एम व्ही यू बना पशुपालकों के लिए वरदान, जानकारी के साथ दी जा रही परामर्श

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जन कल्याणकारी योजनाओं का हो रहा धरातल पर सफल क्रियान्वयन मोबाइल वेटरिनरी यूनिट कोण्डागांव के सुदूर वनांचलों में बन चुकी आशा की किरण एम व्ही यू बना पशुपालकों के लिए वरदान, जानकारी के साथ दी जा रही परामर्श रायपुर कोण्डागांव एक आदिवासी बाहुल्य जिला है, जहाँ आजीविका के लिए लोग कृषि के साथ छोटे स्तर पर पशुपालन भी करते हैं, जो परिवार की आय का जरिया भी है। अधिकतर पशुपालक सीमित संसाधनों के साथ पारम्परिक पशुपालन करते हैं, ऐसे में जब पशुओं में कोई गंभीर बीमारी आती है, तो जानकारी के अभाव और समय पर उचित इलाज नहीं करा पाते। नतीजतन पशुओं की मृत्यु के साथ पशु पालकों को आर्थिक नुकसान भी होता है। लेकिन अब यह तस्वीर बदल रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का धरातल पर सफल क्रियान्वयन हो रहा है। राज्य सरकार द्वारा सभी वर्गो के विकास के लिए योजनाएं बनाकर उन्हें लाभान्वित किया जया रहा है। शासन द्वारा विशेषकर कृषकों और पशुपालकों को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसी सोच का परिणाम है मोबाइल वेटरिनरी यूनिट, जो अब कोण्डागांव के सुदूर वनांचल में भी आशा की एक नई किरण बन चुकी है। जहाँ पहले बीमार पशु का समय पर इलाज संभव नहीं हो पाता था, अब वही इलाज पशुपालकों के चौखट तक आ रहा है। एम.वी.यू. सेवा, एलएचडीसीपी योजना के अंतर्गत संचालित है और जिले के सभी विकासखंडों में नियमित रूप से कार्यरत है। 14 सितंबर 2023 से शुरू हुई यह सेवा सिर्फ आँकड़ों में नहीं, बल्कि लोगों की मुस्कान और भरोसे में दिखाई देती है। वर्ष 2024-25 में अब तक यह सेवा जिले के 4643 गांवों तक पहुँची है और एम.वी.यू द्वारा 56210 पशु-पक्षियों का इलाज किया गया है, साथ ही 56410 पशुपालकों को निःशुल्क दवाई वितरित किया गया है। 578 गायों में कृत्रिम, 3150 निकृष्ट बैलों का बधियाकरण, 23002 पशुओं की जांच की गई है और 135586 पशु-पक्षियों का टीकाकरण कर उन्हें बीमारियों से सुरक्षित किया गया है। पशु चिकित्सा विभाग के निर्देशन में एम.वी.यू. प्रतिदिन तीन गांवों में पहुँचती है और न केवल इलाज करती है, बल्कि पशुपालकों को जरूरी जानकारी और परामर्श भी देती है। मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई सिर्फ इलाज नहीं, भरोसा और आत्मनिर्भरता लेकर आती है। अब जिले के जंगलों के बीच न इलाज की देरी है, न दवाई की कमी। यह गाड़ी न केवल पशुओं को स्वस्थ किया है, बल्कि पालकों के जीवन को भी नई दिशा दी है। ग्राम पदनार के पशुपालक पोहड़ो की भैंस के गर्भाशय में ही बछड़े की मृत्यु हो जाने के कारण वह प्रसव नहीं कर पा रही थी। स्थिति गंभीर होती जा रही थी, तब पोहड़ो ने तुरंत मोबाइल वेटरनरी यूनिट को सूचना दी। एमवीयू की टीम, जो कि पशुओं को घर पहुँच सेवाएं प्रदान करने के लिए कार्यरत है, सूचना मिलते ही त्वरित रूप से मौके पर पहुँची। डॉक्टरों और स्टाफ की सतर्कता व अनुभव के चलते मृत बछड़े को सुरक्षित रूप से निकाल लिया गया और भैंस का जीवन बचाया जा सका। आज भैंस पूरी तरह स्वस्थ है और पशुपालक पोहड़ो ने इस सुविधा के लिए शासन और एमवीयू टीम का आभार व्यक्त किया है। इसी प्रकार ग्राम लंजोड़ा के पशुपालक राकेश महेलवार ने अपने बैल के सड़क दुर्घटना में घायल होकर पैर टूटने की सूचना मोबाइल वेटरनरी यूनिट ब्लॉक फरसगांव को दी। ब्लॉक फरसगांव में उस समय चिकित्सक उपलब्ध न होने के कारण एमवीयू कोण्डागांव की टीम ने तत्परता दिखाते हुए मौके पर पहुँचकर बैल की शल्यक्रिया की। समय पर की गई चिकित्सा से बैल की जान बचाई जा सकी। वर्तमान में बैल पूर्ण रूप से स्वस्थ है। पशुपालक राकेश महेलवार ने एमवीयू टीम और प्रशासन के प्रति आभार जताया है। recent visitors 37

धमनी में समाधान शिविर: रामकली और दुलौरिन की आंखों में आई चमक, चलने में सहारा देने के लिए मिली वॉकर

धमनी में समाधान शिविर: रामकली और दुलौरिन की आंखों में आई चमक, चलने में सहारा देने के लिए मिली वॉकर बुजुर्गों को वय वंदन योजना के तहत मिली 5 लाख की स्वास्थ्य सहायता बिलासपुर बिल्हा ब्लॉक के ग्राम धमनी में मंगलवार को आयोजित समाधान शिविर गांव वालों के लिए उम्मीद की नई किरण लेकर आया।शिविर में विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को अपर मुख्य सचिव गृह ,जेल एवं जिले के प्रभारी सचिव  श्री मनोज पिंगुआ और विधायक धर्मलाल कौशिक ने विभिन्न सामग्री का वितरण किया। शिविर में बुजुर्गों को चलने-फिरने में सहारा देने वाले उपकरण बांटे गए,साथ ही वय वंदन योजना के तहत 5 लाख रुपये की स्वास्थ्य सहायता भी दी गई। बुजुर्ग महिलाओं ने त्वरित सुनवाई के लिए मुख्यमंत्री का जताया आभार।         ग्राम धमनी निवासी 78 साल की बुजुर्ग रामकली साहू और 75 साल की दुलौरिन बाई उन बुजुर्गों में शामिल थीं, जिनके लिए यह शिविर किसी वरदान से कम नहीं था। चलने में दिक्कत होने के कारण दोनों घरों में कैद जैसी जिंदगी जी रही थीं। लेकिन सुशासन तिहार के तहत आयोजित समाधान शिविर में उन्हें चलने के लिए सहारा मिला है दोनों बुजुर्ग महिलाओं को चलने के लिए न केवल वॉकर मिली बल्कि उन्हें वय वंदन योजना के तहत 5 लाख रुपए की त्वरित सहायता भी मिली है।         रामकली ने कहा— “अब मंदिर तक पैदल जा सकूंगी”वॉकर मिलने पर रामकली साहू की आंखें चमका उठीं। बोलीं“बहू के सहारे रहती थी, अब मंदिर और चौपाल तक खुद जा सकूंगी।”वहीं बुजुर्ग दुलौरिन बाई ने कहा उम्र के इस पड़ाव पर छड़ी ही एक सहारा था जिससे चलफिर पाती थी लेकिन वॉकर मिलने से अब चलना आसान होग। दुलौरिन बाई और रामकली  ने खुश होकर बताया कि उन्हें वय वंदन योजना के तहत 5 लाख की स्वास्थ्य सहायता भी मिली है जिससे इस उम्र में आ रही स्वास्थ्य दिक्कतों के इलाज में मदद मिलेगी। दोनों बुजुर्ग महिलाओं ने कहा कि गांव में ही सुशासन तिहार में आवेदन देने के बाद उन्हें त्वरित रूप से सहायता मिली है जिसके लिए वे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हैं। recent visitors 37

पेट्रोलियम डीलर वेलफेयर एसोशिएसन ने फूड लाइसेंस विलोपित करने के लिए राज्य सरकार का माना आभार

विधिक मापविज्ञान उपभोक्ता संरक्षण, औद्योगिक प्रगति एवं पारदर्शी व्यापार की रीढ़: नियंत्रक देवेन्द्र भारद्वाज मापों की शुद्धता और पारदर्शिता के माध्यम से सामाजिक संतुलन बनाएं रखने पर जोर: नियंत्रक देवेन्द्र भारद्वाज इस वर्ष विधिक माप विज्ञान दिवस की थीम है ’हर समय, सभी के लिए सटिक माप’ पेट्रोलियम डीलर वेलफेयर एसोशिएसन ने फूड लाइसेंस विलोपित करने के लिए राज्य सरकार का माना आभार विश्व विधिक माप दिवस कार्यक्रम सम्पन्न रायपुर विश्व विधिक माप विज्ञान दिवस 2025 को राजधानी रायपुर के नवीन विश्राम भवन में आयोजित समारोह में पूरे उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। छत्तीसगढ़ नियंत्रक विधिक मापविज्ञान विभाग के नियंत्रक देवेन्द्र भारद्वाज ने कहा कि विधिक मापविज्ञान उपभोक्ता संरक्षण, औद्योगिक प्रगति एवं पारदर्शी व्यापार की रीढ़ है। चाहे वह पेट्रोल पंप पर एक लीटर ईंधन का मापन हो या एक पैकेज वस्तु का सही भार हो, यह कार्य प्रत्येक नागरिक के दैनिक जीवन को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि विधिक मापविज्ञान विभाग के नियंत्रक इस वर्ष की थीम है हर समय, सभी के लिए सटीक माप जो हमें यह स्मरण कराती है कि माप विज्ञान हमारे जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में गुणवत्ता, सुरक्षा, न्याय और सतत विकास सुनिश्चित करने में कितना महत्वपूर्ण है। नियंत्रक भारद्वाज ने कहा कि छत्तीसगढ़ का विधिक मापविज्ञान विभाग निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है। हमने डिजिटल सत्यापन प्रणाली, मोबाइल वैन, ई-गवर्नेस प्लेटफॉर्म और उद्योग सहभागिता के माध्यम से अपनी सेवाओं को अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाया है। हम अपने प्रयोगशालाओं के आधुनिकीकरण, सूक्ष्म व लघु उद्योगों में मापमानों की जागरूकता तथा Ease of Doing Business  एवं "Buness Reform" जैसी राष्ट्रीय पहल के अनुरूप कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विभागीय मंत्री दयालदास बघेल, केंद्रीय विधिक मापविज्ञान विभाग तथा सभी हितधारकों के प्रति आभार प्रकट करता हूँ, जिनके सहयोग से हम आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज विश्व विधिक मापविज्ञान दिवस के अवसर पर हम यह संकल्प लें कि हम न केवल उपकरणों से, बल्कि उद्देश्य और दूरदृष्टि के साथ भी मापेंगे ताकि हमारा कल और अधिक सशक्त व टिकाऊ हो। उन्होंने इस मौके पर विभाग में उत्कृष्ट कार्य करने वाले निरीक्षकों एवं प्रवर्तन दलों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में शामिल छत्तीसगढ़ पेट्रोलियम डीलर वेलफेयर एसोशिएसन के प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार द्वारा फूड लाइसेंस विलोपित करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और मंत्री दयालदास बघेल के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में उपनियंत्रक बी.आर. सिदार सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी तथा छत्तीसगढ़ पेट्रोलियम डीलर वेलफेयर एसोशिएसन के अध्यक्ष विरेन्द्र पाण्डेय, माप तौल विक्रेता संघ के राजेश साहू, विक्रेता निर्माण संघ के गोपाल वर्मा सहित बड़ी संख्या में प्रदेश के विभिन्न व्यवसाय सें जुड़े गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। recent visitors 32

वर्षा जल का संचय और संरक्षण भू-जल स्रोतों को रिचार्ज करने में बेहद अहम – उप मुख्यमंत्री अरुण साव

जल संवर्धन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा भू-जल संवर्धन मिशन – विष्णु देव साय मुख्यमंत्री ने भू-जल संवर्धन मिशन का किया शुभारंभ, भू-जल और वर्षा जल संरक्षण पर शहरों में होंगे प्रभावी काम हाइड्रोलॉजिस्ट्स, कॉलोनाइजर्स, उद्योग समूह, राज्य शासन के विभिन्न विभागों और विशेषज्ञों ने जल संरक्षण पर किया मंथन वर्षा जल का संचय और संरक्षण भू-जल स्रोतों को रिचार्ज करने में बेहद अहम – उप मुख्यमंत्री अरुण साव रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज पंडित दीनदयाल उपाध्याय भू-जल संवर्धन मिशन (शहरी) का शुभारंभ किया। इसके तहत प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में भू-जल और वर्षा जल के संरक्षण-संवर्धन के लिए मिशन मोड पर काम किए जाएंगे। मुख्यमंत्री साय ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित शुभारंभ कार्यक्रम में मिशन के ब्रोशर का विमोचन और इस पर तैयार वीडियो भी लॉन्च किया। उन्होंने राज्य के नौ नगरीय निकायों में सेवाकाल के दौरान दिवंगत 18 कर्मचारियों के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति पत्र भी सौंपा। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव, जल संसाधन तथा रायपुर जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप, विधायकगण सर्वराजेश मूणत, सुनील सोनी, मोती लाल साहू, पुरन्दर मिश्रा, गुरू खुशवंत साहेब, इन्द्र कुमार साहू, रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे और वाटरमैन के नाम से मशहूर राजेन्द्र सिंह भी विशिष्ट अतिथि के रूप में शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल हुए। भू-जल संवर्धन मिशन के शुभारंभ के मौके पर आयोजित कार्यशाला में हाइड्रोलॉजिस्ट्स, कॉलोनाइजर्स, उद्योग समूह, वन विभाग, लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग तथा जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने जल संरक्षण, इसके उपायों और परिणामों पर मंथन किया। उप मुख्यमंत्री अरुण साव और भारत के वाटरमैन के नाम से प्रसिद्ध राजेन्द्र सिंह ने भी कार्यशाला में अपने विचार रखे तथा प्रतिभागियों के सवालों के जवाब भी दिए। गुजरात के सूरत म्युनिसिपल कार्पोरेशन की टीम ने वहां वर्षा जल के संचय और भू-जल रिचार्ज के लिए किए जा रहे कार्यों को साझा किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय भू-जल संवर्धन मिशन (शहरी) के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जल के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। जल की पर्याप्त उपलब्धता की चिंता करते हुए नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा इस महत्वाकांक्षी मिशन की शुरूआत की जा रही है। इसके लिए मैं उप मुख्यमंत्री अरुण साव और नगरीय प्रशासन विभाग को धन्यवाद देता हूं। उन्होंने उम्मीद जताई कि वर्षा जल और भू-जल के संरक्षण व संवर्धन में यह मिशन मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में जल संरक्षण के लिए कई उपाय किए जा रहे हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा ग्रामीणों की सहभागिता से ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दोनों अभियानों का मकसद एक है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर जल संरक्षण के लिए पूरे देश में अमृत सरोवरों के रूप में नए तालाबों का निर्माण और पुराने तालाबों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। आज मिशन के शुभारंभ के मौके पर चार घंटों तक विशेषज्ञों ने इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर संवाद किया है। साय ने कहा कि जल को लेकर यदि हम अभी सचेत और सावधान नहीं होंगे तो आने वाला समय मुश्किल होगा। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने शुभारंभ कार्यक्रम में कहा कि वर्षा जल के संचय, संरक्षण और भू-जल को रिचार्ज करने के उपायों पर विशेषज्ञों ने अभी चार घंटे तक चर्चा की है। वाटरमैन राजेन्द्र सिंह और सूरत नगर निगम के विशेषज्ञों का मार्गदर्शन भी प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि इस संवाद के दौरान जल के संरक्षण और संवर्धन के कार्यों को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने और राज्य में वर्षा के पैटर्न के अनुरूप फसल चक्र अपनाने की बातें प्रमुखता से आई हैं। साव ने कहा कि आने वाले समय में शहरों में पेयजल और अन्य जरूरतों के लिए पानी की व्यवस्था की चुनौतियों को देखते हुए नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा इस मिशन को प्रारंभ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में पर्याप्त बारिश होती है। इसके सावधानीपूर्वक संचय और संवर्धन से हम पानी की दिक्कतों को दूर कर सकते हैं। जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप ने भू-जल संवर्धन मिशन के शुभारंभ पर खुशी जताते हुए कार्यक्रम में कहा कि इस मिशन के तहत अनुकरणीय काम होंगे, ऐसी उन्हें उम्मीद है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जनभागीदारी से जल संचय करने में छत्तीसगढ़ को पूरे देश में प्रथम स्थान मिला है। जल के महत्व को देखते हुए इसके स्रोतों के पुनर्भरण और रिचार्ज करने के लिए गंभीरता से काम करने की जरूरत है। जल संसाधन विभाग भी इस पर गंभीरता से काम कर रहा है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस., संचालक आर. एक्का और राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ शशांक पाण्डेय सहित सभी नगर निगमों के महापौर, सभापति और आयुक्त, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के अध्यक्ष एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगरीय निकायों के अभियंता, जल विशेषज्ञ, समाजसेवी, स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि, नगरीय प्रशासन विभाग और सुडा के अधिकारी बड़ी संख्या में शुभारंभ कार्यक्रम में मौजूद थे। recent visitors 56

मंत्री बघेल ने कहा, “छत्तीसगढ़ सरकार ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध

रायपुर खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल  बेमेतरा जिले के नवागढ़ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत बालसमुंद में सुशासन तिहार-2025 अंतर्गत 22वां  समाधान शिविर में शामिल हुए। हायर सेकेण्डरी स्कूल में आयोजित बालसमुंद क्लस्टर सहित 11 बगौद, बाबाघठोली, पौंसरी, मोहरेंगा, राउरपुर, मुनरबोड़, बालसमुंद, आंदू, उसलापुर, भोथीडीह, खैरझिटि ग्राम के लोग शामिल हुए। समाधान शिविर में मुख्य अतिथि खाद्य मंत्री दयालदास बघेल का स्वागत एसडीएम प्रकाश भारद्वाज ने किया। उन्होंने शिविर में प्राप्त आवेदन और निराकरण की जानकारी दी कि 11 ग्राम पंचायतों से समस्या, मांग और शिकायत संबंधी 3403 आवेदन प्राप्त हुए जिनका गुणवत्ता पूर्ण निराकरण संबंधित विभाग के अधिकारियों ने किया जिनकी जानकारी आज इस शिविर में दी जा रही है। बालसमुंद शिविर में विभागीय अधिकारियों द्वारा मंत्री के समक्ष समाधान पेटी में प्राप्त आवेदनों के त्वरित निराकरण की जानकारी प्रस्तुत की गई। साथ ही विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों को दी गई। मंत्री बघेल ने कार्यक्रम में कहा कि सुशासन तिहार अंतर्गत लगाये गए तीसरे चरण के समाधान शिविर में आवेदनों का निराकरण किया गया है। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी राज्य के किसी भी गांव में औचक निरीक्षण कर आम जनता से राज्य सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी ले रहे है। मुख्यमंत्री साय कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक सीईओ पंचायत सहित अधिकारियों की बैठक ले कर प्राप्त आवेदनों और गांव शहर के विकास कार्यों के प्रगति की अद्यतन जानकारी ले रहे हैं। ग्रामीणों को संबोधित करते हुए मंत्री बघेल ने कहा, “छत्तीसगढ़ सरकार ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। कोई भी नागरिक बेझिझक अपनी समस्या या मांग आवेदन के माध्यम से दर्ज करा सकते हैं। हमारी सरकार अंतिम छोर तक अपनी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है। समाधान शिविर में ग्रामीणों ने मंत्री बघेल को स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस अवसर पर शिविर में हितग्राहियों को सामग्री, राशन कार्ड, महिला एवं बाल विकास विभाग की नोनी सुरक्षा योजना और प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत लाभार्थी बालिकाओं को बैंक पासबुक का वितरण किया गया। recent visitors 36

अब रजिस्ट्री के बाद होगा स्वतः नामांतरण, अलग से नहीं करनी होगी कोई प्रक्रिया

रायपुर : रजिस्ट्री की दस नई क्रांतियों पर एक दिवसीय कार्यशाला का हुआ आयोजन रजिस्ट्री की दस नई क्रांतियों पर 10 क्रांतियों से आमजनों एवं दूर दराज में रहने वाले ग्रामीणों को लाभ मिलेगा – मंत्री देवांगन अब रजिस्ट्री के बाद होगा स्वतः नामांतरण, अलग से नहीं करनी होगी कोई प्रक्रिया रायपुर शासन द्वारा रजिस्ट्री की प्रक्रिया में किए गए दस नई क्रांतियों पर आज कोरबा के कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन रहें।     इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने बहुत अच्छी नीती लाई है। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्री की 10 क्रातियों से आमजनों एवं दूर दराज में रहने वाले ग्रामीणों को लाभ मिलेगा। रजिस्ट्री, नामंतरण में जो समस्या आती थी उसे दूर करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने 10 क्रांति लाई है जिससे सरल, सहज और पारदर्शी ढंग से रजिस्ट्री का कार्य पूर्ण होगा। उन्होंने ने इस क्रांति के लिए सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।       जिला पंचायत अध्यक्ष पवन सिंह ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि शासन द्वारा संचालित योजना सराहनीय है। 10 नई क्रांति बहुत अच्छी पहल है। रजिस्ट्री, नामंतरण एवं अन्य समस्याओं का हल निकालने सरकार का बेहतर प्रयास है। सरलीकरण एवं सुविधाओं का विस्तार भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आए दिन जनप्रतिनिधियों के पास आमलोग पहुंच कर जमीन से संबंधित विवादों की शिकायत करते है लेकिन अब इन सभी समस्याओं से आम नागरिकों को निजात मिलेगा।     कलेक्टर अजीत वसंत ने कार्यक्रम संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा सुशासन की दिशा में यह पहल की गई है, रजिस्ट्री में 10 क्रांतियां लाई गई है। आम जनता को भूमि एवं नामांतरण से होने वाली समस्याओं से राहत मिलेगी। उन्होंने इन क्रांतियों का अधिक से अधिक प्रचार प्रसार करने हेतु निर्देशित किया। इस अवसर पर पार्षद नरेंद्र देवांगन, जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग, अपर कलेक्टर अनुपम तिवारी, संयुक्त कलेक्टर मनोज बंजारे, एसडीएम कोरबा सरोज महिलागे सहित पंजीयन, राजस्व विभाग अधिकारी आदि उपस्थित थे। रजिस्ट्री में 10 नई क्रांतियांः – फर्जी रजिस्ट्री रोकने के लिए आधार सत्यापन        पंजीयन साफ्टवेयर को आधार लिंक किया गया है, पंजीयन के समय क्रेता-विक्रेता एवं गवाहों की पहचान आधार रिकार्ड व बायोमेट्रिक के माध्यम से की जाएगी जिससे गलत व्यक्ति को खड़े कराकर पंजीयन नही हो सकेगा। आम जनता को फर्जीवाड़े का शिकार नही होना पड़ेगा और फर्जी रजिस्ट्री की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा। रजिस्ट्री खोज एवं डाउनलोड की सुविधा       आम आदमी वर्षों की जमा पूंजी लगाकर स्वयं का घर खरीदते है, इसलिए संपत्ति खरीदने से पहले पूरी जांच पड़ताल आवश्यक है। अभी रजिस्ट्री की जानकारी के लिए पंजीयन कार्यालय में स्वयं या वकील के माध्यम से उपस्थित होकर सर्च करना पड़ता है, रजिस्ट्री खोज का प्रावधान होने से खसरा नंबर डालते ही उस खसरे के पूर्व के समस्त लेनदेन की जानकारी एक क्लिक पर प्राप्त हो सकेगी। खसरा नंबर दर्ज कर संपत्ति की पूर्व रजिस्ट्री की जानकारी देखी जा सकती है और रजिस्ट्री दस्तावेज डाउनलोड किए जा सकते हैं। इससे क्रेताओं को विवादित या बंधक जमीन की जानकारी पहले ही प्राप्त हो जाएगी। ऑनलाइन भारमुक्त प्रमाण पत्र की सुविधा       भार मुक्त प्रमाण पत्र एक बहुत ही आवश्यक प्रमाणपत्र है जो संपत्ति खरीदने के पूर्व उसकी जानकारी उपलब्ध कराता है। संपत्ति पर ऋण, बंधक या पूर्व विक्रय की स्थिति अब ऑनलाइन भारमुक्त प्रमाण पत्र के माध्यम से आसानी से ज्ञात की जा सकती है। कई शासकीय कार्यों एवं बैंक से लोन प्राप्त करने के लिए यह प्रमाण पत्र अनिवार्य होता है। यह प्रमाणपत्र अब आनलाइन ही प्रदाय किया जा सकेगा। स्टांप एवं रजिस्ट्री शुल्कों का कैशलेस भुगतान       पहले रजिस्ट्री कराने के लिए स्टाम्प शुल्क और पंजीयन शुल्क का अलग-अलग जगह और समय पर भुगतान करना पड़ता था। अब स्टाम्प एवं पंजीयन शुल्क को एक साथ लिये जाने के लिए स्टांप एवं रजिस्ट्री शुल्कों का कैशलेस भुगतान सिस्टम तैयार किया गया है। स्टाम्प एवं पंजीयन शुल्क का एक साथ सुविधानुसार क्रेडिट डेबिट कार्ड, पीओएस मशीन, नेट बैंकिंग अथवा यूपीआई से फीस का भुगतान हो सकेगा। व्हाट्सएप सर्विसेज      व्हाट्सएप आज के समय में सर्वाधिक उपयोग हो रहा सोशल मीडिया प्लेटफार्म है। पंजीयन कराने वाले क्रेता-विक्रेता को अपाईन्टमेंट सहित पंजीयन होने तक सभी प्रकार के अपडेट एवं एलर्ट व्हाट्सएप में ही प्राप्त होंगे। रजिस्ट्री की प्रति भी व्हाट्सएप से ही डाउनलोड हो जायेगी। इस सुविधा के माध्यम से फीडबैक एवं शिकायतें भी व्हाट्सएप के माध्यम से की जा सकेंगी। डिजीलॉकर की सुविधा       रजिस्ट्री दस्तावेजों को डिजिलॉकर में सुरक्षित स्टोर किया जाएगा, ताकि आवश्यकता पडऩे पर पक्षकार को आसानी से डिजीटल प्रमाणित दस्तावेज उपलब्ध हो जाए। रजिस्ट्री दस्तावेजों का स्वतः निर्माण       जनता की सुविधा के लिए रजिस्ट्री को पेपर लेस बनाया गया है। ऑनलाईन दस्तावेज प्रारूप का चयन कर पक्षकार और संपत्ति विवरण दर्ज करने पर स्वतः ही दस्तावेज तैयार हो जाएगा। वही दस्तावेज पेपरलेस होकर उप पंजीयक को ऑनलाइन प्रस्तुत होगा। घर बैठे स्टाम्प सहित दस्तावेज निर्माण      डिजीडॉक सेवा के माध्यम से किरायानामा, शपथ पत्र, अनुबंध जैसे गैर-पंजीकृत दस्तावेज अब घर बैठे डिजिटल स्टाम्प के साथ ऑनलाइन तैयार किए जा सकते हैं। घर बैठे रजिस्ट्री      दस्तावेज निर्माण, स्टाम्प भुगतान और रजिस्ट्री प्रक्रिया अब पूरी तरह ऑनलाइन होकर घर से ही पूर्ण की जा सकती है। अभी यह सेवा 10 प्रकार के दस्तावेजों जैसे-रेंट एग्रीमेंट, मोर्गेज डीड आदि में शुरू की गई है। रजिस्ट्री के साथ होगा स्वतः नामांतरण       रजिस्ट्री प्रक्रिया पूर्ण होते ही संबंधित क्रेता का नाम राजस्व रिकॉर्ड में स्वतः दर्ज हो जाएगा। इसके लिए अलग से नामांतरण आवेदन, शुल्क या लंबी प्रतीक्षा की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे नागरिकों के समय, प्रयास और खर्च तीनों की बचत होगी। अब तक अचल संपत्ति खरीदने के लिए पंजीयन कराने के बाद उसके बाद उसे राजस्व रिकार्ड में अद्यतन कराना पड़ता रहा हैं, नामांतरण की इस प्रक्रिया में महीने लग जाते थे, इस बीच वही संपत्ति अन्य को बेच दिये जाने पर पीड़ित पक्षकारों को न्याय के लिए भटकना पड़ता … Read more

पीड़ित परिजनों से भेंट कर दिए 4-4 लाख की सहायता राशि का चेक

रायपुर सरगुजा के लुण्ड्रा विकासखण्ड अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र रघुनाथपुर में दो बच्चों की मौत के बाद पोस्टमार्टम में लापरवाही और इसके लिए रुपये की मांग के गंभीर आरोप के मामले में कलेक्टर सरगुजा विलास भोसकर ने लुण्ड्रा के बीएमओ को निलंबित और पीएचसी रघुनाथपुर में पदस्थ चिकित्सक को तत्काल प्रभाव से कार्य मुक्त कर दिया है। गौरतलब है कि ग्राम सिलसिला ढोढ़ा झरिया में एक हृदय विदारक घटी। यहां मछली पालन के लिए बनाए गए गहरे और असुरक्षित गड्ढे में डूबने से दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। मृतक सूरज गिरी और जुगनू गिरी, दोनों पांच वर्षीय सगे चचेरे भाई थे। परिजनों ने आरोप लगाया कि रघुनाथपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात चिकित्सक ने पोस्टमार्टम के लिए प्रति शव 10-10 हजार रुपये की मांग की। पैसे नहीं देने पर शव का पोस्टमार्टम नहीं किया गया। सोमवार को जब ग्रामीणों ने दबाव बनाया और शिकायत की, तब जाकर पोस्टमार्टम किया गया। इस मामले की जांच में प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि डॉ. राघवेंद्र चौबे खंड चिकित्सा अधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धौरपुर द्वारा अपने अधीनस्थ कर्मचारियों पर प्रशासकीय नियंत्रण रखने में ढिलाई और कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही बरती गई। जांच में यह बात भी सामने आई कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रघुनाथपुर में पदस्थ डॉ. अमन जायसवाल, अनुबंधित चिकित्सा अधिकारी का आचरण भी सेवा नियमों के विरुद्ध था। फलस्वरूप उन्हें उनके दायित्वों से कार्यमुक्त कर दिया गया है। यहां यह उल्लेखनीय है कि कलेक्टर विलास भोसकर ने स्वयं रघुनाथपुर पीएचसी सेंटर का निरीक्षण किया और पीड़ित परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। कलेक्टर ने आरबीसी 6/4 के तहत उन्हें 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि का चेक भी प्रदान किया। recent visitors 30