रसोई का बजट बिगड़ा! 4.45% पहुंची महंगाई, जानिए क्या-क्या हुआ महंगा

Kitchen budget hit! Inflation reaches 4.45%; find out what has become costlier. रसोई घर से लेकर आपकी जेब तक, महंगाई का दबाव एक बार फिर बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। सरकार द्वारा बुधवार को जारी ताजा आर्थिक आंकड़ों ने आम लोगों की चिंता थोड़ी बढ़ा दी है। जुलाई के महीने में देश की खुदरा महंगाई दर (सीपीआई) बढ़कर 4.45% पर पहुंच गई है, जो इससे पिछले महीने यानी जून में 4.38% थी। हालांकि यह आंकड़ा अर्थशास्त्रियों के 4.50% के अनुमान से थोड़ा कम जरूर है, लेकिन यह अभी भी भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के 4% के तय लक्ष्य से लगातार ऊपर बना हुआ है। यह इस साल नए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) की नई शृंखला और नए कंजम्पशन बास्केट को अपनाने के बाद से महंगाई का सबसे उच्चतम स्तर है। जुलाई में महंगाई अचानक क्यों बढ़ गई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है?इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण खाने-पीने की चीजों (खाद्य पदार्थों) के ऊंचे दाम हैं, जिन्होंने आम जनता के बजट को प्रभावित किया है। खाद्य महंगाई दर (कंज्यूमर फूड प्राइस इंडेक्स) जून के 5.32% से उछलकर जुलाई में 5.52% पर पहुंच गई है। चिंता की बात यह है कि गांवों में रहने वाले लोगों पर इसकी मार शहरों से ज्यादा पड़ी है। आंकड़ों के मुताबिक, ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य महंगाई 5.79% रही, जबकि शहरी इलाकों में यह थोड़ा कम यानी 5.05% दर्ज की गई। किन सब्जियों ने रसोई का बजट बिगाड़ा और कहां मिली थोड़ी राहत?यदि आप सब्जी मंडी जा रहे हैं, तो कुछ खास मसालों और सब्जियों के दाम आपके होश उड़ा सकते हैं: प्याज: प्याज की महंगाई दर जून के 4.73% से सीधे छलांग लगाकर जुलाई में 22.54% पर पहुंच गई है।लहसुन: लहसुन की महंगाई दर भी 17.93% से बढ़कर 35.36% हो गई है।अदरक: अदरक ने तो सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए; इसकी महंगाई दर 50.41% से बढ़कर सीधे 83.62% के बेहद खौफनाक स्तर पर पहुंच गई है। हालांकि, इस चौतरफा तेजी के बीच कुछ सब्जियों के दामों में गिरावट (डिफ्लेशन) भी दर्ज की गई जिससे थोड़ी राहत मिली। आलू के दाम पिछले साल की तुलना में 16.56% कम हुए। भिंडी में 5.52% की गिरावट आई, जबकि मटर (-5.27%) और टमाटर (-4.59%) भी सस्ते हुए हैं। रोजमर्रा की दूसरी जरूरतें और सेवाएं कितनी महंगी हुई हैं?महंगाई की यह आंच सिर्फ रसोई तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी कीमतें बढ़ी हैं: यातायात:ट्रांसपोर्ट महंगाई जून के 4.31% से बढ़कर जुलाई में 4.43% हो गई, जबकि माल ढुलाई की दरें 7.77% पर आ गईं।पर्सनल केयर: व्यक्तिगत देखभाल, सामाजिक सुरक्षा और विविध सेवाओं की महंगाई दर सबसे अधिक 14.77% पर बनी हुई है, जिसमें अन्य व्यक्तिगत सामानों के दाम 43.54% तक बढ़े हैं।होटल और रेस्टोरेंट: रेस्टोरेंट और आवास सेवाओं की महंगाई दर 7.72% दर्ज की गई।शिक्षा और स्वास्थ्य: इस दौरान कपड़े और जूते-चप्पलों में 3.38%, शिक्षा में 3.64%, मकान किराए में 2.22% और स्वास्थ्य क्षेत्र में 1.34% की महंगाई दर्ज की गई। आरबीआई का महंगाई पर क्या सोचना है और क्या आगे राहत मिलेगी?भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को खुदरा महंगाई दर को 4% पर बनाए रखने की जिम्मेदारी मिली हुई है, जिसमें 2% से 6% का एक सहिष्णुता बैंड तय है। आरबीआई के अधिकारी मल्होत्रा ने साफ किया है कि कीमतों में स्थिरता बनाए रखना और महंगाई पर काबू पाना उनकी सबसे पहली प्राथमिकता है। एक राहत की बात यह है कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी और सप्लाई सुधरने की वजह से आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) के लिए अपने महंगाई के अनुमान को 5.1% से घटाकर 5% कर दिया है। इसके अलावा, मुख्य कीमती धातुओं को छोड़कर अन्य कोर महंगाई अभी भी नियंत्रण में बनी हुई है। आने वाले महीनों में महंगाई की रफ्तार कैसी रहेगी?आरबीआई और आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले निकट भविष्य में मुख्य महंगाई दर में अभी थोड़ा और उछाल आ सकता है और इस साल की तीसरी तिमाही (Q3) में यह अपने चरम पर पहुंच सकती है। आरबीआई के तिमाही अनुमानों के मुताबिक: दूसरी तिमाही (Q2): महंगाई दर 4.7% रहने का अनुमान है (पहले के 5.1% के अनुमान से कम)।तीसरी तिमाही (Q3): इसमें उछाल आ सकता है और यह 5.9% के स्तर को छू सकती है।चौथी तिमाही (Q4): इसके बाद इसमें थोड़ी नरमी आएगी और यह घटकर 5.5% पर आ जाएगी।इसके बाद वित्तीय वर्ष के अंत तक कोर महंगाई और सामान्य महंगाई में स्थिरता आने की उम्मीद की जा रही है। recent visitors 24

वन विभाग के कर्मचारी के घर EOW का छापा, 50 लाख की दुकान समेत सोना-चांदी मिली; आय से अधिक संपत्ति का आरोप

EOW raids Forest Department employee’s home; gold, silver, and a shop worth ₹50 lakh found; accused of amassing assets disproportionate to known sources of income. विशेष संवाददाता जितेन्द्र श्रीवास्तव अर्पिता श्रीवास्तव जबलपुर जबलपुर। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की टीम ने बुधवार सुबह मंडला में वन विभाग के सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी के घर छापामार कार्रवाई की। पश्चिम सामान्य वन मंडल मंडला में पदस्थ श्वेतांक चौरसिया के राज राजेश्वरी वार्ड स्थित आवास पर ईओडब्ल्यू की टीम ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत के आधार पर तलाशी शुरू की है। कार्रवाई के दौरान टीम को लाखों रुपये की नकदी, सोने-चांदी के आभूषण, वाहन, बैंक खातों और अन्य संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। ईओडब्ल्यू डीएसपी मंजीत सिंह के मुताबिक, श्वेतांक चौरसिया के खिलाफ आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत ईओडब्ल्यू जबलपुर में की गई थी। शिकायत की गोपनीय जांच में उनकी आय और व्यय के बीच करीब 290 प्रतिशत का अंतर प्रारंभिक तौर पर सामने आया था। इसके बाद ईओडब्ल्यू ने मंडला न्यायालय से तलाशी वारंट प्राप्त किया और बुधवार सुबह टीम ने उनके आवास पर सर्च की कार्रवाई शुरू की। 50 लाख की दुकान खरीद की भी जांचईओडब्ल्यू के अनुसार, चौरसिया की वैधानिक आय करीब 55 से 60 लाख रुपये के बीच बताई गई है। तलाशी के दौरान उनके भवन में करीब 50 लाख रुपये की दुकान खरीदने से संबंधित जानकारी सामने आई है। आरोप है कि इस सौदे में बड़ी मात्रा में नकद भुगतान किया गया और रजिस्ट्री में संपत्ति की कीमत कम दर्शाई गई। EOW करीब 45 से 50 लाख रुपये के कथित नकद भुगतान की भी जांच कर रही है। घर से कैश, सोना-चांदी और वाहनों की जानकारीतलाशी के दौरान घर से करीब 5 लाख रुपये नकद, लगभग 150 से 200 ग्राम सोना और 3 से 4 किलो चांदी मिलने की जानकारी EOW ने दी है। इसके अलावा तीन वाहनों, एलआईसी पॉलिसियों, चार बैंक खातों और बैंक लॉकर से संबंधित जानकारी भी सामने आई है। इन सभी संपत्तियों और निवेश का मूल्यांकन किया जा रहा है। ईओडब्ल्यू डीएसपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में खर्च आय की तुलना में करीब 290 प्रतिशत अधिक मिला था। तलाशी के दौरान सामने आ रही संपत्तियों और खर्चों के मूल्यांकन के बाद यह अनुपात करीब 400 प्रतिशत या उससे अधिक पहुंचने की संभावना है। हालांकि, अंतिम आंकड़ा विस्तृत जांच और वैल्यूएशन पूरा होने के बाद ही स्पष्ट होगा। recent visitors 35

MP News: एनालॉग पनीर पर सख्ती, कर्मचारियों की पदोन्नति में CPCT नहीं बनेगी बाधा

MP News: Crackdown on analogue paneer; CPCT will not be a hurdle in employee promotions. भोपाल। मध्य प्रदेश में खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में एनालॉग पनीर के उपयोग और बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति में CPCT परीक्षा को बाधा नहीं बनने देने के संबंध में जल्द सकारात्मक निर्णय लेने के निर्देश भी दिए गए हैं। एनालॉग पनीर पर सरकार सख्त मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में एनालॉग पनीर के उपयोग और बिक्री पर प्रभावी रोक के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए। खाद्य सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों को ऐसे उत्पादों की निगरानी करने और नियमों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।सरकार का कहना है कि प्रदेशवासियों को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। मिलावट के खिलाफ होगी निगरानी एनालॉग पनीर से जुड़े मामलों में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। बाजार में ऐसे उत्पादों की पहचान, जांच और नियमानुसार कार्रवाई को लेकर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।सरकार के इस कदम से मिलावटी या निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने वाले खाद्य उत्पादों के खिलाफ कार्रवाई तेज होने की उम्मीद है। कर्मचारियों को पदोन्नति में बड़ी राहत के संकेत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सरकारी तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति में CPCT परीक्षा उत्तीर्ण करने की अनिवार्यता को लेकर भी जल्द सकारात्मक निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि CPCT परीक्षा के कारण किसी पात्र कर्मचारी को पदोन्नति से वंचित न किया जाए और न ही किसी कर्मचारी को रिवर्ट किया जाए।इस संबंध में नियमों और व्यावहारिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे कर्मचारियों को उम्मीद CPCT की अनिवार्यता को लेकर लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए यह निर्देश महत्वपूर्ण माना जा रहा है।हालांकि, अंतिम राहत सरकार द्वारा लिए जाने वाले औपचारिक निर्णय और लागू किए जाने वाले नियमों पर निर्भर करेगी। CM के दो बड़े निर्देश, दो अलग-अलग वर्गों को राहत की उम्मीद मुख्यमंत्री के निर्देशों का असर एक ओर खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ता स्वास्थ्य से जुड़े मामलों पर पड़ सकता है, वहीं दूसरी ओर सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति से जुड़ी लंबे समय से चली आ रही समस्या के समाधान की उम्मीद जगी है।एक तरफ मिलावट पर शिकंजा, दूसरी तरफ कर्मचारियों की पदोन्नति का रास्ता आसान करने की तैयारी।अब नजर इस बात पर रहेगी कि इन निर्देशों को लागू करने के लिए संबंधित विभाग कितनी जल्दी ठोस आदेश जारी करते हैं। मुख्य सवाल एनालॉग पनीर पर रोक के लिए सरकार की कार्रवाई कितनी सख्त होगी? और CPCT को लेकर कर्मचारियों को वास्तविक राहत कब मिलेगी? recent visitors 19

ना मावा, ना चीनी, ना गैस जलाना! सावन में खाएं भुने चने की ‘सुपर-हेल्दी’ बर्फी, नोट करें सीक्रेट रेसिपी

sawan special sugar free healthy roasted chana barfi recipe लाइफस्टाइल डेस्क। सावन तीज-त्योहार वाला मौसम है और इस मौसम में घेवर और मिठाइयां बड़े चाव से खाई जाती हैं। वहीं जो लोग एक सख्त डाइट फॉलो कर रहे हैं या अपनी सेहत से खिलवाड़ नहीं करना चाहते, उन्हें अक्सर इन मिठाइयों से परहेज करना पड़ता है। ऐसे में आइए आपको मिठाई बनाने का हेल्दी तरीका बताते हैं, जो प्रोटीन रिच होने के साथ-साथ आपकी मीठे के क्रेविंग को भी शांत करेगी। हम बात कर रहे हैं भुने हुए चने से बनने वाली बर्फी की जिसकी सबसे खास बात यह है कि इसे बिना गैस जलाए फटाफट तैयार किया जा सकता है। सामग्री विधि चने की बर्फी के फायदेभुने हुए चने प्रोटीन के साथ-साथी फाइबर, आयरन और कैल्शियम से भी भरपूर होते हैं। वहीं ये बर्फी आर्टिफिशियल शुगर से भी फ्री है जो डायबिटीज और वजन कंट्रोल करने वालों के लिए एक परफेक्ट मिठाई हो सकती है। recent visitors 24

बदल जाएगी बुंदेलखंड की तस्वीर और तकदीर, अगर मिल जाएं ये दो नई रेल लाइन

The face and fortune of Bundelkhand will change if these two new rail lines are sanctioned. सागर | सागर सांसद लता वानखेड़े इन दिनों बुंदेलखंड में रेल सुविधाएं बढ़ाए जाने को लेकर प्रयासरत हैं. इसी कड़ी में सागर लोकसभा की रेल कनेक्टिविटी को नई गति देने की दिशा में बड़े प्रयास कर रही हैं. नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से सागर सांसद लता वानखेड़े ने मुलाकात कर सागर लोकसभा की रेल सुविधाओं एवं विकास से जुड़ी विभिन्न महत्वपूर्ण मांगों पर चर्चा की. आरओबी में लेटलतीफी सांसद लता वानखेड़े ने रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव को सागर लोकसभा में निर्माणाधीन सभी रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) की प्रगति, सर्विस रोड एवं रेलवे कार्यों से अवगत कराया. रेलमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को ROB कार्यों में तेजी लाने एवं इनकी समीक्षा के निर्देश दिए. बीना-भोपाल नई रेल लाइन सांसद लता वानखेड़े ने रेलमंत्री वैष्णव से बीना भोपाल के बीच नई रेल लाइन बीना, कुरवाई, पठारिया, सिरोंज, आरोन, लटेरी, सुठालिया, ब्यावरा, भोपाल के सर्वे के आदेश शीघ्र जारी करने का अनुरोध किया, जिससे रेल सुविधा से वंचित लाखों नागरिकों को लाभ मिल सके. भोपाल-खजुराहो के लिए नई रेल लाइन वहीं, भोपाल से खजुराहो के लिए सागर होते नई लाइन भोपाल, रायसेन, सागर, छतरपुर, खजुराहो नई रेल लाइन के सर्वे हेतु बजट स्वीकृत होने के बाद अब DPR शीघ्र तैयार कराने एवं परियोजना को आगे बढ़ाने का अनुरोध सांसद लता वानखेड़े ने रेलमंत्री से किया. यह रेल लाइन सागर को मजबूत रेलवे जंक्शन के रूप में विकसित करने, भोपाल एवं छतरपुर से कनेक्टिविटी बेहतर करने तथा पर्यटन, उद्योग और रोजगार को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण होगी. सागर को मजबूत रेल जंक्शन बनाना प्राथमिकता इसके अलावा सांसद ने खुरई रेलवे स्टेशन पर महत्वपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव तथा स्टेशन के विकास एवं यात्री सुविधाओं के विस्तार की मांग रखी. सांसद लता वानखेड़े ने कहा कि “सागर लोकसभा की रेल सुविधाओं का विस्तार, सागर को मजबूत रेल जंक्शन बनाना और क्षेत्र के हर हिस्से को बेहतर रेल कनेक्टिविटी से जोड़ना हमारी प्राथमिकता है. रेल मंत्री ने सभी मांगों पर सकारात्मक रुख व्यक्त करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई हेतु निर्देशित किया है. recent visitors 33