जबलपुर: पंडाल पीछे करने को कहने पर विवाद, कांग्रेस नेता जतिन राज सहित दो के खिलाफ मामला दर्ज

Jabalpur: Controversy erupts over being asked to move the pandal back; case filed against Congress leader Jatin Raj and two others एसबीआई चौक पर देर रात हंगामे का आरोप; थाना विजयनगर के निरीक्षक की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज विशेष संवाददाता जितेन्द्र श्रीवास्तव/अर्पिता श्रीवास्तव  जबलपुर। शहर के विजयनगर थाना क्षेत्र में एसबीआई चौक के पास देर रात विवाद का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, 9 अक्टूबर 2026 की रात करीब 12:40 बजे पूछताछ के दौरान कथित तौर पर गाली-गलौज, अभद्रता और धमकी देने का मामला सामने आया। इस मामले में कांग्रेस नेता जतिन राज और रामेश्वर गिरी के खिलाफ थाना विजयनगर में अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, थाना विजयनगर के निरीक्षक धीरज कुमार राज एसबीआई चौक के पास कुछ व्यक्तियों से पूछताछ कर रहे थे। इसी दौरान आरोप है कि जतिन राज ने उनके साथ गाली-गलौज की। वहीं, रामेश्वर गिरी पर निरीक्षक का मोबाइल फोन ले लेने का आरोप है। शिकायत के अनुसार, दोनों व्यक्तियों द्वारा कथित रूप से अभद्रता और धमकी भी दी गई। घटना की सूचना मिलने पर पेट्रोलिंग स्टाफ को मौके पर बुलाया गया। पुलिस के अनुसार, स्टाफ के पहुंचने के बाद भी विवाद और धमकी दिए जाने की बात सामने आई। इसके बाद थाना विजयनगर में दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई। इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अपराध क्रमांक 472/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 296(बी), 115(2), 351(3) और 3(5) में प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी पुलिस की ओर से दिए गए घटनाक्रम और आरोपों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि तथा आरोपियों का पक्ष उपलब्ध नहीं है। स्थान: एसबीआई चौक, विजयनगर, जबलपुरघटना का समय: 9 अक्टूबर 2026, रात लगभग 12:40 बजेप्रकरण: थाना विजयनगर, अपराध क्रमांक 472/2026 recent visitors 34

शहर कांग्रेस के युवा अध्यक्ष अजय सोलंकी का जन्मदिन हर्षोल्लास से मनाया।

The birthday of city Congress youth president Ajay Solanki was celebrated with great joy. सोलंकी निवास पर पहुंचे कांग्रेसजन, वरिष्ठजनों से लिया आशीर्वाद, केक काटकर दी बधाई। हरिप्रसाद गोहे  आमला। शहर कांग्रेस के जुझारू, लोकप्रिय एवं मिलनसार युवा अध्यक्ष अजय तोर सिंह सोलंकी का जन्मदिन सोमवार को सोलंकी निवास पर धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर उनके प्रियजन, नगर कांग्रेस के पदाधिकारी, वरिष्ठ कांग्रेसी, नागरिक एवं पत्रकार बंधु उपस्थित रहे। पूर्व पार्षद विजय अतुलकर ने बताया कि पूरी टीम ने सोलंकी निवास पहुंचकर चाचा तोर सिंह सोलंकी एवं चाची जी के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त किया और अजय सिंह सोलंकी से केक कटवाया। पुष्पहारों से स्वागत कर सभी ने अज्जू भाई को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में पूर्व डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे भी पहुंचीं। उन्होंने पुष्पगुच्छ भेंट कर मिठाई खिलाकर बधाई दी। अजय सोलंकी ने माता-पिता सहित सभी बड़ों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया और युवा साथियों के सुख-दुख में हमेशा साथ खड़े रहने का प्रण लिया। इस अवसर पर तोर सिंह सोलंकी, नीरज सोनी, साबिर शाह, विजय अतुलकर, जसपाल ठाकुर, कमलेश माकोड़े, प्रमोद सेठिया, अनिल उईके, सनी भुमरकर, राकेश सोने, छोटू बेले, विजय सोलंकी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व मित्र उपस्थित थे। recent visitors 91

पीर मंजिल मार्ग पर भारी वाहनों से हाहाकार, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन।

Chaos due to heavy vehicles on Peer Manzil road, memorandum submitted to SDM. हरिप्रसाद गोहे आमला। आमला के मुख्य पीर मंजिल मार्ग पर प्रतिदिन भारी वाहनों का बेरोकटोक आवागमन हो रहा है। यह मार्ग मुख्य रहवासी और व्यावसायिक क्षेत्र से जुड़ा है, जहां दिनभर धूल, शोर और ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है। स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों को भारी परेशानी हो रही है तथा दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। पंखा से पीर मंजिल तक सड़क जर्जर हो चुकी है। इसको लेकर कांग्रेस नेत्री सीमा अतुलकर, कांग्रेस नेता छन्नू बेले ने एसडीएम आमला को ज्ञापन सौंप कर मांग की है कि पीर मंजिल मार्ग पर भारी वाहनों के प्रवेश को प्रतिबंधित कर उनका रूट तोरणवाड़ा सब-स्टेशन बायपास की ओर डायवर्ट किया जाए और ओवरलोड डंपरों पर सख्त प्रतिबंध लगाया जाए। चर्चा के दौरान कांग्रेस नेत्री सीमा अतुलकर ने बताया कि क्षेत्र में जो माननीयों के ओवरलोड डंपर चल रहे हैं उन पर प्रतिबंध लगाया जाए। वहीं कांग्रेस नेता छन्नू बेले ने कहा कि पीर मंजिल रोड व्यावसायिक क्षेत्र होने से यहां दिनभर आवाजाही रहती है, ऐसे में संचालित ओवरलोड डंपरों की आवाजाही पर रोक लगाई जानी चाहिए एवं डंपरों पर त्वरित कार्यवाही की जानी चाहिए। recent visitors 88

इनमोसा का 71वां स्थापना दिवस हर्षोल्लास से मनाया गया।

The 71st Foundation Day of INMOSA was celebrated with great enthusiasm. माइनिंग सुपरवाइजर कंपनी की रीढ़, सुरक्षा प्रथम प्राथमिकता होनी चाहिए – वक्ताओं ने कहा। हरिप्रसाद गोहे आमला/पाथाखेड़ा/सारनी । इंडियन नेशनल माइनिंग ओवरमैन, सरदार, शॉटफायरर एसोसिएशन (इनमोसा) का 71वां स्थापना दिवस मंगलवार को वेकोलि क्षेत्रीय इनमोसा भवन, पाथाखेड़ा में गरिमामय समारोह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कोल इंडिया लिमिटेड के निदेशक (तकनीकी) अच्युत घटक ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं कंपनी में एक जिम्मेदार सिपाही के रूप में कार्य किया है। वर्ष 1989 से 2019 तक पाथाखेड़ा क्षेत्र में सेवा के दौरान उन्होंने वरिष्ठ माइनिंग सुपरवाइजरों के सहायक के रूप में कार्य कर खदान संचालन की बारीकियां सीखीं। घटक ने कहा कि माइनिंग सुपरवाइजर एक लीडर की तरह होता है, जिसके खान के भीतर हमेशा आंख, नाक और कान खुले रहने चाहिए। लीडर की असली पहचान उसकी निर्णय लेने की क्षमता है। उन्होंने छतरपुर-1 खदान में हुई दुर्घटना का जिक्र करते हुए कहा कि बेहतर नेतृत्व और संवाद से ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। उत्पादन से पहले सुरक्षा – वेकोलि निदेशक वेकोलि के निदेशक (तकनीकी) योजना एवं परियोजना डॉ. अंजनी कुमार ने कहा कि उत्पादन, उत्पादकता और सुरक्षा पर निरंतर संवाद होना चाहिए। प्रथम प्राथमिकता हमेशा सुरक्षा होनी चाहिए, सुरक्षा सुनिश्चित होगी तो उत्पादन स्वतः होगा। पाथाखेड़ा क्षेत्र के महाप्रबंधक जी.पी. खन्ना एवं जे.के. गुप्ता ने कहा कि माइनिंग कंपनी में माइनिंग सुपरवाइजर रीढ़ की हड्डी (बैकबोन) की तरह होता है, जिसके बिना खदान का संचालन संभव नहीं। अनुभव से ही दुर्घटना रोकी जा सकती है इनमोसा के केंद्रीय महासचिव पी.एन. मिश्रा ने समस्त सीआईएल के माइनिंग सुपरवाइजरों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पूर्व के सुपरवाइजरों के अनुभव और तजुर्बे से सीखना आज भी जरूरी है। नई पीढ़ी को डिग्री के साथ-साथ जमीनी अनुभव पर भी ध्यान देना होगा, अन्यथा अनुभव के अभाव में दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहेगी। ये रहे उपस्थित कार्यक्रम की जानकारी इनमोसा वेकोलि के उप-महासचिव गोकुल प्रसाद गोहे ने दी। उन्होंने बताया कि आयोजन को सफल बनाने में शाहिद अख्तर, आर.के. पटैया, ललित राठौर, रमेश अमरूते, अनिल चौरसिया, उमेश चौकीकर, शाबीर अली, असलम बेग, रज्जू गोहे, धर्मपाल चंचल, नियाज अहमद, अमित ऐरलू, अभिषेक मिश्रा, अंसूल साहू, प्रदीप कुमार, गुरुदत्त शर्मा सहित सभी पदाधिकारियों का सराहनीय योगदान रहा। recent visitors 80

कांग्रेस ने तेज की चुनावी तैयारी: विधानसभा क्षेत्रों में जमीनी ताकत परखेगी पार्टी, 30 दिन में बनेगी रिपोर्ट

Congress steps up election preparations: Party to assess grassroots strength in assembly constituencies; report to be prepared within 30 days. मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। पार्टी ने प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों के प्रभारियों को अगले 30 दिन में अपने क्षेत्र के संगठन की पूरी स्थिति जानने का लक्ष्य दिया है। इस दौरान प्रभारी बूथ से लेकर ब्लॉक और पंचायत स्तर तक पहुंचकर पता करेंगे कि पार्टी का संगठन कहां सक्रिय है और कहां कामकाज केवल कागजों तक सीमित है। इस प्रक्रिया के जरिए कांग्रेस स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता, नेताओं के बीच तालमेल और संगठन की कमजोरियों का आकलन करेगी। पार्टी ने विधानसभा प्रभारियों की जिम्मेदारियां तय करते हुए स्पष्ट किया है कि उनकी भूमिका केवल बैठकें करने या पदाधिकारियों से जानकारी लेने तक सीमित नहीं रहेगी। उन्हें जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद करना होगा। एक महीने की पड़ताल के बाद प्रभारियों को संगठन की मौजूदा स्थिति, सामने आई समस्याओं और सुधार के लिए जरूरी कदमों की रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस को सौंपनी होगी। बूथों पर पहुंचकर देखेंगे कितनी सक्रिय है कांग्रेसविधानसभा प्रभारियों को यह पता करना होगा कि बूथ समितियां वास्तव में काम कर रही हैं या सिर्फ गठन तक सीमित हैं। इसके लिए वे ब्लॉक, मंडल, पंचायत और वार्ड स्तर के पदाधिकारियों से बातचीत करेंगे। पार्टी के कार्यक्रमों में कार्यकर्ताओं की भागीदारी और स्थानीय स्तर पर संगठन की गतिविधियों की जानकारी भी जुटाई जाएगी। इस समीक्षा में यह भी सामने लाने की कोशिश होगी कि किन क्षेत्रों में संगठन मजबूत है और कहां उसे सक्रिय करने की जरूरत है। प्रदेश नेतृत्व को इससे विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी की वास्तविक स्थिति का आकलन करने में मदद मिलेगी नाराज और निष्क्रिय कार्यकर्ताओं से भी होगा संवादकांग्रेस ने प्रभारियों को वरिष्ठ नेताओं, पुराने पदाधिकारियों, युवा और महिला कार्यकर्ताओं के साथ किसान, अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग तथा छात्र और युवा संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं से भी बात करने के निर्देश दिए हैं। लंबे समय से निष्क्रिय या नाराज कार्यकर्ताओं से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानना भी इस जिम्मेदारी का हिस्सा है। पार्टी यह समझना चाहती है कि स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं की भागीदारी में कमी की वजह क्या है और संगठन में कहां सुधार की जरूरत है। सामने आने वाली समस्याओं को जिला अध्यक्ष और जिला प्रभारी के माध्यम से संबंधित नेतृत्व तक पहुंचाया जाएगा। गुटबाजी पर नजर, जिला अध्यक्षों के अधिकारों में नहीं करेंगे दखलविधानसभा प्रभारियों को नेताओं के बीच मतभेद, पदाधिकारियों के विवाद और संगठन में तालमेल की कमी की जानकारी भी जुटानी होगी। हालांकि, उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे जिला अध्यक्षों के समानांतर संगठन नहीं चलाएंगे। उनकी जिम्मेदारी समस्याओं की पहचान करने, संबंधित नेतृत्व से समन्वय बनाने और समाधान का फॉलो-अप करने की होगी। इस व्यवस्था के जरिए पार्टी संगठन की आंतरिक समस्याओं की जानकारी जुटाना चाहती है, लेकिन जिला संगठन की मौजूदा जिम्मेदारियों को भी बनाए रखना चाहती है। जनता के मुद्दों और राजनीतिक माहौल की भी लेंगे जानकारीप्रभारियों को अपने विधानसभा क्षेत्र में जनता के प्रमुख मुद्दों और राजनीतिक परिस्थितियों को समझने की जिम्मेदारी भी दी गई है। उन्हें पता करना होगा कि सरकार को लेकर स्थानीय लोगों की धारणा कैसी है, युवाओं और महिलाओं के प्रमुख सवाल क्या हैं और किसान-मजदूरों से जुड़े कौन से मुद्दे क्षेत्र में महत्वपूर्ण हैं। विपक्षी दलों की गतिविधियों पर भी नजर रखनी होगी। इसके साथ प्रदेश कांग्रेस की ओर से घोषित आंदोलन, जनसभाएं, पदयात्राएं और जनसंवाद कार्यक्रम बूथ स्तर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी विधानसभा प्रभारियों की होगी। पार्टी चाहती है कि प्रदेश स्तर के कार्यक्रम स्थानीय इकाइयों और कार्यकर्ताओं की भागीदारी के साथ जमीन पर दिखाई दें। recent visitors 17

केंद्रीय विद्यालय की प्राचार्य तीन लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार, सीबीआई भोपाल की कार्रवाई

Kendriya Vidyalaya Principal arrested while accepting a bribe of ₹3 lakh; action taken by CBI Bhopal. केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-1, ऑर्डिनेंस फैक्ट्री इटारसी में सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी), भोपाल ने कार्रवाई करते हुए विद्यालय की प्राचार्य श्रद्धा पाठक को तीन लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। मामले में विद्यालय के एक अन्य कर्मचारी की भूमिका भी सामने आई है। प्राचार्य श्रद्धा पाठक पर एक फर्म के बकाया बिलों का भुगतान कराने के एवज में तीन लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है। सीबीआई की टीम ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच की और कार्रवाई को अंजाम दिया। बिल पास कराने के बदले रिश्वत मांगने का आरोपमिली जानकारी के अनुसार, भोपाल की एक फर्म को केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-1 में रेनोवेश्पन का काम मिला था। आरोप है कि केंद्रीय विद्यालय की प्राचार्य ने फर्म से तीन लाख रुपए की अनुसचित राशि की मांग की थी, जिस फर्म को स्कूल में नवीनीकरण का काम मिला था। इस फर्म को सरकारी ई-मार्केटप्लेस के माध्यम से जारी वर्क ऑर्डर के तहत काम करना था। आरोप है कि काम के बकाया बिलों का भुगतान जारी करने के बदले भी रिश्वत मांगी गई थी। शिकायत के सत्यापन के बाद कार्रवाईशिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने पहले आरोपों का सत्यापन किया। इसके बाद टीम ने जाल बिछाकर कार्रवाई की। प्राचार्य को तीन लाख रुपये की रिश्वत स्वीकार करते हुए पकड़ लिया। कार्रवाई के बाद जांच एजेंसी ने आरोपियों के इटारसी और आगरा स्थित आवासीय व कार्यालय परिसरों में तलाशी ली। इस दौरान संपत्ति से संबंधित दस्तावेज जब्त किए गए हैं। recent visitors 27

बालाघाट में मासूमों की मौत पर स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल, उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा

Deaths of innocents in Balaghat raise questions about the healthcare system; Umang Singhar targets the government. भोपाल। मध्यप्रदेश के बालाघाट में बच्चों की मौत को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इस घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों और जिम्मेदारी को लेकर गंभीर चिंताएं खड़ी कर दी हैं।सिंघार के मुताबिक, केंद्र सरकार की जांच रिपोर्ट में जिला सर्विलांस यूनिट में कर्मचारियों की कमी, सरकारी प्रयोगशाला का अभाव, माइक्रोबायोलॉजिस्ट का पद रिक्त होने और प्रभावित गांव में एक साल से ASHA कार्यकर्ता नहीं होने जैसी कमियां सामने आई हैं।उन्होंने सवाल उठाया कि जब बीमारी की समय पर पहचान और इलाज के लिए जरूरी व्यवस्थाएं ही अधूरी थीं, तो बच्चों की जान बचाने के लिए प्रभावी कदम कैसे उठाए जाते? उन्होंने भाजपा सरकार से स्वास्थ्य सेवाओं में कमियों की जवाबदेही तय करने और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।सिंघार ने सवाल किया कि आखिर कब तक स्वास्थ्य व्यवस्था की खामियों का खामियाजा मासूमों को भुगतना पड़ेगा और सरकार जिम्मेदारी तय करेगी? recent visitors 33