चाचा ससुर के साथ भागी दो बच्चों की मां… परेशान पति ने किया ये बड़ा एलान; पीड़ित ने खुद बताई पूरी कहानी

  इटावा उत्तर प्रदेश में रिश्तों के रिवर्स गियर ने फिर से चौका दिया है. कुछ दिनों पहले जहां अलीगढ़ में सास-दामाद के प्यार के चर्चे मीडिया के चर्चों में थे तो अब इटावा ने भी रिश्तों की लाज को बाय-बाय बोल दिया. यहां बहू अपने दो बच्चों को लेकर ससुर के साथ फरार हो गई, और जाते-जाते पति के पास रहने को एक बेटा छोड़ गई. ग्राम पूरनपुरा निवासी जितेंद्र कुमार, जो पेशे से टैक्सी चालक हैं, ने वर्ष 2014 में विवाह किया था. पति-पत्नी के तीन संतानें हैं. एक बेटा और दो बेटियां. बीती 3 अप्रैल को जब जितेंद्र कार लेकर कानपुर गया हुआ था, उसी दौरान उसकी पत्नी दोनों बेटियों को लेकर घर से चली गई. साथ में परिवार के ही एक सदस्य, चाचा ससुर नन्दराम का भी घर से गायब होना सामने आया है. लगातार एक महीने तक महिला और बच्चों की तलाश करने के बाद भी कोई सुराग नहीं लगा, जिसके बाद जितेंद्र और उसके पिता श्याम किशोर ने थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई. जब वहां से भी कोई ठोस जानकारी नहीं मिली, तो उन्होंने बच्चों को वापस लाने वाले को ₹20,000 इनाम देने की घोषणा कर दी. जितेंद्र के पिता श्याम किशोर का कहना है कि उनकी बड़ी बहू, परिवार के ही छोटे भाई नन्दराम के साथ घर छोड़कर चली गई है. बहू अपने बेटे को घर में ही छोड़ गई है और बेटियों को अपने साथ ले गई है. उन्होंने मांग की है कि बच्चों को परिवार को वापस दिलाया जाए. वहीं, पीड़ित पति जितेंद्र का आरोप है कि नन्दराम, जो चाचा ससुर लगते हैं, अक्सर घर आया-जाया करते थे और इसी नजदीकी का लाभ उठाते हुए वह पत्नी को अपने साथ ले गया. इस पूरे मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए कहा कि यह थाना ऊसराहार क्षेत्र के भरथियापुर चौकी का मामला है. महिला की गुमशुदगी दर्ज की गई थी और जांच के बाद पता चला कि वह अपने ही रिश्तेदार के साथ गई है. इस आधार पर विधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. जल्द ही महिला और बच्चों की बरामदगी कर ली जाएगी तथा दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. recent visitors 47

26 मई को वट सावित्री व्रत, नोट कर लें पूजा का शुभ मुहूर्त और पूजन विधि

ज्येष्ठ महीने की अमावस्या तिथि के दिन वट सावित्री व्रत (Vat Savitri Vrat 2025) को सुहागिन महिलाएं करती हैं। सनातन धर्म में इस पर्व का विशेष महत्व है। इस दिन बरगद के पेड़ की पूजा-अर्चना करने का विधान है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, बरगद के पेड़ में ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास होता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि कब और कैसे करें वट सावित्री व्रत। वट सावित्री व्रत 2025 डेट और शुभ मुहूर्त वैदिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि 26 मई को 12 बजकर 11 मिनट से शुरू होगी और अगले दिन यानी 27 मई को सुबह 08 बजकर 31 मिनट पर तिथि का समापन होगा। ऐसे में 26 मई को वट सावित्री व्रत किया जाएगा। इसी दिन सोमवती अमावस्या मनाई जाएगी। वट सावित्री व्रत का धार्मिक महत्व वैदिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर वट सावित्री व्रत किया जाता है। इस पर्व के आने का सुहागिन महिलाएं बेसब्री से इंतजार करती हैं। इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु के लिए बरगद के पेड़ की पूजा-अर्चना करती हैं। साथ ही व्रत रखती हैं। इस व्रत को करने से वैवाहिक जीवन में सुख और शांति का आगमन होता है। वट सावित्री व्रत विधि इस दिन सुबह उठकर स्नान करें और सूर्य देव को अर्घ्य दें। इसके बाद बड़गड़ के पेड़ के नीचे सावित्री और सत्यवान की प्रतिमा को विराजमान करें। पेड़ पर जल अर्पित करें और फूल और मिठाई समेत आदि चीजें चढ़ाएं। इसके बाद दीपक जलाकर आरती करें। रोली बांधते हुए पेड़ की सच्चे मन से परिक्रमा लगाएं। वट सावित्री व्रत की कथा का पाठ करें। इसके बाद वैवाहिक जीवन में सुख और शांति की प्राप्ति के लिए कामना करें। इस व्रत में अन्न और जल का त्याग किया जाता है। recent visitors 58

लंबित मामलों पर चिंता जताते हुए वकीलों पर गंभीर आरोप लगाए, काम वकील नहीं करना चाहते, दोष हम पर आता है: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली बीते 14 मई सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ लेने वाले जस्टिस बी आर गवई ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों पर चिंता जताते हुए वकीलों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। CJI गवई ने कहा है कि वकील छुट्टियों के दौरान काम नहीं करना चाहते हैं, लेकिन लंबित मामलों के लिए कोर्ट को दोषी ठहराया जाता है। बता दें कि मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ उस समय भड़क गई, जब एक वकील ने याचिका को गर्मी की छुट्टियों के बाद सूचीबद्ध करने की अपील की। इस दौरान CJI गवई ने कहा, "पांच न्यायाधीश छुट्टियों के दौरान बैठ रहे हैं और काम करना जारी रख रहे हैं, फिर भी लंबित मामलों के लिए हमें दोषी ठहराया जाता है। असल में वकील ही छुट्टियों के दौरान काम नहीं करना चाहते हैं।" गौरतलब है कि हाल ही में शीर्ष अदालत ने एक अधिसूचना जारी की है जिसके तहत जजों की पीठ आगामी ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान काम भी करेंगी। 26 मई से 13 जुलाई तक चलने वाली अवधि को "पार्शियल कोर्ट वर्किंग डेज" का नाम दिया गया है। इन आंशिक न्यायालय कार्य दिवसों के दौरान दो से पांच वेकेशन बेंच बैठेंगी। वहीं मुख्य न्यायधीश सहित सुप्रीम कोर्ट के शीर्ष पांच जज भी इस अवधि के दौरान अदालतें लगाएंगे। 26 मई से 1 जून तक सीजेआई गवई, जरिए सूर्यकांत, जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस जे के माहेश्वरी और जस्टिस बी वी नागरत्ना क्रमशः पांच पीठों का नेतृत्व करेंगे। इस अवधि के दौरान शीर्ष अदालत की रजिस्ट्री सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक खुली रहेगी। रजिस्ट्री सभी शनिवार (12 जुलाई को छोड़कर), रविवार और सार्वजनिक छुट्टियों पर बंद रहेगी। बता दें कि पहले की प्रथा के मुताबिक ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान सिर्फ दो अवकाश पीठ ही हुआ करती थीं और वरिष्ठ न्यायाधीशों की अदालतें नहीं लगती थीं। recent visitors 58

पाक के बलूचिस्तान प्रांत में आत्मघाती बम धमाका, पाक ने स्कूल बस अटैक में उलटे भारत पर लगा दिया आरोप, 5 की मौत

क्वेटा पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में आत्मघाती बम धमाका हुआ है। यह हमला एक मिलिट्री स्कूल की बस को टारगेट करके किया गया, जिसमें तीन मासूम बच्चों समेत 5 लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा 38 जख्मी हैं। पाकिस्तान के अशांत प्रांत बलूचिस्तान में बीते कई सालों से हिंसा का दौर जारी है। यह पहला ऐसा मामला है, जिसमें स्कूल बस जैसी चीज को टारगेट किया गया है। अब तक इस हमले की जिम्मेदारी किसी संगठन ने नहीं ली है। वहीं ऑपरेशन सिंदूर में मात खाने से बौखलाए पाकिस्तान ने इसका ठीकरा भारत पर फोड़ने की कोशिश की है। पाकिस्तानी सेना की प्रोपेगेंडा यूनिट आईएसपीआर ने इस हमले में भारत का हाथ बता दिया। आईएसपीआर ने अपने देश के आंतरिक संघर्ष में भारत का नाम घसीटने की नापाक कोशिश करते हुए कहा, 'एक बार फिर से कायराना हमला हुआ है, जो भारत और उसके समर्थकों ने बलूचिस्तान में किया है। इस हमले में मासूम बच्चों को ले जा रही स्कूल बस को टारगेट किया है।' यह हमला बलूचिस्तान के खुजदार में हुआ है। बता दें कि बलूचिस्तान में लंबे समय से विद्रोह की स्थिति है। यहां पर बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी समेत कई ऐसे संगठन सक्रिय हैं, जो हिंसक संघर्ष कर रहे हैं। इन संगठनों का कहना है कि बलूचिस्तान को एक अलग मुल्क बनना चाहिए और पाकिस्तान ने उन पर कब्जा किया हुआ है। इसी कड़ी में यह नया हमला हुआ है, जबकि अकसर हमले होते रहे हैं। यह हमारा पाकिस्तानी सेना से जुड़े एक स्कूल की बस में हुआ है। आमतौर पर बलूच विद्रोही महिलाओं और बच्चों को टारगेट करने से बचते रहे हैं। लेकिन आर्मी स्कूल की बस होने के चलते शायद इसे टारगेट किया गया है। इसके जरिए पाकिस्तान की सेना को संदेश देने की कोशिश की गई है। अब तक किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली है, पाकिस्तानी सूत्रों का दावा है कि इसमें बलूच आर्मी का ही हाथ लग रहा है। बता दें कि इससे पहले पेशावर में 2014 में पाक तालिबान ने खूंखार हमला किया था। इसमें 154 मासूम बच्चों समेत 168 लोग मारे गए थे। गौरतलब है कि बलूचिस्तान के साथ ही पाकिस्तान में सिंध और खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में भी अलगाववाद के सुर सुनाई देते हैं। recent visitors 40

पहलगाम आतंकी हमले पर यशवंत सिन्हा का बयान, अब तिरंगा यात्रा आदि निकालकर भाजपा खुद क्रेडिट लेना चाहती है

नई दिल्ली पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद पैदा हुई स्थिति का फायदा उठाने का आरोप भाजपा पर लगाया है। उन्होंने कहा कि बिहार का चुनाव आ रहा है। पुलवामा हुआ तो चुनाव आ रहा था। पुरी में अटैक में हुआ तो उसके बाद सर्जिकल स्ट्राइक हुआ और पूरी तरह फायदा उठाया गया। पुलवामा अटैक के नाम पर पीएम मोदी ने वोट मांगा था। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा था कि पुलवामा के शहीदों के नाम पर वोट करें। इसलिए जो कुछ हुआ है, उसको लेकर मैं मानता हूं कि बिहार चुनाव को लेकर किया जा रहा है। अब तिरंगा यात्रा आदि निकालकर भाजपा खुद क्रेडिट लेना चाहती है। राष्ट्रपति का चुनाव लड़ चुके यशवंत सिन्हा ने कपिल सिब्बल के साथ पॉडकास्ट में कहा कि भाजपा के लोग अब यह कहना शुरू कर चुके हैं कि नरेंद्र मोदी ने कमाल कर दिया है। वहीं कपिल सिब्बल ने कहा कि आखिर यह क्यों नहीं पूछा जा रहा है कि 26 नागरिकों की हत्या का जिम्मेदार कौन है। इस पर यशवंत सिन्हा ने कहा कि पुलवामा का खुलासा आज तक नहीं हुआ। इसी तरह पहलगाम आतंकी हमले का भी खुलासा कभी नहीं होगा। यशवंत सिन्हा ने कहा कि आखिर पहलगाम में एक भी सिपाही सुरक्षा के लिए क्यों नहीं था। वे लोग भाग गए और उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी। आखिर वे कहां चले गए। उन्हें जमीन खा गई या फिर आसमान। कपिल सिब्बल ने कहा कि भारत सरकार का कहना है कि पाकिस्तान के साथ पीओके और आतंकवाद पर ही बात हो सकती है। इस तरह रहा तो फिर पाकिस्तान के साथ बात नहीं हो सकेगी। कपिल सिब्बल के इसी सवाल के जवाब में यशवंत सिन्हा ने यह टिप्पणी की और सोशल मीडिया पर उनका बयान ट्रेंड हो रहा है। कई यूजर्स ने यशवंत सिन्हा के बयान की निंदा की है। सीजफायर के फैसले पर भी यशवंत सिन्हा का सवाल सीजफायर के फैसले पर भी यशवंत सिन्हा ने भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि कहा जा रहा है कि डीजीएमओ से पाक के उनके समकक्ष ने बात की थी। इस दौरान पाकिस्तान ने सीजफायर की गुहार लगाई थी। लेकिन ऐलान डोनाल्ड ट्रंप की ओर से क्यों हुआ। आखिर ट्रंप के बयान से पहले भारत ने कुछ क्यों नहीं कहा। अब तक इस मामले में नरेंद्र मोदी खामोश हैं। recent visitors 58

राजस्थान पुलिस ने अनुराधा को भोपाल में गिरफ्तार किया, 7 महीनों में 25 पुरुषों से शादी की

भोपाल मध्‍य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बैरसिया के कालापीपल के एक गांव में राजस्थान पुलिस ने एक संगठित विवाह ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 23 वर्षीय अनुराधा पासवान को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि अनुराधा ने पिछले 7 महीनों में 25 पुरुषों से शादी कर नकदी, गहने और कीमती सामान लेकर फरार हो गई थी. यह मामला तब सामने आया जब सवाई माधोपुर के निवासी विष्णु शर्मा ने 3 मई को शिकायत दर्ज कराई. उन्होंने बताया कि दो एजेंटों, सुनीता और पप्पू मीणा, ने 2 लाख रुपए लेकर अनुराधा से शादी करवाई थी. 20 अप्रैल को कोर्ट मैरिज के बाद, अनुराधा 2 मई को घर से सोने के गहने, ₹30,000 नकद और एक मोबाइल फोन लेकर फरार हो गई. पुलिस ने बताया कि ये गिरोह भोपाल से ऑपरेट हो रहा था, ये लोग आसपास के राज्‍यों में लोगों को अपना शिकार बना रहे थे. इस मामले की जांच जारी है, और पुलिस को उम्मीद है कि अनुराधा से मिली जानकारी के आधार पर वे इस गिरोह के बाकी सदस्यों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लेंगे. सवाई माधोपुर के निवासी विष्णु शर्मा से हुई लूट के बाद, राजस्थान पुलिस ने एक अंडरकवर ऑपरेशन शुरू किया, जिसमें एक कांस्टेबल को नकली दूल्हे के रूप में भेजा गया. एजेंटों ने जब अनुराधा की तस्वीर साझा की, तो पुलिस ने उसे भोपाल से गिरफ्तार कर लिया. जांच में पता चला कि अनुराधा एक संगठित विवाह धोखाधड़ी गैंग का हिस्सा थी. वह वैध दस्तावेजों के साथ शादी करती और कुछ ही दिनों में गहने, नकदी और इलेक्ट्रॉनिक सामान लेकर फरार हो जाती. गिरोह के अन्य सदस्य, जैसे कि रोशनी, रघुबीर, गोलू, मजबूत सिंह यादव और अर्जन, भोपाल के रहने वाले बताए हैं.इन सबकी तलाश हो रही है. अनुराधा उत्तर प्रदेश के महाराजगंज की निवासी है और पहले एक अस्पताल में काम करती थी. पति से घरेलू विवाद के बाद वह भोपाल आ गई और इस गिरोह में शामिल हो गई. शादी एजेंट व्हाट्सएप के माध्यम से दुल्हन की तस्वीरें दिखाते और शादी कराने के नाम पर दूल्हा पक्ष से 2 से 5 लाख तक की राशि लेते थे. राजस्थान पुलिस ने ‘बोगस ग्राहक’ बनकर अनुराधा से संपर्क साधा हाल ही में, उसने भोपाल में गब्बर नामक एक युवक से 2 लाख रुपये लेकर शादी कराई थी और उसे भी ठगी का शिकार बनाया था. राजस्थान पुलिस ने इस गिरोह को पकड़ने के लिए एक विशेष रणनीति अपनाई. उन्होंने ‘बोगस ग्राहक’ बनकर अनुराधा से संपर्क साधा और उसे शादी के बहाने जाल में फंसाया. जैसे ही वह शादी के लिए तैयार हुई और उसने अपना पता, फोन नंबर और फोटो दिया, पुलिस ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया. पुलिस की शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि यह पूरा गिरोह भोपाल से ही संचालित होता था. यह गिरोह ऐसे पुरुषों को निशाना बनाता था जो शादी के लिए परेशान थे या जिनकी आर्थिक स्थिति अच्छी थी. शादी के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी पुलिस सूत्रों के अनुसार, अनुराधा पासवान मूल रूप से यूपी के महाराजगंज जिले के कोल्हुई बाजार की रहने वाली है. अनुराधा और उसके गिरोह के सदस्य खुद को गरीब और मजबूर दिखाते थे, ताकि शिकार उन पर आसानी से भरोसा कर सकें. एक बार शादी हो जाने के बाद, अनुराधा घर में घुसपैठ कर नकदी और जेवर चुराती और फरार हो जाती थी. यह माना जा रहा है कि इस गिरोह ने अब तक करोड़ों रुपये की ठगी की है. इस मामले के बाद भोपाल और राजस्‍थान पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे शादी से पहले लड़के या लड़की और उनके परिवार के बारे में पूरी जानकारी अवश्य जुटा लें और किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से बचें.   recent visitors 35

PM के आगमन की तैयारी का जायजा लेने पहुंचे सीएम, अधिकारियों को प्रबंध के लिए दिए दिशा-निर्देश

भोपाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 31 मई को भोपाल आएंगे। एमपी सरकार कार्यक्रम को भव्य बनाने में जुटी हुई है। सीएम डॉ. मोहन यादव और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने पीएम मोदी के आगमन की तैयारियों का जायजा लिया। दोनों नेताओं ने जंबूरी मैदान का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को उत्तम प्रबंध के लिए दिशा-निर्देश दिए हैं। ऐतिहासिक स्थल पर नया रिकॉर्ड बनाया जाएगा  इस दौरान सीएम ने कहा कि इस ऐतिहासिक स्थल पर नया रिकॉर्ड बनाया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आ रहे हैं। अंग्रेजी तिथि के अनुसार देवी अहिल्याबाई की जन्म तिथि है। हमारे भारत सरकार मध्य प्रदेश सरकार मिलकर अहिल्या उत्सव का कैलेंडर जारी किया है। उन्होंने कहा कि हम सब ने भी निर्णय किया है कि देवी अहिल्या के सुशासन के साथ नारी सशक्तिकरण के लिए है। नारियों के स्वावलंबन और उनके जीवन में बेहतर आ सके रोजगार आ सके। आमदनी बढ़ घर में आर्थिक रूप से उनका सम्मान बड़े स्वयं सहायता समूह को भी बढ़ावा मिले। बहन बेटियां लखपति बने, 300 से अधिक समूहों के साथ बुलाया गया है। उधमाशीलता में अलग-अलग तरीके से बहन बेटियां आगे बढ़े, उनके अपने कामों का भी प्रशिक्षण हो। 2 लाख से अधिक महिलाएं कार्यक्रम में होंगी शामिल मुख्यमंत्री डॉ मोहन ने कहा कि एक बड़ी संख्या में आयोजन होगा। 2 लाख से अधिक महिलाएं जंबूरी मैदान में आएंगी। महिला गरीब युवा के साथ जो बातचीत की है उस पर भी ध्यान दिया जाएगा। सरकार बहन बेटियों को लेकर संवेदनशील है। सरकार ने अपने कामों के बलबूते पर यह विश्वास बनाया है कि नर और नारी में सनातन पद्धति को आगे रखा है, अंतर महसूस किया है इसी प्रकार का कार्यक्रम रखा गया है। बहनों को हर स्तर में रोजगार मिले इसी दिशा में कर रहे काम मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने भोपाल में एक बड़ा आयोजन किया था। ग्लोबल इन्वेस्टर समिति इसमें भी बड़ी संख्या में लोग आए हैं। आज के दिन होने वाले कार्यक्रम की तैयारी को लेकर समीक्षा की है। अधिकारियों के साथ बैठक की है। यहां पर बड़ा आयोजन होगा। सरकार बहुत सारे स्तर पर काम कर रही है। हर क्षेत्र में बहनों के लिए रोजगार का अवसर मिल सके, इसके लिए काम कर रहे है, उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर करने के लिए सरकार काम कर रही है। पीएम मोदी 31 मई को आएंगे भोपाल जानकारी के लिए बता दें कि देवी अहिल्या की 300वीं जयंती समारोह के अंतर्गत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 मई को भोपाल आएंगे। वे दो लाख से अधिक महिलाओं को संबोधित करेंगे। इस दौरान महिला सशक्तिकरण से जुड़ी कई योजनाओं का ऐलान और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।   recent visitors 46