पेट्रोल-डीजल भरवाने जा रहे हैं? 2000 से ज्यादा का UPI पेमेंट हो सकता है बंद, अब कर लो कैश की तैयारी

Heading out to refuel with petrol or diesel? UPI payments exceeding ₹2,000 might be blocked—better get some cash ready. UPI MDR Charge: मध्य प्रदेश में यूपीआई से भुगतान को लेकर पेट्रोल पंप संचालकों और व्यापारियों ने विरोध का फैसला किया है. पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन के अनुसार, 16 अक्टूबर से पेट्रोल पंपों पर 2,000 रुपए से ज्यादा के पेट्रोल-डीजल की खरीद का भुगतान यूपीआई से नहीं लिया जाएगा. ऐसे भुगतान के लिए ग्राहकों को नकद राशि देनी होगी. एसोसिएशन का कहना है कि यह फैसला 15 अक्टूबर से लागू होने वाले नए मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) के कारण लिया गया है. नए नियम के तहत 2,000 रुपए से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर प्रति ट्रांजेक्शन 5 रुपए एमडीआर देना होगा. एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह के मुताबिक, भोपाल के एक पेट्रोल पंप पर रोजाना औसतन 100 ऐसे यूपीआई ट्रांजेक्शन होते हैं. 5 रुपए एमडीआर पर 18% जीएसटी जोड़ने के बाद एक ट्रांजेक्शन पर करीब 5.90 रुपए का एक्सट्रा खर्च आएगा. इस हिसाब से एक पेट्रोल पंप पर रोज लगभग 590 रुपए और महीने में करीब 17,700 रुपए का एक्सट्रा खर्च होगा. एसोसिएशन का कहना है कि पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर डीलरों का मार्जिन पहले से ही कम है. ऐसे में यूपीआई लेनदेन पर लगने वाला एक्सट्रा चार्ज उनके लिए आर्थिक बोझ बढ़ाएगा. इसी वजह से 2,000 रुपए से ज्यादा के यूपीआई भुगतान को बंद करने का फैसला लिया गया है. इंदौर में भी व्यापारी करेंगे विरोधइंदौर में भी यूपीआई पर लगने वाले एमडीआर के विरोध में व्यापारियों ने आंदोलन का फैसला किया है. शहर के 100 से ज्यादा व्यापारिक संगठनों ने 23 सितंबर को 2,000 रुपए से अधिक का यूपीआई भुगतान नहीं लेने की घोषणा की है. विरोध के दौरान कई व्यापारी दुकानों पर लगे यूपीआई स्कैनर और साउंड बॉक्स पर काला कपड़ा चढ़ाएंगे. इसके अलावा कई दुकानों पर विरोध से जुड़े पोस्टर भी लगाए जा रहे हैं. व्यापारी संगठनों का कहना है कि यूपीआई भुगतान पर एक्सट्रा चार्ज लगने से कारोबारियों का खर्च बढ़ेगा. इसी के विरोध में वे 23 सितंबर को 2,000 रुपए से अधिक के यूपीआई भुगतान स्वीकार नहीं करेंगे. recent visitors 1

UPI एमडीआर के खिलाफ पोस्टर वार, कांग्रेस बोली- नए नए टैक्स लगाना सरकार की हिटलरशाही

‘Poster war’ in Indore against UPI MDR; Congress calls the imposition of new taxes ‘Hitler-like’ government high-handedness. इंदौर/ग्वालियर: केंद्र सरकार द्वारा जब से यूपीआई ट्रांजेक्शन पर एमडीआर यानि मर्चेंट डिस्काउंट रेट लागू करने की घोषणा की गई है, तब से ही देश भर में व्यापारियों की नाराजगी जाहिर हो रही है. एक तरफ लोग इस नई व्यवस्था से परेशान हैं तो वहीं विपक्ष भी सरकार को निशाने पर लिए हुए है. ग्वालियर में कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार ने भी इस मुद्दे पर बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है. वहीं, इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन से जुड़े व्यापारियों ने दुकानों पर इस संबंध में पोस्टर लगाए हैं. इंदौर में व्यापारियों ने लगाए पोस्टर, 125 संगठनों की बैठक इंदौर में एमडीआर के खिलाफ मैदान में उतरे व्यापारियों का कहना है कि, ”यदि ऐसे भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लागू होता है तो इससे डिजिटल भुगतान करने वाले ग्राहकों और व्यापारियों पर अतिरिक्त लागत का असर पड़ सकता है. इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अक्षय जैन ने बताया कि, ”अभियान के अगले चरण में सोशल मीडिया के माध्यम से इस मुद्दे को आम उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की तैयारी है. संगठन की ओर से चार दिनों में करीब 10 लाख उपभोक्ताओं को अभियान से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है. इसके जरिए व्यापारियों की आपत्ति और उनकी मांग को व्यापक स्तर पर सामने रखने का प्रयास किया जाएगा.” इंदौर निकलने से पहले सरकार पर निशानाइंदौर में शनिवार को राहुल गांधी के आने से पहले ही प्रदेश भर से कांग्रेस विधायकों नेताओं और कार्यकर्ताओं को पार्टी द्वारा बुलाया गया है. ग्वालियर से कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार भी इंदौर पहुंच रहे हैं. लेकिन ग्वालियर से रवाना होने से पहले विधायक सतीश सिकरवार मीडिया से मुखातिब हुए. इस दौरान उन्होंने 15 अक्टूबर को लागू होने जा रहे यूपी ट्रांजेक्शन पर एमडीआर को लेकर सरकार पर हमला बोला. अलग-अलग टैक्स लगाकर सरकार कर रही जनता को परेशानविधायक सतीश सिकरवार का कहना है कि, ”जब से भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी है तब से ही कोई ना कोई टैक्स लगाकर जानता को परेशान किया जा रहा है. पहले के समय में जैसे जज़िया कर लगा करता था, अंग्रेजों के जमाने में भी टैक्स लगते थे. उसी तरह सरकार हिटलरशाही चला रही है और आम आदमी को परेशान करने का काम कर रही है.” एक तरफ ऑनलाइन पेमेंट को बढ़ावा दूसरी और टैक्स की मारकांग्रेस ने विधायक का कहना है कि, सरकार एक तरफ आम आदमी से ऑनलाइन पेमेंट करने की बात कह रही है. सारा काम नगद में बंद करने की बात कहती है. वहीं दूसरी तरफ इस टैक्स लगाकर जनता के साथ खिलवाड़ कर रही है. ये निंदनीय है आने वाले समय में जनता इसका जवाब जरूर देगी. एमपी चेंबर ऑफ कॉमर्स ने की एमडीआर स्थगित करने की मांगमध्य प्रदेश चैम्बर ऑफ कॉमर्स ग्वालियर के अध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल का भी कहना है कि, ”डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के चक्कर में पहले ही कई व्यापारी वर्ग कई बार यूपीआई ट्रांजेक्शन से साइबर फ्रॉड्स, उनकी वजह से अकाउंट फ्रीज और फिर रिकवरी जैसी परेशानियों से गुजर रहे हैं. ऐसे में MDR भी व्यापारियों के लिए एक नए टैक्स की तरह होगा. कई बार छोटे व्यापारी को तो एक लाख तक का माल बेचने पर बमुश्किल 500-700 रुपये का ही मुनाफा होता है. ऐसे में एमडीआर की वजह से वह मुनाफा भी एमडीआर में चला जाएगा. इन हालातों को अगर देखा जाए तो व्यापारियों के हित में सरकार को यह नया शुल्क स्थगित करना चाहिए.” recent visitors 4

इंदौर में राहुल गांधी के विरोध में लगे ‘झूठ की गूंज’ के पोस्टर, कांग्रेस नेताओं ने इसे भाजपा की साजिश बताकर हटाए

Posters titled ‘Echo of Lies’ targeting Rahul Gandhi appeared in Indore; Congress leaders removed them, alleging a BJP conspiracy. इंदौर। इंदौर में आज राहुल गांधी का कार्यक्रम छात्रों की गूंज होने वाला है। इसमें वे विद्यार्थियों के साथ संवाद करने शहर आने वाले हैं। राहुल गांधी के विरोध में शहर के कई मुख्य रास्तों पर होर्डिंग पर बैनर लगे हैं। इनमें लिखा है- झूठ की गूंज पर होगी सत्य की विजय। सभी पर एक क्यूआर कोड दिया गया है, जिसमें राहुल की पिछली चार रैलियों में किए गए चालीस दावों की जांच कर उन्हें झूठ बताया गया है। क्यूआर कोड को स्कैन करने पर www,jhoothkigoonj.com वेबसाइट खुलती है, इसमें राहुल गांधी की कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में की गई रैली में किए गए दावों और उनकी सत्यता पर सवाल उठाए गए हैं। सभी रैलियों में किए गए उनके दावों में से कुछ को झूठ और कुछ को गुमराह करने वाला बताया गया है। रातों रात तमाम बिल बोर्ड पर झूठ की गूंज पोस्टर लगने पर कांग्रेस नेताओ ने इसे भाजपा की साजिश बताया है। इससे शहर में राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। इसके बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह लगे इन पोस्टरो को हटाना शुरू कर दिया। कांग्रेस ने कहा- हमेशा झूठ बोलने वाली पार्टी ने लगाए झूठ की गूंज के पोस्टर शहर कांग्रेस के अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कहा कि लोकतंत्र में भाजपा ने निचला स्तर बना लिया है। हमेशा झूठ बोलने वाली पार्टी ने सारे शहर में झूठ की गूंज के पोस्टर लगा दिए हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर राजनीतिक दल को अपनी बात कहने और जनता के बीच जाने का अधिकार होता है। भाजपा के कारण देश के लोकतंत्र को खतरा है यह बात कांग्रेस हमेशा कहती रही है। भाजपा अपने कार्यों से यह साबित करती रही है कि उसका लोकतंत्र में विश्वास नहीं है। यही कारण है कि आज इंदौर में होने जा रहे हैं छात्रों की गूंज कार्यक्रम को देखते हुए भाजपा ने शहर में कई जगह झूठ की गूंज के पोस्टर लगाए हैं। भाजपा के झूठ की शुरुआत तो अच्छे दिन लाने और हर व्यक्ति को 15 लाख रुपए उसके खाते में पहुंचाने के साथ हुई थी। ऐसे झूठ भाजपा की भोपाल से लेकर दिल्ली तक की सरकार लगातार बोल रही है। सरकार के इस झूठ को छात्र और युवा समझ गए हैं। अब वह अपनी आवाज उठा रहे हैं और कांग्रेस उनके साथ खड़ी हो रही है तो भाजपा परेशान हो रही है। चौकसे ने कहा कि पहले तो राहुल गांधी के कार्यक्रम के आयोजन में जितनी बाधाएं पैदा की जा सकती थी उतनी बाधाएं भाजपा सरकार ने जिला प्रशासन, नगर निगम, इंदौर विकास प्राधिकरण और इंदौर पुलिस के माध्यम से पैदा की है। जब उन सभी बाधाओं को पार करते हुए भी कांग्रेस अपना कार्यक्रम कर रही है तो आज झूठ फैलाने वाली पार्टी ने झूठ की गूंज के पोस्टर लगा दिए। पार्षद राजू भदौरिया ने उतारे पोस्टरकांग्रेस पार्षद राजू भदोरिया को आज सुबह इस तरह के पोस्टर लगने की जैसे ही जानकारी मिली वैसे ही वे मैदान में उतर गए और उन्होंने अपने साथियों के साथ जाकर अवैध रूप से लगाए गए इन पोस्टरों को उतारना शुरू कर दिया। उन्होंने सवाल किया है कि इंदौर नगर निगम के अधिकारी और उनकी टीम अब कहां है जब अवैध रूप से इस तरह के पोस्टर पूरे शहर में रातों-रात लगा दिए गए हैं। 169 स्त्रोतों से दावों की जांच की गईराहुल गांधी द्वारा अपनी रैलियों में किए गए दावों की जांच 169 स्त्रोतों के जरिए की गई। इसमें भारत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट सहित संसद और न्यूज वेबसाइट से जानकारी ली गई है। इसके साथ ही वेबसाइट पर यह भी कहा गया है कि राहुल गांधी द्वारा देश से जितने झूठ बोले गए हैं, उन सभी को उजागर करने में मदद करें। वेबसाइट पर लिखा है कि कोई दावा तब झूठा होता है जब रिकॉर्ड उसका पूरी तरह खंडन करता है। कोई दावा तब भ्रामक होता है जब किसी वास्तविक आंकड़े को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है, संदर्भ से अलग कर दिया जाता है या उसे किसी और रूप में प्रस्तुत किया जाता है। recent visitors 6