MY SECRET NEWS

Thursday, April 9, 2026 12:55 pm

Ambedkar’s Story: Struggle for Social Change

बाबा साहेब आम्बेड़कर की जयंती हर साल धूम धाम से मनाई जाती है। प्रश्न यह है कि जिन मूल्यों के लिए डॉ. आम्बेड़कर ने जीवन भर संघर्ष किया, वे मूल्य अब कहाँ हैं? प्रश्न यह है कि उन दलितों की जिनकी बेहतरी के लिए डॉ. आम्बेड़कर ने अपना जीवन होम कर दिया आज क्या स्थिति है?

दलितों और समाज के अन्य दबे-कुचले वर्गों के अतिरिक्त, इस देश के क्रांतिकारी बुद्धिजीवियों के लिए डॉ. आम्बेड़कर आज भी एक महानायक हैं। जो राजनैतिक दल, सामाजिक न्याय के विरोधी हैं, वे तक डॉ. आम्बेड़कर के विरुद्ध एक शब्द बोलने की हिम्मत नहीं कर सकते।

बाबा साहेब, सामाजिक परिवर्तन के प्रतीक हैं। वे जमींदारों की आर्थिक गुलामी और ऊँची जातियों की सामाजिक गुलामी से दलितों की मुक्ति के भी अक्षय प्रतीक हैं। पी.एच.डी. और डी. एस.सी. होते हुए भी उन्हें अपने कार्यस्थल पर अपमान सहना पड़ा। उन्हें यह समझते देर नहीं लगी कि राजनैतिक स्वतंत्रता तब तक अर्थहीन रहेगी जब तक उसके साथ-साथ सामाजिक बदलाव नहीं होता; जब तक शूद्रों और महिलाओं को गुलामी से मुक्ति नहीं मिलती। राष्ट्रीय आंदोलन में उन्होंने इन्हीं लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए काम किया।

Loading spinner
यूजफुल टूल्स
QR Code Generator

QR Code Generator

Age Calculator

Age Calculator

Word & Character Counter

Characters: 0

Words: 0

Paragraphs: 0