Deaths of innocents in Balaghat raise questions about the healthcare system; Umang Singhar targets the government.
- बालाघाट में बच्चों की मौत :जांच रिपोर्ट में स्टाफ की कमी, सरकारी लैब का अभाव और ASHA कार्यकर्ता का पद खाली होने जैसी खामियां सामने आने का दावा
भोपाल। मध्यप्रदेश के बालाघाट में बच्चों की मौत को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इस घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों और जिम्मेदारी को लेकर गंभीर चिंताएं खड़ी कर दी हैं।
सिंघार के मुताबिक, केंद्र सरकार की जांच रिपोर्ट में जिला सर्विलांस यूनिट में कर्मचारियों की कमी, सरकारी प्रयोगशाला का अभाव,
माइक्रोबायोलॉजिस्ट का पद रिक्त होने और प्रभावित गांव में एक साल से ASHA कार्यकर्ता नहीं होने जैसी कमियां सामने आई हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब बीमारी की समय पर पहचान और इलाज के लिए जरूरी व्यवस्थाएं ही अधूरी थीं, तो बच्चों की जान बचाने के लिए प्रभावी कदम कैसे उठाए जाते? उन्होंने भाजपा सरकार से स्वास्थ्य सेवाओं में कमियों की जवाबदेही तय करने और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
सिंघार ने सवाल किया कि आखिर कब तक स्वास्थ्य व्यवस्था की खामियों का खामियाजा मासूमों को भुगतना पड़ेगा और सरकार जिम्मेदारी तय करेगी?