BJP विधायक के खिलाफ शिकायत दर्ज- ‘महिला को इंजेक्शन देकर पहले गैंगरेप फिर चेहरे पर किया पेशाब’

बेंगलुरु बेंगलुरु की एक 40 वर्षीय सामाजिक कार्यकर्ता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उसने एक वर्तमान बीजेपी विधायक और उनके तीन सहयोगियों पर जून 2023 में सामूहिक दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। यह शिकायत इस सप्ताह दर्ज की गई है, जिसमें आरआर नगर के विधायक मुनीअर्तना नायडू और उनके तीन सहयोगियों को आरोपी बनाया गया है। महिला ने आरोप लगाया कि उस समूह ने उसे कंधे में एक अज्ञात पदार्थ का इंजेक्शन लगाने के बाद शारीरिक उत्पीड़न किया। इसके अलावा, उसने यह भी दावा किया कि इस घटना के बाद से वह एक स्वास्थ्य समस्या का सामना कर रही है। उसकी शिकायत के अनुसार, हमले के दौरान आरोपियों ने उसके चेहरे पर पेशाब किया और धमकी दी कि अगर उसने विरोध किया या आवाज उठाई, तो वे उसके बेटे को मार डालेंगे और उसके परिवार को नुकसान पहुंचाएंगे। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और कहा है कि जांच जारी है। अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। recent visitors 37

राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री ने निःक्षय शिविर अभियान के उकृष्टता पुरस्कार प्रदान किए

अभियान की उपलब्धियां उत्कृष्ट टीम वर्क और प्लानिंग का नतीजा : राज्यपाल पटेल संयमित जीवन शैली पालन भारतीय संस्कृति की परिपाटी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री ने निःक्षय शिविर अभियान के उकृष्टता पुरस्कार प्रदान किए राजभवन में 100 दिवसीय निःक्षय शिविर अभियान सम्मान और स्वस्थ यकृत मिशन का किया शुभारंभ भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने सौ दिवसीय नि:क्षय शिविर अभियान के संचालन में, टी.बी. उन्‍मूलन प्रयासों को विस्‍तारित करने, समाज के विभिन्न वर्गों के सहयोग से फूड बास्केट वितरण करने और 5 हजार से अधिक टी.बी. मुक्त ग्राम पंचायतों की उपलब्धियों के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि राज्य की उपलब्धियां उत्कृष्ट टीमवर्क और प्लानिंग का नतीजा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय संस्कृति में "उत्तम सुख निरोगी काया" का भाव प्राचीन काल से ही विद्यमान रहा है। परिवारों में ऋतु आधारित आहार-विहार और संयमित जीवन शैली के विचार के व्यवहार में पालन की परिपाटी रही है। राज्यपाल पटेल तथा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 100 दिवसीय निःक्षय शिविर अभियान सम्मान समारोह और स्वस्थ यकृत मिशन का शुभारंभ राजभवन स्थित सांदीपनि सभागार में किया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि टी.बी. के उन्‍मूलन के लिए संक्रमण नियंत्रण और सही तरीके से समय पर पूरी मात्रा में दवा लेने के संबंध में भी जन जागृति के प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि टी.बी. की दवा को बीच में छोड़ने से रोगी दवाओं के प्रति ड्रग रजिस्टेंट हो जाता है। इससे इलाज कठिन और संक्रमण फैलने की संभावना भी बढ़ जाती है। उन्होंने नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए स्वस्थ यकृत मिशन शुभारंभ के लिये सरकार की सराहना की। राज्यपाल पटेल ने कार्यक्रम में स्वस्थ लिवर की जांच के लिए बताए गए आसान तरीको से जांच करने और स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए कहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पतंजलि से लेकर घेरंड संहिता तक से हमें, काया को निरोगी बनाए रखने के सूत्र प्राप्त होते हैं। भारतीय ज्ञान ग्रंथ भी यही विचार देते हैं कि जैसे पका हुआ फल अपना जीवन पूर्ण करता है, वैसे ही व्यक्ति भी अपनी जीवन यात्रा पूर्ण करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्यपाल पटेल की प्रदेश वासियों के स्वास्थ्य को लेकर संवेदनशीलता सराहनीय है। राज्य सरकार वर्ष 2028 तक प्रदेश को टी.बी. मुक्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस दिशा में प्रत्येक स्तर पर सघन प्रयास जारी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में सम्मानित टी.बी. चैंपियंस के प्रयासों और टी.बी.  को हराने के उनके मन के संकल्प और प्रयासों की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 72 वर्षीय पद्म भूषण डॉ. सरीन की नियमित दिनचर्या और प्रतिदिन व्यायाम करने की जानकारी देते हुए सभी को व्यायाम और नियमित दिनचर्या के लिए प्रेरित किया है। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि सौ दिवसीय नि:क्षय शिविर अभियान में केन्द्र सरकार द्वारा केवल मध्य प्रदेश का सम्मान किया गया है। उन्होंने टी.बी. उन्‍मूलन प्रयासों के क्रियान्वयन में प्रदेश की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि निरोगी काया अभियान के तहत 90 लाख लोगों की डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, फैटी लिवर सहित विभिन्न रोगों की जाँच की गई है। अभियान को जारी रखते हुए शत प्रतिशत के लक्ष्य पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में एयर एम्बुलेंस के द्वारा रोगियों को उपचार उपलब्ध कराने के साथ ही अंग प्रत्यारोपण के लिए अंग उपलब्ध कराने का कार्य भी सफलता पूर्वक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अंगदान, देहदान करने वालों का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ होगा। उनके परिजनों को भी गणतंत्र एवं स्वतंत्रता दिवस पर सम्मानित करने की रूप-रेखा तैयार की गई है। प्रदेश में लिवर प्रत्यारोपण सुविधा की उपलब्धता के प्रयास भी किए जा रहे हैं। इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज के संचालक पद्म विभूषण डॉ. शिव कुमार सरीन ने हेल्दी लिवर को जिद बनाकर जीवन जीने की जरूरत बताई है। उन्होंने कहा कि फैटी लिवर के प्रीवेंशन गतिविधियों में भारत दुनिया में और मध्यप्रदेश देश में अंग्रणी है। उन्होंने स्वास्थ्य शिक्षा पर बल दिया। बताया कि फैटी लिवर के प्रारंभिक लक्षणों की जांच कमर का नाप, लम्बाई और वजन के अनुपात के आधार पर की जा सकती है। उन्होंने कहा कि लिवर को स्वस्थ बनाकर डायबिटीज, सहित अनेक रोगों को नियंत्रित किया जा सकता है। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव ने सौ दिवसीय नि:क्षय मित्र अभियान के दौरान 23 चिन्हित जिलों में टी.बी. की सवा 6 लाख से अधिक जाँचे की गई है। नए 22 हजार से अधिक रोगियों को उपचार उपलब्ध कराया गया है। अभियान में 18 हजार से अधिक नए नि:क्षय मित्रों के द्वारा 28 हजार से अधिक फूड बास्केट वितरित किए गए हैं। आर्थिक सहायता भी 30 हजार से अधिक को डी.बी.टी. के द्वारा दी गई है। अभियान को अब पूरे प्रदेश में विस्‍तारित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर अभियान का लक्ष्य “यकृत बचेगा, जीवन सजेगा” है। लगभग 2.5 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग की जाएगी। चुनौती का सामना जीवनचर्या में परिवर्तन के द्वारा किया जाएगा। टी.बी. चैम्पियन पुरस्कार से सम्मानित विदिशा की कु. अंजली दांगी, मंडला के ओम बैगा ने उनके अनुभव साझा किए। नि:क्षय मित्र गणमान्‍य नागरिक सम्मान से जबलपुर के मीनेष कुमार जैन को 300 फूड बास्केट वितरित करने और मंदसौर के विशाल गोयल को हेन्ड हेल्ड एक्सरे मशीन प्रदान करने के लिए सम्मानित किया गया। सौ दिवसीय नि:क्षय शिविर अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर छिंदवाड़ा, मंदसौर, नीमच, सीहोर और नरसिंहपुर के कलेक्टर एवं उनकी टीम को सम्मानित किया गया। लगातार 3 साल से टी.बी. मुक्त सर्वाधिक ग्राम पंचायते घोषित करने के लिए सिवनी और बैतूल जिले को, ग्राम पंचायत कन्हार गांव, जिला मंडला, ग्राम पंचायत पटवा, जिला बालाघाट, ग्राम पंचायत सावरवानी, जिला छिंदवाड़ा को सम्मानित किया गया। अभियान में सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत फूड बास्केट और उपकरणों में सहयोग के लिए आई.ओ.सी.एल., यूपिन, एन.पी.सी.आई.एल., ग्रीन. को. प्राईवेट लिमिटेड को सम्मानित किया गया। अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों, एस.टी.एस. उमेश शर्मा बरेली, जिला रायसेन, एस.टी.एल.एस. सिद्धेश शर्मा जिला अशोकनगर, लेब तकनीशियन सुसुषमा शर्मा, सी.एच.ओ. नरेन्द्र शर्मा विजयपुर, जिला श्योपुर, सी.एच.ओ. सुनिशा ए.ए.एम. … Read more

पाकिस्तान में पानी के लिए बहा खून! प्रदर्शनकारियों ने मंत्री का घर फूंका, पुलिस ने चलाई गोलियां

 सिंध प्रांत पाकिस्तान इस वक्त चौतरफा मुश्किलों से घिरा है जहां एक तरफ बलूचिस्तान में अस्थिरता है तो दूसरी तरफ उसका सिंध प्रांत भी जल रहा है. सिंध में लोग विवादित छह-नहर प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे हैं. इसी प्रोजेक्ट के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों ने सिंध के गृह मंत्री जियाउल हसन लंजर के नौशहरो फिरोज जिले में स्थित आवास पर धावा बोल दिया और आग लगा दी. प्रदर्शनकारियों ने संपत्ति की तोड़फोड़ की और घर के सामान को आग के हवाले कर दिया. प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे के पास मोरो शहर में स्थित मंत्री के आवास को निशाना बनाया और पास में खड़े दो ट्रेलरों को भी आग के हवाले कर दिया. इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों की झड़प में दो प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई और एक डीएसपी और छह अन्य पुलिसकर्मियों सहित एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए. चोलिस्तान नहर का मुद्दा पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के नेतृत्व वाली सिंध सरकार और केंद्र की शहबाज शरीफ सरकार के बीच विवाद का मुख्य मुद्दा बना हुआ है. पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार चोलिस्तान रेगिस्तान की सिंचाई के लिए सिंधु नदी पर छह नहरों के निर्माण की प्लानिंग कर रही थी. लेकिन पीपीपी और सिंध प्रांत के अन्य राजनीतिक दल इस प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे हैं. सरकारी सूत्रों के अनुसार, चोलिस्तान कैनल सिस्टम की अनुमानित लागत 211.4 अरब रुपये है और इस प्रोजेक्ट के जरिए हजारों एकड़ बंजर भूमि को खेती योग्य जमीन में बदलना था. प्रोजेक्ट के तहत 400,000 एकड़ जमीन पर खेती की योजना थी. लेकिन सिंध में इस प्रोजेक्ट का भारी विरोध हो रहा था जिसमें राजनीतिक दल, धार्मिक संगठन, एक्टिविस्ट्स और वकील शामिल थे. प्रोजेक्ट के खिलाफ पूरे सिंध में रैलियां और धरना प्रदर्शन किए गए. इसे देखते हुए पिछले महीने इस प्रोजेक्ट को कॉमन इंटरेस्ट्स काउंसिल (CCI) ने अस्वीकार कर दिया. सीसीआई की बैठक के बाद पाकिस्तान के पीएमओ की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया, 'सभी प्रांतों के बीच आपसी समझ और आम सहमति के बिना कोई भी नई नहर नहीं बनाई जाएगी… जब तक प्रांतों के बीच व्यापक समझौता नहीं हो जाता, तब तक केंद्र किसी भी योजना पर आगे नहीं बढ़ेगा.' सीसीआई के निर्णय के बावजूद, सिंध में प्रोजेक्ट के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी रहा और सरकार ने प्रदर्शनकारियों से इसे समाप्त करने का आग्रह किया. पीपीपी प्रमुख बिलावल भुट्टो मंत्री के आवास पर हमले को लेकर क्या बोले? पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने मंत्री के आवास पर हमले की कड़ी निंदा की है और इसे "आतंकवादी कृत्य" बताया है. उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन की आड़ में हिंसा फैलाने वालों ने अपनी दुर्भावनापूर्ण मंशा उजागर कर दी है. बिलावल भुट्टो ने सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आग्रह किया. गृह मंत्री के घर घुसे प्रदर्शनकारी वहीं मौत की जानकारी मिलने के बाद प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर हिंसक रूप धारण कर लिया और दो ट्रेलरों में आग लगा दी। उन्होंने सिंध के गृह मंत्री जियाउल हसन लंजर के घर में भी घुसकर तोड़फोड़ की और उसके कुछ हिस्सों में आग लगा दी, जबकि कुछ मोटरसाइकिलों को भी आग लगा दी गई।   recent visitors 49

अब चाइना की नई चाल, CPEC का विस्तार होगा अफगानिस्तान तक

बीजिंग/इस्लामाबाद चीन ने भारत के साथ तालिबान की बढ़ती करीबी को देखते हुए पाकिस्तान के साथ मिलकर नया दांव चला है। बीजिंग में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के विदेश मंत्रियों के साथ हुई मीटिंग के बाद चीन ने ऐलान किया है कि अब चाइना पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर का विस्तार अफगानिस्तान तक किया जाएगा। माना जा रहा है कि यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि पाकिस्तान के साथ भी अफगानिस्तान के रिश्तों को सुधारा जा सके। इसके अलावा अफगानिस्तान को भारत से दूर करने की कोशिश की जाए, जो आमतौर पर पाकिस्तान से दूरी बनाकर चलता रहा है। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में तालिबान के काबिज होने के बाद उम्मीद रखी थी कि उसका दखल बढ़ेगा, लेकिन तालिबान के राज में उसे झटका ही लगा है। ऐसे में अब चीन ने कमान संभाली है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार, चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ अफगानिस्तानी समकक्ष आमिर खान मुत्ताकी की मीटिंग थी। इस दौरान तय हुआ कि CPEC का विस्तार अफगानिस्तान तक होगा। इसके अलावा अब तीनों देशों की अगली मीटिंग भी अफगानिस्तान में ही करने का फैसला लिया गया है। तीन दिन के चीन दौरे पर गए पाकिस्तान के नेता ने इस दौरान भारत की ओर से चले ऑपरेशन सिंदूर के बारे में भी चीन को जानकारी दी। भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था, जिसमें पाकिस्तान और पीओके के 9 आतंकी ठिकाने ध्वस्त किए गए। भारतीय सेना का कहना है कि इस ऐक्शन में करीब 100 आतंकी मारे गए हैं। इशाक अहमद डार ने चीन और अफगानिस्तान के विदेश मंत्रियों के साथ तस्वीर साझा की है। इसके साथ ही लिखा कि चीन, अफगानिस्तान और पाकिस्तान क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और विकास के लिए साथ खड़े हैं। माना जा रहा है कि CPEC के विस्तार की एक वजह यह है कि अफगानिस्तान ने पिछले कुछ दिनों में चाबहार पोर्ट में दिलचस्पी दिखाई है। इस बंदरगाह का विकास भारत ने ईरान के साथ मिलकर किया है। ऐसे में अफगानिस्तान की भारत के साथ करीबी न बढ़े, इसके लिए चीन ने यह दांव चला है। तालिबान को मान्यता देने वाले देशों में अग्रणी था चीन गौरतलब है कि अफगानिस्तान पर तालिबान की सत्ता को मान्यता देने वाले देशों में चीन सबसे आगे था। लेकिन भारत के साथ तालिबान के रिश्ते सुधरने के बाद से चीन ने फिर से करीबी बढ़ाई है। बता दें कि CPEC का एक हिस्सा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से होकर गुजरता है, जिस पर भारत को आपत्ति है। इसी के चलते भारत ने चीन के बेल्ट ऐंड रोड इनिशिएटिव में शामिल होने से इनकार किया था। उसकी BRI योजना का ही एक हिस्सा CPEC भी है। recent visitors 49

युक्तियुक्तकरण : स्कूलों और शिक्षकों की व्यवस्था को इस तरह से सुधारना की छात्र-शिक्षक अनुपात संतुलित हो

रायपुर, छत्तीसगढ़ में स्कूली शिक्षा की व्यवस्था को बेहतर और ज्यादा प्रभावशाली बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया शुरू की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह है कि जहां जरूरत है वहां शिक्षक उपलब्ध हों और बच्चों को अच्छी शिक्षा, बेहतर शैक्षणिक वातावरण और बेहतर सुविधाएं मिल सकें। युक्तियुक्तकरण का मतलब है स्कूलों और शिक्षकों की व्यवस्था को इस तरह से सुधारना कि सभी स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात संतुलित हो और कोई भी स्कूल बिना शिक्षक के न रहे। वास्तविक स्थिति क्या है? राज्य की 30,700 प्राथमिक शालाओं में औसतन 21.84 बच्चे प्रति शिक्षक हैं और 13,149 पूर्व माध्यमिक शालाओं में 26.2 बच्चे प्रति शिक्षक हैं, जो कि राष्ट्रीय औसत से कहीं बेहतर है। हालांकि 212 प्राथमिक स्कूल अभी भी शिक्षक विहीन हैं और 6,872 प्राथमिक स्कूलों में केवल एक ही शिक्षक कार्यरत है। पूर्व माध्यमिक स्तर पर 48 स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं और 255 स्कूलों में केवल एक शिक्षक है। 362 स्कूल ऐसे भी हैं जहां शिक्षक तो हैं, लेकिन एक भी छात्र नहीं है। इसी तरह शहरी क्षेत्र में 527 स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात 10 या उससे कम है। 1,106 स्कूलों में यह अनुपात 11 से 20 के बीच है। 837 स्कूलों में यह अनुपात 21 से 30 के बीच है। लेकिन 245 स्कूलों में यह अनुपात 40 या उससे भी ज्यादा है, यानी छात्रों की दर्ज संख्या के अनुपात में शिक्षक कम हैं। युक्तियुक्तकरण के क्या होंगे फायदे? जिन स्कूलों में ज्यादा शिक्षक हैं लेकिन छात्र नहीं, वहां से शिक्षकों को निकालकर उन स्कूलों में भेजा जाएगा जहां शिक्षक नहीं हैं। इससे शिक्षक विहीन और एकल शिक्षक वाले स्कूलों की समस्या दूर होगी। स्कूल संचालन का खर्च भी कम होगा और संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा। एक ही परिसर में ज्यादा कक्षाएं और सुविधाएं मिलने से बच्चों को बार-बार एडमिशन लेने की जरूरत नहीं होगी। यानी एक ही परिसर में संचालित प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल संचालित होंगे तो प्राथमिक कक्षाएं पास करने के बाद विद्यार्थियों को आगे की कक्षाओं में एडमिशन कराने की प्रक्रिया से छुटकारा मिल जाएगा। इससे बच्चों को पढ़ाई में निरंतरता बनी रहेगी। बच्चों के स्कूल छोड़ने की दर (ड्रॉपआउट रेट) भी घटेगी। अच्छी बिल्डिंग, लैब, लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं एक ही जगह देना आसान होगा।   शिक्षा विभाग ने कतिपय शैक्षिक संगठनों द्वारा युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पर उठाए गए भ्रामक सवालों के संबंध में स्पष्ट किया है कि युक्तियुक्तकरण का मकसद किसी स्कूल को बंद करना नहीं है बल्कि उसे बेहतर बनाना है। यह निर्णय बच्चों के हित में, और शिक्षकों की बेहतर तैनाती के लिए लिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल राज्य की शिक्षा व्यवस्था को ज्यादा सशक्त और संतुलित बनाएगी। युक्तियुक्तकरण से न सिर्फ शिक्षकों का समुचित उपयोग होगा, बल्कि बच्चों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा भी मिल सकेगी। recent visitors 61

मारा गया डेढ़ करोड़ का इनामी बसवा राजू, इंजीनियरिंग की डिग्री, गुरिल्ला युद्ध में महारथ

अबूझमाड़ छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ लगातार सुरक्षाबलों की तरफ से ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में 27 नक्सली मारे गए । मिली जानकारी के मुताबिक अबूझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई जिसमें  27 नक्सलियों को सुरक्षाबलों ने ढेर कर दिया है। वहीं इस मुठभेड़ में एक जवान बलिदान और एक जवान के घायल होने की भी खबर है। नारायणपुर और बीजापुर इलाके में नक्सलियों पर सुरक्षाबलों के जवान आज प्रलय बनकर टूटे। नक्सलियों के खिलाफ इस एक्शन में वसव राजू के मारे जाने की खबर है। जानकारी के मुताबिक नक्सल संगठन का जनरल सेक्रेटरी वसव राजू भी मारा गया है। वसव राजू कुख्यात नक्सली रहा है उसके ऊपर डेढ़ करोड़ का इनाम है। जानें कौन था बसव राजू जानकारी के मुताबिक 2018 में बसव राजू को नक्सल संगठन की कमान सौंपी गई थी। बसवा राजू का असली नाम नंबाला केशव राव है। उसे गगन्ना, प्रकाश और बीआर के नाम से भी जाना जाता है। उसके पिता का नाम वासुदेव राव है और  वह काफी उम्रदराज है। उसकी उम्र करीब 75 साल के आसपास बताई जा रही है। उसने बीटेक की पढ़ाई की थी वह आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम का रहने वाला था। वसवा राजू खूंखार नक्सली था वह भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) का सीनियर कैडर था और दक्षिण बस्तर डिवीजनल कमेटी का चीफ था। राजू छत्तीसगढ़, ओडिशा से लेकर आंध्र प्रदेश की सीमाओं पर सक्रिय था।  बसवा राजू का आपराधिक रिकॉर्ड नक्सली राजू कई नक्सली हमलों को अंजाम दे चुका था। इनमें पुलिसकर्मियों और नागरिकों की हत्या, खनन कंपनियों से उगाही और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाना शामिल है। सबसे बड़ा हमला सुकमा और देंतेवाड़ा नक्सली हमला था। 2010 के दंतेवाड़ा हमले में 75 सीआरपीएफ जवान शहीद हुए थे। इसमें उसका ही हाथ था।   विस अध्यक्ष रमन सिंह ने दी बधाई नारायणपुर में चल रहे ऑपरेशन में मारे गए 26 नक्सलियों पर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि मैं इस बड़े ऑपरेशन के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस को उनकी सफलता के लिए बधाई देता हूं। इस ऑपरेशन में एक पुलिसकर्मी के घायल होने के अलावा किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। मैं केंद्रीय गृह मंत्री, मुख्यमंत्री और विजय शर्मा जी को भी बधाई देता हूं।   सीएम साय ने भी जवानों को दी बधाई सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि नक्सल मोर्चे पर लगातार कामयाबी मिल रही है। 27 से ज्यादा नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। इस सफल ऑपरेशन के लिये उन्होंने जवानों को बधाई दी है। गढ़चिरौली में 36 लाख की इनामी पांच महिला माओवादी गिरफ्तार छत्तीसगढ़ की सीमा से सटे महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में पुलिस और सीआरपीएफ ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए पांच माओवादियों को गिरफ्तार किया है। इन पर महाराष्ट्र सरकार ने 36 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। गढ़चिरौली पुलिस अधीक्षक नीलोत्पल ने बताया कि टीसीओसी अवधि के दौरान पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई में पकड़े गए माओवादियों में एक डिवीजनल कमेटी मेंबर, एक एरिया कमेटी मेंबर और तीन प्लाटून सदस्य शामिल हैं। पुलिस ने तीन माओवादियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अन्य नाबालिग होने के संदेह में हिरासत में लेकर उन्हें बाल न्यायालय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया है। गिरफ्तार माओवादियों की पहचान उंगी मंगरू होयम उर्फ सुमली डीवीसएम, प्लाटून 32), पल्लवी केसा मीडियम उर्फ बंडी एसीएम, प्लाटून 32 और देवे कोसा पोडियाम उर्फ सबिता प्लाटून सदस्य के रूप में हुई है। ये सभी बीजापुर की रहने वाली हैं। दो अन्य माओवादी सदस्यों की उम्र संबंधी पुष्टि न होने पर उन्हें बाल न्यायालय बोर्ड में पेश किया है। उंगी मंगरू होयम पर 16 लाख, पल्लवी केसा मीडियम पर आठ लाख, देवे कोसा पोडियाम पर चार लाख और अन्य दो पर कुल आठ लाख रुपये का इनाम घोषित था। घात लगाने की फिराक में थे माओवादी गुप्त सूचना के आधार पर गढ़चिरौली पुलिस और सी-60 कमांडो टीम ने लाहेरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत बिनगुंडा गांव में 50 से 60 माओवादियों के एकत्र होने की खबर पर 18 मई को सर्च आपरेशन चलाया। 19 मई को सी-60 कमांडो दस्ते ने गांव को घेरते हुए तलाशी शुरू की और पांच माओवादियों को बिना किसी मुठभेड़ के हिरासत में ले लिया। हथियार बरामद माओवादियों से सुरक्षा बलों ने एक स्वचलित एसएलआर, एक 303 रायफल, तीन सिंगल शाट रायफल, दो भरमार बंदूकें, तीन वाकी-टाकी सेट और नक्सल साहित्य सहित अन्य सामग्री बरामद की है। तीन वर्षों में 103 गिरफ्तारी पुलिस के अनुसार,सभी पांच माओवादी सुरक्षाबलों पर हमलों समेत कई गंभीर वारदातों में शामिल रहे हैं। गढ़चिरौली पुलिस ने जनवरी 2022 से अब तक कुल 103 माओवादियों को गिरफ्तार किया है, जो नक्सल नेटवर्क को कमजोर करने की दिशा में बड़ी सफलता मानी जा रही है।   recent visitors 36

छत्तीसगढ़ में तीन दिन तक आएगा तूफान; बारिश का अलर्ट

रायपुर  छत्तीसगढ़ में प्री मानसून की गतिविधियां और तेज हो गई है। इसी के चलते मौसम का मिजाज अगले कुछ दिनों तक बदला रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार आज 21 मई से अगले तीन दिनों तक प्रदेश के कई क्षेत्रों में मध्यम बारिश (CG Storm Alert) के साथ तेज तूफान आने की संभावना है। तूफानी हवाओं की गति करीब 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है। इसी के साथ ही बारिश के आसार हैं। अगले 24 घंटों में तापमान में खास बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट संभावित है। यह गिरावट लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत दे सकती है। पिछले 24 घंटों में कैसा रहा मौसम? पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश रिकॉर्ड की गई। मरवाही और भैरमगढ़ में 3 सेमी, कापू में 2 सेमी, और सिमगा में 1 सेमी बारिश दर्ज की गई। राज्य में सबसे अधिक (CG Storm Alert) अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस जगदलपुर में, और सबसे कम न्यूनतम तापमान 23.7 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज किया गया। इस वजह से छत्‍तीसगढ़ में तूफान का असर मौसम की यह अस्थिरता वर्तमान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ, पूर्व-पश्चिम द्रोणिका, तथा दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन की तैयारी से जुड़ी हुई है। केरल और बंगाल की खाड़ी में मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल स्थितियाँ बन रही हैं। रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम 21 मई को रायपुर में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान लगभग 41 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री के आसपास रह सकता है। अगले दो दिनों के लिए चेतावनी जारी प्रदेश के कुछ इलाकों में मेघ गर्जन, बिजली चमकने और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की सलाह पर ध्यान देने की आवश्यकता है। recent visitors 36