नगर पालिका के धीमे निर्माण कार्य से व्यापारी परेशान, प्रदर्शन कर जताया विरोध।

Traders frustrated by the municipality’s slow construction work; staged a protest to voice their opposition. हरिप्रसाद गोहेआमला। नगर पालिका परिषद आमला द्वारा मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना अंतर्गत कराये जा रहे सड़क, नाली एवं डिवाइडर निर्माण कार्य की धीमी गति ने व्यापारियों की परेशानी बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि रुद्र कंपनी के ठेकेदार के माध्यम से विगत कई महीनों से निर्माण कार्य कराया जा रहा है, लेकिन कार्य की गति बेहद धीमी है। कई स्थानों पर गड्ढे खोदकर अधूरा छोड़ दिया गया है तथा सड़क आवागमन के लिए बंद पड़ी है। इससे ग्राहक दुकानों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं और व्यापारियों के व्यवसाय में मंदी आ गई है। इसी से नाराज व्यापारियों ने सोमवार को प्रदर्शन कर नगर पालिका से शीघ्र निर्माण कार्य पूरा करने की मांग की। प्रदर्शन का नेतृत्व व्यापारी रवि साहू ने किया। इस दौरान व्यापारी बबलू गोस्वामी, मुन्ना सूरे, लोकेंद्र सिंह राठौर, महेंद्र राजपूत सहित बड़ी संख्या में व्यापारी व आमजन मौजूद रहे। सीएमओ ने कहा – जल्द होगा कार्य पूर्ण इस संबंध में मुख्य नगर पालिका अधिकारी प्रकाश देशमुख ने बताया कि हाईमास्क लाइट के लिए पोल लगाने का कार्य प्रगतिरत है। जल्द ही कार्य पूर्ण कर आवागमन बहाल किया जाएगा तथा व्यापारिक प्रतिष्ठानों के सामने समतलीकरण कर व्यवस्था बनाई जाएगी। recent visitors 132

मध्य प्रदेश में एससी, एसटी में शामिल हुईं कई नई जातियां, 4 जिलों में आरक्षण का मिलेगा लाभ

Several new castes have joined the SC, ST category in Madhya Pradesh, and reservation benefits will be available in four districts. SC ST Categories In MP । मध्यप्रदेश में एक बार फिर एससी, एसटी में कई नई जातियां शामिल हुईं हैं। प्रदेश के कई जिलों में जातियों की आरक्षित श्रेणी तय की गई है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार राज्य के 4 नवगठित जिलों में यह कवायद की गई है। जातियों की आरक्षित श्रेणी में जिन जातियों को शामिल किया गया है उन्हें अब आरक्षण का लाभ मिलेगा। नवगठित 2 जिलों में कु्हार, कु्हार (प्रजापति) और कुंभार को अनुसूचित जाति (एससी) में शामिल किया गया है। इसी तरह पारधी, बहेलिया व इससे संबंधित कुछ अन्य जनजाति को एक नवगठित जिले में अनुसूचित जनजाति (एसटी) में रखा गया है। यह स्पष्ट किया गया है कि नवगठित जिलों में जातियों की आरक्षित श्रेणी, सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों के अनुरूप तय की गई हैं। सीएम मोहन यादव ने मानव अधिकार आयोग के कार्यक्रम में अनुसूचित जातियों, जनजातियों के हितों के लिए काम करने का संकल्प दोहराया। एमपी के मैहर, मऊगंज, पांढुर्णा और निवाड़ी नवगठित जिले हैं। इन चारों जिलों में जातियों की आरक्षित श्रेणी तय कर दी गई है। मैहर, मऊगंज, पांढुर्णा और निवाड़ी जिलों में अब इसी के अनुरूप जाति प्रमाण पत्र बनाए जाएंगे। इसकी व्यवस्था भी शुरू कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार नवगठित 4 जिलों में जातियों की आरक्षित श्रेणी तय करते समय सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों का पूर्णत: पालन किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मध्ययप्रदेश के कुछ जिलों में कु्हार, कु्हार (प्रजापति) और कुंभार अनुसूचित जाति (एससी) में हैं। मऊगंज और मैहर में भी इस जाति को अनुसूचित जाति के अंतर्गत रखा गया है। अधिकारियों ने बताया कि राज्य के छतरपुर, दतिया, पन्ना, रीवा, सतना, शहडोल, सीधी और टीकमगढ़ जिलों में कु्हार, कु्हार (प्रजापति) और कुंभार अनुसूचित जाति (एससी) में यानि आरक्षित श्रेणी में शामिल हैं। अब 2 अन्य नवगठित जिलों में भी इन जातियों की आरक्षित श्रेणी तय कर दी गई है। 3 नए जिलों में पनिका जाति को आरक्षित श्रेणी में शामिल किया इसी तरह पनिका जाति को राज्य के 3 नए जिलों में आरक्षित श्रेणी में शामिल किया गया है। अभी यह जाति छतरपुर, पन्ना, रीवा, सतना, शहडोल, उमरिया, सीधी, टीकमगढ़ और दतिया की सेंवढ़ा व दतिया तहसील में एसटी के रूप में मान्य है। अब उपरोक्त जिलों के साथ ही नए जिले मऊगंज, मैहर, निवाड़ी में पनिका जाति को अनुसूचित जाति के रूप में आरक्षित श्रेणी में शामिल किया गया है। इस प्रकार यह जाति अब राज्य के 12 जिलों में आरक्षित श्रेणी में शामिल हो गई है। नई जातियों में पारधी और बहेलिया व इनसे संबंधित अन्य उपजातियों को भी खासा लाभ आरक्षण के लिए नई जातियों में पारधी और बहेलिया व इनसे संबंधित अन्य उपजातियों को भी खासा लाभ मिला है। इन्हें नवगठित पांढुर्णा जिले में अनुसूचित जनजाति (एसटी) में रखा गया है। पारधी और बहेलिया के साथ ही बहेल्लिया, चिता पारधी, लंगोली पारधी, फांस पारधी, शिकारी, टाकनकार एवं टाकिया जनजाति को पांढुर्णा जिले में आरक्षित श्रेणी में शामिल किया गया है। recent visitors 99

सावधान: रेलवे रेल नीर और बेसन का सैंपल क्वालिटी जांच में पूरी तरह फेल, रोज होती हैं लाखों की सेल

सावधान: रेलवे रेल नीर और बेसन का सैंपल क्वालिटी जांच में पूरी तरह फेल, रोज होती हैं लाखों की सेल Caution: Railway Rail Neer and Gram Flour samples fail quality tests, selling lakhs of rupees daily. Caution: Railway Rail Neer and Gram Flour samples fail quality tests, selling lakhs of rupees daily भोपाल। ट्रेन के सफर में समय बहुत कम होता है। गाड़ी प्लेटफॉर्म पर कुछ मिनट के लिए रुकती है, यात्री जल्दी से नीचे उतरकर पानी की बोतल या खाने का पैकेट खरीदते हैं और सीटी बजते ही वापस कोच में चढ़ जाते हैं। डिब्बे के अंदर क्या है, इसकी जांच करने का मौका शायद ही कभी मिलता है। यह पूरा सौदा सिर्फ और सिर्फ भरोसे पर टिका होता है। लेकिन अब भोपाल रेलवे डिविजन में भरोसे की इस डोर पर बड़ा सवालिया निशान लग गया है, जब इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड कॉर्पोरेशन द्वारा सप्लाई किए जाने वाले ‘रेल नीर’ का एक सैंपल क्वालिटी जांच में पूरी तरह फेल हो गया। लैब की रिपोर्ट ने उड़ाई नींद, बेसन का सैंपल भी निकला घटिया जुलाई महीने में रूटीन टेस्टिंग के दौरान यह सैंपल कलेक्ट किया गया था। डिविजन की फाइंडिंग्स के मुताबिक, पानी का यह सैंपल तय मानकों पर खरा नहीं उतरा। सिर्फ पानी ही नहीं, बल्कि खाने-पीने की चीज़ों में इस्तेमाल होने वाले खुले बेसन का सैंपल भी क्वालिटी पैरामीटर्स में फेल पाया गया। यात्रियों के लिए यह केवल कोई लैबोरेटरी रिपोर्ट भर नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर उनकी सेहत से जुड़ा हुआ गंभीर मामला है, जो वे सफर के दौरान खाते और पीते हैं। भोपाल रेलवे डिविजन में रूटीन क्वालिटी चेक के दौरान रेल नीर और बेसन का सैंपल फेल हो गया है। भोपाल रेलवे डिविजन में रोजाना औसतन 1.14 लाख यात्री सफर करते हैं, जबकि अकेले भोपाल जंक्शन पर 150 से ज्यादा ट्रेनें रुकती हैं। मंडीदीप प्लांट से भोपाल डिविजन के स्टेशनों पर हर दिन करीब 5,000 रेल नीर की बोतलें सप्लाई होती हैं। इटारसी के बेस किचन में पहले भी छापेमारी कर एक्सपायरी और घटिया फूड मटीरियल नष्ट किया जा चुका है। क्या कहते हैं आंकड़े और यात्री? इस मामले की गंभीरता इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि हर दिन इस पर लाखों लोगों की जिंदगी निर्भर करती है। साल 2025-26 के दौरान भोपाल रेलवे डिविजन ने रोजाना लगभग 1.14 लाख यात्री सफर संभाले हैं। अकेले भोपाल जंक्शन पर रोज 150 से ज्यादा ट्रेनें रुकती हैं और करीब 70,000 यात्रियों का फुटफॉल रहता है। recent visitors 32

राहुल गांधी के छात्र संवाद से पहले नितिन नवीन का MP दौरा, तीन शहरों में कार्यक्रम

Nitin Naveen’s MP tour before Rahul Gandhi’s student dialogue, programs in three cities भोपाल । प्रदेश में इस माह दो बड़ी सियासी गतिविधियां होंगी। कांग्रेस सांसद और लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 19 सितंबर को इंदौर में प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से ठीक पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन 17 सितंबर को इंदौर आएंगे। नितिन नवीन के 17 सितंबर को इंदौर, मंदसौर और उज्जैन में तीन प्रमुख कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नवीन का मप्र का यह पहला दौरा होगा। इधर, राहुल गांधी के कार्यक्रम से पहले भाजपा ने कहा है कि जेन-जी किसी व्यक्ति के हाथ का खिलौना न बनें। ‘जेन-जी’ की समस्याओं के हल के लिए वह तत्पर है और नयी पीढ़ी को कथित साजिशों के जाल में फंसकर किसी व्यक्ति के हाथ का खिलौना नहीं बनना चाहिए। उज्जैन में दीपोत्सव कार्यक्रम में शामिल होंगे नितिन नवीन प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार नितिन नवीन ग्रामीण आबादी को जमीन का मालिकाना हक देने वाली स्वामित्व योजना के तहत इंदौर में निश्शुल्क रजिस्ट्री वितरण की शुरूआत करेंगे। नवीन उज्जैन में दीपोत्सव कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन और सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर उज्जैन में 17 सितंबर को बड़ा दीपोत्सव कार्यक्रम होगा। क्षिप्रा नदी के घाटों और महाकाल लोक क्षेत्र में करीब 25 लाख दीप जलाए जाने की तैयारी है। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन का इस आयोजन में भी शामिल होने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसके अलावा नवीन का मंदसौर के गांधी सागर अभयारण्य में चीतों को छोड़ने का भी प्रस्तावित कार्यक्रम है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने बताया कि 17 सितंबर को भाजपा के नितिन नवीन का दौरा प्रस्तावित है, जल्द ही उनका दौरा फाइनल होगा, जिसकी सूचना दी जाएगी। उषा ठाकुर बोंली, विद्यार्थियों की मांगें सुनकर उनके समाधान के लिए पूरी भाजपा तत्पर लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का इंदौर में 19 सितंबर को ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसको लेकर पूर्व मंत्री व प्रदेश भाजपा प्रवक्ता उषा ठाकुर ने कहा कि इस विद्यार्थी संवाद अभियान के तहत राहुल गांधी भाजपा को प्रश्नपत्र लीक,महंगी शिक्षा, सरकारी भर्तियों में अनियमितताओं और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर घेरने का प्रयास कर रहे हैं। ‘जेन-जी’ (जेनरेशन जेड) से तात्पर्य उस पीढ़ी से है जिसका जन्म मुख्य रूप से वर्ष 1997 से 2012 के बीच हुआ है। उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले दिनों हुए छात्र आंदोलन का जिक्र करते हुए मीडिया से कहा,‘‘हमारे नेतृत्व ने बच्चों की बात सुनी। उनकी समस्याओं का जो समाधान ढूंढना है, हम वह अवश्य ढूंढेंगे। विद्यार्थियों की मांगें सुनकर उनके समाधान के लिए पूरी भाजपा तत्पर है।’’ recent visitors 30

जबलपुर: पर्युषण पर्व पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, दोपहर 12 बजे तक जैन कर्मचारियों को अदालत आने की अनुमति

Jabalpur: High Court issues major verdict on Paryushan festival, Jain employees allowed to come to court till 12 noon विशेष संवाददाता जितेन्द्र श्रीवास्तव/अर्पिता श्रीवास्तव  जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पर्युषण पर्व के धार्मिक अनुष्ठानों को ध्यान में रखते हुए जैन धर्मावलंबी कर्मचारियों को दो घंटे की विशेष छूट प्रदान की है। मुख्य न्यायाधीश अल्पेश यशवंत कोगजे के निर्देश पर रजिस्ट्रार जनरल धर्मेंद्र सिंह ने सोमवार को आदेश जारी किया, जिसमें स्पष्ट किया गया कि जैन कर्मचारी 15 से 26 सितंबर तक सुबह 10 बजे के बजाय दोपहर 12 बजे तक कार्यालय पहुंच सकेंगे। जबलपुर, इंदौर और ग्वालियर पीठों में मिलेगी छूट यह सुविधा हाई कोर्ट की मुख्यपीठ जबलपुर, इंदौर और ग्वालियर पीठों में लागू होगी। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस विशेष सुविधा से न्यायालयीन कार्य प्रभावित नहीं होना चाहिए। संबंधित अधिकारियों को कार्यालयीन व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस निर्णय से जैन कर्मचारियों को पर्युषण पर्व के दौरान अपनी धार्मिक परंपराओं का पालन करने में सहायता मिलेगी। recent visitors 41