Sunday, July 5, 2026 7:46 am

HC ने 31 सप्ताह की गर्भवती नाबालिग को दी प्रसव की अनुमति, दुष्कर्म से जन्मे बच्चों के लिए पॉलिसी बनाने के आदेश

जबलपुर हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में 31 सप्ताह की गर्भवती नाबालिग को बच्चे को जन्म देने की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने यह फैसला नाबालिग और उसके माता-पिता की बच्चे को जन्म देने की इच्छा को ध्यान में रखते हुए दिया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को नाबालिग को सभी जरूरी चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराने और बच्चे के जन्म के बाद उसकी देखभाल करने का भी निर्देश दिया है। जस्टिस विनय सराफ की पीठ ने दिया आदेश साथ ही, कोर्ट ने यह भी कहा है कि MTP (Medical Termination of Pregnancy) अधिनियम मेडिकल बोर्ड को गर्भावस्था की समाप्ति पर राय बनाते समय गर्भवती की शारीरिक और भावनात्मक भलाई का भी मूल्यांकन करने की अनुमति देता है। जस्टिस विनय सराफ की अवकाशकालीन एकलपीठ ने यह आदेश दिया। सुनवाई में कोर्ट ने की अहम टिप्पणी कोर्ट ने कहा कि MTP अधिनियम मेडिकल बोर्ड को सुरक्षा प्रदान करता है, जब वे गर्भावस्था की समाप्ति के बारे में सद्भावपूर्वक राय बनाते हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि मेडिकल बोर्ड को अपनी राय बनाते समय सिर्फ MTP अधिनियम के मानदंडों तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्हें गर्भवती महिला की शारीरिक और भावनात्मक स्थिति का भी ध्यान रखना चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा कि मेडिकल बोर्ड को अपनी राय और परिस्थितियों में किसी भी बदलाव के लिए ठोस कारण बताने चाहिए। गर्भावस्था की समाप्ति के मामलों में गर्भवती महिला की सहमति सबसे महत्वपूर्ण है। नाबालिग के साथ हुआ था दुराचार यह मामला मंडला जिले के खटिया थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने एडीजे (अतिरिक्त जिला जज) कोर्ट को जानकारी दी थी कि एक नाबालिग लड़की के साथ दुराचार हुआ है और वह गर्भवती है। मेडिकल रिपोर्ट में बताया गया था कि नाबालिग के पेट में पल रहा भ्रूण 29 सप्ताह और 6 दिन का है। डॉक्टरों ने कहा था कि अगर गर्भपात किया जाता है तो नाबालिग की जान को खतरा हो सकता है। इसके बाद एडीजे कोर्ट ने इस मामले को हाईकोर्ट में भेजा था। पीड़िता और माता-पिता ने जताई थी इच्छा हाईकोर्ट में नाबालिग और उसके माता-पिता ने एक पत्र पेश किया। उस पत्र में उन्होंने गर्भावस्था जारी रखने और बच्चे को जन्म देने की इच्छा जताई थी। कोर्ट ने कहा कि स्त्री रोग विशेषज्ञ ने भी राय दी है कि भ्रूण 29 सप्ताह से अधिक का है। इसलिए, गर्भपात करने से नाबालिग की जान को खतरा हो सकता है। राज्य सरकार वहन करेगी बच्चे का खर्च कोर्ट ने राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि नाबालिग को बच्चे को जन्म देने के लिए डॉक्टरों की एक विशेषज्ञ टीम के माध्यम से सभी उपलब्ध चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की जाएं। कोर्ट ने यह भी कहा कि बच्चे को जन्म देने की प्रक्रिया से संबंधित सभी खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। गर्भावस्था के दौरान, बच्चे के जन्म के समय और उसके बाद डॉक्टरों द्वारा सभी आवश्यक देखभाल और सावधानी बरती जाएगी। प्रसव के बाद नाबालिग की देखभाल की जाएगी और राज्य सरकार का यह कर्तव्य होगा कि वह स्थापित मानदंडों के अनुसार बच्चे की देखभाल करे। 12 तक की पढ़ाई रहेगी फ्री कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि बच्चे को कक्षा 12 तक मुफ्त शिक्षा दी जाएगी। बच्चे के वयस्क होने तक उसे सभी चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। कोर्ट ने यह भी कहा कि पीड़ित और बच्चे का नाम किसी भी तरह से उजागर नहीं किया जाएगा। राज्य सरकार को उठाने चाहिए कदम कोर्ट ने राज्य सरकार को यौन उत्पीड़न, बलात्कार या अनाचार से बचे बच्चों के लिए भोजन, आश्रय, शिक्षा और सुरक्षा की सुविधाएं प्रदान करने के लिए एक नीति बनाने पर विचार करने का भी निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि अगर नाबालिग और उसके माता-पिता प्रसव के बाद बच्चे को गोद देना चाहते हैं, तो राज्य सरकार को इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए कानूनी प्रावधानों के अनुसार आवश्यक कदम उठाने चाहिए। recent visitors 56

वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अब गवाह कोर्ट में गवाही दे सकेंगे, कई बार दूर तक जाने की परेशनी से निजात मिल सकेगी

भोपाल अदालतों में गवाहों की पेशी में कई बार केस में देरी की परेशानी अब बीते जमाने की बात होने वाली है. केंद्र सरकार की न्यायश्रुति योजना के तहत मध्य प्रदेश में पुलिस अब करीब 2000 स्थान चिन्हित कर वहां वीडियो कॉन्फ्रेसिंग रूम बनाने की तैयारी में है. दरअसल, यह देखा गया है कि कई बार सिर्फ गवाहों की गैर-मौजूदगी की वजह से अदालत को केस की अगली सुनवाई के लिए तारीख देनी होती है. ज्यादातर ममलों में यह वह गवाह होते हैं जिनकी पुलिस इन्वेस्टिगेशन में अहम भूमिका होती है. जैसे- प्रत्यक्षदर्शी, पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर, केस से जुड़े आईओ (इन्वेस्टिगेटिव ऑफिसर) या मेडिकल ऑफिसर. वहीं, कई बार केस से जुड़े ऐसे अधिकारीयों या कर्मचारियों का ट्रांसफर हो जाता है, लेकिन कोर्ट की सुनवाई के दौरान गवाही में सिर्फ 'हां' या 'ना' कहने के लिए उन्हें उसी शहर या इलाके की कोर्ट में आना होता है, जहां कार्यरत रहने के दौरान उन्होंने केस में योगदान दिया हो. लेकिन देखा गया है कि कई बार अलग-अलग कारणों से यह गवाह कोर्ट समय पर नहीं पहुंच पाते और कोर्ट को अगली तारीख देनी पड़ती है, जिससे सुनवाई में अनावश्यक देरी होती है और केस लंबा खींचता जाता है. अब केंद्र सरकार इसी समस्या को दूर करने के लिए न्यायश्रुति योजना के तहत पुलिस थानों और एसपी कार्यालय, सीएसपी कार्यालय और एसडीओपी कार्यालय में वीडियो कांफ्रेंसिंग रूम बनाने के लिए फंड देने वाली है. पुलिस कमिश्नर प्रणाली वाले भोपाल और इंदौर शहर में एसीपी कार्यालय में इसकी व्यवस्था की जाएगी. इस योजना के तहत स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो साउंडप्रूफ केबिन तैयार करेगा, जहां वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए यह गवाह कोर्ट में गवाही दे सकेंगे और सिर्फ गवाही देने के लिए उन्हें कई बार दूर तक जाने की परेशनी से निजात मिल सकेगी.   recent visitors 55

हत्या और बलात्कार के आरोप 5 लोग हैं जेल में बंद… 18 महीने बाद जीवित लौटी महिला

झाबुआ झाबुआ जिले के थांदला में एक महिला की हत्या के आरोप में पुलिस ने पांच युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। सभी आरोपी डेढ़ साल से सलाखों के पीछे थे। पुलिस ने चार्जशीट भी फाइल कर दी थी और केस की सुनवाई अंतिम दौर में पहुंच गई थी। लेकिन इसी बीच वही महिला थाने पहुंच गई, जिसकी हत्या बताई जा रही थी। उसने कहा, "मैं जिंदा हूं और मजदूरी कर रही थी।" महिला का डीएनए कराया गया, जिससे यह साफ हो गया कि उसकी हत्या नहीं हुई थी। इस खुलासे के बाद हाई कोर्ट ने सभी आरोपियों को रिहा करने के आदेश दिए और पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ी टिप्पणी की। 14 सितंबर 2023: जब शव को ललिता मान लिया गया यह पूरा मामला थांदला की रहने वाली ललिता नाम की महिला से जुड़ा है। 14 सितंबर 2023 को पंचायत प्रतिनिधि प्रकाश कटारे को पानी में एक महिला की लाश तैरती दिखी। शव बुरी तरह क्षत-विक्षत था—चेहरा नहीं था और दोनों हाथ भी कटे हुए थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। ललिता के माता-पिता और रिश्तेदारों ने मौके पर पहुंचकर शव की पहचान ललिता के रूप में की। बिना डीएनए जांच के पुलिस ने यह मान लिया कि शव ललिता का ही है। शाहरुख ने कबूल किया गुनाह जांच में सामने आया कि ललिता की दोस्ती शाहरुख नामक युवक से थी और वह आखिरी बार उसी के साथ देखी गई थी। पुलिस ने शाहरुख को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान शाहरुख ने कबूल किया कि 500 रुपए को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद उसने अपने साथियों- इमरान, एजाज, सोनू और अजीम—के साथ मिलकर लाठी-डंडों से मारकर ललिता की हत्या कर दी। पुलिस ने इन सभी के खिलाफ हत्या और बलात्कार जैसे गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। तब से सभी आरोपी जेल में थे। मार्च 2025 में ललिता जिंदा थाने पहुंची मामले ने तब नया मोड़ लिया जब मार्च 2025 में ललिता खुद थांदला थाने पहुंच गई। उसने पुलिस को बताया कि वह मजदूरी के लिए बाहर गई थी और उसके साथ कोई घटना नहीं हुई। पुलिस हैरान रह गई। शव की शिनाख्त करने वाले ललिता के माता-पिता भी चौंक गए। उन्होंने कहा कि शव की कद-काठी और कपड़े देखकर उन्होंने ललिता के रूप में पहचान की थी, लेकिन अब उन्हें अपनी गलती का अहसास हो रहा है। recent visitors 37

नौतपा के पहले दिन 10 डिग्री कम रहा पारा, आज भी जबलपुर समेत 44 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट

भोपाल मध्यप्रदेश में इस बार नौतपा के पहला दिन नहीं तपा, भीषण गर्मी की बजाय आंधी-बारिश का दौर रहा। साथ ही मंडला, छिंदवाड़ा, बैतूल समेत कई शहरों में बारिश हुई। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर समेत पूरे प्रदेश में दिन के पारे में गिरावट दर्ज की गई। सिर्फ खजुराहो में ही पारा 40 डिग्री तक पहुंच सका। मौसम विभाग के मुताबिक, पिछले साल की तुलना में इस बार दिन का तापमान 10 डिग्री कम है। सोमवार को इंदौर, जबलपुर सहित 44 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में आंधी की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है। इन जिलों में आंधी-बारिश की संभावना इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, जबलपुर, कटनी, उमरिया, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, सिंगरौली, सीधी, मऊगंज, रीवा, सतना, मैहर, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, आगर-मालवा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना और श्योपुर में आंधी और बारिश की संभावना है। मंडला में आधा इंच पानी गिरा रविवार को मंडला, छिंदवाड़ा, बैतूल समेत कई शहरों में पानी गिरा। मंडला में करीब आधा इंच पानी गिर गया। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर समेत पूरे प्रदेश में दिन के पारे में गिरावट रही। यहां बादल छाए रहे। सिर्फ एक शहर खजुराहो में ही पारा 40 डिग्री पहुंचा। मौसम विभाग ने अगले 4 दिन तक प्रदेश में मौसम का मिजाज बदले होने की संभावना जताई है। पचमढ़ी में पारा सबसे कम 29.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। मलाजखंड में 30.6 डिग्री, छिंदवाड़ा में 31 डिग्री, बैतूल में 31.5 डिग्री और सिवनी में 32 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 34.8 डिग्री, इंदौर में 33.8 डिग्री, ग्वालियर में 38.5 डिग्री, उज्जैन में 35.5 डिग्री और जबलपुर में 34.5 डिग्री दर्ज रहा। मंडला में आधा इंच बारिश, खजुराहो में पारा 40 डिग्री पहुंचा रविवार को मंडला, छिंदवाड़ा, बैतूल और कई अन्य शहरों में बारिश हुई। मंडला में लगभग आधा इंच पानी गिरा। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर सहित पूरे प्रदेश में दिन के तापमान में गिरावट आई। यहां बादल छाए रहे। केवल खजुराहो में ही तापमान 40 डिग्री तक पहुंचा। मौसम विभाग ने अगले 4 दिनों में प्रदेश में मौसम में बदलाव की संभावना जताई है। पचमढ़ी में पारा सबसे कम 29.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मलाजखंड में 30.6 डिग्री, छिंदवाड़ा में 31 डिग्री, बैतूल में 31.5 डिग्री और सिवनी में 32 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 34.8 डिग्री, इंदौर में 33.8 डिग्री, ग्वालियर में 38.5 डिग्री, उज्जैन में 35.5 डिग्री और जबलपुर में 34.5 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग क्या कह रहा ? सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने कहा कि तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन के सक्रिय होने के कारण मौसम का हाल बदला हुआ है। इसी वजह से अगले चार दिनों तक आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। अगले कुछ दिन कैसा रहेगा मौसम ? 26 मई : भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, सतना, मैहर, मऊगंज, कटनी, जबलपुर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी और नीमच में बारिश होने की संभावना है। 27 मई: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, सतना, मैहर, मऊगंज, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी और नीमच में बारिश होने की संभावना है। यहां हवा की रफ्तार 30 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक हो सकती है। 28 मई: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, मैहर, मऊगंज, कटनी, जबलपुर, अनूपपुर, डिंडौरी और नीमच में बारिश होने की संभावना है। यहां हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटा तक हो सकती है। मई में बारिश-आंधी का दौर, दूसरे पखवाड़े में गर्मी का असर मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में मई के महीने में ही सबसे ज्यादा गर्मी पड़ती है। पिछले 10 साल का ट्रेंड देखें तो कई शहरों में पारा 47-48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। दिन में हीट वेव चलती हे तो रातें भी गर्म रहती हैं, लेकिन इस बार मौसम का मिजाज अलग रहा। लगातार 19 दिन तक बारिश हुई है। ऐसे में रविवार-सोमवार से गर्मी ने असर दिखाना शुरू किया। खासकर छतरपुर जिले के खजुराहो-नौगांव, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, उज्जैन, निवाड़ी, नीमच, मंदसौर में गर्मी का असर रहा। अगले कुछ दिन तक बारिश का दौर बना रहेगा। इसके बाद ही गर्मी का असर तेज होने की संभावना है। इन जिलों में सबसे ज्यादा गर्मी रहेगी मौसम विभाग की मानें तो मई महीने के आखिरी दिनों में ग्वालियर, छतरपुर, नरसिंहपुर, निवाड़ी, मैहर, टीकमगढ़, भिंड, दतिया, खरगोन, बड़वानी, खंडवा, मुरैना, राजगढ़, रायसेन, शाजापुर, श्योपुरकलां, शिवपुरी और विदिशा जिलों में पारा 45 डिग्री या इससे ज्यादा रहने का अनुमान है। इनमें ग्वालियर-चंबल संभाग के साथ मालवा-निमाड़ के कुछ शहरों में भी तेज गर्मी रहेगी। छतरपुर के खजुराहो और नौगांव, निवाड़ी के पृथ्वीपुर में पारा 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। भोपाल में पारा 44 से 45 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। जबकि इंदौर, जबलपुर और उज्जैन में भी पारा इतना रह सकता है। बड़े शहरों में ग्वालियर में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ेगी। यहां पारा 46-47 डिग्री के बीच पहुंचने का अनुमान है। अप्रैल में भी बारिश-गर्मी का असर रहा अप्रैल के पहले, दूसरे और तीसरे सप्ताह में तेज गर्मी और बारिश का दौर बना रहा। पहले सप्ताह में सभी संभागों में सामान्य से 2-3 डिग्री ज्यादा 21-24 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। वहीं, दिन में पश्चिमी गर्म हवाओं के कारण अधिकतम तापमान इंदौर, सागर और नर्मदापुरम संभागों में सामान्य से ज्यादा 39 से 44 … Read more

प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सफल 11 वर्ष, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को दी जानकारी

प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सफल 11 वर्ष पूर्ण होने पर प्रदेश में होंगे विभिन्न कार्यक्रम: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में जून माह में तीन तिथियों पर होंगी महत्वपूर्ण गतिविधियां प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सफल 11 वर्ष, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को दी जानकारी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आगामी माह तीन ऐसी महत्वपूर्ण तिथियां होंगी जिनका मध्यप्रदेश और देश के लिए विशेष महत्व है। आगामी पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस है इस नाते यह दिन जल गंगा संवर्धन अभियान के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है। यह पर्यावरण दिवस भी है, और राज्य सरकार पर्यावरण को संरक्षित करने के लिए अधिकाधिक प्रयास कर रही है। जल गंगा संर्वधन अभियान का औपचारिक शुभारम्भ गुड़ी पड़वा से हो चुका है। प्रदेश में 30 मार्च से प्रारंभ यह अभियान निरंतर 30 जून तक चलेगा। जनप्रतिनिधि और आम नागरिक अभियान में व्यापक भागीदारी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज नई दिल्ली में मीडिया से चर्चा में जून माह के महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के संबंध में जानकारी दी। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सफल 11 वर्ष मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पर्यावरण दिवस के पश्चात 9 जून को महत्वपूर्ण तिथि है जब यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार के सफल 11 साल पूरे होने का भी दिन है। यह विशेष उपलब्धि है। मध्यप्रदेश में इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी न केवल लगातार तीन कार्यकाल के लिए सरकार बनाने के लिए बधाई के पात्र हैं, बल्कि उन्होंने जो ऐतिहासिक फैसले लिए हैं, वे इस बात का प्रमाण हैं कि प्रधानमंत्री जी के लिए राष्ट्र हित सर्वोपरि है। इन ऐतिहासिक निर्णयों में चाहे वो ट्रिपल तलाक का विषय हो या सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को सभी समुदायों की ओर से मिलकर पूरा करवाना हो या फिर पाकिस्तान को तीन बार तगड़ा जवाब देने की कार्यवाही जिसमें सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और हाल ही में पाकिस्तान के अंदर ऑपरेशन सिंदूर करने की त्वरित कार्यवाही हो और साथ ही सीमाओं पर चीन का सामना करना हो, यह सभी ऐसे निर्णयों में शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीएसटी लागू करने से लेकर कई बदलाव, बदलते दौर के भारत में देखने को मिल रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के सक्षम नेतृत्व का ही यह प्रमाण है कि भारत का महत्व बढ़ता जा रहा है। प्रधानमंत्री जी के ठोस प्रयासों ने भारत को दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना दिया है। काला दिवस से स्मरण किया जाता है लोकतंत्र का महत्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आपातकाल स्वतंत्र भारत के इतिहास में काला दिवस माना जाता है। लोकतांत्रिक व्यवस्था को नष्ट कर दिया गया था। ऐसी स्थिति में जनता ने आपातकाल का प्रतिकार भी लिया। वर्तमान में यशस्वी प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में 25 जून को इस काले दिवस का स्मरण कर पूरे राष्ट्र में लोकतंत्र के प्रति जन जागरूकता बढ़ाने का कार्य हो रहा है। आगामी माह व्यापक स्तर पर इस तिथि पर भी विभिन्न कार्यक्रम होंगे। उद्योग वर्ष में किसानों को देंगे सौगात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सोमवार 26मई को नरसिंहपुर में कृषि उद्योग समागम में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ जी पधार रहे हैं। हमारी कृषि आधारित व्यवस्थाओं, कृषि यंत्रों के उपयोग, प्राकृतिक खेती, उत्पादन क्षमता बढ़ाने, कारखानों की स्थापना और इनसे मिलने वाले रोजगार,फसलों के संवर्धन और उपार्जन की दृष्टि से किसानों को उचित मूल्य दिलवाने का प्रयास है। प्रदेश में प्रसंस्करण इकाइयों की क्षमता बढ़ाने का अभियान संचालित होगा। उद्योग वर्ष में किसानों को महत्वपूर्ण सौगात मिलेगी। नरसिंहपुर के कृषि उद्योग समागम में आधुनिक कृषि यंत्रों, ड्रोन, एआई आधारित उपकरणों और जैविक खेती के जीवंत प्रादर्श किसानों का मार्गदर्शन करेंगे। अनेक विभाग स्टॉल लगाकर शासकीय कृषक कल्याण योजनाओं की जानकारी भी प्रदान करेंगे।   recent visitors 57

जबलपुर स्टेशन पर 4 दिन का मेगा रेलवे ब्लॉक, मदनमहल से चलेगी इंटरसिटी एक्सप्रेस

जबलपुर  पश्चिम मध्य रेलवे (पमरे) द्वारा जबलपुर रेलवे स्टेशन में विभिन्न निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। इसके चलते 27 मई से 30 मई तक चार दिन के लिए प्रतिदिन तीन घंटे का रेलवे ब्लॉक लिया जाएगा। इस दौरान रानी कमलापति- अधारताल-रानी कमलापति इंटरसिटी ट्रेन (गाड़ी नंबर 22187-22188) की सेवाओं में आंशिक बदलाव किया गया है। अब 27 से 30 मई तक रानी कमलापति से रवाना होने वाली इंटरसिटी ट्रेन 22187 मदनमहल स्टेशन पर शार्ट टर्मिनेट होगी। यह ट्रेन मदनमहल से अधारताल के बीच आंशिक रूप से निरस्त रहेगी। वहीं 27 से 30 मई तक अधारताल से रवाना होने वाली इंटरसिटी ट्रेन 22188 मदनमहल स्टेशन से चलेगी। यह ट्रेन अधारताल से मदनमहल के बीच आंशिक रूप से निरस्त रहेगी। इससे यात्रियों को परेशानी होगी। रेलवे के अधिकारियों के अनुसार     गाड़ी संख्या 22187, जो रानी कमलापति से अधारताल जाती है, 27 से 30 मई तक मदनमहल स्टेशन पर ही शॉर्ट टर्मिनेट कर दी जाएगी। यानी यह ट्रेन इन तारीखों में मदनमहल से आगे अधारताल तक नहीं जाएगी।     वहीं गाड़ी संख्या 22188, जो अधारताल से रानी कमलापति आती है, इन्हीं तारीखों में मदनमहल स्टेशन से शॉर्ट ऑरिजिनेट होगी। यानी यह ट्रेन अधारताल से मदनमहल तक नहीं चलेगी। इधर… ग्वालियर-भोपाल इंटरसिटी का संचालन आज से रोज ग्वालियर-भोपाल इंटरसिटी का संचालन अब हर दिन किया जाएगा। सोमवार से ही यह व्यवस्था लागू की जाएगी। यह ट्रेन अभी तक सप्ताह में केवल पांच दिन चलाई जा रही थी। इसे नियमित रूप से चलाने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। भोपाल से यह ट्रेन दोपहर 3:15 बजे रवाना होगी और रात 11:58 बजे ग्वालियर स्टेशन पहुंचेगी। वहीं, ग्वालियर से सुबह 6:20 बजे रवाना होगी और दोपहर 2:35 बजे भोपाल पहुंचेगी। इधर, प्रयागराज से वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी स्टेशन तक नियमित रूप से चलने वाली ट्रेन नंबर 11802 का संचालन सोमवार से ग्वालियर तक किया जाएगा। यह ट्रेन सोमवार को प्रयागराज जंक्शन से सुबह 6:05 बजे रवाना होकर शाम 5:15 बजे वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी स्टेशन पहुंचेगी और इसके बाद रात नौ बजे ग्वालियर स्टेशन पर आएगी। इसी दिन से यह ट्रेन नियमित हो जाएगी। recent visitors 50

सामूहिक दुष्कर्म के बाद महिला की छोटी आंत बाहर, दो गिरफ्तार, डॉक्टर ने किए कई खुलासे

खंडवा खंडवा जिले के खालवा क्षेत्र में आदिवासी महिला से निर्भया कांड जैसा दरिंदगी का मामला सामने आया है। शनिवार को गैंगरेप के बाद 45 साल की महिला की मौत हो गई। रविवार को डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम किया। इस दौरान प्राइवेट पार्ट पर कट के निशान, पेट में आंतरिक चोट, छोटी आंत बाहर मिली। साक्ष्य के लिए पीएम की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई। पुलिस ने रविवार को आरोपी हरि और सुनील को गिरफ्तार कर लया है। दोनों पीड़िता के परिचित हैं।  खंडवा एएसपी राजेश रघुवंशी के अनुसार, पीड़िता शादी समारोह में आई थी। उसके साथ हरि नाम का व्यक्ति था। शादी के बाद पीड़िता को एक महिला उसके घर छोड़ने गई। यहां से पीड़िता हरि के साथ उसके घर आई। कुछ देर बाद ही एक अन्य व्यक्ति सुनील भी आ गया। रात में दोनों ने गैंगरेप किया। अत्यधिक ब्लीडिंग से महिला की मौत हो गई। कांग्रेस ने अपने स्तर पर मामले की जांच को तीन सदस्यीय दल बनाया है। इसमें महिला कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष शोभा ओझा, पूर्व मंत्री विजयलक्ष्मी साधौ और विधायक झूमा सोलंकी शामिल हैं। यह दल पीड़ित परिवार से मुलाकात कर प्रदेश कांग्रेस को रिपोर्ट सौंपेगा। परिवार की लापरवाही, नहीं ले गए अस्पताल पीड़िता(Khandwa Tribal Women Gangrape) ने परिजन को बताया कि गैंगरेप की जानकारी के बाद पीड़िता जब परिवार को मिली तब वह बातचीत कर रही थी। उसे ब्लीडिंग हो रही थी। पीड़िता ने परिवार के सदस्यों को आरोपी सुनील और हरि के नाम बताए। इसके बाद सुबह छह बजे से दोपहर दो बजे तक पीड़िता को घर में रखा। इस दौरान मौत हो गई। इसके बाद डायल 100 को सूचित किया। नेता प्रतिपक्ष ने सरकार को घेरा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा, आदिवासी के साथ ऐसी घटना ने प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। यह हैवानियत किसी सभ्य समाज की नहीं, बल्कि जंगलराज की तस्वीर है। उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि अब चुप्पी नहीं, जवाब चाहिए। आप ऐसे कितने शर्मनाक मामलों पर चुप रहेंगे। क्यों आपकी पुलिस और प्रशासन अपराधियों के सामने बेबस नजर आते हैं। महिला सुरक्षा को लेकर आपकी सरकार की जिम्मेदारी कहां है। अब सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, सिर्फ दिखावे नहीं। बेटे से बोली थी- अब मैं नहीं बचूंगी पीड़िता के बेटे ने बताया कि मां शादी समरोह में गई थी। रात को घर नहीं लौटी। हमें लगा कि वो वहीं रुक गई होगी। गांव की एक महिला ने बताया कि वो हमारे आंगन में बैठी है। तब हम वहां पहुंचे तो मां बेहोश अवस्था में थी। हमने उन्हें पानी पिलाया और होश में लाए। मां ने कहा कि मेरे साथ गलत हुआ है, अब मैं नहीं बचूंगी। सुनील और हरि ने मेरे साथ जबर्दस्ती की। पूर्व पीसीसी चीफ बोले- बहन-बेटी सुरक्षित नहीं खंडवा में हुए गैंगरेप के मामले पर पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा खालवा में दिल दहला देने वाली घटना हुई है। मप्र में हमारी बहन-बेटियां सबसे ज्यादा असुरक्षित हैं। एनसीआरबी के आंकड़ों में महिलाओं से अत्याचार पर हम प्रथम स्थान पर हैं। खालवा कांड को लेकर मुख्यमंत्री, गृह मंत्री एवं क्षेत्र के मंत्री दुष्कर्मियों पर क्या कार्यवाही करेंगे यह प्रदेश की जनता जानना चाहती है। उन्होंने कहा कि दुष्कर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होना चाहिए। यह है पूरा मामला रविवार को एएसपी ग्रामीण राजेश रघुवंशी ने पत्रकार वार्ता में बताया कि 23 मई को एक गांव में शादी समारोह में पीड़िता शामिल हुई थी। उसके साथ हरि भी था। शादी समारोह के बाद पीड़िता उसके साथ इसी समारोह में शामिल एक अन्य महिला को उसके घर छोड़ने गई थी। लगभग 6:30 बजे दोनों ने उस महिला को खेत वाले घर पर छोड़ा। उसके बाद पीड़िता हरि के साथ उसके घर पर आई। वहां पर कुछ देर बाद सुनील भी आ गया। हरि के घर पर सुनील, हरि व पीड़िता को देखा गया था। घटना स्थल पर पुलिस को महिला की बच्चेदानी बाहर निकलने जैसी कोई स्थिति नहीं दिखी। इस संबंध में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी, जिससे अन्य चीजों का खुलासा हो पाएगा। जिला अस्पताल में मेडिकल की फोरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. सीमा सूते और जिला अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. लक्ष्मी डूडबे द्वारा शव का पोस्टमार्टम किया गया। तीनों ने साथ में पी थी शराब पड़ोस के एक व्यक्ति ने तीनों को रात में शराब पीते हुए देखा। इसके बाद सुबह हरि की मां ने देखा कि पीड़िता घायल अवस्था में उसके आंगन में बैठी हुई थी। इस पर उसने पीड़िता के घर वालों को सूचित किया। पीड़िता के घरवाले आए और घर चले गए। इसके बाद पीडिता ने बताया कि सुनील और हरि ने उसके साथ जबर्दस्ती की। recent visitors 54