महाकुंभ नगर
मकर संक्रांति से लेकर महाशिवरात्रि तक आयोजित होने वाले महाकुंभ मेले में एक विशेष लंगर सेवा का आयोजन किया जाएगा। यह सेवा विश्व हिंदू परिषद (VHP) के विदर्भ प्रांत की ओर से संचालित की जाएगी, जो श्रद्धालुओं और साधु-संतों के लिए भोजन उपलब्ध कराएगी। विश्व हिंदू परिषद द्वारा साधु-संतों के लिए निवास की व्यवस्था की जाएगी और वहीं पर यह लंगर सेवा चलाई जाएगी।

लंगर सेवा की टाइमिंग?

इस सेवा का मुख्य उद्देश्य महाकुंभ में आए श्रद्धालुओं को बिन मांगे भोजन देना और उनके धार्मिक कर्तव्यों में सहयोग करना है। महाकुंभ मेला 13 जनवरी से 27 फरवरी तक चलेगा। इस दौरान रोजाना सुबह 10:00 बजे से रात 10:00 बजे तक यह लंगर सेवा चलती रहेगी। यह सेवा विश्व हिंदू परिषद के सेवा विभाग, धर्माचार्य संपर्क विभाग और मंदिर अर्चक पुरोहित आयाम विदर्भ प्रांत की ओर से संचालित की जाएगी।

15,000 श्रद्धालुओं के लिए इंतजाम

इस सेवा का लाभ प्रतिदिन करीब 15,000 श्रद्धालु उठाएंगे। कुंभ मेले में आने वाले साधु-संतों को विशेष सम्मान के साथ चौरंग और पाटे पर बैठाकर भोजन कराया जाएगा। यह सेवा उन लाखों श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण है जो हर साल इस महाकुंभ में भाग लेने के लिए दूर-दूर से आते हैं।

अयोध्या की तर्ज पर प्रयागराज में

इससे पहले 2023 में अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान भी विश्व हिंदू परिषद के विदर्भ प्रांत ने एक महीने तक लंगर सेवा का आयोजन किया था, जिसमें लगभग 20 लाख श्रद्धालुओं को भोजन उपलब्ध कराया गया था। प्रयागराज में यह सेवा उसी तर्ज पर चलाए जाने की योजना है।

भोजन सामग्री दान करने की अपील

महाकुंभ मेला हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण और पवित्र आयोजन है, जो हर 12 साल में एक बार आयोजित होता है। इस मेले में करोड़ों श्रद्धालु अपने पुण्य लाभ के लिए डुबकी लगाते हैं। महाकुंभ मेले में इस बार लगभग 35 करोड़ श्रद्धालुओं के शामिल होने का अनुमान है। विश्व हिंदू परिषद ने महाकुंभ के आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं से आह्वान किया है कि वे इस पुण्य अवसर पर अनाज और अन्य भोजन सामग्री दान करें।

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