Tuesday, July 7, 2026 2:20 am

कलेक्टर बदले, हालात नहीं: मुरैना की जनसुनवाई में सालों से भटक रहे फरियादी

कलेक्टर बदले, हालात नहीं: मुरैना की जनसुनवाई में सालों से भटक रहे फरियादी

Collector changed, but not the situation: Complainants have been wandering for years in Morena’s public hearing. मुरैना। मुरैना जिले में जनसुनवाई रिकार्ड गढ़ रही है। जब से कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ जिले में पदस्थ हुए हैं, जब से जनसुनवाई में आने वाले आवेदनों की संख्या हजारों में पहुंच गई है। इस भीड़ में ऐसे भी दर्जनों लोग थे, जो सालों से अपनी गुहार लेकर कलेक्टर की देहरी पर आ रहे हैं, लेकिन उनकी शिकायत का निदान नहीं हो रहा। कई लोग जनसनुवाई में दर्जनों बार आवेदन दे चुके हैं, उन्हें नए कलेक्टर से अपनी शिकायत के समाधान की आस है। मंगलवार को हुई जनसुनवाई में जखौना-धोगापुरा गांव के धर्मेंद्र सिंह, विष्णु सिंह, अन्नू कुमार, पंडित उम्मेद, दारासिंह सहित करीब 20 युवा पहुंचे। इन ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव की मुख्य सड़क कीचड़ और गड्ढों से भरी है। इन युवाओं ने बताया कि जखौना रोड से मदन सिंह के मकान तक की सड़क को पक्का बनवाने के लिए पहले उनके पिता, चाचा, ताऊ आवेदन देते रहे हैं, लेकिन सड़क निर्माण नहीं हुआ। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में बीमार व प्रसूता के लिए एंबुलेंस व जननी वाहन तक नहीं आ पाती। यह शिकायत को केवल एक उदाहरण हैं, जनसुनवाई में लगी लंबी कतार में से कम से कम 20 फीसद आवेदन ऐसे थे, जो चार या इससे अधिक बार पहले आवेदन दे चुके हैं। इस मंगलवार को भी जनसुनवाई में शिकायतकर्ताओं की इतनी लंबी कतार लगी कि, जनसुनवाई के हाल से लेकर पूरी गैलरी से लेकर कलेक्टोरेट के पिछले गेट तक आवेदकों की कतार लगी थी। चार-चार घंटे लाइन में लगने के बाद कई लोग कलेक्टर तक पहुंचे। कोई अफसर मोबाइल में व्यस्त कोई उबासी लेता दिखाइस मंगलवार को भी जनसुनवाई लगभग पांच घंटे चली। इस दौरान कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने हर शिकायतकर्ता की शिकायत को तसल्ली से सुना। लेकिन जनसुनवाई में मौजूद अन्य विभागों के अधिकारियों के लिए जनसुनवाई बोरियत भरी हो गई। कई अधिकारी उबासी लेते दिखे तो कई मोबाइल में फेसबुक, इंस्ट्राग्राम चलाकर अपने समय पास करते नजर आए। गांव में नहीं हुआ कोई विकास, तीन साल से कर रहा शिकायतमाधौपुरा गांव निवासी मुन्ना सिंह गुर्जर ने बताया कि उनका गांव मालीबाजना ग्राम पंचायत में आता है। माधौपुरा में 200 घर की बस्ती है, इस गांव में सरपंच-सचिव ने तीन साल में कोई काम नहीं करवाया। गांव की कच्ची सड़कें हैं, पानी निकासी के लिए नाला नहीं। इसका कारण यह है, कि सरपंच मालीबाजना गांव के हैं, उन्हें लगता है कि चुनाव में उन्हें माधौपुरा से वोट नहीं मिले, इसलिए वह पूरे गांव से रंजिश रखते हैं। गांव में स्कूल भवन तक नहीं, बच्चों को पढ़ने के लिए तीन किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। 40 से ज्यादा आवेदन दे चुका, कार्रवाई नहींगुर्जा गांव निवासी विजयपाल सिंह सिकरवार ने बताया कि जनसुनवाई में वह बीते चार साल में 40 से ज्यादा आवेदन दे चुका है। विजयपाल सिंह के अनुसार सिद्धनगर में 2500 वर्गफीट प्लाट और मोहनपुर चिन्नौनी गांव में उसकी तीन बीघा जमीन है, जिस पर महिपाल, अजयपाल, प्रशांत, दीपक ने कब्जा कर लिया है। जमीन मुक्त करने की कहने पर यह लोग मेरे बच्चों को मारने की धमकी देते हैं। विजयपाल ने अपने बच्चों की जान का खतरा बताते हुए कार्रवाई की मांग की है। कैलारस नप में भ्रष्टाचार की शिकायत के साथ पांचवी बार जनसुनवाई में पार्षदकैलारस के पहाड़गढ़ रोड निवासी और वार्ड 15 के पार्षद पूरन शिवहरे ने अपने आवेदन में ही लिखा कि वह पांचवी बार जनसुनवाई में आवेदन लेकर आए हैं। पूरन शिवहरे ने बताया कि कैलारस नप में जमकर भ्रष्टाचार हो रहा है। तीन साल में 20 सीएमओ बदल गए, कोई सीएमओ रुक नहीं पा रहा। स्टोर शाखा व निर्माण शाखा में 1.41 करोड़ रुपये की वित्तीय गड़बड़ी हुई है। 180 फर्जी बिल वाउचर बनाकर फर्जी भुगतान हुए हैं, जिनके प्रमाण हैं। पूरन शिवहरे के अनुसार वह कैलारस नप में वित्तीय गड़बड़ियों की मांग कर रहे हैं, पर प्रशासन सुनवाई नहीं कर रहा। recent visitors 72

मध्य प्रदेश में ठेके पर चलेगा मंत्रालय!, जीतू पटवारी का बड़ा दावा

मध्य प्रदेश में ठेके पर चलेगा मंत्रालय!, जीतू पटवारी का बड़ा दावा

Ministry will be run on contract in Madhya Pradesh! Jitu Patwari makes a big claim भोपाल ! मध्य प्रदेश में धार और बैतूल में पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनशिप) मॉडल पर दो नए मेडिकल कॉलेज और खुलने जा रहे हैं. केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा इसकी आधारशिला रख रहे हैं. प्रदेश के जिला अस्पतालों से संबद्ध कर मेडिकल कॉलेज खोलने का कांग्रेस ने विरोध जताया है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस द्वारा जिलों में खोले गए सरकारी अस्पतालों को सरकार ठेके पर दे रही है. सरकार ऐसी संस्थाओं को यह जिला अस्पताल ठेके पर दे रही है, जिसके पास कोई अनुभव ही नहीं है. बिना अनुभव वाली संस्थान पर मेहरबानी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि “जिला अस्पतालों से निजी मेडिकल कॉलेज को संबद्ध किए जाने के लिए सरकार ने टेंडर में शर्त रखी थी कि कम से कम 5 साल का मेडिकल कॉलेज को अनुभव होने चाहिए, लेकिन सरकार ने एक ही संस्था को 4 जिला अस्पताल सौंप दिया. इनका कोई अनुभव ही नहीं है. जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि सिर्फ भाषण और ताली बजाने से कुछ नहीं होगा. उन्हें पूछना चाहिए कि आखिर इससे प्रदेश का क्या भला होगा. कांग्रेस करेगी निजी मेडिकल कॉलेजों का निरीक्षण जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि प्रदेश में निजी मेडिकल कॉलेज खोलने के दौरान शर्त रखी गई थी कि मेडिकल कॉलेजों में 100 बेड मुफ्त चलने चाहिए. एक भी ऐसा मेडिकल कॉलेज सरकार बता दे, जहां गरीबों से एक भी पैसा नहीं लिया जाता हो और उनका मुफ्त इलाज किया जा रहा हो. कांग्रेस अब अभियान शुरू करने जा रही है. 8 दिन चलने वाले अभियान के दौरान कांग्रेस एक-एक मेडिकल कॉलेज पहुंचेगी और देखेगी कि किस निजी मेडिकल कॉलेज में 100 बेड पर निजी मरीजों का मुफ्त इलाज किया गया. सरकार ने इस पर कभी ध्यान ही नहीं दिया. इसके उलट अब सरकारी अस्पताल ठेके पर देकर सरकार उत्सव मना रही है.” मंत्रालय भी ठेके पर दे देगी क्या सरकार ? जीतू पटवारी ने कहा कि “प्रदेश में करीबन 3 हजार पंचायतें ठेके पर चल रही हैं. संस्थाएं सरपंच को साल भर का पैसा देकर पूरी पंचायत ठेके पर लेकर चला रही हैं. पंचायत के बाद अब इसी तरह जिला अस्पताल ठेके पर जा रही है. ऐसा न हो कि कहीं सरकार मंत्रालय भी ठेके पर चलने लगे. मंत्री नागर सिंह के भाई द्वारा सेल्समेन से मारपीट को लेकर जीतू पटवारी ने कहा कि इस घटना से यह प्रमाण मिलता है कि प्रदेश में खाद की कमी है, इसीलिए मंत्री के भाई ने मारपीट की. प्रदेश में पर्याप्त खाद के सरकार के दावे को इस घटना ने सामने ला दिया है. सरकार को कार्रवाई तो करनी ही चाहिए, लेकिन मंत्री के भाई का धन्यवाद कि उन्होंने सरकार को आइना दिखा दिया है.” recent visitors 75

अरावली हमारी धरोहर है उसे…यमुना एक्सप्रेसवे पर 6 जिलों की महापंचायत में राकेश टिकैत ने भरी हुंकार

अरावली हमारी धरोहर है उसे…यमुना एक्सप्रेसवे पर 6 जिलों की महापंचायत में राकेश टिकैत ने भरी हुंकार

Aravalli is our heritage, Rakesh Tikait roared at the Mahapanchayat of 6 districts on Yamuna Expressway. जमीन अधिग्रहण को लेकर लंबे समय से नाराज चल रहे किसानों का गुस्सा सोमवार को खुलकर सामने आया। यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो प्वाइंट पर बड़ी संख्या में किसान एकजुट हुए और अधिकारियों को साफ कहा कि अब वादों से काम नहीं चलेगा, अब हमें ठोस फैसला चाहिए। भारतीय किसान यूनियन की इस महापंचायत में छह जिलों से किसान शामिल हुए। सभी किसानों ने एक सुर में मुआवजे और रोजगार से जुड़े मुद्दे उठाए। वहीं इस महापंचायत में राकेश टिकैत की मौजूदगी ने माहौल को और गर्मा दिया। इसी दौरान राकेश टिकैत ने सराकार को समाधान के लिए 14 जनवरी तक का अल्टीमेटम दिया है और अरावली विवाद पर भी बयान देते हुए चेतावनी दी है। पांच घंटों तक चली महापंचायतसोमवार सुबह यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो प्वाइंट पर गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, हाथरस, मथुरा और आगरा जिले के किसान बड़ी संख्या में इकट्ठे हुए। किसानों की यह महापंचायत पांच घंटों तक चली, जिसमें इकट्ठे हुए सभी किसानों ने अपनी मांगें खुलकर रखीं। किसानों का कहना था कि अधिकारियों ने विकास के नाम पर उनसे जमीन तो ले ली, लेकिन उसके बदले उन्हें जो हक मिलना चाहिए था, वह अभी तक अधूरे हैं। इसी नाराजगी की वजह से किसानों ने प्रशासन और प्राधिकरणों के खिलाफ आवाज उठाई। किसानों ने क्या-क्या मांगें रखीं?महापंचायत में किसानों ने साफ कहा कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण इलाके में जिन किसानों की जमीन ली गई है, उन किसानों को 64.7% ज्यादा मुआवजा दिया जाए और जमीन के प्राइस यानी सर्किल रेट भी बढ़ाए जाएं। साथ ही किसानों ने यह भी मांग की कि जिन लोगों ने नोएडा एयरपोर्ट और फैक्ट्रियों के लिए जमीन दी, उनके बच्चों को पढ़ाई और योग्यता के हिसाब से पक्की नौकरी भी दी जाए। इसके साथ ही 10% विकसित भूखंड देने, आबादी निस्तारण जैसे मुद्दों पर भी जोर दिया गया। किसानों ने इन मुद्दों का प्राथमिकता के साथ हल किए जाने की मांग की। राकेश टिकैत ने दी चेतावनी और कहा अरावली हमारी धरोहर हैराकेश टिकैत ने सरकार और प्राधिकारियों पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि किसानों को सालों से सिर्फ आस्वासन ही दिया जा रहा है। उन्होंने साफ कहा कि अगर 14 जनवरी तक समाधान नहीं होगा, तो किसान लखनऊ कूच करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि विकास प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन देने वाले किसानों को नौकरी और बसने का पूरा हक मिलना चाहिए।इतना ही नहीं, हाल ही में अरावली को लेकर बड़ा विवाद चल रहा है और मीडिया से बातचीत करते हुए इस मुद्दे पर भी उन्होंने बयान दिया और कहा कि अरावली हमारी धरोहर है और अगर इसे किसी को भी नष्ट नहीं करने देंगे। अगर फिर भी किसी ने कोशिश की, तो हम इसे बचाएंगे और जरूरत पड़ी तो प्रदर्शन करेंगे और वहीं जाकर बैठ जाएंगे। अधिकारियों ने किसानों से की बातचीतमहापंचायत के दौरान जिला प्रशासन और विकास प्राधिकरणों के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और किसानों से सीधे बातचीत की। एडीएम एलए बच्चू सिंह, यमुना प्राधिकरण और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी ने वहा किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनी। अधिकारियों ने कहा कि किसानों से जुड़े मामलों का समाधान एक प्रक्रिया के अनुसार चल रहा है। सर्किल रेट बढ़ाने को लेकर भी काम चल रहा है और इस पर नए साल में फैसला किया जा सकता है। राकेश टिकैत ने किया ऐलानअधिकारियों से बातचीत के दौरान रोकेश टिकैत ने साफ कहा कि नोएडा एयरपोर्ट लगभग तैयार हो चुका है और उन्हें अभी तक न तो उन्हें 64.7% मुआवजा दिया गया है और न ही नौकरी या मकान बनाने के लिए जमीन के बदले कोई हक दिया गया है। उनका मानना है कि एक बार एयरपोर्ट चालू हो गया तो किसानों की आवाजें और कम कर दी जाएंगी, इसलिए अब चुप बैठने का समय नहीं है। टिकैत ने ऐलान किया कि सराकर ने मांगे नहीं मानी तो 22 जनवरी के बाद लखनऊ की तरफ ट्रैक्टर मार्च किया जाएगा।इस मार्च में एक ट्रैक्टर और करीब 10 लोग शामिल होंगे। आगे उन्होेंने कहा कि किसान 15 दिन का राशन लेकर जाएंगे और वहीं डेरा लगाएंगे। उन्होंने कहा कि जनवरी में प्रयागराज में होने वाले शिविर में आंदोलन की आगे की प्लानिंग की जाएगी। recent visitors 148

‘आदिवासी विरोधी नीतियों की पोषक और कार्पोरेट परस्त है सरकार’, जंगल कटाई के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन

“The government is a promoter of anti-tribal policies and pro-corporate,” Congress protests against deforestation. Congress Protest : मध्य प्रदेश में जंगलों की बढ़ती कटाई के विरोध में कांग्रेस ने सोमवार को धार में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि, एक ओर पीएम मोदी मां के नाम एक पेड़ अभियान चला रहे हैं, वहीं प्रदेश में हजारों की संख्या में पेड़ काटे जा रहे हैं। इससे वैश्विक स्तर पर पर्यावरण को नुकसान होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि, भाजपा की कथनी और करनी में अंतर है। ये सरकार कार्पोरेट परस्त है और आदिवासी विरोधी नीतियों की पोषक है। कांग्रेस द्वारा सिंगरोली में कोयला खदान के लिए उद्योगपति अडानी की कंपनी को जंगल भूमि देने के विरोध में प्रदर्शन किया गया। आरोप है कि हजारों की संख्या में जंगलों में पेड़ काटे जा रहे हैं। नेता व कार्यकर्ताओं ने हाथों में आरी लेकर सांकेतिक रूप से जंगल कटाई का रूपांतरण किया। प्रदर्शन के दौरान जंगल बचाओ-आदिवासी बचाओ और सिंगरोली बचाओ-जंगल बचाओ जैसी तख्तियां कांग्रेसियों ने थामी थी। नारेबाजी के बाद अड़ानी का पुतला भी फूंका गया। इस मौके पर मीडिया से चर्चा में सिंघार ने कहा कि मनरेगा का नाम बदलने को लेकर कहा कि भाजपा इस योजना को बंद करना चाहती है। इसमें केन्द्र ने राज्य का अंश बढ़ा दिया है। राज्यों के पास पहले ही पैसा नहीं है। यह स्थितियां बताती हैं कि यह योजना बंद करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इन्होंने नाम बदलने के अलावा क्या किया है। इसके पूर्व भी कई योजनाओं के नाम बदल चुके हैं। SIR में नाम जोड़ने-घटाने पर कांग्रेस की नजर नेता प्रतिपक्ष सिंघार जिला समन्वय समिति की बैठक में शामिल होने के लिए धार पहुंचे थे। उन्होंने बैठक में कार्यकर्ताओं को संबो​धित करते हुए एसआइआर सर्वे का जिक्र किया है। सिंघार ने कहा कि आगामी एक माह महत्वपूर्ण है। प्रदेश के सभी जिलों में मतदाता सूची में नए नाम जोडऩे व घटाने की कार्रवाई पर कांग्रेस की नजर रहेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं को सजग होकर जुटने के लिए कहा है। recent visitors 61

कब्रिस्तान बताई गई जीवाजी यूनिवर्सिटी की जमीन, प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान मचा हंगामा

कब्रिस्तान बताई गई जीवाजी यूनिवर्सिटी की जमीन, प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान मचा हंगामा

Jiwaji University land declared a graveyard, sparking commotion during administrative action ग्वालियर। सिटी सेंटर स्थित अल्कापुरी के सामने जीवाजी यूनिवर्सिटी को आवंटित 15 बिस्वा जमीन का कब्जा दिलाने पहुंची प्रशासन की टीम के साथ विवाद हो गया। यहां जेयू के अधिकारी व प्रशासन की टीम जब पहुंची तो कुछ युवक आ गए। इसमें शामिल मुस्लिम युवक ने कहा कि यह कब्रिस्तान की जमीन है, जिसके बाद प्रशासन ने दस्तावेज दिखाने को कहा तो नहीं दिखा पाए। मौके पर और युवकों को बुलवा लिया गया और विवाद बढ़ने लगा। यह देख प्रशासनिक अधिकारियों ने यूनिवर्सिटी थाना पुलिस का फोर्स बुलवा लिया जिसके बाद उत्पात मचाने वालो के तेवर ढ़ीले पड़ गए। विवाद करने वालों पर शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने का मामला दर्ज कराने की तैयारी की गई लेकिन विरोध करने वाले फिर पीछे हट गए। इसके बाद कब्जा दिलाने की कार्रवाई पूरी की गई। सिटी सेंटर वृत्त के नायब तहसीलदार शिवदत्त कटारे ने बताया कि जीवाजी यूनिवर्सिटी की ओर से प्रबंधन को आवंटित जमीन का कब्जा दिलाने के लिए आवेदन आया था। यह जमीन पूर्व में आवंटित की गई और सीमांकन भी हो चुका है। यह जीवाजी यूनिवर्सिटी का विवेकानंद परिसर कहा जाता है। जेयू के कुल सचिव डॉ राजीव मिश्रा सहित अधिकारी कब्जा लेने के लिए मौके पर आए। इसी दौरान शाहरूख खान नाम का युवक कुछ साथियों के साथ आ गया जो जमीन को कब्रिस्तान की बताने लगा। मौके पर पुराने रिकॉर्ड भी दिखाए गए और बताया कि यह जमीन जीवाजी यूनिवर्सिटी को आवंटित है। उल्लेखनीय है कि जीवाजी विश्वविद्यालय को पीएम-उषा योजना के अंतर्गत दो शैक्षणिक विभागों और एक छात्रावास के विस्तार के लिए अनुदान प्राप्त हुआ है। इसी के तहत इंजीनियरिंग अध्ययनशाला के विस्तार का कार्य प्रस्तावित है। बीते कुछ दिनों से अतिक्रमण की आशंका के चलते निर्माण कार्य में लगातार व्यवधान उत्पन्न हो रहा था। मौके पर विवाद खत्म होने के बाद निर्माण शुरू कराया गया। मुआवजा भी मांग रहे थे युवक मौके पर आए युवक कुछ कागजात दिखाते हुए यह भी कह रहे थे कि इस जमीन का हमें मुआवजा नहीं मिला है। जब अधिकारियों ने कहा कि जमीन आपकी है इसके दस्तावेज दिखाएं फिर मुआवजा की बात होगी। इस दौरान प्रशासन ने वीडियो रिकार्डिंग भी की। जेयू को आवंटित जमीन का कब्जा दिलाने के दौरान कुछ लोग इसे कब्रिस्तान की जगह बता रहे थे लेकिन उनके पास कोई दस्तावेज नहीं थे। पुलिस के सहयोग से कार्रवाई पूरी कर कब्जा दिलाया गया। शिवदत्त कटारे, नायब तहसीलदार recent visitors 72

‘200 लोग लाओ, दो करोड़ के प्रस्ताव पास कराओ’, प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने पार्षदों को सीएम से मिलाने का भी दिया ऑफर

बैठक में बोलते प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट। साथ में बाएं बैठे मनोज तोमर।v

“Bring 200 people, get a proposal worth two crore rupees passed,” Minister in charge Tulsiram Silawat also offered to introduce the councillors to the Chief Minister. ग्वालियर। जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने आगामी 25 दिसंबर को ग्वालियर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर भाजपा पार्षद दल की बैठक ली। बाल भवन के नवीन टीएलसी कक्ष में आयोजित बैठक में प्रभारी मंत्री ने सभी पार्षदों को लक्ष्य दिया कि कार्यक्रम में 200-200 लोगों को लेकर पहुंचना है। वाहनों की चिंता नहीं करें। वो सारी व्यवस्था हम कराएंगे। पार्षदों के दो-दो करोड़ रुपये के काम कराए जाएंगेप्रभारी मंत्री तुलसीराम ने कहा कि इसके अलावा पार्षदों के दो-दो करोड़ रुपये के काम कराए जाएंगे, जिसके प्रस्ताव तैयार कराए जाएं। क्योंकि अब आप लोगों का कार्यकाल खत्म होने में डेढ़ साल ही रह गया है। इस पर पार्षदों ने पूछा कि ये कार्य किस वित्तीय वर्ष में कराए जाएंगे, तो प्रभारी मंत्री ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि आप लोगों का कार्यकाल खत्म होने से पहले काम हो जाएंगे। सीएम मोहन यादव से मिलवाने का किया वादाप्रभारी मंत्री ने पार्षदों से यह भी कहा कि कार्यक्रम का सफल आयोजन होने के बाद आप सभी को मैं इंदौर लेकर चलूंगा। आपको इंदौर घुमाया जाएगा और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से समय लेकर उनसे मुलाकात भी कराई जाएगी। बैठक की शुरुआत में प्रभारी मंत्री ने कहा कि अटलजी राष्ट्र के गौरव होने के साथ ही ग्वालियर के लाडले सपूत थे। उनकी जन्म शताब्दी के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम को भव्य व ऐतिहासिक बनाना हम सभी का सामूहिक दायित्व है। परिषद की बैठक भी हुई स्थगितवहीं सोमवार को नगर निगम परिषद की बैठक को सभापति मनोज सिंह तोमर ने कोरम के अभाव में स्थगित कर दिया। दरअसल, 25 दिसंबर को वीआइपी आगमन के चलते नगर निगम के अधिकतर अधिकारी व्यस्त थे। इसके अलावा जिले में प्रभारी मंत्री द्वारा बैठकें आयोजित की जा रही थीं। ऐसे में परिषद में पार्षद पूरी संख्या में नहीं पहुंचे थे। हालांकि पिछली बैठक में जिन 15 प्रश्नों के उत्तर न आने के कारण हंगामा हुआ था, वो सारी जानकारी सदन में आ गई थी, लेकिन कोरम के अभाव के चलते बैठक को स्थगित कर दिया गया। वार्ड स्तर पर भी लीं बैठकेंमुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में भाजपा सरकार के सफल दो वर्ष पूर्ण होने एवं भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन पर आयोजित कार्यक्रम को लेकर सोमवार को शहर के सभी वार्डों में भाजपा की बैठकें आयोजित हुईं। वार्ड 19 में आयोजित बैठक में प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट व भाजपा जिलाध्यक्ष जयप्रकाश राजौरिया मुख्य अतिथि के रूप शामिल हुए। वहीं वार्डों की बैठकों में भाजपा के वरिष्ठ नेता शामिल हुए। वार्ड 19 की श्रीकृष्ण वाटिका में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री ने कहा कि अटल स्मृति वर्ष की स्मृति को बनाए रखने के लिए 25 दिसंबर को स्मृति के रूप में आप सबके अमूल्य योगदान के कारण जाना जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि 25 दिसंबर को आयोजित कार्यक्रम में हर बूथ से कार्यकर्ता की भागीदारी सुनिश्चित हो। recent visitors 70