विराट कोहली दुनिया के एकमात्र बल्लेबाज हैं, जिन्होंने 800 चौके एक टीम के लिए टी20 क्रिकेट में जड़े

नई दिल्ली विराट कोहली का बल्ला IPL 2025 में जमकर हल्ला बोल रहा है। वे लगातार ऑरेंज कैप की रेस में बने हुए हैं और इसी दौरान एक वर्ल्ड रिकॉर्ड भी विराट कोहली ने बना लिया है। वे दुनिया के पहले ऐसे बल्लेबाज बन गए हैं, जिन्होंने टी20 क्रिकेट में एक टीम के लिए 800 चौके जड़ दिए हैं। दुनिया का अन्य कोई बल्लेबाज एक टीम के लिए टी20 क्रिकेट में 700 चौके भी नहीं जड़ पाया है। विराट कोहली ने ये कमाल रॉयल चैलेंजर्स बेंगुलरू यानी आरसीबी के लिए किया है। दाएं हाथ के बल्लेबाज विराट कोहली ने शुक्रवार 23 मई को लखनऊ को भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए मैच में आरसीबी के लिए 800वां चौका जड़ा। वे सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मुकाबला खेल रहे थे। विराट कोहली ने इसी दौरान एक नए कीर्तिमान को अपने नाम किया। वे अब दुनिया के एकमात्र बल्लेबाज हैं, जिन्होंने 800 चौके एक टीम के लिए टी20 क्रिकेट में जड़े हैं। वे आईपीएल और चैंपियंस लीग टी20 को मिलाकर आरसीबी के लिए 800 चौके जड़ चुके हैं। लिस्ट में दूसरा नाम इंग्लैंड के जेम्स विंस का है, जिन्होंने हैंपशायर के लिए 694 चौके जड़े हैं। लिस्ट में तीसरे नंबर पर एलेक्स हेल्स हैं। वे भी इंग्लैंड के हैं। उन्होंने अपनी डोमेस्टिक टीम नॉटिंघमशायर के लिए 563 चौके टी20 फॉर्मेट में जड़े हैं। इसके अलावा रोहित शर्मा का नाम भी इस सूची में शामिल है। वे मुंबई इंडियंस के लिए अब तक 550 चौके जड़ चुके हैं। वे लिस्ट में चौथे नंबर पर हैं। पांचवें नंबर पर ल्यूक राइट का नाम आता है, जिन्होंने ससेक्स के लिए 529 चौके टी20 क्रिकेट में जड़े हैं। टी20 क्रिकेट में एक टीम के लिए सबसे ज्यादा चौके: 800 – विराट कोहली, आरसीबी 694 – जेम्स विंस, हैम्पशायर 563 – एलेक्स हेल्स, नॉटिंघमशायर 550 – रोहित शर्मा, एमआई 529 – ल्यूक राइट, ससेक्स   recent visitors 67

नई-नवेली दुल्हन के साथ उसके पति ने बिना बताए कोल्डड्रिंक में बीयर और ठंडई में भांग मिलाकर पिला दी, मामला पंहुचा थाने

लखनऊ शादी को लेकर अक्सर लोग सपनों और उम्मीदों से भरे होते हैं, लेकिन यूपी के मिर्जापुर से आई यह घटना रिश्तों पर विश्वास को झकझोर कर रख देती है। यहां एक नई-नवेली दुल्हन के साथ उसके पति ने सुहागरात को ऐसा धोखा किया, जिसने रिश्ते की नींव को पांच दिन में ही तोड़ दिया। दूल्हे ने अपनी पत्नी को बिना बताए कोल्डड्रिंक में बीयर और ठंडई में भांग मिलाकर पिला दी, जिससे मामला थाने तक जा पहुंचा। क्या है पूरा मामला? यह मामला मिर्जापुर के कछवां थाना क्षेत्र का है, जहां 15 मई को वाराणसी के कपसेठी थाना क्षेत्र की एक युवती की शादी धूमधाम से हुई थी। लेकिन शादी की पहली ही रात को दूल्हे ने अपनी पत्नी के साथ विश्वासघात कर डाला। दुल्हन को यह नहीं बताया गया कि उसे जो पेय दिया जा रहा है, उसमें नशा मिला हुआ है। रात के बाद जब होश में आई तो उसे अजीब तरह की हालत का अनुभव हुआ और बाद में उसे इस बात का पता चला कि उसके साथ धोखा किया गया है। मायके लौटी दुल्हन, पुलिस तक पहुंचा मामला इस शर्मनाक हरकत की जानकारी दुल्हन ने अपने परिजनों को दी। इसके बाद उसे ससुराल से मायके वापस ले जाया गया। जब परिजनों ने कपसेठी थाने में शिकायत दर्ज करानी चाही तो पुलिस ने सीमा विवाद का हवाला देते हुए मिर्जापुर के कछवां थाने जाने की सलाह दी। कछवां थाने में आखिरकार दुल्हन की शिकायत दर्ज हुई। पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने बुलाया, जहां थानाध्यक्ष रणविजय सिंह की निगरानी में घंटों पंचायत चली, लेकिन दुल्हन ने अपने फैसले पर अडिग रहते हुए पति के साथ रहने से साफ इनकार कर दिया। recent visitors 73

बड़े सरकारी अस्पताल एसएमएस में बड़ी लापरवाही, गलत खून चढ़ाने से हुई प्रसूता की मौत, फाइल भी गायब

जयपुर राजधानी के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एसएमएस में एक बार फिर ऐसी लापरवाही सामने आई है, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। अस्पताल में 11 दिन से भर्ती महिला को गलत ब्लड चढ़ाने से उसकी मौत हो गई। हैरान करने वाली बात ये है कि अब उस महिला की मेडिकल फाइल तक अस्पताल में मौजूद नहीं है। मौजूदा मामला न सिर्फ लापरवाही की कहानी है, बल्कि पूरे सिस्टम की सड़ांध की गवाही देता है। जब भास्कर ने इस मामले की तह तक जाने की कोशिश की तो सामने आया कि मौत के 35 घंटे बाद भी अस्पताल प्रशासन यह तय नहीं कर पाया कि गलती किसकी थी, ड्यूटी पर कौन था और किसने ब्लड चढ़ाया। सबके पास एक ही जवाब था कि महिला सीरियस थी। दरअसल हकीकत ये है कि अस्पताल में ब्लड चढ़ाने की प्रक्रिया में कई स्तर पर जांच और पुष्टि होनी चाहिए। रेजिडेंट डॉक्टर और नर्स को मिलकर यह देखना होता है कि जो ब्लड मंगवाया गया है, वही ब्लड मरीज को चढ़ाया जा रहा है या नहीं लेकिन सिस्टम की खामियां इतनी हैं कि जवाबदेही कहीं तय ही नहीं होती। ब्लड बैंक में 70 प्रतिशत स्टाफ ठेके पर है, जिसके पास यदि पर्ची आई तो एंट्री की और बिना पुष्टि के ब्लड दे दिया गया। जिसे ब्लड वार्ड तक पहुंचाना होता है, वह वार्ड बॉय भी ठेके पर ही है। यानी पूरी जिम्मेदारी एक ऐसे ढांचे पर टिकी है, जहां न कोई स्थायित्व है, न जवाबदेही। यह कोई पहला मामला नहीं है। फरवरी 2024 में 23 साल के सचिन को गलत ब्लड चढ़ाया गया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। दिसंबर में भरतपुर का 10 साल का मुस्तफा भी इसी लापरवाही का शिकार हुआ और अब यह प्रसूता, जिसकी मौत को पहले छुपाने की कोशिश हुई और अब उसकी फाइल तक 'गायब' कर दी गई। मानवाधिकार आयोग ने इस गंभीर मामले पर संज्ञान लिया है। आयोग ने एसएमएस के अधीक्षक और प्राचार्य को नोटिस जारी कर 12 जून तक तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। साथ ही दोषियों पर सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया गया है लेकिन सवाल यह है कि क्या सिर्फ एक और जांच कमेटी इस मौत का जवाब दे पाएगी? या फिर कार्रवाई की घोषणा से कर्तव्य की इतिश्री हो जाएगी। recent visitors 62

12 वीं बोर्ड के छात्र-छात्राओं के लिए खुशखबरी, 75% या उससे अधिक अंक लाने वाले मेधावी स्टूडेंट्स को लैपटॉप के लिए राशि देने का आदेश जारी

भोपाल मध्य प्रदेश के 12वीं के बोर्ड छात्रों के लिए खुशखबरी है. माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल ने 12वीं की परीक्षा में 75% या उससे अधिक अंक लाने वाले मेधावी छात्रों को लैपटॉप के लिए राशि देने का आदेश जारी किया है. शुक्रवार को लोक शिक्षण संचालनालय ने इसके लिए आदेश जारी कर दिए गए हैं. जिला शिक्षा अधिकारियों से बच्चों के बैंक खाता की जानकारी मांगी गई है. संचालक लोक शिक्षण डीके कुशवाहा ने मध्य प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी कर निर्देश दिया है. मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना के तहत मिल रहा लाभ प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत माध्यमिक शिक्षा मंडल के सत्र 2024 25 की कक्षा 12वीं की परीक्षा में 75% या उससे अधिक अंक लाने वाले छात्रों के शिक्षा पोर्टल पर दर्ज बैंक खाता संबंधित पत्र जारी किया जाए. जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी पत्र में संचालक ने साफ किया कि पिछले वर्षों में देखा गया था कि कई छात्रों के बैंक खाता उनके परिवारजनों के नाम से संचालित थे ओर कई बैंक खातों में गड़बड़ी भी देखी गई,जिससे वन क्लिक के माध्यम से छात्रों के खाते में राशि ही नहीं पहुंच पाई थी. ऐसे में पूर्व सावधानी से पात्र छात्रों के बैंक खाते की प्रविष्टि की जाए. एक हफ्ते में पोर्टल में दर्ज करना होगी जानकारी इसमें पात्र विद्यार्थियों के नाम से संचालित बचत बैंक खाता क्रमांक, आईएफसी कोड और बैंक शाखा का नाम एक सप्ताह के अंदर शिक्षा पोर्टल पर दर्ज करवाना है। प्रदेश में मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना के तहत मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल से 12वीं में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक लाने वाले मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप के लिए 25-25 हजार रुपये की राशि दी जाती है। इस बार माशिम की 12वीं की परीक्षा में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की संख्या 94 हजार के आसपास है। जुलाई में लैपटाप की राशि मिलने की संभावना पिछले सत्र के मेधावी विद्यार्थियों को इस साल फरवरी में लैपटॉप की राशि दी गई थी। इस बार सरकार का प्रयास है कि जुलाई तक विद्यार्थियों को लैपटॉप की राशि प्रदान कर दी जाए। माध्यमिक शिक्षा मंडल ने अपलोड की पात्र स्टूडेंट्स की लिस्ट मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना के अंतगर्त 12 वीं के एग्जाम में जिन छात्र-छात्राओं को लाभ मिलना है, उनकी लिस्ट माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल ने अपने पोर्टल पर अपलोड की है. यदि टॉपर छात्र-छात्राएं नाम देखना चाहते हैं, तो पोर्टल पर विजिट कर सकते हैं. लैपटॉप के लिए पैसे मिलने की जानकारी जैसे ही टॉपर्स स्टूडेंट्स को मिली, तो उनके चेहरे खुशी से खिल उठे. योजना के मुख्य उद्देश्य…     डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देना।     मेधावी छात्रों को लैपटॉप खरीदने के लिए आर्थिक सहायता देना।     छात्रों को तकनीकी दक्षता और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रोत्साहित करना।     शिक्षा में समानता और अवसर प्रदान करना। पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)…     आवेदक मध्य प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए।     MP बोर्ड से 12वीं पास हो।     सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए न्यूनतम 85% अंक।     SC/ST/अन्य आरक्षित वर्ग के लिए न्यूनतम 75% अंक।     परिवार की वार्षिक आय 6 लाख रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए।     आधार कार्ड, बैंक खाता, और आवश्यक दस्तावेज होना अनिवार्य। 1. आधिकारिक वेबसाइट [shikshaportal.mp.gov.in] पर जाएं। 2. ‘पात्रता जांचें’ लिंक पर क्लिक करें। 3. 12वीं बोर्ड का रोल नंबर दर्ज करें और जानकारी प्राप्त करें। 4. पात्रता मिलने पर ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरें। 5. सभी जरूरी दस्तावेज अपलोड करें। 6. आवेदन सबमिट करें और प्रिंट निकाल लें। 7. आवेदन की स्थिति पोर्टल पर चेक करें। राशि ट्रांसफर सीधे DBT के जरिए बैंक खाते में…     चयनित छात्रों को 25,000 रुपए की राशि सीधे उनके बैंक खाते में डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर (DBT) के जरिए दी जाएगी।     राशि से छात्र अपने मनपसंद लैपटॉप खरीद सकते हैं।     साथ ही सरकार की ओर से सम्मान पत्र भी दिया जाएगा। इस साल कितने प्रतिशत पर मिलेगा लैपटॉप?     सामान्य वर्ग के लिए 12वीं बोर्ड में 85% या उससे अधिक अंक।     SC/ST और अन्य आरक्षित वर्ग के लिए 75% या उससे अधिक अंक। फ्री लैपटॉप योजना के फायदे…     25,000 की आर्थिक सहायता सीधे खाते में।     छात्रों के लिए डिजिटल शिक्षा और तकनीकी कौशल विकास।     प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद।     ऑनलाइन शिक्षा में सहजता।     आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन और पारदर्शी।     सभी वर्गों के मेधावी छात्रों को समान अवसर। योजना से जुड़ी जरूरी जानकारियां (Important Information)… बिंदु                              जानकारी योजना का नाम       मध्य प्रदेश फ्री लैपटॉप योजना लाभार्थी                 12वीं में अच्छे अंक लाने वाले छात्र प्रोत्साहन राशि         ₹25,000 कटऑफ प्रतिशत     सामान्य – 85%, SC/ST – 75% आवेदन तरीका        ऑनलाइन जरूरी दस्तावेज        आधार, मार्कशीट, जाति प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक आधिकारिक वेबसाइट     shikshaportal.mp.gov.in राशि का वितरण           डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर (DBT) योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज…     आधार कार्ड     12वीं बोर्ड की मार्कशीट     जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)     बैंक पासबुक या बैंक खाता विवरण पिछले वर्षों का डेटा और योजना की सफलता पिछले साल 78,641 छात्रों ने इस योजना का लाभ लिया। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में और अधिक मेधावी छात्र इस योजना का लाभ उठाएं और डिजिटल शिक्षा से जुड़ें। एमपी फ्री लैपटॉप योजना के लाभ…     ऑनलाइन पढ़ाई का मौका     प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी     तकनीकी कौशल में सुधार     रोजगार के नए अवसर     आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनना डिजिटल युग में सफलता की एक मजबूत सीढ़ी… यह योजना मध्य प्रदेश के छात्रों के लिए डिजिटल युग में सफलता की एक मजबूत सीढ़ी साबित हो रही है। अगर आप भी 12वीं में अच्छे अंक लाए हैं तो इस अवसर का लाभ अवश्य उठाएं। recent visitors 50

केरल में मानसून का आगमन, पिछले 16 वर्षों में सबसे जल्दी दी दस्तक

 नई दिल्ली केरल में मानसून ने दस्तक दे दी है। यह अपने तय समय से करीब एक सप्ताह पहले चल रहा है। इस साल केरल में मानसून का आगमन पिछले 16 वर्षों में सबसे जल्दी हुआ है। राज्य में मानसून के आगमन के लिए सभी अनुकूल परिस्थितियां तैयार हो गई थीं। पिछले दो दिनों में केरल के कई हिस्सों में भारी बारिश हो रही है। यह कम दबाव वाले क्षेत्र और आगे बढ़ते मानसून सिस्टम के संयोजन के कारण हो रहा है। पिछली बार राज्य में मानसून इतनी जल्दी 2009 और 2001 में पहुंचा था। तब यह 23 मई को राज्य में पहुंचा था। आमतौर पर मानसून केरल में 1 जून को दस्तक देता है। हालांकि, सबसे पहले 1918 में 11 मई को मानसून ने केरल में दस्तक दे दी थी। देरी से मानसून के आने का रिकॉर्ड 1972 में था, जब मानसूनी बारिश 18 जून से शुरू हुई थी। पिछले 25 वर्षों में सबसे देरी से मानसून का आगमन 2016 में हुआ था, जब मानसून ने 9 जून को केरल में प्रवेश किया था। दक्षिणी राज्यों में भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार को केरल, तटीय-दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, कोंकण और गोवा में अलग-अलग स्थानों पर भारी से भारी वर्षा की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने कहा कि 29 मई तक केरल और तटीय कर्नाटक में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है। इस दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलेंगी। तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में भी अगले पांच दिनों में छिटपुट बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं। पूर्व-मध्य अरब सागर पर एक दबाव बना दक्षिण कोंकण तट के पास पूर्व-मध्य अरब सागर पर एक दबाव बना है। यह 24 मई की सुबह रत्नागिरी से लगभग 40 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित था। इसके पूर्व की ओर बढ़ने और आज सुबह रत्नागिरी और दापोली के बीच तट को पार करने की उम्मीद है। बीते साल 30 मई को मानसून ने दी थी दस्तक पिछले साल 30 मई को दक्षिणी राज्य में मानसून ने दस्तक दी थी। 2023 में मानसून 8 जून को, 2022 में 29 मई को, 2021 में 3 जून को, 2020 में 1 जून को, 2019 में 8 जून को और 2018 में 29 मई को केरल पहुंच था। आईएमडी ने अप्रैल में 2025 के मानसून सीजन में सामान्य से अधिक वर्षा का अनुमान लगाया था। इसमें अल नीनो की स्थिति की संभावना को खारिज कर दिया गया था। अल नीनो भारतीय उपमहाद्वीप में सामान्य से कम वर्षा से के लिए जिम्मेदार होता है। ऐसी रहती है देश में मानसून की गति आम तौर पर दक्षिण-पश्चिम मानसून 1 जून तक केरल में दस्तक देता है। इसके बाद 8 जुलाई तक यह पूरे देश को कवर कर लेता है। यह 17 सितंबर के आसपास उत्तर-पश्चिम भारत से पीछे हटना शुरू करता है और 15 अक्तूबर तक पूरी तरह से वापस चला जाता है। क्या पूरे देश में जल्दी पहुंचेगा मानसून? मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, मानसून की शुरुआत की तारीख और पूरे देश में मौसम के दौरान होने वाली कुल बारिश के बीच कोई सीधा संबंध नहीं है। केरल में जल्दी या देर से आने वाले मानसून का मतलब यह नहीं है कि यह देश के अन्य हिस्सों को भी उसी हिसाब से कवर करेगा। recent visitors 64

मदरसा शिक्षक नहीं लिख सके बृहस्पतिवार, जिला अल्पसंख्यक अधिकारी हैरान

बहराइच यूपी के बहराइच में मदरसों में पढ़ने वाले कक्षा सात के बच्चों को सप्ताह के सातों दिनों के नाम तक ठीक से नहीं पता है। अफसोस की बात यह है कि बच्चों की इन गलतियों को मदरसे में 92 हजार रुपये के वेतन पर पढ़ाने वाले शिक्षक भी नहीं पकड़ पाए। बृहस्पतिवार कैसे लिखते हैं, यह तक मदरसा के शिक्षक नहीं जानते हैं। इसका खुलासा जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की जांच में हुआ है। दो दिन पूर्व जिला अल्पसंख्यक अधिकारी संजय मिश्रा ने महसी इलाके के मदरसा दारुल उलूम अशरफिया हस्मतुरर्जा का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान जब उन्होंने छात्रों की कापी देखी तो पाया कि कक्षा सात का छात्र अपने हिन्दी की कॉपी में सप्ताह के सात दिनों के नाम तक ठीक से नहीं लिख सका है। उसकी कॉपी को मदरसे में पढ़ाने वाले शिक्षक मौलवी साहब ने जांची तो गलती के बावजूद उन पर सही का निशान लगा मिला। यह देखकर अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी भड़क गए। उन्होंने मौलवी से पूछा कि क्या कॉपी में लिखा बृहस्पतिवार सही है। इस पर मौलवी साहब बगले झांकने लगे। मौलवी ने बताया 92 हजार रुपये वेतन मिलता है कई बार सवाल पूछने पर मौलवी साहब ने उंगली से कॉपी पर इशारा करते हुए बताया कि मात्रा इधर से होनी चाहिए, लेकिन जो वह उंगली से बता रहे थे। वह भी गलत था। इस पर अधिकारी ने पूछा कि कितना वेतन पाते हो तो मौलवी ने बताया कि 92 हजार रुपये। इससे हतप्रभ जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने कहा कि इससे खराब क्या हो सकता है कि कक्षा सात का छात्र सप्ताह के सात दिनों के नाम तक ठीक से नही लिख पा रहा है। उन्होंने शिक्षक गुणवत्ता युक्त शिक्षण कार्य के लिए चेतावनी भी जारी की। recent visitors 55

खेत में 38 क्विंटल 36 किलो गांजा मिला, टीआई ने मामले में दिखाई उदासीनता, अब हुए संस्पेड

शहडोल  मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में करोड़ों के गांजा मामले में पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। सवा तीन करोड़ के गांजे मामले में उदासीनता बरतने वाला टीआई (थाना प्रभारी) को सस्पेंड कर दिया गया है। शहडोल जिले के जयसिंहनगर थाने में पदस्थ टीआई एसपी चतुर्वेदी को एसपी रामजी श्रीवास्तव ने निलंबित कर दिया है। दरअसल हाल ही में 38 क्विंटल से अधिक गांजा पकड़ने का मामला सामने आया था। इस मामले की कार्रवाई में टीआई की उदासीनता सामने आई थी। रिटायर्ड DFO के खेत में लावारिस हालत में 121 बोरियों में 38 क्विंटल 36 किलो 100 ग्राम गांजा मिला था। इस गांजे की कीमत लगभग 3 करोड़ 6 लाख 80 हजार रुपये आंकी गई थी। इतने बड़े मामले में संबंधित थाने की भनक नहीं लगी थी। recent visitors 38