Wednesday, July 8, 2026 10:09 am

युवाओं ने लिया वरिष्ठजनों के अनुभवों से प्रेरणा, सामाजिक समरसता का संदेश

बिलासपुर अटल वयो अभ्युदय योजना (AVYAY) के अंतर्गत आयोजित “पीढ़ियों के संगवारी कार्यक्रम” ने आज बिलासपुर में भावनात्मक और प्रेरणादायी वातावरण का निर्माण किया। पंडित दीनदयाल उपाध्याय उद्यान, व्यापार विहार में आयोजित इस संभाग स्तरीय कार्यक्रम में बिलासपुर सहित मुंगेली, कोरबा, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिलों से आए वरिष्ठ नागरिकों ने युवाओं के साथ संवाद कर अपने जीवन का अनुभव साझा किए।         कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी ने कहा कि समाज तभी सशक्त बनता है, जब नई पीढ़ी अपने बुजुर्गों के अनुभवों का सम्मान करे। उन्होंने इसे पीढ़ियों के बीच दूरी कम करने वाला अभिनव प्रयास बताया। महापौर मती पूजा विधानी ने अपने उद्बोधन में कहा कि राज्य शासन वरिष्ठ नागरिकों की सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, आश्रय एवं सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। अटल वयो अभ्युदय योजना इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।         संयुक्त संचालक टी.पी. भावे ने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों को पेंशन योजनाओं, राष्ट्रीय वयो योजना, तीर्थ दर्शन योजना जैसी सुविधाओं के साथ-साथ निःशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।कार्यक्रम में आयोजित संवाद सत्र ने सभी को भावुक किया, वहीं इंडोर खेल प्रतियोगिताओं में बुजुर्गों और युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर यह संदेश दिया कि उम्र केवल एक संख्या है।आयोजन में विभागीय अधिकारियों, यूनिसेफ एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों का विशेष योगदान रहा। recent visitors 22

पैसों के आरोपों पर केजरीवाल का पलटवार, बोले- साबित करो वरना जवाब दो

नई दिल्ली दिल्ली कोर्ट की तरफ से कथित शराब घोटाला मामले में आरोपमुक्त किए जाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जंतर मंतर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने खुद को कट्टर ईमानदार बताते हुए चैलेंज दे दिया कि अगर कोई ये साबित कर दे कि उन्होंने रिश्वत ली है तो वह राजनीति छोड़ देंगे। उन्होंने दावा किया कि पीएम मोदी उनसे नफरत करते हैं। उन्होंने कहा कि मैं 10 साल दिल्ली का सीएम रहा और इस दौरान पीएम मोदी ने मेरे खिलाफ जांच बैठा दी। उन्होंने कहा, दिल्ली सरकार का एक भी ठेकेदार अगर ये कह दे कि मैंने पैसे मांगे और फाइलों पर साइन किए, तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा। अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि बीजेपी की सरकार ने 12 साल में देश को बर्बाद कर दिया। उन्होंने पीएम मोदी को को नौटंकीबाज कहते हुए कहा कि पूरे देश में पेपर लीक हो रहे हैं, और ये परीक्षा पर चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने कहा, मोदीजी कहते हैं केजरीवाल भ्रष्ट है। कोर्ट ने कह दिया, केजरीवाल कट्टर ईमानदार है। उन्होंने दावा किया कि पीएम मोदी सोनम वांगचुक से डरते हैं। सोनम वांगचुक को जेल में डाल दिया। उन्हें तो पद्म भूषण और विभूषण मिलना चाहिए। अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, बस मार्शलों, महिलाओं के खाते में पैसे ट्रांसफर करने को लेकर कई वादे किए गए लेकिन कोई भी भी पूरा नहीं हुआ। उन्होंने बीजेपी की सरकार को धोखेबाज बताते हुए कहा कि आज लोग केजरीवाल की सरकार को याद करते हैं कि इससे तो अच्छा अरविंद केजरीवाल था। recent visitors 27

युवाओं को स्वरोजगार एवं स्टार्टअप के लिए मिलेगा सशक्त मंच

बिलासपुर जिले में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए जिला कलेक्टर संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में रेजिंग एक्सीलरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस (RAMP) कार्यक्रम अंतर्गत उद्योग–बैंकर संवाद कार्यशाला का आयोजन होटल सिटी, बिलासपुर में किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र द्वारा किया गया। कार्यशाला में सीईओ जिला पंचायत संदीप अग्रवाल, छत्तीसगढ़ लघु उद्योग संघ के अध्यक्ष हरीश केडिया, जिला उद्योग संघ के महासचिव शरद सक्सेना, सीजीएम सीएस टेकाम,जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक  दिनेश उरांव सहित विभिन्न राष्ट्रीयकृत एवं निजी बैंकों के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में उद्यमी उपस्थित रहे। समन्वय और समाधान पर केंद्रित रही बैठक कार्यक्रम के प्रारंभ में जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के मुख्य महाप्रबंधक ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य उद्यमियों एवं बैंकों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित कर शासकीय योजनाओं के अंतर्गत ऋण प्रकरणों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करना है। विशेष रूप से पीएमईजीपी, पीएमएफएमई, महिला उद्यमिता एवं एमएसएमई इकाइयों से जुड़े प्रकरणों पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर  अग्रवाल ने बैंकों में लंबित प्रकरणों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए पात्र आवेदनों का समय-सीमा में निराकरण करने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बैंकिंग प्रक्रियाओं में पारदर्शिता एवं तत्परता लाकर ही स्थानीय उद्योगों को गति दी जा सकती है। उन्होंने उद्योग विभाग एवं बैंकों के बीच नियमित समन्वय बैठक आयोजित करने पर भी बल दिया। योजनाओं की प्रगति और समस्याओं पर खुला संवाद डिस्ट्रिक्ट रिसोर्स पर्सन (डीआरपी) द्वारा पीएमएफएमई योजना के आवेदकों को आ रही व्यावहारिक समस्याओं को साझा किया गया। उद्योग संघ के प्रतिनिधियों ने बैंक अधिकारियों से संवाद को और प्रभावी बनाने तथा समय-समय पर संयुक्त बैठक आयोजित करने का सुझाव दिया। खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के औद्योगिक भ्रमण का प्रस्ताव भी रखा गया, जिससे बैंक अधिकारी जमीनी स्तर पर इकाइयों की प्रगति का आकलन कर सकें। बैंकों के प्रतिनिधियों ने पात्र एवं पूर्ण दस्तावेज वाले प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम के अंत में मुख्य महाप्रबंधक द्वारा सभी अतिथियों, बैंक अधिकारियों एवं उद्यमियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा गया कि इस प्रकार के संवाद भविष्य में भी नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, जिससे उद्योगों के विकास को सतत गति मिलती रहे। recent visitors 23

तेल सप्लाई पर खतरा: होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से भारत में बढ़ सकती है महंगाई

नई दिल्ली ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष जारी है। इसी बीच खबरें हैं कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद करने का फैसला किया है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इसे लेकर कुछ नहीं कहा गया है। यूरोपियन यूनियन के नेवल मिशन एस्पाइड्स के एक अधिकारी ने कहा कि होर्मुज मार्ग से गुजरने वाले जहाजों को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स से वीएचएफ संदेश मिल रहा है। इन संदेशों कहा गया है कि किसी भी जहाज को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति नहीं है। सवाल ये हैं कि इसका असर कच्चे तेल की कीमतों पर कितना होगा। साथ ही क्या ईरान का यह कदम भारत की चिंता बढ़ा सकता है। तेहरान लंबे समय से इस्लामी गणराज्य पर किसी भी हमले के जवाब में इस संकरे जलमार्ग को रोकने की धमकी देता रहा है। क्या है होर्मुज जलडमरू मध्य होर्मुज जलडमरू मध्य फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ने वाला संकरा समुद्री रास्ता है। दुनिया के ऊर्जा व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है, इसलिए यह वैश्विक अर्थव्यवस्था की धड़कन माना जाता है। इस मार्ग से वैश्विक तेल और गैस का लगभग 20 प्रतिशत प्रवाह होता है। इसे बंद करने से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर परिणाम होंगे, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार बाधित होगा और तेल की कीमतें तेजी से बढ़ेंगी। होर्मुज के लिए क्या है अंतर्राष्ट्रीय नियम संयुक्त राष्ट्र के नियमों के अनुसार, देश अपनी तटरेखा से 12 समुद्री मील (13।8 मील) तक के क्षेत्र पर नियंत्रण रख सकते हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य और इसके जहाजरानी मार्ग पूरी तरह से सिर्फ ईरान और ओमान के क्षेत्रीय जलक्षेत्र के भीतर स्थित हैं। यदि यहां तनाव बढ़ने और जहाजों पर पाबंदी लगती है, तो वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में तुरंत उछाल आ जाएगा। इसका असर महंगाई, परिवहन लागत और वैश्विक शेयर बाजारों पर पड़ेगा। दुनिया के लिए बन सकता है सिरदर्द स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक बेहद अहम समुद्री रास्ता है। यह ओमान और ईरान के बीच है, जो कि फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन इसे "दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल ट्रांजिट चोकपॉइंट” यानी तेल का सबसे अहम संकरा रास्ता बताता है। इस रास्ते का सबसे संकरा हिस्सा सिर्फ 33 किलोमीटर चौड़ा है और जहाजों के लिए आने-जाने का रास्ता में सिर्फ दो मील तक चौड़ा है, जिस कारण अगर यहां समुद्री ट्रैफिक या जरा सी भी गड़बड़ी होती है, तो पूरी दुनिया के लिए सिरदर्द बन सकता है। वोर्टेक्स नाम की ऊर्जा और शिपिंग मार्केट रिसर्च कंपनी के मुताबिक, हर दिन करीब दो करोड़ बैरल कच्चा तेल और ईंधन इस समुद्री रास्ते से होकर गुजरता है। भारत के लिए मायने ऊर्जा सुरक्षा भारत अपनी जरूरत का 80% से अधिक कच्चा तेल आयात करता है, जिसमें बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आता है। यह तेल ज्यादातर होर्मुज से होकर गुजरता है। मार्ग बाधित होने पर भारत की ऊर्जा आपूर्ति और कीमतों पर तुरंत असर पड़ेगा। महंगाई और चालू खाते पर दबाव तेल महंगा होने से पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ेंगी, जिससे महंगाई और राजकोषीय दबाव बढ़ सकता है। साथ ही आयात बिल बढ़ने से चालू खाते का घाटा भी बढ़ता है। प्रवासी भारतीय और व्यापार खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में भारतीय कामगार रहते हैं। क्षेत्रीय अस्थिरता का असर उनकी सुरक्षा और भारत में आने वाली रेमिटेंस पर पड़ेगा। रणनीतिक कूटनीति भारत के ईरान, सऊदी अरब और यूएई के साथ महत्वपूर्ण संबंध हैं। ऐसे में संतुलित कूटनीति और समुद्री सुरक्षा सहयोग भारत के लिए अहम है।   recent visitors 24

दिल्ली में अहम मुलाकात: सड़क परियोजनाओं को लेकर गडकरी-शर्मा की बैठक

रायपुर उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने शनिवार के अपने नागपुर प्रवास के दौरान भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री  नितिन गडकरी से महत्वपूर्ण मुलाकात कर राष्ट्रीय राजमार्ग-30 (NH-30) के धवईपानी (चिल्फी) से कवर्धा होते हुए सिमगा तक लगभग 122 किलोमीटर लंबे सेक्शन को 4-लेन में उन्नत करने तथा कवर्धा बायपास (4L+PS) के निर्माण की स्वीकृति का आग्रह किया। केंद्रीय मंत्री  गडकरी ने इस प्रस्ताव को सकारात्मक रूप से स्वीकार करते हुए शीघ्र आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया।          उन्होंने केंद्रीय मंत्री  गडकरी को बताया कि हाल ही में एनएच – 30 के जबलपुर से मंडला एवं चिल्फी तक लगभग 160 कि.मी. के सेक्शन को 4-लेन में विकसित करने की स्वीकृति प्रदान की गई है। वर्तमान में चिल्फी (धवईपानी) से कवर्धा तथा कवर्धा गुरूनाला से सिमगा तक का मार्ग 10 मीटर चौड़ाई की 2-लेन सड़क के रूप में निर्मित है। चिल्फी से रायपुर मार्ग पर वर्तमान में व्यावसायिक एवं भारी वाहनों का अत्यधिक आवागमन होता है। जबलपुर-मंडला-चिल्फी सेक्शन के 4-लेन बनने के बाद यातायात का दबाव आगे के 2-लेन सेक्शन पर और अधिक बढ़ने की संभावना है। ऐसी स्थिति में लोक सुरक्षा एवं यातायात सुगमता के दृष्टिकोण से धवईपानी (चिल्फी) से सिमगा (रायपुर) तक के पूरे सेक्शन को 4-लेन में उन्नत करना अत्यंत आवश्यक हो गया है।         जबलपुर से रायपुर के मध्य एनएच-30 पर जिला कबीरधाम मुख्यालय कवर्धा स्थित है। यह अंतर्राज्यीय मार्ग व्यावसायिक, सामाजिक एवं राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, जहां प्रतिदिन भारी मालवाहक वाहनों का आवागमन होता है।          उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने कवर्धा शहर में भारी यातायात के दबाव को कम करने तथा जनसुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कवर्धा बायपास (4 लेन मय पेव्ड शोल्डर) के निर्माण की भी मांग रखी। उन्होंने कहा कि बायपास निर्माण से शहर के भीतर दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी तथा यातायात सुचारू रूप से संचालित हो सकेगा।        नागपुर से लौटते ही रायपुर एयरपोर्ट पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने बताया कि सिमगा से रायपुर तथा धवईपानी से जबलपुर तक 4-लेन निर्माण के आदेश पूर्व में जारी हो चुके हैं, किंतु धवईपानी से सिमगा तक का सेक्शन शेष रह गया था। इस महत्वपूर्ण खंड को भी 4-लेन में विकसित करने हेतु उन्होंने केंद्रीय मंत्री  गडकरी से आग्रह किया, जिसे उन्होंने तत्काल स्वीकार करते हुए शीघ्र निर्माण का आश्वासन दिया।         उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा मैं केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री  नितिन गडकरी जी का हृदय से अभिनंदन करता हूं कि उन्होंने क्षेत्र की आवश्यकता को समझते हुए इस महत्वपूर्ण मार्ग को 4-लेन बनाने के लिए सकारात्मक सहमति प्रदान की है। इससे जबलपुर से रायपुर तक आमजन को निर्बाध 4-लेन मार्ग की सुविधा मिल सकेगी। recent visitors 30

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हितानंद शर्मा की माताजी के निधन पर दी श्रद्धांजलि

शोक संतृप्त परिवार के प्रति व्यक्त की संवेदनाएं भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अशोकनगर जिले की तहसील नईसराय के ग्राम मढ़ी महिदपुर पहुंचकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मध्य क्षेत्र सह बौद्धिक शिक्षण प्रमुख श्री हितानंद शर्मा की परम पूज्यनीय माताजी श्रीमती जनकदुलारी शर्मा के निधन पर श्रद्धांजलि दीफ उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की तथा उनके चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिवंगत पुण्य आत्मा की शांति के लिए बाबा महाकाल से प्रार्थना कर श्रीचरणों में स्थान देने की कामना की। उन्होंने शोक संतृप्त परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की। उललेखनीय है कि श्रीमती जनकदुलारी शर्मा का निधन मंगलवार को भोपाल में हुआ था। उनका अंतिम संस्कार पैतृक ग्राम जिला अशोकनगर की तहसील नईसराय के ग्राम मढ़ी महिदपुर में किया गया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वर्गीय श्रीमती जनकदुलारी शर्मा धार्मिक प्रवृत्ति, सादगीपूर्ण जीवन एवं संस्कारवान व्यक्तित्व के लिए जानी जाती थीं। उन्होंने समाज एवं परिजनों को सामाजिक मूल्यों ,राष्ट्र भावना और सेवा संस्कारों से प्रेरित किया था। स्वर्गीय श्रीमती जनकदुलारी को बच्चा-बच्चा अम्मा राधे राधे कहकर पुकारते थे। अम्मा का जाना एक अपूर्णीय क्षति है, जिसकी भरपाई होना संभव नहीं है। अम्मा का धार्मिक स्थल मथुरा, वृंदावन से काफी लगाव रहा, उनका हमेशा आना-जाना लगा रहता था। उन्होंने अपने परिवार का निर्वहन पूर्ण रूप से किया था। उन्होंने कहा कि मैं श्रीमती जनक दुलारी शर्मा के अस्वस्थ होने पर ग्राम मढ़ी महिदपुर में उनके स्वास्थ्य का हाल-चाल जानने पहुँचा था। विधायक चंदेरी श्री जगन्नाथ सिंह रघुवंशी और विधायक मुंगावली श्री बृजेन्द्र सिंह यादव ने भी श्रद्धांजलि दी।   recent visitors 25

ईरान में सुप्रीम लीडर का चयन कैसे होता है, क्या हैं अधिकार और देरी क्यों पड़ सकती है भारी

ईरान ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत ने देश के भविष्य को लेकर बेहद महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, मौलवियों की एक समिति को उनके स्थान पर नए नेता के चयन का काम सौंपा गया है। हालांकि, अब तक साफ नहीं हो सका है कि ईरान के सुप्रीम लीडर का चुनाव कब तक किया जाएगा। फिलहाल, इस पद के लिए खामेनेई के बेटे बड़े दावेदार माने जा रहे हैं। आधिकारिक तौर पर इसका ऐलान नहीं किया गया है। कैसे होता है चुनाव ईरान के संविधान के तहत 88 सदस्यीय समिति 'असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स' (विशेषज्ञों की सभा) नए सर्वोच्च नेता का चयन करेगी। इस निकाय में केवल शिया धर्मगुरु शामिल होते हैं, जिन्हें हर आठ वर्ष में जनमत के आधार पर चुना जाता है। कानून के अनुसार, 'असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स' को जल्द से जल्द नए सर्वोच्च नेता का चयन करना होगा। यदि चयन में देरी होता है तो एक नेतृत्व परिषद कार्यभार संभाल सकती है, जिसमें राष्ट्रपति, न्यायपालिका प्रमुख और 'गार्जियन काउंसिल' का एक वरिष्ठ सदस्य शामिल होता है। उत्तराधिकार से जुड़ी चर्चाएं आमतौर पर सार्वजनिक नजरों से दूर होती हैं। इससे पहले राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी खामेनेई को उनका संभावित उम्मीदवार माना जा रहा था लेकिन मई 2024 में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई। इसके बाद खामेनेई के पुत्र मोजतबा खामेनेई का नाम संभावित दावेदारों में लिया जा रहा है, हालांकि उन्होंने कोई सार्वजनिक पद नहीं संभाला है। वर्ष 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद यह दूसरी बार होगा जब सर्वोच्च नेता का उत्तराधिकारी नियुक्त किया जाएगा। वर्ष 1989 में अयातुल्ला रुहोल्लाह खोमैनी की मौत बाद खामेनेई सर्वोच्च नेता बने थे। मिलती हैं ये पावर ईरान में सर्वोच्च नेता देश की जटिल शिया धर्मतांत्रिक व्यवस्था का सर्वोच्च पद है और उसे सभी राज्य संबंधी मामलों पर अंतिम निर्णय लेने का अधिकार प्राप्त है। सर्वोच्च नेता सशस्त्र बलों और 'रिवोल्यूशनरी गार्ड' के 'कमांडर-इन-चीफ' भी होता है। 'रिवोल्यूशनरी गार्ड' एक अर्द्धसैनिक बल है जिसे अमेरिका ने 2019 में एक आतंकवादी संगठन घोषित किया था और खामेनेई ने अपने शासन के दौरान इसे और सशक्त बनाया। अमेरिका और इजरायल का अटैक अमेरिका और इज़रायल ने शनिवार को तेहरान समेत ईरान के कई प्रांतों में हमले किए, जिससे काफी नुकसान हुआ और आम लोग मारे गए। ईरानी सरकारी टेलीविजन ने सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत की पुष्टि की। ईरान ने इजरायली इलाके के साथ-साथ पश्चिमी एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी जवाबी मिसाइल हमले किए। recent visitors 27