Sunday, July 5, 2026 5:37 am

दिल्ली में 13-14 मई को विधानसभा का विशेष सत्र

नई दिल्ली दिल्ली सचिवालय में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में भाजपा विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक हुई। सरकार ने 13 और 14 मई को विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र बुलाने का फैसला किया है। बैठक में सत्र के दौरान संभावित विधेयकों और विभिन्न योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक के बाद भाजपा विधायक शिखा राय ने बताया कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने सरकार की मौजूदा और आगामी योजनाओं पर चर्चा की। इन योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने और जनता तक उनका लाभ पहुंचाने पर जोर दिया गया। विशेष रूप से, 20 दिवसीय स्वच्छता अभियान की शुरुआत होने वाली है, जिसमें सभी विधायकों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय भागीदारी के लिए निर्देश दिए गए हैं। शिखा राय ने कहा कि इस अभियान के जरिए दिल्ली को स्वच्छ बनाने का वादा पूरा किया जाएगा। भाजपा विधायक रविंदर सिंह नेगी ने बताया कि इस सत्र में दिल्ली के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा होगी। इनमें शिक्षा से संबंधित विधेयक और मानसून के दौरान जलभराव जैसी समस्याओं से निपटने के लिए प्रस्ताव शामिल हो सकते हैं। हालांकि, विधेयकों का विस्तृत ब्यौरा अभी सामने नहीं आया है, लेकिन सत्र की तारीखें 13 और 14 मई तय की गई हैं। भाजपा विधायक ओम प्रकाश शर्मा ने बताया कि बैठक में मानसून की तैयारियों, नालों से गाद निकालने, स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति, टेंडर माफिया को खत्म करने और पानी की उचित व्यवस्था जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। उन्होंने कहा कि ऐसी बैठकें सरकार और विधायकों के बीच समन्वय के लिए नियमित रूप से आयोजित होती हैं। दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने कहा कि यह बैठक विशेष सत्र की तैयारियों और जनता के मुद्दों को सुलझाने के लिए थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी विधायक अपने क्षेत्रों की समस्याएं उठाएंगे और उनका समाधान निकालेंगे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार जनता के लिए सप्ताह में सातों दिन-चौबीसों घंटे काम कर रही है। चाहे मौसम, सड़कों की स्थिति या जलभराव की समस्या हो, हर क्षेत्र में सुधार के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। हाल की रिकॉर्ड बारिश के बावजूद जलभराव की स्थिति को एक घंटे में नियंत्रित कर लिया गया। सीएम ने कहा कि 27 साल के बैकलॉग को खत्म करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और सचिवालय हर दिन जनता की सेवा के लिए खुला रहता है। recent visitors 51

मध्यप्रदेश में चार दिन रहेगा मौसम का कहर: बारिश, ओले और 60 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी आंधियाँ

Weather havoc will prevail in Madhya Pradesh for four days: Rain, hail and storms will blow at the speed of 60 km/hour भोपाल। मध्यप्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ली है। अगले चार दिन यानी 8 मई तक पूरे प्रदेश में आंधी, बारिश और ओले गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। रविवार को इंदौर में पौने 3 इंच बारिश दर्ज की गई, जबकि भोपाल, उज्जैन, देवास और खंडवा समेत कई जिलों में तेज बारिश के साथ ओले गिरे। कहाँ-कहाँ होगा असर? मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी मध्यप्रदेश के मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में बारिश के साथ ओले गिर सकते हैं। वहीं ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, श्योपुर और शिवपुरी में 60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। राज्यभर में बदला मौसम भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रतलाम, खरगोन, देवास, खंडवा, नरसिंहपुर, सागर, दमोह, रीवा, सतना, सीधी जैसे लगभग सभी जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं और बारिश का दौर जारी रहेगा। कई जगह ओले गिरने की भी आशंका है। क्यों बदला मौसम? सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. अरुण शर्मा के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ लाइन के कारण यह मौसमी बदलाव आया है। रविवार को जो हालात बने, वैसा ही मौसम सोमवार और अगले तीन दिन भी बना रहेगा। गर्मी से राहत, लेकिन ज्यादा दिन नहीं रविवार को इंदौर में 70 मिमी बारिश हुई। भोपाल में भी ओले गिरे। इस बारिश के चलते अधिकतम तापमान में 3-4 डिग्री तक की गिरावट आई है। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि मई का महीना प्रदेश में सबसे गर्म रहता है और आने वाले दिनों में पारा 45 से 48 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। किन जिलों में पड़ेगी सबसे ज्यादा गर्मी? ग्वालियर, छतरपुर, टीकमगढ़, भिंड, दतिया, खंडवा, बड़वानी, मुरैना, शिवपुरी और विदिशा जैसे जिलों में भीषण गर्मी पड़ने का अनुमान है। खजुराहो और पृथ्वीपुर जैसे इलाकों में पारा 48 डिग्री तक पहुंच सकता है। सावधानी जरूरी आगामी दिनों में खराब मौसम को देखते हुए नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। किसान भी ओलावृष्टि और तेज हवाओं से अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएं। recent visitors 116

पाकिस्तान ने फिर किया सीजफायर का उल्लंघन, LoC पर फिर की फायरिंग; सेना ने दिया माकूल जवाब

श्रीनगर पहलगाम में आतंकी हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। इसके बावजूद पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रही है। आज पाकिस्तान ने लगातार 10वें दिन एलओसी के पास फायरिंग कर सीजफायर का उल्लंघन किया है। पाकिस्तान की कई पोस्ट्स से भारत की तरफ बिना किसी उकसावे के फायरिंग की गई। हालांकि भारत की सेना ने भी पाकिस्तान की इस हरकत का माकूल जवाब दिया है। मिली जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान की सेना की लगभग 32 चौकियां सक्रिय हो गई हैं, जहां से फायरिंग की गई है। छोटे हथियारों से की फायरिंग ताजा जानकारी के मुताबिक 03-04 मई 2025 की रात को, पाकिस्तानी सेना की चौकियों ने जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में फायरिंग की। इसमें कुपवाड़ा, बारामुल्ला, पुंछ, राजौरी, मेंढर, नौशेरा, सुंदरबनी और अखनूर के आसपास के इलाकों में नियंत्रण रेखा के पार बिना उकसावे के छोटे हथियारों से गोलीबारी की गई। भारतीय सेना ने भी पाकिस्तान की ओर से की गई इस फायरिंग का तुरंत और आनुपातिक रूप से जवाब दिया। पाकिस्तान की 32 चौकियां सक्रिय बता दें कि 03-04 मई की दरमियानी रात पाकिस्तानी सेना की लगभग 32 चौकियां सक्रिय हो गईं। उन्होंने भारतीय सेना के अग्रिम ठिकानों पर गोलीबारी की।वहीं भारतीय सेना का अनुमान है कि पाकिस्तान ने घात लगाकर हमला करने की कोशिश की है। इन हमलों के जरिए पाकिस्तानी सेना अपने आतंकवादियों की घुसपैठ कराने की कोशिश कर रही है। पाकिस्तान सीमा पार या सर्जिकल स्ट्राइक से डर रहा है और यही वजह से लगातार इस तरह की हरकतें कर रहा है। वहीं पाकिस्तान की इस हरकत से कश्मीर और जम्मू क्षेत्र की नियंत्रण रेखा पर तनाव बढ़ गया है। आतंकियों ने पांच गुटों में बनाए कैंप जानकारी के मुताबिक, ताजा संघर्ष विराम उल्लंघन के दौरान पाक सेना ने पांच समूहों में अलग-अलग स्तर के शिविर बनाए हैं। ये अलग-अलग पोस्ट मानसेरा, मुजफ्फराबाद, कोटली, मुरीदके और बहावलपुर में बनाए गए हैं। इन पोस्ट की बात करें तो मानशेरा में बालाकोट, गढ़ी हबीबुल्लाह, बतरासी; मुजफ्फराबाद में चेलाबंदी, सवाईनाला, मुस्कराअक्सा, अब्दुल्ला बिन मसूद, दुलई नाला; कोटली में गुलपुर, सेंसा, बराली, डुंगी; बहावलपुर में बरनाला और मुरीदके में कालीघाटी हजीरा हैं। अल्फा 3 मुख्य नियंत्रण कक्ष से ये आतंकी कश्मीर में घुसपैठ के लिए योजना बना रहे हैं और आतंकवादियों को प्रशिक्षित कर रहे हैं। आतंकियों के तीन प्रमुख लॉन्चिंग पैड वहीं जांच के दायरे में पाकिस्तान के तीन मुख्य आतंकी कैंप सामने आए हैं। इसमें कोटा हलान नॉर्थ, पीओजेके; तशराजी कैंप, कोटा बाजार, पीओजेके और हलान नॉर्थ, पीओजेके हैं। फॉरवर्ड कोटा हलान नॉर्थ में हिजबुल मुजाहिदीन का लॉन्चिंग पैड है। इस लॉन्चिंग पैड पर सभी संगठनों के मुजाहिदीन की कुल संख्या 15 से 20 है। कमांडर सैफुल्लाह खालिद बटूर इसका लॉन्चिंग कमांडर है। लश्कर-ए-फॉरवर्ड का दूसरा लॉन्चिंग पैड तशराजी कैंप के नाम से है, जो फॉरवर्ड कोटा बाजार में है। इस लॉन्चिंग पैड पर फिलहाल लश्कर का कमांडर अजमतुल्लाह खान है। इस लॉन्चिंग पैड पर 15 से 12 मुजाहिदीन हैं, जो सभी संगठनों से जुड़े हुए हैं। वहीं तीसरा लॉन्चिंग पैड हलान नॉर्थ में है, जो जैश-ए-मोहम्मदी संगठन से जुड़ा हुआ है। इस लॉन्चिंग पैड पर केवल चार मुजाहिद्दीन हैं जो इस पैड की देखभाल कर रहे हैं और बाकी लॉन्चिंग पैड को ज्यादातर बंद रखा गया है। भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ा तनाव दरअसल, एक तरफ पाकिस्तान के नेता आरोप लगा रहे हैं कि भारत उनपर हमला करने की कोशिश कर रहा है। वहीं, दूसरी तरफ पाकिस्तान की सेना खुद ही लगातार जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा यानी LoC पर सीजफायर का उल्लंघन कर रही है। पाकिस्तान की तरफ से बीते 10 दिनों से लगातार सीजफायर का उल्लंघन किया जा रहा है। भारतीय सेना भी पाकिस्तान की फायरिंग का मुंहतोड़ जवाब दे रही है। recent visitors 47

कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने राजनांदगांव जिले में जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए युद्धस्तर पर कार्य करने के निर्देश दिए

रायपुर कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने राजनांदगांव जिले में जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए युद्धस्तर पर कार्य करने के निर्देश दिए हैं। आज उन्होंने मिशन जल रक्षा एवं मोर गांव मोर पानी अभियान के अंतर्गत ग्राम बरगा, टप्पा और गिधवा में विभिन्न जल संरचनाओं एवं निर्माणाधीन इकाइयों का निरीक्षण किया। इस दौरान जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुसुरूचि सिंह भी साथ रहीं। ग्राम बरगा में परकोलेशन टैंक, इंजेक्शन वेल और बोरवेल रिचार्ज सॉफ्ट फिल्टर जैसे नवाचारों का अवलोकन करते हुए कलेक्टर ने जिले में 1000 इंजेक्शन वेल निर्माण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भू-जल स्तर बढ़ाने के लिए नवीन तकनीकों का व्यापक उपयोग किया जाना चाहिए। यहां यह उल्लेखनीय है कि इंजेक्शन वेल एक गहराई तक खोदा गया कुआं या बोर होता है जिसमें साफ किया गया वर्षा जल या अपशिष्ट जल डाला जाता है। यह जल फिल्टर से गुजरते हुए सीधे परतों के माध्यम से भूजल भंडार में प्रवेश करता है। यह विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों, स्कूलों, सरकारी भवनों, औद्योगिक क्षेत्रों और कम परमीय मिट्टी वाले क्षेत्रों में उपयोगी होता है। जहाँ जल का भराव अधिक हो और जमीन की मिट्टी रिचार्ज के अनुकूल हो, वहां पीव्हीसी पाइप या आरसीसी रिंग डालकर इंजेक्शन वेल का निर्माण किया जाता है। कलेक्टर ने ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन इकाई का भी निरीक्षण किया और महिला स्वच्छता दीदियों से चर्चा की। दीदियों द्वारा डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण और यूजर चार्ज संग्रह की जानकारी प्राप्त कर उनके कार्य की सराहना की। इसके अलावा ग्रे वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के निरीक्षण के दौरान उन्होंने बताया कि इससे नालियों का जल शुद्ध होकर तालाबों में प्रवाहित होगा, जिससे जलजनित बीमारियों से सुरक्षा और जल स्रोतों का संरक्षण संभव होगा। ग्राम टप्पा में उड़ारबांध जलाशय का निरीक्षण कर स्थानीय ग्रामीणों से संवाद किया। ग्रामीणों ने इसे पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किए जाने का सुझाव दिया। ग्राम गिधवा में स्टैगर्ड ट्रेंच एवं पर्काेलेशन टैंक जैसी संरचनाओं का निरीक्षण कर उन्होंने जल संरक्षण कार्यों को प्राथमिकता से जारी रखने के निर्देश दिए। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत बनाए जा रहे आवासों का भी जायजा लिया और हितग्राहियों से निर्माण कार्य की जानकारी ली। जिला पंचायत सीईओ सुसिंह ने कलेक्टर को जिले में जल संरक्षण एवं स्वच्छता के प्रयासों की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर वन विभाग, जल संसाधन विभाग एवं संबंधित जनपदों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। recent visitors 40