जयपुर में प्राइवेट बस ने ऑटो को मारी टक्कर, इलाज के दौरान दो की मौत, तीन गंभीर

जयपुर जयपुर के आगरा रोड पर रविवार देर रात हुए भीषण सड़क हादसे में 2 लोगों की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार आगरा रोड स्थित पुरानी चुंकी के पास प्राइवेट बस ने एक ऑटो रिक्शा के जबरदस्त टक्कर मारी। इससे ऑटो में बैठी 5 सवारियों में 2 की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन को जयपुर के एसएमएस अस्पताल लाया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। जिस बस ने ऑटो को टक्कर मारी, वह जयपुर के ईदगाह से बरेली जा रही थी। यह घटना रात 11:30 बजे हुई। जामडोली थाना इंचार्ज सतीश भारद्वाज ने बताया कि गलता गेट थाना इलाके में ईदगाह क्षेत्र से यह बस रात 11 बजे बरेली जाने के लिए निकली थी। बस ट्रांसपोर्ट नगर में टनल से होती हुई पुरानी चुंगी पहुंची। इस दौरान नेशनल हाईवे पर चल रहे एक ऑटो को इसने पीछे से टक्कर मार दी। बस की टक्कर से ऑटो पलट गया और यह हादसा हो गया। जानकारी के अनुसार ऑटो में बैठी सवारियां एक निजी कार्यक्रम में शामिल होकर लौट रही थीं। दुर्घटना में करौली निवासी दीपक जाटव (16 वर्ष) पुत्र सुरेश और भरतपुर निवासी मदन जाटव (45 वर्ष) की मृत्यु हो गई है। recent visitors 41

भोपाल में तेज रफ्तार स्कूल बस ने मचाया कोहराम, कई वाहनों को मारी टक्कर

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सोमवार सुबह एक तेज रफ्तार बस ने कई वाहनों को टक्कर मार दी। बस की टक्कर से एक युवती की मौत की सूचना सामने आ रही है। घटना में कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। स्कूल बस एक शादी समारोह से वापस लौट रही थी। जानकारी के मुताबिक टीटीनगर थाना इलाके में रोशनपुरा स्थित विधायक भगवान दास सबनानी के आवास के सामने स्थित लाल बत्ती चौक यह हादसा हुआ है। एक तेज रफ्तार स्कूल बस ने कार, स्कूटी और बाइक समेत करीब छह वाहनों में पीछे से जबरदस्त टक्कर मारी। इसमें मौके पर ही एक वाहन पर सवार युवती की मौत हो गई। करीब एक दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल हैं। सूचना मिलने ही विधायक भगवान दास सबनानी, एसडीएम समेत पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। हादसे में दो लोगों की हालत नाजुक है। बीआरटीएस कॉरिडोर निर्माण के समय बैरागढ़ मेन रोड पर बने चौराहे को ध्वस्त कर यहां स्थापित संत कंवरराम प्रतिमा को शिव मंदिर के निकट इस शर्त पर स्थापित किया गया था कि चौराहे को विकसित किया जाएगा। हाल ही में कॉरिडोर को तो हटा दिया गया लेकिन चौराहे का विकास नहीं हो सका। सुंदरीकरण योजना भी पूरी नहीं हो पा रही है। मेन रोड के मध्य में बने चौराहे को भोपाल विकास प्राधिकरण ने विकसित किया था। रोटरी बनाकर यहां महान संत कंवरराम की प्रतिमा को स्थापित किया गया। 2010 में बीआरटीएस कारिडोर का निर्माण हुआ। नगर निगम ने प्रतिमा को हटाने का निर्णय लिया। प्रतिमा को मेन रोड से हटाने का यहां के संगठनों ने सख्त विरोध किया था। संगठनों ने इस शर्त पर प्रतिमा को पास में ही स्थित शिव मंदिर के निकट स्थानांतरित करने की सहमति दी थी कि चौराहे का सुंदरीकरण किया जाएगा लेकिन निगम ने अपना वायदा पूरा नहीं किया। यहां सुंदरता के लिए लगाया गया रंगीन पानी का फव्वारा लंबे समय से बंद है। चौराहा तो विकसित ही नहीं हुआ। अब प्रतिमा की देखरेख भी बंद कर दी गई है। वर्तमान में प्रतिमा के आसपास अतिक्रमण हो रहा है। पार्किंग पर भी कब्जा है। ब्रिज के नीचे रोटरी बनाने पर जोर मेन रोड पर रोटरी बनी होने से वाहन चालकों को भी रोड क्रास करने में सुविधा होती थी। अब कॉरिडोर हट चुका है। प्रतिमा को रोटरी बनाकर रोड के मध्य में पुन: स्थापित किया जा सकता है। फिलहाल मेन रोड पर एलिवेटेड डबल डेकर ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। ब्रिज का निर्माण सिंगल पिलर सिस्टम के तहत किया जा रहा है। यहां के संगठनों का कहना है कि ब्रिज निर्माण होने से मेन रोड से कॉरिडोर हट गया है। अब एक पिलर की जगह रोटरी बनाकर संत कंवरराम की प्रतिमा फिर से रोड के मध्य में स्थापित की जा सकती है। पूज्य सिंधी पंचायत के अध्यक्ष माधु चांदवानी का कहना है कि संत कंवरराम चौराहे को नए सिरे से विकसित किया जाना चाहिए। पंचायत इस संबंध में नगर निगम आयुक्त एवं महापौर से मुलाकात करेगी। recent visitors 18

Kohli ने टेस्ट क्रिकेट से किया संन्यास का ऐलान, इंग्लैंड दौरे से पहले लिया बड़ा फैसला

मुंबई भारत के दिग्गज क्रिकेटर विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया. उन्होंने यह चौंकाने वाला फैसला इंग्लैंड दौरे से ठीक पहले लिया है. भारतीय क्रिकेट टीम 20 जून से इंग्लैंड में 5 टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगी. इसमें कोहली का चयन लगभग तय था, लेकिन पिछले साल टी20 को अलविदा कहने वाले विराट अपने दोस्त रोहित शर्मा के नक्शेकदम पर चलते हुए टेस्ट से भी अलग हो गए. रोहित ने पिछले हफ्ते ही टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा था. कोहली ने टेस्ट क्रिकेट को कहा अलविदा विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। कोहली ने अपने इंस्टाग्राम पर एक लंबा पोस्ट लिखते हुए टेस्ट से रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया। कोहली का बल्ला क्रिकेट का सबसे लंबे फॉर्मेट में काफी समय से खामोश चल रहा था। वहीं, रोहित शर्मा के संन्यास के बाद कोहली के रिटायरमेंट को लेकर भी अटकलें तेज हो गई थीं। हालांकि, रोहित के साथ कोहली का रिटायर होने का फैसला टीम इंडिया के लिए बड़ा झटका है। माना जा रहा था कि विराट ने अपने रिटायरमेंट को लेकर बीसीसीआई को पहले ही जानकारी दे दी थी। हालांकि, बोर्ड विराट को मनाने में लगा हुआ था और हर किसी की चाहत थी कि किंग कोहली इंग्लैंड दौर पर जाएं। कोहली ने लिखा भावुक पोस्ट विराट कोहली ने अपने इंस्टाग्राम पर भावुक पोस्ट लिखा। उन्होंने लिखा, “टेस्ट क्रिकेट में इस ब्लू जर्सी को मैंने 14 साल पहले पहना था। ईमानदारी से कहूं तो मैंने कभी नहीं सोचा था कि यह फॉर्मेट मुझे इतनी ऊंचाइयों तक लेकर जाएगा। इस फॉर्मेट ने मुझे टेस्ट किया, मेरे करियर को शेप दिया और मुझे कई ऐसी सीख दीं, जिन्हें मैं अपनी आगे की जिंदगी में याद रखूंगा। सफेद जर्सी में खेलना मेरे लिए निजी तौर पर काफी खास रहा है। चुपचाप मेहनत करना, लंबे दिन, छोटे-छोटे मोमेंट जिनको कोई नहीं देखता है, लेकिन वह हमेशा आपके साथ रहते हैं।” कोहली ने आगे लिखा, “मैं इस फॉर्मेट से खुद को दूर कर रहा हूं और यह मेरे लिए आसान नहीं है। हालांकि, इस समय यह सही लग रहा है। मैंने अपना सबकुछ इस फॉर्मेट को दिया, जो भी मेरे पास था और बदले में इस फॉर्मेट से मुझे बहुत कुछ मिला, जिसकी शायद मैंने उम्मीद भी नहीं की थी। मैं इस फॉर्मेट से अलविदा ले रहा हूं, लेकिन मेरा दिल कृतज्ञता से भरा हुआ है। इस गेम के लिए और उन लोगों के लिए, जिनके साथ मैंने फील्ड शेयर की,  इसके साथ ही उन सभी लोगों का भी धन्यवाद जो इस रास्ते में मेरे साथ चले। मैं हमेशा ही अपने टेस्ट करियर की तरफ मुड़कर स्माइल के साथ देखूंगा।” जीवन भर याद रखेंगे टेस्ट से मिले सबक कोहली ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर लिखा, ''टेस्ट क्रिकेट में पहली बार बैगी ब्लू जर्सी पहने हुए 14 साल हो गए हैं. ईमानदारी से कहूं तो मैंने कभी नहीं सोचा था कि यह प्रारूप मुझे किस सफर पर ले जाएगा. इसने मेरी परीक्षा ली, मुझे आकार दिया और मुझे ऐसे सबक सिखाए जिन्हें मैं जीवन भर अपने साथ रखूंगा.'' विराट ने आगे क्या कहा? कोहली ने कहा, "सफेद कपड़ों में खेलना बहुत ही निजी अनुभव होता है. शांत रहना, लंबे दिन, छोटे-छोटे पल जिन्हें कोई नहीं देखता लेकिन जो हमेशा आपके साथ रहते हैं. जैसे ही मैं इस प्रारूप से दूर हो रहा हूं, यह आसान नहीं है – लेकिन यह सही लगता है. मैंने इसमें अपना सबकुछ दिया है और इसने मुझे मेरी उम्मीद से कहीं ज्यादा दिया है. मैं दिल से आभार के साथ जा रहा हूं – खेल के लिए, उन लोगों के लिए जिनके साथ मैंने मैदान साझा किया और हर एक व्यक्ति के लिए जिसने मुझे इस दौरान महसूस कराया. मैं हमेशा अपने टेस्ट करियर को मुस्कुराते हुए देखूंगा.'' विराट कोहली का टेस्ट करियर विराट ने भारत के लिए 123 टेस्ट मैच खेले. इस दौरान 210 पारियों में 9230 रन बनाए. उनका औसत 46.85 का रहा. कोहली के बल्ले से टेस्ट में 30 शतक और 31 अर्धशतक निकले. विराट का उच्चतम स्कोर नाबाद 254 रन रहा. कोहली ने अपना आखिरी टेस्ट शतक पर्थ में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पिछले साल के अंत में लगाया था. जानें कैसा रहा कप्तानी का रिकॉर्ड विराट टेस्ट इतिहास में भारत के सबसे सफल कप्तान रहे हैं. विराट ने 68 टेस्ट मैचों में भारत की कप्तानी की जिसमें 40 में टीम को जीत हासिल हुई. कोहली ने जब कप्तानी संभाली थी, तब भारतीय टीम सातवें स्थान पर थी. लेकिन खुद एवं साथी खिलाड़ियों की मेहनत की बदौलत कोहली ने वर्ल्ड नंबर-1 पॉजिशन पर पहुंचाया था. विराट कोहली का इंटरनेशनल  क्रिकेट कर‍ियर 123 टेस्ट, 210 पारी, 9230 रन, 46.85 एवरेज, 30 शतक, 31 अर्धशतक 302 वनडे, 290 पारी, 14181 रन, 57.88 एवरेज, 51 शतक, 74 अर्धशतक, 5 125 टी20, 117 पारी, 4188 रन, 48.69 एवरेज, 1 शतक, 38 अर्धशतक, 4. recent visitors 34

BLA ने भारत से पाकिस्तान के परमाणु खतरों को रोकने के कोशिशों का समर्थन करने की गुजारिश की

नई दिल्ली बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने क्षेत्रीय बदलाव की चेतावनी देते हुए कहा है कि साउथ एशिया में 'एक नई व्यवस्था जरूरी हो गई है.' इसने विदेशी प्रॉक्सी होने के दावों को खारिज कर दिया है. ग्रुप ने खुद को आने वाले वक्त में इलाके की एक गतिशील और निर्णायक पार्टी करार दिया है. इसके अलावा, बीएलए ने दावा किया कि उसने पाकिस्तानी सैन्य और खुफिया साइट्स को निशाना बनाते हुए कब्जे वाले बलूचिस्तान में 51 से ज्यादा जगहों पर 71 हमले किए. बीएलए ने कहा, "हम इस बात को मजबूती के साथ खारिज करते हैं कि बलूच राष्ट्रीय प्रतिरोध किसी राज्य या शक्ति का प्रतिनिधि है. बीएलए न तो मोहरा है और न ही मूक दर्शक. इलाके के मौजूदा और भविष्य के सैन्य, राजनीतिक और रणनीतिक गठन में हमारी अपनी सही जगह है और हम अपनी भूमिका के बारे में पूरी तरह से सचेत हैं." बीएलए ने पाकिस्तान पर तीखा हमला करते हुए आतंकवाद को बढ़ावा देते हुए भ्रामक शांति बयानबाजी का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया. भारत को सीधे संबोधित करते हुए बीएलए ने कहा, "पाकिस्तान की तरफ से शांति, युद्ध विराम और भाईचारे की हर बात महज एक धोखा, जंग की रणनीति और एक अस्थायी चाल है." इसमें कहा गया है, "यह एक ऐसा राज्य है, जिसके हाथ खून से रंगे हैं और जिसका हर वादा खून से लथपथ है." 51 से ज़्यादा जगहों पर हमला बीएलए ने एक प्रेस रिलीज जारी करते हुए दावा किया कि उसने पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों के खिलाफ़ बड़े पैमाने पर हमला किया है. बीएलए के प्रवक्ता जीयंद बलूच के मुताबिक, "इस हफ्ते की शुरुआत में भारत-पाकिस्तान सैन्य तनाव के चरम पर रहा. बलूच लिबरेशन आर्मी ने पाकिस्तानी सेना के लिए एक और मोर्चा खोल दिया, क्योंकि इसने कब्जे वाले बलूचिस्तान में 51 से ज़्यादा जगहों पर 71 हमले किए, जो कई घंटों तक चले." टारगेट्स में सैन्य काफिले, खुफिया केंद्र और खनिज परिवहन वाहन शामिल थे. बलूच ने कहा, "इन हमलों का मकसद केवल दुश्मन को खत्म करना नहीं था, बल्कि आने वाले वक्त में मजबूत जंग के लिए तैयारी को ठोस करने के लिए सेना की तैयारी, जमीनी कंट्रोल और डिफेंस स्थिति को जांचना था." बीएलए ने पाकिस्तान की सेना और खुफिया संस्था आईएसआई पर भी आरोप लगाया और इसे आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली जगह बताया. बयान में कहा गया, "पाकिस्तान न सिर्फ ग्लोबल आतंकवादियों को बढ़ावा देने की जगह है, बल्कि लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और आईएसआईएस जैसे घातक आतंकवादी समूहों के राज्य प्रायोजित विकास का केंद्र भी रहा है. आईएसआई इस आतंकवाद के पीछे का नेटवर्क है. पाकिस्तान हिंसक विचारधारा वाला परमाणु राज्य बन गया है."   recent visitors 23

रायपुर में शालीमार कंस्ट्रक्शन कंपनी के कैंप में हुए सिलेंडर ब्लास्ट ने दो मजदूरों की जान ले ली

 रायपुर रायपुर। छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के अभनपुर में भारतमाला सड़क परियोजना के तहत शालीमार कंस्ट्रक्शन कंपनी के कैंप में रविवार शाम हुए सिलेंडर ब्लास्ट ने दो मजदूरों की जान ले ली। हादसे में फरमान अली और शहदाब अली दम घुटने और आग की चपेट में आने से मृत्यु हो गई। दोनों उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के रहने वाले थे। तीसरा मजदूर बिलाल अली बाल-बाल बच गया। घटना ने दोनों मृतकों के परिवारों में कोहराम मचा दिया है। हादसे का भयावह मंजर     रविवार शाम करीब 6:30 बजे बिलाल अली, फरमान अली और शहदाब अली कंटेनर के बाहर खाना बना रहे थे। अचानक बारिश शुरू होने पर तीनों गैस सिलिंडर को कंटेनर के अंदर ले गए। खाना बनाते समय सिलिंडर में रिसाव होने से आग फैल गई।     सामने का दरवाजा सिलिंडर के पास होने और पीछे का दरवाजा बाहर से बंद होने से तीनों अंदर फंस गए। आग और धुएं से तीनों बेहोश होने लगे। बिलाल ने किसी तरह कंटेनर की खिड़की तोड़कर मदद के लिए आवाज दी, जिसके बाद लोगों ने उसे खींचकर बाहर निकाला। फरमान और शहदाब आग और धुएं की चपेट में आकर दम तोड़ गए। पुलिस की कार्रवाई घटना की सूचना मिलते ही अभनपुर पुलिस मौके पर पहुंची। मामले की जांच शुरू की। बिलाल को हल्की चोटें आईं। उसे प्राथमिक इलाज दिया गया। पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। हादसे के कारणों की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में सिलिंडर लीकेज को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। परिवारों में मातम     अमरोहा के कबीरपुर गांव निवासी फरमान और शहदाब के घरों में हादसे की खबर से कोहराम मच गया। फरमान तीन बच्चों के पिता थे। चार भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके एक भाई की पहले ही करंट लगने से मौत हो चुकी है।     शहदाब अपने परिवार के मुखिया थे, जिनके पिता का पहले निधन हो चुका है। उनकी चार बहनों की शादी की जिम्मेदारी भी उन्हीं पर थी। गांव के आसिफ ने बताया कि दोनों परिवारों की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। परिजन हादसे की खबर मिलते ही रायपुर के लिए रवाना हो गए। पुलिस चौकी प्रभारी का बयान ब्रजघाट पुलिस चौकी प्रभारी नितेंद्र वशिष्ठ ने बताया कि युवकों की मौत की सूचना मिली है और स्वजन रायपुर पहुंच रहे हैं। पुलिस मामले की पूरी जानकारी जुटा रही है। हादसे ने निर्माण कैंपों में सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। recent visitors 23

मदर्स डे पर माँ ने अपने बेटे पर झूठी वसीयत बनाकर संपत्ति हड़पने और मारपीट करने का लगाया, इंसाफ की लगाई गुहार

   जयपुर मदर्स डे पर जब पूरा देश मां के त्याग और ममता को नमन कर रहा था, उसी दिन जयपुर की 81 वर्षीय बुजुर्ग मां हरबीर कौर ने अपने बेटे की बेरहमी और धोखे की कहानी दुनिया के सामने रखी। पूर्व न्यायाधीश की पत्नी हरबीर कौर ने अपने बेटे मुनिंद्र सिंह पर झूठी वसीयत बनाकर संपत्ति हड़पने, गाली-गलौज और मारपीट करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि बेटा उन्हें और उनकी बेटी पूनम सिंह को जबरन घर से निकालना चाहता है। हरबीर कौर ने वर्ष 2023 में सोडाला थाने में (प्रकरण संख्या 175/23) इस संबंध में एक मामला दर्ज कराया था, जिसमें वर्ष 2000 और 2003 की दो फर्जी वसीयतों का जिक्र है। अदालत ने एफएसएल जांच के आदेश भी दिए मगर पुलिस ने न तो जांच शुरू की, न ही रिपोर्ट अदालत में पेश की। परिवार का आरोप है कि सोडाला थाना पुलिस इस मामले में लगातार हीलहवाल कर रही है और बार-बार फाइनल रिपोर्ट लगाने का दबाव बना रही है। पूनम सिंह ने बताया कि उन्होंने फोटो, वीडियो और प्रत्यक्षदर्शी गवाहों सहित तमाम सबूत पुलिस को सौंपे, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। परिवार ने राष्ट्रीय महिला आयोग में भी शिकायत की थी, जहां से जांच रिपोर्ट जयपुर पुलिस कमिश्नर को भेजी गई लेकिन दो महीने बाद भी उस रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। सवाल उठ रहा है कि आखिर पुलिस किसके दबाव में काम कर रही है? पीड़ित परिवार का कहना है कि जब मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है, तब एफआर लगाने का कोई वैधानिक या नैतिक तुक नहीं बनता। परिजन आरोप लगा रहे हैं कि सोडाला थाना और उसके कुछ वरिष्ठ अधिकारी जान-बूझकर मामले को कमजोर कर रहे हैं। पूनम सिंह ने मीडिया को बताया कि 3 नवंबर 2023 को मुनिंद्र सिंह और उसकी पत्नी रेनू सिंह ने उनके और उनकी मां के साथ मारपीट की। इसके साथ ही रेनू सिंह ने धमकी दी कि तुझे काटकर गंगा में बहा देंगे। पुलिस ने इस गंभीर घटना पर भी पहले सिर्फ साधारण रिपोर्ट बनाई और एफआईआर दर्ज करने से मना कर दिया। बाद में अदालत के आदेश पर मामला (FIR संख्या 0447/23) दर्ज किया गया। माँ की पुकार: अब तो इंसाफ दिलाओ हरबीर कौर और पूनम सिंह ने प्रशासन और न्याय पालिका से अपील की है कि आरोपियों के खिलाफ निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई हो। हरबीर कौर ने कहा कि जब तक इंसाफ नहीं मिलेगा, हम चुप नहीं बैठेंगे। यह सिर्फ मेरा नहीं, उन सभी मांओं का सवाल है, जो अपनों के हाथों ठगी जाती हैं। recent visitors 39

उन्नाव में सनसनीखेज घटना: दंपती व दो बेटियों की मौत, जांच में जुटी पुलिस

उन्नाव एक गांव में घर के अंदर युवक का शव फंदे से तो पत्नी और दो बेटियों के शव चारपाई पर पड़े मिले। पत्नी के सीने पर तकिया होने से तीनों का मुंह दबाकर हत्या का अनुमान है। थानाक्षेत्र के साहबखेड़ा गांव निवासी अमित (35) पुत्र उमेशचंद्र यादव खेती कर परिवार का पालन पोषण करते थे। रविवार को पड़ोसी गांव रामबक्श खेड़ा में रहने वाली मृतक की बुआ के लड़के की शादी थी। रायबरेली जिले के डलमऊ बरात गई थी, मृतक के माता-पिता और अन्य चार भाई परिवार के साथ उसी में शामिल होने गए थे। अमित पत्नी गीता (30), निधि (6) और खुशी (10) के साथ घर पर था। सोमवार सुबह करीब 7:30 बजे मृतक का छोटा भाई अजीत घर आया लेकिन सभी का अलग-अलग घर होने से वह अपने घर चला गया। कुछ देर बाद टिकरी गांव निवासी गल्ला व्यापारी बागड़ गांव में ही गेहूं खरीदने के लिए आया। मृतक अमित के घर के पास पेड़ होने से वह उसी के नीचे रुककर आराम करने लगा। तभी उसकी नजर अमित के घर में लगे जिंगले में गई तो देखा लाल गमछा और उसमें बाल दिख रहे थे। उसने अजीत को बताया, दरवाजा खटखटाना पर जब नहीं खुला तो अजीत छत के रास्ते घर के अंदर पहुंचा और नजारा देख चीख पड़ा। अजीत के मुताबिक भाई अमित का शव गमछे के फंदे से लटक रहा था। गीता चारपाई पर थी, एक तरफ बड़ी बेटी और दूसरी ओर छोटी बेटी का शव पड़ा था। मृतका गीता के सीने पर तकिया पड़ी थी। दर्दनाक घटना की खबर सुन ग्रामीणों की भीड़ लग गई। थानाध्यक्ष फोर्स और फोरेंसिक टीम के साथ पहुंचे। एसपी दीपक भूकर, एएसपी अखिलेश सिंह और सीओ ऋषिकांत शुक्ला ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। मृतक के पिता उमेशचंद्र ने गांव के दूसरे यादव परिवार से चल रही मुकदमे बाजी में हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। थानाध्यक्ष राजेश पाठक ने बताया कि दंपती और उनकी दो बेटियों की मौत हुई है। जांच की जा रही है पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। recent visitors 33