सावधान: रेलवे रेल नीर और बेसन का सैंपल क्वालिटी जांच में पूरी तरह फेल, रोज होती हैं लाखों की सेल

सावधान: रेलवे रेल नीर और बेसन का सैंपल क्वालिटी जांच में पूरी तरह फेल, रोज होती हैं लाखों की सेल

Caution: Railway Rail Neer and Gram Flour samples fail quality tests, selling lakhs of rupees daily.

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भोपाल। ट्रेन के सफर में समय बहुत कम होता है। गाड़ी प्लेटफॉर्म पर कुछ मिनट के लिए रुकती है, यात्री जल्दी से नीचे उतरकर पानी की बोतल या खाने का पैकेट खरीदते हैं और सीटी बजते ही वापस कोच में चढ़ जाते हैं। डिब्बे के अंदर क्या है, इसकी जांच करने का मौका शायद ही कभी मिलता है। यह पूरा सौदा सिर्फ और सिर्फ भरोसे पर टिका होता है। लेकिन अब भोपाल रेलवे डिविजन में भरोसे की इस डोर पर बड़ा सवालिया निशान लग गया है, जब इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड कॉर्पोरेशन द्वारा सप्लाई किए जाने वाले ‘रेल नीर’ का एक सैंपल क्वालिटी जांच में पूरी तरह फेल हो गया।

लैब की रिपोर्ट ने उड़ाई नींद, बेसन का सैंपल भी निकला घटिया

जुलाई महीने में रूटीन टेस्टिंग के दौरान यह सैंपल कलेक्ट किया गया था। डिविजन की फाइंडिंग्स के मुताबिक, पानी का यह सैंपल तय मानकों पर खरा नहीं उतरा। सिर्फ पानी ही नहीं, बल्कि खाने-पीने की चीज़ों में इस्तेमाल होने वाले खुले बेसन का सैंपल भी क्वालिटी पैरामीटर्स में फेल पाया गया। यात्रियों के लिए यह केवल कोई लैबोरेटरी रिपोर्ट भर नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर उनकी सेहत से जुड़ा हुआ गंभीर मामला है, जो वे सफर के दौरान खाते और पीते हैं।

भोपाल रेलवे डिविजन में रूटीन क्वालिटी चेक के दौरान रेल नीर और बेसन का सैंपल फेल हो गया है।

भोपाल रेलवे डिविजन में रोजाना औसतन 1.14 लाख यात्री सफर करते हैं, जबकि अकेले भोपाल जंक्शन पर 150 से ज्यादा ट्रेनें रुकती हैं।

मंडीदीप प्लांट से भोपाल डिविजन के स्टेशनों पर हर दिन करीब 5,000 रेल नीर की बोतलें सप्लाई होती हैं।

इटारसी के बेस किचन में पहले भी छापेमारी कर एक्सपायरी और घटिया फूड मटीरियल नष्ट किया जा चुका है।

क्या कहते हैं आंकड़े और यात्री?

इस मामले की गंभीरता इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि हर दिन इस पर लाखों लोगों की जिंदगी निर्भर करती है। साल 2025-26 के दौरान भोपाल रेलवे डिविजन ने रोजाना लगभग 1.14 लाख यात्री सफर संभाले हैं। अकेले भोपाल जंक्शन पर रोज 150 से ज्यादा ट्रेनें रुकती हैं और करीब 70,000 यात्रियों का फुटफॉल रहता है।

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