पाकिस्तान के साथ तनाव के बीच होलकर स्टेडियम को बम धमकी, एमपीसीए को मिला धमकी भरा ई-मेल, पुलिस से की शिकायत

इंदौर पाकिस्तान से युद्ध के हालात के बीच मध्य प्रदेश क्रिकेट संगठन (एमपीसीए) को धमकीभरा ई-मेल मिला है, जिसके शीर्षक में होलकर स्टेडियम को बम से उड़ाने और देशभर में स्लीपर सेल होने की धमकी दी गई है। पुलिस और प्रशासन ने जांच प्रारंभ कर दी है। पहलगाम हमले के बाद भारत ने आपरेशन सिंदूर प्रारंभ किया है। इससे बौखलाए पाकिस्तान ने भारत पर आक्रमण किया, जिसका भारतीय सेना ने जोरदार जवाब दिया। इस बीच शुक्रवार को मध्य प्रदेश क्रिकेट संगठन को एक मिला धमकीभरा मेल मिला है। हालांकि मेल में लिखी भाषा से किसी शरारती दिमाग की करतूत नजर आती है। मेल के शीर्षक में लिखा है, ‘आपके स्टेडियम में बम विस्फोट होगा।’ अस्पताल में भी ब्लास्ट की धमकी नीचे लिखा है, ‘पाकिस्तान से पंगा मत लो। अपनी सरकार को समझाओ। पाकिस्तान के विश्वसनीय स्लीपर सेल देशभर में हैं। ऑपरेशन सिंदूर के कारण आपके ‘अस्पताल’ में बम ब्लास्ट हो सकता है।’ स्टेडियम की जगह अस्पताल लिखने से माना जा रहा है कि किसी संदेश को कापी-पेस्ट किया है। एमपीसीए की शिकायत के बाद तुकोगंज थाने के बल के साथ ही बम निरोधक इकाई ने दो घंटे तक स्टेडियम का मुआयना किया। जांच में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। तुकोगंज टीआई को सूचना दी     हमें शुक्रवार सुबह एक ई-मेल मिला है, जिसमें स्टेडियम को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। इस बारे में क्राइम ब्रांच और तुकोगंज पुलिस थाने के टीआई को सूचित किया था। पुलिस का दल जांच करने स्टेडियम आया था। – रोहित पंडित, प्रशासनिक अधिकारी, एमपीसीए, इंदौर   recent visitors 26

रोहित शर्मा का टेस्ट से संन्यास लेना कोई हैरानी नहीं, क्योंकि हिटमैन की फॉर्म और कप्तानी अंत में काम नहीं आई: पूर्व क्रिकेटर

नई दिल्ली इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल एथरटन को लगता है कि रोहित शर्मा का टेस्ट से संन्यास लेना कोई हैरान कर देने वाली बात नहीं है, क्योंकि हिटमैन की फॉर्म और कप्तानी अंत में काम नहीं आई। रोहित ने इंग्लैंड दौरे के लिए चयन से ठीक पहले इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए टेस्ट से संन्यास की घोषणा की। ऐसी रिपोर्ट्स थीं कि बीसीसीआई रोहित से आगे निकलने की सोच रहा था और एथरटन ने स्काई स्पोर्ट्स से बात करते हुए इस ओर इशारा किया। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान ने कहा कि आखिरकार यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि रोहित का फॉर्म गिर रहा था और उनकी कप्तानी में भारत हार रहा था। एथर्टन ने कहा, "क्या यह संन्यास पूरी तरह से उनका अपना फैसला था या उन्हें लग रहा था कि उन्हें बाहर किया जा रहा है या उन्हें बाहर किया जा रहा है क्योंकि रोहित की घोषणा से एक दिन पहले एक रिपोर्ट थी कि चयनकर्ताओं ने आगे बढ़ने का फैसला किया है। तो यह अटकलें हैं, हमें नहीं पता, लेकिन अंततः यह निर्णय आश्चर्यजनक नहीं था क्योंकि यह किसी भी कप्तान के लिए एक खराब संयोजन है, जैसा कि आप जानते हैं, और जैसा कि मैं अच्छी तरह से जानता हूं कि अगर आप मैच हार रहे हैं, और आपको कोई रन नहीं मिल रहा है, और भारत ने रोहित की कप्तानी में पिछले 6 मैचों में से 5 में हार का सामना किया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन और बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में दो, और उनका फॉर्म वास्तव में खराब हो गया था और निश्चित रूप से, यह किसी भी कप्तान के लिए एक खराब संयोजन है।" उन्होंने आगे कहा, "वह 38 साल के हैं। भारतीय क्रिकेट में प्रतिभा की बहुत अधिक गहराई है। इसलिए, प्रतिभा की उस गहराई और प्रतिस्पर्धा को देखते हुए, इसका मतलब है कि जब फॉर्म या परिणाम आपके खिलाफ जाते हैं तो आप इतने धैर्यवान नहीं होते। और इसलिए इस लिहाज से मुझे नहीं लगता कि यह बहुत ज्यादा आश्चर्य की बात थी। लेकिन जब टेस्ट करियर खत्म होता है तो हमेशा दुख होता है। वह एक महत्वपूर्ण क्रिकेटर रहे हैं। रिकॉर्ड या आंकड़े टेस्ट क्रिकेट के मामले में शीर्ष रैंक का सुझाव नहीं देते हैं।" recent visitors 36

MP में आज भी आंधी, हल्की बारिश के आसार, 40 से अधिक जिलों में अलर्ट,4 दिन रहेगा असर

भोपाल  मौसम विभाग के अनुमान के बावजूद भोपाल में शुक्रवार, 9 मई को मौसम सामान्य रहा। आज फिर यानी शनिवार,10 मई को इंदौर, भोपाल, उज्जैन-जबलपुर समेत मध्यप्रदेश के 40 से अधिक जिलों में मौसम बदला रहेगा। IND ने इन जिलों में आंधी, हल्की बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा अब 13 मई तक रहेगा आंधी-बारिश का मौसम। इन जिलों में बदला रहेगा मौमस शनिवार को जिन जिलों में मौसम बदला रहेगा, उनमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, भिंड, दतिया, अशोकनगर, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, दमोह, निवाड़ी, टीकमगढ़, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मंडला, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, धार, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, देवास, खंडवा, खरगोन जिले शामिल हैं। वहीं, बुरहानपुर, हरदा, सीहोर, विदिशा, बालाघाट, सिवनी, कटनी में भी हल्की बारिश, गरज-चमक और आंधी का दौर रह सकता है। कई जिलों में बारिश का दौर रहा, आंधी भी चली इससे पहले शुक्रवार को प्रदेश के कई जिलों में मौसम बदला रहा। भोपाल, श्योपुर, बैतूल, हरदा, अनूपपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, गुना, विदिशा, रायसेन, सीहोर, खंडवा, छतरपुर, बैतूल, रतलाम, देवास, खरगोन, पन्ना, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, सिंगरौली और शहडोल में भी हल्की बारिश, आंधी और गरज-चमक की स्थिति बनी रही। दूसरी ओर, पूरे प्रदेश में दिन का तापमान 40 डिग्री से कम रहा। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 34.2 डिग्री, इंदौर में 34 डिग्री, ग्वालियर में 37.6 डिग्री, उज्जैन में 34 डिग्री और जबलपुर में पारा 37.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी में सबसे कम 30.6 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, खजुराहो में सबसे ज्यादा 39.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मंडला, सतना, सीधी और रीवा में भी पारा 39 डिग्री या इससे ज्यादा रहा। इसलिए बदला मौसम सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि वर्तमान में दो सिस्टम एक्टिव है। इस वजह से प्रदेश में मौसम बदला है। 13 मई तक हल्की बारिश गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी। अगले 4 दिन कैसा रहेगा मौसम 10 मई को भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, धार, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, विदिशा, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, देवास, हरदा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, कटनी, रीवा, मऊगंज, मुरैना, भिंड, दतिया, सीधी और सिंगरौली में हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज आंधी की संभावना है। 11 मई को इंदौर, भोपाल, जबलपुर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, निवाड़ी, टीकमगढ़, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा, सीहोर, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, शाजापुर, खरगोन, बड़वानी, छतरपुर, दमोह, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, कटनी, मैहर, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, रीवा, सतना, पन्ना में गरज-चमक, आंधी और बारिश की संभावना है। 12 मई को प्रदेश के सभी जिलों में बारिश की संभावना है। इसमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा, शहडोल और जबलपुर शामिल हैं। इस दौरान 40 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से आंधी भी चल सकती है। 13 मई को भोपाल, विदिशा, रायसेन, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में तेज़ आंधी और बारिश होने की संभावना है। recent visitors 36

भारत की जवाबी कार्रवाई के बीच पाकिस्तान एहसास हो गया कि उसकी सबसे भरोसेमंद लाइफ लाइन भी अब छीन ली गई

नई दिल्ली भारत की जवाबी कार्रवाई के बीच पाकिस्तान को यह एहसास हो गया कि उसकी सबसे भरोसेमंद लाइफ लाइन भी अब छीन ली गई है. इतिहास पर गौर करें तो पाकिस्तान इस भरोसे से भारत के साथ टकराव में रहा है कि अगर हालात मुश्किल हुए तो अमेरिका उसकी मदद करेगा, जिसके पास वह SOS लेकर दौड़ा चला आएगा. लेकिन भारत के 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद अमेरिका ने भी पाकिस्तान से सॉफ्ट लैंडिंग की सुविधा अब छीन ली है. परमाणु हमले की खोखली धमकी पाकिस्तान की मानसिकता को समझने और अमेरिका पर उसकी निर्भरता को समझने के लिए साल 1999 की गर्मियों को याद करना अहम है, जब पाकिस्तान ने कारगिल की रणनीतिक रूप से अहम मानी जाने वाली पहाड़ियों पर कब्जा करने की कोशिश की थी. पाकिस्तान को सजा दिए बिना जाने देने के लिए तैयार न होते हुए भी भारत ने एक साहसिक कदम उठाया. उस समय सेना की स्ट्राइक टुकड़ियों को अपने बेस कैंप छोड़ने की तैयारी करने को कहा गया था. लगभग उसी वक्त अमेरिकी स्पाई सैटेलाइट ने राजस्थान में ट्रेनों पर लोड किए जा रहे भारतीय टैंकों और भारी तोपों की तस्वीरें कैद कीं. मैसेज साफ था कि भारत कारगिल में घुसपैठ का बदला लेने के लिए पाकिस्तान पर हमला करने वाला था. सेना के इस कदम से पहले पाकिस्तान हमेशा की तरह ही इनकार और धमकी की रणनीति अपना रहा था. सार्वजनिक मंचों पर नवाज शरीफ सरकार कारगिल में पाकिस्तान की भूमिका से इनकार कर रही थी. साथ ही वह यह भी संकेत दे रही थी कि अगर भारत ने संघर्ष को बढ़ाने की हिम्मत की तो परमाणु विकल्प भी अपना सकती है. दूसरों से मदद मांगने की आदत लेकिन जैसे ही शरीफ को भारतीय सीमा पर हलचल के बारे में पता चला, उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन से मिलने की इच्छा जताई. बैठक में शरीफ कारगिल से अपने लड़ाकों को वापस बुलाने और नियंत्रण रेखा (LoC) की पर स्थिति बहाल करने पर सहमत हो गए. 12 जुलाई को शरीफ टीवी पर देश को समझा रहे थे कि अब घुसपैठियों का कारगिल में रहना जरूरी नहीं रह गया है. इसके तुरंत बाद कारगिल में संघर्ष खत्म हो गया. कारगिल युद्ध के दौरान पाकिस्तान के बर्ताव से हमें दो अहम बातें पता चलती हैं. पहली, अपने परमाणु ब्लैकमेल और शेखी बघारने के बावजूद पाकिस्तान भारत के साथ पारंपरिक युद्ध लड़ने से कतराता है. दूसरी, जब भी वह खुद को बचाना चाहता है, तो वह अपनी इज्जत बचाने के लिए वॉशिंगटन (या अंतरराष्ट्रीय समुदाय) पर निर्भर हो जाता है. अमेरिका ने दिया जोर का झटका लेकिन इस बार वॉशिंगटन ने सम्मानजनक तरीके से बाहर निकलने का विकल्प बंद कर दिया है. फॉक्स न्यूज से बात करते हुए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे संघर्ष में वॉशिंगटन की भागीदारी से इनकार किया. उन्होंने कहा, 'हम जो कर सकते हैं, वह यह है कि इन लोगों को तनाव थोड़ा कम करने के लिए प्रोत्साहित करने की कोशिश करें, लेकिन हम युद्ध के बीच में शामिल नहीं होने जा रहे हैं, यह मूल रूप से हमारा कोई काम नहीं है और इसका अमेरिका से कोई लेना-देना नहीं है.' वॉशिंगटन के इस साफ संकेत के बीच कि भारत और पाकिस्तान को मामले को सुलझाने के लिए छोड़ दिया गया है, रिपब्लिकन नेता निक्की हेली ने इस्लामाबाद पर एक और बम गिराया है. ट्रंप की पूर्व सहयोगी हेली ने एक्स पर एक पोस्ट में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के खुद का बचाव करने और जवाबी कार्रवाई करने के अधिकार का बचाव किया. उन्होंने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान को पीड़ित की भूमिका निभाने का अधिकार नहीं है. पाकिस्तान का मददगार रहा है US इस बार वॉशिंगटन की तटस्थता पिछले संघर्षों के दौरान उसके ऐतिहासिक पाकिस्तान समर्थक रुख के बिल्कुल उलट है. साल 1971 में, अमेरिका ने भारत को रोकने के लिए परमाणु ऊर्जा से चलने वाले एयरक्राफ्ट कैरियर USS एंटरप्राइज के नेतृत्व में अपनी 7वीं फ्लीट को बंगाल की खाड़ी में तैनात किया था. इसी तरह 2001 में, जब भारतीय संसद पर आतंकी हमलों के बाद दोनों देश युद्ध की कगार पर थे, तो वॉशिंगटन ने संकट को कम करने के लिए अपने दूतों को नई दिल्ली भेजा था. कुछ साल पहले, जैसा कि रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञ ब्रह्मा चेलानी ने एक्स पर बताया था, जो बाइडेन प्रशासन ने F-16 बेड़े को अपग्रेड करने में पाकिस्तान की मदद की थी. लेकिन वेंस का बयान दिखाता है कि 1971 के बाद से वॉशिंगटन कितनी दूर आ गया है और वह भारत के साथ संबंधों को कितना महत्व देता है. अब बचे हैं सिर्फ गिनती के दोस्त अब तक पाकिस्तान का समर्थन सिर्फ कुछ ही सहयोगी देशों तक सीमित रहा है, मुख्य रूप से चीन, तुर्की और अज़रबैजान. यह पाकिस्तान के बढ़ते अलगाव को दर्शाता है, क्योंकि सऊदी अरब और यूएई जैसे पारंपरिक सहयोगियों ने संतुलित या भारत समर्थक रुख अपनाया है. जी-20 और खाड़ी देशों को ब्रीफिंग सहित भारत के कूटनीतिक संपर्क ने उसकी आतंकवाद विरोधी कथनी के लिए काफी सहानुभूति जुटाई है. कारगिल के बाद से भारत ने रक्षात्मक रुख से हटकर आक्रमणकारी और जवाबी रणनीति अपनाई है, जैसा कि 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 के बालाकोट एयर स्ट्राइक में देखा गया. सीधी कार्रवाई की इस रणनीति ने भारत को हिम्मत दी है और अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता पर उसकी निर्भरता कम की है. इस बीच पाकिस्तान अपने सहयोगियों पर बहुत ज़्यादा निर्भर हो गया है. उसकी कमज़ोर अर्थव्यवस्था, बढ़ते कर्ज का बोझ, ख़ैबर पख़्तूनख़्वा और बलूचिस्तान में अशांति और कमज़ोर राजनीतिक नेतृत्व ने भारत के साथ पारंपरिक युद्ध को अस्थिर बना दिया है, जिसकी वजह से इस्लामाबाद को कूटनीतिक तरीके से बाहर निकलने की कोशिश करनी पड़ रही है.   recent visitors 53

USAF का दल कतर एयरवेज की उड़ान से ढाका हवाई अड्डे पर पहुंचाम क्या होने वाला है

ढाका  अमेरिकी एयरफोर्स (USAF) के अधिकारियों की एक टीम बांग्लादेश की राजधानी ढाका पहुंची है। चार सदस्यों की यह टीम कतर एयरवेज की फ्लाइट OR-641 से 8 मई को ढाका के शाह जलाल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंची। इस टीम की आमद का मकसद 'एक भारी कार्गो विमान' के ढाके आने से पहले व्यवस्था देखना है। इन अधिकारियों के डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी (DIA) से जुड़े होने का दावा किया जा रहा है। ढाका में जो विशाल कार्गो आ रहा है, उसे कथित तौर पर बांग्लादेश सीमा के जरिए म्यांमार में भेजा जाएगा। इसमें खतरनाक हथियार होने का अंदेशा है। हाल ही में ये रिपोर्ट भी सामने आई थी कि अमेरिका की ओर से बांग्लादेश की सीमा के जरिए म्यांमार के विद्रोही गुटों को सैन्य मदद भेजी जा रही है। नार्थईस्ट न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, USAF के जो सदस्य ढाका पहुंचे हैं। उनमें तारा लिन एलेग्जेंड्रिया स्ट्राइडर (लॉजिस्टिक्स डायरेक्टर), डेविड थॉमस रीफेनबर (DFS ग्रुप लिमिटेड में प्रोडक्ट सेल्स मैनेजर) माइकल कोडी थैकर (लॉजिस्टिक्स और फ्लीट मैनेजमेंट के सीनियर डायरेक्टर) और स्टाफ सार्जेंट मार्टिन लुकास वैननोर्सडॉल हैं। ये सभी ढाका के गुलशन इलाके में वेस्टिन होटल में ठहरे हैं। अल उदेद बेस कनेक्शन बांग्लादेश की सुरक्षा सेवा के सूत्रों का कहना है कि ढाका आए USAF अधिकारी अल उदेद एयर बेस से जुड़े हैं। यह एयर बेस दोहा से 65 किलोमीटर दूर है। अल उदेद एयर बेस को अबू नखला एयरपोर्ट भी कहा जाता है। यहां कई सैन्य संसाधन और गठबंधन सेनाएं मौजूद हैं। यह इराक में अमेरिकी अभियानों के लिए मुख्यालय और लॉजिस्टिक्स बेस के रूप में काम करता है। यहां खाड़ी क्षेत्र की सबसे लंबी हवाई पट्टी है। अल उदेद में USAF का 379वां एयर एक्सपेडिशनरी विंग है। यह US सेंट्रल कमांड और रॉयल एयर फोर्स के नंबर 83 ग्रुप RAF का होम बेस है। 379वां एयर एक्सपेडिशनरी विंग कई क्षेत्रों में लड़ाकू हवाई शक्ति और आवश्यक कार्य जैसे एरोमेडिकल इवैक्यूएशन और इंटेलिजेंस सपोर्ट प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बांग्लादेश आर्मी चीफ ने किया है कतर दौरा बांग्लादेश आर्मी के चीफ जनरल वकार उज जमां 3 मई को दो दिन के कतर दौरे पर गए थे.।उनके साथ ब्रिगेडियर जनरल गुलाम मोहीउद्दीन अहमद भी थे, जो ऑर्डनेंस ऑर्गनाइजेशन डायरेक्टरेट के डायरेक्टर हैं। उन्होंने भी कतर एयरवेज की फ्लाइट QA-639 से यात्रा की थी। ऐसे में इस भारी कार्गो के अब बांग्लादेश में आने से कई तरह की चर्चा जोर पकड़ रही है। बांग्लादेश की सुरक्षा सेवा के सूत्रों ने बताया कि चारों USAF अधिकारी ढाका में तब तक रहेंगे, जब तक कि बड़े कंटेनरों वाला कार्गो विमान शाह जलाल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर नहीं आ जाता है। इसमें घातक हथियार हो सकते हैं, जिनको सड़क मार्ग से बांग्लादेश-म्यांमार सीमा पर भेजा जा सकता है। अगर ये अत्याधुनिक हथियार हैं, तो आने वाले समय में म्यांमार के गृहयुद्ध में बड़े बदलाव दिख सकते हैं। recent visitors 32

गुजरात में भारत ने 6 पाकिस्तानी ड्रोन गिराए, राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में रेड अलर्ट

राजस्थान/कच्छ भारत पाकिस्तान के बीच तनाव बीती रात चरम पर पहुंच गया. दोनों ही देशों की तरफ से कई जगहों पर हमले किए गए. पाकिस्तानी सेना ने आज सुबह (शनिवार) दावा किया है कि उसने भारत के अंदर 8 अहम सैन्य ठिकानों पर “बड़े हमले” किए हैं. इनमें पंजाब स्थित ब्रह्मोस मिसाइल स्टोरेज फैसलिटी, उरी का सप्लाई डिपो, राजस्थान के सूरतगढ़ एयरफील्ड, आदमपुर में तैनात S-400 सिस्टम, देहरंग्यारी की आर्टिलरी पोजीशन और पठानकोट एयरफील्ड शामिल हैं. इधर गुजरात के कच्छ स्थित आदिपुर के रिहायशी इलाके में भारतीय सेना ने पाकिस्तानी ड्रोन मार गिराए है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो गुजरात में भारत ने 6 पाकिस्तानी ड्रोन मार गिराए गए हैं. नालिया और भुज एयरफोर्स ने ये कार्रवाई. की है. इसमें नालिया एयरफोर्स स्टेशन ने 4 ड्रोन और भुज एयरफोर्स स्टेशन ने 2 ड्रोन को मार गिराया है. सूत्रों के अनुसार, एक मिसाइल जैसी वस्तु नालिया के पास देखी गई है. इस मामले की जांच जारी है. गुजरात के गृहमंत्री खुद स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और संबंधित एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क में हैं. इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं. पूरे घटनाक्रम को लेकर केंद्रीय एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं. इस बीच राज्य के पाकिस्तान बॉर्डर से सटे इलाकों में गोलाबारी के चलते गुजरात के मुख्यमंत्री ने इमरजेंसी मीटिंग की है. उन्होंने स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर में अधिकारियों के साथ बैठक की और स्थिति की जानकारी ली. गुजरात के अलावा राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है. श्रीगंगानगर, चूरू, हनुमानगढ़, बीकानेर जिले में रेड अलर्ट है. ड्रोन हमलों को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से घर में ही रहने की अपील की है. श्रीगंगानगर में बिजली आपूर्ति भी बंद कर दी गई है. बार्डर से सटे क्षेत्रों में किसी भी तरह के समारोह/आयोजन पर अगले आदेश तक के लिए रोक लगाई गई है. पाक मीडिया के दावे: सैटेलाइट जाम और साइबर हमला पाकिस्तानी मीडिया चैनल जियो न्यूज ने सुरक्षा सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि पाकिस्तान एयरफोर्स ने एक भारतीय सैन्य सैटेलाइट को इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर ऑपरेशन के तहत जाम कर दिया है. हालांकि इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है. वहीं, पाकिस्तान की सरकारी मीडिया पीटीवी ने यह भी दावा किया कि उसने बीजेपी की आधिकारिक वेबसाइट और सीमा सुरक्षा बल (BSF) समेत कई भारतीय वेबसाइटों को हैक कर लिया है. लेकिन जांच में पाया गया कि यह दावा झूठा और भ्रामक है. भारत का जवाब: S-400 को कोई नुकसान नहीं भारत के रक्षा अधिकारियों ने पाकिस्तानी हमलों के दावे को खारिज करते हुए कहा है कि भारत का S-400 एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित है. अधिकारियों के अनुसार, इसी रूसी सिस्टम की मदद से भारत ने पाकिस्तान की ओर से किए गए ड्रोन हमलों को विफल किया है. फिलहाल दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और वैश्विक समुदाय की नजरें दक्षिण एशिया में बढ़ती इस स्थिति पर टिकी हैं. recent visitors 39

इंग्लैंड दौरे के लिए तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को ही बनाना चाहिए कप्तान: पूर्व कप्तान अनिल कुंबले

नई दिल्ली रोहित शर्मा के टेस्ट क्रिकेट से अचानक संन्यास लेने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि किसे टीम इंडिया का कप्तान बनाया जाए। चयनकर्ता भी इसको लेकर खूब माथा पच्ची कर रहे होंगे। टीम में शुभमन गिल, ऋषभ पंत, केएल राहुल और जसप्रीत बुमराह के रूप में कई दावेदार है, मगर किसे इस लंबे फॉर्मेट की कमान सौंपी जाएगी यह देखने वाली बात होगी। भारत को अगले महीने 5 मैच की टेस्ट सीरीज के लिए इंग्लैंड का दौरा करना है, इस सीरीज के लिए पूर्व कप्तान अनिल कुंबले ने और किसी पर नहीं बल्कि तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह पर दांव लगाया है। उनका कहना है कि पहले सिर्फ इस दौरे के लिए बुमराह को कप्तान बनाकर देखो, अगर उनकी फिटनेस ठीक रहती है तो वह आगे भी जारी रख सकते हैं। कुंबले ने ईएसपीएनक्रिकइन्फो से कहा, "शायद सिर्फ इस सीरीज के लिए बुमराह को चुना जाए और फिर देखें कि उनकी फ़िटनेस कैसी है।" वह आगे बोले, "मुझे पता है कि तेज गेंदबाज होना आसान नहीं है। उन्हें चोटें लगी हैं, ऑस्ट्रेलिया सीरीज के बाद वे ब्रेक पर थे और इस आईपीएल में ही वापसी कर रहे हैं। लेकिन मैं फिर भी बुमराह को चुनूंगा।" ऑस्ट्रेलिया में टीम के पिछले मैच में बुमराह को सभी पांच टेस्ट मैचों में शामिल करने के भारत के बेताब प्रयास में तेज गेंदबाज को चोट लग गई थी और वह काफी हद तक क्रिकेट से दूर हो गए थे। ऐसे में कुंबले ने भी माना कि बुमराह के लिए इंग्लैंड दौरे पर सभी पांच टेस्ट मैच खेलना संभव नहीं होगा। इसलिए, बुमराह के लिए बेहतर कार्यभार प्रबंधन की बहुत जरूरत है। कुंबले ने कहा, "जब भी ऐसा होता है, उप-कप्तान आकर कार्यभार संभाल लेता है।"बता दें बीसीसीआई आने वाले कुछ दिनों में ही इंग्लैंड दौरे के लिए टीम का ऐलान कर सकती है, इसी के साथ टीम नए कप्तान को भी चुनेगी। भारत के इंग्लैंड दौरे के आगाज 20 जून से होगा। recent visitors 32