मीकि ने अपने महाकाव्य रामायण और संत तुलसीदास जी ने भक्ति काव्य श्रीरामचरितमानस में भगवान श्रीराम के जीवन का विस्तृत वर्णन बहुत ही सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया है। हिन्दू धर्म के कई त्योहार श्रीराम के जीवन से जुड़े हुए हैं जिनमें रामनवमी के रूप में उनका जन्मदिवस मनाया जाता है तो दशहरा पर्व भगवान श्रीराम द्वारा रावण का वध करने की खुशी में मनाया जाता है। श्रीराम के वनवास समाप्त कर अयोध्या लौटने की खुशी में हिन्दुओं का सबसे बड़ा पर्व दीपावली मनाया जाता है।   राम प्रजा को हर तरह से सुखी रखना राजा का परम कर्तव्य मानते थे। उनकी धारणा थी कि जिस राजा के शासन में प्रजा दुरूखी रहती है, वह अवश्य ही नरक का अधिकारी होता है। तुलसीदास जी ने रामचरितमानस में रामराज्य की विशद चर्चा की है। राम अद्वितीय महापुरुष थे। वे अतुल्य बलशाली तथा उच्च शील के व्यक्ति थे। माना जाता है कि अयोध्या में ग्यारह हजार वर्षों तक उनका दिव्य शासन रहा।   recent visitors 48