Wednesday, July 8, 2026 9:15 am

भोपाल गैस कांड स्थल पर नया प्रोजेक्ट, 400 करोड़ की लागत से बनेगा ओपन थिएटर

भोपाल दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक त्रासदियों में शुमार 1984 की गैस त्रासदी का साक्षी रहा भोपाल का यूनियन कार्बाइड परिसर अब नए स्वरूप में विकसित किए जाने की तैयारी में है। राज्य सरकार यहां ओपन थिएटर, रिहायशी और व्यावसायिक परिसर के साथ एक अत्याधुनिक अनुसंधान केंद्र विकसित करने की योजना बना रही है। सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि परिसर में लगभग सात से 10 एकड़ क्षेत्र में गैस त्रासदी पीड़ितों की स्मृति में भव्य स्मारक बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 17 जनवरी को स्थल का निरीक्षण कर इस दिशा में संकेत दिए थे। हालांकि, स्मारक निर्माण का प्रस्ताव पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल से लंबित है, जिसे अब नए सिरे से आगे बढ़ाया जा रहा है।   पुनर्घनत्वीकरण के तहत विकास सरकार अब इस परियोजना को पुनर्घनत्वीकरण (रीडेंसिफिकेशन) योजना के तहत विकसित करने पर विचार कर रही है। प्रस्ताव को मुख्यमंत्री की स्वीकृति मिलने के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी। स्मारक निर्माण के लिए आवश्यक धनराशि परिसर में प्रस्तावित आवासीय और व्यावसायिक विकास से जुटाई जाएगी। मिट्टी का दोबारा परीक्षण स्मारक निर्माण से पहले परिसर की मिट्टी का परीक्षण राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (नीरी), नागपुर से पुनः कराया जाएगा। करीब 10 वर्ष पूर्व भी यहां परीक्षण हो चुका है। जनवरी 2025 में हाईकोर्ट के निर्देश पर 337 टन जहरीले कचरे को पीथमपुर भेजकर वैज्ञानिक तरीके से नष्ट किया गया था। आधारभूत ढांचे पर जोर परिसर में पहले सड़क, ड्रेनेज और जल प्रदाय व्यवस्था विकसित की जाएगी। वर्तमान में यहां फैक्ट्री का लोहे का ढांचा और प्रशासनिक भवन मौजूद हैं, जिन्हें हटाया जाना है। प्रस्तावित स्मारक में संग्रहालय, कांच से सुरक्षित प्रदर्शनी स्थल और प्रशासनिक भवन शामिल होंगे, जबकि अनुसंधान केंद्र में लैब, सभागार और छात्रावास जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। recent visitors 21

राजनांदगांव शहर में भव्य संत कबीर प्रवेश द्वार बनाने की घोषणा

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय संत परंपरा और आध्यात्मिक चेतना समाज को सही दिशा देती है, और जब शासन व्यवस्था इन मूल्यों से जुड़ती है, तो विकास और संस्कार दोनों साथ-साथ आगे बढ़ते हैं। संत कबीर की वाणी समाज को जोड़ती है, सरकार का संकल्प जनजीवन संवारता है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव विकासखंड के ग्राम नादिया स्थित कबीर मठ आश्रम में आयोजित अखिल भारतीय सद्गुरु कबीर संत सम्मेलन फाल्गुन महोत्सव को संबोधित करते हुए यह बात कही।  मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर आश्रम में विकास कार्य के लिए 11 लाख रुपए  स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने मठ आश्रम परिसर में स्थायी डोम निर्माण और प्रतिवर्ष आयोजन के लिए बजट में राशि का प्रावधान करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने ग्राम नादिया में मिनी स्टेडियम के निर्माण की घोषणा की, साथ ही राजनांदगांव शहर में कबीर साहेब के नाम भव्य प्रवेश द्वार निर्माण की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री  साय ने संत सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि 202 साल पहले पूज्य सद्गुरु सेवा साहब जी ने नादिया जैसे गांव में कबीर मठ की स्थापना की। हलबा समाज के संत स्वरूप मंतू ठाकुर जी ने आश्रम की सेवा के लिए अपनी समस्त संपत्ति अर्पित कर दी।  साय ने कहा कि हलबा समाज का गौरवशाली और समृद्ध इतिहास रहा है। हलबा समाज से गेंदसिंह जी जैसे महानायक हुए हैं। मुख्यमंत्री  साय ने छत्तीसगढ़ में सद्गुरु कबीर के प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे प्रदेश में सद्गुरु संत कबीर का बड़ा प्रभाव है। उन्होंने अपने बचपन से ही कबीर पंथ से जुड़ाव का उल्लेख करते हुए कहा कि कुनकुरी में कबीरपंथ का बड़ा आश्रम है। बचपन से ही पंथ के रीति-रिवाजों से मैं भलीभांति परिचित रहा।छत्तीसगढ़ का जिला कबीरधाम सद्गुरु के नाम पर है। यहां के लोकजीवन में कबीर की वाणी का प्रभाव है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि कबीर दास जी के दोहों में जीवन का संदेश है। उन्होंने ‘निंदक नियरे राखिए’ जैसे कबीर संत के दोहों को दोहराया।  साय ने कहा कि संत कबीर कहते थे कि हमारे भीतर अपनी कमियों को सुनने का साहस होना चाहिए, ताकि हम खुद को बेहतर बना सकें। उनके दोहों में आदर्श जीवन और मानव समाज के हित के संदेश हैं, इसलिए हमें कबीरदास जी के बताए मार्ग पर चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारा छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है, जहां की 80 प्रतिशत आबादी कृषि अर्थव्यवस्था से जुड़ी है। हमने सुव्यवस्थित धान खरीदी की। धान बेचने के 48 घंटे के भीतर किसानों के खाते में राशि पहुंचे, यह सुनिश्चित किया। शनिवार को हमने 25 लाख 28 हजार से अधिक किसानों के खातों में कृषक उन्नति योजना के माध्यम से 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि अंतरित की। महतारी वंदन योजना अंतर्गत प्रदेश की 69 लाख से अधिक माताओं-बहनों के खातों में 15 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का भुगतान किया है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि मोदी की गारंटी में हमने वादा किया था कि सरकार बनते ही प्राथमिकता के आधार पर 18 लाख आवास प्रदान करेंगे। हमने शपथ लेने के 24 घंटे के भीतर ही पहली कैबिनेट बुलाकर 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दे दी। आज 8 लाख से ज्यादा मकान बन चुके हैं, जिनका गृह प्रवेश भी हो चुका है। इतना ही नहीं, बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद समाप्त हो रहा है। आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए 15,000 प्रधानमंत्री आवासों की अलग से स्वीकृति हुई है। पीवीजीटी समुदाय के लोगों के लिए अलग से 32,000 पीएम आवासों की स्वीकृति हुई है।  मुख्यमंत्री  साय ने बताया कि जैसे-जैसे नक्सलवाद समाप्त हो रहा है, बस्तर के पिछड़े क्षेत्रों में विकास हो रहा है। जिन गांवों में कभी सर्वे नहीं होता था, आज वहां की 7,000 से अधिक महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने दो साल में 32,000 से ज्यादा नौकरियों की प्रक्रिया शुरू की। 5,000 से अधिक शिक्षकों की भर्ती निकाली जा रही है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारा छत्तीसगढ़ प्रभु राम का ननिहाल और माता कौशल्या का मायका है। प्रभु राम ने 14 साल में सबसे ज्यादा समय छत्तीसगढ़ में बिताया। 500 साल के संघर्ष के बाद अयोध्या धाम में हमारे भांचा राम विराजमान हुए तो हमने छत्तीसगढ़ से राम लला दर्शन योजना की शुरुआत की, जिसके तहत अब तक 42,000 से अधिक लोगों को अयोध्या धाम और काशी विश्वनाथ धाम का दर्शन कराया जा चुका है। हमने मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना की भी पुनः शुरुआत की है, जिसमें 5,000 से ज्यादा लोगों को देश के 19 चिन्हांकित तीर्थस्थलों का दर्शन कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार भ्रष्टाचार के सख्त खिलाफ है। डीएमएफ, कोयला और पीएससी घोटाले के दोषी जेल के भीतर हैं। आज राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शी व्यवस्था है, इसलिए गरीब का बेटा भी बड़ा अधिकारी बन रहा है। स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेंद्र यादव ने अपने संबोधन में कहा कि यदि पूरे भारतवर्ष में देवभूमि, संस्कारभूमि और समर्पण की परंपरा की बात की जाए, तो छत्तीसगढ़ का स्थान अत्यंत विशिष्ट और सम्मानजनक है। यहां की मिट्टी में सेवा, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना रची-बसी है, जो प्रदेशवासियों के जीवन और व्यवहार में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोग सरल, संवेदनशील और संस्कारों से परिपूर्ण हैं, यही इस प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मूल्यों को भी समान महत्व दे रही है, जो छत्तीसगढ़ की पहचान को और मजबूत बनाता है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय का संत-महात्माओं के प्रति गहरा सम्मान और आस्था है। ऐसा कोई दिन शायद ही गुजरता हो, जब मुख्यमंत्री निवास में किसी संत, महात्मा या आध्यात्मिक व्यक्तित्व का आगमन न होता हो। यह केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा, मार्गदर्शन और मूल्यों के संरक्षण का एक सशक्त माध्यम भी है। सांसद  संतोष पांडेय ने छत्तीसगढ़ की धरती को रत्नगर्भा बताते हुए कहा कि हमारी धरती को समय-समय पर संतों का मार्गदर्शन मिलता रहा है। संतों की वाणी में जीवन का आदर्श और दर्शन मिलता है। इस … Read more

सरकार का बड़ा निर्णय: माउंट आबू, जहाजपुर और कामां—नाम बदलने के पीछे की ऐतिहासिक वजहें

जयपुर राजस्थान में भजनलाल शर्मा सरकार ने प्रतीकों की राजनीति की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए तीन प्रमुख नगरों के नाम बदलने की घोषणा की है। विधानसभा में विनियोग विधेयक पर उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि माउंट आबू का नाम ‘आबू राज’, जहाजपुर का ‘यज्ञपुर’ और कामां का ‘कामवन’ किया जाएगा। सरकार के अनुसार यह निर्णय स्थानीय मांग, ऐतिहासिक संदर्भ और सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखकर लिया गया है। इससे पहले भी भजनलाल सरकार में पिछली सरकार की जगहों और कई योजनाओं के नाम बदले जा चुके हैं। इस घोषणा के बाद इन स्थानों के एतिहासिक और सांस्कृतिक आधार को लेकर चर्चा तेज हो गई है। माउंट आबू (अर्बुद पर्वत) का बहुआयामी इतिहास सिरोही जिले में स्थित माउंट आबू अरावली पर्वतमाला का सर्वोच्च भाग है। प्राचीन ग्रंथों में इसे अर्बुद पर्वत कहा गया है। स्कन्द पुराण के अर्बुद खंड में इसका उल्लेख मिलता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार यह ऋषियों की तपोभूमि रहा है। कथा है कि ऋषि वशिष्ठ ने यहां यज्ञ किया, जिसके अग्निकुंड से प्रतिहार, परमार, सोलंकी और चौहान वंश उत्पन्न हुए और इन्हें अग्निकुल राजपूत कहा गया।   अचलगढ़ क्षेत्र में स्थित अचलेश्वर महादेव मंदिर को भी पवित्र माना जाता है। मध्यकाल में यह क्षेत्र परमार वंश और बाद में देवड़ा चौहानों के अधीन रहा। महाराणा कुम्भा ने अचलगढ़ किला का पुनर्निर्माण कराया, जिससे इसका सामरिक महत्व बढ़ा। माउंट आबू जैन स्थापत्य कला के लिए भी प्रसिद्ध है। यहां स्थित दिलवाड़ा जैन मंदिर 11वीं से 13वीं शताब्दी के बीच निर्मित हुए। 1031 ईस्वी में विमल शाह द्वारा निर्मित विमल वसाही मंदिर और 1230 ईस्वी में वास्तुपाल-तेजपाल द्वारा निर्मित लूण वसाही मंदिर अपनी संगमरमर नक्काशी के लिए विश्वप्रसिद्ध हैं। औपनिवेशिक काल में इसकी जलवायु के कारण अंग्रेजों ने इसे राजपूताना एजेंसी का मुख्यालय बनाया और इसे स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित किया। जहाजपुर (यज्ञपुर) की प्राचीन और मध्यकालीन विरासत भीलवाड़ा जिले में स्थित जहाजपुर का संबंध भी प्राचीन धार्मिक परंपराओं से जोड़ा जाता है। इतिहासकारों के अनुसार इसका प्राचीन नाम यज्ञपुर या यज्ञपुरी माना जाता है। पौराणिक परंपरा के अनुसार राजा जनमेजय ने अपने पिता परीक्षित की तक्षक नाग द्वारा मृत्यु के प्रतिशोध में यहां सर्पसत्र यज्ञ कराया था, जिससे इसका नाम यज्ञपुर पड़ा। समय के साथ यह नाम अपभ्रंश होकर जहाजपुर प्रचलित हुआ।   मध्यकाल में जहाजपुर मेवाड़ राज्य का एक महत्वपूर्ण दुर्ग-नगर बना। यहां का किला ऊंची पहाड़ी पर स्थित है और दूर से देखने पर विशाल जहाज जैसा प्रतीत होता है, जिससे इसके वर्तमान नाम की व्याख्या भी की जाती है। राणा कुम्भा के शासनकाल में इस दुर्ग का महत्व बढ़ा। recent visitors 38

सरेंडर से नक्सल संगठन कमजोर, सुरक्षा बलों की रणनीति रही सफल

महासमुंद छत्तीसगढ़ में माओवादी मोर्चे पर पुलिस और प्रशासन को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। बीबीएम (बलांगीर–बरगढ़–महासमुंद) डिवीजन से जुड़े 15 माओवादियों ने सामूहिक रूप से आत्मसमर्पण कर दिया है। मुख्यधारा में लौटने वाले इस समूह में 9 महिलाएं और 6 पुरुष शामिल हैं। इन सभी ने अपने नेता विकास की अगुवाई में पुलिस और प्रशासन के समक्ष हथियार डाले। आत्मसमर्पण की यह प्रक्रिया शनिवार और रविवार की दरम्यानी रात 2 से 4 बजे के बीच महासमुंद जिले के बलौदा थाने में संपन्न हुई। रेडियो संदेश और मध्यस्थता से बनी सरेंडर की राह इस ऐतिहासिक समर्पण की पटकथा बीते कुछ दिनों से लिखी जा रही थी। माओवादियों के लीडर विकास ने गृहमंत्री को पत्र लिखकर सरेंडर की इच्छा जताई थी, जिसके जवाब में गृहमंत्री ने रेडियो के माध्यम से उन्हें सुरक्षित समर्पण का पूरा विश्वास दिलाया। इस प्रक्रिया में बस्तर के पत्रकार विकास तिवारी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे माओवादियों के ठिकाने पर सरायपाली पहुंचे, उनसे बात की और गृहमंत्री विजय शर्मा से उनकी सीधी चर्चा कराई। भरोसे का माहौल बनने के बाद शनिवार रात इन सभी 15 माओवादियों को पुलिस की बस से सुरक्षित स्थान पर लाया गया। हथियारों का जखीरा और इनामी माओवादियों की वापसी समर्पण करने वाले ये सभी 15 माओवादी इनामी थे और अपने साथ तीन एके-47 व 12 अन्य अत्याधुनिक हथियार लेकर पहुंचे थे। इस समूह का नेतृत्व ओडिशा के पश्चिम सब जोनल ब्यूरो सचिव विकास उर्फ सुदर्शन ने किया, जिस पर अकेले 25 लाख रुपये का इनाम घोषित था। एसपी प्रभात कुमार ने इस सफल सरेंडर की पुष्टि की है। अधिकारियों के अनुसार, ये माओवादी लंबे समय से संगठन में सक्रिय थे, लेकिन शासन की पुनर्वास नीति और सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव के कारण उन्होंने मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। पुनर्वास नीति और विकास का पड़ रहा असर अधिकारियों ने इस सामूहिक आत्मसमर्पण को क्षेत्र में शांति और विकास की दिशा में एक बड़ा और सकारात्मक कदम बताया है। शासन की नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वालों को अब पुनर्वास, आर्थिक सहायता और कौशल विकास के अवसरों का लाभ दिया जाएगा। लगातार हो रहे इन समर्पणों को माओवादी संगठन के कमजोर पड़ते प्रभाव और शासन की विकासोन्मुख नीतियों की जीत के रूप में देखा जा रहा है।   recent visitors 22

खाड़ी में बढ़ा खतरा: होर्मुज में तेल टैंकर निशाने पर, भारतीय क्रू की चिंता बढ़ी

ईरान मिडिल ईस्ट में इजरायल-ईरान के बीच जारी जंग से तनाव चरम पर पहुंच गया है। अली खामेनेई की मौत से दुनियाभर के कई देशों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इस बीच, ओमान ने रविवार को कहा कि स्ट्रेटेजिक होर्मुज स्ट्रेट में एक ऑयल टैंकर पर हमला हुआ, जिसमें उसमें सवार चार नाविक घायल हो गए। इसमें सवार क्रू के सदस्य भारतीय भी थे। सरकारी न्यूज एजेंसी ने कहा कि हमला पलाऊ के झंडे वाले स्काइलाइट नाम के जहाज को निशाना बनाकर किया गया। इसने क्रू के सदस्यों को भारतीय और ईरानी बताया। हालांकि, यह साफ नहीं है कि जहाज पर किसने हमला किया, लेकिन यह तब हुआ जब अधिकारियों ने कहा कि जब से अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला किया है, ईरान रेडियो के जरिए स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को धमकी दे रहा है। यह स्ट्रेट इतना महत्वपूर्ण है कि यहीं से दुनियाभर को लगभग 20 फीसदी तेल जाता है। समुद्री अधिकारियों और ईयू नेवल मिशन के एक अधिकारी के मुताबिक, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने जहाजों को चेतावनी दी है कि स्ट्रेटेजिक होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की इजाजत नहीं है। इस पतले पानी के रास्ते से गुजरने वाले जहाजों को, जो दुनिया के तेल एक्सपोर्ट का लगभग पांचवां हिस्सा संभालता है, रेडियो ट्रांसमिशन मिले हैं जिसमें उन्हें ईरान पर हाल ही में हुए अमेरिकी-इजरायली हमलों के बाद बढ़ते संघर्ष के बीच ट्रांजिट से बचने के लिए कहा गया है। हालांकि तेहरान ने औपचारिक रूप से बंद करने की घोषणा नहीं की है, लेकिन इंश्योरेंस कंपनियां युद्ध-जोखिम प्रीमियम बढ़ा रही हैं, और बड़ी शिपिंग कंपनियों ने शिपमेंट रोक दिए हैं। ग्लोबल एनर्जी मार्केट और समुद्री सुरक्षा अब काफी दबाव में हैं। recent visitors 26

तेहरान में ब्लास्ट से दहशत, इजरायल बोला—रणनीतिक ठिकानों पर निशाना

तेहरान ईरान के सु्प्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद इजरायल ने तेहरान में फिर से हमले शुरू कर दिए हैं। रविवार को तेहरान में एक के बाद एक कई धमाके हुए। इजरायल ने इन हमलों को शहर के दिल पर किया गया हमला बताया है। ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की हवाई हमले में मौत के बाद इजरायल ने रविवार को ईरान की राजधानी तेहरान में फिर से हमले तेज कर दिए। राजधानी में एक के बाद एक कई धमाके किए गए। इजरायल का कहना है कि वह शहर के दिल को टारगेट कर रहा है। इजरायली सेना ने कहा, "IDF तेहरान के बीचों-बीच ईरानी आतंकी शासन से जुड़े ठिकानों पर हमला कर रही है।'' पिछले दिन, इजरायली एयर फोर्स ने हवाई बढ़त बनाने और तेहरान तक का रास्ता बनाने के लिए बड़े पैमाने पर हमले किए। इससे पहले, ईरान ने सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या का बड़े पैमाने पर बदला लेने की कसम खाने के बाद इजरायल और खाड़ी के अरब देशों में टारगेट पर मिसाइलें दागीं। बहरीन, कतर, अबू धाबी, दुबई समेत कई जगहों पर मिसाइलों से हमले किए गए। सामने आए फुटेज से मिसाइलें गिरने के बाद आसमान में धुआं उठता दिखाई दिया। वहीं, तेहरान में हुए धमाके के बाद आसमान में धुएं का एक बड़ा गुबार उठा। यह तुरंत साफ नहीं हो पाया कि टारगेट क्या था। धमाका उस इलाके में टारगेटेड लग रहा था, जो देश के पुलिस हेडक्वार्टर और ईरानी सरकारी टेलीविजन का घर है। इजरायली सेना ने कहा कि वह सेंट्रल तेहरान में टारगेट पर हमला कर रही है। इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि कोई भी जवाबी कार्रवाई और तनाव बढ़ेगा। ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में जवाब दिया, “बेहतर होगा कि वे ऐसा न करें। अगर वे ऐसा करते हैं, तो हम उन पर ऐसी ताकत से हमला करेंगे जैसा पहले नहीं देखा गया होगा।” बता दें कि जब इजरायल और अमेरिका के इस हमले में खामेनेई के अलावा, डिफेंस काउंसिल की एक मीटिंग पर हुए एयरस्ट्राइक में ईरान के आर्मी चीफ ऑफ स्टाफ और डिफेंस मिनिस्टर के साथ-साथ ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के हेड और खामेनेई के एक टॉप सिक्योरिटी एडवाइजर भी मारे गए। ईरान के सीनियर अधिकारी अली लारीजानी ने रविवार को चेतावनी दी कि ईरानी मीडिया ने सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की 'शहादत' के बाद अमेरिका और इजरायल के खिलाफ और भी ज्यादा कड़ा जवाब दिया है। तस्नीम न्यूज़ एजेंसी ने बताया कि लारीजानी ने कहा कि ईरानी देश ने एकता और मजबूती से अमेरिका और इजरायल की योजनाओं को नाकाम कर दिया है। उन्होंने कहा कि लीडरशिप की गैर-मौजूदगी में संवैधानिक नियम देश को गाइड करेंगे। ईरान के संविधान के आर्टिकल 110 का ज़िक्र करते हुए, लारीजानी ने बताया कि अगर देश में कोई लीडर नहीं है, तो प्रेसिडेंट, ज्यूडिशियरी के हेड, और एक्सपीडिएंसी डिस्कर्नमेंट काउंसिल द्वारा चुने गए कॉन्स्टिट्यूशनल काउंसिल के एक ज्यूरिस्ट सदस्य, उत्तराधिकारी चुने जाने तक कुछ समय के लिए लीडर की जिम्मेदारी संभालेंगे। उन्होंने कहा कि प्रोविजनल लीडरशिप काउंसिल बनाने का प्रोसेस तुरंत शुरू किया जा रहा है और इसे जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा। recent visitors 30

उद्योग मंत्री देवांगन की बड़ी सौगात, चंदपुरिहा वैश्य समाज को मिला सामुदायिक भवन

रायपुर 25 लाख की लागत के भवन निर्माण कार्य का किया भूमिपूजन वाणिज्य उद्योग, श्रम मंत्री  लखन लाल देवांगन ने आज रविवार को  कोरबा मे चंदपुरिहा कंसोधन वैश्य गुप्ता समाज को 25 लाख की लागत के सामुदायिक भवन की सौगात देते हुए निर्माण कार्य की आधारशिला रखी।      आज डीडीएम नहर मार्ग मे आयोजित भूमि पूजन कार्यक्रम में महर्षि कश्यप ऋषि की पूजा अर्चना कर जिला खनिज न्यास मद से बनने वाले भवन का भूमि पूजन किया। इस अवसर पर मंत्री  देवांगन ने संबोधित करते हुए कहा कि पिछली बार जब समाज के सामाजिक कार्यक्रम में सम्मिलित हुआ था तब समाज की मांग पर इस कार्य की सहर्ष घोषणा की थी। जिला खनिज न्यास मद से 25 लाख की लागत से भवन की स्वीकृत कराई गई, और आज आज सभी के उपस्थिति में भवन  का भूमि पूजन किया जा रहा है। साथ ही समाज के नवनिर्मित भवन का फीता काटकर लोकार्पण किया। मंत्री  देवांगन ने कहा कि कोरबा विधानसभा अंतर्गत सभी समाज की मांग अनुरूप उनके लिए सामुदायिक भवन, मंच,  डोम शेड, बाउंड्री वॉल सहित महत्वपूर्ण विकास कार्य तेजी से कराए जा रहे हैं। ट्रिपल इंजन की सरकार में 800 करोड़ से अधिक की राशि के कार्यों की विगत 2 वर्षों में प्राप्त हो चुकी है, उन सभी कार्यों को तेजी से धरातल पर उतर जा रहा है।    महापौर मती संजू देवी राजपूत ने कहा  कि कोरबा नगर निगम क्षेत्र आज विकास के नए आयाम लिख रहा है, बड़े निर्माण कार्यों के साथ-साथ छोटे कार्य भी जल्द से जल्द शुरू कराकर पूर्ण कराया जा रहे हैं, सामाजिक भवनो का विकास कराई जा रहे हैं। उद्योग मंत्री के नेतृत्व में आज फंड तेजी से जारी हो रही है, आज इसी का परिणाम है की विकास कार्यों का लाभ जनता को मिलने लगा है। यह क्रम निरंतर जारी रहेगा।     इस अवसर पर सभापति  नूतन ठाकुर , पार्षद मती मथुरा चंद्रा ,पार्षद   नरेंद्र देवांगन , राम कुमार साहू,  ईश्वर पटेल,  योगेश्वर प्रसाद गुप्ता ,डॉ पीयूष गुरु गोस्वामी ,  राजेश गुप्ता, राम सेवक गुप्ता,  मलिक राम गुप्ता,  बालमुकुंद  गुप्ता,  देवेंद्र गुप्ता,  मनोज गुप्ता, मती प्रभा गुप्ता, डॉ शुभम गुप्ता, मती सीमा गुप्ता,  राजीव गुप्ता, मंडल अध्यक्ष योगेश मिश्रा,  राकेश नागरमल,  विजय गुप्ता सहित समाज के गणमान्य लोगों की गरिमामयी उपस्थिति रही। recent visitors 27