Friday, July 10, 2026 2:55 pm

पत्रकारो के हक में 15 मई को बालाघाट से निकलेगी पत्रकार न्याय यात्रा

मण्डला  पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने को लेकर पूरे प्रदेश के पत्रकार लामबंद हो चुकें हैं जिसको लेकर समय-समय पर ज्ञापन आदि सौंपे गए हैं लेकिन अब तक सरकार ने पत्रकार सुरक्षा कानून का मुसौदा भी तैयार नही किया है जिससे पत्रकारों में रोष है। वहीं अन्य मांगे भी लंबित चल रही हैं जिसको लेकर बालाघाट जिले के पत्रकार 15 मई से पत्रकार न्याय यात्रा निकाल रहे हैं। यह यात्रा बालाघाट से आरंभ होगी जो सिवनी, मंडला, ङ्क्षडंडौरी अनूपपुर सहित अन्य जिले होते हुए भोपाल पहुंचेगी। यात्रा का उद्देश्य पत्रकारों की लंबित मांगे और हो रहे हमलों पर है। इस न्याय यात्रा का मंडला में 15 मई की शाम को भव्य स्वागत किया जायेंगा। इस न्याय यात्रा को किसी भी पत्रकार संगठन से जोड़ा नही गया है यह पूरे प्रदेश के पत्रकारों के हित में है जिसका संचालन बालाघाट के युवा पत्रकार कर रहे हैं। वाय कार यात्रा में निकल रहे पत्रकारों को हर जिले में समर्थन प्राप्त है। बालाघाट के पत्रकार साथियों ने बताया कि बालाघाट जिले से 15 मई को 7 पत्रकार हिमांशू जैन, आशीष भगत, विजय मिश्रा, मिलिंद्र ठाकरे, अंकुश चौहान, रोहित नायड, डिकेश राणा बालाघाट से भोपाल के लिए रवाना होंगे। पत्रकार न्याय यात्रा 11 जिलों में पत्रकारों से मिलकर ज्ञापन में हस्ताक्षर कराकर, स्थानीय जनप्रतिनिधियों से समर्थन पत्र लेकर आगे चलती रहेगी।  सिवनी, मंडला, डिंडोरी, अनूपपुर, उमरिया, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, और भी अन्य जिलों से पत्रकार न्याय यात्रा भोपाल में जाकर समाप्त होगी। जहां प्रदेश के मुखिया के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। ज्ञापन के मुख्य बिंदु मध्यप्रदेश में पत्रकारों पर लगातार हमले हो रहे हैं। पत्रकारों के हितों में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू होना हितकारी है। पत्रकारों की शिकायतों के संबंध में मध्यप्रदेश के गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जांच के उपरांत ही कार्यवाही होनी चाहिए। परंतु ऐसा नही हो रहा है। शिकायत की जांच पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में ही होना सुनिश्चित किया जाए। जनसंपर्क विभाग प्रदेश, संभाग, जिला एवं तहसील स्तर पर पत्रकारों की सूची तैयार कर शासकीय कार्यालय एवं पुलिस थानों में उपलब्ध कराए। भिंड में पत्रकारों के साथ मारपीट, बालाघाट में पत्रकार पर चाकूबाजी, सीधी में पत्रकार का घर जलाना जैसी घटनाओं पर प्रशासन का ध्यान आकर्षण और ऐसी घटनाओं की पुनरावृति ना हो को लेकर भी ज्ञापन में उल्लेख किया जाएगा। पत्रकार न्याय यात्रा किसी पत्रकार संगठन की नहीं बल्कि हम सब पत्रकारों की यात्रा है। recent visitors 14

MPPSC 14 विषयों में सहायक प्राध्यापक परीक्षा का पहला चरण 1 जून को

 इंदौर  मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) ने सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा 2024 का पहला चरण 1 जून को रखा है। इसमें 14 विषयों सहित खेल अधिकारी और ग्रंथपाल के पदों के लिए भी परीक्षा करवाई जाएगी। प्रदेश के 10 प्रमुख शहरों में परीक्षा केंद्र बनाए जा रहे हैं। आयोग के अनुसार जिन उम्मीदवारों ने आवेदन किया है, उन्हें अगले सप्ताह से प्रवेश पत्र जारी कर दिए जाएंगे। परीक्षा से जुड़ी गाइडलाइन आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। इसमें स्पष्ट कहा गया है कि सभी उम्मीदवारों को परीक्षा शुरू होने से कम से कम एक घंटा पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचना होगा। इससे पहले सभी की चेकिंग की जाएगी, ताकि परीक्षा में कोई बाधा न आए। इस बार परीक्षा दो चरणों में करवाई जा रही है। पहला चरण 1 जून को होगा और दूसरा चरण 27 जुलाई को आयोजित किया जाएगा। पहले चरण में मुख्य रूप से रसायन शास्त्र, भौतिकी, गणित, वनस्पति विज्ञान, प्राणी विज्ञान, हिंदी, अंग्रेज़ी, भूगोल, इतिहास, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, वाणिज्य जैसे विषयों की परीक्षा ली जाएगी। 1930 पदों के लिए होगी भर्ती     प्रदेश के सरकारी कालेजों में शिक्षकों की कमी के चलते इस बार कुल 1930 पदों पर भर्ती की जा रही है।     इन पदों के लिए 70 हजार से ज्यादा उम्मीदवारों ने आवेदन किया है।     सबसे अधिक पद रसायन शास्त्र (199), वनस्पति विज्ञान (190), प्राणी विज्ञान (187), भौतिकी (186) और गणित (177) में हैं।     परीक्षा के माध्यम से 187 खेल अधिकारी और 87 ग्रंथपाल के पदों पर भी भर्ती की जाएगी।     यह पद भी पहले चरण की परीक्षा में शामिल किए गए हैं।     भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, रीवा, सागर, शहडोल, नर्मदापुरम और चंबल में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।     अधिकारियों के अनुसार उम्मीदवार अगले सप्ताह से प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकेंगे।     साथ ही सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें।     जुलाई में 12 विषयों के लिए परीक्षा दूसरा चरण 27 जुलाई को होगा जिसमें मराठी, उर्दू, संस्कृत साहित्य, सांख्यिकी, कम्प्यूटर एप्लीकेशन, संगीत, वेद, ज्योतिष और योगिक विज्ञान जैसे विषयों के लिए परीक्षा आयोजित की जाएगी।     इन विषयों में कुल 108 पदों के लिए परीक्षा होगी। परीक्षा में प्रश्न पत्र दो भागों में होगा।     पहला भाग सामान्य ज्ञान का होगा जबकि दूसरा भाग संबंधित विषय से जुड़ा होगा।   recent visitors 46

दहेजलोभी दूल्हा और उसके परिवार वालों ने दहेज की रकम नहीं मिलने पर, बिना दुल्हन बारात ले गए

पन्ना  दहेज नाम के कलंक को मिटाने के कई सालों से प्रयास किए जा रहे हैं। लेकिन मध्य प्रदेश के कुछ पिछड़े इलाकों में रूढ़ि वादी लोगों की सोच वालों की वजह से आज भी यह प्रथा चली आ रही है। यही नहीं, इसके दुष्प्रभाव भी हो रहे हैं जिससे जुड़ा ताजा मामला पन्ना जिला से सामने आया है। यहां एक दुल्हन हाथों में मेहंदी लगाकर बारात का इंतजार करती रही। लेकिन पैसों के लोभी दूल्हे पक्ष के लोग चंद रुपयों के लिए बारात लेकर लौट गए।   बेटी के अरमानों पर फिरा पानी अजयगढ़ के ग्राम बहिरवारा का यह पूरा मामला है जहां एक बेटी के अरमानों पर पानी फिर गया। वर पक्ष ने दहेज में 1 लाख रुपये की मांग कर दी। शादी की रस्मों के बीच यह डिमांड दूल्हे के पक्ष ने कर दी। जिसे दुल्हन पक्ष पूरा नहीं कर सके। आखिरकार सिंहपुर से आई बारात बिना दुल्हन लिए ही लौट गई। मामले की शिकायत के बाद पुलिस ने वर पक्ष के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच में लिया है। शादी की रस्मों के बीच उठी दहेज की मांग दरअसल, मिजाजी लाल साहू की बेटी का रिश्ता सिंहपुर निवासी सोनू साहू से तय हुआ था। विवाह के लिए किशनपुर के मैरिज गार्डन में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थी। 11 मई को वर वधु के लोग बारात का स्वागत करने के लिए तैयार थे। दुल्हन लाल जोड़े में, हाथों में मेहंदी लगाए विवाह की रस्मो का इंतजार कर रही थी। तय समय पर बारात पहुंची और दहेज को लेकर विवाद उठ गया। पैसे नहीं दे सके तो लौट गई बारात वधू पक्ष का आरोप है कि वर पक्ष के लोग 1 लाख रुपये की जिद परअड़ गए। बेटी के पिता ने बताया कि अचानक इतनी राशि का इंतजाम करना उनके लिए संभव नहीं था। जब नगदी देने से मना किया गया तो वर पक्ष ने शादी करने से मना कर दिया। मिन्नतें करने के बावजूद वे नहीं माने और बिना शादी किए ही बारात वापस लौट गई। जांच में जुटी पुलिस जिसके बाद वधू पक्ष ने शिकायत थाना में दर्ज करवाई है। इस पूरे मामले पर थाना प्रभारी बखत सिंह का कहना है कि वधू पक्ष के लोगों ने दहेज नहीं देने पर शादी तोड़ने और मारपीट की शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। recent visitors 21

मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में मंत्रालय, महानदी भवन में कैबिनेट की बैठक शुरू

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय, महानदी भवन में कैबिनेट की बैठक शुरू recent visitors 21

सोफिया कुरैशी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी पर भड़के अजय राय, कहा- ऐसा बयान उनके घिनौने सोच को बताता है

भोपाल कर्नल सोफिया कुरैशी पर पूरे देश को गर्व है। लेकिन मध्यप्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने उनको लेकर 'गंदी बात' कर दी। इतनी गंदी कि नवभारत टाइम्स डॉट कॉम उसे बता भी नहीं सकता। बयान के वायरल होते ही हल्ला मच गया। सीधे शाह को भाजपा कार्यालय तलब कर लिया गया, जहां जाकर उन्होंने माफी मांग ली। आलाकमान के तेवर को देखते हुए मंत्री विजय शाह हवाई चप्पल में ही भागते हुए पार्टी ऑफिस पहुंचे। हवाई चप्पल में ही आए पार्टी दफ्तर पार्टी ने इस तरह फटकार लगाई कि वे हवाई चप्पल पहनकर भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे और मीडिया से बचने के लिए दौड़ते हुए कार्यालय में दाखिल हो गए। भाजपा राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा संज्ञान लिए जाने के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा ने इस मामले पर एमपी संगठन से रिपोर्ट मांगी। इसके बाद प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने मंत्री शाह को मिलने बुलाया तो उनके होश फाक्ता हो गए। वे हवाई चप्पल में ही पार्टी कार्यालय पहुंच गए। पार्टी नेतृत्व से मांगी माफी उन्होंने पार्टी के नेतृत्व से माफी मांगी और मीडिया में कहा कि मैं बहन सोफिया से हजार बार माफी मांग सकता हूं। आपको बता दें कि जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह सोमवार को इंदौर के महू के रायकुंडा गांव में आयोजित हलमा कार्यक्रम में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर बेहद घटिया बयान दे दिया। लेकिन घटना का वीडियो मंगलवार को वायरल हुआ। वीडियो में उन्होंने इतनी गंदी बात कही है कि हमारे लिये यहां लिखना भी कर्नल सोफिया की बेकद्री हो सकती है। यहां पर हम इसलिए बयान नहीं लिख रहे। दस बार माफी मांग लूंगा मीडिया से चर्चा में विजय शाह ने कहा कि जो घटना हुई उस पर भी आप जाओ। सबसे पहले मैं ये बता दूं कि मेरा पूरा परिवार, खानदान मिलिट्री बेस्ड रहा है। कारगिल से लेकर और तमाम जगहों पर मेरे परिवार में कई लोग शहीद हुए। मैं उस बात से मैं न सिर्फ विचलित था बल्कि बहुत दुखी था। हम सपने में भी उनके अपमान का सोच भी नहीं सकते। फिर भी किसी को ऐसा लगा हो, किसी समाज को या किसी व्यक्ति को तो मैं दस बार माफी मांगने को तैयार हूं। शाह ने कहा कि मैंने कहा न कि दुखी मन से और इतनी विपरीत परिस्थितियों में अगर मेरे मुंह से कुछ गलत निकल गया है। पार्टी ने दूसरे मैटर के लिए बुलाया था हालांकि विजय शाह ने इस बात से मुकर गए कि पार्टी संगठन ने उन्हें बयानबाजी के लिए बुलाया था। शाह ने कहा है कि महामंत्री जी से दूसरे मैटर पर बात करने के लिए बुलाया था। बीजेपी नेताओं ने परिवार से की मुलाकात वहीं, मंत्री विजय शाह के बयान से पार्टी को नुकसान हुआ है। मध्य प्रदेश बीजेपी अब डैमेज कंट्रोल में जुटी है। प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा का संदेश लेकर बीजेपी नेताओं ने कर्नल सोफिया कुरैशी के परिवार से नौगांव जाकर मुलाकात की है। सोफिया कुरैशी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी पर भड़के अजय राय  मंत्री विजय शाह के कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित बयान ने अब तूल पकड़ लिया है। विपक्षी दल लगातार विजय शाह को घेर रहे हैं। इतना ही नहीं, भाजपा संगठन ने भी विजय शाह को तलब कर लिया है। इसी बीच यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय का बयान सामने आया है। जिममें उन्होंने केन्द्र सरकार को मंत्री का इस्तीफा लेने की बात कही है। कर्नल सोफिया कुरैशी का अपमान अजय राय ने कहा कि मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह ने अपने बयान से देश की वीरांगना बिटिया कर्नल सोफिया कुरैशी का अपमान करके नारीशक्ति, देश की सेना के साथ-साथ हमारी एकता पर भी चोट किया है। उनका बयान उनके छोटे और घिनौने सोच को बताता है। किसी जिम्मेदारी पर बैठा आदमी ऐसा अनैतिक और नफरती बयान कैसे दे सकता है। अजय राय ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मंत्री से तुरंत इस्तीफा लेना चाहिए या बर्खास्त कर देना चाहिए अन्यथा यही माना जाएगा कि इस ओछी बयानबाजी में उनकी भी मूक सहमति है। हालांकि अगर ऐसा हुआ भी तो कोई ताज्जुब की बात नहीं होगी। क्योंकि, भाजपा और संघ का इतिहास ही महिला विरोध के साथ-साथ नफरत फैलाने वाला रहा है। recent visitors 33

मैच के दौरान विराट कोहली को स्पेशल ट्रिब्यूट देंगे फैंस, चिन्नास्वामी स्टेडियम में दिखेगा सबसे अलग नजारा

मुंबई भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम के बाद आईपीएल 2025 कुछ दिनों में फिर से शुरू होने जा रहा है। 17 मई को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु वर्सेस कोलकाता नाइट राइडर्स मैच खेला जाएगा। दोनों टीमें बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में टकराएंगी। आरसीबी बनाम केकेआर मैच को लेकर स्टार बल्लेबाज विराट कोहली के फैंस ने एक तगड़ा प्लान बनाया है। फैंस चिन्नास्वामी में आरसीबी की जर्सी नहीं पहनेंगे। फैंस ने सफेद जर्सी पहनने का फैसला किया है, जिसका मकसद कोहली को स्पेशल ट्रिब्यूट देना है। कोहली ने हाल ही में टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा है और फैंस अपने पसंदीदा क्रिकेटर के लिए कुछ यादगार करने की कोशिश में जुटे हैं। फैंस ने इस संबंध में कैंपेन शुरू किया है, जिसकी सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही। कैंपेन में आरसीबी और कोहली के सभी फैंस से मैच के दौरान स्टेडियम में आरसीबी की लाल और काली जर्सी के बजाय सफेद जर्सी पहनने की अपील की गई है। इसका उद्देश्य विराट के प्रति सम्मान जताना है, जिन्होंने 12 मई को खेल के सबसे लंबे प्रारूप से संन्यास ले लिया। वायरल पोस्ट में कहा गया, ''क्या आप इस बात को फैलाने में मदद कर सकते हैं कि अगले आरसीबी मैच में फैंस टेस्ट की सफेद जर्सी पहनकर स्टेडियम आएं? विराट कोहली को ट्रिब्यूट देने के लिए ऐसा करें। कोहली ने हममें से बहुत से लोगों को टेस्ट क्रिकेट से प्यार करवाया है। मैं भले ही उन्हें सफेद जर्सी में खेलते हुए कभी नहीं देख पाऊंगा लेकिन मैं बस यह बताना चाहता हूं कि उनके पसंदीदा फॉर्मेट में उन्हें कितना प्यार किया जाता था।'' पोस्ट में आगे कहा गया, ''यह दमदार जेस्चर साबित करेगा कि उनकी विरासत आंकड़ों से कहीं आगे है। यह फैंस के दिलों में बसती है। प्लीज इसके बारे में सोचें और इसे हकीकत बनाने में हमारी मदद करें। यह हममें से बहुतों के लिए बहुत मायने रखेगा। मैंने एक टेम्प्लेट भी बनाया है। मुझे यह भी लगता है कि हम चिन्नास्वामी के बाहर जर्सी देने के लिए फंड जुटा सकते हैं। यह हमारा सबसे अच्छा मौका है। भले ही जर्सी न हो, लेकिन सादे सफेद टी-शर्ट से काम चल सकता है।" सोशल मीडिया पर भले ही मुहिम चलाई जा रही हो लेकिन ऐसा होगा या नहीं, ये देखने वाली बात होगी। 36 वर्षीय कोहली ने 2011 में टेस्ट डेब्यू किया था। उन्होंने भारत के लिए 123 टेस्ट मैच खेल, जिसमें 46.85 की औसत से 9230 रन बनाए। उन्होंने इस दौरान 30 शतक जमाए। कोहली ने इंस्टाग्राम पर संन्यास की घोषणा करते हुए लिखा, ''जब मैं खेल के इस प्रारूप से दूर जा रहा हूं तो यह आसान नहीं है। लेकिन यह सही लगता है। मैंने इसे अपना सबकुछ दिया है और इसने मुझे उम्मीदों से कहीं अधिक दिया है।'' उन्होंने कहा, ''मैं खेल के लिए, मैदान पर खेलने वाले लोगों के लिए और हर उस व्यक्ति के लिए आभार लेकर जा रहा हूं जिसने मुझे इस दौरान खेलते हुए देखा।'' recent visitors 28

हम राज्य के लोगों की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के लिए बधाई देते हैं:CM योगी

 लखनऊ लखनऊ में आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'भारत शौर्य तिरंगा यात्रा' का भव्य शुभारंभ किया. इस मौके पर सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा, 'पूरा भारत अपनी सेना के बहादुर जवानों का अभिनंदन करने के लिए आतुर दिखाई दे रहा है. भारतीय सेना ने पाकिस्तान के हौसलों पस्त कर दिया है. ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के लिए हम पीएम नरेंद्र मोदी को बधाई देते हैं.' सीएम योगी ने तिरंगा यात्रा का शुभारंभ करते हुए एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, 'पूरा देश हमारे जवानों की वीरता और बहादुरी को सलाम करने के लिए उत्सुक है. हम राज्य के लोगों की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के लिए बधाई देते हैं. पूरे देश और दुनिया ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों द्वारा किए गए आतंकी हमले की निंदा की.' उन्होंने कहा कि इस घटना पर पाकिस्तान ने चुप्पी साधे रखी. आतंकी हमले के बारे में सभी सबूत मुहैया कराए जाने के बावजूद पाकिस्तान ने अपनी भूमिका से इनकार किया. आखिरकार ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया गया है और पहले दिन ही 100 से अधिक आतंकवादियों को उनके भयानक कृत्य के लिए सजा दी गई. ये देश और दुनिया ने देखा है, और  भारत की सेना का लोहा को माना है. 'कोई छेड़ेंगा तो छोड़ेंगे नहीं' सीएम ने आगे कहा कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान के हौसले को पस्त कर दिया है. पाकिस्तान द्वारा की गई हिमाकत का जिस मजबूती के साथ भारत के बहादुर जवानों ने जवाब देते हुए दुनिया को संदेश दिया कि हम पहले  से किसी को छेड़ेंगे नहीं, लेकिन कोई छेड़ेगा तो उसको छोड़ेंगे भी नहीं. और भारत ने ये करके दिखाया है. आपको बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का जश्न मनाने के उद्देश्य से भारतीय जनता पार्टी 13 मई से 23 मई तक देशभर में 'तिरंगा यात्रा' निकाल रही है. 10 दिन चलने वाली इस यात्रा में ऑपरेशन सिंदूर की उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाया जाएगा.   recent visitors 43