हाई कोर्ट के जस्टिस रमना ने रिटायरमेंट से पहले अपने विदाई समारोह में गहरी कड़वाहट की व्यक्त

इंदौर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के जस्टिस दुप्पाला वेंकट रमना ने रिटायरमेंट से पहले अपने विदाई समारोह में गहरी कड़वाहट व्यक्त की. इंदौर में आयोजित समारोह में रमना ने कहा कि 2023 में गृह राज्य आंध्र प्रदेश से गलत इरादे के चलते उनका ट्रांसफर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में किया गया. सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध करने पर भी मेरी बात नहीं सुनी गई. जस्टिस रमणा ने कहा, "यह मेरे जीवन का एक उल्लेखनीय दौर था, लेकिन मुझे बिना कारण आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट से मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में स्थानांतरित किया गया. उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी पीएनईएस (पैरोक्सिस्मल नॉन-एपिलेप्टिक सीज़र्स) और COVID-19 के बाद मस्तिष्क संबंधी समस्याओं से जूझ रही थी, जिसके लिए उन्होंने कर्नाटक हाई कोर्ट का विकल्प चुना ताकि उनकी पत्नी को बेहतर इलाज मिल सके. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने उनकी इस विनती को अनसुना कर दिया. उन्होंने 19 जुलाई 2024 और 28 अगस्त 2024 को अपनी पत्नी की गंभीर मेडिकल कंडिशन बताते हुए अभ्यावेदन पेश किए, लेकिन इन पर न तो विचार किया गया और न ही इन्हें खारिज किया गया. रमना ने दुख जताते हुए कहा, "मुझे कोई जवाब नहीं मिला. एक न्यायाधीश के रूप में मुझे कम से कम मानवीय विचार की उम्मीद थी. मैं बहुत निराश और दुखी हूं." उन्होंने स्वीकार किया कि वर्तमान चीफ जस्टिस बी. आर. गवई शायद अधिक सहानुभूतिपूर्ण हो सकते थे, लेकिन यह सहानुभूति "बहुत देर से आई, क्योंकि मैं अब सेवानिवृत्त हो रहा हूं." जस्टिस रमना ने दावा किया कि उनका तबादला गलत इरादे से और परेशान करने के लिए किया गया. उन्होंने कहा, "मुझे स्पष्ट कारणों के बिना अपने गृह राज्य से स्थानांतरित किया गया. मैं उनके अहंकार को संतुष्ट करने में खुश हूं. अब वे सेवानिवृत्त हो चुके हैं, लेकिन भगवान न तो माफ करते हैं और न ही भूलते हैं. वे भी किसी रूप में पीड़ित होंगे." कटुता के बावजूद जस्टिस रमना का भाषण गरिमा से भरा था. पहली पीढ़ी के वकील के रूप में उन्होंने अपने जीवन पर विचार करते हुए कहा, "मैं मानव संघर्ष की शक्ति, गरीबी में गरिमा और अडिग आशा का गवाह रहा हूं. कड़ी मेहनत के अलावा सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं है." उन्होंने स्वीकार किया कि उनका करियर संघर्षों और कड़वे अनुभवों से भरा था, जिसमें 'षड्यंत्रकारी जांच' भी शामिल थी. उन्होंने कहा, "मेरे परिवार ने चुपचाप पीड़ा सही, लेकिन सत्य की जीत होगी." जस्टिस ने मार्टिन लूथर किंग जूनियर के शब्दों का हवाला दिया: "किसी व्यक्ति का मापदंड यह नहीं कि वह सुविधा के क्षणों में कहां खड़ा है, बल्कि यह कि वह चुनौती के समय कहां खड़ा है." जस्टिस रमना ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने अगस्त 2023 में उन्हें आंध्र प्रदेश से मध्य प्रदेश स्थानांतरित करने का प्रस्ताव रखा था. उन्होंने कर्नाटक का अनुरोध किया, लेकिन कॉलेजियम ने इसे अस्वीकार कर मध्य प्रदेश स्थानांतरण की सिफारिश को दोहराया. उन्होंने कहा, "मैंने कर्नाटक चुना ताकि मेरी पत्नी को निमहान्स, बेंगलुरु में इलाज मिल सके, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस पर विचार नहीं किया." हालांकि, रमना ने इसे वरदान बताया, क्योंकि जबलपुर और इंदौर के बार और सहयोगी न्यायाधीशों से उन्हें अपार समर्थन मिला. उन्होंने कहा, "मैंने आंध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश में स्थायी योगदान दिया. मुझे अमरावती, कृष्णा, गोदावरी और नर्मदा की धरती पर सेवा का अवसर मिला. मैंने न्याय किया और इन अवसरों के लिए धन्य हूं." साल 1994 में द्वितीय श्रेणी मजिस्ट्रेट के रूप में अपने करियर की शुरुआत की और हाई कोर्ट के जस्टिस तक पहुंचे. इस पर रमना ने कहा, "मैंने कई चुनौतियों का सामना किया. मेरे करियर में संघर्ष और कड़वे अनुभवों ने मुझे विविधता लाने में मदद की. सत्य की हमेशा जीत होगी, 'सत्यमे जयते'."   recent visitors 31

बैतूल की धरती आधी रात में हिली, भूकंप से घबरा के उठे लोग, इतनी थी तीव्रता

बैतूल मध्यप्रदेश के बैतूल में बुधवार तड़के 2:59 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए. एनसीएस के अनुसार, भूकंप की तीव्रता 2.8 मापी गई और इसका केंद्र जमीन से पांच किलोमीटर की गहराई में था. आधी रात को आए इस भूकंप से अब तक कीसी प्रकार के जान-माल के नुकसान या किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं मिली है. लोगों को नहीं हुआ भूकंप का अहसास रात का समय होने और तीव्रता कम होने के कारण अधिकतर लोगों को इस भूकंप का अहसास भी नहीं हुआ. हालांकि कुछ स्थानों पर हल्की कंपन महसूस की गई, लेकिन कहीं से भी जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है. जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल ने पुष्टि की है कि स्थिति पूरी तरह सामान्य है. गौरतलब है कि बैतूल क्षेत्र में यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले 3 मई को जिले के मुलताई क्षेत्र में भी रिक्टर स्केल पर 2.8 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था. लगातार दूसरी बार आई इस हल्की भूकंपीय हलचल से विशेषज्ञों का ध्यान एक बार फिर इस क्षेत्र की भूगर्भीय सक्रियता की ओर गया है. भूकंप की तीव्रता 2.8 रही एनसीएस ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए कहा, "भूकंप की तीव्रता 2.8, समय 21/05/2025 को 02:59:44 IST, अक्षांश 21.73°N, देशांतर 78.35°E, गहराई 5 किमी रही. इससे पहले मंगलवार को बंगाल की खाड़ी में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. रिक्टर पैमाने पर 4.4 तीव्रता का भूकंप आया था. वहीं रविवार को अरुणाचल प्रदेश में भूकंप के झटके महसूस किए गए. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, 18 मई को सुबह 5:06 बजे अरुणाचल में रिक्टर पैमाने पर 3.8 तीव्रता का भूकंप आया. विशेषज्ञों की राय भूवैज्ञानिकों के अनुसार, इस तरह के हल्के झटके आमतौर पर किसी बड़े भूकंप का संकेत नहीं होते, लेकिन यदि बार-बार भूकंपीय गतिविधि दर्ज की जाए, तो गहन निगरानी की आवश्यकता होती है. एनसीएस लगातार क्षेत्र की निगरानी कर रहा है और समय-समय पर जानकारी साझा कर रहा है. प्रशासन की जनता से अपील जिला खनिज अधिकारी मनीष पालेवाल ने नागरिकों से अपील की है कि, ''घबराएं नहीं, लेकिन आपात स्थिति से निपटने के लिए जरूरी एहतियात बरतें. सुरक्षित स्थानों की जानकारी रखें और भूकंप के समय क्या करना चाहिए, इसके बारे में जागरूक रहें. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र और स्थानीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण स्थिति पर नजर बनाए हुए है.''   recent visitors 42

पशुपतिनाथ मंदिर की वास्तुशैली में इंदौर के निकट पशुपतिनाथ मंदिर आकार ले रहा

 इंदौर  नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर की वास्तुशैली में इंदौर से 20 किमी दूर तिल्लौर खुर्द के पास पशुपतिनाथ मंदिर आकार ले रहा है। 25 हजार वर्गफीट में तैयार हो रहे इस मंदिर में सर्वेश्वर भोले बाबा विराजित होंगे। 2015 में शुरू हुआ मंदिर निर्माण का काम 60 फीसदी पूरा हो चुका है। यहां मंदिर के साथ हेल्थ केयर सेंटर, गोशाला, स्कूल आदि बनाए जाएंगे। शिव ओम सांई ट्रस्ट द्वारा तिल्लौर में 25 हजार वर्गफीट परिसर में पांच हजार वर्गफीट में मुख्य मंदिर बनाया जा रहा है। यह मंदिर पशुपतिनाथ मंदिर नेपाल की वास्तुशैली पर बन रहा है। यहां लकड़ी की 12 फीट की 48 मूर्तियां बनाकर स्थापित की जा रही हैं। परिसर में 11 अन्य मंदिर भी बन रहे हैं इनमें पहली मंजिल पर शिव परिवार, राम परिवार, कृष्ण परिवार और पांडव की मूर्तियां हैं। दूसरी मंजिल पर योगिनियों की मूर्तिया लगाई गई है। खास बात यह है कि बंगाल के कलाकारों ने एक ही तने से एक मूर्ति बनाई है। परिसर में मुख्य मंदिर के अलावा 11 अन्य मंदिर भी बन रहे हैं, जिसमें लाल गणेशजी, दत्तात्रय, अन्नपूर्णा माता, उन्मत भैरव आदि के मंदिर है। मंदिर निर्माण शुरू करने से पहले ट्रस्ट सदस्यों द्वारा नेपाल जाकर पशुपतिनाथ मंदिर भी गए और बारीकी से एक-एक वस्तु का निरीक्षण किया ताकि वास्तुशैली को यहां आकार दे सकें। सर्वेश्वर महादेव होंगे विराजित ट्रस्टी मनोज ठक्कर ने बताया कि पशुपतिनाथ मंदिर एक है और वह नेपाल में है। हम यहां पर नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर की वास्तुशैली का उपयोग कर रहे हैं। मगर यहां पर सर्वेश्वर महादेव को स्थापित किया जाएगा। गेस्ट हाउस, अन्नक्षेत्र के अलावा आठ हजार वर्गफीट में भजन और आध्यात्मिक केंद्र भी बनाया जाएगा। ऐसे शुरू हुआ मंदिर निर्माण मंदिर का निर्माण सबसे पहले 11 रुपये के चंदे के साथ हुआ। इसके बाद गुरु मनोज ठक्कर द्वारा लिखी गई चार किताबों से होने वाली आय से मंदिर निर्माण चल रहा है। recent visitors 25

विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए टीम वर्क के साथ करें काम:मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर : हमारी सरकार की योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंच रहा: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय हमारी सरकार की योजनाओं का लाभ कलेक्टरों को राजस्व न्यायालयों का नियमित संचालन करने के निर्देश विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए टीम वर्क के साथ करें काम मुख्यमंत्री ने तीन जिलों के अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आम लोगों की राजस्व संबंधी समस्याओं के तेजी से निराकरण करने के निर्देश कलेक्टरों को दिए हैं। मुख्यमंत्री ने राजस्व मामलों के निराकरण के लिए कलेक्टरों को नियमित रूप से राजस्व न्यायालयों का संचालन करने और इसके लिए दिन भी निर्धारित करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार का जायजा लेने के लिए अब तक 19 जिलों का औचक निरीक्षक और समाधान शिविर में शामिल हो चुके हैं। जनता से मिले फीडबैक से इस बात का गर्व है कि हमारी सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ उन लोगों तक पहुंच रहा है, जिनके लिए सरकार ने योजनाएं बनाई है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए टीम वर्क के साथ काम करना ही हमारी प्रतिबद्धता होनी चाहिए। मुख्यमंत्री आज दुर्ग जिले में आकस्मिक निरीक्षण, समाधान शिविर में शामिल होने के बाद दुर्ग जिला मुख्यालय में कवर्धा, बेमेतरा और दुर्ग जिले के अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी ने सुशासन तिहार में सक्रिय भागीदारी और परिश्रम से अच्छा कार्य किया है। आप सभी ने संकल्प लेकर नागरिकों की समस्याओं के समाधान हेतु कार्य किया है, यह अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि आम जनता की समस्याओं और शिकायतों के समाधान का प्रतिशत बेहतर है, जिससे यह स्पष्ट है कि हम सुशासन और आम जनता की बेहतरी के लिए काम कर रहे हैं। पिछले डेढ़ वर्ष में हमने अनेक अच्छे कार्य किए हैं, जिसका अच्छा फीडबैक जनता से मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी समस्त योजनाएं आमजनता को केंद्र में रखकर बनाई गई हैं। साय ने कहा कि जनहित में किए गए अच्छे कार्यों की हमेशा प्रशंसा होती है और जो अधिकारी अच्छा कार्य करेंगे उन्हें हम पुरस्कृत भी करेंगे। वहीं यदि योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों पर जवाबदेही तय कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि जहां कहीं भी पेयजल की समस्या हो, इसको दूर करने का पुख्ता प्रबंध किया जाए। उन्होंने बरसात की मौसमी बीमारियों को ध्यान में रखते हुए अभी से तैयारी करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण हेतु किसानों को फसल चक्र अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए तथा कम पानी वाली फसलों जैसे दलहन एवं तिलहन की खेती को बढ़ावा देने विशेष रूप से प्रयास हो। साय ने कहा कि राजस्व से जुड़े लंबित मामलों के शीघ्र समाधान के लिए शिविरों का आयोजन आगे भी नियमित रूप से किया जाए।  मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों के आधार कार्ड और ई-केवाईसी के कारण होने वाली दिक्कतों को भी तेजी से दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि अविवादित नामांतरण के प्रकरण तेजी से निपटाएं और प्राकृतिक आपदा से पीड़ित लोगों को तत्काल राहत दें। उन्होंने बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना की विस्तार से समीक्षा की और सुशासन तिहार के अंतर्गत आवास के संबंध में प्राप्त आवेदनों के निराकरण के संबंध में दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों से अंतर विभागीय  समन्वय स्थापित कर निर्माणाधीन सड़कों और शासकीय भवनों लंबित निर्माण कार्यों को समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में स्वामित्व योजना की भी समीक्षा की गई। साथ ही राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत आय सृजन गतिविधियों और ड्रोन दीदियों के प्रशिक्षण की व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रोन दीदियों के प्रशिक्षण की पुख्ता व्यवस्था की जाए ताकि महिलाएं तकनीक से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकें। मुख्यमंत्री कहा कि बड़ी संख्या में प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत होने से महिलाओं के लिए रोजगार के रास्ते खुले है। कंस्ट्रक्शन के लिए सेटरिंग प्लेट को किराए में देकर समूह की महिलाएं अच्छी आय प्राप्त कर रही है। उन्होंने कहा कि हमें महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए ऐसी सभी संभावनाओं पर लगातार काम करना है। बैठक में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत कार्ड वितरण की प्रगति, संस्थागत प्रसव की स्थिति, स्किल्ड बर्थ अटेंडेंट्स की तैनाती, और सिकलसेल स्क्रीनिंग की वर्तमान स्थिति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा तालाबों और छोटे जल स्रोतों के इनलेट मार्ग अवरुद्ध न हों, ताकि वर्षा जल का संचयन सुचारु रूप से हो सके और भूजल स्तर बना रहे। मुख्यमंत्री ने भारतीय न्याय संहिता के कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए ताकि न्याय की संकल्पना पूर्ण रूप से साकार हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि नए कानूनों में जो तकनीक आधारित प्रावधान शामिल किए गए हैं, उनका समुचित और पूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जाए, जिससे न्याय प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, त्वरित और प्रभावी हो। उन्होंने कहा कि नशे के कारण अपराध में वृद्धि हो रही है, इसके खिलाफ लगातार कड़े कदम उठाएं। शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर उन्होंने कड़ी कार्रवाई के भी निर्देश अधिकारियों को दिए। साय ने कहा कि सभी किरायेदार की सूचना पुलिस के पास हो और मकान मालिकों को इसके लिए विशेष निर्देश दिए जाए। यदि मकान मालिक जानकारी नहीं देंगे तो उन पर कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को विलेज लेवल रजिस्टर को अनिवार्य रूप से मेंटेन करने के निर्देश दिए ताकि अधिकारियों के स्थानांतरण होने पर नए अधिकारियों को भी आपराधिक गतिविधियों और संदिग्धों की जानकारी प्राप्त हो सके। बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, विधायक सर्व डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, ललित चंद्राकर, गजेन्द्र यादव, रिकेश सेन एवं ईश्वर साहू, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानंद, संभागायुक्त एस. एन राठौर, आईजी आर जी गर्ग, तीनों जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। recent visitors 62

लेखिका बानू मुश्ताक ने रचा इतिहास, ‘हार्ट लैंप’ के लिए जीता इंटरनेशनल बुकर प्राइज

 नई दिल्ली   भारतीय लेखिका, वकील और एक्टिविस्ट बानू मुश्ताक ने अपनी किताब 'हार्ट लैंप' के लिए इंटरनेशनल बुकर प्राइज जीता है। बानू मुश्ताक कर्नाटक कीर रहने वाली हैं। बानू मुश्ताक को उनकी कन्नड़ कहानी संग्रह हार्ट लैंप के लिए साल 2025 का प्रतिष्ठित बुकर प्राइज मिला है। यह पहली बार है, जब कन्नड़ भाषा में लिखी किसी किताब को बुकर प्राइज मिला है। उन्होंने ये किताब जीतकर इतिहास रच दिया। दीपा भष्ठी ने इस किताब का कन्नड़ से अंग्रेजी में अनुवाद किया था। कब और कहां हुआ पुरस्कार का एलान? पेशे से वकील और पत्रकार, बानू मुश्ताक ने कहानीकार, कवि, उपन्यासकार और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में अपनी पहचान बनाई है। 20 मई लंदन के टेट मॉडर्न में आयोजित एक समारोह में इस पुरस्कार का एलान किया गया। 12 कहानियों का संग्रह है बता दें कि 2025 के निर्णायक मंडल की अध्यक्षता करने वाले लेखक मैक्स पोर्टर ने हार्ट लैंप को विजेता के रूप में घोषित किया। पोर्टर ने कहा, कई साल बाद 'हार्ट लैंप' अंग्रेजी पाठकों के लिए कुछ नया है ।यह अनुवाद की हमारी समझ को चुनौती देता है और उसे अच्छा करना में बेहतर करता है। बानू मुश्ताक उनकी 12 शॉर्ट स्टोरीज यानी लघु कहानियों का एक संग्रह है। उन्हें इस किताब को लिखने में लगभग 30 साल लगे। बानू मुश्ताक ने पुरस्कार जीतने के बाद वहां बैठे लोगों से कहा, वैश्विक दर्शकों के लिए कन्नड़ को और अधिक पेश करने की जरूरत है। दुनिया भर के पाठकों के लिए अधिक से अधिक कन्नड़ साहित्य लाने की आवश्यकता है। क्या है हार्ट लैंप में हार्ट लैंप में 12 कहानियां हैं। ये कहानियां 1990 से 2023 के बीच लिखी गईं। ये पितृसत्तात्मक दक्षिण भारतीय समुदायों में रहने वाली आम महिलाओं की हिम्मत, प्रतिरोध, हास्य और बहनचारे की कहानियां हैं। ये कहानियां कन्नड़ संस्कृति की मौखिक परंपराओं से प्रेरित हैं। हार्ट लैंप- कहानियां और उनका प्रभाव जजों ने हार्ट लैंप को 'हास्यपूर्ण, जीवंत, बोलचाल की भाषा में, मार्मिक और तीखा बताया। इंटरनेशनल बुकर प्राइज 2025 के जजों के अध्यक्ष मैक्स पोर्टर ने इसे 'अंग्रेजी पाठकों के लिए कुछ नया' कहा। उन्होंने किताब के अनुवाद को 'एक कट्टरपंथी अनुवाद' बताया। उन्होंने कहा कि यह अनुवाद भाषा को बदलता है और अंग्रेजी में नए रूप बनाता है। यह अनुवाद की समझ को चुनौती देता है और बढ़ाता है। पोर्टर ने आगे कहा, 'यह वह किताब थी जिसे जजों ने पहली बार पढ़ने से ही पसंद किया था। जूरी के अलग-अलग नजरियों से इन कहानियों की सराहना सुनना बहुत खुशी की बात थी। उन्होंने महिलाओं के अनुभवों, प्रजनन अधिकारों, आस्था, जाति, शक्ति संरचनाओं और उत्पीड़न पर कहानियों के बारे में बताया। क्या बोलीं बानू मुश्ताक बानू मुश्ताक ने खुद कहा, 'यह किताब इस विश्वास से पैदा हुई है कि कोई भी कहानी छोटी नहीं होती, कि मानव अनुभव के ताने-बाने में हर धागे का अपना महत्व होता है।' उन्होंने साहित्य की लोगों को जोड़ने की शक्ति पर विचार किया। उन्होंने कहा कि एक ऐसी दुनिया में जो अक्सर हमें बांटने की कोशिश करती है, साहित्य उन पवित्र जगहों में से एक है जहां हम एक-दूसरे के दिमाग में जी सकते हैं, भले ही कुछ पन्नों के लिए ही सही। 2022 के बाद यह दूसरा भारतीय पुरस्कार है। उस साल गीतांजलि श्री और डेज़ी रॉकवेल को टॉम्ब ऑफ सैंड के लिए पुरस्कार मिला था। यह पुरस्कार जीतने वाला पहला हिंदी उपन्यास था। पेरुमल मुरुगन का तमिल उपन्यास पायरे 2023 में लंबी सूची में था।   recent visitors 41

चंडोला में गरजा बुलडोजर, 8500 घरों को तबाह करने का वीडियो आया सामने

अहमदाबाद गुजरात के अहमदाबाद में चंडोला तालाब के किनारे एक साथ गरजे करीब 50 बुलडोजरों ने एक ही दिन में करीब 8500 मकानों/ढांचों को पत्थर-पत्थर कर डाला। अब कुछ धार्मिक ढांचे ही बचे हैं। पुलिस का कहना है कि इन्हें सम्मान के साथ हटाया जाएगा। अहमदाबाद नगर निगम ने अवैध अतिक्रमण को हटाकर 2.5 लाख वर्ग मीटर जमीन खाली कराई है। अहमदाबाद के जॉइंट कमिश्नर (क्राइम ब्रान्च, सेक्टर 2) जयपाल सिंह राठौड़ ने कहा कि कल चंडोला तालाब के किनारे अवैध अतिक्रमण को हटाने का दूसरे चरण का काम शुरू हुआ था। जितना अतिक्रमण हटाना था, उसमें से 99.9 फीसदी ध्वस्तीकरण पूरा हो चुका है। 2.25 लाख वर्ग मीटर जमीन खाली करा ली गई है। अब कुछ धार्मिक ढांचे ही बचे हैं जिन्हें सम्मान के साथ हटाया जाएगा। हमारी अपील है कि कोई अफवाह पर ध्यान ना दें। नगर निगम की नीति के मुताबिक जिन्हें मकान मिलना है उनके फॉर्म लिए जा चुके हैं। सरकारी जमीन पर निर्माण अहमदाबाद पुलिस आयुक्त जी एस मलिक के अनुसार नगर निगम ने चंदोला झील के आसपास 2.5 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र से अवैध निर्माणों को हटाने का फैसला किया है। पिछले महीने 1.25 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र से अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों के घरों समेत अतिक्रमण को हटाया था। संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) शरद सिंघल ने बताया कि दूसरे और अंतिम चरण में एएमसी पुलिस की मदद से शेष भूमि को अवैध अतिक्रमण से मुक्त कराएगी। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब 3,000 पुलिसकर्मियों और राज्य रिजर्व पुलिस (एसआरपी) के जवानों को तैनात किया गया है। सिंघल ने कहा कि पहले चरण में हमारा मुख्य लक्ष्य असामाजिक तत्व और अवैध बांग्लादेशी निवासी थे, जो यहां रह रहे हैं। हमने अतिक्रमण विरोधी अभियान के पहले चरण से पूर्व यहां अवैध रूप से रह रहे 202 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया। दूसरे चरण में हम शेष अवैध अतिक्रमण को हटा देंगे। जब तक सभी अवैध ढांचे हटा नहीं दिए जाते, तब तक अतिक्रमण विरोधी अभियान जारी रहेगा। ड्रोन से हुआ अवैध निर्माण का सर्वेक्षण संयुक्त पुलिस आयुक्त ने बताया कि यह अभियान शुरू करने से पहले एएमसी ने एक सर्वेक्षण किया और पाया कि झील के आसपास का लगभग 2.5 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र पर अब भी अवैध कब्जा है। उन्होंने कहा कि ड्रोन सर्वेक्षण से पुष्टि हुई है कि इस विशाल भूमि पर लगभग 8,000 मकान अवैध रूप से बनाए गए हैं। सिंघल ने बताया कि एएमसी ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि 2010 या उससे पहले से यहां रहने वाले लोग वैकल्पिक आवास के लिए पात्र होंगे और कई लोग पहले ही अपना घरेलू सामान वहां ले जा चुके हैं। उन्होंने कहा एएमसी के कम से कम 50 दलों ने सुबह अपना काम शुरू कर दिया है और दोपहर तक 30 प्रतिशत क्षेत्र को साफ कर दिया गया है। हमने क्षेत्र में कड़ी निगरानी रखने के लिए 50 ड्रोन तैनात किए हैं। पहलगाम हमले के बाद अहमदाबाद में यहां बड़ी संख्या में बांग्लादेशी घुसपैठिये पकड़े गए थे। 29 और 30 अप्रैल को अहमदाबाद नगर निगम ने पहले चरण के बुलडोजर ऐक्शन में बड़ी संख्या में ढांचों को गिरा दिया था। 20 मई से शुरू हुए दूसरे चरण में नगर निगम की 50 टीमों को सात जोन में बांटकर काम पर लगाया गया था। 350 स्टाफ सदस्यों के साथ सुबह 7 बजे ही ध्वीस्तीकरण का काम शुरू हुआ जो देर शाम तक जारी रहा। 50 से ज्यादा बुलडोजर/अर्थमूवर से अवैध ढांचों को मिट्टी में मिला दिया गया। कानून व्यवस्था को कायम रखने के लिए 3000 पुलिसकर्मियों को मौके पर तैनात किया गया था। तालाब किनारे एक बेहद सघन बस्ती थी। जॉइंट पुलिस कमिश्नर शरद सिंघल ने मंगलवार को पीटीआई को बताया था कि पहले चरण में हमारा मुख्य लक्ष्य असामाजिक तत्व और अवैध बांग्लादेशी निवासी थे जो यहां रह रहे हैं। हमने अतिक्रमण विरोधी अभियान के पहले चरण से पूर्व यहां अवैध रूप से रह रहे 202 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया। दूसरे चरण में हम शेष अवैध अतिक्रमण को हटा देंगे। जब तक सभी अवैध ढांचे हटा नहीं दिए जाते, तब तक अतिक्रमण विरोधी अभियान जारी रहेगा। किन्हें मिलेगा घर अहमदाबाद नगर निगम ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि 2010 या उससे पहले से यहां रहने वाले लोग वैकल्पिक आवास के लिए पात्र होंगे और कई लोग पहले ही अपना घरेलू सामान वहां ले जा चुके थे। recent visitors 40

Stock Market मेंआज लगा ब्रेक और सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स ने खुलते ही दौड़ लगाई

मुंबई शेयर बाजार (Stock Market) में बीते तीन कारोबारी दिनों से जारी गिरावट पर बुधवार को ब्रेक लग गया और सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स खुलते ही दौड़ लगाते हुए नजर आए. एक ओर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला Sensex ग्रीन जोन में ओपन होने के बाद कुछ ही देर में 516 अंकों से ज्यादा उछल गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का Nifty भी 100 अंक से ज्यादा चढ़कर कारोबार करता नजर आया. इस दौरान शुरुआती कारोबार में सनफार्मा (Sunpharma Share), एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank Share) से लेकर टाटा मोटर्स (Tata Motors Share) तक तेज रफ्तार के साथ भागे. सेंसेक्स-निफ्टी की तेज शुरुआत बुधवार को शेयर मार्केट (Share Market) में कारोबार शुरू होने पर बीएसई का सेंसेक्स (BSE Sensex) अपने पिछले बंद 81,186.44 की तुलना में बढ़त लेते हुए 81,327.61 के लेवल पर ओपन हुआ और कुछ ही मिनटों के कारोबार के दौरान ये इंडेक्स 516 अंक चढ़कर 81,698 के लेवल पर कारोबार करता हुआ नजर आया. सेंसेक्स की तरह ही निफ्टी ने भी अपने पिछले बंद 24,683.90 से उछलते हुए 24,744.25 पर कारोबार शुरू किया और अचानक 150 अंकों की तेजी लेकर 24,834 पर ट्रेड करता हुआ नजर आया. इन 10 शेयरों ने किया बाजार को सपोर्ट मिले-जुले ग्लोबल संकेतों के बीच शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली है. इस दौरान शुरुआती कारोबार में कुछ बड़ी कंपनियों के स्टॉक्स ने बाजार को जबरदस्त सपोर्ट दिया. इनमें Sunpharma Share (2.30%), M&M Share (1.50%), HDFC Bank Share (1.40%) और Tata Motors Share (1.25%) की उछाल के साथ कारोबार कर रहे थे. मिडकैप कैटेगरी में शामिल कंपनियों में Glaxo Share (7.04%), Gland Pharma (4.27%), TorntPharma Share (2.71%) चढ़कर कारोबार कर रहा था. स्मॉलकैप में देखें तो HLE Glascote Share 10.13%, Banco India Share 7.50% और BMW Share 5.35% की तेजी लेकर ट्रेड कर रहे थे. Pharma शेयरों ने दिखाया दम शेयर बाजार में तेजी के साथ कारोबार के दौरान तमाम फार्मा कंपनियों के स्टॉक्स जोरदार तेजी लेकर कारोबार करते हुए नजर आए. एक ओर जहां सनफार्मा, ग्लैक्सो, ग्लैंडफार्मा और टोरंट फार्मा के शेयर गदर मचाते दिखे, तो वहीं इसके अलावा Emcure Pharma Share (2.21%), Alkem Share (2.10%), Ajanta Pharma (2.19%), Lupin Share (2.08%), Aurobindo Pharma Share (1.90%) की उछाल लेकर कारोबार करते हुए दिखाई दिए. कल निवेशकों के डूबे थे 5 लाख करोड़ इससे पहले बीते कारोबारी दिन मंगलवार को शेयरों बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली थी. दोपहर के बाद अचानक बाजार का मूड बदला था और अंत तक गिरावट जारी रही. इस दौरान Nifty 261 अंकों से ज्‍यादा टूट गया. वहीं सेंसेक्‍स में 872 अंकों की गिरावट आई. Nifty 24683 और Sensex 81186 पर क्‍लोज हुआ था. शेयर बाजार में इस गिरावट के कई कारण हैं, लेकिन कुछ निवेशक इसे भारत में कोविड की आहट से भी जोड़ रहे हैं. शेयर बाजार में आई इस गिरावट के चलके निवेशकों की दौलत में बड़ी कमी देखने को मिली थी. दरअसल, बीएसई मार्केट कैपिटलाइजेशन (BSE Market Cap) एक दिन 443.67 लाख करोड़ रुपये फिसलकर 438.03 लाख करोड़ रुपये पर आ गया. यानी निवेशकों के वैल्‍यूवेशन में 5.64 लाख करोड़ रुपये की कमी आई है. recent visitors 47