इनमोसा का 71वां स्थापना दिवस हर्षोल्लास से मनाया गया।

The 71st Foundation Day of INMOSA was celebrated with great enthusiasm.

माइनिंग सुपरवाइजर कंपनी की रीढ़, सुरक्षा प्रथम प्राथमिकता होनी चाहिए – वक्ताओं ने कहा।

हरिप्रसाद गोहे

आमला/पाथाखेड़ा/सारनी । इंडियन नेशनल माइनिंग ओवरमैन, सरदार, शॉटफायरर एसोसिएशन (इनमोसा) का 71वां स्थापना दिवस मंगलवार को वेकोलि क्षेत्रीय इनमोसा भवन, पाथाखेड़ा में गरिमामय समारोह के साथ मनाया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कोल इंडिया लिमिटेड के निदेशक (तकनीकी) अच्युत घटक ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं कंपनी में एक जिम्मेदार सिपाही के रूप में कार्य किया है। वर्ष 1989 से 2019 तक पाथाखेड़ा क्षेत्र में सेवा के दौरान उन्होंने वरिष्ठ माइनिंग सुपरवाइजरों के सहायक के रूप में कार्य कर खदान संचालन की बारीकियां सीखीं।

घटक ने कहा कि माइनिंग सुपरवाइजर एक लीडर की तरह होता है, जिसके खान के भीतर हमेशा आंख, नाक और कान खुले रहने चाहिए। लीडर की असली पहचान उसकी निर्णय लेने की क्षमता है। उन्होंने छतरपुर-1 खदान में हुई दुर्घटना का जिक्र करते हुए कहा कि बेहतर नेतृत्व और संवाद से ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।

उत्पादन से पहले सुरक्षा – वेकोलि निदेशक

वेकोलि के निदेशक (तकनीकी) योजना एवं परियोजना डॉ. अंजनी कुमार ने कहा कि उत्पादन, उत्पादकता और सुरक्षा पर निरंतर संवाद होना चाहिए। प्रथम प्राथमिकता हमेशा सुरक्षा होनी चाहिए, सुरक्षा सुनिश्चित होगी तो उत्पादन स्वतः होगा।

पाथाखेड़ा क्षेत्र के महाप्रबंधक जी.पी. खन्ना एवं जे.के. गुप्ता ने कहा कि माइनिंग कंपनी में माइनिंग सुपरवाइजर रीढ़ की हड्डी (बैकबोन) की तरह होता है, जिसके बिना खदान का संचालन संभव नहीं।

अनुभव से ही दुर्घटना रोकी जा सकती है

इनमोसा के केंद्रीय महासचिव पी.एन. मिश्रा ने समस्त सीआईएल के माइनिंग सुपरवाइजरों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पूर्व के सुपरवाइजरों के अनुभव और तजुर्बे से सीखना आज भी जरूरी है। नई पीढ़ी को डिग्री के साथ-साथ जमीनी अनुभव पर भी ध्यान देना होगा, अन्यथा अनुभव के अभाव में दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहेगी।

ये रहे उपस्थित

कार्यक्रम की जानकारी इनमोसा वेकोलि के उप-महासचिव गोकुल प्रसाद गोहे ने दी। उन्होंने बताया कि आयोजन को सफल बनाने में शाहिद अख्तर, आर.के. पटैया, ललित राठौर, रमेश अमरूते, अनिल चौरसिया, उमेश चौकीकर, शाबीर अली, असलम बेग, रज्जू गोहे, धर्मपाल चंचल, नियाज अहमद, अमित ऐरलू, अभिषेक मिश्रा, अंसूल साहू, प्रदीप कुमार, गुरुदत्त शर्मा सहित सभी पदाधिकारियों का सराहनीय योगदान रहा।

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