Sunday, July 5, 2026 5:41 pm

मंत्री विजय शाह के विवादित बयान पर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कर्नल सोफिया कुरैशी से मांगी माफी

भोपाल मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विजय शाह के विवादित बयान को लेकर मध्य प्रदेश में सियासी घमासान मचा हुआ है. शाह के इस्तीफे की मांग पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि वह पहले कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से इस्तीफा मांग ले. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोपाल में तिरंगा यात्रा के दौरान पत्रकारों से बातचीत में कहा, "न्यायपालिका ने जो आदेश दिया है, हमारी सरकार ने उसका यथायोग्य तरीके से पालन किया है और न्यायालय जो कहेगा, हम उसके हिसाब से चलते जाएंगे." उन्होंने विजय शाह के खिलाफ मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के स्वत: संज्ञान लेने और एफआईआर दर्ज करने के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि सरकार ने कोर्ट के निर्देशों का पालन किया है. उधर, कांग्रेस धरना प्रदर्शन कर मंत्री विजय शाह के इस्तीफे की मांग पर अड़ी है. इस मामले में तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सीएम यादव ने कहा, "कांग्रेस तो करती रहेगी, कांग्रेस सिद्धारमैया से इस्तीफा मांग ले. कांग्रेस के सभी मंत्रियों पर केस चल रहे हैं. कांग्रेस का आचरण देखा था जब चुनाव में केजरीवाल के साथ कदम से कदम मिलाकर चले थे, वो तो मुख्यमंत्री रहते जेल गए थे. कांग्रेस उस समय कहां थी? कांग्रेस को तो बोलने का अधिकार ही नहीं है. कांग्रेस ने जितनी बेशर्मी की हदें पार कीं, आज तक किसी ने नहीं की." दरअसल, विजय शाह ने इंदौर जिले के महू में एक कार्यक्रम के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी इस बयान के बाद कांग्रेस ने शाह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और उनके इस्तीफे की मांग तेज कर दी. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था, जिसके बाद इंदौर में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया. वहीं, विजय शाह ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि अगर उनके शब्दों से किसी को ठेस पहुंची है, तो वह दस बार माफी मांगने को तैयार हैं. उन्होंने यह भी कहा कि वह कर्नल सोफिया कुरैशी का अपनी बहन से भी अधिक सम्मान करते हैं.    राजभवन के बाहर प्रदर्शन, इस्तीफे की मांग पर अड़ा विपक्ष सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी के लिए अपमानजनक टिप्पणियां करने वाले मध्यप्रदेश के मंत्री विजय शाह के खिलाफ कांग्रेस विधायकों ने भोपाल में राजभवन के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया. काले कपड़े पहने कांग्रेस विधायकों ने मंत्री विजय शाह के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी की और राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला. प्रदर्शन से पहले कांग्रेस विधायकों ने राज्यपाल मंगूभाई पटेल से मुलाकात की और विजय शाह के इस्तीफे की मांग वाला एक ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन सौंपने के बाद राजभवन के गेट पर विधायकों ने प्रदर्शन किया, जिसमें उन्होंने 'विजय शाह इस्तीफा दो' और 'बीजेपी सरकार शर्म करो' जैसे नारे लगाए. नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव विजय शाह का इस्तीफा क्यों नहीं ले रहे हैं? विजय शाह ने हमारी वीर बेटी कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ अपमानजनक और अभद्र टिप्पणी की है, जो न केवल सेना का अपमान है, बल्कि देश की बेटियों का भी अपमान है. मुख्यमंत्री को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह और उनकी पूरी कैबिनेट शाह के बयान का समर्थन करती है. यदि नहीं, तो तत्काल उनका इस्तीफा लिया जाए." बता दें कि विजय शाह ने इंदौर जिले के महू में एक कार्यक्रम के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. इस बयान के बाद मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए शाह के खिलाफ इंदौर के मनपुर थाने में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था. इसके बावजूद बीजेपी ने शाह के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे कांग्रेस और आक्रामक हो गई है. विधायक आरिफ मसूद ने कर्नल सोफिया कुरैशी से मांगी माफी मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विजय शाह के विवादित बयान पर सियासी बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. इस बीच, भोपाल मध्य के कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कर्नल सोफिया कुरैशी को पत्र लिखकर मध्य प्रदेश की जनता की ओर से माफी मांगी है. विधायक आरिफ मसूद ने अपने पत्र में लिखा, "आदरणीया कर्नल सोफिया कुरैशी जी, जैसा कि आपको विदित होगा, मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में आपके प्रति अभद्र टिप्पणी की थी. यह टिप्पणी न केवल एक व्यक्ति विशेष के लिए थी, बल्कि संपूर्ण भारत में सेवारत सेना के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए थी. उनके इस शर्मनाक कृत्य से न केवल मध्य प्रदेश, बल्कि पूरा भारत शर्मिंदगी महसूस कर रहा है." पत्र में आगे कहा गया, "प्रतिक्रिया स्वरूप संपूर्ण भारत में भाजपा सरकार के मंत्री के खिलाफ धरना, प्रदर्शन और आंदोलन हो रहे हैं. मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने भी स्वत: संज्ञान लेते हुए मुकदमा दर्ज करवाया है. मुझे इस बात का दुख है कि जिस परिवार के पूर्वजों ने सेना में रहकर देश की सेवा की और देश की आजादी में अहम भूमिका निभाई, उस परिवार की बेटी पर अभद्र भाषा का उपयोग करने वाले बेशर्म मंत्री से भले ही भाजपा सरकार ने त्यागपत्र नहीं लिया हो, परंतु मैं मध्य प्रदेश की देशभक्त जनता की तरफ से आपसे माफी मांगता हूँ." पत्र के अंत में उन्होंने लिखा, "जय हिंद, जय भारत." बता दें कि विजय शाह ने इंदौर जिले के महू में एक कार्यक्रम के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. इस बयान के बाद कांग्रेस ने शाह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और उनके इस्तीफे की मांग तेज कर दी. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था, जिसके बाद इंदौर में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया. वहीं, विजय शाह ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि अगर उनके शब्दों से किसी को ठेस पहुंची है, तो वह दस बार माफी मांगने को तैयार हैं. उन्होंने यह भी कहा कि वह कर्नल सोफिया कुरैशी का अपनी बहन से भी अधिक सम्मान करते हैं.       recent visitors 37

प्रदेश में डेंगू पर प्रभावी नियंत्रणः सरकार की रणनीति से 65 प्रतिशत की कमी

डेंगू के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने आज 16 मई को मनाया जाएगा राष्ट्रीय डेंगू दिवस डेंगू की रोकथाम है सर्वोच्च प्राथमिकता- श्याम बिहारी जायसवाल प्रदेश में डेंगू पर प्रभावी नियंत्रणः सरकार की रणनीति से 65 प्रतिशत की कमी स्वास्थ्य विभाग की सतत निगरानी और जनजागरूकता अभियान से मिली बड़ी सफलता स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल रायपुर प्रदेश में डेंगू नियंत्रण के लिए किए गए ठोस उपायों का सकारात्मक परिणाम डेंगू के मामलों में कमी के रूप में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग की समन्वित रणनीतियों तथा व्यापक जनजागरूकता अभियानों के परिणामस्वरूप वर्ष 2025 की पहली तिमाही में डेंगू के मामलों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। जनवरी से अप्रैल माह के दौरान राज्य में डेंगू के मामलों में 65 प्रतिशत की गिरावट देखी गई, जो स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में किए जा रहे सुदृढ़ प्रयासों की प्रभावशीलता को दर्शाती है। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा, "छत्तीसगढ़ सरकार ने डेंगू की रोकथाम को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। समय रहते प्रभावी कदम उठाए गए, जिसका परिणाम है कि आज डेंगू के मामलों में उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिल रही है। यह सफलता सरकार और जनता, दोनों के सहयोग का प्रतिफल है।" डेंगू नियंत्रण की दिशा में यह सकारात्मक प्रगति प्रदेश की स्वास्थ्य प्रणाली की सजगता और प्रभावशीलता का परिचायक है। विदित हो कि राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण भी डेंगू नियंत्रण में एक प्रमुख कारक रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला अस्पतालों तक समुचित संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। डेंगू की शीघ्र जांच और उपचार के लिए विशेष जांच शिविर लगाए जा रहे हैं, जिससे मरीजों को समय पर इलाज मिलना संभव हो पाया है। इसके अतिरिक्त प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों एवं डॉक्टरों की टीम को विशेष प्रशिक्षण देकर डेंगू जैसी बीमारियों के उपचार में दक्ष बनाया गया है। फॉगिंग, सर्वे और इलाज का दिखा असर डेंगू नियंत्रण को लेकर सरकार की सजगता, समयबद्ध फॉगिंग, घर-घर सर्वेक्षण, लार्वा नियंत्रण और प्राथमिक उपचार की बेहतर व्यवस्था ने मिलकर यह परिणाम दिलाया है। रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर,रायगढ़ जैसे शहरी जिलों में जहां डेंगू के केस ज्यादा आते थे, वहां भी मामलों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। स्वास्थ्य विभाग के अभियानों के साथ-साथ आम नागरिकों ने भी घरों और आसपास की सफाई, जल जमाव रोकने जैसे कार्यों में महत्वपूर्ण भागीदारी निभाई। पंचायतों, स्कूलों और नगरीय निकायों द्वारा जागरूकता रैलियां और कार्यक्रम आयोजित किए गए। डेंगू से बचाव के लिए जागरूकता आवश्यक डेंगू एक गंभीर वायरल बुखार है, जो एडिस मच्छर के काटने से फैलता है। यह मच्छर मुख्यतः दिन के समय सक्रिय रहते हैं और साफ, स्थिर पानी में पनपते हैं। इसलिए, घरों और आसपास के क्षेत्रों में जलजमाव को रोकना अत्यंत आवश्यक है। पानी की टंकियों, कूलरों, गमलों, पुराने टायरों और अन्य बर्तनों को नियमित रूप से खाली और साफ करें। सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें और शरीर को पूरी तरह ढकने वाले कपड़े पहनें। मच्छरदानी का प्रयोग मच्छरों से बचाव का सस्ता, सरल, प्रभावी और हानिरहित उपाय है। इसके अलावा, घर की खिड़कियों और दरवाजों पर जाली लगवाएं ताकि मच्छर घर में प्रवेश न कर सकें। यदि डेंगू के लक्षण जैसे तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, शरीर पर लाल चकत्ते आदि दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। डेंगू के उपचार के लिए कोई विशेष दवा नहीं है, लेकिन उचित देखभाल और चिकित्सकीय सलाह से रोगी की स्थिति में सुधार संभव है। इसलिए, डेंगू से बचाव के लिए जागरूकता और सतर्कता अत्यंत महत्वपूर्ण है। recent visitors 27

पाकिस्तान के मीडिया ने छेड़ा प्रोपेगंडा अभियान, मंत्री शाह का बयान बना हथियार

भोपाल  मध्यप्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादास्पद बयान दिया था, जिसे लेकर देश में लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने भी मामले का संज्ञान लिया और मंत्री से माफी मांगने को कहा है। पाकिस्तानी चैनल्स से फैलाया जा रहा नफरती एजेंडा इस बीच पाकिस्तान ने मंत्री विजय शाह के बयान को एक टूल का तरह इस्तेमाल कर प्रोपेगैंडा चलाने का काम किया है। पाकिस्तान के सरकारी चैनल पीटीवी ने इस बयान को भारत में मुस्लिम के प्रति कथित नफरत के प्रमाण के तौर पर प्रस्तुत किया है। पाकिस्तान के चैनल्स ने एक प्रोपेगैंडा के तहत विजय शाह के बयान को इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है और पीटीवी के अलावा जीओ न्यूज, द डैली जंग सहित कई पाकिस्तानी मीडिया आउटलेट्स ने इस बयान पर खबरें प्रकाशित कर दुनिया में मुस्लिम समुदाय में भारत की छवि धूमिल करने की कोशिश की है। पीटीवी का प्रोपेगैंडा पीटीवी ने बुधवार देर रात प्रसारित अपने प्राइम टाइम कार्यक्रम में कहा है, "भारत के हिन्दू बीजेपी के सीनियर नेता विजय शाह ने एक वफादार मुस्लिम महिला अफसर को दहशतगर्दों की कतार में खड़ा कर दिया है। मोदी के भारत में मुस्लिम के प्रति नफरत इस हद तक बढ़ चुकी है कि अब सेना के उच्च अधिकारी और महिलाएं भी सुरक्षित नहीं हैं।" पीटीवी, जीओ न्यूज और जंग टीवी ने आरोप लगाया कि भारत में मुसलमानों को मुख्यधारा से बाहर धकेला जा रहा है और अब जो लोग सेना जैसी संस्थाओं में भी अपनी सेवा दे रहे हैं, उन्हें संदेह की नजर से देखा जा रहा है। पाकिस्तान द्वारा कर्नल सोफिया के बहाने भारत की छवि को 'अल्पसंख्यक विरोधी राष्ट्र' के रूप में प्रचारित करने की कोशिश की जा रही है। सिर्फ पाकिस्तानी टीवी चैनल्स ही नहीं, पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल्स से भी इस मुद्दे को लेकर नफरती एजेंडे और भारत के खिलाफ दुष्प्रचार को तेज कर दिया गया है। क्या कहते हैं विशेषज्ञ? पाकिस्तान द्वारा भारत के खिलाफ चलाए जा रहे प्रोपेगैंडा को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान अब सिर्फ विवादित बयान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पाकिस्तान द्वारा इसे भारत की धार्मिक समरसता और लोकतांत्रिक छवि के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अभियान का हिस्सा बनाने की कोशिश है। राजनीतिक और कूटनीतिक जानकारों का मानना है कि एमपी के मंत्री का यह बयान ने पाकिस्तान और अन्य विरोधी ताकतों को भारत पर हमला करने का अवसर दे दिया है। हालांकि, मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने स्वत:संज्ञान लेते हुए मंत्री विजय शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। लेकिन, न तो भाजपा और न ही मध्यप्रदेश सरकार ने उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई की है। ठोस कार्रवाई नहीं होने से आग में घी पड़ रहा विशेषज्ञ मानते हैं कि अब यह मामला केवल एक विवादित बयान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पाकिस्तान द्वारा इसे भारत की धार्मिक समरसता और लोकतांत्रिक छवि के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अभियान का हिस्सा बनाने की कोशिश है। राजनीतिक और कूटनीतिक गलियारों में यह चिंता बढ़ रही है कि मंत्री शाह की टिप्पणी ने पाकिस्तान और अन्य विरोधी ताकतों को भारत पर हमला करने का अवसर दे दिया है। हालांकि हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मंत्री विजय शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है, लेकिन न तो भाजपा नेतृत्व और न ही मध्य प्रदेश सरकार ने उनके खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई की है। इससे मामला लगातार गरमाता जा रहा है और पड़ोसी देश पाकिस्तान को भारत के खिलाफ दुष्प्रचार फैलाने का एक और बहाना मिल गया है। recent visitors 33

TATA IPL 2025 की वापसी 17 मई से, फिर होगा धमाल, मयंक यादव फिर चोटिल

मुंबई आईपीएल 2025 को फिर से वापसी को तैयार है. भारत-पाक‍िस्तान के बीच तनाव के बाद इसको एक सप्ताह के ल‍िए टाल द‍िया गया था. अब नए शेड्यूल के मुताब‍िक  शन‍िवार (17 मई) से इसकी शुरुआत रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और कोलकाता नाइटराइडर्स (KKR) के बीच बेंगलुरु के एम च‍िन्नास्वामी स्टेडियम में होगी. आईपीएल का फाइनल मुकाबला 3 जून को होगा. सभी मैच 6 वेन्यू, पर 18 दिन के बीच होंगे, इस दौरान कुल 17 मैच खेले जाएंगे. संशोधित शेड्यूल  दो डबल-हेडर शामिल हैं, जो दो रविवार को खेले जाएंगे. बता दें कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष की वजह से IPL को सस्पेंड किया गया था. बीसीसीआई ने यह फैसला सरकार और सुरक्षा एजेंसियों से चर्चा के बाद लिया था. सभी प्रमुख हितधारकों की सहमति से यह निर्णय लिया गया कि मौजूदा सीजन के शेष मुकाबले अब पूरे किए जाएंगे. ध्यान रहे भारत-पाक‍िस्तान के बीच हुए टकराव के बाद 8 जून को पंजाब और द‍िल्ली के बीच हो रहा आईपीएल मुकाबला रोक द‍िया गया था. आईपीएल 2025 का रोमांच एक बार फिर लौट रहा है। टूर्नामेंट के बचे हुए 17 मैच शनिवार यानी 17 मई से शुरू होंगे। भारत-पाकिस्तान तनाव के चलते बीसीसीआई ने 9 मई को अचानक इसे स्थगित कर दिया था। अब जब टूर्नामेंट फिर से शुरू हो रहा है तो सभी टीमों में हलचल मची हुई है। टीमें अलग-अलग वजहों से बदलाव कर रही हैं। इस बीच लखनऊ सुपर जायंट्स को बड़ा झटका लगा है क्योंकि युवा तेज गेंदबाज मयंक यादव एक बार फिर चोट के कारण बाहर हो गए हैं। वहीं पंजाब किंग्स ने न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज काइल जैमीसन को टीम में शामिल किया है, जो पूरे चार साल बाद आईपीएल में वापसी कर रहे हैं। लगातार दूसरी बार चोट के शिकार बने मयंक आईपीएल के दोबारा शुरू होने से ठीक दो दिन पहले 15 मई को लीग ने प्रेस रिलीज जारी कर मयंक यादव के टूर्नामेंट से बाहर होने की पुष्टि की। दाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज को पीठ में चोट लगी थी, जिसके कारण उन्हें बाहर बैठना पड़ा। यह खबर लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए बड़ा झटका है, क्योंकि पिछले सीजन में मयंक सिर्फ 4 मैच खेलकर ही चोटिल हो गए थे। मौजूदा सीजन में भी वे शुरुआती 9 मैच नहीं खेल पाए और वापसी के बाद सिर्फ 2 मैच ही खेल पाए। लगातार दूसरी बार चोटिल होने के बाद मयंक और फ्रेंचाइजी दोनों के लिए यह बेहद निराशाजनक स्थिति है। इन दो दिन होगा डबल हेडर मैच संशोधित शेड्यूल के मुताबिक, आईपीएल 2025 के बचे हुए 17 मुकाबले 6 अलग-अलग स्थानों पर खेले जाएंगे. इस दौरान दर्शकों को दो ‘डबल हेडर’ यानी एक ही दिन दो मुकाबले देखने को मिलेंगे. ये डबल हेडर रविवार को आयोजित किए जाएंगे. यानी 18 और 25 मई को ये दो मैच दर्शक देख सकते हैं. प्लेऑफ मुकाबलों का कार्यक्रम जारी आईपीएल 2025 के प्लेऑफ राउंड का भी पूरा शेड्यूल हमेशा टूर्नामेंट का सबसे रोमांचक हिस्सा होता है, जिसमें टॉप 4 टीमें खिताब की दौड़ में उतरती हैं. प्लेऑफ मुकाबलों का शेड्यूल इस तरह है. क्वालिफायर 1 – 29 मई 2025 एलीमिनेटर – 30 मई 2025 क्वालिफायर 2 – 1 जून 2025 फाइनल – 3 जून 2025 इन चारों मुकाबलों के वेन्यू की घोषणा बीसीसीआई द्वारा बाद में की जाएगी, लेकिन उम्मीद की जा रही है कि यह मुकाबले प्रमुख महानगरों या तटवर्ती सुरक्षित स्थानों पर आयोजित किए जा सकते हैं. प्लेऑफ मैचों के स्थल का विवरण बाद में घोषित किया जाएगा, वही फाइनल मुकाबला जहां पहले कोलकाता में होना था, उसकी वेन्यू भी बदल गई है. यह बाद में तय होगी. recent visitors 35

भारत का व्यापार घाटा अप्रैल में बढ़कर 26.42 अरब डॉलर हुआ, निर्यात में 9 प्रतिशत की उछाल

नई दिल्ली अप्रैल 2025 में भारत का निर्यात 12.7% बढ़कर 73.80 बिलियन डॉलर हो गया, जबकि आयात 15.7% की वृद्धि के साथ 82.45 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, इस वृद्धि ने व्यापार घाटे को 50% बढ़ाकर 8.65 अरब डॉलर कर दिया। भारत तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के साथ आयात निर्यात में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। वाणिज्य मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2025 में भारत का कुल निर्यात 73.80 बिलियन अमरीकी डॉलर तक पहुँच गया, जो पिछले साल इसी महीने के 65.48 बिलियन अमरीकी डॉलर से 12.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। इन आंकड़ों से पता चलता है कि आयात और भी तेज़ गति से बढ़ा है, अप्रैल 2025 में कुल आयात बढ़कर 82.45 बिलियन अमरीकी डॉलर हो गया, जो अप्रैल 2024 में 71.25 बिलियन अमरीकी डॉलर से 15.7 प्रतिशत की वृद्धि है। वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल ने कहा कि हम 2024-25 में 825 बिलियन अमरीकी डॉलर के निर्यात के आंकड़े तक पहुँच गए हैं, जो अब तक का सबसे बड़ा निर्यात है। इससे पता चलता है कि भारतीय निर्यात और निर्यातकों ने अब अपने व्यवसाय में वह लचीलापन हासिल कर लिया है। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, निर्यात और आयात में अंतर के कारण, भारत का कुल व्यापार घाटा चालू वर्ष में बढ़कर 8.65 अरब डॉलर हो गया। यह एक साल पहले के 5.77 अरब डॉलर से 50 फीसदी की जबरदस्त तेजी है। बता दें कि मार्च में व्यापार घाटा बढ़कर 21.54 बिलियन अमरीकी डॉलर हो गया, जो फरवरी में तीन साल के निचले स्तर 14.05 बिलियन अमरीकी डॉलर से अधिक था। भारत के सभी निर्यात (माल और सेवाएँ) ने भी मार्च 2025 में स्थिर वृद्धि दर्ज की है, जिसमें निर्यात और आयात दोनों में साल-दर-साल वृद्धि दर्ज की गई है। आधिकारिक डेटा के अनुसार कुल निर्यात मार्च 2024 में बढ़कर 73.61 बिलियन अमरीकी डॉलर हो गया, जो मार्च 2024 में 71.71 बिलियन अमरीकी डॉलर था। आयात बढ़ने से बढ़ा व्यापार घाटा इलेक्ट्रॉोनिक का निर्यात 39.52 प्रतिशत से बढ़कर 3.69 हो गया. इंजीनियरिंग वस्तुओं का निर्यात 11.28 प्रतिशत 9.51 अरब डॉलर का हो चुका है. इसी तरह क्रूड ऑयल में अप्रैल के महीने में आयात 25.6 प्रतिशत इजाफे के साथ 20.7 अरब डॉलर हो गया है. तो वहीं सोने का आयात 4.86 प्रतिशत और बढ़कर 3.09 अरब डॉलर का हो चुका है. आंकड़ों के मुताबिक, सेवा निर्यात का मूल्य अप्रैल के महीने में में 35.31 अरब डॉलर रहा, जबकि पिछले साल इसी महीने के दौरान 30.18 अरब डॉलर था. जबकि सेवाओं के आयात का अनुमानित मूल्य अप्रैल 2025 में 17.54 अरब डॉलर था, जबकि पिछले साल अप्रैल में ये 16.76 अरब डॉलर था. और बढ़ सकता है एक्सपोर्ट कॉमर्स सेक्रेटरी सुनील बर्थवाल का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि भारत अपने एक्सपोर्ट की रफ्तार इसी तरह से बनाकर रखेगा और वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद ये एक अच्छा साल साबित होगा. उन्होंने कहा कि बीस देशों और 6 वस्तुओं पर ध्यान फोकस करने की रणनीति के सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं. इसके साथ ही, वाणिज्य मंत्रालय इस पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखेगा. उन्होंने कहा कि कई देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट जल्दी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने जा रहे हैं. recent visitors 46

भारत ने पाकिस्तान के डिफेंस सिस्टम के ठिकाने का पता लगाने भेजे डमी जेट्स फिर एयरबेस पर ब्रह्मास्त्र मिसाइलों से प्रलय

नई दिल्ली ऑपरेशन सिंदूर के बाद शुरू हुआ भारत-पाकिस्तान के बीच का 86 घंटे का जंग जवांमर्दी की मिसाल, एडवेंचर और टैक्टिक्ल वारफेयर की रोमांचक कहानियां लेकर आया है. 4 दिन की ये लड़ाई तेज रफ्तार एक्शन, तकनीकी बुद्धिमता और दुश्मन को चौकाने और छकाने की कहानी है. इस जंग में भारत ने 9-10 मई को पाकिस्तान की एयर पावर को नेस्तानाबूद कर दिया. इस जंग में कामयाबी के पीछे ब्रह्मोस जैसे सटीक निशाना लगाने वाले मिसाइलों का योगदान तो है ही. लेकिन भारतीय वायुसेना के अफसरों ने पाकिस्तान को छकाने के लिए जो माइंड गेम खेला, पाकिस्तान को जिस तरह भरमाया वो शानदार है. आगे हम बताएंगे कि कैसे पाकिस्तानी अफसर भारत के चक्रव्यूह में फंस गए इसके बाद ब्रह्मोस मिसाइलों ने शुरू किया ड्रिस्ट्रक्शन गेम. इसके लिए भारत ने सहारा लिया डमी जेट्स का. ये जेट्स दुश्मन के रडार पर फाइटर जेट्स की तरह दिख रहे थे. दुश्मन ने इसे ही असली समझा और इन्हें गिराने के लिए अपना रडार और डिफेंस सिस्टम को एक्टिवेट कर दिया. लेकिन तब तक भारत को पाकिस्तान के कीमती मिसाइल डिफेंस सिस्टम का ठिकाना पता लग गया था. इसके बाद भारत ने पाकिस्तानी एयरबेस पर ब्रह्मास्त्र मिसाइलों की बौछार शुरू कर दी. यही वो भारत का जवाब था जिसने पाकिस्तान के वायुसेना की कमर तोड़ दी. ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत के बाद, पाकिस्तान में सुरक्षित पनाह पाने वाले आतंकी ठिकानों के खिलाफ भारत का एक्शन तबाही लेकर आया. इसके बाद पाकिस्तान सीमा से सटे भारत के शहरों में नाकाम ड्रोन हमले करने लगा. तब भारत ने अपने जवाबी हमले का दूसरा दौर शुरू किया. 9 और 10 मई की मध्य रात्रि को भारतीय वायु सेना ने अन्य बलों के सक्रिय सहयोग से पूरे पाकिस्तान में स्थित 13 में से 11 वायुसैन्य ठिकानों पर अटेक किया. इस प्रक्रिया में भारत की उच्च तकनीकी क्षमता ने पाकिस्तान में चीन के सपोर्ट से चल रहे मिसाइल डिफेंस सिस्टम को भी पंगु बना दिया. भारत के जवाबी हमले का दूसरा दौर दक्षिण एशियाई सैन्य इतिहास में दो परमाणु-शक्ति संपन्न कट्टर प्रतिद्वंद्वियों के बीच अब तक के सबसे साहसी और सामरिक रूप से महत्वाकांक्षी जवाबी हमलों में से एक के रूप में दर्ज हो गया. पाकिस्तान पर अटैक करने के लिए भारतीय कमांडरों के लिए जरूरी था कि उन्हें पाकिस्तान के रडार सिस्टम और मिसाइल डिफेंस सिस्टम के लोकेशन की जानकारी हो. लेकिन जंग के माहौल में ये जानकारी भारत को मिलती कैसे? यहां पर सेना के युद्ध रणनीतिकारों ने तीक्ष्ण बुद्धिमता का परियच दिया. पाकिस्तान रडार और मिसाइल डिफेंस को उनके खोल से निकालने के लिए वायुसेना ने एक चाल चली. वायुसेना ने सबसे पहले पाकिस्तान पर पायलट रहित जेट विमानों से हमला करने का दिखावा किया. ये डमी जेट थे. अपने एयर स्पेस में देखते ही पाकिस्तानी वायुसेना ने अपने रडार को एक्टिवेट कर दिया, वहीं पाकिस्तान का मिसाइल डिफेंस सिस्टम भी सक्रिय हो गया. भारत को इसी पल का इंतजार था. भारत के कंट्रोल रूम को पाकिस्तान के रडार और मिसाइल डिफेंस सिस्टम के लोकेशन की जानकारी मिल गई क्योंकि ये एक्टिवेट थे. इसके बाद पाकिस्तानी एयरस्पेस में शुरू हुआ भारत का प्रलय.भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तानी हवाई ठिकानों पर हमला कर उनके बुनियादी ढांचे और एयर डिफेंस नेटवर्क को नष्ट करने के लिए अभियान चलाया, जिसमें चीन की एचक्यू-9 मिसाइल प्रणाली भी शामिल थी. भारत को जानकारी मिल चुकी थी कि पाकिस्तानी वायुसेना ने चकलाला एयर बेस समेत कई जगहों पर एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम तैनात कर रखा था. पाकिस्तान के ये रडार और मिसाइल डिफेंस सिस्टम जैसे ही एक्टिवेट हुए भारत ने कामिकोज ड्रोन्स जैसे हारोप से हमला किया. इन हमले में पाकिस्तान का एयर डिफेंस नेटवर्क बुरी तर चौपट हो गया. इसके साथ ही भारत ने ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइलों से प्रहार शुरू किया. ब्रह्मोस की विध्वंसक क्षमता ने पाकिस्तान में खलबली मचा दी. पाकिस्तानी एयर स्पेस को सबसे ज्यादा नुकसान ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों के साथ-साथ राफेल लड़ाकू विमानों पर लगी स्कैल्प मिसाइलों ने पहुंचाई. रक्षा प्रतिष्ठान के सूत्रों ने बताया कि भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान वायु सेना बेस को निशाना बनाने के लिए लगभग 15 ब्रह्मोस मिसाइलें दागीं. इसका उद्देश्य विमान और अन्य ऑपरेशन लॉन्च करने की पाकिस्तान क्षमता को खत्म करना था. इस ऑपरेशन को सफल बनाने में डमी जेट्स का बड़ा रोल रहा. जिसे पाकिस्तान के रडार सिस्टम ने असली फाइटर समझ लिया और अपना लोकेशन प्रकट कर दिया. सूत्रों ने बताया कि जैसे ही दुश्मन के रडार और एयर डिफेंस नेटवर्क भारतीय 'आने वाले विमानों' को मार गिराने के लिए सक्रिय हुए, भारतीय सेना ने इजरायल निर्मित हारोप सहित अपने हथियारों को ऊपर से दागा और पाकिस्तान के वायु रक्षा रडार और कमांड और नियंत्रण प्रणालियों को निशाना बनाया. पाकिस्तानी वायु सेना ने अपने HQ-9 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम लांचर और रडार के पूरे सेट को अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया था. लेकिन सक्रिय होने के बाद उनका पता लगा लिया गया. इसके बाद भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तानी हवाई ठिकानों पर लंबी दूरी की मिसाइलों से हमला किया, जिसमें ब्रह्मोस और स्कैल्प मिसाइलें शामिल थीं. ब्रह्मोस और स्कैल्प जैसी मिसाइलों को ले जाने वाले विमानों ने पश्चिमी वायु कमान और दक्षिण पश्चिमी वायु कमान क्षेत्रों के अलग अलग हवाई ठिकानों से उड़ान भरी थी. विमानों ने पाकिस्तानी वायु सेना के लगभग सभी प्रमुख ठिकानों पर हमला किया था और उनके 13 में से 11 ठिकानों को निशाना बनाया गया था. ब्रह्मोस और स्कैल्प द्वारा किए गए हमले में मुख्य रूप से सिंध में स्थित पाकिस्तानी वायुसेना के एयरबेस पर हमला हुआ, जहां UAV और एक हवाई निगरानी और प्रारंभिक चेतावनी विमान को भारी नुकसान पहुंचा है. एयरबेस इस हद तक क्षतिग्रस्त हो गए कि पाकिस्तानी वायुसेना को अपने विमानों को पीछे के बेस पर ले जाना पड़ा. बता दें कि यह पहली बार है कि ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम का प्रयोग किसी एक्टिव वॉर में किया गया है. इस दौरान इस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ने अपनी असीम क्षमता को प्रदर्शित किया है. भारत द्वारा पहलगाम हमले के जवाब में शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर में 100 आतंकी मारे गए हैं, जबकि 40 से 50 पाकिस्तानी सेना के जवान और अफसर मारे गए हैं. recent visitors 34

शशि थरूर बन रहे चिदंबरम? मोदी सरकार की कर डाली तारीफ, इंडिया गठबंधन पर कहा कुछ ऐसा, चढ़ा सियासी पारा

  नई दिल्ली कांग्रेस के कद्दावर नेता शशि थरूर इन दिनों नरेंद्र मोदी सरकार की तारीफ करते हुए कई मौकों पर दिखे हैं। इसके बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने भी कुछ ऐसा ही रुख अपनाया था। चिदंबरम ने हाल ही में एक अंग्रेजी अखबार में लेख लिखकर ऑपरेशन सिंदूर और भारत-पाकिस्तान सीजफायर को लेकर केंद्र सरकार के फैसलों की सराहना की है। इससे एक कदम और आगे बढ़ते हुए उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ तैयार विपक्षी एकजुटता (INDIA गठबंधन) के अस्तित्व पर सवाल खड़ा कर दिया। उनके इस कदम के बाद सियासी गलियारे में अटकलों का बाजार गर्म हो गया है। चिदंबरम ने गुरुवार को INDIA गठबंधन की स्थिरता पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं कि यह गठबंधन अभी भी बरकरार है। उन्होंने यह टिप्पणी दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में एक पुस्तक 'Contesting Democratic Deficit' के विमोचन कार्यक्रम में की। चिदंबरम ने कहा, "इस किताब के लेखर मृत्युंजय सिंह यादव का मानना है कि INDIA गठबंधन अब भी कायम है। इस बात पर मुझे यकीन नहीं है। शायद सलमान खुर्शीद इसका जवाब दे सकते हैं, क्योंकि वह INDIA गठबंधन की बातचीत टीम का हिस्सा थे। अगर गठबंधन पूरी तरह कायम है तो मुझे बहुत खुशी है, लेकिन यह बहुत मजबूत नहीं लगता। हालांकि इसे अभी भी जोड़ा जा सकता है, समय है, घटनाएं अभी और घटेंगी।" अपने लंबे राजनीतिक अनुभव को साझा करते हुए चिदंबरम ने कहा कि गठबंधन केवल चुनावी वक्त पर नहीं बनाए जा सकते। उन्होंने कहा, "मेरा गठबंधनों को लेकर नजरिया अलग है। तमिलनाडु में लंबे अनुभव से मैंने सीखा है कि गठबंधन चुनाव के समय नहीं बनते, उन्हें पांच साल तक पोषित करना पड़ता है। देश में केवल दो राज्य हैं जहां यह मॉडल सफल रहा है वे हैं केरल और तमिलनाडु। वहां गठबंधन हार और जीत दोनों में एक साथ रहे हैं।" हालांकि इस दौरान उन्होंने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि भाजपा जैसा संगठित राजनीतिक दल देश के इतिहास में नहीं रहा। उन्होंने कहा, "यह सिर्फ एक पार्टी नहीं है, यह एक मशीन है। इसके पीछे एक और मशीन है। ये दोनों मिलकर देश की संस्थाओं पर नियंत्रण रखते हैं। चुनाव आयोग से लेकर थाने तक। यह जितना संभव हो, एक लोकतंत्र में उतना ही ताकतवर संगठन है। यह किसी एकदलीय शासन जैसे ढांचे की तरह कार्य करता है, हालांकि मैं यह नहीं कह रहा कि हम एकदलीय शासन में हैं।" सलमान खुर्शीद ने भी जताई चिंता पुस्तक के सह-लेखक और पूर्व मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि INDIA गठबंधन को बरकरार रखना सभी दलों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, "अगर आप किसी पार्टी के साथ गठबंधन करना चाहते हैं, तो उसे बार-बार अपमानित या दबाव में नहीं डाल सकते। किताब में कई उदाहरण दिए गए हैं, जहां हमारी संवेदनाओं को नजरअंदाज किया गया।" recent visitors 24