Saturday, July 4, 2026 4:38 pm

जब एकता सबसे बड़ी जरूरत उस वक़्त नफरती मुहिम चलाना शर्मनाक हरकत

अनेक संगठनों ने साझा अभियान चलाने का संकल्प लिया भोपाल भोपाल के नागरिकों तथा जनता के विभिन्न समुदायों के  बीच काम कर रहे अनेक संगठनों तथा व्यक्तियों ने एक बैठक कर कतिपय विघ्न संतोषी संगठनों द्वारा तेज  किये गए उन्मादी अभियान, अफवाहों और लोगों के बीच आपसी निजी रिश्तों को भी विभाजन का मुद्दा बनाकर नफ़रत फैलाने के कामों पर चिंता व्यक्त की है । यह अत्यंत घृणित बात है कि ये तत्व देश पर आतंकी हमले के समय भी इस तरह की हरकतों से  बाज नहीं आ रहे हैं । पहलगाम के कायराना आतंकी हमले के बाद सारे दलों और इस तरह पूरे देश ने जिस एकजुटता को दिखाया है उसके विपरीत ये नफरती संगठन आतंकी हमले में मारे गए भारत के नागरिकों की पत्नी और परिवारों को भी अपनी नफरती राजनीति का निशाना बनाए हुए हैं । आजाद भारत ही नहीं भारत के पूरे इतिहास में इतने निम्न स्तर की राजनीति पहले कभी नहीं देखी गयी । खेद की बात है कि सत्ता में बैठी पार्टी और विचार समूह के दबाव में आकर प्रशासन इस तरह की हरकतों को संरक्षण प्रदान कर रहा है । बैठक ने चिंता जताई कि असली सूचनाओं और तथ्यों को जनता में पहुंचने से रोकने के कुत्सित इरादे से  अखबारों, स्वतंत्र मीडिया, यूट्यूब चैनल तथा सोशल मीडिया को निशाना बनाया जा रहा है । सोशल मीडिया इन्फ़्लुएन्सर्स और कई साइट्स को अलोकतांत्रिक तरीके से बंद किया जाना, उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किये जाना, कई की गिरफ्तारी आदि  इसी के उदाहरण हैं ।  अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर यह हमले सत्ता में बैठे लोग अपनी असफलताओं को छुपाने के लिए तथा अपने ही देश की जनता के बीच  विभाजन पैदा करने के अपवित्र इरादों से किये जा रहे हैं । मौजूदा  हालात में जरूरी हस्तक्षेप के लिए व्यापकतम संभव एकजुटता बनाने और उसके आधार पर कार्यवाहियों का निर्धारण करने के लिए हुई इस  बैठक ने तय किया कि सत्ता पार्टी और सरकारी मशीनरी के संरक्षण में साम्प्रदायिक उन्माद भड़काने की योजनाबद्द कोशिशों, इनके पीछे छुपे संविधान खत्म कर मनुवादी सामाजिक प्रणाली की बहाली के मंसूबों, जनता की अगातार बढती तकलीफों आदि को जोड़कर छोटे छोटे समूहों में जनता के साथ संवाद किया जाए और धीरज के साथ तथ्यों, तर्कों के जरिये उनके अन्दर बैठाए जा रहे नैरेटिव को तोड़ा जाए । यह काम विकेन्द्रीकृत तरीके से हो । सभी संगठन अपने अपने कार्यक्षेत्र, प्रभाव क्षेत्र, बस्तियों, मोहल्लो, टाउनशिप, कॉलोनी, गाँवों, कारखानों, दफ्तरों में जहां उनकी सक्रियता और मौजूदगी है वहां यह काम करें ।  जहां एक दूसरे की मदद की आवश्यकता हो वहां आपस में समन्वय करें । जून में एक राज्य स्तरीय कन्वेंशन कर इस अभियान को और आगे बढाया जाएगा । इसमें बाकी सभी छोटे बड़े सामाजिक, सांस्कृतिक, सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध संगठनों के साथ धर्मंनिरपेक्षता, लोकतंत्र और संविधान में विश्वास करने वाले सभी  राजनीतिक दलों को भी जोड़ा जाएगा ।   बैठक ने इस बात की जरूरत महसूस की कि साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण के लिए प्रायोजित और झूठी खबरों की असलियत उजागर करने का काम भी किया जाना चाहिए । इसके लिए सर्वे कर तथ्यात्मक जानकारी जुटाना और एंटी फेक न्यूज़ फोरम जैसा तंत्र विकसित करने के ठोस सुझाव आये  ।  अनावश्यक रूप से पुलिस कार्यवाही का शिकार बने नागरिकों, आदिवासी, दलित तथा महिलाओं को कानूनी मदद देने के लिए सहायता समूह भी बनाए जायेंगे ।   वरिष्ठ समाजसेवी राजेन्द्र कोठारी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में आयोजकों की ओर से  बादल सरोज ने आंकलन और सुझाव रखे । इस बैठक में सुझाव और विचार रखने वालों में पूर्व मुख्य सचिव शरद चन्द्र बेहार, कवि साहित्यकार राजेश जोशी, रामप्रकाश त्रिपाठी,   सम्पादक आरती,  शैलेन्द्र कुमार शैली, प्रमोद प्रधान, आशा मिश्रा, नीना शर्मा, वीरेंद्र जैन, योगेश दीवान, डॉ (मेजर)  मनोज राजे, सुनील बोरसे, डॉ अली अब्बास उम्मीद, शिवकुमार  अवस्थी, रनसिंह परमार, आनंद जाट, साहित्यकार संतोष कुमार द्विवेदी, पत्रकार काशिफ काकवी, वरिष्ठ पत्रकार सम्पादक भारत शर्मा, पूषण भट्टाचार्य, मनोज कुलकर्णी, एस आर आजाद, बालेन्दु परसाई, रवीश, इनायत अब्बास,राजेश, मोहसिन अली खान, यमुना सन्नी, अरुणा जी , अश्विनी, फादर आनंद मुटुंगल,  अनीस, अनिल गुप्ता, शिव शंकर मौर्या, डॉ राहुल शर्मा, ओ पी डोंगरीवाल सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता, साहित्य, संस्कृति, श्रमिक, किसान, महिला आंदोलनों के प्रमुख लोग शामिल थे । आयोजकों में से एक वरिष्ठ पत्रकार लज्जाशंकर हरदेनिया स्वास्थ्य संबंधी असुविधाओं तथा वरिष्ठ पत्रकार राकेश दीवान आवश्यक निजी व्यस्तताओं के चलते इस बैठक में उपस्थित नहीं हो सके किन्तु सभी निर्णयों के साथ उन्होंने सहमति व्यक्त की है । recent visitors 31

इंदौर शहर बना देश का पहला भिखारी-मुक्त शहर, भीख मांगने और देने पर भी लगा प्रतिबंध

 इंदौर मध्य प्रदेश का इंदौर शहर एक बार फिर मिसाल बन गया है. अब स्वच्छता के बाद यह शहर देश का पहला भिखारी-मुक्त शहर (Beggar-Free City) बन गया है. प्रशासन की पहल और योजनाबद्ध अभियान की बदौलत शहर की सड़कों से करीब 5000 भिखारियों को हटाकर उन्हें रोजगार और पुनर्वास दिया गया है. एजेंसी के अनुसार, इंदौर प्रशासन ने दावा किया है कि अब शहर में कोई भी व्यक्ति भीख मांगता नजर नहीं आता. कलेक्टर आशीष सिंह ने मीडिया को बताया कि एक साल पहले तक इंदौर की सड़कों पर करीब 5000 भिखारी थे, जिनमें 500 बच्चे शामिल थे. फरवरी 2024 में शुरू किए गए अभियान के तहत इन सभी को जागरूकता, पुनर्वास और शिक्षा के जरिये मुख्यधारा में लाया गया. इस मामले में कलेक्टर ने आगे कहा कि  बच्चों को स्कूलों में दाखिला दिलाया गया, जबकि वयस्क भिखारियों को विभिन्न रोजगार उपलब्ध करवाए गए. इस अभियान को केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के साथ-साथ विश्व बैंक की टीम ने भी सराहा है. जिला कार्यक्रम अधिकारी (महिला एवं बाल विकास विभाग) रामनिवास बुढोलिया ने बताया कि पहले चरण में शहरभर में जागरूकता अभियान चलाया गया, जिसके बाद भिखारियों की पहचान कर उन्हें सरकारी योजनाओं और एनजीओ के माध्यम से सहायता दी गई. उन्होंने कहा कि हमें यह भी पता चला कि कई भिखारी राजस्थान से इंदौर आकर भीख मांगते थे, जिन्हें वापसी का रास्ता दिखाया गया. प्रशासन ने न सिर्फ भीख मांगने पर रोक लगाई, बल्कि भीख देने और भिखारियों से सामान खरीदने पर भी पाबंदी लगा दी है. इस आदेश के उल्लंघन पर अब तक 3 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं. प्रशासन ने यह भी ऐलान किया है कि यदि कोई व्यक्ति भीख मांगने वालों की जानकारी देता है तो उसे 1000 रुपये का इनाम दिया जाएगा. इस योजना के तहत कई लोगों ने अब तक इनाम का लाभ उठाया है.   recent visitors 43

डिप्टी सीएम शर्मा बोले – पाकिस्तान से अब अंतिम फैसला हो ही जाना चाहिए, वित्त मंत्री चौधरी बोले – घुटनों पर पाकिस्तान

रायपुर भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. दोनों ही देशों ने गुरुवार को एक-दूसरे पर एक्शन का दावा किया, वहीं भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने पाकिस्तान को घुटनों पर लाकर खड़ा कर दिया है. छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने भारतीय सेना की जमकर सराहना की और पाकिस्तान को चेताया है. डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि भारत ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया है. उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान इस कार्रवाई को गलत मानते हुए भारत की सीमाओं पर ड्रोन और मिसाइल से हमला करेगा, तो भारत भी मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है. हमारी सेना ने जिस तरह उनके मिसाइल को सीमा में दाखिल होने से पहले ही निष्क्रिय किया, वह उनके शौर्य और तकनीकी क्षमता का परिचायक है. अब समय आ गया है कि पाकिस्तान का अंतिम फैसला कर ही देना चाहिए. घुटनों पर पाकिस्तान : वित्त मंत्री ओपी चौधरी छग के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि भारतीय सेना के साहस से पाकिस्तान को करारा जवाब मिला है. उन्होंने कहा, “भारत का एयर डिफेंस सिस्टम बेहद सशक्त है. आज पाकिस्तान और अतंकवाद घुटने टेकने पर मजबूर हो गया है. हमारी सेना ने पाकिस्तान के लाहौर तक में मौजूद उनके एयर डिफेंस सिस्टम को नष्ट कर दिया है. यह सब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और सेना की तैयारी से संभव हो पाया है. यही कारण है कि पाकिस्तान के सारे प्रयास विफल रहे.” नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा पाकिस्तान : उपमुख्यमंत्री अरुण साव छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर कहा कि पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है. भारत ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है और संयम बरतते हुए आतंक के अड्डों को नेस्तनाबूत किया है. उन्होंने कहा कि भारत की सेना पूरी तरह सक्षम है और पाकिस्तान के सभी मंसूबे नाकाम होंगे. कांग्रेस की तिरंगा यात्रा को लेकर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि यह देखकर अच्छा लगता है कि देश से प्यार करने वाले लोग इस यात्रा में शामिल हो रहे हैं। उनके मन में उत्साह और खुशी देख रही है। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने इसका जवाब मजबूती से दिया है और हर भारतीय को देशहित में ऐसे कदमों का समर्थन करना चाहिए। गौरतलब है कि गुरुवार की देर रात पकिस्तान ने एक के बाद एक भारत के 15 जगहों पर ड्रोन से हमला किया, जिसे भारत के डिफेंस सिस्टम S-400 ने विफल कर दिया है. इसके बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए भारत की ओर से भी ड्रोन और मिसाइल हमले किए गए, जिसमें पाकिस्तान में तबाही मचा दिया. फिलहाल चंडीगढ़ और राजस्थान में पाकिस्तान बॉर्डर से लगे गांव हाई अलर्ट पर है. recent visitors 35

ग्रामीणों को मिल रहा शासकीय योजनाओं का लाभ

रायपुर : जन-जन तक सुशासन: छत्तीसगढ़ अंचल के दूरस्थ स्थलों पर सरकार की सीधी पहुंच महिला आयोग सदस्य दीपिका सोरी पहुंची समाधान शिविर ग्रामीणों को मिल रहा शासकीय योजनाओं का लाभ रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में सुशासन तिहार का आयोजन शासन की जनहितकारी योजनाओं को ग्रामीणों तक सीधे पहुँचाने की एक अभिनव पहल के रूप में किया जा रहा है। इसी कड़ी में सुशासन तिहार के तृतीय चरण के अंतर्गत सुकमा जिले के आदिवासी बहुल जीरमपाल कलस्टर ग्राम पंचायत में समाधान शिविर का आयोजन हुआ, जिसमें ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। शिविर में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य सुश्री दीपिका सोरी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में सरकार खुद आपके द्वार पर आकर आपकी समस्याओं का समाधान कर रही है। यह आप सभी के सहयोग और सहभागिता से ही संभव है कि योजनाओं का लाभ प्रत्येक जरूरतमंद तक पहुँच सके। इस समाधान शिविर में ग्राम पंचायत जीरमपाल, गादीरास, मूरतोंडा, नागारास, सोनाकुकनार और रामपुरम के ग्रामीणों द्वारा दिए गए लगभग 980 आवेदनों के निराकरण की जानकारी दी गई। सभी विभागों द्वारा अपनी-अपनी योजनाओं की जानकारी साझा की गई और ऑन-द-स्पॉट सेवाएं भी प्रदान की गईं। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में अन्न प्रासन्न और गोद भराई जैसे पारंपरिक अनुष्ठानों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की माताओं को सम्मानित किया गया। यह आयोजन ग्रामीण अंचलों में महिला और शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक सशक्त कदम रहा। शिविर में जिला पंचायत सदस्य श्रीमती माड़े बारसे, श्रीमती गीता कवासी, जनपद अध्यक्ष श्री संतोष ईड़ो, उपाध्यक्ष श्रीमती रीना पेद्दी, जनप्रतिनिधि श्री धनीराम बारसे व श्री दिलीप पेद्दी तथा प्रशासनिक अमले से कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती नम्रता जैन, एसडीएम सुश्री मधु तेता, तहसीलदार श्री अनिल ध्रुव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। recent visitors 39

पाकिस्तान के निशाने पर मुख्य निशाना जालंधर का सुरानुसी इलाका था, जहां सेना का गोला-बारूद डिपो स्थित

नई दिल्ली/जालंधर वीरवार देर रात पाकिस्तान ने पंजाब के कई ज़िलों में एक बार फिर ड्रोन हमलों की कोशिश की, लेकिन भारतीय रक्षा प्रणाली की मुस्तैदी के चलते ये मंसूबे नाकाम हो गए। पंजाब के जालंधर, पठानकोट, फिरोजपुर, कपूरथला और अन्य सीमावर्ती इलाकों में अचानक धमाकों की आवाज़ों ने लोगों को चौकन्ना कर दिया। इन हमलों का मुख्य निशाना जालंधर का सुरानुसी इलाका था, जहां सेना का गोला-बारूद डिपो स्थित है। सूत्रों के मुताबिक, जालंधर के सुरानुसी क्षेत्र में पाकिस्तानी ड्रोन से करीब 50 धमाकों की आवाज़ें सुनाई दीं। आसपास के गांवों हीरापुर और पट्टकड कलां में भी धमाके महसूस किए गए। सेना की एयर डिफेंस यूनिट ने समय रहते एक ड्रोन को मार गिराया और बाकी ड्रोन को ट्रैक कर निष्क्रिय कर दिया गया। वहीं कपूरथला और फिरोजपुर में भी कई धमाकों की पुष्टि हुई है। इन हमलों के चलते जालंधर, चंडीगढ़ और पंजाब के छह सीमावर्ती ज़िलों — पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर और फाजिल्का — में ऐहतियातन ब्लैकआउट लागू कर दिया गया। जालंधर में व्रज कोर का मुख्यालय और आदमपुर एयरफोर्स स्टेशन जैसे महत्वपूर्ण सैन्य ठिकाने स्थित हैं, जिन्हें सुरक्षित बनाए रखने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए। इससे पहले बुधवार रात अमृतसर के विभिन्न गांवों — दुधाला, जेठूवाल, पंढेर और मखणविंडी — पर रॉकेट हमले किए गए थे, जिन्हें वायुसेना की डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही नष्ट कर दिया। घटनास्थलों से कई रॉकेट के अवशेष भी बरामद किए गए हैं। सौभाग्य से इन हमलों में किसी प्रकार की जनहानि या भारी नुकसान की कोई खबर नहीं है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि धमाकों की आवाज़ से उनकी नींद टूट गई और वह तुरंत अपने परिजनों के साथ सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। पुलिस और सेना की टीमों ने रातभर तलाशी अभियान चलाया और क्षेत्र को पूरी तरह से सील कर जांच शुरू कर दी है। यह घटनाएं एक बार फिर पाकिस्तान की नापाक हरकतों को उजागर करती हैं, लेकिन भारतीय सेना की तत्परता ने एक बड़ा खतरा टाल दिया। सुरक्षा एजेंसियां अब इन हमलों के पीछे की रणनीति और संभावित खतरे की तह तक जाने में जुट गई हैं। recent visitors 46

सरकार ने शहर के प्रमुख स्थानों पर आधुनिक ट्रैफिक लाइट और हाइटेक निगरानी कैमरे लगाए गए

अयोध्या उत्तर प्रदेश सरकार ने शहर के यातायात को सुव्यवस्थित करने और सड़क सुरक्षा में सुधार के लिए अयोध्या में इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) लागू किया है. इस प्रणाली के तहत प्रमुख स्थानों पर आधुनिक ट्रैफिक लाइट और हाइटेक निगरानी कैमरे लगाए गए हैं, जिससे वास्तविक समय की निगरानी और यातायात उल्लंघन के लिए चालान स्वचालित रूप से जारी करना संभव हो गया है. गुरुवार को एक आधिकारिक बयान के अनुसार, 47 करोड़ रुपये की आईटीएमएस परियोजना 2022 में शुरू की गई थी, जिसके पहले चरण का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था. अब तक अयोध्या में 20 प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक लाइट लगाई जा चुकी हैं, साथ ही यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है. आईटीएमएस के तहत लगाए गए कैमरे लाल बत्ती कूदने या बिना हेलमेट के वाहन चलाने जैसे उल्लंघनों को रिकॉर्ड करते हैं, जिसके आधार पर डिजिटल चालान अपने आप जेनरेट हो जाते हैं. अधिकारियों के अनुसार, इस प्रणाली के तहत कुल 36,555 चालान जारी किए गए हैं, जिसने मंदिर नगरी में सड़क अनुशासन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. यातायात प्रबंधन के अलावा, आईटीएमएस कैमरों ने पूरे शहर में निगरानी और सुरक्षा को मजबूत किया है.   न्यूज एजेंसी के मुताबिक, अधिकारियों ने कहा कि एकत्र किए गए डेटा से पुलिस को अपराध नियंत्रण और भीड़ प्रबंधन में मदद मिल रही है. इस साल की शुरुआत में प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के दौरान चालान अभियान शुरू हुआ और अब तक कुल 3.66 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है. शहर के अधिकारियों द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, इसमें से 12.35 लाख रुपये पहले ही वसूले जा चुके हैं. जबकि सभी 20 चयनित चौराहों पर लाइटें लगाई गई हैं, वर्तमान में केवल 14 स्थानों पर ही संचालन सक्रिय है. चल रहे निर्माण कार्य के कारण, शहादतगंज बाईपास, शांति चौक, साकेत पेट्रोल पंप, हनुमान गुफा और देवकाली बाईपास पर सिग्नल अस्थायी रूप से काम नहीं कर रहे हैं. अयोध्या नगर आयुक्त संतोष शर्मा ने कहा कि आईटीएमएस ने सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में मदद की है, इसके लागू होने के बाद से अब तक कोई घटना सामने नहीं आई है. उन्होंने कहा, "तीर्थयात्री और आगंतुक अब सुरक्षित और सुव्यवस्थित यातायात प्रणाली का लाभ उठा रहे हैं. पहले ट्रैफिक जाम के लिए जाने जाने वाले क्षेत्र अब काफी हद तक जाम से मुक्त हैं."   recent visitors 41

अनुपम खेर ने वीडियो शेयर कर लिखा- हम हिंदुस्तानी हैं, हमारी सुरक्षा

मुंबई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव की स्थिति और बढ़ गई है. गुरुवार की रात पाकिस्तान ने जम्मू, पठानकोट और उधमपुर में भारतीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए ड्रोन और मिसाइलें दागीं हैं. वहीं, अब दिग्गज एक्टर अनुपम खेर ने सोशल मीडिया पर देर रात एक पोस्ट शेयर किया है. उन्होंने इस पोस्ट में जम्मू से अपने भाई के भेजे एक वीडियो को शेयर कर सेना की बहादुरी का किस्सा बताया है. अनुपम खेर ने वीडियो किया शेयर बता दें कि अनुपम खेर ने अपने कजिन के साथ हुई बातचीत और एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है. अनुपम खेर ने बताया कि उनका कजिन जम्मू में रहता है और हमले के बीच उनके भाई ने आसमान में छाई मिसाइलों की एक वीडियो शेयर किया है. अनुपम खेर ने पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि जब मैंने वीडियो देखी तो मैंने तुरंत अपने कजिन भाई को कॉल करके पूछा कि क्या वो और उनका परिवार ठीक है? इस पर मेरे भाई ने कहा कि भैया! हम भारत में है! हम हिंदुस्तानी हैं. हमारी सुरक्षा भारतीय सेना और माता वैष्णो देवी कर रही है. आप टेंशन मत लो. वैसे भी कोई भी मिसाइल हम जमीन पर नहीं लगने दे रहे.” जय माता की! भारत माता की जय! बता दें कि अनुपम खेर का ये ट्वीट काफी तेजी से वायरल हो रहा है. पाकिस्तान के भारत पर कई मिसाइल दागने पर भारतीय सेना ने बहादुरी दिखाते हुए कई कड़े कदम उठाए हैं. recent visitors 43