बीएसएफ और भारतीय वायुसेना से जुड़ी संवेदनशील जानकारी पाकिस्तान भेजने के आरोप में सहदेव सिंह को किया अरेस्ट

कच्छ देश से गद्दारी करने वालों की लिस्ट में अब गुजरात के सहदेव सिंह गोहिल का नाम भी शामिल हो गया है। उस पर बीएसएफ और भारतीय वायुसेना से जुड़ी संवेदनशील जानकारी पाकिस्तान भेजने का आरोप है। गुजरात एटीएस एसपी के सिद्धार्थ ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि गुजरात एटीएस ने कच्छ के एक मल्टीपर्पस स्वास्थ्य कार्यकर्ता सहदेव सिंह गोहिल को गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा, हमें सूचना मिली थी कि वह बीएसएफ और आईएएफ से जुड़ी जानकारी एक पाकिस्तानी एजेंट के साथ शेयर कर रहा है। सहदेव सिंह गोहिल कच्छ के एक मल्टीपर्पस हेल्थ वर्कर है। एटीएस के अनुसार, गोहिल को 1 मई को प्रारंभिक जांच के लिए बुलाया गया था, जहां पता चला कि वह जून-जुलाई 2023 में व्हाट्सएप पर अदिति भारद्वाज नाम की महिला के संपर्क में आया था। उससे बातचीत के बाद उसे पता चला कि वह एक पाकिस्तानी एजेंट है। उसने बीएसएफ और आईएएफ की निर्माणाधीन या नई बनी जगहों की तस्वीरें और वीडियो मांगे। जिसके बाद उसने व्हाट्सएप के जरिए तस्वीरें और वीडियो शेयर करना शुरू कर दिया। 40 हजार रुपए के लिए की जासूसी? के सिद्धार्थ ने कहा, साल 2025 की शुरुआत में गोहिल ने अपने आधारकार्ड का इस्तेमाल कर एक सिम कार्ड खरीदा था और अदिति भारद्वाज के इस्तेमाल के लिए उस नंबर पर व्हाट्सएप अकाउंट भी खोला। इसके बाद इस नंबर से बीएसएफ और आईएएफ के बुनियादी ढांचे से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो शेयर किए गए, जिसका इस्तेमाल पाकिस्तानी एजेंट कर रहे थे। एटीएस ने यह भी पुष्टि की कि गोहिल को एक अज्ञात शख्स ने 40,000 रुपये दिए थे। माना जा रहा है ये शख्स भी जासूसी नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। सिद्धार्थ ने आगे कहा, गोहिल का फोन एफएसएल को भेजा गया था। अदिति भारद्वाज के नाम से व्हाट्सएप नंबर पाकिस्तान से संचालित किए जा रहे थे। गोहिल और पाकिस्तानी एजेंट के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 61 और 148 के तहत मामला दर्ज किया गया है।   recent visitors 59

मेडिकल टीम ने मोहम्मद शमी को अनफिट घोषित कर दिया, जिस वजह से उनका चयन नहीं हुआ: अजीत अगरकर

नई दिल्ली मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने आज यानी शनिवार, 24 मई को भारत के इंग्लैंड दौरे के लिए टीम इंडिया का ऐलान कर दिया है। टीम के ऐलान के साथ उन्होंने नए कप्तान को लेकर भी घोषणा की। इंग्लैंड दौरे पर टीम इंडिया के कुल 18 खिलाड़ियों का चयन हुआ है और इस टीम की कमान युवा शुभमन गिल को सौंपी गई है। वहीं उप-कप्तान ऋषभ पंत को बनाया गया है। भारतीय स्क्वॉड में 2017 के बाद पहली बार करुण नायर की वापसी हुई है। वहीं साई सुदर्शन, अर्शदीप सिंह जैसे खिलाड़ियों को जगह मिली है। हालांकि टीम में मोहम्मद शमी का चयन नहीं हुआ है। अजीत अगरकर ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शमी को ना चुनने से लेकर कोहली के रिटायरमेंट को लेकर बात की है। आईए जानते हैं- इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय स्क्वॉड- शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (उप-कप्तान), यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, अभिमन्यु ईश्वरन, करुण नायर, नीतिश कुमार रेड्डू, रवींद्र जडेजा, ध्रुव जुरेल, वॉशिंगटन सुंदर, शार्दुल ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, आकाशदीप, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव क्यों नहीं हुआ मोहम्मद शमी का चयन? अजीत अगरकर ने पुष्टि की है कि मेडिकल टीम ने मोहम्मद शमी को अनफिट घोषित कर दिया , जिस वजह से उनका चयन नहीं हुआ है।। उन्होंने कहा कि चयन समिति उन्हें टीम में शामिल करना चाहती थी, लेकिन मेडिकल टीम से मिले फीडबैक के बाद उन्हें अपने फैसले को बदलना पड़ा। बता दें, शमी ने WTC फाइनल 2023 के रूप में भारत के लिए आखिरी टेस्ट मैच खेला था। विराट कोहली ने रिटायरमेंट के लिए अप्रैल में किया था संपर्क अजीत अगरकर ने खुलासा किया कि विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से रिटायरमेंट लेने को लेकर अप्रैल में ही उनसे संपर्क किया था। उन्होंने कहा था कि वह लंबे प्रारूप से संन्यास लेना चाहते हैं। अगरकर ने कहा कि वह कोहली के फैसले का सम्मान करते हैं क्योंकि वह टेस्ट से दूर रहना चाहते थे। जसप्रीत बुमराह नहीं खेलेंगे सभी 5 टेस्ट जसप्रीत बुमराह पांचों टेस्ट नहीं खेलेंगे, अजीत अगरकर ने पुष्टि की। मुख्य चयनकर्ता का कहना है कि केवल समय ही बताएगा कि बुमराह चार या तीन कितने टेस्ट खेलेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि फिजियो और पूरा मैनेजमेंट बुमराह के कार्यभार को सावधानीपूर्वक प्रबंधित करेगा। रिटायरमेंट पर्सनल फैसला अजीत अगरकर गौतम गंभीर की बात दोहराते हुए कहा, "संन्यास लेना व्यक्तिगत निर्णय है।" रोहित शर्मा और विराट कोहली के संन्यास के बारे में बात करते हुए अगरकर ने कहा, "वे टेस्ट क्रिकेट में हमारे लिए बड़े खिलाड़ी थे। उनकी जगह लेना बहुत बड़ी बात है।" recent visitors 63

केरल में मानसून का आगमन पिछले 16 वर्षों में सबसे जल्दी, मानसून 25 मई तक केरल में, भारी बारिश की संभावना

तिरुवनन्तपुरम केरल में मानसून अगले 24 घंटों में दस्तक देने वाला है। यह अपने तय समय से करीब एक सप्ताह पहले चल रहा है। इस साल केरल में मानसून का आगमन पिछले 16 वर्षों में सबसे जल्दी होने वाला है। राज्य में मानसून के आगमन के लिए सभी अनुकूल परिस्थितियां तैयार हो गई हैं। पिछले दो दिनों में केरल के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई है। यह कम दबाव वाले क्षेत्र और आगे बढ़ते मानसून सिस्टम के संयोजन के कारण हुई है। पिछली बार राज्य में मानसून इतनी जल्दी 2009 और 2001 में पहुंचा था। तब यह 23 मई को राज्य में पहुंचा था। आमतौर पर मानसून केरल में 1 जून को दस्तक देता है। हालांकि, सबसे पहले 1918 में 11 मई को मानसून ने केरल में दस्तक दे दी थी। देरी से मानसून के आने का रिकॉर्ड 1972 में था, जब मानसूनी बारिश 18 जून से शुरू हुई थी। पिछले 25 वर्षों में सबसे देरी से मानसून का आगमन 2016 में हुआ था, जब मानसून ने 9 जून को केरल में प्रवेश किया था। अगले 24 घंटे में करेल में दस्तक दे सकता है मानसून आईएमडी ने एक बयान में कहा, 'अगले 2-3 दिनों में केरल में मानसून के आगमन के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने की संभावना है.' इस वर्ष मानसून के आने का पूर्वानुमान आईएमडी के 27 मई के डेडलाइन के भीतर है, जिसमें चार दिनों का मॉडल एरर मार्जिन चलता है. पिछले साल मानसून ने केरल में 30 मई को दस्तक दी थी. मानसून का समय पर आगमन भारत के लिए एक महत्वपूर्ण कारक है, जहां वार्षिक वर्षा का लगभग 70% जून-सितंबर की अवधि के दौरान होता है. मानसून की बारिश फसलों की सिंचाई और भूजल एवं जलाशयों को पुनः भरने के लिए महत्वपूर्ण है, तथा इसका सीधा प्रभाव देश के कृषि उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ता है. आईएमडी ने 2025 के लिए औसत से अधिक मानसून की बारिश का अनुमान लगाया है, जिससे खरीफ सीजन की फसलों का रिकॉर्ड उत्पादन होने की उम्मीद बढ़ गई है. उत्पादन बढ़ने से ग्रामीण आय में वृद्धि होगी, खाद्य सुरक्षा बढ़ेगी और देश के समग्र आर्थिक विकास में कृषि क्षेत्र का योगदान बढ़ेगा. शुरुआती बारिश से धान, मक्का, कपास, सोयाबीन और तिलहन की बुवाई को बढ़ावा मिलने तथा रबी सीजन से पहले जलाशयों का जलस्तर बढ़ने की उम्मीद है. पूर्वी मध्य अरब सागर के ऊपर बना लो प्रेशर सिस्टम केरल के अलावा, आईएमडी ने दक्षिण-पश्चिम मानसून के दक्षिण और मध्य अरब सागर, मालदीव और कोमोरिन क्षेत्र, लक्षद्वीप के कुछ हिस्सों, कर्नाटक, तमिलनाडु, दक्षिण और मध्य बंगाल की खाड़ी, उत्तरी बंगाल की खाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों के कुछ हिस्सों में इसी अवधि के दौरान आगे बढ़ने का अनुमान लगाया है. इसके समानांतर, दक्षिण कोंकण-गोवा तट से दूर, पूर्वी मध्य अरब सागर के ऊपर एक लो प्रेशर वेदर सिस्टम बनने की खबर है. अगले 36 घंटों में उत्तर की ओर बढ़ते हुए यह लो प्रेशर वेदर सिस्टम और भी मजबूत हो सकता है और स्थानीय वेदर पैटर्न को प्रभावित कर सकता है, जिससे पश्चिमी तट के कुछ हिस्सों में बारिश और हवा में बदलाव हो सकता है. देश के कुछ हिस्सों में चल रही गर्मी की स्थिति से राहत मिलने की व्यापक उम्मीद के बीच मानसून की प्रगति पर कड़ी नजर रखी जा रही है. अभी तक, मानसून की राह में कोई बड़ी देरी या विचलन नहीं देखा गया है. यह भारत भर में कृषि के लिए बारिश पर निर्भर क्षेत्रों के लिए सकारात्मक खबर है. जहां तक उत्तर भारतीय राज्यों की बात है, तो इस क्षेत्र में 25 से 30 जून के बीच मानसून के आगमन की संभावना आईएमडी ने जताई है. यह क्षेत्र देश के दक्षिणी और मध्य भागों की तुलना में मौसमी बदलाव को थोड़ा देर से दर्शाता है. पश्चिमी भारत में 15 से 20 जून के बीच मानसून की बारिश होने का अनुमान है. दक्षिणी राज्यों में भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार को केरल, तटीय-दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, कोंकण और गोवा में अलग-अलग स्थानों पर भारी से भारी वर्षा की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने कहा कि 29 मई तक केरल और तटीय कर्नाटक में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है। इस दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलेंगी। तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में भी अगले पांच दिनों में छिटपुट बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं। पूर्व-मध्य अरब सागर पर एक दबाव बना दक्षिण कोंकण तट के पास पूर्व-मध्य अरब सागर पर एक दबाव बना है। यह 24 मई की सुबह रत्नागिरी से लगभग 40 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित था। इसके पूर्व की ओर बढ़ने और आज सुबह रत्नागिरी और दापोली के बीच तट को पार करने की उम्मीद है। बीते साल 30 मई को मानसून ने दी थी दस्तक पिछले साल 30 मई को दक्षिणी राज्य में मानसून ने दस्तक दी थी। 2023 में मानसून 8 जून को, 2022 में 29 मई को, 2021 में 3 जून को, 2020 में 1 जून को, 2019 में 8 जून को और 2018 में 29 मई को केरल पहुंच था। आईएमडी ने अप्रैल में 2025 के मानसून सीजन में सामान्य से अधिक वर्षा का अनुमान लगाया था। इसमें अल नीनो की स्थिति की संभावना को खारिज कर दिया गया था। अल नीनो भारतीय उपमहाद्वीप में सामान्य से कम वर्षा से के लिए जिम्मेदार होता है। ऐसी रहती है देश में मानसून की गति आम तौर पर दक्षिण-पश्चिम मानसून 1 जून तक केरल में दस्तक देता है। इसके बाद 8 जुलाई तक यह पूरे देश को कवर कर लेता है। यह 17 सितंबर के आसपास उत्तर-पश्चिम भारत से पीछे हटना शुरू करता है और 15 अक्तूबर तक पूरी तरह से वापस चला जाता है। आपके राज्य के लिए पूर्वानुमान     महाराष्ट्र: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार दोपहर को महाराष्ट्र के तटीय जिलों में भारी बारिश की संभावना जताते हुए रेड अलर्ट जारी किया। रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई में गरज के साथ बिजली चमकने, हल्की से मध्यम बारिश और अलग-अलग इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है।     गोवा: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने … Read more

EPFO के 7 करोड़ सब्सक्राइबर्स के लिए Good news, 8.25% ब्याज दर को सरकार ने किया मंजूर, अब खातों में आएगा पैसा

 नयी दिल्ली  सरकार ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि पर 8.25 प्रतिशत ब्याज दर को मंजूरी दी है। इससे ईपीएफओ अपने सात करोड़ से अधिक अंशधारकों के भविष्य निधि पर वार्षिक ब्याज जमा कर सकेगा। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने 28 फरवरी को वित्त वर्ष 2024-25 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) जमा पर 8.25 प्रतिशत की ब्याज दर को बरकरार रखने का फैसला किया था। यह इससे पिछले वित्त वर्ष में दिये गये ब्याज दर के बराबर है।  बता दें, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने 28 फरवरी को वित्त वर्ष 2024-25 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) जमा पर 8.25 प्रतिशत की ब्याज दर को बरकरार रखने का फैसला किया था। यह इससे पिछले वित्त वर्ष में दिये गये ब्याज दर के बराबर है। तय किए ब्याज दर को वित्त मंत्रालय की मंजूरी के लिए भेजा गया था। फाइनेंस मिनिस्ट्री ने मंजूरी दी EPFO ने 28 फरवरी को ईपीएफ के इंटरेस्ट रेट को 8.25 फीसदी बनाए रखने का फैसला किया था। इसे मंजूरी के लिए फाइनेंस मिनिस्ट्री को भेजा गया था। बताया जाता है कि फाइनेंस मिनिस्ट्री ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। लेबर मिनिस्ट्री के एक अधिकारी ने बताया, "फाइनेंस मिनिस्ट्री ने पिछले वित्त वर्ष के लिए 8.25 फीसदी इंटरेस्ट रेट के प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है। यह फिस्कल ईयर 2024-25 के लिए होगा। इस फैसले के बारे में लेबर मिनिस्ट्री ने ईपीएफओ को 22 मई को सूचित कर दिया।" ईपीएफओ के 7 करोड़ सब्सक्राइबर्स को फायदा सरकार के इस फैसले के बाद ईपीएफ के 7 करोड़ से ज्यादा सब्सक्राइबर्स के ईपीएफ अकाउंट में इंटरेस्ट का पैसा आने का रास्ता साफ हो गया है। 28 फरवरी को ईपीएफओ के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टी (CBT) की बैठक हुई थी। केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया के नेतृत्व में हुई इस बैठक में FY25 के लिए इंटरेस्ट रेट को 8.25 फीसदी बनाए रखने के प्रस्ताव पर फैसला हुआ था। फरवरी 2024 में इंटरेस्ट बढ़ाने का फैसला ईपीएफओ ने फरवरी 2024 में ईपीएफ के डिपॉजिट पर इंटरेस्ट रेट बढ़ाने का फैसला किया था। उसने इसे 8.15 फीसदी से बढ़ाकर 8.25 फीसदी कर दिया था। यह वृद्धि फाइनेंशियल ईयर 2023-24 के डिपॉजिट के लिए की गई थी। फाइनेंशियल ईयर 2022-23 में इंटरेस्ट रेट 8.15 फीसदी था। मार्च 2022 में ईपीएफओ ने इंटरेस्ट रेट को 8.5 फीसदी से घटाकर 8.1 फीसदी कर दिया था। यह 4 दशक से ज्यादा समय में सबसे कम इंटरेस्ट रेट था। ईपीएफ अकाउंट का मतलब प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करने वाले लोग ईपीएफओ की स्कीम के तहत आते हैं। इसमें हर महीने एंप्लॉयी की सैलरी का 12 फीसदी (बेसिक प्लस डीए) उसके ईपीएफ अकाउंट में जमा होता है। उतना ही पैसा एंप्लॉयर एंप्लॉयी के ईपीएफ अकाउंट में हर महीने डिपॉजिट करता है। ईपीएफ अकाउंट के दो हिस्से होते हैं-ईपीएफ और ईपीएस। एंप्लॉयर के कंट्रिब्यूशन का 8.33 फीसदी हर महीने ईपीएस में जमा होता है। एंप्लॉयी के रिटायर होने पर ईपीएफ अकाउंट में जमा पूरा पैसा उसे एकमुश्त मिल जाता है। ईपीएफ में जमा पैसे पर उसे हर महीने पेंशन मिलती है। 7 करोड़ खातों में आएगा ब्याज का पैसा लेबर मिनिस्ट्री के एक अधिकारी ने पीटीआई से कहा, “वित्त मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए ईपीएफ पर 8.25 प्रतिशत ब्याज दर देने पर सहमति दे दी है और श्रम मंत्रालय ने गुरुवार को ईपीएफओ को इस संबंध में सूचना दे दी है।” अब वित्त वर्ष 2024-25 के लिए स्वीकृत दर के अनुसार ब्याज ईपीएफओ के सात करोड़ से अधिक सब्सक्राइबर्स के खातों में जमा किया जाएगा। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में 28 फरवरी को नयी दिल्ली में ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी बोर्ड की 237वीं बैठक में ब्याज दर पर निर्णय लिया गया था। बीते कुछ सालों में ब्याज दरों में हुई है कटौती ईपीएफओ ने फरवरी 2024 में 2023-24 के लिए ब्याज दर को मामूली बढ़ाकर 8.25 प्रतिशत किया था जो 2022-23-में 8.15 प्रतिशत था। वहीं, मार्च 2022 में 2021-22 के लिए ईपीएफ पर ब्याज को घटाकर चार दशक से अधिक के निचले स्तर 8.1 प्रतिशत कर दिया गया था। यह 2020-21 में 8.5 प्रतिशत था। recent visitors 64

पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई नीति आयोग की अहम बैठक, ममता, सिद्धारमैया और केरल सीएम ने बनाई दूरी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज दिल्ली के भारत मंडपम में नीति आयोग की 10वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक हुई। बैठक की थीम "विकसित राज्य से विकसित भारत @2047" रखी गई है। हालांकि इस अहम बैठक से कुछ बड़े राज्यों के मुख्यमंत्री नदारद रहे। बंगाल सीएम ममता बनर्जी, कर्नाटक सीएम सिद्धारमैया और केरल के मुख्यमंत्री विजयन ने बैठक से दूरी बनाकर रखी। 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य एएनआई के मुताबिक, बैठक में राज्यों को अपने-अपने संसाधनों और भूगोल के अनुसार दीर्घकालिक और समावेशी विकास की योजनाएं तैयार करने के लिए कहा गया है, ताकि 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाया जा सके। इसमें मानव विकास, आर्थिक वृद्धि, सतत आजीविका, तकनीक और सुशासन जैसे क्षेत्रों पर फोकस की बात की गई। केंद्र ने यह भी कहा है कि राज्यों को डेटा-आधारित कार्यप्रणाली, प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट्स और ICT-सक्षम इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिये परिणाम आधारित बदलाव लाने होंगे। ममता, सिद्धारमैया और केरल सीएम ने बनाई दूरी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बैठक से दूरी बनाई। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने न तो दिल्ली का रुख किया और न ही कोई प्रतिनिधि भेजा। यह पहला मौका नहीं है जब ममता बनर्जी ने नीति आयोग की बैठक में भाग नहीं लिया हो। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया भी इस बैठक में शरीक नहीं हुए। हालांकि उनके करीबी सूत्रों ने स्पष्ट किया कि यह कोई बहिष्कार नहीं था बल्कि मुख्यमंत्री की पहले से तय मैसूरु यात्रा के चलते वे बैठक में शामिल नहीं हो सके। उन्होंने अपना वक्तव्य दिल्ली भिजवाया है, लेकिन यह साफ नहीं है कि बैठक में उनकी तरफ से कौन आएगा। केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने भी बैठक में शिरकत नहीं की। उन्होंने वित्त मंत्री के. एन. बालगोपाल को नामित किया, लेकिन सूत्रों के अनुसार चूंकि यह मुख्यमंत्रियों की बैठक है, इसलिए बालगोपाल की भागीदारी को लेकर असमंजस बना हुआ है। इन राज्यों के सीएम पहुंचे बैठक में पहुंचे मुख्यमंत्रियों में उत्तर प्रदेश के योगी आदित्यनाथ, गुजरात के भूपेंद्र पटेल, उत्तराखंड के पुष्कर सिंह धामी, छत्तीसगढ़ के विष्णुदेव साय, मध्य प्रदेश के मोहन यादव, आंध्र प्रदेश के एन. चंद्रबाबू नायडू, तमिलनाडु के एम.के. स्टालिन, ओडिशा के मोहन चरण माझी, पंजाब के भगवंत मान, जम्मू-कश्मीर के उमर अब्दुल्ला, तेलंगाना के रेवंत रेड्डी, त्रिपुरा के माणिक साहा और हिमाचल प्रदेश के सुखविंदर सिंह सुक्खू शामिल हैं। हिमाचल के सीएम सुखविंदर सुक्खू ने बैठक से पहले मीडिया से कहा, “नीति आयोग राज्यों से जुड़े मसलों को देखता है। मेरा प्रमुख मुद्दा यह होगा कि हिमाचल प्रदेश में एनएचपीसी और एनटीपीसी की जो पावर परियोजनाएं कर्ज मुक्त हो चुकी हैं, उनसे उपभोक्ताओं से पास-थ्रू के जरिए जो 12% फ्री रॉयल्टी ली जाती है, उसे बढ़ाया जाए और परियोजनाएं लोगों को लौटाई जाएं। इसके लिए एक समय-सीमा भी तय की जानी चाहिए।”   recent visitors 55

राज्यपाल डेका ने कहा कि यह संस्थान न केवल शिक्षा का केंद्र है, बल्कि यह ज्ञान, सेवा और संस्कृति का संगम

 रायपुर विप्र पब्लिक स्कूल, रायपुर के नव-निर्मित भवन का लोकार्पण जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती जी महाराज के करकमलों से संपन्न हुआ। इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि केवल डिग्री प्राप्त करना ही शिक्षा नहीं है, बल्कि यह हमारे व्यक्तित्व को संवारने और समाज के प्रति जिम्मेदार बनाने की प्रक्रिया है। अपने उद्बोधन में राज्यपाल डेका ने विप्र शिक्षा समिति और विप्र कॉलेज के 30 वर्षों की शिक्षायात्रा को गौरवपूर्ण बताते हुए सभी पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह संस्थान न केवल शिक्षा का केंद्र है, बल्कि यह ज्ञान, सेवा और संस्कृति का संगम है। राज्यपाल डेका ने कहा कि “आज जब पूरा विश्व डिजिटल क्रांति और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दिशा में आगे बढ़ रहा है, तब ऐसी शिक्षा की जरूरत है जो आधुनिकता के साथ-साथ हमें हमारी जड़ों और भारतीय जीवन मूल्यों से भी जोड़े रखे। राज्यपाल ने डेका कहा कि भवन कैसा है यह न देख हुए वहां कैसी शिक्षा मिल रही है यह देखा जाए। हमे ऐसी शिक्षा देना  है जो स्थानीय भाषाओं और सांस्कृतिक समझ के साथ-साथ विज्ञान, गणित और तकनीकी शिक्षा को समन्वित करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नव-निर्मित भवन आने वाले वर्षों में शिक्षा की गुणवत्ता का प्रतीक बनेगा। डेका ने कहा कि देश में गुरूकुल परंपरा को स्थापित करने में ब्राह्यण समाज का बहुत बड़ा योगदान है। ब्राह्यण समाज ने सदैव शिक्षा और नैतिकता तथा सामाजिक मार्गदर्शन को अपना कर्त्तव्य माना है। इस अवसर पर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती जी महाराज ने अपना आर्शीवचन दिया।  कार्यक्रम  में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायकगण राजेश मूणत, पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा, रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, पूर्व मंत्री रवींद्र चौबे ने भी अपना संबोधन दिया।   इस अवसर पर संतगण सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, अभिभावक, विद्यार्थी और विप्र समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। recent visitors 45

भारत निर्वाचन आयोग ने देश में सुगम और समावेशी निर्वाचन के लिए पिछले तीन महीनों में 18 नए नवाचार प्रारंभ किए

एमसीबी भारत निर्वाचन आयोग ने देश में सुगम और समावेशी निर्वाचन के लिए पिछले तीन महीनों में 18 नए नवाचार प्रारंभ किए हैं। इनमें सुविधाजनक मतदान से लेकर राजनीतिक दलों की सहभागिता बढ़ाने, प्रक्रियागत सुधार से लेकर निर्वाचन कार्यों में लगे अमलों की क्षमता बढ़ाने, सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग से निर्वाचन की पूरी प्रक्रिया को सुगम एवं पारदर्शी बनाने से लेकर ईसीआई मुख्यालय में ई-ऑफिस सिस्टम लागू करने जैसे कई प्रभावी और अभिनव कदम शामिल हैं। भारत निर्वाचन आयोग ने नई पहल करते हुए एक मतदान केंद्र पर अधिकतम 1200 मतदाताओं की सीमा निर्धारित की है। ऊंची इमारतों एवं कालोनियों में अतिरिक्त मतदान केंद्र स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया है। मतदाता सूची के अद्यतनीकरण हेतु मृत्यु पंजीकरण का डेटा रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया (RGI) डेटाबेस से सीधे प्राप्त किया जाएगा और सत्यापन के बाद अद्यतनीकरण किया जाएगा। आयोग ने मतदाता सूचना पर्चियों को और अधिक उपयोगकर्ता अनुकूल बनाने का भी निर्णय लिया है। अब इसमें मतदाता का क्रमांक और भाग संख्या अधिक स्पष्टता के साथ प्रदर्शित किए जाएंगे। भारत निर्वाचन आयोग निवार्चन की संपूर्ण प्रक्रिया में हर स्तर पर राजनीतिक दलों की सहभागिता बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रहा है। इसके लिए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी स्तर पर राजनीतिक दलों के साथ देशभर में 4719 बैठकें आयोजित की गई हैं। इन बैठक में राजनीतिक दलों के 28 हजार से अधिक प्रतिनिधियों ने भागीदारी दी है। सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को मिलाकर सीईओ स्तर पर 40, डीईओ स्तर पर 800 तथा ईआरओ स्तर पर राजनीतिक दलों के साथ 3879 बैठकें आयोजित की गई हैं। इन बैठक में राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर के प्रमुख दलों आम आदमी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया-मार्क्सवादी, एनपीपी की मौजूदगी रही है। राजनीतिक दलों के साथ अलग-अलग स्तरों पर बैठकों के साथ ही भारत निर्वाचन आयोग द्वारा राजनीतिक दलों के बूथ स्तरीय एजेंटों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। भारत निर्वाचन आयोग प्रक्रियात्मक सुधारों (Procedural Reforms) की दिशा में भी सक्रियता से काम कर रही है। आयोग द्वारा निर्वाचन प्रक्रिया के विभिन्न स्टेकहोल्डर्स की सुविधा के लिए नया एकीकृत डैशबोर्ड ईसीआईनेट (ECINET) शुरू किया गया है। इसमें सभी हितधारकों के लिए एक ही स्थान पर सभी सेवाएं उपलब्ध हैं। ईसीआई के 40 से अधिक एप्स एक ही प्लेटफार्म पर मौजूद हैं। इसके साथ ही डुप्लीकेट इपिक (EPIC) नंबर की समस्या के समाधान के लिए ईसीआई द्वारा अब विशिष्ट इपिक नंबर की नई प्रणाली लागू की गई है। भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची तैयार करने और निर्वाचन कराने की पूरी प्रक्रिया में 28 हितधारकों की पहचान की है। इनमें मतदाता, निर्वाचन अधिकारी, राजनीतिक दल, उम्मीदवार एवं लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950, 1951 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम 1960 और निर्वाचन संचालन नियम 1961 और भारत निर्वाचन आयोग द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों पर आधारित अन्य शामिल हैं। इन सभी हितधारकों के लिए अधिनियमों, नियमों और आयोग के निर्देशों के आधार पर प्रशिक्षण प्रस्तुतियाँ तैयार की जा रही हैं। आयोग ने निर्वाचन कार्मिकों (Election Staff) के सशक्तिकरण के लिए भी नए कदम उठाए हैं। बीएलओ को मानक फोटो पहचान पत्र (Standard Photo ID Card) दिए जाने के साथ ही नई दिल्ली स्थित आईआईआईडीईएम (IIIDEM) में लगातार क्षमता निर्माण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसमें अब तक 3000 से अधिक बूथ स्तर पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। अगले कुछ वर्षों में एक लाख से अधिक बीएलओ पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालयों के एसएमएनओ (SMNOs) और एमएनओ (MNOs) के लिए ओरिएंटेशन प्रोग्राम भी आयोजित किए गए हैं। निर्वाचन में सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण पहलू के मद्देनजर बिहार के पुलिस अधिकारियों को भी आईआईआईडीईएम (IIIDEM) में प्रशिक्षण दिया गया है। नई दिल्ली स्थित भारत निर्वाचन आयोग के मुख्यालय में भी कार्यों में बेहतरी और कसावट के लिए कई सुधार जारी हैं। बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू करने के साथ ही वहां ई-ऑफिस का कार्यान्वयन शुरू हो चुका है। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के साथ बेहतर समन्वय के लिए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ आयोग नियमित बैठकें भी कर रहा है। recent visitors 48