Tuesday, July 7, 2026 6:30 am

कोतासुरा गांव में पानी की समस्या, हैंडपंपों और बोरपंपों का पानी सूखा, घंटों लाइन में खड़े होने को मजबूर लोग

रायगढ़ नल जल योजना गांव-गांव पहुंचने के बावजूद आज भी कई गांव ऐसे हैं जहां लोगों को पीने के पानी की समस्या से जूझना पड रहा है। गर्मी के दिनों में कई गांव में पानी की गहराई इतनी ज्यादा होती है कि हैंडपंपों और बोरपंपों से निकलने वाला पानी भी सूख जाता है जिससे लोगों को नदी-नाले या डबरी-तालाबों के पानी को पीने के लिए मजबूर होना पड़ता है। ठीक इसी तरह इन दिनों रायगढ़ जिले के कोतासुरा गांव में पानी की समस्या इस कदर है कि ग्रामीणों को पीने पानी के लिए घंटों लाइन लगानी पड़ती है। कई बार शिकायत करने के बावजूद आज तलक उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका है।     रायगढ़ जिला मुख्यालय से महज 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित कोतासुरा गांव की आबादी लगभग 2500 के आसपास है। गर्मी के दिनों के यहां वाटर लेवल काफी नीचे चले जाने के कारण बीते कुछ वर्षों से यहां के लोगों को पीने के पानी के लिये कई तरह की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान हालात की बात करें तो मात्र दो बोर पंप पर पूरा गांव आश्रित है। उसमें भी बूंद-बंद करके लोगों का घड़ा भर रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव मे 500 से अधिक घरों में नल जल का कनेक्शन हो चुका है। जिसमें लास्ट जनवरी तक ही पानी आया है उसके बाद से घरों में लगा नल पूरी तरह से सुख चुका है।   देर रात 3 बजे लगानी पड़ती है लाइन गांव की महिलाओं ने बताया कि बीते तीन महीनों से गांव में पानी की समस्या बनी हुई है। इससे पहले गांव से गुजरी पाइप लाइन से वे पीने का पानी के अलावा दाल और चाय बनाने के लिये पानी लाते थे। लेकिन अब उस पाइप लाइन को बंद कर दिया गया है और वाटर लेवल नीचे जाने के चलते बोर पंप भी सूख चुके हैं। जिसके कारण पीने के पानी के लिये देर रात तीन बजे से लाइन लगानी पड़ती है तब जाकर उन्हें पानी नसीब हो पाता है। खेती किसानी पर पड़ रहा असर ग्रामीणों ने बताया कि पानी की समस्या के चलते यहां खेती किसानी भी पूरी तरह से ठप्प होती जा रही है। पानी के अभाव में यहां के कई किसान गर्मी के दिनों में धान के अलावा अन्य फसलों की खेती करना लगभग बंद कर चुके हैं। कुछ किसान ऐसे हैं जो तालाबो के भरोसे खेती कर रहे हैं। गांव के कई किसानों के 15 से 20 एकड़ में लगे धान की फसल भी पानी के अभाव में नष्ट हो जाने की बात  ग्रामीणों ने कही है।     क्या कहते हैं अधिकारी   पीएचई विभाग के अधिकारी केपी कंवर ने बताया कि पुसौर ब्लॉक का कोतासुरा गांव वाटर लेवल नीचे जाने के चलते पानी की समस्या वाला गांव है। इसी वजह से वहां के लिए सतही जो श्रोत है उसे आधार मानकर योजना तैयार की जाएगी। कलमा बैराज से पानी ला करके जल शोधन केंद्र में ट्रीटमेंट करके सप्लाई करने की योजना बनाई गई है। जिसका 60 प्रतिशत तक काम पूरा हो चुका है। आगामी 6 महीनों के भीतर काम पूरा कर लिया जाएगा जिसके बाद लोगों के घरों तक पानी पहुंचेगा। recent visitors 30

मंत्री अहिरवार ने कहा हमें जैव विविधता के महत्व को समझने और उसके संरक्षण के लिये प्रयास करने होंगे

जैव विविधता का संरक्षण जीवन के लिये अत्यंत महत्वपूर्ण : राज्य वन मंत्री अहिरवार  मंत्री दिलीप सिंह अहिरवार ने कहा कि जैव विविधता का संरक्षण हमारे जीवन के लिये अत्यंत महत्वपूर्ण  मंत्री अहिरवार ने कहा हमें जैव विविधता के महत्व को समझने और उसके संरक्षण के लिये प्रयास करने होंगे अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर कार्यशाला एवं संगोष्ठी हुई भोपाल वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री दिलीप सिंह अहिरवार ने कहा कि जैव विविधता का संरक्षण हमारे जीवन के लिये अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हमें जैव विविधता के महत्व को समझने और उसके संरक्षण के लिये प्रयास करने होंगे। मंत्री अहिरवार नरोन्हा प्रशासन अकादमी में अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जैव विविधता के संरक्षण के लिये सरकार के साथ मिलकर समाज को भी काम करना होगा। राज्य मंत्री अहिरवार ने कहा कि वन विभाग द्वारा संघर्ष एवं चुनौती के साथ प्रकृति और पेड़-पौधों को संरक्षित करने का सराहनीय कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पथरीली जमीन पर भी कठिन परिश्रम से पौधे लगाकर वन तैयार करने का प्रशंसनिय कार्य वन विभाग के अधिकारी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में विलुप्त हो रहे जीवों के संरक्षण का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हाल ही में विलुप्त हो रहे किंग कोबरा को वन विहार में बेंगलुरू (कर्नाटक) से लाया गया है। वन विभाग गिद्ध, घड़ियाल और मगरमच्छ के भी संरक्षण का कार्य कर रहा है। मंत्री अहिरवार ने अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर सभी को बधाई और शुभकामनाएं दीं। मंत्री अहिरवार ने अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर राज्य स्तरीय वार्षिक जैव विविधता पुरस्कार, राज्य स्तरीय वार्षिक जैव विविधता पुरस्कार 2023-24 और मध्यप्रदेश राज्य स्तरीय जैव विविधता क्विज प्रतियोगिता के पुरस्कारों का वितरण किया। उन्होंने इस अवसर पर जैव विविधता पर आधारित पोस्टर का विमोचन भी किया। मंत्री अहिरवार ने कार्यक्रम स्थल पर जैव विविधता वनस्पति स्टॉल प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मंत्री अहिरवार ने कार्यक्रम में जैव विविधता आधारित नुक्कड़ नाटक भी देखा। अपर मुख्य सचिव वन अशोक वर्णवाल ने कहा कि जैव विविधता दिवस का उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और उसके महत्व को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष की थीम "प्रकृति के साथ सामंजस्य और सतत् विकास" है, जो हमें प्रकृति के साथ संतुलन बनाने और उसके संरक्षण के लिये प्रेरित करती है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव ने कहा कि वन विभाग द्वारा जैव विविधता के क्षेत्र में कई नवाचार किये जा रहे हैं। विभाग द्वारा जंगलों के संरक्षण का कार्य प्राथमिकता के साथ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वनस्पति और जीव-जंतुओं का संरक्षण जैव विविधता के संरक्षण के लिये महत्वपूर्ण है। वन बल प्रमुख श्रीवास्तव ने कहा कि वन विभाग द्वारा वृक्षारोपण का कार्य किया जा रहा है, जिससे वन क्षेत्र में वृद्धि होगी और जैव विविधता का संरक्षण होगा। मुख्य वन संरक्षक एवं सदस्य सचिव मध्यप्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड सुदीप सिंह ने जैव विविधता बोर्ड द्वारा की जा रही उपलब्धियों की जानकारी कार्यशाला में साझा की। उन्होंने कहा कि जैव विविधता बोर्ड द्वारा नये अभियान चलाकर जैव विविधता का संरक्षण का किया जा रहा है। अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता कार्यशाला एवं संगोष्ठी में तकनीकी एवं विचार विमर्श सत्र आयोजित किये गए। इन सत्रों में विषय विशेषज्ञों द्वारा जैव विविधता के बारे में जानकारी दी गई। कार्यशाला में जैव विविधता पर केन्द्रीत थीम सॉन्ग की प्रस्तुति भी की गई। इस अवसर पर वन विभाग के अधिकारी/कर्मचारी, प्रकृ‍ति प्रेमी एवं नागरिक उपस्थित रहे।   recent visitors 41

मोदी जी की डबल इंजन सरकार के साथ मध्यप्रदेश भी आगे बढ़ रहा है : सीएम यादव

भोपाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर के 103 रेलवे स्टेशनों का वर्चुअली लोकार्पण किया। इनमें एमपी के 6 स्टेशन- नर्मदापुरम, श्रीधाम, कटनी साउथ, शाजापुर, सिवनी और ओरछा शामिल हैं। कार्यक्रम में एमपी के सीएम डॉ. मोहन यादव नर्मदापुरम से जुड़े। उन्होंने कहा कि ये बदलते दौर का बदलता भारत है। भोपाल के भेल में वंदे भारत और मेट्रो ट्रेन के कोच बनाए जाएंगे। स्वामी विवेकानंद ने 1904 में कहा था कि 21वीं सदी भारत की होगी, आज हम इस अवधारणा को साकार होता देख रहे हैं। मोदी जी की डबल इंजन सरकार के साथ मध्यप्रदेश भी आगे बढ़ रहा है। मोदी जी के नेतृत्व में देश एकजुट  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में प्रधानमंत्री ने भारत की ताकत दिखा दी है। ये मोदी जी की कूटनीति का ही नतीजा है कि पाकिस्तान को तीन देशों के अलावा कहीं समर्थन नहीं मिला। पहलगाम हमले के बाद आतंकियों का मकसद देश में दंगे भड़काना था लेकिन मोदी जी के नेतृत्व में देश एकजुट रहा। ये लोकतंत्र की जीत है। मोदी में विश्वास की जीत है। एमपी के 6 स्टेशन पर 86 करोड़ रुपए हुए खर्च  एमपी के 6 स्टेशन पर 86 करोड़ रुपए की लागत से हाईमास्ट लाइटिंग, मॉडर्न वेटिंग रूम, टिकट काउंटर, टॉयलेट और दिव्यांगों के लिए रैंप जैसी यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। प्लेटफॉर्म पर शेल्टर, कोच इंडिकेशन सिस्टम और सूचना के लिए डिजिटल डिस्प्ले लगाए गए हैं। हर स्टेशन पर मध्यप्रदेश की लोक कला, संस्कृति और परंपराओं की झलक भी देखने को मिल रही है। मध्य प्रदेश के 6 स्टेशनों की खासियत नर्मदापुरम 1- लागतः संस्कृति और 'नर्मदा थीम' पर आधारित है जिसकी लागत लागत – 26 करोड़ रुपए खासियतः यात्रियों के लिए 3100 वर्गमीटर क्षेत्र में सौंदर्गीकृत सर्कुलेटिंग एरिया, 1000 वर्गमीटर में आधुनिक एलईडी लाइटिंग की सुविधा, मां नर्मदा की पुण्यभूमि पर आधुनिकता और आस्था का संगम भी प्रस्तुत करेगा। सुविधाएं: भोपाल मंडल का पहला सबसे चौड़ा 12 मीटर का फुट ओवर ब्रिज, स्टेशन पर भव्य प्रवेश द्वार, नवनिर्मित प्रतीक्षालय, मॉर्डन टिकट काउंटर, दिव्यांगजन अनुकूल रैंप और शौचालय की व्यवस्था 2- श्रीधाम रेलवे स्टेशन लागतः      24 करोड़ रुपए खासियतः शंकराचार्य स्वरूपानंद की तस्वीरें लगाई गई हैं। वास्तुकला में मध्यप्रदेश की लोककला झलकती है। जो इसे केवल यात्रा का स्थान नहीं, बल्कि सांस्कृतिक अनुभव का केंद्र बनाती है। सुविधाएं: एयर कंडीशनर वेटिंग हॉल, एलईडी डिस्प्ले बोर्ड, स्वच्छ शौचालय, दिव्यांगों के लिए रैंप, पार्किंग और ठंडे पानी की सुविधा उपलब्ध कराई गई हैं। 3- सिवनी रेलवे स्टेशन लागतः जंगल बुक पर आधारित 14.46 करोड़ रुपए खासियत: पेंच टाइगर रिजर्व और 'जंगल बुक पर आधारित चित्रकारी, स्थानीय कला और भित्ति चित्र, वन स्टेशन वन प्रोडक्ट' के तहत स्थानीय उत्पादों का प्रोत्साहन । सुविधाएं: भव्य प्रवेश द्वार, सर्कुलेशन क्षेत्र का विस्तार, नई पार्किंग, लिफ्ट और एस्केलेटर, एयर कंडीशनर वेटिंग हॉल, भुवनेश्वर मॉडल पर आधारित शौचालय, हरित परिदृश्य और बगीचे, सीसीटीवी। 4- कटनी साउथ रेलवे स्टेशन लागतः 12.88 करोड़ खासियत: सर्कुलेटिंग एरिया में पार्क निर्माण व महाराणा प्रताप की प्रतिमा का निर्माण। प्लेटफॉर्म में शेल्टर व डिस्प्ले बोर्ड। सुविधाएं: स्टेशन भवन का निर्माण व भव्य प्रवेश द्वार, वीआईपी वेटिंग हॉल, पर्याप्त टिकट काउंटर, दिव्यांगों के लिए शौचालय व रैम्प, हाई लेवल प्लेटफॉर्म कवर शेड, सर्कुलेटिंग एरिया का सौंदर्याकरण। 5- शाजापुर रेलवे स्टेशन लागतः 13 करोड़ रुपए खासियत: 140 वर्ग मीटर में फैला 'आर्ट एंड कल्चर जोन' यात्रियों का ध्यान आकर्षित कर रहा है। यह शाजापुर की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाता है। सुविधाएं: नया फुट ओवर ब्रिज, छायादार क्षेत्र, सर्कुलेटिंग एरिया, नया प्रवेश द्वार, टिकट काउंटर, आधुनिक वेटिंग हॉल, एलईडी, दिव्यांगों के लिए विशेष सुविधाएं, VIP वेटिंग हॉल, सेकंड क्लास वेटिंग हॉल और पार्किंग। 6- ओरछा रेलवे स्टेशन लागतः 6.5 करोड़ रुपए,रामराजा की थीम पर डिजाइन खासियत: रामराजा मंदिर की थीम पर स्टेशन को डिजाइन किया गया है। रामराजा सरकार और हनुमानजी की मूर्ति भी स्थापित की गई हैं। सुविधाएं: सर्कुलेटिंग एरिया का विस्तार किया गया है। बाउंड्री वॉल पर रामायण के दृश्य बनाए। अलग पार्किंग। टिकट के लिए काउंटर के अलावा एटीवीएम। तीन मीटर चौड़ा एफओबी बनाया है। पे एंड यूज टॉयलेट बनाए। recent visitors 35

मुख्यमंत्री यादव आज सिवनी मालवा में देश के वीर सैनिकों के सम्मान में आयोजित तिरंगा यात्रा में शामिल हुए शहर

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार को नर्मदापुरम जिले के सिवनी मालवा में देश के वीर सैनिकों के सम्मान में आयोजित "तिरंगा यात्रा" में शामिल हुए। अपार जोश और उल्लास के साथ तिरंगा यात्रा स्थानीय शासकीय कुसुम स्नातकोत्तर महाविद्यालय से प्रारंभ हुई और नर्मदापुरम मार्ग से होकर कृषि उपज मंडी प्रांगण में सम्पन्न हुई। तिरंगा यात्रा में मुख्यमंत्री डॉ. यादव तिरंगे फूलों से सजाए गए विशेष रथ में सवार थे। उन्होंने इस दौरान हाथ हिलाकर नागरिकों का अभिवादन किया। तिरंगा यात्रा के दौरान पूरा शहर राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत हो गया और आसमान "भारत माता की जय" और "वंदे-मातरम्" के उद्घोष से गुंजायमान हुआ। यात्रा में लोक निर्माण मंत्री एवं नर्मदापुरम जिले के प्रभारी मंत्री राकेश सिंह, क्षेत्रीय सांसद दर्शन सिंह चौधरी, राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया, सिवनी मालवा विधायक प्रेम शंकर वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए। हाथों में राष्ट्रध्वज तिरंगा लिए सभी समुदायों और सभी आयु वर्ग के नागरिक बड़ी संख्या में इस तिरंगा यात्रा में भरपूर उत्साह के साथ शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस दौरान "तिरंगा यात्रा" में शामिल नागरिकों पर पुष्प वर्षा कर अभिनंदन किया। विभिन्न सामाजिक एवं शैक्षिक संगठनो द्वारा आतिशबाजी की गई और तिरंगा यात्रा में शामिल नागरिकों पर पुष्प वर्षा भी की गई।   recent visitors 32

बांधवगढ़ में घास खाते बाघ को देखकर हैरान हुए लोग, Viral हुआ Video

उमरिया मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (Bandhavgarh Tiger Reserve) में पर्यटक उस और वक्त टाइगर सफारी के दौरान रोमांचित हो उठे. जब एक बाघ को घास खाते हुए देखा गया. ये नजारा देख सफारी का लुत्फ उठा रहे पर्यटकों ने कहा- अरे वाह…ये कैसे..? इसके बाद पर्यटकों के समूह से एक पर्यटक ने अपना कैमरा ऑन किया. इस सुंदर दृश्य को अपने कैमरे में कैद कर लिया. खितौली जोन में दिखा है ये बाघ दरअसल, वीडियो में बाघ घास खाते हुए दिखाई दे रहा है. अब ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. यह वीडियो (Video Viral) उस समय का है, जब पर्यटक बांधवगढ़ के खितौली जोन में सफारी का लुत्फ उठा रहे थे. एक मिनट 40 सेकंड के इस वायरल हो रहे वीडियो में बाघ बड़े आराम से घास खाते हुए दिख रहा है. हालांकि, बाघ का घास खाने का यह मामला कोई असामान्य विषय नहीं है, कुत्ते, बिल्ली, बाघ समेत ऐसे कई जानवर होते हैं, जो कभी-कभी घास खाते हैं. वो ऐसा तब करते हैं जब उन्हें पाचन क्रिया में परेशानी होती है. डायरेक्टर अनुपम सहाय से ने  वीडियो की पुष्टि की  उमरिया के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में पदस्थ डायरेक्टर अनुपम सहाय से बात हुई थी तो उन्होंने इस वीडियो की पुष्टि की है और बाघ को हरी घास खाने पर कहा कि जब उन्हें पाचन क्रिया में समस्या होती है तो घास खाते हैं. बाघ भी खाता है घास वायरल हो रहा वीडियो पीलीभीत के टाइगर रिज़र्व का है. यहां पर आपको एक टाइगर दिखाई दे रहा है, ज सड़क के किनारे टहल रहा है. उसके ठीक सामने एक मरा हुआ अजगर पड़ा हुआ है. वो उसके पास से निकलकर सामने मौजूद घास खाने लगता है. उसे इस तरह से घास चलते हुए देखकर आप भी आश्चर्य में पड़ जाएंगे. आखिर बाघ खास कैसे खा सकता है, जबकि वो विशुद्ध तौर पर मांसाहारी जानवर है. अजगर ने कर दिया बुरा हाल इस वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर lucknowfeed नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है. इसके साथ जानकारी दी गई है कि पीलीभीत टाइगर रिज़र्व के इस बाघ ने अजगर खा लिया था, जिसके बाद उसकी हालत खराब हो गई. उल्टी हुई लेकिन फिर भी ठीक नहीं लग रहा था. वीडियो पर कमेंट करते हुए कुछ लोगों ने बताया कि बाघ और कुत्ते भी कई बार पेट ठीक नहीं होने पर घास खाते हैं. वहीं कुछ यूज़र्स ने आश्चर्य जताया कि ये घास कैसे खा रहा है. घास चबाने से मिलता है राहत और पोषण विशेषज्ञों का कहना है कि घास में फाइबर और कुछ विशेष पोषक तत्व होते हैं जो शेर और बाघ जैसे जानवरों के पाचन को बेहतर बनाते हैं। घास चबाना केवल एक आदत नहीं बल्कि एक स्वास्थ्य लाभकारी प्रक्रिया है। यह आदत उनके पेट के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए लाभकारी है। तनाव कम करने का प्राकृतिक तरीका विशेषज्ञों का मानना है कि घास चबाने का यह व्यवहार जानवरों को मानसिक राहत भी देता है। शेर और बाघ जैसे जानवरों का जीवन भी कई बार तनावपूर्ण हो सकता है खासकर जब वे अपने इलाके की सुरक्षा कर रहे होते हैं या अपने भोजन की तलाश में होते हैं। ऐसे में घास चबाना उनके लिए एक स्वाभाविक और कारगर तरीका है जिससे वे खुद को संतुलित और स्वस्थ महसूस करते हैं। बाघिन ने बहन के 3 शावकों को 4 साल पाला सीधी जिले के संजय दुबरी टाइगर रिजर्व की मौसी बाघिन T28 ने करीब चार साल बाद अपने पांच शावकों को खुद से अलग कर दिया है। 19 मई को इसके शावक दुबरी रेंज में अलग-अलग नजर आए। वैसे तो बाघ वंश की ये सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन T28 के मामले में ये बिल्कुल अलग है। recent visitors 53

मासूम के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी को पुलिस ने चार घंटे में धरदबोचा

सीकर जिले के एक गांव में बुधवार शाम को एक मासूम के साथ दुष्कर्म की शर्मनाक घटना सामने आई है। तीसरी कक्षा में पढ़ने वाली मासूम को टॉफी का लालच देकर एक अधेड़ व्यक्ति सूनसान जगह ले गया और दुष्कर्म किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर महज चार घंटे में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी बनवारीलाल बच्ची को बहला-फुसलाकर एक खंडहरनुमा जगह पर ले गया और वहां उसने बच्ची के साथ खेल रहे उसके दो छोटे भाइयों को 10 रुपये देकर चॉकलेट लाने भेज दिया। उनके जाते ही आरोपी ने बच्ची के साथ ये घिनौनी हरकत की। घटना की जानकारी तब सामने आई जब मजदूरी से लौटे बच्ची के पिता ने उसे घर पर न पाकर खोज शुरू की। इस दौरान भाइयों ने अपनी चाची को पूरी बात बताई। इसके बाद परिजन तुरंत घटनास्थल पहुंचे, जहां बच्ची अचेत अवस्था में मिली। सूचना मिलते ही गोकुलपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची की हालत अब स्थिर है। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर मुकुल शर्मा, पुलिस अधीक्षक भुवन भूषण यादव, एएसपी गजेंद्र सिंह जोधा और अन्य अधिकारी अस्पताल पहुंचे और बच्ची के स्वास्थ्य की जानकारी ली। पुलिस अधीक्षक भुवन भूषण यादव के निर्देश पर डीएसटी, साइबर सेल और स्थानीय पुलिस की टीमें गठित की गईं। घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान की गई और उसे पिपराली बाईपास से चार घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया। घटना को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोग आरोपी को कठोर सजा देने की मांग कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले की गहन जांच जारी है। recent visitors 47

अथिया शेट्टी ने फिल्मी दुनिया को अलविदा कह दिया, एक्टिंग करियर छोड़ चुन ली नई राह

मुंबई बॉलीवुड एक्ट्रेस अथिया शेट्टी ने इसी साल मार्च में क्रिकेटर पति केएल राहुल संग अपनी बेटी का स्वागत किया था, जिसका नाम उन्होंने इवारा रखा है। इन दिनों अथिया अपनी बेटी की परवरिश पर ध्यान दे रही हैं। इसी बीच उन्हें लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। अथिया शेट्टी ने फिल्मी दुनिया को अलविदा कह दिया है। एक्ट्रेस को लेकर यह खुलासा उनके पिता और दिग्गज एक्टर सुनील शेट्टी ने किया है। एक इंटरव्यू में सुनील शेट्टी ने बताया कि अथिया अब फिल्मों में काम नहीं करना चाहतीं और उन्होंने अपने करियर की नई राह चुन ली है। सुनील शेट्टी ने एक बातचीत में कहा, ‘एक दिन अथिया ने मुझसे कहा, ‘बाबा, मुझे अब फिल्में नहीं करनी हैं और बस, उसने तय कर लिया। मैंने उसे कभी नहीं रोका। मैं उसकी इस सोच की सराहना करता हूं कि उसने खुद के मन की सुनी, न कि समाज की उम्मीदों की।’  सुनील शेट्टी ने बताया कि अथिया के पास फिल्मों के कई ऑफर्स थे, लेकिन उन्होंने ठुकरा दिए। बता दें, अथिया शेट्टी ने साल 2015 में फिल्म ‘हीरो’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। इसके बाद वह ‘मुबारकां’ और ‘मोतीचूर चकनाचूर’ जैसी फिल्मों में नजर आईं, लेकिन कुछ फिल्में देने के बाद वह अचानक इंडस्ट्री से गायब सी हो गईं। हालांकि, अब उन्होंने फाइनली फिल्म इंडस्ट्री से दूर जाने का मन बना लिया है।   recent visitors 51