CG में ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ी,क्योंकि 21 मई से 9 ट्रेनें कैंसिल रहेगी

बिलासपुर रायपुर रेल मंडल के अप व मिडिल लाइन पर एलसी नंबर 378 निपनिया यार्ड ईस्ट एंड पर रिलिविंग गर्डर की डी-लांचिंग की जाएगी। इस कार्य को पूरा करने के लिए मंगलवार व 21 मई की रात में 21:30 बजे से 1:30 बजे तक अप लाइन पर चार बजे यातायात सह विद्युत ब्लाक 12:55 बजे तक अप और मिडिल लाइन पर रहेगा। अधोसंरचना से जुड़े इस महत्वपूर्ण को पूरा करने के लिए ट्रेनों का परिचालन भी रोका जा रहा है। रेलवे के अनुसार ब्लाक की वजह से 21 मई को 58201 बिलासपुर-रायपुर पैसेंजर और 58207 रायपुर-जूनागढ़ रोड पैसेंजर ट्रेन रद रहेगी। वहीं 22 मई को 58208 जूनागढ़ रोड-रायपुर पैसेंजर व 58204 रायपुर-कोरबा पैसेंजर ट्रेन रद रहेगी। दैनिक यात्रियों के लिए दोनों ट्रेनें महत्वपूर्ण हैं। ब्लाक का समय रेल प्रशासन ने आधी रात का चयन किया है, ताकि एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन बाधित न हो। 12 दिन अलग-अलग तिथियों में रद रहेगी टाटानगर-इतवारी एक्सप्रेस दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर रेल मंडल अंतर्गत गामहारीया व सीनी सेक्शन में अधोसंरचना का कार्य टीआरटी मशीन से करने मेगा ब्लाक लिया जाएगा। इसके चलते ट्रेनें भी रद रहेंगी। रद ट्रेनों में 18109/18110 टाटानगर-नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) एक्सप्रेस शामिल है। यात्रियों को इस ट्रेन की सुविधा 21, 24, 28, 31 मई व 4, 7, 11, 14, 18, 21, 25 तथा 28 जून को नहीं मिलेगी। इसी तरह 21 मई व 4, 11, 18, तथा 25 जून को टाटानगर से रवाना होने वाली 18113 टाटानगर-बिलासपुर एक्सप्रेस रद रहेगी। वहीं 22 मई व 5, 12, 19 व 26 जून को बिलासपुर से रवाना होने वाली संख्या 18114 बिलासपुर-टाटानगर एक्सप्रेस भी नहीं चलेगी। इन ट्रेनों का बदलेगा रेलमार्ग 20, 27 मई व 3, 10, 17 व 24 जून को पुरी से रवाना होने वाली 18477 पुरी-योग नगरी ऋषिकेश उत्कल एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग व्हाया कटक-संबलपुर सिटी-झारसुगुड़ा रोड-ईब के रास्ते चलेगी चलेगी। इसी तरह 22 मई एवं 1, 8, 15, 22 व 29 जून भी 18478 योग नगरी ऋषिकेश-पुरी उत्कल एक्सप्रेस इसी परिवर्तित मार्ग गंतव्य तक पहुंचेगी। 20 व 27 मई और 3, 10, 17 व 24 जून को 13288 आरा-दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग व्हाया कान्ड्रा-सीनी (टाटानगर छोड़कर) के रास्ते चलेगी। इसके अलावा 24 व 31 मई एवं 7, 14, 21 व 28 जून को दुर्ग से रवाना होने वाली 13287 दुर्ग-आरा साउथ बिहार एक्सप्रेस भी इसी मार्ग से चलेगी। recent visitors 51

वक्फ इस्लाम का गैर जरूरी हिस्सा! सिर्फ दान है, सुप्रीम कोर्ट में सरकार की दलील

नई दिल्ली  केंद्र सरकार ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में वक्फ पर बहस के दौरान एक अहम बात कही। सरकार ने कहा कि वक्फ, जो कि एक इस्लामिक अवधारणा है, इस्लाम का जरूरी हिस्सा नहीं है। इसलिए इसे संविधान के तहत मौलिक अधिकार के तौर पर नहीं माना जा सकता। सरकार वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं के जवाब में यह बात कह रही है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि जब तक यह साबित नहीं हो जाता कि वक्फ इस्लाम का जरूरी हिस्सा है, तब तक बाकी तर्क बेकार हैं। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, जो केंद्र सरकार की तरफ से पेश हुए, उन्होंने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वक्फ को मौलिक अधिकार नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि जब तक यह साबित नहीं हो जाता कि वक्फ इस्लाम का एक जरूरी हिस्सा है, तब तक इस पर कोई दावा नहीं किया जा सकता। लाइव लॉ के अनुसार, मेहता ने कहा, 'वक्फ एक इस्लामिक अवधारणा है, इस पर कोई विवाद नहीं है, लेकिन जब तक यह नहीं दिखाया जाता कि वक्फ इस्लाम का एक अनिवार्य हिस्सा है, तब तक बाकी सभी तर्क बेकार हैं।' मेहता ने अधिनियम का बचाव करते हुए अपनी बात शुरू की। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को सरकारी जमीन पर दावा करने का अधिकार नहीं है। भले ही उसे 'वक्फ बाय यूजर' सिद्धांत के तहत वक्फ के रूप में कैटगराइज किया गया हो। 'वक्फ बाय यूजर' का मतलब है कि अगर कोई जमीन लंबे समय से धार्मिक या दान के काम के लिए इस्तेमाल हो रही है, तो उसे वक्फ घोषित कर दिया जाता है। मेहता ने साफ कहा, 'किसी को भी सरकारी जमीन पर अधिकार नहीं है।' उन्होंने एक पुराने फैसले का हवाला देते हुए कहा कि अगर कोई संपत्ति सरकार की है और उसे वक्फ घोषित कर दिया गया है, तो सरकार उसे बचा सकती है। सॉलिसिटर जनरल ने आगे कहा, 'वक्फ बाय यूजर मौलिक अधिकार नहीं है, इसे कानून द्वारा मान्यता दी गई थी। फैसले में कहा गया है कि अगर कोई अधिकार विधायी नीति के रूप में दिया गया है, तो उस अधिकार को हमेशा वापस लिया जा सकता है।' मंगलवार को याचिकाकर्ताओं की तरफ से सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल, अभिषेक मनु सिंघवी और राजीव धवन ने दलीलें दीं. आज केंद्र का पक्ष रखने के लिए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए. मुख्य न्यायाधीश भूषण रामाकृष्ण गवई और जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की बेंच के सामने एसजी तुषार मेहता ने याचिकाकर्ताओं की उस आपत्ति पर जवाब दिया, जिसमें कहा गया कि नया वक्फ कानून संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 का उल्लंघन करता है. बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार एसजी तुषार मेहता ने कहा, 'जब तक मैंने रिसर्च नहीं की थी तब तक मुझे इस्लाम धर्म के इस हिस्से के बारे में नहीं पता था कि वक्फ इस्लामिक अवधारणा है, लेकिन यह इस्लाम का जरूरी हिस्सा नहीं है.' उन्होंने कहा कि चैरिटी का कॉन्सेप्ट हर धर्म में मौजूद है. ईसाई धर्म में भी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट कहता है कि किसी के लिए भी यह जरूरी नहीं है. एसजी तुषार मेहता ने कहा कि हिंदुओं में भी दान देने जैसी चीजें हैं और सिख धर्म में भी ऐसा ही है, लेकिन किसी भी धर्म में इसे जरूरी नहीं बताया गया है. एसजी मेहता ने कहा कि अगर मान लें कि मुस्लिम समुदाय के ज्यादातर लोगों की फाइनेंशियल स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं है और वह वक्फ नहीं कर पाते हैं, तो क्या वह मुस्लिम नहीं होंगे. यह सुप्रीम कोर्ट की ओर से किया गया एक परीक्षण है, ये निर्धारित करने के लिए कि कोई प्रथा आवश्यक धार्मिक प्रथा है या नहीं. उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म में चैरिटी करना जरूरी नहीं है, इसी तरह इस्लाम में वक्फ है. एसजी तुषार मेहता ने कहा कि वक्फ बाय यूजर मौलिक अधिकार नहीं है. इसे 1954 में कानून द्वारा मान्यता दी गई थी और उससे पहले बंगाल एक्ट में. उन्होंने एक फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि अगर कोई अधिकार विधायी नीति के रूप में कानून द्वारा प्रदान किया गया है, तो उसे राज्य द्वारा हमेशा के लिए छीना जा सकता है. recent visitors 45

मुख्यमंत्री को अचानक गांव में हेलीकॉप्टर से उतरते देख ग्रामीणों में खुशी और उत्सुकता की लहर दौड़ गई

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का हेलीकॉप्टर आज जनपद पंचायत शंकरगढ़ के ग्राम पंचायत हरगवां स्थित ढोढ़रीखाला (नवापारा) पारा में उतरा। मुख्यमंत्री का यह दौरा ‘सुशासन तिहार’ कार्यक्रम के तहत औचक निरीक्षण के रूप में रहा। मुख्यमंत्री को अचानक गांव में हेलीकॉप्टर से उतरते देख ग्रामीणों में खुशी और उत्सुकता की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में लोग चौपर देखने दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। महिलाओं ने मुख्यमंत्री साय का पांव पखार उन्हें टीका लगाया और सरई पत्ते की माला पहनाई। स्वागत गीत भी गाया गया। हरगवां गांव आदिवासी बहुल क्षेत्र है और यहां पहाड़ी कोरवा विशेष पिछड़ी जनजाति के लोग निवास करते हैं। मुख्यमंत्री साय ने ढोढ़रीखाला पारा में कटहल, आम और महुआ के पेड़ के नीचे चौपाल लगाई। चौपाल में मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने खुलकर अपनी बातें रखीं। एक महिला ने पानी की समस्या बताई, जिस पर मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से वास्तविक जानकारी ली। इसी तरह, बेलसर गांव की श्रीमती दीपू बघेल ने वन भूमि पट्टा पर खेती न कर पाने की बात बताई। मुख्यमंत्री ने इस पर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग को तत्काल जांच कर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से पूछा कि सरकार की योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं, पटवारी गांव में आते हैं या नहीं और राजस्व संबंधी कोई समस्या तो नहीं है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत ढोढ़रीखाला पारा में स्वीकृत 19 आवासों में से 16 आवास पूरे हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में भी जानकारी ली और ग्रामीणों से योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति पर चर्चा की। मुख्यमंत्री साय के साथ मुख्य सचिव अमिताभ जैन और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री के पहुंचने की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक भी मौके पर पहुंचे। recent visitors 55

जून 2026 तक 1 लाख का हो जाएगा सेंसेक्स- मॉर्गन स्टेनली

मुंबई भारतीय शेयर बाजार में आज बुधवार को जबरदस्त खरीदारी देखी गई। सेंसेक्स और निफ्टी में पिछले सेशन में भारी गिरावट के बाद बुधवार को शुरुआती सौदों के बाद इनमें तेजी देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स कारोबार के दौरान 800 से अंकों तक उछल गया था। इस बीच, ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली की दिल खुश करने वाली एक रिपोर्ट सामने आई है। मॉर्गन स्टेनली ने की लेटेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक, अगले एक साल में सेंसेक्स 1 लाख के एतिहासिक आंकड़े को टच कर सकता है। जून 2026 तक 1 लाख का हो जाएगा सेंसेक्स! मॉर्गन स्टेनली की रिपोर्ट के अनुसार, शेयर बाजार हाल में आई की गिरावट लंबी अवधि में निवेश करने का एक आकर्षक अवसर लेकर आया है। मॉर्गन स्टेनली ने जून 2026 के लिए अपने बेस केस सेंसेक्स टारगेट को रिवाइज किया है। लेटेस्ट रिपोर्ट में ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म ने भविष्यवाणी की है कि बुल केस आउटलुक के तहत इंडेक्स 1,00,000 अंक तक पहुंच जाएगा। जून 2026 तक सेंसेक्स बेस केस टारगेट 89,000 तय किया है, जो वर्तमान स्तरों से 8% की बढ़ोतरी को दिखाता है। ब्रोकरेज फर्म ने क्या कहा? बुल केस में मॉर्गन स्टेनली ने अधिक अनुकूल मैक्रो और नीतिगत माहौल की कल्पना की है, जिससे जून 2026 तक सेंसेक्स 1,00,000 तक पहुंच जाएगा। वहीं, बेस केस आउटलुक में, ब्रोकरेज का अनुमान है कि जून 2026 तक सेंसेक्स 89,000 तक पहुंच जाएगा।मॉर्गन स्टेनली के इक्विटी स्ट्रैटेजिस्ट रिधम देसाई और नयनत पारेख ने कहा, "सेंसेक्स के लिए हमारा नया टारगेट जून 2026 तक 89,000 (8% अपसाइड) है, जो हमारे नए आय अनुमानों में शामिल है और दिसंबर 2025 के टारगेट 82,000 से भी आगे है।" यह स्तर बताता है कि बीएसई सेंसेक्स 23.5x के ट्रेलिंग पी/ई मल्टीपल पर कारोबार करेगा, जो 25 साल के औसत 21x से आगे है। 70,000 तक गिरेगा बाजार? इसके अलावा, मॉर्गन स्टेनली ने अपने मंदी के मामले में 20% संभावना बताई है, जिसमें जून 2026 तक सेंसेक्स 70,000 तक गिर जाएगा। इस आउटलुक में कच्चे तेल की कीमतों में 100 डॉलर प्रति बैरल से अधिक की तेज बढ़ोतरी मानी गई है, जिसके कारण आरबीआई द्वारा आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के लिए मौद्रिक सख्ती की जाएगी। इसमें अमेरिका में मंदी सहित वैश्विक विकास में महत्वपूर्ण मंदी को भी शामिल किया गया है। इन परिस्थितियों में, वित्त वर्ष 28 तक आय वृद्धि में सालाना 15% की कमी आने की उम्मीद है, जिसमें वित्त वर्ष 26 में गिरावट आएगी। बिगड़ते मैक्रो फंडामेंटल के जवाब में इक्विटी वैल्यूएशन में भी कमी आने की संभावना है। recent visitors 61

मुख्यमंत्री अचानक पहुंचे दोकड़ा के समाधान शिविर में

रायपुर प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का हेलीकॉप्टर आज जशपुर जिले के ग्राम दोकड़ा में अचानक उतरा और वे वहां आयोजित समाधान शिविर में शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर दोकडा में कालेज और मिनी स्टेडियम की घोषणा की। उन्होंने वहां के प्राथमिकता स्वास्थ्य केन्द्र, वनवासी कल्याण आश्रम के उन्नयन, के साथ ही डोरियामुडा जलाशय का सौन्दर्यकरण कराए जााने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने मंगल भवन के जिर्णाेद्धार के लिए 20 लाख और शिव मंदिर परिसर का जीर्णाेद्धार कराए जाने की भी मंजूरी दी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने समाधान शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से हम लोग गांव-गांव पहुंच रहे हैैंं। उन्होंने कहा कि पीएम आवास योजना के सर्वे सूची में जितने भी हितग्राहियों का नाम है सभी को पीएम आवास स्वीकृत किया जाएगा। पिछले डेढ़ वर्षों में मोदी जी की अधिकांश गारंटी को हमारी सरकार ने पूरा किया है। सुशासन तिहार के दौरान पीएम आवास योजना के हितग्राहियों को नए आवास स्वीकृति के साथ ही पूर्ण हो चुके गए पीएम आवासों की चाँबी सौंपकर उन्हें गृह प्रवेश कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सशासन तिहार के अंतर्गत शिविर के माध्यम से लोगों की समस्याओं और मांगों का समाधान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गांव में लोगों को ऑनलाईन तथा बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केन्द्र खोला गया है इन केंद्रों के माध्यम से ऑनलाइन विभिन्न प्रकार के दस्तावेज प्राप्त करने और राशि के लेन-देन की सुविधा ग्रामीणों को मिलने लगी है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी पत्नी श्रीमती कौशल्या साय, सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने समाधान शिविर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभान्वित हितग्राहियों को गृह प्रवेश के लिए घर की चाबी तथा नए आवास निर्माण के लिए स्वीकृति पत्र, हितग्राहियों को मुद्रा लोन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, नए राशन कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड, मछली जाल और आईस बाक्स, मनरेगा जाब कार्ड, वालीबॉल और क्रिकेट खिलाड़ियों को किट प्रदान किए। उन्होंने इस मौके पर हायर सेकेण्डरी और हाईस्कूल के बोर्ड परीक्षा में मेरिट लिस्ट में आने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया। recent visitors 37

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज सुशासन तिहार के अतंर्गत जशपुर जिले के कांसाबेल विकासखंड के ग्राम दोकड़ा पहुंचे

रायपुर मुख्यमंत्री की धर्म पत्नी श्रीमती कौशल्या साय,  सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष  और पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह समाधान शिविर में उपस्थित हैं। recent visitors 35

प्राइवेट वोल्वो बस बनी आग का गोला, बाल- बाल बची 60 यात्रियों की जान

अलीगढ़ यूपी के अलीगढ़ में बिल्हौर से हरियाणा के पानीपत जा रही एक प्राइवेट वोल्वो बस मंगलवार को सासनी गेट क्षेत्र में मथुरा हाईवे बाईपास पर अचानक आग का गोला बन गई. बस में उस समय लगभग 60 यात्री सवार थे. जानकारी के अनुसार, बस चालक ने इंजन में खराबी आने के बावजूद बस को चलाना जारी रखा, जिससे बस में भीषण आग लग गई. आग लगते ही चालक और परिचालक मौके से फरार हो गए. सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया. सभी यात्री समय रहते बस से बाहर निकल गए और सुरक्षित हैं. प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और प्रथम दृष्टया चालक की लापरवाही आग का कारण मानी जा रही है. एआरटीओ प्रवर्तन ने भी मौके का निरीक्षण कर दस्तावेजों की जांच की है. एआरटीओ प्रवर्तन वंदना सिंह ने बस की फिटनेस और दस्तावेजों की जांच की. उन्होंने कहा कि आग लगने के कारणों की जांच यात्रियों के बयान लेकर की जाएगी और आगे की कार्रवाई की जाएगी. recent visitors 51