मासूम नागरिकों की हत्या, धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने के बाद उपदेश देना पाखंड… भारत ने UN में PAK को सुनाईं खरी-खोटी

नई दिल्ली संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के मंच पर भारत ने आतंकवाद के मुद्दे पर फिर पाकिस्तान को बेनकाब किया है। आतंक के पनाहगार को दो टूक शब्दों में जवाब देते हुए कहा कि एक ऐसा देश जो आतंकवादियों और नागरिकों में अंतर नहीं करता, उसको नागरिक सुरक्षा पर ज्ञान देने का अधिकार नहीं है। भारत की ओर से पाकिस्तान को फिर एक बार साफ किया कि सिंधु जल समझौता तब तक स्थगित रहेगा जबतक वो आतंकवाद का साथ नहीं छोड़ता। ‘ऐसे देश का चर्चा में भाग लेना अपमान’ संयुक्त राष्ट्र में अरिया फॉर्मूला मीटिंग के दौरान भारत के स्थायी प्रतिनिधि पार्वथानेनी हरीश ने पाकिस्तान को आईना दिखाया। उन्होंने कहा कि दशकों से भारत पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को झेलता आया है। इस दौरान उन्होंने मुंबई 26/11 अटैक से लेकर पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र किया और कहा कि इन्होंने इनके निशाने पर हमेशा हमारे आम नागरिक रहे हैं। ऐसे देश के लिए नागरिकों की सुरक्षा पर चर्चा में भाग लेना भी अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का अपमान है। 'PAK को नागरिक सुरक्षा पर बोलने का अधिकार नहीं' उन्होंने कहा, 'ऐसे देश का नागरिकों की सुरक्षा पर चर्चा में भाग लेना भी अंतरराष्ट्रीय समुदाय का अपमान है जो देश आतंकवादियों और नागरिकों के बीच कोई अंतर नहीं करता, उसे नागरिकों की सुरक्षा के बारे में बोलने का कोई अधिकार नहीं है.' पुरी ने हाल की एक घटना का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि इस महीने की शुरुआत में पाकिस्तानी सेना ने जानबूझकर भारतीय सीमावर्ती गांवों को निशाना बनाया. उन्होंने कहा, 'हमलों में 20 से अधिक नागरिक मारे गए और 80 से अधिक घायल हुए. गुरुद्वारों, मंदिरों और कॉन्वेंटों समेत पूजा स्थलों के साथ-साथ स्वास्थ्य केंद्र, अस्पतालों को भी जानबूझकर निशाना बनाया गया. इस तरह के काम करने के बाद इस मंच पर उपदेश देना घोर पाखंड है.' 'भारत ने झेला PAK प्रायोजित हमलों का दर्द' कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए हरीश ने कहा कि भारत ने दशकों से अपनी सीमाओं पर पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादी हमलों को झेला है. उन्होंने कहा, 'इसमें मुंबई शहर पर हुए 26/11 के भयानक हमले से लेकर अप्रैल 2025 में पहलगाम में निर्दोष पर्यटकों की बर्बर सामूहिक हत्या तक शामिल है. पाकिस्तानी आतंकवाद के शिकार मुख्य रूप से नागरिक रहे हैं, क्योंकि इसका उद्देश्य हमारी समृद्धि, प्रगति और मनोबल पर हमला करना रहा है. ऐसे देश के लिए नागरिकों की सुरक्षा पर चर्चा में भाग लेना भी अंतरराष्ट्रीय समुदाय का अपमान है.' उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने बार-बार आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए नागरिकों को आड़ (कवर) के रूप में इस्तेमाल किया है. उन्होंने कहा, 'हमने हाल ही में वरिष्ठ सरकारी, पुलिस और सैन्य अधिकारियों को ऑपरेशन सिंदूर के तहत मारे गए आतंकवादियों के अंतिम संस्कार में श्रद्धांजलि देते देखा है. पाकिस्तान एक ऐसा देश है जो आतंकवादियों और नागरिकों के बीच कोई फर्क नहीं करता, उसे नागरिकों की सुरक्षा के बारे में बोलने की कोई अधिकार नहीं है.'   recent visitors 61

iPhone को 25% टैरिफ की धमकी देने के बाद ट्रंप ने Samsung को निशाने पर लिया, दे दी यह चेतावनी

वाशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि देश के बाहर बने सभी स्मार्टफोन्स पर जल्द ही 25 फीसदी टैरिफ लगाया जा सकता है। इन स्मार्टफोन्स में एपल का आईफोन समेत सैमसंग और दूसरी कंपनियों के डिवाइसेज भी शामिल हैं। ट्रंप ने कहा कि अगर ये स्मार्टफोन अमेरिका में ही बनते हैं तो कोई टैरिफ नहीं लगेगा। वहीं, अगर ये बाहर से बनकर अमेरिका में बेचे जाते हैं, तो टैरिफ देना होगा। ट्रंप ने कहा, 'इस पॉलिसी से सिर्फ एपल ही प्रभावित नहीं होगा, बल्कि यह इससे काफी ज्यादा व्यापक होगी। सैमसंग और दूसरी कंपनियां भी इस टैरिफ के दायरे में आएंगी। अन्यथा, यह उचित नहीं होगा। जब वे यहां अपना प्लांट लगाते हैं, तो कोई टैरिफ नहीं होगा।' ट्रंप ने की थी टिम कुक से बात ट्रंप ने शुक्रवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उन्होंने एपल के सीईओ टिम कुक को पहले ही अपनी अपेक्षाओं के बारे में सूचित कर दिया था। ट्रंप ने कहा, "मैंने बहुत पहले एपल के टिम कुक को सूचित कर दिया था कि मुझे उम्मीद है कि उनके आईफोन जो अमेरिका में बेचे जाएंगे, वे अमेरिका में निर्मित और बनाए जाएंगे, भारत या कहीं और नहीं। अगर ऐसा नहीं होता है, तो एपल को अमेरिका को कम से कम 25% का टैरिफ देना होगा।" ट्रंप ने Apple को चेतावनी भी दी कि उसे आईफोन का उत्पादन घरेलू स्तर पर ही करना होगा. वरना उसे नए टैरिफ का सामना करना पड़ेगा. ट्रंप ने कहा कि उन्होंने Apple के सीईओ टिम कुक को बहुत पहले बता दिया था कि उत्पादन अमेरिका में ही होना चाहिए. उन्होंने कहा कि वो भारत में प्लांट बनाने के लिए जा रहे हैं. मैंने कहा कि भारत जाना ठीक है, लेकिन आप टैरिफ के बिना इसे यहां नहीं बेचेंगे. अगर वो आईफोन को अमेरिका बेचने जा रहे हैं तो मैं चाहता हूं कि इसे अमेरिका में ही बनाया जाए. वर्तमान में Apple चीनी टैरिफ से बचने के लिए अपने iPhone असेंबली का अधिकांश हिस्सा भारत में ट्रांसफर कर रहा है, लेकिन विनिर्माण को अमेरिका में ट्रांसफर करने की कोई सार्वजनिक योजना नहीं है. विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिका में iPhone बनाने से कीमतों में सैकड़ों से हजारों डॉलर की बढ़ोतरी होगी. बाद में ट्रंप ने स्पष्ट किया कि स्मार्टफोन टैरिफ मोटे तौर पर एप्पल, सैमसंग और किसी भी विदेशी फोन पर लगाए जाएंगे जो जून के अंत तक लगाए जा सकते हैं. पिछले साल यूरोपीय संघ ने अमेरिका को 500 बिलियन डॉलर का सामान निर्यात किया, जिसमें जर्मनी, आयरलैंड और इटली सबसे आगे रहे. 50 प्रतिशत टैरिफ से कार, फार्मास्यूटिकल्स और विमान जैसे उत्पाद बुरी तरह प्रभावित होंगे, जिससे अमेरिकी उपभोक्ताओं के लिए लागत बढ़ने की संभावना है. यूरोपीय संघ के व्यापार प्रमुख मारोस सेफकोविक ने शांति की अपील की और आपसी सम्मान का आह्वान किया, जबकि डच प्रधानमंत्री डिक स्कोफ ने कहा कि टैरिफ की धमकियां पहले भी अमेरिकी वार्ता रणनीति का हिस्सा रही हैं. वैश्विक बाजार में उथल-पुथल ट्रंप के बयान के बाद बाजार में उथल-पुथल मच गई है. अमेरिकी और यूरोपीय शेयरों में गिरावट देखी गई है. ट्रेजरी प्रतिफल में गिरावट आई तथा निवेशकों की चिंता के बीच सोने की कीमतों में वृद्धि हुई है. साथ ही Apple के शेयरों में 3 प्रतिशत की गिरावट आई है. एपल भारत में करता रहेगा निवेश यह धमकी ट्रंप और कुक के बीच हाल ही में हुई बैठक के बाद आई है। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के अनुसार, ट्रंप एपल की चीन से भारत में अधिक आईफोन प्रोडक्शन ट्रांसफर करने की योजनाओं से नाखुश थे। ट्रंप ने कहा, "मुझे टिम के साथ यह समझ थी कि वह ऐसा नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि वह प्लांट बनाने के लिए भारत जा रहे हैं। मैंने कहा, 'भारत जाना ठीक है, लेकिन आप टैरिफ के बिना यहां बिक्री नहीं करेंगे।'" ट्रंप के इन बयानों के बाद हाल ही में एपल ने कहा है कि उसकी भारत की निवेश योजनाओं में कोई बदलाव नहीं आया है। अमेरिका में बढ़ेगी महंगाई ये नई टिप्पणियां ट्रंप की स्थिति में बदलाव को दर्शाती हैं। जबकि उन्होंने पहले कहा था कि अन्य देश टैरिफ का बोझ उठाएंगे। इस बार उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि कंपनियों को खुद- जैसे एपल को भुगतान करना होगा। इसका मतलब उपभोक्ताओं के लिए महंगाई बढ़ सकती है, क्योंकि आयात कर टैरिफ लगा तो अमेरिकी लोगों को आईफोन खरीदने के लिए ज्यादा डॉलर खर्चने होंगे। recent visitors 62

मुख्यमंत्री के सुशासन सड़कों के जाल का हो रहा है विस्तार

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जशपुर वासियों को स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पानी और सड़कों के विस्तार हेतु सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विशेष प्रयास कर रहे हैं जिसका साकारात्मक परिणाम भी देखने को मिल रहा है जशपुर में नागरिकों के आवागमन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए छः सड़कों के निर्माण कार्य हेतु 18 करोड़ 46  लाख 87 हजार की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हुई है। इन मार्गो के निर्माण से लोगों के आवागमन में सुगमता होगी। जिले के लोगों में मिलने वाली सुविधा से खुशी की लहर है।           राज्य शासन से स्वीकृति कार्यो में वर्ष 2024-25 के बजट में शामिल जिला जशपुर के ग्राम चटकपुर से रेंगारबहार पहुंच मार्ग लम्बाई 2.46 किमी. के निर्माण हेतु 02 करोड़ 89 लाख 86 हजार की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हुई है। इसी प्रकार कुनकुरी-औरीजोर-मतलूटोली-पटेलापारा पहुंच मार्ग लंबाई 2.54 किमी. निर्माण कार्य हेतु 03 करोड़ 01 लाख 95 हजार, एन.एच.43 के किमी. 540/4 से मयाली डेम तक मार्ग लंबाई 2.28 किमी. निर्माण हेतु 02 करोड़ 85 लाख 01 हजार, मयाली नेचर कैम्प से मधेश्वर मंदिर तक मार्ग लंबाई 2.20 किमी. निर्माण हेतु 2 करोड़ 71 लाख 89 हजार, रानीबंध चौक से चिडराटांगर होते हुए पंडरीआमा-उपरकछार मार्ग लंबाई 3.44 किमी. निर्माण कार्य हेतु 3 करोड़ 29 लाख 58 हजार और जोकरी से मधेश्वर पहाड़ तक पहुंच मार्ग लंबाई 2.88 किमी. निर्माण कार्य हेतु 3 करोड़ 68 लाख 58 हजार की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हुई है। recent visitors 41

CM ने चिकित्सकों और मेडिकल स्टाफ से चर्चा कर अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं और विभिन्न विषयों पर जानकारी ली

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  राजधानी रायपुर के सड्डू स्थित आईटीएसए हॉस्पिटल का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने राजधानी वासियों और अस्पताल प्रबंधन को बधाई और शुभकामनाएं दी।         मुख्यमंत्री ने कहा कि 350 बिस्तरों की क्षमता वाले इस मल्टीस्पेशलिटी, पीडियाट्रिक और वेलनेस सेंटर से न केवल राजधानी रायपुर बल्कि पूरे प्रदेश के लोगों को अत्याधुनिक और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएँ मिलेंगी।उन्होंने बताया कि पिछले सत्रह महीनों में छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में तीव्र गति से विकास हो रहा है। सरकार द्वारा नवा रायपुर अटल नगर में मेडिसिटी परियोजना की शुरुआत की गई है, जो भविष्य में 5 हजार बिस्तरों वाले मेडिकल हब के रूप में विकसित होगी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों और मेडिकल स्टाफ से चर्चा कर अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं और विभिन्न विषयों पर जानकारी ली।         इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, विधायक राजेश मूणत, विधायक पुरन्दर मिश्रा, विधायक मोतीलाल साहू और प्रबुद्धजन   उपस्थित रहे। recent visitors 47

21 मई को माओवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में मिली ऐतिहासिक कामयाबी पर मुख्यमंत्री ने जवानों को दी बधाई

रायपुर : जवानों के बुलंद हौसलों से मिटेगा नक्सलवाद का कलंक: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री साय ने बासिंग स्थित बीएसएफ कैम्प पहुंचकर की जवानों की हौसला अफजाई कहा- फोर्स के अदम्य साहस और शौर्य को नमन 21 मई को माओवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में मिली ऐतिहासिक कामयाबी पर मुख्यमंत्री ने जवानों को दी बधाई रायपुर प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि हमारे जवानों का हौसला दुर्गम पहाड़ों से भी ऊंचा है। नक्सलवाद के विरूद्ध निर्णायक लड़ाई में हमारे जवानों ने अदभुत, साहस, शौर्य और पराक्रम का परिचय दिया है। जवानों के बुलंद हौसलों से अब वह दिन दूर नहीं जब बस्तर से नक्सलवाद का नामोनिशान मिट जाएगा। मुख्यमंत्री साय आज ओरछा ब्लॉक के ग्राम बासिंग स्थित बीएसएफ कैम्प पहुंचे, जहां पर उन्होंने 21 मई को डीआरजी-बीएसएफ और जिला बल के द्वारा माओवादियों के विरूद्ध नारायणपुर, दंतेवाड़ा और बीजापुर की सरहदी पहाड़ियों में चलाए गए नक्सल विरोधी ऑपरेशन में 27 नक्सलियों को मार गिराने वाले जवानों की हौसला-अफजाई की। उन्होंने बासिंग कैम्प में जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि यह माओवाद के विरूद्ध अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है जिसमें सुरक्षा बलों ने हार्डकोर माओवादी बसवा राजू सहित 27 नक्सलियों को मार गिराया है। मुख्यमंत्री के साथ उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह भी बासिंग पहुंचे। मुख्यमंत्री ने जवानों की हौसला अफ़ज़ाई करते हुए तिलक लगाकर उनका अभिनंदन किया। उन्होंने जवानों से कहा कि बस्तर में अमन और शांति लाने में आपकी महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्यमंत्री ने सुरक्षा बल के जवानों को 50 मोटर बाइक पर हरी झंडी दिखाकर गस्त करने के लिए रवाना किया। मुख्यमंत्री साय ने जवानों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सुरक्षा बलों ने जिस तरह उच्च स्तरीय रणनीति बनाकर ऑपरेशन को अंजाम दिया और कामयाबी हासिल की वह काबिले-तारीफ है। फोर्स के इस अदम्य साहस और शौर्य को नमन है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि अब वह दिन दूर नहीं जब बस्तर के माथे से माओवाद का कलंक पूरी तरह से मिट जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक देश से नक्सल समस्या को समूल समाप्त करने का संकल्प लिया है, वह पूरा होता नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि वह दिन दूर नहीं जब बस्तर अंचल छत्तीसगढ़ के विकास से पूरी तरह जुड़ जाएगा। उन्होंने उम्मीद जाहिर करते हुए कहा कि बस्तर के अंदरूनी इलाके, जहां कुछ साल पहले तक जाना भी संभव नहीं था, वहां अब शिक्षा, स्वास्थ्य, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के क्रियान्वयन और निर्माण कार्यों में अब गति आएगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि माओवाद प्रभावित क्षेत्रों को शासन की योजनाओं से जोड़ने नियद नेल्लानार, पीएम जनमन जैसी योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिसका सकारात्मक बदलाव अब बस्तर में दिखने लगा है। माओवाद की समाप्ति के साथ ही बस्तर विकास की ओर तेजी से बढ़ेगा। उन्होंने ऑपरेशन में शामिल सभी जवानों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए उनकी बहादुरी के लिए बधाई दी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि इस ऑपरेशन और जवानों की बड़ी और ऐतिहासिक सफलता की सराहना राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी हो रही है। उन्होंने कहा कि अब बस्तर में बड़ा और सकारात्मक परिवर्तन होने जा रहा है जो विकास और प्रगति की राह पर बस्तर को ले जाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जवानों को एलईडी सेट और गिफ्ट हैम्पर भेंट किए। इस अवसर पर ऑपरेशन में शामिल जवानों ने की गई तैयारियों और रणनीति की जानकारी मुख्यमंत्री एवं उप मुख्यमंत्री को दी। इसके पहले, जवानों ने मुठभेड़ के बाद माओवादियों से रिकवर किए गए हथियारों का प्रदर्शन किया, जिसमें बीजीएल लॉन्चर, 12 बोर बंदूक, .303 बंदूक, 7.62 रायफल, 5.56 एमएम इंसास, एके-47, 9 एमएम कार्बाइन सहित विभिन्न प्रकार के हथियार सम्मिलित थे। इस मौके पर पुलिस महानिदेशक अरूण देव गौतम, एडीजी नक्सल ऑपरेशन विवेकानंद सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी, डीआईजी अमित तुकाराम कामले, कलेक्टर नारायणपुर श्रीमती प्रतिष्ठा ममगाईं, पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे। recent visitors 44

यंगेस्ट एथिकल हैकर शुभांक सिंगहाई के विशेष सत्र का आयोजन

भोपाल मध्यप्रदेश कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (एमपी-सर्ट) द्वारा साइबर सुरक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जिला ई-गवर्नेंस प्रबंधकों (डीईजीएम) के लिये एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन होटल पलाश रेसिडेंसी भोपाल में शुक्रवार को किया गया। यह कार्यशाला विज्ञान और प्रौद्योगिकी के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे एवं एमपी-सर्ट के निदेशक गुरु प्रसाद के मार्गदर्शन में आयोजित की गई। कार्यशाला में राज्य के सभी 55 जिला ई-गवर्नेंस प्रबंधकों ने भाग लिया, जिन्हें अपने-अपने जिलों के लिए मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी के रूप में नामित किया गया है। कार्यशाला डीईजीएम को नवीनतम साइबर रणनीतियों, उपकरणों और सर्वोत्तम प्रक्रियाओं से सुसज्जित करने के उद्देश्य से आयोजित हुई। जिससे साइबर सुरक्षा की जड़ें जिला स्तर तक मजबूत हो सके। विशेष सत्र में भोपाल के 11वीं के छात्र शुभांक सिंगहाई, यंगेस्ट एथिकल हैकर ने सहभागिता की जिसमें उन्होंने रियल-टाइम हैकिंग का डेमो प्रस्तुत करके यह स्पष्ट किया कि साइबर सुरक्षा आज के समय में कितनी आवश्यक है। उनका व्यावहारिक प्रदर्शन उपस्थित डीजीईएम के लिए अत्यंत प्रभावशाली एवं शिक्षाप्रद रहा। कार्यशाला में संयुक्त निदेशक, एमपी-सर्ट एवं पुलिस अधीक्षक एटीएस वैभव श्रीवास्तव ने सत्र को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार साइबर अपराधी मानवीय कमजोरियों जैसे लालच, आलस्य और डर का फायदा उठाकर ऑनलाइन धोखाधड़ी करते हैं। श्रीवास्तव ने फिशिंग ईमेल, फर्जी सिम कार्ड ऑफर, आधार आधारित पहचान की चोरी और ओटीपी धोखाधड़ी जैसे मामलों के उदाहरण प्रस्तुत किए। उन्होंने मजबूत और अलग-अलग पासवर्ड इस्तेमाल करने, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन सक्रिय करने, संदिग्ध लिंक या कॉल से बचने और ओटीपी या कार्ड विवरण कभी भी साझा न करने की सलाह दी। यह कार्यशाला राज्य सरकार की साइबर सुरक्षा को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसमें जिला स्तरीय अधिकारियों को संभावित खतरों से निपटने के लिए तैयार किया जा रहा है।   recent visitors 50

योगी सरकार ने साढ़े चार लाख प्राइमरी टीचरों को दिया बड़ा तोहफा, नौ साल बाद हो सकेंगे तबादले, आदेश जारी

लखनऊ यूपी की योगी सरकार ने पारस्परिक स्थानांतरण के बाद अब प्रदेश के लाखों शिक्षकों को सामान्य ट्रांसफर का भी बड़ा तोहफा दिया है। अब जिले के भीतर और जिले के बाहर शिक्षकों के सामान्य स्थानांतरण के आदेश भी जारी कर दिए हैं। सरकार ने सामान्य तबादले के आदेश जारी कर दिए। इससे पूर्व आठ वर्ष पहले शिक्षकों के वर्ष 2016 में जिले के अन्दर सामान्य तबादले किए गए थे जबकि दो साल पूर्व वर्ष 2023 में जिले के बाहर सामान्य स्थानांतरण के आदेश हुए थे। बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन संचालित विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक एवं शिक्षिकाओं के शैक्षिक सत्र 2025-26 में स्वेच्छा से अन्तः जनपदीय एवं अन्तर्जनपदीय सामान्य स्थानान्तरण के लिए आदेश जारी कर दिया है। इसके तहत जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली चार सदस्यीय समिति के अनुमोदन के बाद की जाएगी। कमेटी में डीएम के अलावा मुख्य विकास अधिकारी, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के प्राचार्य तथा जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी सदस्य होंगे। बीएसए को कमेटी का सचिव भी नामित किया गया है। शिक्षकों का स्थानांतरण यू-डायस पोर्टल पर उपलब्ध छात्र संख्या के आधार पर किया जाएगा। निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के मानकों के आधार पर छात्र-शिक्षक अनुपात की गणना करते हुए शिक्षकों की आवश्यकता वाले एवं जरुरत से अधिक शिक्षक वाले जिलों को चिन्हित कर आनलाइन तबादले किए जाएंगे। ऑनलाइन विकल्प वरीयता के क्रम में होगा अन्तर्जनपदीय में आवश्यकता से अधिक अध्यापक वाले चिन्हित जिलों में से तैनात शिक्षकों द्वारा स्वेच्छा से अध्यापक की आवश्यकता वाले जिलों का ऑनलाइन विकल्प वरीयता क्रम में लिया जा सकेगा। साथ ही छात्र-शिक्षक अनुपात पूर्ण करने के उद्देश्य से आवश्यकता से अधिक अध्यापक वाले जिलों से अध्यापक की आवश्यकता वाले जिलों में किया जाएगा। स्थानान्तरण के लिए जनपद में कार्यरत नियमित शिक्षक एवं शिक्षिका अर्ह होंगे। अन्तर्जनपदीय स्थानांतरण के लिए सेवावधि की बाध्यता नहीं होगी। शिक्षकों द्वारा ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन पत्र सबमिट करने के बाद ही पूर्ण माना जायेगा अन्यथा की स्थिति में आवेदन पत्र निरस्त माना जाएगा। आवेदप पत्र की स्वप्रमाणित छायाप्रति बीएसए ऑफिस में जमा करनी होगी संबंधित शिक्षकों द्वारा भरे गए आवेदन पत्र एवं उससे सम्बन्धित अभिलेखों की छायाप्रतियों को स्व-प्रमाणित कर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा करना अनिवार्य होगा। शिक्षकों द्वारा उपलब्ध कराए गए अभिलेखों के सत्यापन में अभिलेख फर्जी/कूटरचित पाये जाने पर ‌उस अध्यापक के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी। अन्तः जनपदीय स्थानान्तरण एवं समायोजन प्रक्रिया की कार्यवाही उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा अध्यापक सेवा नियमावली-1981 (अद्यतन संशोधित) एवं राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद की अधिसूचना 2010 एवं 2014 में निहित प्राविधानों के अधीन की जाएगी। शिक्षकों द्वारा स्वेच्छा से अन्तः जनपदीय स्थानान्तरण एवं समायोजन के बाद संबंधित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा मानव सम्पदा पोर्टल पर शिक्षकों के विवरण को अपडेट किया जाएगा। शिक्षक संगठनों ने किया स्वागत जिले के अन्दर एवं जिले के बाहर सामान्य रूप से ट्रांसफर के आदेश जारू होने पर शिक्षक संगठनों ने स्वागत किया है। उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ के अध्यक्ष अनिल यादव का कहना है कि सरकार द्वारा प्रदेश के लाखों शिक्षकों को सामान्य तबादले के आदेश शिक्षकों के लिए बड़ी सौगात है। 2016 के बाद जिले अंदर सामान्य रूप से तबादले के आदेश जारी किए गए हैं। वहीं दूसरी तरफ जिले बाहर भी आदेश आने से शिक्षकों में ख़ुशी की लहर है।   recent visitors 60