साक्षी तंवर को नहीं म‍िला ‘रामायण’ में मंदोदरी का रोल, शुरू की शूटिंग

मुंबई काजल अग्रवाल भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की जानी-मानी एक्ट्रेस हैं. जिन्होंने खासकर तेलुगु और तमिल फिल्मों में अपनी अलग पहचान बनाई है. उन्होंने हिंदी फिल्मों में भी काम किया है और अपनी एक्टिंग से लाखों लोगों को अपना दीवाना बनाया है. अब उनसे जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है.  दरअसल नितेश तिवारी की मचअवेटेड फिल्म 'रामायण' में उनकी एंट्री हो गई है. इस फिल्म में वो मंदोदरी के रोल में दिखाईं देगीं. बता दें कि पहले मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि मंदोदरी का किरदार एक्ट्रेस साक्षी तंवर निभाएंगी लेकिन प्रोडक्शन से जुड़े एक सूत्र ने इससे इनकार कर दिया है. बताया ये भी जा रहा है कि काजल ने अपने हिस्से की शूटिंग शुरू कर दी है. इस वजह से काजल अग्रवाल पर लगी मुहर गौरतलब है कि रामायण में मंदोदरी का किरदार रावण की पत्नी होने से काफी बढ़ जाता है. फिल्म से जुड़े प्रोडक्शन के एक करीबी सोर्स ने बताया कि इसलिए एक अच्छी एक्ट्रेस को कास्ट करना सबसे जरूरी था. जो एक्टर यश (रावण) के साथ अपनी भूमिका को पूरी तरह से निभा सकें. इसके अलावा फिल्ममेकर्स को ऐसी एक्ट्रेस की तलाश थी, जो कई भाषाओं में मजबूत पकड़ रखती हो. इसके लिए बॉलीवुड की कई एक्ट्रेस पर विचार किया गया लेकिन काजल के नाम पर मुहर लगाई गई. क्योंकि वो नॉर्थ और साउथ दोनों में एक बड़ा नाम है. जानिए कौन थीं मंदोदरी? हम सभी ने रामायण में रावण की पत्नी के रूप में मंदोदरी के बारे में सुना होगा. लेकिन मंदोदरी का परिचय केवल रावण की पत्नी तक सीमित नहीं है. रामायण में मंदोदरी का वर्णन बेहद सुंदर, पवित्र और धार्मिक महिला के रूप में किया गया है. जिसने एक तरफ सीता के अपहरण के लिए रावण की बार-बार आलोचना की तो वहीं, दूसरी तरफ एक कर्तव्यपरायण पत्नी की तरह लगातार अपने पति को धर्म के मार्ग की ओर अग्रसर करने का प्रयास करती रहीं. फिल्म के सीन हो चुके शुट नितेश तिवारी के डायरेक्शन में बन रही रामायण में नमित मल्होत्रा ​​और यश को-प्रोड्यर्स हैं. इसके अलावा KGF स्टार यश फिल्म में रावण का किरदार निभाएंगे. रामायण' में रणबीर कपूर, राम का रोल करेंगे, जबकि साई पल्लवी, सीता माता का रोल करेंगी. कुछ रिपोर्ट्स की माने तो इस फिल्म में अमिताभ बच्चन 'जटायू' के किरदार निभाएंगे. वहीं दूसरी तरफ, रवि दूबे 'लक्ष्मण', लारा दत्ता 'कैकयी', रकुल प्रीत सिंह 'शुर्पणखा', अरुण गोविल 'राजा दशरथ', सनी देओल 'हनुमान' और हरमन बावेजा 'विभीषण' के किरदार में नजर आएंगे. जानकारी के मुताबिक 2026 में दिवाली पर इसका पहला पार्ट रिलीज होगी तो वहीं फिल्म का दूसरा पार्ट 2027 की दिवाली के मौके पर रिलीज किया जाएगा. recent visitors 38

सरकारी कार्यक्रम में मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह की फोटो को हटा दी गई

इंदौर  मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह एक बार फिर विवादों में घिरते नजर आ रहे हैं। इंदौर में 'वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत जिला स्तरीय वन अधिकार समितियों की प्रशिक्षण कार्यशाला' आयोजित की गई। इसमें उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कार्यक्रम स्थल पर लगे होर्डिंग्स में मंत्री विजय शाह की मुस्कुराती तस्वीर दिखी। इस पर अधिकारियों ने ऑब्जेक्शन लिया गया तो उसे हटाया गया। वर्कशॉप में मंत्री का फोटो वाला पोस्टर देखा तो अफसरों के बीच इसी की चर्चा होने लगी। इसके बाद मंत्री को हटा कर उनकी जगह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो चिपका दी गई। मौके पर पहुंचे सीनियर अधिकारियों ने नाराजगी जाहिर करते हुए पोस्टर तुरंत हटवाए और संबंधित जिम्मेदारों को फटकार लगाई। क्या है पूरा मामला पूरा घटनाक्रम इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर के फीनिक्स हॉल का है। यहां गुरुवार को ट्रेनिंग प्रोग्राम रखा गया। इसमें अशासकीय सदस्यों, वन अधिकारी समिति के सदस्यों को प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान वर्कशॉप के लिए पोस्टर लगाए गए। जिसमें, सीएम मोहन यादव के साथ मंत्री विजय शाह की फोटो लगी थी। इस वर्कशॉप कार्यक्रम में इंदौर उज्जैन के कलेक्टर, वन के मंडल अधिकारी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी मौजूद थे। वहीं, कार्यक्रम जनजाति कार्य विभाग ने आयोजित कराया था। इसके मंत्री विजय शाह हैं। इसी कार्यक्रम से फोटो हटाई गई। क्यों हटाई गई तस्वीर हाल ही में मंत्री विजय शाह ने सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित टिप्पणी की थी। जिसके चलते हाई कोर्ट के आदेश पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है। इस प्रकरण के बाद मंत्री को विरोध का सामना करना पड़ रहा है। यही कारण माना जा रहा है कि आयोजन में उनकी तस्वीर को हटा दिया गया। प्रोटोकॉल का हुआ उल्लंघन कार्यशाला में जब इंदौर संभाग के कमिश्नर दीपक सिंह की नजर इन होर्डिंग्स पर पड़ी, तो उन्होंने नाराजगी जाहिर की। आनन-फानन में अधिकारियों ने मंत्री विजय शाह की तस्वीर को पीएम मोदी की फोटो से ढंक दिया। जिससे न केवल प्रोटोकॉल का उल्लंघन हुआ बल्कि आयोजकों की कार्यशैली पर भी सवाल उठ खड़े हुए। नियमों के अनुसार, किसी भी सरकारी आयोजन में नेताओं की तस्वीरों का तय क्रम होता है। जिसमें प्रधानमंत्री का स्थान सर्वोच्च होता है। यहां पीएम मोदी की फोटो दूसरे स्थान पर और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की पहले स्थान पर रही, जो स्पष्ट रूप से अनुचित था। शाह की तस्वीर पर सफेद फ्लेक्स चिपका दिया अधिकारियों ने तत्काल पोस्टर से उनकी तस्वीर हटाने के निर्देश दिए। आनन-फानन में स्टाफ ने शाह की तस्वीर पर सफेद फ्लेक्स चिपका दिया। बाद में उक्त स्थान पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तस्वीर को चस्पा किया गया। सुबह 11 बजे वन अधिकार अधिनियम को लेकर ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। लोगों ने उठाई थी आपत्ति आयोजन प्रदेश सरकार के जनजाति कार्य विभाग ने किया था। पोस्टर में मुख्यमंत्री मोहन यादव और मंत्री विजय शाह की तस्वीर नजर आ रही थी। पोस्टर में मंत्री शाह की बड़ी सी मुस्कुराती तस्वीर थी। कुछ लोगों ने आपत्ति उठाई और मंत्री शाह की तस्वीर पोस्टर पर क्यों है, तो अफसरों ने तुरंत कार्रवाई की। सरकारी कार्यक्रमों से दूर इस घटना ने साफ कर दिया कि मंत्री शाह अब सिर्फ जनता की नजरों से ही नहीं, बल्कि सरकारी कार्यक्रमों से भी दूर किए जा रहे हैं। अफसर भी उनके साथ सार्वजनिक रूप से जुड़ना नहीं चाह रहे। भले ही उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया है, लेकिन उनकी स्थिति बेहद कमजोर नजर आ रही है। संभागीय कार्यशाला शुरू वन अधिकार अधिनियम 2006 के प्रभावी क्रियान्वयन और सामुदायिक वन अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए गुरुवार से दो दिनी संभागीय कार्यशाला की शुरुआत ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में हुई। इसमें वन समितियों की भूमिका को लेकर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने ग्रामीणों को जंगल की जमीन पर अतिक्रमण रोकने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जंगल में ग्रामीणों को वन अधिकार के अंतर्गत पट्टे दिए जाते हैं। सिर्फ खेती करने में भूमि का उपयोग करें, जबकि कुछ पट्टे से लगी जमीन पर भी अतिक्रमण करते हैं, यह बिलकुल गलत है। शुभारंभ जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव गुलशन बामरा और संभागायुक्त दीपक सिंह ने किया। सचिव बामरा ने बताया कि राज्य शासन वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत सामुदायिक अधिकारों को सशक्त बनाने की दिशा में गंभीर प्रयास कर रहा है। recent visitors 42

जैसलमेर जिला कलेक्टर पर राजस्थान प्रशासनिक सेवा परिषद ने लगाए गंभीर आरोप, सीएम शर्मा को लिखा पत्र

जयपुर राजस्थान के सीमावर्ती जिले जैसलमेर में कलेक्टर और एसडीओ के बीच छिड़े घमासान में अब आरएएस एसो. भी कूद गई है। एसो. ने कलेक्टर प्रताप सिंह के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग की है। इसके लिए एसो. ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को भी पत्र लिखा है। दरअसल पिछले दिनों जैलसमेर के पोकरण में तैनात आरएएस अधिकारी प्रभोजोत सिंह गिल का कलेक्टर से विवाद हो गया था। इसके बाद प्रभोजोत ने कलेक्टर पर आरोप लगाया कि वे उन्हें मानदंडों के खिलाफ जाकर जांच बंद करने के लिए कह रहे हैं। प्रभोजोत ने इसके लिए एक शिकायती चिट्ठी भी सरकार को लिखी, जिसमें कहा गया है कि ब्याज माफिया के खिलाफ जब पीड़ितों की शिकायत पर उन्होंने कार्रवाई करने के लिए पत्रावली चलाई तो कलेक्टर ने उन्हें अपने चैंबर में बुलाकर धमकाया और जांच बंद करने के लिए कहा। इससे पहले भी प्रताप सिंह के खिलाफ अपने अधीनस्थों के साथ दुर्व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगते रहे हैं। प्रभोजोत सिंह ने कलेक्टर पर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया। इस पूरे मामले को आरएएस एसो. ने बेहद गंभीरता से लेते हुए सरकार से कलेक्टर के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। इसके साथ ही एसो. ने यह चेतावनी भी दी है कि यदि समय रहते कलेक्टर के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो एसो. हड़ताल पर भी जा सकती है। परिषद ने गुरुवार को इस संबंध में मुख्य सचिव व मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। recent visitors 42

मध्यप्रदेश के 21 जिलों में गरज चमक के साथ बारिश का अलर्ट, कल से लू चलेगी

भोपाल मध्यप्रदेश में आंधी-बारिश के बीच गर्मी का असर भी देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने 17 मई से उत्तरी हिस्से के जिलों में हीट वेव यानी, गर्म हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया है। इससे पहले शुक्रवार को इंदौर, उज्जैन समेत 21 जिलों में बारिश हो सकती है अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रहने वाला है। मौसम विभाग की मानें तो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ लाइन की सक्रियता के चलते 19 मई तक राज्य में मौसम बिगड़ा रहेगा। खासतौर पर शुक्रवार से अगले चार दिन तक कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। इस बीच कुछ क्षेत्रों में तापमान में वृद्धि होगी, जबकि उत्तरी जिलों में लू का प्रभाव देखने को मिलेगा। कहीं बारिश तो कहीं लू का अलर्ट राज्य के 21 जिलों में शुक्रवार को बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, 17 मई से उत्तर मध्यप्रदेश के जिलों में लू की स्थिति बन सकती है। खासकर निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जैसे क्षेत्रों में तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने की संभावना है। हालांकि, भोपाल और ग्वालियर जैसे इलाकों में गर्मी का प्रभाव अभी बना रहेगा। 25 मई से शुरू होगा नौतपा इस साल 25 मई से शुरू हो रहे नौतपा का असर पहले जैसा तीव्र नहीं रहेगा। हालांकि, इस दौरान कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है। आमतौर पर नौतपा को साल की सबसे तपती अवधि माना जाता है, लेकिन इस बार इसका प्रभाव कुछ कम रहने वाला है। अगले तीन दिन ऐसा रहेगा मौसम     17 मई : शुक्रवार को बुंदेलखंड के निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में लू का प्रभाव देखने को मिलेगा। वहीं, प्रदेश के कई अन्य जिलों जैसे नीमच, मंदसौर, इंदौर, उज्जैन, बड़वानी, धार, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, मंडला और सिवनी में बारिश के आसार हैं।     18 मई : शनिवार को छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में एक बार फिर लू का अलर्ट जारी किया गया है। जबकि इंदौर, देवास, उज्जैन, नर्मदापुरम, बड़वानी, बैतूल, डिंडौरी और अन्य जिलों में तेज आंधी और वर्षा की चेतावनी दी गई है।     19 मई : रविवार को प्रदेशभर में मौसम और अधिक सक्रिय रहेगा। भोपाल, जबलपुर, इंदौर, उज्जैन, विदिशा, सीहोर, रायसेन, नरसिंहपुर सहित 30 से अधिक जिलों में बारिश और आंधी की संभावना है। वहीं निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में लू का असर बना रह सकता है। एक साथ सक्रिय कई मौसम प्रणालियां दक्षिणी गुजरात में ऊपरी हवा में चक्रवात, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल से लेकर उत्तरी छत्तीसगढ़ होते हुए मध्यप्रदेश तक बनी द्रोणिका और अन्य मौसमी तंत्रों की सक्रियता के चलते पूरे प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला-बदला रहेगा। इन सबका संयुक्त प्रभाव आने वाले दिनों में प्रदेश में अस्थिर मौसम की स्थिति बनाए रखेगा। सिवनी में 9 घंटे में डेढ़ इंच से ज्यादा बारिश, ग्वालियर-खजुराहो में गर्मी बढ़ी गुरुवार को भी प्रदेश में तेज आंधी, बारिश और गर्मी वाला मौसम रहा। सिवनी में 9 घंटे में डेढ़ इंच से ज्यादा पानी गिर गया। वहीं, इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में पौन इंच बारिश दर्ज की गई। उज्जैन, टीकमगढ़, धार, मंडला में भी बारिश हुई। बैतूल, झाबुआ, रतलाम, उज्जैन, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, हरदा, अलीराजपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, बालाघाट, रायसेन, नर्मदापुरम और इंदौर जिलों में रात के समय मौसम बदला रहा। इधर, गुरुवार को कई शहरों में गर्मी का असर देखने को मिला। खजुराहो में 43.4 डिग्री, नौगांव में 42.7 डिग्री, शिवपुरी-रीवा में 42 डिग्री, सतना में 41.6 डिग्री, गुना में 41.3 डिग्री, सीधी में 41.2 डिग्री और उमरिया में पारा 40 डिग्री दर्ज किया गया। पचमढ़ी में सबसे कम 32.2 डिग्री सेल्सियस रहा। पांच बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर सबसे गर्म रहा। यहां पारा 43 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में 37.3 डिग्री, इंदौर में 36.4 डिग्री, उज्जैन में 37 डिग्री और जबलपुर में पारा 38.5 डिग्री सेल्सियस रहा। recent visitors 29

टेस्ट में कप्तानी के जसप्रीत बुमराह थे सबसे बड़े दावेदार, ऐसा क्या हुआ जो कट गया पत्ता?

नई दिल्ली जसप्रीत बुमराह को टेस्ट कप्तानी में रोहित शर्मा का स्वाभाविक उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जा रहा था। दिसंबर-जनवरी में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान 2 मैचों में उन्होंने कप्तानी भी की। रोहित शर्मा के संन्यास के बाद टेस्ट कप्तान के तौर पर बुमराह का पत्ता आखिर क्यों कट गया? कप्तानी की रेस का फ्रंटरनर अचानक रेस से ही बाहर क्यों हो गया? औपचारिक ऐलान तो नहीं हुआ है लेकिन रिपोर्ट बता रहीं कि बीसीसीआई ने शुभमन गिल को रोहित शर्मा का उत्तराधिकारी चुन लिया है। वही गिल जिनकी टेस्ट के प्लेइंग इलेवन तक में पक्की जगह नहीं मानी जाती थी। कम से कम दिग्गज पूर्व क्रिकेटर श्रीकांत का तो यही मानना है। महान सुनील गावस्कर और अनिल कुंबले जैसे एक्सपर्ट भी जसप्रीत बुमराह को टेस्ट कप्तानी सौंपे जाने के पैरोकार थे। हाल ही तक उनके साथ ड्रेसिंग रूम शेयर करने वाले दिग्गज ऑफ स्पिनर आर अश्विन भी उन्हें ही अगला कप्तान देख रहे थे। फिर बुमराह का पत्ता कैसे कटा? इसका कनेक्शन इसी साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी टेस्ट से है। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए जसप्रीत बुमराह टीम के उपकप्तान चुने गए थे। पर्थ में खेले गए पहले टेस्ट मैच में उन्होंने कप्तानी भी क्योंकि नियमित कप्तान रोहित शर्मा उस मैच को नहीं खेल पाए थे। वह दूसरी बार पिता बने थे। बुमराह की कप्तानी में टीम इंडिया ने पर्थ टेस्ट 295 रन के विशाल अंतर से जीता था। वहां जीत के लिए भारत का 47 साल का इंतजार खत्म हुआ था। बुमराह ने सिडनी में खेले गए आखिरी टेस्ट में भी कप्तानी की थी क्योंकि रोहित शर्मा ने खुद को ड्रॉप कर दिया था। मैच के दूसरे ही दिन 4 जनवरी को जसप्रीत बुमराह बैक इंजरी के शिकार हो गए और उसके बाद वह फील्ड पर नहीं लौटे। मैच भी तीन दिन में ही समाप्त हो गया और ऑस्ट्रेलिया ने 6 विकेट से जीत हासिल कर ली। सीरीज में भारत की शर्मनाक हार हुई। तब बीसीसीआई ने नए कप्तान पर विचार शुरू कर दिया लेकिन बुमराह की बैक इंजरी उनकी दावेदारी के लिए बहुत बड़ा झटका साबित हुई। उसके बाद बुमराह 3 महीने तक क्रिकेट के मैदान से दूर रहे। चैंपियंस ट्रॉफी में भी हिस्सा नहीं ले पाए। आईपीएल 2025 के शुरुआती मैचों में भी वह नहीं खेल पाए। फिटनेस और चोट की इन्हीं चुनौतियों की वजह से अगले टेस्ट कप्तान के तौर पर बुमराह का पत्ता कट गया। वैसे यह कोई पहली बार नहीं था जब बुमराह इंजरी की वजह से लंबे समय तक क्रिकेट के मैदान से बाहर रहे और आईसीसी टूर्नामेंट तक मिस किया हो। यह वजह है कि चयनकर्ताओं ने कप्तानी के लिए बुमराह से इतर चेहरे को तलाशना शुरू किया। अब ये तलाश गिल के रूप में खत्म होती दिख रही है। उन्होंने आईपीएल में गुजरात टाइटंस के कप्तान के तौर पर अपनी नेतृत्व क्षमता साबित भी की है। वनडे और टी-20 दोनों में वह टीम इंडिया के उपकप्तान हैं। recent visitors 41

तुर्किए और अजरबैजान जाने वाले 50 प्रतिशत पर्यटकों निरस्त की बुकिंग

इंदौर  हाल ही में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष के दौरान तुर्किए और अजरबैजान न सिर्फ पाकिस्तान के समर्थन में रहे, बल्कि ड्रोन व अन्य हथियार भी दिए। इसके बाद से ही तुर्किए और अजरबैजान के बहिष्कार की मांग जोर पकड़ रही है। अब भारतीय इन दोनों देशों की पर्यटन अर्थव्यवस्था पर प्रहार करने की तैयारी में हैं। तुर्किए और अजरबैजान बहिष्कार का प्रभाव इंदौर में भी दिखाई दे रहा है और मई-जून के लिए बुकिंग करवा चुके 50 प्रतिशत पर्यटक इसे निरस्त करवा चुके हैं। खुद ही कैंसल करवा रहे हैं टूर की बुकिंग बता दें, तुर्किए और अजरबैजान की यात्रा करने वाले अधिकांश पर्यटक स्वत: बुकिंग निरस्त करवा रहे हैं, वहीं ट्रैवल एजेंट भी पर्यटकों से इन देशों की बुकिंग निरस्त करने का अनुरोध कर अन्य देशों का विकल्प सुझा रहे हैं। ट्रैवल एजेंटों के संगठन भी अपनी ओर से इन बुकिंग को निरस्त कर रहे हैं। मई-जून में जाते हैं सबसे ज्यादा टूरिस्ट मध्य प्रदेश से हर वर्ष गर्मी में करीब चार हजार पर्यटक तुर्किए व अजरबैजान की यात्रा करते हैं। इनमें से करीब 2500 पर्यटक अकेले इंदौर के होते हैं। सर्वाधिक बुकिंग मई और जून के लिए ही की जाती है, क्योंकि इस समय बच्चों के स्कूलों की छुट्टियां रहती है। ऐसे में लोग इस समय इन देशों की यात्रा करना अधिक पसंद करते हैं। वहीं, अब मई-जून के लिए इन देशों में यात्रा करने के लिए बुकिंग करवा चुके इंदौरियों ने इसे निरस्त करवाना शुरू कर दिया। कुछ ने अपनी यात्रा की जगह बदल दी है। अजरबैजान में मिलता है यूरोप सा माहौल अजरबैजान के बाकू को सर्वाधिक पसंद किया जाता है। यहां पर्यटकों को यूरोप जैसा वातावरण मिलता है। यूरोप अजरबैजान की तुलना में महंगा है और यहां पर्यटन के लिए करीब 15 दिन का टूर बनाना पड़ता है, जबकि अजरबैजान यूरोप के मुकाबले सस्ता है और यहां की वीजा प्रक्रिया भी काफी आसान है। यहां एक सप्ताह में जाकर आया जा सकता है। इसके साथ ही यह एमआइसीई डेस्टिनेशन भी है, जिसके चलते कार्पोरेट मीटिंग के लिहाज से भी काफी पसंद किया जाता है। तुर्किए का रोमांच करता है आकर्षित तुर्किए में कई रोमांचक गतिविधियां होती हैं, जो पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। यहां का हाल एयर बैलून एडवेंचर काफी पसंद किया जाता है। इसके साथ ही यहां का आर्किटेक्ट और कला सहित अन्य ऐतिहासिक शहर जैसे इस्तांबुल पर्यटकों द्वारा पसंद किए जाते हैं। हर साल बढ़ रहा पर्यटन इंदौर से तुर्किए और अजरबैजान जाने वाले भारतीयों की संख्या हर साल बढ़ रही है। ट्रैवल कंपनी के संचालक राजेश चौबे ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले इन दोनों देशों की यात्रा करने वाले पर्यटकों की संख्या करीब 20 प्रतिशत तक बढ़ी थी, लेकिन बुकिंग निरस्त करवाने के कारण इसका व्यापक प्रभाव पड़ेगा। देशभर में निरस्त हो रही बुकिंग पाकिस्तान का साथ देने पर तुर्किए और अजरबैजान का पर्यटन काफी हद तक प्रभावित होगा। ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन आफ इंडिया के मप्र-छत्तीसगढ़ चेयरमैन हेमेंद्र सिंह जादौन के अनुसार, इन देशों के लिए बुकिंग निरस्त करवाने का क्रम लगातार जारी है। अब तक अजरबैजान की करीब पौने तीन लाख और तुर्किए की करीब ढाई लाख बुकिंग निरस्त हो चुकी है। recent visitors 47

कथावाचक पंडित धीरेंद्र शास्त्री को भड़काऊ बयान के विरुद्ध शहडोल कोर्ट ने नोटिस जारी किया

 शहडोल  कथावाचक पंडित धीरेंद्र शास्त्री के एक भड़काऊ बयान के विरुद्ध दायर परिवार पर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी शहडोल सीता शरण यादव ने नोटिस जारी कर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को 20 मई को सुबह 11 बजे न्यायालय में उपस्थित होकर परिवाद पर पक्ष रखने को कहा है। जारी नोटिस के अनुसार महाकुंभ 2025 के संदर्भ में पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने सार्वजनिक रूप से प्रयागराज में कहा था कि महाकुंभ में हर व्यक्ति को आना चाहिए, जो नहीं आएगा वह पछताएगा और देशद्रोही कहलाएगा। इस बयान को लेकर शहडोल जिला न्यायालय के अधिवक्ता एवं पूर्व शासकीय अधिवक्ता संदीप तिवारी ने गहरी आपत्ति जताई। संविधान की मूल भावना के खिलाफ बताया गया बयान उनका कहना है कि यह वक्तव्य न केवल भारतीय संविधान की मूल भावना, विशेष रूप से धर्मनिरपेक्षता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता, के विरुद्ध है, बल्कि यह भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दंडनीय अपराध भी है। उन्होंने अपने परिवाद में कहा कि सेना सैनिक, अस्पतालों में सेवा दे रहे डॉक्टर, कानून व्यवस्था में लगे पुलिसकर्मी, न्यायपालिका के सदस्य, पत्रकार या कोई भी नागरिक जो अपने कर्तव्यों के कारण महाकुंभ में उपस्थित नहीं हो पाता, क्या उसे देशद्रोही कहा जा सकता है? यह वक्तव्य न केवल असंवेदनशील है बल्कि सामाजिक वैमनस्य फैलाने वाला भी है। कोई कार्रवाई नहीं होने पर ली कोर्ट की शरण इस मामले को लेकर 4 फरवरी 2025 को थाना सोहागपुर, शहडोल में शिकायत दर्ज की गई थी। पुलिस द्वारा कार्रवाई न होने पर, शिकायत पुलिस अधीक्षक को भेजी गई। कोई कार्रवाई न होने पर 3 मार्च 2025 को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, शहडोल के समक्ष परिवाद प्रस्तुत किया गया। अब अदालत ने 11 मई को धीरेंद्र शास्त्री को विधिवत नोटिस जारी कर 20 मई 2025 को प्रकरण में सुनवाई के लिए तलब किया है। recent visitors 25