जबलपुर में नर्मदा नदी पर बनेगा 150 मीटर लंबा ब्रिज, हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम के सेंसर से होगी निगरानी

A 150-meter-long bridge will be built over the Narmada River in Jabalpur; it will be monitored by sensors from a health monitoring system. विशेष संवाददाता जितेन्द्र श्रीवास्तव अर्पिता श्रीवास्तवजबलपुर। जबलपुर की 114 किलोमीटर लंबी आउटर रिंग रोड परियोजना का करीब 75 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। लगभग 3500 करोड़ रुपये की इस परियोजना में नर्मदा नदी पर 150 मीटर स्पान पर एक्स्ट्राडोज्ड ब्रिज बनाया जा रहा है। इसे मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। वहीं, अमझर से बरेला तक के पांचवें पैकेज में करीब 30 प्रतिशत काम हुआ है, जिसे दिसंबर 2027 तक पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। रिंग रोड बनने से शहर के भीतर भारी वाहनों का दबाव कम होने और प्रमुख राजमार्गों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। ब्रिज की तकनीकी बारीकियों का निरीक्षणयह जानकारी शनिवार को एनएचएआई के अधिकारियों ने पत्रकारों के साथ रिंग रोड़ निर्माण के निरीक्षण के दौरान कही। उन्होंने बरेला से मनेगांव के बीच नर्मदा नदी पर बन रहे केबल ब्रिज की तकनीकी बारीकियों को देखा और पत्रकारों के सवालों के जवाब दिए।एनएचएआई के प्रोजेक्ट प्रभारी पीयूष रंजन ने दावा किया कि एनएचएआई में यह प्रदेश का पहला केबल ब्रिज है, जो केबल के साथ पिलर पर भी खड़ा है। करीब एक किमी लंबे इस ब्रिज का मुख्य भाग में लगे पिलर के बीच करीब 150 मीटर की दूरी है, जो इसे और मजबूत और आकर्षित बनाता है। उन्होंने बताया कि इस केबल ब्रिज का निर्माण पूरा होने के बाद इसमें एडवांस हेल्थ मानिटरिंग सिस्टम के सेंसर लगाए जाएंगे। इनसे पुल के झुकाव और केबलों के तनाव में होने वाले बदलावों की रियल टाइम निगरानी की जाएगी।डेटा को एटीएमएस कंट्रोल सेंटर से जोड़ने की योजना है। अधिकारियों के अनुसार, स्वतंत्र इंजीनियर इसकी निगरानी करेंगे, ताकि संभावित तकनीकी खामियों का समय रहते पता लगाकर सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें। अधिकारियों ने पुलों और प्रमुख संरचनाओं की डिजाइन लाइफ करीब 100 वर्ष बताई है। पुल में लगेंगे प्रोफाइल लाइटिंगनर्मदा पर बन रहे एक्स्ट्राडोज्ड ब्रिज में 150 मीटर का स्पान रखा गया है। सामान्य तकनीक से 50-50 मीटर के स्पान बनाने पर करीब 10 फाउंडेशन की जरूरत होती, जबकि इस डिजाइन में तीन से चार फाउंडेशन से काम पूरा करने की योजना है।इससे नदी के भीतर निर्माण करने में लगने वाले अतिरिक्त प्रयास और संसाधनों की बचत होगी। ब्रिज के एक हिस्से में छह केबल लगाने का काम पूरा हो चुका है। पुराने पुल के जीर्णोद्धार और फसाड लाइटिंग का प्रस्ताव भी है, ताकि घाट की ओर से इसका दृश्य आकर्षक दिखाई दे। पूरी रिंग रोड पर सर्विस रोड एनएचएआई के प्रबंधक तकनीकी पारस बंसल ने बताया कि इस पूरे रिंग रोड़ पर सर्विस रोड भी बनाई है। मुख्य सड़क का उपयोग तेज और भारी वाहनों के लिए होगा, जबकि सर्विस रोड से स्थानीय लोगों को आवाजाही की सुविधा मिलेगी।इससे स्थानीय और तेज गति वाले यातायात के बीच टकराव कम करने में मदद मिल सकती है। मुख्य सड़क से जुड़ने के लिए पैकेज-1 में पांच, पैकेज-2 में छह, पैकेज-3 में आठ और पैकेज-4 में चार प्रवेश-निकास बिंदु रखे गए हैं। पैकेज-5 में एक्सेस कंट्रोल के तहत केवल दो बिंदु प्रस्तावित हैं। पांच साल तक ठेकेदार की जिम्मेदारी पत्रकारों से चर्चा करते हुए एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि निर्माण पूरा होने के बाद पांच साल तक सड़क के रखरखाव की जिम्मेदारी संविदाकार की होगी। इसके बाद सरकार यातायात की संभावनाओं और वित्तीय जरूरतों के आधार पर सामान्य रखरखाव या मुद्रीकरण पर निर्णय लेगी। उन्होंने नईदुनिया के एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि डामर और सीमेंट-कंक्रीट सड़क में से किस तकनीक का उपयोग किया जाए, यह लागत, यातायात और रखरखाव की जरूरतों पर निर्भर करता है। टायर फटने की घटनाओं के लिए केवल सीसी सड़क को जिम्मेदार नहीं माना जा सकता, तेज गति, टायर का दबाव, ओवरलोडिंग और खराब स्थिति भी इसके कारण हो सकते हैं। recent visitors 30

आज इंडिया ब्लॉक का ‘सुप्रीम’ मार्च, कांग्रेस मुख्यालय में तैयारियां तेज; दिल्ली में नेताओं का जुटना शुरू

INDIA bloc’s ‘Supreme’ march today; preparations intensify at Congress headquarters; leaders begin gathering in Delhi. चुनाव आयोग में कथित अनियमितता को लेकर विपक्ष लामबंद दिख रहा है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के साथ दिल्ली में आंदोलन हो रहा है। आज विपक्षी दलों के गठबंधन- इंडिया ब्लॉक के नेताओं के मार्च, विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने व्यापक बंदोबस्त किए हैं इंडिया गठबंधन के मार्च पर क्या बोले राजभर?उत्तर प्रदेश के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने दिल्ली में इंडिया गठबंधन के विरोध प्रदर्शन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जनता ने गठबंधन को नकार दिया है और उसके पास कोई सबूत नहीं है। राजभर ने कहा कि ज्ञानेश कुमार एक साल से चुनाव आयुक्त हैं, जबकि अखिलेश यादव को उत्तर प्रदेश की सत्ता से बाहर हुए 10 साल और कांग्रेस को 30 साल हो चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि एसआईआर की प्रक्रिया 1952 से चली आ रही है। जेएनयू के सुरक्षा अधिकारी की शिकायत पर एफआईआर दर्ज, कांग्रेस सांसद का नाम भी शामिलदिल्ली पुलिस ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के मुख्य सुरक्षा अधिकारी की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की है। 11 अक्तूबर 2026 को दर्ज इस एफआईआर में कांग्रेस के लोकसभा सांसद और जेएनयू के प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजाम का नाम भी शामिल है। पुलिस ने वसंत कुंज नॉर्थ थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 75, 75(1)(i), 75(1)(iv) और 79 के तहत मामला दर्ज किया है। recent visitors 30

भोपाल में CGST सुपरिंटेंडेंट रिश्वत लेते गिरफ्तार, घरों से ₹72.5 लाख नकद बरामद

CGST Superintendent arrested in Bhopal while accepting a bribe; ₹72.5 lakh in cash recovered from his homes. भोपाल। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भोपाल में केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) विभाग के सुपरिंटेंडेंट राजेश कुमार गुप्ता को कथित तौर पर दो लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के बाद अधिकारी के भोपाल और कानपुर स्थित आवासों पर तलाशी ली गई, जहां से 72.5 लाख रुपये नकद और महंगी संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज मिलने की जानकारी सामने आई है। CBI के अनुसार, अधिकारी पर एक स्क्रैप कारोबारी से रिश्वत मांगने का आरोप है। शिकायत में दावा किया गया कि कारोबारी के वाहनों की जांच नहीं करने, माल से लदे वाहनों को नहीं रोकने और कारोबार निर्बाध रूप से चलने देने के बदले हर महीने दो लाख रुपये मांगे जा रहे थे। शिकायत के आधार पर एजेंसी ने कार्रवाई की और कथित तौर पर रिश्वत लेते अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी में ₹72.5 लाख नकद, संपत्तियों के दस्तावेज भी मिलेगिरफ्तारी के बाद CBI की टीम ने भोपाल और कानपुर स्थित आवासों की तलाशी ली। इस दौरान 72.5 लाख रुपये नकद और संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज बरामद किए गए। जांच एजेंसी अब नकदी के स्रोत और संपत्तियों से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है।मामले में अन्य लोगों की संभावित भूमिका की भी जांच की जा रही है। हालांकि, बरामद नकदी या संपत्ति के दस्तावेज अपने आप में अवैध कमाई का प्रमाण नहीं हैं। जांच के निष्कर्ष और अदालत में सामने आने वाले साक्ष्य ही आरोपों की पुष्टि या खंडन का आधार होंगे। recent visitors 32

जबलपुर में सजेगा ‘Power of Women Garba Maharaas’, महिलाओं के हुनर और उत्साह को मिला मंच

Jabalpur to host ‘Power of Women Garba Maharaas’, a platform to showcase women’s talent and enthusiasm विशेष संवाददाता: जितेन्द्र श्रीवास्तव/अर्पिता श्रीवास्तव जबलपुर। महिलाओं की प्रतिभा, आत्मविश्वास और पारंपरिक संस्कृति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से Power of Women Garba Maharaas का आयोजन रविवार, 11 अक्टूबर से होटल डिलाइट पैलेडियम में किया जा रहा है। आयोजन में गरबा और डांडिया के रंगों के साथ महिलाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम दोपहर 2 बजे शुरू किया गया। इसके साथ ही तीन दिवसीय गरबा वर्कशॉप भी रखी गई है, जिसमें प्रतिभागी गरबा नृत्य की बारीकियां सीख सकेंगे। आयोजकों ने कार्यक्रम में भाग लेने वाली महिलाओं और बच्चों के लिए अलग-अलग शुल्क निर्धारित किया है। प्रतिभागियों के लिए निर्धारित शुल्क प्रति व्यक्ति प्रवेश शुल्क ₹600 और पांच वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों के लिए ₹450 निर्धारित किया गया है। आयोजकों की ओर से शुरुआती 30 रजिस्ट्रेशन करने वालों के लिए पुरस्कारों की घोषणा की गई है। इसके अलावा विजेताओं और टाइटल होल्डर्स के लिए भी विभिन्न पुरस्कार रखे जाने की जानकारी दी गई है। कार्यक्रम में फलाहारी भोजन की व्यवस्था भी रहेगी। आयोजन से जुड़ी टीम प्रियंका पोद्दार पटेल कार्यक्रम की डायरेक्टर हैं। पारुल नौग्रैया, प्रीति दुबे, प्रतिमा श्रीवास्तव और ज्योति श्रीवास्तव को-डायरेक्टर के रूप में जुड़ी हैं। एडवाइजरी पैनल में दीपा तिवारी, संगीता तिवारी, नीलम चौधरी, रीना प्रसाद और मनीषा पटेल के नाम शामिल हैं। यह आयोजन गरबा प्रेमियों को पारंपरिक नृत्य, उत्सव और सांस्कृतिक सहभागिता का अवसर प्रदान करेगा। कार्यक्रम में शामिल होने तथा रजिस्ट्रेशन संबंधी जानकारी के लिए पोस्टर पर दिए गए संपर्क नंबर 8085707393 पर संपर्क किया जा सकता है। recent visitors 36