मंत्री विजय शाह केस में SIT का गठन, टीम में इकलौती महिला IPS अधिकारी वाहिनी सिंह को शामिल किया

भोपाल  मध्य प्रदेश डीजीपी ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद मंत्री विजय शाह मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बनी एसआईटी में इकलौती महिला IPS अधिकारी वाहिनी सिंह को शामिल किया गया है। वाहिनी सिंह की गिनती मध्य प्रदेश में तेजतर्रार अधिकारी के रूप में होती है। अभी वह डिंडोरी जिले में एसपी हैं। कौन हैं आईपीएस अफसर वाहिनी सिंह वाहिनी सिंह 2014 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं। 2013 में उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा पास की थी। पहले ही अटेम्पट में वाहिनी सिंह को 173वीं रैंक आई थी। एक इंटरव्यू के दौरान वाहिनी सिंह ने कहा था कि इसकी उम्मीद मुझे नहीं थी। वाहिनी ने ग्रेजुएशन बॉयोटेक में किया है। इसके बाद फायनेंस में एमबीए किया है। उनका जन्म 19 मार्च 1988 में हुआ था। बचपन में बनना चाहता था डॉक्टर आईपीएस वाहिनी सिंह ने कहा था कि ऐसा नहीं था कि मैं शुरू से ही आईएएस या आईपीएस बनना चाहती थी। बचपन में मैं डॉक्टर बनना चाहती थी, फिर पायलट बनने की भी चाहत हुई। साथ ही लगता था कि मैं अच्छे से पढ़ाई कर विदेश में जाकर नौकरी करूं। मेरे पिता राजस्थान स्टेट सर्विस के अधिकारी हैं। उनका सम्मान मैंने लोगों में देखा है। इसके बाद मेरे मन में यह जरूर था कि मैं एक दिन परीक्षा दूंगी। पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद ही मैंने यूपीएससी देने का मन बनाया। इसके बाद दिल्ली जाकर तैयारी शुरू कर दी। चयन के बाद मिला पंजाब कैडर वहीं, आईपीएस बनने के बाद वाहिनी सिंह को पंजाब कैडर मिला था। उन्होंने कुछ दिनों तक पंजाब में काम भी किया। दिसंबर 2015 में शादी के नाम पर वाहिनी सिंह का कैडर ट्रांसफर हो गया। इसके बाद वह एमपी कैडर की आईपीएस अधिकारी बन गईं। वाहिनी सिंह ने कुछ साल पहले एक इंटरव्यू में कहा था कि यह जॉब नाइन टू फाइव की नहीं है। हमेशा चुनौती भरा काम रहता है। पति भी हैं आईपीएस अफसर डिंडोरी एसपी वाहिनी सिंह की शादी मध्य प्रदेश में हुई है। उनके पति आईपीएस नागेंद्र सिंह हैं। नागेंद्र सिंह 2014 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। अभी वह बालाघाट के एसपी हैं। डिंडोरी और बालाघाट आसपास ही हैं। पति के कारण पड़ चुकी है डांट वहीं, आईपीएस वाहिनी सिंह को कुछ साल पहले तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान से पति के कारण डांट पड़ चुकी है। तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान सभी कलेक्टर्स और एसपी की मीटिंग ले रहे थे। उस समय वाहिनी सिंह निवाड़ी की एसपी थीं और उनके पति नागेंद्र सिंह भिंड एसपी थे। तब शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि आपके लाइफ पार्टनर आपके सरकारी काम में इंटरफियर करते हैं। नागेंद्र सिंह पर रेत माफिया से सांठगांठ के आरोप लगे थे। हालांकि फटकार की बात पर वाहिनी सिंह ने चुप्पी साथ ली थी। वाहिनी सिंह ने एक इंटरव्यू में कहा था कि मुझे हसबैंड से बहुत सपोर्ट मिलता है। डिंडोरी में एसपी रहते हुए उन्होंने एक अलग मिसाल पेश की है। वाहिनी सिंह सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को जागरूक भी करती हैं। साथ ही उन्हें मोटिवेट करती हैं। 8 दिन में सौंपना होगी जांच रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी को 28 मई तक जांच करने के आदेश दिए हैं. सुप्रीम कोर्ट ने शाह को गिरफ्तारी से राहत देते हुए जांच में सहयोग करने के लिए भी कहा है. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने विजय शाह को फटकार लगाई है. कोर्ट ने सरकार और पुलिस की निष्क्रियता पर भी सवाल उठाए. कोर्ट ने कहा कि एफआईआर के बाद आपने क्या किया? जांच कहां पहुंची? पीठ ने कहा कि राज्य सरकार को कुछ और ठोस कदम उठाने चाहिए थे. इस बयान से बढ़ीं विजय शाह की मुश्किलें मंत्री विजय शाह की मुश्किलें 11 मई को उनके द्वारा दिए गए बयान से बढ़ी हैं. उन्होंने महू के रायकुंडा गांव में एक कार्यक्रम में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर मंच से बयान दिया था. उन्होंने नाम लिए बिना कर्नल सोफिया कुरैशी को आतंकियों की बहन बता दिया था. उन्होंने कहा था कि, उन्होंने कपड़े उतार-उतार कर हिंदुओं को मारा और मोदी जी ने उनकी बहन को उनकी ऐसी तैसी करने उनके घर भेजा.'' हाई कोर्ट ने लिया था संज्ञान मंत्री का वीडियो वायरल हुआ तो जबलपुर हाईकोर्ट ने इस पर स्वतः संज्ञान लिया. हाईकोर्ट ने 14 मई को 4 घंटे में मंत्री के खिलाफ FIR दर्ज करने के आदेश दिए. हालांकि मामले में FIR तो दर्ज हुई, लेकिन हाईकोर्ट ने FIR को खाना पूर्ति बताया था. हाईकोर्ट ने कहा था कि अब इस मामले में कोर्ट ही पुलिस जांच की निगरानी करेगी. हाईकोर्ट ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में भी कैविएट दायर की है. यानी आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के मामले को भी सुना जाएगा. विजय शाह मामले में कब क्या हुआ     11 मई को मंत्री विजय शाह, महू के रायकुंडा गांव पहुंचे और यहां एक कार्यक्रम में कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित बयान दिया. बयान में मंत्री ने कर्नल सोफिया को अतंकियों की बहन बता दिया.     13 मई को मंत्री का विवादित बयान वाला वीडियो वायरल होने के बाद मामला गरमाता देख मंत्री विजय शाह ने बयान को लेकर माफी मांगी.     13 मई को वायरल वीडियो बीजेपी नेताओं तक पहुंचा. इसको लेकर पार्टी संगठन ने मंत्री विजय शाह को कड़ी फटकार लगाई. शाम 7 बजे मंत्री विजय शाह बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा से मिलने उनके बंगले पर पहुंचे.     14 मई को कांग्रेस नेताओं ने इसको लेकर विरोध जताया. कांग्रेस ने बीजेपी से मंत्री पर मामला दर्ज कराने और बर्खास्त करने की मांग की.     14 मई को मंत्री विजय शाह के विवादित बयान को लेकर हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए 4 घंटे में FIR दर्ज करने के आदेश दिए.     14 मई की रात करीबन सवा 11 बजे इंदौर के मानपुर थाने में विजय शाह के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया.     15 मई को मंत्री की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में अपील की गई. सुप्रीम कोर्ट से भी उन्हें फटकार मिली. उधर जबलपुर हाईकोर्ट ने दर्ज की गई एफआईआर पर कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे कमजोर और असंतोषजनक बताया. कोर्ट ने अपने आदेश को … Read more

सिविल जज जूनियर डिविजन के पद के लिए उम्मीदवार को तीन साल कम से कम बतौर वकील प्रैक्टिस करना जरूरी

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने आज मंगलवार को एक अहम फैसले में कहा कि सिविल जज जूनियर डिविजन के पद के लिए उम्मीदवार को तीन साल कम से कम बतौर वकील प्रैक्टिस करना जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रैक्टिस की अवधि प्रोविजनल नामांकन की तारीख से मानी जा सकती है, सर्वोच्च अदालत ने साफ किया कि यह शर्त आज से पहले उच्च न्यायालयों द्वारा शुरू की गई भर्ती प्रक्रिया पर लागू नहीं होगी, यह शर्त केवल भविष्य की भर्तियों पर लागू होगी। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस एजी मसीह और जस्टिस के विनोद चंद्रन की तीन सदस्यीय पीठ ने अपने फैसले में कहा कि देखा गया है कि जो नए लॉ ग्रेजुएट न्यायपालिका में नियुक्त होते हैं, उनके कारण कई समस्याएं हुई हैं। ऐसे में सभी उम्मीदवारों को न्यायपालिका में दाखिल होने के लिए कम से कम तीन साल बतौर वकील प्रैक्टिस करना जरूरी होगा। दिखाना होगा ऐसा सर्टिफिकेट सुप्रीम कोर्ट ने कहा शर्त पूरी करने के लिए उम्मीदवार को 10 साल तक प्रैक्टिस कर चुके वरिष्ठ वकील या तय न्यायिक अधिकारी द्वारा जारी सर्टिफिकेट को दिखाना होगा। कोर्ट ने ये भी कहा कि यदि  कोई वकील सुप्रीम कोर्ट या उच्च न्यायालय में प्रैक्टिस कर रहा है तो उन्हें सुप्रीम कोर्ट में 10 साल तक प्रैक्टिस कर चुके वकील या तय न्यायिक अधिकारी द्वारा जारी सर्टिफिकेट दिखाना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रैक्टिस की अवधि नामांकन की तारीख से मानी जा सकती है। अदालत ने साफ किया कि यह आदेश उच्च न्यायालयों में हो चुकी नियुक्तियों पर लागू नहीं होगा यह शर्त केवल भविष्य की भर्तियों पर लागू होगी। और क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने? CJI ने कहा कि सभी राज्य सरकारें यह सुनिश्चित करने के लिए नियमों में संशोधन करेंगी कि सिविल जज जूनियर डिवीजन के लिए उपस्थित होने वाले किसी भी उम्मीदवार के पास न्यूनतम 3 साल का अभ्यास होना चाहिए, इसे बार में 10 वर्ष का अनुभव वाले वकील द्वारा प्रमाणित और समर्थित किया जाना चाहिए, कोर्ट ने एक सुविधा देते हुए कहा कि जजों के विधि लिपिक के रूप में अनुभव को भी इस संबंध में गिना जाएगा। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 51

प्रोफेसर जयंत नार्लीकर नहीं रहें, पूरे वैज्ञानिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति

रायपुर आज की सुबह एक दुखद खबर लेकर आई है। प्रसिद्ध खगोल वैज्ञानिक पदम् विभूषण जयंत विष्णु नार्लीकर हमारे बीच नहीं रहे। आज भोर में उनका सोते सोते निधन का दुःख भरा समाचार प्राप्त हुआ है।ज्ञात हो कि प्रोफेसर जयंत नार्लीकर कई बार छत्तीसगढ़ आए हैं और यहां के विद्यार्थियों और शिक्षकों के अलावा आम लोगों से भी सीधे संवाद किया है। उनकी गणितज्ञ पत्नी मंगला नार्लीकर के साथ उन्होंने रायपुर से लेकर धमतरी, कांकेर जगदलपुर बस्तर से दूरदराज स्थित दरभा घाटी के स्कूल तक में बच्चों से वैज्ञानिक सोच और खगोल विज्ञान पढ़ने की जरूरत पर बातचीत की थी। रायपुर और भिलाई में जब उनका लेक्चर हुआ था तो हाल में खड़े होने के लिए भी जगह नहीं थी और लोग खिड़कियों से सटकर उनका व्याख्यान सुन रहे थे। उनसे प्रश्न पूछने के लिए होड़ लगी हुई थी।  छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा के सम्माननीय सदस्यों को उनके इन सात दिवसीय दौरे में उनका अच्छा सानिध्य मिला था। उन्होंने आम जनमानस से अंधश्रद्धा मिटाने के लिए अपनी आवाज उठाई, विश्वविद्यालयों में ज्योतिष पढ़ाए जाने का खुलकर विरोध किया और महाराष्ट में काला जादू विरोधी कानून बनाने के लिए संघर्षों की अगुवाई की। छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा उनके दुःखद निधन पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि देती है। आज  20 मई 2025 की शाम सात बजे प्रोफेसर जयंत नार्लीकर को श्रद्धांजलि देने के लिए छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा द्वारा  एक ऑनलाइन बैठक आयोजित की जा रही है जिसमें  पीआरएसयू के पूर्व कुलपति और खगोलभौतिकविद प्रोफेसर एस के पाण्डेय,  प्रसिद्ध टेक्सोनॉमिस्ट प्रो एम एल नायक, आल इंडिया पीपुल साइंस मूवमेंट के कोषाध्यक्ष डॉ एस आर आजाद  सहित कई शिक्षाविदों और वैज्ञानिक सोच के लिए काम करने वाले साथियों द्वारा अपने विचार व्यक्त किए जाएंगे। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 22

पूर्व मंत्री पर दहेज प्रताड़ना का मामला हुआ दर्ज, बहू बोली-MBA बताकर कराई शादी, पति निकला 8वीं फेल, लगाए ये आरोप

 कुक्षी धार जिले के कुक्षी से विधायक और पूर्व पर्यटन मंत्री सुरेंद्र सिंह बघेल की बहू ने उनके परिवार के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज कराया है। बहू ने एक वीडियो भी जारी किया जिसमें उन्होंने यह जानकारी दी। पुलिस ने इस बात की पुष्टि की है। पुलिस मंगलवार को पूर्व मंत्री और उनके परिवार के आरोपित सदस्यों को नोटिस देगी। दहेज प्रताड़ना के सारे मामले जमानती हैं, इसलिए आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। पुलिस नोटिस भेजकर मामला कोर्ट में पेश करेगी। बहू का आरोप है कि पूर्व मंत्री और उनके परिवार वालों ने उसे धोखा दिया। उन्होंने बताया कि उसे यह कहा गया था कि उसका पति एमबीए पास है और वह परिवार का व्यापार संभालता है, लेकिन असल में वह सिर्फ आठवीं पास है। यह मामला भोपाल के महिला थाना में दर्ज किया गया है। एसीपी महिला अपराध निधि सक्सेना ने बताया कि काम्या सिंह (पति देवेंद्र सिंह) ने शिकायत की है कि विधायक सुरेंद्र सिंह बघेल, उनकी पत्नी शिल्पा सिंह बघेल, मां चंद्रकुमार सिंह बघेल और बहन शीतल सिंह बघेल ने मिलकर उसके पति के बारे में गलत जानकारी दी। शादी से पहले बताया गया था कि देवेंद्र एमबीए कर चुका है और व्यापार संभालता है। लेकिन शादी के बाद पता चला कि वह एमबीए नहीं है, सिर्फ आठवीं पास है। वह शराब भी पीता है और परिवार के व्यवसाय या संपत्ति में उसकी कोई हिस्सेदारी नहीं है। मारपीट और दहेज प्रताड़ना का आरोप कांग्रेस विधायक और अन्य सभी आरोपियों पर मारपीट करने, दहेज में स्काॉर्पियो कार मांगने, प्रताड़ित करने और असली जानकारी छिपाकर शादी कराने के आरोप हैं. पुलिस इस मामले में मंगलवार को सभी आरोपियों को गिरफ्तारी नोटिस जारी करने की तैयारी में हैं. शिकायतकर्ता की ओर से पुलिस को मारपीट और धमकाते हुए वीडियो भी सौंपे गए थे. जिनके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है. सभी धाराएं जमानती बताई जा रही हैं. बहू ने लगाए आरोप बहू काम्या सिंह बघेल के अनुसार, वह 34 साल की हैं. शीतल सिंह बघेल ने उनकी शादी कराई थी. शादी से पहले बताया गया था कि पति देवेंद्र सिंह एमबीए हैं, उनका अच्छा बिजनेस है. शादी के बाद पता लगा कि पति 8वीं फेल हैं. पारिवारिक बिजनेस से उन्हें दूर रखा जाता है, क्योंके वे शराब पीने के आदि हैं. जब पति की सच्चाई सामने आई तब जेठ और सास से इस बारे में बात की तो उन्होंने धमकाना शुरू कर दिया. आए दिन मारपीट की जाने लगी. घर से निकाला, केस में फंसाने की धमकी दी काम्या सिंह के मुताबिक, पति दबाव बनाकर तलाक के पेपर साइन कराना चाहते थे. जब इनकार किया तो मेरे खिलाफ षड्यंत्र किए जाने लगे. मुझे और मेरे मायके वालों को झूठे एससी-एसटी के केस में फंसाने की धमकी दी जाने लगी. काम्या ने आरोप लगाया कि उन्हें घर से निकाल दिया गया. परेशान करने के लिए बच्चों की स्कूल फीस तक देना बंद कर दी गई. इसके बाद थाने में शिकायत की. जांच के बाद भोपाल की महिला थाना पुलिस ने केस दर्ज कर दिया है. गिरफ्तारी के लिए नोटिस जारी करेगी पुलिस एसीपी महिला अपराध निधि सक्सेना ने बताया कि विधायक हनी सिंह बघेल सहित पांच लोगों पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है. केस की जांच कराई जा रही है. जल्द गिरफ्तारी के लिए नोटिस जारी किए जाएंगे. काम्या ने लगाए ये आरोप काम्या ने कहा है कि उन्हें गलत जानकारी देकर शादी कराई गई। जब उन्होंने इस शादी के खिलाफ बात की तो परिवार के लोग उनके साथ गलत व्यवहार करने लगे और धमकी देने लगे ताकि वह चुप रहें। उसके साथ रोज मारपीट भी होती है और उनके बच्चों की स्कूल फीस भी नहीं दी जा रही है। जब काम्या ने आवाज उठाई तो उन्हें घर से भी निकाल दिया गया। काम्या का यह भी कहना है कि उन पर दबाव बनाया गया कि वे तलाक के कागजात पर जबरदस्ती दस्तखत करें, लेकिन वे ऐसा करने से मना कर दिया। उनके मायके वालों को झूठे एससी एसटी केस में फंसाने की धमकी भी दी गई। कुछ दिन पहले तक काम्या भोपाल में थीं, लेकिन अब वह धार जिले के कुक्षी में हैं। काम्या ने इस मामले की जानकारी देने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी पोस्ट किया है।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 26

व्यापमं मामले के आरोपी डॉ सुधीर शर्मा को एमपी हाईकोर्ट से बड़ी राहत, चारों FIR रद्द

भोपाल  व्यापमं घोटाले की जांच के बाद सीबीआई ने डॉ सुधीर शर्मा को चार प्रकरण में आरोपी बनाते हुए न्यायालय में उनके खिलाफ चार्जशीट पेश की थी। इसे चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में चार याचिकाएं दायर की गयी थी। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने दायर याचिकाओं की संयुक्त रूप से सुनवाई करते हुए चारों एफआईआर को निरस्त करने के आदेश जारी किए है। विस्तृत आदेश फिलहाल प्रतिक्षित है। एसआईटी ने सुधीर शर्मा को जांच में पाया था दोषी दरअसल, व्यापमं घोटाले की जांच के लिए गठित एसआईटी ने डॉ सुधीर शर्मा को प्रारंभिक जांच में दोषी माना था। इसके बाद चार मामलों में दोषी पाते हुए उनके खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया था। इसके बाद व्यापमं घोटाले की जांच सीबीआई को सौंप दी गयी थी। चार परीक्षाओं से जुड़े थे केस सुधीर शर्मा पर व्यापमं घोटाले के तहत वर्ष 2011 से 2013 के बीच हुई विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं- संविदा शिक्षक वर्ग-2 (2011), उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा (2012), पुलिस कांस्टेबल परीक्षा (2012) और वनरक्षक परीक्षा (2013) में हुई कथित अनियमितताओं को लेकर चार अलग-अलग केस दर्ज किए गए थे। दो साल जेल में रहे थे सुधीर शर्मा बता दें कि व्यापमं घोटाले का खुलासा वर्ष 2013 में हुआ था। आरोपी बनाए जाने के बाद खनन कारोबारी और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े सुधीर शर्मा ने जुलाई 2014 में भोपाल जिला अदालत में आत्मसमर्पण किया था। करीब दो वर्षों तक जेल में रहने के बाद उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया था। शर्मा का संबंध राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और विज्ञान भारती जैसे संगठनों से भी रहा है। CBI को सौंपी गई थी जांच व्यापमं घोटाले की शुरुआती जांच विशेष जांच टीम (SIT) कर रही थी, लेकिन बढ़ते दबाव और राष्ट्रीय स्तर पर मामला गूंजने के बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी। शर्मा पर परीक्षा नियंत्रक पंकज त्रिवेदी की नियुक्ति में सिफारिश करने और परीक्षा प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के आरोप भी लगे थे, लेकिन कोर्ट ने पाया कि इन आरोपों के समर्थन में कोई निर्णायक साक्ष्य नहीं हैं। इन मामलों में बनाया था आरोपी सीबीआई ने उनके खिलाफ सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 2012, पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा 2012, संविदा शाला शिक्षक भर्ती वर्ग 2 परीक्षा 2011 और वन रक्षक भर्ती परीक्षा 2013 में हुई धांधली में आरोपी बनाते हुए न्यायालय के समक्ष चालान प्रस्तुत किया था। जिसे चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गयी थी। याचिकाकर्ता के वकील की दलील याचिकाकर्ता की तरफ से पैरवी करते हुए अधिवक्ता कपिल शर्मा ने युगलपीठ को बताया कि याचिकाकर्ता ने सभी चार मामलों में किसी भी व्यक्ति से आर्थिक संव्यवहार नहीं किया गया है। सीबीआई की चार्जशीट और एक्सेल शीट में इस बात का कहीं उल्लेख नहीं किया गया है। याचिकाकर्ता ने किसी तरह का आर्थिक लाभ अर्जित किया है। दर्ज किए गए प्रकरण कुछ गवाहों के मेमोरेंडम के आधार पर दर्ज किए गए हैं। आर्थिक लाभ अर्जित करने के कोई साक्ष्य नहीं होने के कारण दर्ज एफआईआर निरस्त करने के योग्य है। युगलपीठ ने प्रकरण में साक्ष्यों के अभाव में चारों प्रकरण में एफआईआर निरस्त करने के आदेश जारी किए हैं। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 22

MP में आज भी जारी रहेगा आंधी-बारिश का दौर, 40 जिलों में बारिश का अलर्ट, भीगेंगे ये बड़े शहर

भोपाल मध्यप्रदेश में सात सिस्टम की एक्टिविटी है। एक टर्फ तो प्रदेश के बीचों बीच से गुजर रही है। इस वजह से आंधी-बारिश का दौर शुरू हो गया है। मंगलवार को भी आंधी-बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत 40 जिलों में तेज आंधी चलने और बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। हालांकि, ग्वालियर-चंबल में पहले लू का अलर्ट जारी किया गया था, लेकिन सिस्टम की एक्टिविटी की वजह से अगले 4 दिन तक बारिश होने के आसार है। सोमवार को 20 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। आज इन जिलों में अलर्ट मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए जिन जिलों में अलर्ट जारी किया है, उनमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर और नीमच शामिल हैं। यहां 30 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक आंधी चल सकती है। कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश भी होगी। इधर, रीवा के जवा तहसील के चटेह गांव में आज सुबह करीब 7 बजे बिजली की तार की चपेट में आने से 59 साल के किसान गोपीकृष्ण मिश्रा की मौत हो गई। हादसे में उनकी दो भैंसें भी मर गईं। स्थानीय लोगों ने मुताबिक सोमवार को आए आंधी-तूफान में कई पेड़ों के साथ बिजली के पोल और लाइनें टूट गई थीं। इसमें चटेह गांव के पास से गुजर रही 11 केवी की विद्युत लाइन भी टूटकर जमीन पर गिर गई थी। इससे पहले सोमवार को 20 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। इंदौर के महू और बड़वानी में तो घरों की टिन शेड भी उड़ गईं। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में सात सिस्टम की एक्टिविटी है। एक टर्फ तो प्रदेश के बीचोंबीच से गुजर रही है। इस वजह से आंधी-बारिश का दौर शुरू हो गया है। हालांकि, ग्वालियर-चंबल में पहले लू का अलर्ट जारी किया गया था, लेकिन सिस्टम की एक्टिविटी की वजह से अगले 4 दिन तक बारिश होने के आसार है। 30 से 50Km/प्रतिघंटा रहेगी आंधी की रफ्तार मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए जिन जिलों में अलर्ट जारी किया है, उनमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर और नीमच शामिल हैं। यहां 30 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक आंधी चल सकती है। कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश भी होगी। इंदौर के महू में घरों की टिन उड़ी, 15 जिलों में बारिश इससे पहले सोमवार को भी आंधी, बारिश का दौर जारी रहा। इंदौर के महू में आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि घरों की टिन उड़ गईं। भोपाल में तेज आंधी के साथ बारिश हुई। देवास, दमोह, गुना सागर, छिंदवाड़ा, रायसेन, बड़वानी, मऊगंज, रतलाम और बीना में भी पानी गिरा। सीधी में सवा इंच पानी गिर गया। शिवपुरी में आधा इंच बारिश हुई। बड़वानी के सेंधवा ब्लॉक के बिजासन घाट क्षेत्र में आधे घंटे आंधी से कई कच्चे मकानों की छतें उड़ गईं। मंदिर क्षेत्र में लगी गुमटियां भी उड़ गईं। एक मकान की दीवार भी गिर गई। दमोह में तेज हवा की वजह से बिजली गुल हो गई। महू में मध्य भारत अस्पताल में एक पेड़ शेड पर गिर गया। जिससे दो युवक घायल हो गए। सीधी जिले में एक नाबालिग बालक आकाशीय बिजली की चपेट में आ गया। हादसे में गंभीर रूप से झुलस गया। खजुराहो में पारा रिकॉर्ड 46 डिग्री पहुंचा प्रदेश में सोमवार को तेज गर्मी, आंधी और बारिश का दौर रहा। छतरपुर जिले के खजुराहो में पारा रिकॉर्ड 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। सीजन में पहली बार इतना पारा पहुंचा है। वहीं, नौगांव में 44.7 डिग्री, टीकमगढ़ में 44.6 डिग्री, शिवपुरी में 44 डिग्री रहा। इसी तरह सतना में 43.2 डिग्री, ग्वालियर में 43.1 डिग्री, दमोह में 43 डिग्री, सीधी में 42.8 डिग्री, गुना में 42.7 डिग्री, सागर में 41.7 डिग्री, रीवा में 41.4 डिग्री, मंडला में 41 डिग्री, शाजापुर में 40.8 डिग्री, उमरिया में 40.5 डिग्री, रतलाम में 40.4 डिग्री और नर्मदापुरम में 40.2 डिग्री रहा। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 40.2 डिग्री, इंदौर में 38.6 डिग्री, उज्जैन में 40.5 डिग्री, जबलपुर में 40.7 डिग्री सेल्सियस रहा। मध्य प्रदेश में अगले चार दिन ऐसा रहेगा मौसम   20 मई: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, भिंड,दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर और नीमच में बारिश होने की संभावना है। यहां हवा की रफ्तार 30 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक हो सकती है। 21 मई: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, छतरपुर,रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, सतना, मैहर, मऊगंज, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी और नीमच में बारिश होने की संभावना है। इन जिलों में तेज आंधी भी चल सकती है। 22 मई: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, सतना, मैहर, मऊगंज, कटनी, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, जबलपुर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी और नीमच में बारिश होने का अलर्ट है। हवा की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रह सकती है। 23 मई: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, सतना, मैहर, मऊगंज, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी और नीमच में बारिश होने की संभावना है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों … Read more

अहमदाबाद नगर निगम ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ दूसरे चरण का अभियान शुरू किया, 8 हजार अवैध निर्माण होंगे ध्वस्त

अहमदाबाद  गुजरात के अहमदाबाद शहर में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन का एक्शन जारी है। अहमदाबाद नगर निगम ने अवैध अधिक्रमण हटाने के लिए दूसरे चरण का अभियान शुरू कर दिया है। इसके तहत 2.5 लाख वर्ग मीटर की भूमि से अतिक्रमण हटाया जाना है। न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, चंदोला क्षेत्र में प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने का काम शुरू भी कर दिया है। मौके पर भारी पुलिस बल को तैनात किया गया है। बता दें कि पहले चरण के अभियान में 1.5 लाख वर्ग मीटर की जमीन से अतिक्रमण हटाया गया था। बांग्लादेशी नागरिकों का ठिकाना बन चुका है चंडोला तालाब पुलिस कमिश्नर जीएस मलिक ने कहा कि ये अवैध निर्माण अवैध बांग्लादेशी नागरिकों का ठिकाना बन चुके थे. पिछले महीने शहर में 250 अवैध बांग्लादेशी नागरिक पकड़े गए थे, जिनमें से 207 चंडोला तालाब के अवैध निर्माणों में रहते थे और गैरकानूनी गतिविधियों से जुड़े थे. इससे पहले साल 2009 में 95 अवैध बांग्लादेशी पकड़े गए थे, तब भी यहां डिमोलिशन किया गया था. डिमोलिशन के दूसरे चरण के दौरान एक जेसीपी, एक एडीसीपी, 6 डीसीपी, एसीपी, और पीआई सहित कुल 3 हजार से ज्यादा पुलिस कर्मी तैनात रहेंगे. 25 एसआरपी कंपनियां भी मौजूद रहेंगी. पहले चरण के दौरान स्थानीय लोगों ने गुजरात हाईकोर्ट में जाकर डिमोलिशन रोकने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने तालाब पर बने सभी निर्माणों को अवैध बताते हुए  डिमोलिशन पर रोक नहीं लगाई थी. इसके बाद प्रशासन ने 4 हजार अवैध निर्माण ध्वस्त कर दिए थे. अब दूसरे चरण में बाकी अवैध निर्माणों को ध्वस्त करके तालाब का हिस्सा खाली करवाया जाएगा. प्रशासन यह भी सुनिश्चित करेगा कि इस खाली जगह पर दोबारा कोई अवैध निर्माण न हो.     शहर के पुलिस कमिश्नर जीएस मलिक ने बताया कि दो शिफ्ट में पुलिस के करीब 3000 कर्मियों और एसआरपी की 25 कंपनियों को तैनात किया गया है। अतिक्रमण हटाए जाने की प्रक्रिया अगले 3-4 दिनों तक चल सकती है।     प्रभावित क्षेत्रों में दो दिन से लाउडस्पीकर से घोषणा कर लोगों से घर खाली करने की अपील की गई थी। चंदोला क्षेत्र में बिना कानूनी दस्तावेज के काफी अवैध बांग्लादशी रहते थे। इसमें से अधिकतर को अब डिपोर्ट किया जा चुका है।     दावा था कि क्षेत्र के कुछ हिस्सों का इस्तेमाल अवैध गतिविधियां संचालित करने के लिए भी किया जा रहा था। 2010 से पहले क्षेत्र में रहने वाले लोगों को ईडब्ल्यूएस आवास के लिए वार्ड कार्यालय से फॉर्म लेने को कह दिया गया है। सुरक्षाबल इलाके में गश्त कर रहे हैं। अधिकारियों ने दी जानकारी अहमदाबाद के डीसीपी रवि मोहन सैनी ने कहा, 'ये पूरा तालाब का एरिया है। इसमें जो भी निर्माण किया गया है, वो अवैध है। इसलिए आज इसे हटाया जा रहा है। पहले चरण में हमने जब अतिक्रमण हटाया था, तब कई अवैध बांग्लादेशी प्रवासी पकड़े गए थे। उनके खिलाफ डिपोर्टेशन की कार्रवाई शुरू की गई थी। ज्यादातर मकान अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के बता दें कि इससे पहले 29 और 30 अप्रैल को अभियान के पहले चरण में लगभग 3 हजार अवैध मकानों को ध्वस्त किया गया था, जिनमें ज्यादातर अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के थे। दूसरे चरण में भी प्रशासन ढाई हजार से ज्यादा अवैध निर्माणों को निशाना बना रहा है। बता दें कि गुजरात पुलिस ने पिछले कुछ हफ्तों में हजारों अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है, जिनमें से बड़ी संख्या में अहमदाबाद में रह रहे बांग्लादेशी भी शामिल हैं। चंदोला लेक इलाके में चल रही इस कार्रवाई का मकसद अवैध कब्जों को हटाना और घुसपैठियों पर नकेल कसना है। अवैध कब्जे की शुरुआत 1970-80 के दशक में हुई चंदोला लेक का इलाका लंबे समय से अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों का गढ़ बना हुआ था, जहां मानव तस्करी और जाली दस्तावेजों का जाल फैला हुआ था। इस इलाके में अवैध कब्जे की शुरुआत 1970-80 के दशक में हुई, जब यहां बड़ी संख्या में प्रवासी बस्तियां बसाई गईं। 2002 में एक NGO ने इस क्षेत्र में सियासत नगर नाम से बस्ती बसाई थी। इसके बाद 2010 से 2024 के बीच चंदोला झील की जमीन पर अवैध कब्जों में तेजी आई। प्रशासन के अनुसार, इस इलाके में लोगों ने बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण किए, जिनमें कई अवैध बांग्लादेशी नागरिक भी शामिल थे। अवैध कब्जे की शुरुआत कब हुई? लंबे समय से चंदोला लेक का इलाका अवैध बांग्लादेशियों का गढ़ बना हुआ था, जहां ह्यूमन ट्रैफिकिंग और फेक डॉक्यूमेंट्स का जाल फैला था। अवैध कब्जे की शुरुआत 1970 में हुई, जब यहां बड़ी संख्या में माइग्रेंट के लिए बस्तियां बसाई गईं। 2002 में एक NGO ने इस एरिया में सियासत नगर नाम से एक बस्ती बसाई थी। इसके बाद 2010 से लेकर 2024 के बीच चंदोला झील की जमीन पर अवैध कब्जे बढ़ोतरी होने लगी। प्रशासन के मुताबिक, इस इलाके में लोगों ने कई बड़े अवैध निर्माण किए, जिनमें कई बांग्लादेशी नागरिक भी मौजूद थे। स्थानीय लोगों ने की थी ये मांग गुजरात हाईकोर्ट में पहली स्टेज के दौरान लोकल लोगों ने जाकर डिमोलिशन रोकने को लेकर मांग की थी, लेकिन गुजरात कोर्ट ने तालाब पर बने सभी निर्माणों को अवैध करार देते हुए डिमोलिशन पर रोक नहीं लगाई थी। इसके बाद प्रशासन ने 4 हजार अवैध निर्माण ध्वस्त कर दिए थे। अब दूसरी स्टेज में बाकी अवैध निर्माणों को ध्वस्त करके तालाब का हिस्सा खाली करवाया जाएगा। प्रशासन यह भी नजर रखेगा कि खाली जगह पर फिर दोबारा कोई अवैध निर्माण न हो। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की … Read more