CGST Superintendent arrested in Bhopal while accepting a bribe; ₹72.5 lakh in cash recovered from his homes.
- भोपाल में CGST सुपरिंटेंडेंट रिश्वत लेते गिरफ्तार, घरों से ₹72.5 लाख नकद बरामद
- स्क्रैप कारोबारी से हर महीने ₹2 लाख की रिश्वत मांगने का आरोप, भोपाल और कानपुर स्थित आवासों पर CBI की तलाशी
भोपाल। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भोपाल में केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) विभाग के सुपरिंटेंडेंट राजेश कुमार गुप्ता को कथित तौर पर दो लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के बाद अधिकारी के भोपाल और कानपुर स्थित आवासों पर तलाशी ली गई, जहां से 72.5 लाख रुपये नकद और महंगी संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज मिलने की जानकारी सामने आई है।
CBI के अनुसार, अधिकारी पर एक स्क्रैप कारोबारी से रिश्वत मांगने का आरोप है। शिकायत में दावा किया गया कि कारोबारी के वाहनों की जांच नहीं करने, माल से लदे वाहनों को नहीं रोकने और कारोबार निर्बाध रूप से चलने देने के बदले हर महीने दो लाख रुपये मांगे जा रहे थे। शिकायत के आधार पर एजेंसी ने कार्रवाई की और कथित तौर पर रिश्वत लेते अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया।
तलाशी में ₹72.5 लाख नकद, संपत्तियों के दस्तावेज भी मिले
गिरफ्तारी के बाद CBI की टीम ने भोपाल और कानपुर स्थित आवासों की तलाशी ली। इस दौरान 72.5 लाख रुपये नकद और संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज बरामद किए गए। जांच एजेंसी अब नकदी के स्रोत और संपत्तियों से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है।
मामले में अन्य लोगों की संभावित भूमिका की भी जांच की जा रही है। हालांकि, बरामद नकदी या संपत्ति के दस्तावेज अपने आप में अवैध कमाई का प्रमाण नहीं हैं। जांच के निष्कर्ष और अदालत में सामने आने वाले साक्ष्य ही आरोपों की पुष्टि या खंडन का आधार होंगे।