वनाधिकार एक्ट का क्रियान्वयन करते हुए वनों के संरक्षण पर भी ध्यान देना आवश्यक

जनजातियाँ वनों की सबसे बड़ी पोषक और संरक्षक हैं – कमिश्नर श्री जामोद वनाधिकार के तहत सामुदायिक दावे तत्परता से मान्य करें – कमिश्नर शहडोल वनाधिकार एक्ट का क्रियान्वयन करते हुए वनों के संरक्षण पर भी ध्यान देना आवश्यक वनों का संरक्षण करने वालों के ही वनाधिकार दावे मान्य किए जाएं – सीसीएफ रीवा सीधी  वनाधिकार अधिनियम की रीवा और शहडोल संभाग की संयुक्त कार्यशाला विन्ध्या रिट्रीट होटल रीवा के सभागार में आयोजित की गई। कार्यशाला के प्रथम दिन वनाधिकार समिति के सदस्यों को प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला के दूसरे दिन जिला स्तरीय वनाधिकार समिति के सदस्यों को सामुदायिक दावों के निपटारे के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला में रीवा संभाग के कमिश्नर बीएस जामोद ने कहा कि वनाधिकार अधिनियम ने पीढ़ियों से वन भूमि में खेती करने वाले तथा रहने वाले जनजातीय परिवारों एवं अन्य परिवारों के अधिकारों को मान्यता दी है। इसने वर्षों से वनों के साथ सह अस्तित्व में वनवासी परिवारों को जमीन का मालिकाना हक दिया है। जनजातीय परिवार परंपरागत रूप से वनों के पोषक और संरक्षक हैं। उनकी आजीविका मुख्य रूप से वनों पर ही निर्भर रही है। उनके रीति रिवाज, परंपराएं और धार्मिक अनुष्ठानों में भी वन अनिवार्य रूप से शामिल रहा है। वनाधिकार अधिनियम से व्यक्तिगत दावे में बहुत अच्छा कार्य हुआ है। अब सामुदायिक दावों को भी मान्यता देकर जनजातीय परिवारों की हमें सहायता करनी है। जनजातीय परिवार अगर न होते तो आज वन भी नाममात्र के ही बचे होते।         कार्यशाला में शहडोल संभाग के कमिश्नर सुरभि गुप्ता ने कहा कि कार्यशाला में सामुदायिक दावों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। सामुदायिक दावों के निराकरण के लिए अब किसी के मन में संदेह नहीं रहना चाहिए। वनाधिकार अधिनियम के तहत दर्ज सामुदायिक दावों का तत्परता से निराकरण करें। मुख्य वन संरक्षक रीवा राजेश राय ने कार्यशाला में कहा कि वनाधिकार अधिनियम ने जनजातीय परिवारों को भू अधिकार पत्र देकर उनके जीवन में बहुत बड़ा परिवर्तन किया है। व्यक्तिगत दावों के साथ-साथ वन भूमि में निस्तार और सामुदायिक उपयोग को भी एक्ट में मान्य किया गया है। इसके सामुदायिक दावों को मान्य करते हुए वन संरक्षण पर भी ध्यान देना आवश्यक है। वनों का संरक्षण करने वालों को ही वनाधिकार का लाभ दिया जाना चाहिए। शहडोल संभाग के सीसीएफ श्री एसके पाण्डेय ने कहा कि कार्यशाला में दी गई जानकारी से सामुदायिक दावों के निराकरण के लिए सही मार्गदर्शन मिला है। सामुदायिक दावों में किसी तरह का टकराव नहीं है। गांव की राजस्व सीमा, वनों का क्षेत्र तथा सामुदायिक कार्यों के लिए समुदाय के अधिकार तीनों पर हमें ध्यान देना होगा।         कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर वाई गिरि राव ने कहा कि सामुदायिक दावे से वन, राजस्व, जनजातीय कार्य और ग्रामीण विकास विभाग जुड़े हैं। अधिनियम के तहत गठित समितियों को राज्य से लेकर ग्राम स्तर तक कार्यशालाओं के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश के 54903 गांवों में से 26555 गांवों में वनाधिकार एक्ट के दावे मान्य किए गए हैं। राष्ट्रीय वन नीति, वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम तथा पर्यावरण संरक्षण को ध्यान रखते हुए सामुदायिक दावे मान्य किए जाएंगे। वन भूमि अथवा उसके आसपास के क्षेत्र में परंपरागत रूप से रहने वाले परिवारों को वन क्षेत्र में स्थित धार्मिक स्थल में पूजा-पाठ करने, जल श्रोतों के दोहन, मछलीपालन, वनोपज संग्रहण एवं निस्तार के दावे इसमें शामिल होंगे। कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर श्री शरद लेले ने कहा कि वनाधिकार अधिनियम वन क्षेत्र में गैर वनीय कार्य को मान्यता देता है। सामुदायिक दावों में पूजा-पाठ, वनोपज संग्रहण, परंपरागत मार्ग से आने-जाने, पानी भरने तथा अन्य निस्तार शामिल हैं। सामुदायिक दावों में समुदाय के अधिकार के साथ-साथ उनके स्थल और क्षेत्र का भी निर्धारण किया जाना आवश्यक है। यदि एक गांव के निस्तार के दावे पर विचार किया जा रहा है तो आसपास के गांवों की भी उसमें सहमति आवश्यक होगी। गांव में उपलब्ध दस्तावेजों अथवा बुजुर्गों के कथन के आधार पर गांव की सीमा का निर्धारण किया जा सकता है। श्री लेले ने व्यक्तिगत दावे तथा सामुदायिक दावे दर्ज करने के लिए आवश्यक अभिलेखों एवं प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी। कार्यशाला में वन-राजस्व सीमा विवाद के निराकरण के लिए वनों के व्यवस्थापन, पेसा एक्ट तथा वन संरक्षण के उपायों पर भी चर्चा की गई। कार्यशाला में रीवा, सीधी, सतना, शहडोल, अनूपपुर, मऊगंज तथा मैहर जिलों के कलेक्टर शामिल रहे। कार्यशाला में रीवा और शहडोल संभाग के जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, वन मण्डलाधिकारी, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग, जिला संयोजक ट्राईबल उपस्थित रहे। कार्यशाला के समापन पर उपायुक्त ट्राईबल ऊषा अजय सिंह ने आभार व्यक्त किया। recent visitors 56

सुप्रीम कोर्ट ने मातृत्व अवकाश को महिलाओं का संवैधानिक अधिकार बताया, अब तीसरे बच्चे के जन्म पर भी पूरा मातृत्व अवकाश मिलेगा

नई दिल्ली देशभर की कामकाजी महिलाओं के लिए सुप्रीम कोर्ट ने राहत भरा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने  साफ किया कि मातृत्व अवकाश (मैटरनिटी लीव) केवल सामाजिक न्याय या सद्भावना का विषय नहीं, बल्कि महिलाओं का संवैधानिक अधिकार है. अदालत ने मद्रास हाईकोर्ट के उस आदेश को खारिज कर दिया, जिसमें एक सरकारी शिक्षिका को तीसरे बच्चे के जन्म पर मातृत्व अवकाश (मैटरनिटी लीव) देने से इनकार कर दिया गया था. जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच ने कहा कि मातृत्व अवकाश का मकसद महिला कर्मचारियों को सामाजिक न्याय दिलाना है ताकि वे बच्चे को जन्म देने के बाद न केवल जीवित रह सकें, बल्कि अपनी ऊर्जा दोबारा प्राप्त कर सकें, शिशु का पालन-पोषण कर सकें और अपने कार्यकौशल को बनाए रख सकें. तमिलनाडु की एक महिला सरकारी कर्मचारी के उमादेवी की अर्जी पर जस्टिस अभय एस ओक और जस्टिस उज्जल भुइयां की पीठ ने यह आदेश पारित किया है. महिला ने पुनर्विवाह के बाद बच्चे को जन्म दिया था. लेकिन उसके महकमे के आला अधिकारियों ने उसे मातृत्व अवकाश से वंचित रखने का आदेश दिया, जिसके बाद महिला ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया. कोर्ट ने तमिलनाडु की एक सरकारी महिला कर्मचारी की याचिका पर यह फैसला सुनाया. महिला का अपनी दूसरी शादी से एक बच्चा था. महिला को यह कहकर मैटरनिटी लीव नहीं दी गई थी कि उसके अपनी पहली शादी से पहले से ही दो बच्चे थे. तमिलनाडु राज्य में नियम है कि मातृत्व लाभ केवल पहले दो बच्चों के लिए ही होगा. याचिका में महिला ने कहा था कि पहली शादी से पैदा हुए बच्चों को लेकर भी उन्हें मैटरनिटी लीव का लाभ नहीं मिला था. उनके वकील केव मुथुकुमार ने कहा कि उन्होंने दूसरी शादी के बाद ही सरकारी स्कूल में पढ़ाना शुरू किया था. बता दें कि मातृत्व अवकाश से संबंधित मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 2017 में मातृत्व लाभ अधिनियम में संशोधन कर 12 सप्ताह की छुट्टी को बढ़ाकर 26 सप्ताह कर दिया था. सभी महिला कर्मचारियों कोपहले और दूसरे बच्चे के लिए मैटरनिटी लीव दी जाती है. बच्चा गोद लेने वाली माताएं भी 12 सप्ताह के मातृत्व अवकाश की हकदार हैं. यह बच्चे को सौंपे जाने की तारीख से शुरू होता है. सुप्रीम कोर्ट ने कई मामलों में मातृत्व अवकाश के अधिकार पर जोर दिया है. एक मामले में यह कहा गया है कि मातृत्व अवकाश सभी महिला कर्मचारियों का अधिकार है, चाहे उनकी नौकरी कैसी भी हो. recent visitors 59

अभिनेता मुकुल देव का 54 की उम्र में निधन

मुंबई हिंदी सिनेमा अपने लोकप्रिय अभिनेता मुकुल देव की अचानक मौत हो जाने से स्तब्ध है। मुकुल देव को हाल फिलहाल की फिल्मों 'सन ऑफ सरदार', 'आर… राजकुमार', 'जय हो' जैसी फिल्मों में अपने काम के लिए जाना जाता है। वह 54 वर्ष के थे। जानकारी के मुताबिक मुकुल देव का शुक्रवार रात निधन हुआ। शनिवार को उनके दोस्तों को जब उनके निधन की खबर मिली तो वे उनके घर पहुंचे। उनकी मृत्यु के कारण की पुष्टि नहीं हो सकी है। उनके परिवार और दोस्तों की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार है। उनकी करीबी मित्र और अभिनेत्री दीपशिखा नागपाल ने सोशल मीडिया पर इस खबर की पुष्टि की। उन्होंने एक थ्रोबैक तस्वीर शेयर करते हुए इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा, “RIP”। मुकुल देव आखिरी बार हिंदी फिल्म दिव्या दत्ता के साथ ‘अंत द एंड’ में नजर आए थे। वे अभिनेता राहुल देव के छोटे भाई हैं। मुकुल देव का जन्म नई दिल्ली में एक पंजाबी परिवार में हुआ था, जिनकी जड़ें जालंधर के पास के एक गांव से जुड़ी थीं। उनके पिता हरी देव पुलिस में असिस्टेंट कमिश्नर थे और उन्होंने ही मुकुल को अफगानी संस्कृति से परिचित कराया था। उनके पिता पश्तो और फारसी भाषा बोल सकते थे। मुकुल का मनोरंजन की दुनिया से पहला परिचय कक्षा 8 में हुआ जब उन्होंने दूरदर्शन के एक डांस शो में माइकल जैक्सन की नकल करते हुए प्रस्तुति दी थी और इसके लिए उन्हें पहली बार पारिश्रमिक मिला था। मुकुल ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी से हवाई जहाज उड़ाने का प्रशिक्षण प्राप्त किया था। धारावाहिक ‘मुमकिन’ (1996) से अभिनय की शुरुआत करने वाले मुकुल देव ने  ‘फियर फैक्टर इंडिया’ का पहला सीजन होस्ट किया था। फिल्मों में उनकी शुरुआत ‘दस्तक’ से हुई थी, जिसमें उन्होंने एसीपी रोहित मल्होत्रा का किरदार निभाया था। पूर्व मिस यूनिवर्स सुष्मिता सेन की भी ये पहली फिल्म थी। recent visitors 60

मऊसहानियां में मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर तैयारियों का कलेक्टर एवं एसपी ने लिया जायजा

29 मई को मा. मुख्यमंत्री डॉ. यादव का गौरिहार एवं मऊसहानियां में आगमन प्रस्तावित गौरिहार कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री मऊसहानियां में विरासत महोत्सव में करेंगे शिरकत मऊसहानियां में मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर तैयारियों का कलेक्टर एवं एसपी ने लिया जायजा 29 से 30 मई को विरासत महोत्सव का होगा आयोजन मऊसहानियाँ प्रदेश के मा. मुख्यमंत्री Dr Mohan Yadav का 29 मई 2025 को छतरपुर जिले के गौरिहार में आगमन प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गौरिहार में कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मऊसहानियाँ में विरासत महोत्सव कार्यक्रम में शामिल होंगे।यह संस्कृति संचालनालय द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से विगत वर्ष की भाँति इस वर्ष भी दो दिवसीय विरासत महोत्सव का आयोजन 29 एवं 30 मई 2025 को छतरपुर जिले के मऊसहानियाँ में महाराजा छत्रसाल स्मृति शोध संस्थान शौर्यपीठ में किया जाएगा।  मुख्यमंत्री के मउसहानियां में विरासत महोत्सव में आगमन को लेकर शुक्रवार को कलेक्टर श्री पार्थ जैसवाल एवं एसपी श्री अगम जैन ने मऊसहानियाँ में ही महाराजा छत्रसाल स्मृति शोध संस्थान शौर्यपीठ में तैयारियों के लिए एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती तपस्या परिहार, एसडीएम श्री मिलिंद नागदेवे, एएसपी विदिता डागर, एसडीएम नौगांव श्री जी.एस. पटेल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही महाराजा छत्रसाल समिति के अध्यक्ष श्री गोविंद सिंह बुंदेला भी उपस्थित रहे। कलेक्टर श्री पार्थ जैसवाल ने संबंधित अधिकारियों को सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इसके पश्चात छत्रसाल स्मृति शोध संस्थान शौर्यपीठ के म्यूजियम का निरीक्षण किया एवं महाराजा छत्रसाल की विशाल मूर्ति को भी देखा। recent visitors 53

देश के कई हिस्सों में कोविड-19 के मामलों में एक बार फिर तेज़ी देखी जा रही, अब तक 312 मामले

नई दिल्ली देश के कई इलाकों में कोविड-19 के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिसको लेकर सरकारों ने चिंता जताई है और नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है. इसी बीच राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सरकार ने एक एडवाइजरी जारी कर सभी अस्पतालों को सतर्क रहने और कोविड से निपटने की पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं. ये पहली बार है जब दिल्ली में लगभग तीन वर्षों के बाद COVID-19 मामले सामने आए हैं. वहीं,  गुजरात, हरियाणा, केरल और कर्नाटक समेत कई राज्यों में कोविड-19 के नए मामले सामने आए हैं. दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी में सभी अस्पतालों को बेड, ऑक्सीजन, दवाओं और वैक्सीन की उपलब्धता के लिए तैयार रहने को कहा गया है. शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने कहा कि गुरुवार तक कोविड-19 के 23 मामले सामने आए हैं और सरकार इस बात की पुष्टि कर रही है कि मरीज दिल्ली के निवासी हैं या उन्होंने शहर से बाहर की यात्रा की है. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि ये पॉजिटिव मामले निजी लैब द्वारा रिपोर्ट किए गए हैं और घबराने की कोई जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि इस वेरिएंट में सामान्य इन्फ्लूएंजा जैसे लक्षण हैं. क्या बोले दिल्ली स्वास्थ्य मंत्री दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने आजतक से बातचीत में कहा कि आज दिल्ली के तमाम अस्पतालों के मेडिकल सुपरिटेंडेंट के साथ हमने बैठक की है, जिसमें अस्पतालों को निर्देश दिया गया है की कोविड से लड़ने के लिए तमाम तैयारियां की जाए चाहे वह ऑक्सीजन बेड की हो ऑक्सीजन कंसंट्रेट की हो. उन्होंने बातचीत में ये भी बताया की पैनिक होने की जरूरत नहीं है, अभी दिल्ली में कोरोना के जो केस आए हैं. उनकी संख्या में 23 है, सरकार मॉनिटरिंग कर रही है कि यह जो केस दिल्ली में दर्ज किए गए हैं. वह बेशक प्राइवेट लैब के जरिए आए हो, लेकिन क्या वह दिल्ली के हैं या फिर वह बाहर से आए हैं. इन सब की मॉनिटरिंग सरकार कर रही है और जनता को वक्त-वक्त पर अपडेट दिया जाता रहेगा. दिल्ली सरकार ने स्वास्थ्य संस्थानों से कोविड-19 के सभी पॉजिटिव सैंपल्स को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए लोक नायक अस्पताल भेजने का निर्देश दिया है. साथ ही दिल्ली स्टेट हेल्थ डेटा मैनेजमेंट पोर्टल पर सभी मापदंडों की दैनिक रिपोर्टिंग अनिवार्य कर दी गई है. सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी में साफ कहा गया है, 'अस्पतालों को बेड, ऑक्सीजन, एंटीबायोटिक्स, अन्य दवाओं और वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी. सभी उपकरण जैसे वेंटिलेटर, बीआई-पीएपी, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और पीएसए (प्रोस्टेट-स्पेसिफिक एंटीजन) चालू स्थिति में होने चाहिए.' एडवाइजरी के अनुसार, समर्पित कर्मचारियों को रिफ्रेशर प्रशिक्षण दिया जा सकता है और सभी स्वास्थ्य सुविधाओं (ओपीडी/आईपीडी) में इन्फ्लूएंजा जैसी रोग (आईएलआई) और गंभीर तीव्र श्वसन बीमारी (एसएआरआई) के मामलों की दैनिक रिपोर्टिंग इंटीग्रेटेड हेल्थ इंफॉर्मेशन प्लेटफॉर्म (आईएचआईपी) पोर्टल पर सुनिश्चित की जानी चाहिए. पुष्टि किए गए इन्फ्लूएंजा और कोविड-19 मामलों को भी आईएचआईपी पर एल फॉर्म के तहत दर्ज किया जाना चाहिए. एडवाइजरी में ये भी कहा गया है कि अस्पताल कैंपस और स्वास्थ्य सुविधाओं पर मास्क पहनने समेत श्वसन संबंधी शिष्टाचार का पालन किया जाना चाहिए. सर गंगाराम अस्पताल के डॉक्टर अविरल माथुर ने कहा, "जेएन.1 वेरिएंट और इसके सब-वेरिएंट से जुड़े कोविड-19 मामलों में हालिया उछाल के साथ, हमें सावधानी के साथ काम करना चाहिए. यह स्ट्रेन अत्यधिक संक्रामक है. हालांकि, लक्षण ज्यादातर हल्के ही रहते हैं. फिर भी,रोकथाम जरूरी है. दिल्ली में 23 नए केस, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी एडवाइज़री में सभी अस्पतालों को बेड, ऑक्सीजन, दवाओं और वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए तैयार रहने को कहा गया है . स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने शुक्रवार को बताया कि गुरुवार तक कोविड-19 के 23 मामले सामने आए हैं . सरकार यह पुष्टि कर रही है कि मरीज दिल्ली के निवासी हैं या उन्होंने शहर से बाहर की यात्रा की है . स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि ये पॉजिटिव मामले निजी लैब द्वारा रिपोर्ट किए गए हैं और घबराने की कोई जरूरत नहीं है . उन्होंने कहा कि इस वेरिएंट में सामान्य इन्फ्लूएंजा जैसे लक्षण हैं . दिल्ली सरकार ने सभी अस्पतालों के मेडिकल सुपरिटेंडेंट के साथ बैठक की है, जिसमें अस्पतालों को ऑक्सीजन बेड और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर जैसी सभी तैयारियां करने का निर्देश दिया गया है . सरकार निगरानी कर रही है और जनता को समय-समय पर अपडेट दिया जाएगा . सभी कोविड-19 पॉजिटिव सैंपल्स को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए लोक नायक अस्पताल भेजने और सभी स्वास्थ्य डेटा की दैनिक रिपोर्टिंग 'दिल्ली स्टेट हेल्थ डेटा मैनेजमेंट पोर्टल' पर अनिवार्य कर दी गई है . एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि अस्पताल परिसर और स्वास्थ्य सुविधाओं पर मास्क पहनने सहित श्वसन संबंधी शिष्टाचार का पालन किया जाना चाहिए . गुरुग्राम और अन्य राज्यों में भी दस्तक दिल्ली से सटे साइबर सिटी गुरुग्राम में भी कोरोना की दस्तक हुई है, जहां दो मरीज मिले हैं . दोनों को फिलहाल आइसोलेशन में रखा गया है, जिनमें से एक मुंबई से गुरुग्राम आई थी . गुरुग्राम के सीएमओ ने बताया कि लक्षण हल्के हैं और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है . गुरुवार को गुजरात में कोरोना वायरस के 15 नए मामले सामने आए . अहमदाबाद में 4 नए केस दर्ज हुए, जिनमें 84 साल के एक मरीज प्राइवेट अस्पताल में भर्ती हैं, बाकी होम आइसोलेशन में हैं . पूरे मई महीने में अहमदाबाद में 38 कोरोना केस दर्ज हुए हैं, जिनमें 31 एक्टिव केस हैं . बुधवार को केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने बताया कि राज्य में मई में कोविड-19 के 182 मामले सामने आए . कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने 21 मई को पुष्टि की कि राज्य में कोविड-19 के 16 सक्रिय मामले हैं . बेंगलुरु में नौ महीने के एक बच्चे में भी कोविड-19 की पुष्टि हुई है . JN.1 वेरिएंट: तेजी से फैलने वाला, पर कम खतरनाक इस नई लहर के लिए ओमिक्रॉन का JN.1 वेरिएंट और इसके सब-वैरिएंट्स .F.7 और NB.1.8 जिम्मेदार हैं . विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने JN.1 को दिसंबर 2023 में 'वेरिएंट ऑफ इंटरेस्ट' घोषित किया था . विशेषज्ञ बताते … Read more

नीरज चोपड़ा को सिल्वर मेडल से करना पड़ा संतोष

चोरजो भारत के स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा पोलैंड में आयोजित ओरलेन जानुस कुसोसिन्स्की मेमोरियल प्रतियोगिता की पुरुष भाला फेंक स्पर्धा में शुक्रवार को यहां जर्मनी के जूलियन वेबर के पीछे दूसरे स्थान पर रहे। चोपड़ा इस स्पर्धा में अपनी सर्वश्रेष्ठ लय में नहीं दिखे। 27 साल का यह खिलाड़ी अंतिम दौर से पहले तीसरे स्थान पर था। उन्होंने अपने छठे और अंतिम प्रयास में अपना भाला 84.14 मीटर की दूरी पर फेंका और दूसरे स्थान पर पहुंच गए। नीरज चोपड़ा ने इससे पहले अपने दूसरे और पांचवें प्रयास में क्रमशः 81.28 मीटर और 81.80 मीटर की दूरी तय की। उनके अन्य तीन प्रयास फाउल थे। प्रतियोगिता का आयोजन सिलेसियन स्टेडियम में दिन में हुई बारिश के बाद आसमान में बादल छाए रहने के बीच किया गया। हाल ही में (16 मई) दोहा डायमंड लीग में 90 मीटर स्पर्धा में चोपड़ा को हराकर शीर्ष स्थान हासिल करने वाले जर्मनी के जूलियन वेबर दूसरे दौर में 86.12 मीटर की दूरी के थ्रो के साथ फिर से शीर्ष स्थान पर रहे। दो बार के विश्व चैंपियन ग्रेनेडा के एंडरसन पीटर्स 83.24 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ तीसरे स्थान पर रहे। वह दोहा में भी तीसरे स्थान पर रहे थे। जूलियन वेबर: 86.12 मीटर नीरज चोपड़ा: 84.14 मीटर एंडरसन पीटर्स: 83.24 मीटर यह भुवनेश्वर में 2024 फेडरेशन कप में 82.27 मीटर के प्रयास के बाद पहली बार है जब चोपड़ा ने किसी स्पर्धा में 85 मीटर से कम का सर्वश्रेष्ठ थ्रो दर्ज किया था। चोपड़ा ने दोहा डायमंड लीग में 90.23 मीटर दूर तक भाला फेंका। यह पहली बार था जब चोपड़ा ने किसी स्पर्धा में 90 मीटर से अधिक की दूरी तय की थी। दोहा में भी चोपड़ा वेबर (91.06 मीटर) के बाद दूसरे स्थान पर थे। recent visitors 68

मुख्यमंत्री यादव मंत्री तोमर की बेटी के विवाह समारोह में शामिल होने ग्वालियर पहुंचे, वर-वधु को दिया आशीर्वाद

 ग्वालियर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार रात ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर की बेटी के विवाह समारोह में शामिल होने ग्वालियर पहुंचे। शादी में पहुंचकर उन्होंने वर-वधु को आशीर्वाद दिया। इसके बाद वह दो दिवसीय नीति आयोग की बैठक में शामिल होने के लिए रात में ही ग्वालियर से दिल्ली के लिए रवाना हो गए। बता दें कि दिल्ली रवाना होने से पहले सीएम डॉ. मोहन यादव भावुक नजर आए। उनका कहना था कि वर्तमान दौर में कन्यादान के माध्यम से बेटी और पिता के लिए आज का दिन बहुत ही अलग प्रकार का होता है। बेटी जब घर से विदा होती है तो उसकी सभी यादें, जो वह अपने घर में गुजारती है, उन्हें याद कर एक पिता के दिल पर क्या बीतती है, इसका मुझे अहसास है। मेरी स्वयं की भी एक बेटी है, इसलिए मैं इस भावना को समझ सकता हूं। हमारे 16 संस्कारों में से एक पाणिग्रहण संस्कार होता है। बेटी का कन्यादान करके हम अपने दायित्व का निर्वहन करते हैं। मेरा आशीर्वाद है कि बेटी अपने नए घर में सुख, वैभव और दांपत्य जीवन में आनंदपूर्वक रहे। शादी समारोह के शामिल होने के बाद सीएम यादव नीति आयोग की बैठक में शामिल होने के लिए शुक्रवार रात ग्वालियर एयरपोर्ट से दिल्ली रवाना हो गए थे। दो दिन की इस बैठक में उनके साथ मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल भी गए हैं। दिल्ली रवाना होने से पहले एयरपोर्ट पर सीएम यादव ने कहा कि हम नीति आयोग की बैठक में शामिल होने जा रहे हैं। इसमें सभी मुख्यमंत्री और वरिष्ठ मंत्रियों से चर्चा होगी। 25 मई को प्रधानमंत्री मोदी हमारी बैठक लेंगे।   31 मई को भोपाल आएंगे पीएम मोदी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि मोदीजी ने जिस तरह से देश के दुश्मनों से निपटने का अद्वितीय इतिहास रचा है, वह सराहनीय है। देश में सुशासन की जो परंपरा उन्होंने स्थापित की है, शासन और उसकी विभिन्न विधाओं पर उनकी पकड़ अद्भुत है। 31 मई को प्रधानमंत्री मोदी मध्यप्रदेश की यात्रा पर आ रहे हैं। अहिल्याबाई जी की 300वीं जयंती मनाई जा रही है। ऐसे में नारी सशक्तिकरण को लेकर अहिल्या माता ने अपने शासनकाल में जो कार्य किए, जैसे विधवा विवाह (जिसे हम कल्याणी विवाह भी कहते हैं), महिलाओं को आर्थिक संपन्नता प्रदान करना, उनका मान-सम्मान बढ़ाना, ये सभी प्रेरणादायक हैं। इसी कड़ी में 2 लाख बहनों को लेकर भोपाल में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी शामिल होंगे। recent visitors 48