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भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 31वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस का शुभारंभ करेंगे। रवीन्द्र भवन भोपाल में 3 से 6 जनवरी 2025 के बीच 4 दिवसीय राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में वैज्ञानिक सोच को प्रोत्साहित करना और उन्हें विज्ञान, नवाचार और तकनीकी क्षेत्र में योगदान करने के लिए प्रेरित करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “यह आयोजन बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने और नवाचार के क्षेत्र में नई पीढ़ी को प्रेरित करने का एक महत्वपूर्ण मंच है। मध्यप्रदेश को इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन की मेजबानी करते हुए गर्व हो रहा है।”

राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में देश के 700 से अधिक विद्यार्थी, उनके शिक्षक और मेंटर भाग लेंगे। साथ ही बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, ओमान और सऊदी अरब जैसे खाड़ी देशों के छात्र भी शामिल होंगे। इस वर्ष राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस का मुख्य विषय "स्वास्थ्य और कल्याण के लिए पारिस्थितिकी तंत्र को समझना" है। इस विषय को पांच उप-विषयों में विभाजित किया गया है, जिनमें पारिस्थितिकी तंत्र की समझ, पोषण व स्वास्थ्य को बढ़ावा देना, आत्मनिर्भरता के लिए पारिस्थितिकी दृष्टिकोण, तकनीकी नवाचार और सामाजिक-सांस्कृतिक प्रथाएं शामिल हैं। राष्ट्रीय बाल विकास कांग्रेस एक राष्ट्रीय विज्ञान संचार कार्यक्रम है, जिसकी शुरूआत 1993 में हुई थी। यह भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के तहत राष्ट्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी संचार परिषद के द्वारा आयोजित किया जाता है। इसमें 10 से 17 वर्ष आयु वर्ग के बच्चे भाग लेते है।

वराह मिहिर वेधशाला का ऑटोमेशन का उद्घाटन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव वराह मिहिर खगोलीय वेधशाला के ऑटोमेशन का उद्घाटन भी करेंगे। इससे विज्ञान और खगोल विज्ञान के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को नई पहचान मिलेगी। ऑटोमेशन होने से आम नागरिक अब घर बैठे ही वेधशाला के टेलीस्कोप का उपयोग कर सकेंगे।

मुख्य गतिविधियां
राष्ट्रीय बाल विकास कांग्रेस में विभिन्न विषयों पर 20 से अधिक तकनीकी सत्र, कार्यशालाएं, प्रदर्शनी और विज्ञान आधारित खेलों का आयोजन होगा। इनमें चंद्रयान प्रदर्शनी, वॉटर रॉकेटरी, कागज से टोपी निर्माण, पर्यावरण साँप सीढ़ी का खेल, गणित सीढ़ी का खेल, जीव विज्ञान प्रदर्शनी, लीफ क्राफ्ट, पर्यावरण प्रदर्शनी, चीता प्रदर्शनी, लोक गीत द्वारा वैज्ञानिक जागरूकता, हाईड्रोपोनिक्स तकनीक रोबोटिक्स कार्यशाला, आकाशीय बिजली से बचाव पर प्रदर्शनी का आयोजन किया जायेगा। देश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों एवं छात्रों के मध्य फेस-टू-फेस संवाद भी होगा। प्रतिष्ठित वैज्ञानिक जैसे सोलर मैन डॉ. चेतन सोलंकी (IIT मुंबई), डॉ. नंद कुमार (एम्स, दिल्ली) और डॉ. चैतन्य पूरी (आइसर पुणे) छात्रों के साथ संवाद करेंगे।

स्थानीय विद्यार्थियों को भी मिलेगा मंच
भोपाल के विद्यार्थियों को इस आयोजन में शामिल होने का विशेष अवसर दिया गया है। स्थानीय विद्यालयों और महाविद्यालयों से भी वैज्ञानिक प्रोजेक्ट आमंत्रित किए गए हैं। इससे विद्यार्थियों को देश-विदेश के प्रतिभागियों और वैज्ञानिकों से सीखने और संवाद करने का अवसर मिलेगा। भोपाल में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम विद्यार्थियों, शिक्षकों और वैज्ञानिक समुदाय के लिए विज्ञान के नए आयामों को समझने और साझा करने का मंच प्रदान करेगा।

 

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