Sunday, July 5, 2026 1:30 am

समग्र ई-केवाईसी के लिए विशेष अभियान चलाने के कलेक्टर ने दिए निर्देश

समग्र ई-केवाईसी के लिए विशेष अभियान चलाने के कलेक्टर ने दिए निर्देश   अभियान चलाकर 31 मई तक ई-केवाईसी का कार्य शतप्रतिशत पूर्ण करायें – कलेक्टर    जिले में समग्र ई-केवाईसी की प्रगति को लेकर कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी द्वारा विस्तृत समीक्षा की गई। कुछ क्षेत्रों में ई-केवाईसी की प्रगति अपेक्षानुरूप नहीं पाए जाने पर कलेक्टर ने संबंधित उपखण्ड अधिकारी को निर्देशित किया कि वे अपने क्षेत्रों में ई-केवाईसी कार्य को प्राथमिकता पर लें और समयबद्ध रूप से लक्ष्यों को पूर्ण करें।   कलेक्टर ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत खाद्यान्न प्राप्त कर रहे समस्त हितग्राहियों के साथ-साथ जिले के सभी व्यक्तियों का भी ई-केवाईसी करने के निर्देश दिए गये है। वर्तमान में जिले की ई-केवाईसी प्रगति कम होने से उसे अभियान के रूप में पूर्ण करने के लिए निर्देश जारी किये गये है। ई-केवाईसी के लिए समस्त अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अपने-अपने अनुभाग के लिए नोडल अधिकारी रहेंगे। ग्रामीण क्षेत्र में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत व शहरी क्षेत्र में सीएमओ नगरी निकाय सहायक नोडल अधिकारी के रूप में कार्य करेंगे। ई-केवाईसी कार्य को पूर्ण कराने एवं अपात्र व्यक्तियों के नाम समग्र पोर्टल से हटाने के लिए 07 दिन का अभियान चलाकर 31.05.2025 तक आवश्यक कार्यवाही पूर्ण करेंगे। सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) प्रतिदिन कम से कम 15-20 पंचायत में ग्रामसभा का आयोजन करने के लिए दिनांकवार/पंचायतवार कैलेण्डर तैयार कर ग्रामसभा का आयोजन करवायेंगे। आयोजित ग्रामसभा के लिए एक-एक नोडल अधिकारी को भी नियुक्त करेंगे। आयोजित ग्रामसभा में खाद्य विभाग से प्राप्त सूची का वाचन करेंगे तथा वाचन उपरांत हितग्राहियों की ई-केवाईसी करते हुए शेष हितग्राही जिनकी ई-केवाईसी नहीं हो पा रही निम्न बिन्दुओं पर सूची तैयार कर जनपद/नगरीय निकाय में जमा कराते हुए समग्र पोर्टल से उनके नाम डीलिट कराना भी सुनिश्चित करेंगे जैसे व्यक्ति जिनकी मृत्यु हो चुकी है, व्यक्ति जो अन्य स्थान पर चले गए है, महिला जिनकी विवाह हो चुका है, व्यक्ति जिनके आधार अन्य राज्य के हो, डबल समग्र आईडी वाले व्यक्ति। आयोजित होने वाली ग्रामसभा में उचित मूल्य दुकान के विक्रेता, समिति प्रबंधक, सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक, पटवारी, ऑगनवाड़ी कार्यकर्ता के साथ-साथ ग्राम स्तरीय सभी अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।   कलेक्टर ने कहा कि ई-केवाईसी प्रक्रिया से शासन की योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र व्यक्तियों तक शीघ्रता से पहुँचाया जा सकता है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने निर्देशित किया कि वे आमजन को ई-केवाईसी की अनिवार्यता के बारे में जागरूक करें और ग्राम स्तर पर विशेष शिविरों का आयोजन करें। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि प्रगति की अगली समीक्षा बैठक में लापरवाह अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। इसी प्रकार जिले में राशन के पात्र हितग्राहियों की ई-केवाईसी की जानकारी के संबंध में समीक्षा कर कलेक्टर ने निर्देश दिए कि विकासखंडवार पेंडिग कार्यों की सूची निकालकर कार्य करने की आवश्यकता है। सभी जेएसओ इसमें मेहनत से कार्य करते हुए हुए प्रगति लाएं और एसडीएम मॉनिटरिंग करें। शेष हितग्राहियों को पीओएस मशीन से ई-केवाईसी कराना है। जो हितग्राही मृत हो चुके हैं अथवा जिनकी शादी हो चुकी है अथवा जो पलायन कर गये हैं उनकी सूची विक्रेता तैयार करके पंचायत सचिव के द्वारा डिलीट करवाना है। सभी हितग्राहियों को अपना राशन प्राप्त करने 31 मई तक ई-केवाईसी कराना जरूरी, अन्यथा राशन बंद होने की संभावना है। इसके साथ ही कलेक्टर ने आवास पोर्टल में हितग्राहियों की समग्र आईडी अनिवार्य रूप से दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।   बैठक में अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी धनंजय मिश्रा, जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी नागेन्द्र सिंह सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। recent visitors 39

‘यदि हिन्दुस्तान हमारा पानी रोक देंगा , तो हम आपकी सांस बंद कर देंगे -लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी

लाहौर पाकिस्तानी सैन्य प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने भारत के खिलाफ जहर उगला है. भारत को लेकर उनकी हालिया तकरीर वैसी ही है, जैसी आतंकवादी हाफिज सईद की होती है. 26 नवंबर, 2008 को मुंबई में कई जगहों पर हुए आतंकवादी हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का भारत और अमेरिका के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने का इतिहास रहा है. पाकिस्तानी सेना के प्रोपेगेंडा विंग 'इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस' के डीजी (ISPR DG) अहमद शरीफ चौधरी ने हालिया भारत विरोधी बयानबाजी पाकिस्तान के एक विश्वविद्यालय में भाषण के दौरान की. पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को निलंबित करने का जिक्र करते हुए ने चौधरी ने कहा, 'यदि आप (हिन्दुस्तान) हमारा पानी रोक देंगे, तो हम आपकी सांस बंद कर देंगे.' इंडस वाटर ट्रीटी भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु नदी और उसकी पांच सहायक नदियों- सतलुज, ब्यास, रावी, झेलम और चिनाब- के जल बंटवारे और प्रबंधन की शर्तों से संबंधित है. यह संधि भारत और पाकिस्तान के बीच नियमित रूप से सूचनाओं के आदान-प्रदान को भी अनिवार्य बनाती है. विश्व बैंक इस संधि में बतौर मध्यस्थ शामिल है. इस बीच, भारत ने विभिन्न अवसरों पर यह स्पष्ट कर दिया है कि 'खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते'. 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद, भारत ने 23 अप्रैल को पाकिस्तान के खिलाफ कई बड़े कदम उठाए थे, जिसमें सिंधु जल संधि को निलंबित करना भी शामिल था. भारत ने इस संधि को तब तक स्थगित रखने का फैसला किया है जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को अपना समर्थन देना बंद नहीं कर देता. इसके अलावा अटारी सीमा पर इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट को भी तत्काल बंद कर दिया गया था. इसके बाद भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, जिसके तहत पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े नौ आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की गई थी. भारत की इस कार्रवाई में बहावलपुर में जैश और मुरीदके में लश्कर के हेडक्वार्टर नेस्तनाबूद हो गए. पाकिस्तान और पीओके में 9 आतंकी ठिकानों पर भारत की एयर स्ट्राइक में कम से कम 100 आतंकी मारे गए थे. इसके बाद पाकिस्तान ने भारत पर हमले की नाकाम कोशिश की.  पाकिस्तान के ड्रोन्स और मिसाइल हमलों को भारत ने अपने मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम से न सिर्फ निष्क्रिय कर दिया बल्कि भारतीय वायुसेना ने उसके एयर डिफेंस सिस्टम को 23 मिनट तक जाम करके 11 एयरबेसों पर बम बरसाए. भारत ने सरगोधा, नूर खान, जैकबाबाद और रहरयार खान एयरबेसों पर सटीक हमले करके पाकिस्तान की सैन्य ताकत की दुनिया के सामने पोल खोल दी. भारत के हमले इतने कारगर और प्रभावी थे कि पाकिस्तान को दो दिन में ही अपने घुटनों पर आना पड़ा और सीजफायर की गुहार लगानी पड़ी.     recent visitors 43

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज 3 मई को ग्वालियर व भिंड जिले के प्रवास पर आएंगे

 ग्वालियर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 23 मई को ग्वालियर व भिंड जिले के प्रवास पर आएंगे। वे लहार के कार्यक्रम में पहुंचेंगे। यह दूसरा मौका होगा जब भाजपा के मुख्यमंत्री यहां किसी कार्यक्रम में पहुंच रहे हैं। यह कांग्रेस नेता पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह का क्षेत्र है जहां उनको भाजपा के अंबरीश शर्मा से पराजय मिली है।  मुख्यमंत्री दोपहर 2:40 बजे ग्वालियर विमानतल पर उतरेंगे। यहां हेलीकॉप्टर से लहार जाएंगे। वहां से लौटकर ग्वालियर आएंगे। ग्वालियर के इंपीरियल गोल्फ रिसोर्ट में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के पारिवारिक आयोजन में शामिल होंगे। यहां से शाम 7:30 बजे दिल्ली के लिए रवाना होंगे। शादी में होंगे शामिल सीएम डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को 4.30 घंटे के लिए ग्वालियर और भिंड आ रहे हैं। सीएम पहले लहार जाएंगे वहां कार्यक्रम में शामिल होंगे फिर ग्वालियर में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर की बेटी की शादी में शामिल होंगे। सीएम विजिट के दौरान शहर में भारी वाहनों का प्रवेश बंद रहेगा। इस दौरान हाइवे पर भी यातायात को डायवर्ट किया गया है। विवाह समारोह में सीएम के अलावा कई और वीआइपी भी आएंगे। इसे देखते हुए सुरक्षा के इंतजाम भी पुता किए हैं। ऐसा रहेगा पूरा कार्यक्रम सीएम मोहन यादव शुक्रवार दोपहर इंदौर से ग्वालियर आएंगे। सीएम यादव दोपहर तीन बजे विमान से ग्वालियर पहुंचेगे और करीब 20 मिनट विमानतल पर रुकने के बाद लहार रवाना होंगे। वहां से शाम करीब 6 बजे वापस ग्वालियर आकर ऊर्जा मंत्री प्रद्युनसिंह तोमर की बेटी की शादी में शामिल होने के लिए इपीरियल गोल्फ रिसोर्ट में जाएंगे। सीएम यादव विवाह समारोह में करीब 1.30 घंटे रुकेंगे और शाम 7.30 बजे वापस भोपाल रवाना होंगे। ये रूट रहेंगे डाइवर्ट, यातायात होगा प्रभावित     सीएम विजिट के दौरान शम 6 बजे से निरावली तिराहा से बायपास होते सिकरौदा तिराहा तक वाहनों की एंट्री नहीं होगी।     दतिया से आकर भिंड जाने वाले वाहनों को सिकरौदा तिराहे से विक्की फैक्ट्री, बेला की बावड़ी, गोल पहाडिया, मोतीझील, अटलद्वार होकर निरावली होकर जाना पड़ेगा।     मुरैना से शिवपुरी जाने वाले वाहन निरावली से मोतीझील, गोल पहाडिया, बेला की बावड़ी से नया गांव होकर जाएंगे।     शिवपुरी से भिंड जाने वाले वाहनों को नयागांव से बेला की बावड़ी, गोल पहाड़िया, मोतीझील, अटलद्वार होकर निरावली के रास्ते जाना पड़ेगा।     भिंड से दतिया, शिवपुरी, गुना और अशोकनगर जाने वाले वाहनों को निरावली जाना पड़ेगा वहां से मोतीझील, गोल पहाडिया के रास्ते बेला की बावड़ी से नयागांव के रास्ते जाना पड़ेगा। recent visitors 44

हफ्ते के आखिरी कारोबार दिन सेंसेक्स 803 अंक चढ़कर 81,755 के स्तर पर कारोबार कर रहा

मुंबई हफ्ते के आखिरी कारोबार दिन शुक्रवार (23 मई) को सेंसेक्स करीब 803 अंक चढ़कर 81,755 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 261 अंक की तेजी है, ये 24,871 के स्तर पर है। बिजनेस डेस्कः हफ्ते के आखिरी कारोबार दिन शुक्रवार (23 मई) को सेंसेक्स करीब 803 अंक चढ़कर 81,755 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 261 अंक की तेजी है, ये 24,871 के स्तर पर है।   सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 29 में तेजी, जबकि 1 में गिरावट है। टेक महिंद्रा, इंफोसिस और जोमैटो के शेयर 3% चढ़े हैं। सनफार्मा 3% गिरा है। ITC, HCL टेक सहित 8 शेयरों में 1% की तेजी है। एशियाई बाजारों का क्या हाल? एशियाई बाजार शुक्रवार को ऊंचे स्तर पर खुले। निवेशकों ने क्षेत्रभर से आए आर्थिक आंकड़ों की समीक्षा की। जापान के निक्केई इंडेक्स में 0.80 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। जबकि व्यापक टॉपिक्स सूचकांक 0.71 प्रतिशत ऊपर रहा। कोस्पी 0.12 प्रतिशत बढ़ा और ASX 200 में 0.36 प्रतिशत की हल्की बढ़त दर्ज की गई। जापान में अप्रैल महीने में मुख्य मुद्रास्फीति (कोर इन्फ्लेशन) 3.5 प्रतिशत तक बढ़ गई। इसकी एक बड़ी वजह चावल की कीमतों में तेज़ी रही। यह आंकड़ा सरकार की तरफ से शुक्रवार को जारी किया गया। यह डेटा बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीति को और जटिल बना सकता है। वह मौजूदा अमेरिकी टैरिफ के प्रभावों के बीच दरों में संभावित विराम पर विचार कर रहा है। recent visitors 62

रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में कुल 790 पाकिस्तानी नागरिक विस्फोटों में मारे गए

कराची आतंकवाद का पर्याय बन चुका पाकिस्तान हाल के दिनों में खुद भी धमाकों से दहल रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2024 में पाकिस्तान विस्फोटक हथियारों से नागरिकों को नुकसान पहुंचने के मामले में दुनिया का सातवां सबसे अधिक प्रभावित देश बन गया। ब्रिटेन स्थित एक गैर सरकारी संगठन एक्शन ऑन आर्म्ड वायलेंस (AOAV) द्वारा  जारी की गई रिपोर्ट में यह चौंकाने वाला खुलासा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में कुल 790 पाकिस्तानी नागरिक इन विस्फोटों में मारे गए। उस साल वहां 248 ऐसे वारदात हुए, जो कि 2023 की तुलना में 11% अधिक है। रिपोर्ट में बताया गया है कि इन घटनाओं में बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) का प्रमुख हाथ है। बीएलए ने अकेले 119 नागरिकों को नुकसान पहुंचाया। रिपोर्ट के मुताबिक, BLA द्वारा की जाने वाली हिंसा में 440% की वृद्धि देखी गई। 2023 में 22 घटनाओं के मुकाबले 2024 में 119 नागरिक प्रभावित हुए। रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में पाकिस्तान में हुए सभी आत्मघाती हमलों के पीछे BLA ने प्रमुख भूमिका निभाई। 2024 में पाकिस्तान में 2014 के बाद सबसे अधिक 248 घटनाएं दर्ज की गईं। 2018 के बाद दूसरा सबसे बड़ा साल रहा जिसमें नागरिकों की अधिक मौत हुई। 2015 के बाद दूसरे सबसे ज्यादा सशस्त्र बल के सदस्य मारे गए हुए। रिपोर्ट में गंभीर चिंता जताई गई है कि पाकिस्तान में आतंकी गतिविधियों और बीएलए की सक्रियता न केवल स्थानीय शांति के लिए खतरा है, बल्कि क्षेत्रीय अस्थिरता को भी बढ़ावा दे रही है। विशेष रूप से बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा जैसे क्षेत्रों में बढ़ती हिंसा और आत्मघाती हमलों ने सुरक्षा बलों और आम नागरिकों दोनों को निशाना बनाया है। recent visitors 62

आप जिस सच्चाई को देखकर अब जागे हैं, हम बहुत दिनों से जानते हैं और उसका सामना कर रहे -जयशंकर

नई दिल्ली विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने आतंकवाद और पाकिस्तान के साथ तनाव के मुद्दे पर उपदेश देने वाले यूरोपीय देशों को सुनाया है। एस. जयशंकर ने नीदरलैंड के एक चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि यूरोप के देश तो दूसरे विश्व युद्ध के बाद से ही स्थिरता और शांति के दौर में हैं। खासतौर पर 1991-92 के बाद से और ज्यादा अच्छी स्थिति रही है, लेकिन हम बीते 80 सालों से ऐसे संघर्ष को झेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि आप तो आतंकवाद को ही नकारते रहे हैं, लेकिन हम लगातार 8 दशक से इस समस्या का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आप जिस सच्चाई को देखकर अब जागे हैं, उसके बारे में हम बहुत दिनों से जानते हैं और उसका सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'हमारे पास दो कठिन पड़ोसी हैं- चीन और पाकिस्तान। हमारे लिए पाकिस्तान की तरफ से आतंकवाद वाली परेशानी हमेशा रही है। इसलिए हमने इस कठिन दुनिया में चुनौती को पूरी मजबूती के साथ झेला है। लेकिन मुझे लगता है कि यूरोप के देश तो इस समस्या से मुंह ही चुराते रहे हैं।' उनसे पत्रकार ने सवाल पूछा कि यदि पाकिस्तान और चीन के साथ तनाव को समाप्त कर लिया जाए तो तीनों देश तेजी से आगे बढ़ेंगे। इस पर जयशंकर ने कहा कि आप ऐसा इसलिए कह पा रहे हैं क्योंकि यूरोप में बैठे हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा ही सुरक्षा चुनौतियों का सामना किया है। ऐसे में हमारे लिए राष्ट्रीय सुरक्षा आर्थिक समृद्धि और स्थिरता से भी पहले का मसला है। जयशंकर ने कहा कि भारत की सुरक्षा चुनौतियां यूरोप के मुकाबले कहीं ज्यादा हैं। उन्होंने कहा कि इसी स्थिति के चलते हमें सुरक्षा को प्राथमिकता देनी पड़ती है। आज आप समझ रहे हैं। उन्होंने कहा, 'आपकी (यूरोप) स्थिति दूसरे विश्व युद्ध के बाद से ही शांतिपूर्ण और स्थिरता वाली रही है। आप आज रियलटी चेक कर रहे, हम 8 दशकों से ऐसे ही हैं विदेश मंत्री ने कहा कि यूरोप में खासतौर से 1991-92 के बाद तो स्थिति और सुधर गई। आपका यह अच्छा भाग्य रहा कि भू-राजनीतिक तौर पर आपको अच्छे हालात मिले। इसलिए आपने यह सोचा कि सब कुछ नॉर्मल है। हमारी स्थिति ऐसी नहीं है।' उन्होंने कहा कि हालांकि आज यूरोप रियलटी चेक कर रहा है। हम इस रियलटी के साथ तो बीते 8 दशकों से जी रहे हैं। इसलिए हमारे पास सुरक्षा को मजबूत करने से पहले कोई और चॉइस ही नहीं है। recent visitors 51

कुंडली में गुरु पुष्य योग का बहुत अधिक महत्व, जाने कब और कैसे बनता है गुरु पुष्य योग?

कुंडली में गुरु पुष्य योग का बहुत अधिक महत्व होता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि गुरु पुष्य योग कब बनता है और इस योग का निर्माण कैसे होता है. ज्योतिष के अनुसार, गुरु पुष्य योग एक दुर्लभ और अत्यंत शुभ संयोग है जो गुरुवार के दिन पुष्य नक्षत्र के पड़ने पर बनता है. यह एक गोचर योग है जो सभी के लिए लाभकारी होता है और इस दौरान किए गए शुभ कार्य स्थायी और फलदायी होते हैं. इसके अलावा इस योग में किए गए उपायों से जीवन में खुशहाली बनी रहती है और आने वाली परेशानियों से छुटकारा मिलता है. गुरु पुष्य योग कब बनता है? ज्योतिष के अनुसार, गुरु पुष्य योग के लिए गुरुवार का दिन होना अनिवार्य है, क्योंकि गुरुवार का संबंध देवगुरु बृहस्पति से है और 27 नक्षत्रों में से पुष्य नक्षत्र आठवां नक्षत्र है और इसे नक्षत्रों का राजा कहा जाता है. यह अत्यंत शुभ, पुष्टिदायक और कल्याणकारी माना जाता है. जब ये दोनों (गुरुवार और पुष्य नक्षत्र) एक साथ आते हैं, तो गुरु पुष्य योग का निर्माण होता है. इसे गुरुपुष्यामृत योग भी कहते हैं. गुरु पुष्य योग का कुंडली में महत्व गुरु पुष्य योग किसी विशेष व्यक्ति की कुंडली में बनने वाला योग नहीं है, बल्कि यह गोचर का योग है. यानी, यह आकाश में ग्रहों और नक्षत्रों की विशेष स्थिति के कारण बनता है और एक निश्चित समय के लिए सभी के लिए प्रभावी होता है. गुरुवार का दिन बृहस्पति ग्रह से संबंधित है, जो ज्ञान, धन, धर्म, भाग्य और विस्तार का कारक ग्रह है. पुष्य नक्षत्र के देवता बृहस्पति और स्वामी शनि देव हैं. इसलिए, पुष्य नक्षत्र शनि प्रधान होता है, लेकिन इसकी प्रकृति गुरु जैसी होती है. शनि स्थिरता, अनुशासन और स्थायित्व का कारक है. जब गुरु (बृहस्पति) और पुष्य नक्षत्र (जिसके स्वामी शनि और देवता बृहस्पति हैं) का शुभ संयोग बनता है, तो यह योग अत्यधिक शक्तिशाली हो जाता है. बृहस्पति अपनी शुभता को बढ़ाता है और शनि उस शुभता को स्थायी बनाता है. गुरु पुष्य योग का महत्व ऐसी मान्यता है कि गुरु पुष्य योग में किए गए कार्य या खरीदी गई वस्तुएं अक्षय फल देती हैं, यानी उनका प्रभाव लंबे समय तक बना रहता है और उनमें वृद्धि होती है. इस दिन सोना, चांदी, गहने, वाहन, घर, जमीन, इलेक्ट्रॉनिक्स आदि खरीदना बहुत शुभ माना जाता है. व्यापार शुरू करना, विद्या आरंभ करना, नए सौदे करना, गृह प्रवेश करना, या कोई भी नया और महत्वपूर्ण काम शुरू करना इस योग में बहुत लाभकारी होता है. इस योग में माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा करने से धन-संपत्ति में बढ़ोत्तरी होती है. यह योग जीवन में शांति, समृद्धि और खुशियां लाता है. विशेष रूप से यह गुरु और शनि से संबंधित दोषों को कम करने में सहायक होता है.   recent visitors 61