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नई दिल्ली
इंडिया और ऑस्ट्रेलिया के बीच जो टेस्ट सीरीज खेली जाती है, उसे कुछ दशक पहले बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी का नाम दिया गया था। ये ट्रॉफी ऑस्ट्रेलिया के महान बल्लेबाज एलन बॉर्डर और भारत के महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर के नाम पर पड़ी थी, लेकिन कहा जा रहा है कि ऑस्ट्रेलिया ने भारतीय दिग्गज का अपमान 2024-25 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी जीतने पर किया। ऑस्ट्रेलिया ने भारत को सिडनी में हराकर जब 3-1 से बीजीटी को जीता तो उस ट्रॉफी को देने के लिए क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने सिर्फ एलन बॉर्डर को बुलाया, जबकि सुनील गावस्कर भी ग्राउंड में मौजूद थे। गावस्कर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के इस रवैये से नाराज हैं।

महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने अपने और एलन बॉर्डर के नाम पर दी जाने वाली ट्रॉफी ऑस्ट्रेलियाई टीम को प्रदान करने के लिए बुलाये नहीं जाने पर नाराजगी जताई। ऑस्ट्रेलिया ने पांचवें और आखिरी टेस्ट में भारत को 6 विकेट से हराकर दस साल में पहली बार बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी जीती। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान एलन बॉर्डर ने ऑस्ट्रेलियाई टीम को ट्रॉफी प्रदान की, जबकि उस समय मैदान पर मौजूद होने के बावजूद गावस्कर को इसके लिए बुलाया नहीं गया। हालांकि, ऐसा पहली बार नहीं था। 2018-19 में एलन बॉर्डर ने ही भारत को ट्रॉफी थमाई थी। 2020-21 में कोरोना के कारण ने अजिंक्य रहाणे ने अकेले ट्रॉफी उठाकर टीम को थमाई थी। 2022-23 में खुद सुनील गावस्कर ने रोहित शर्मा को बीजीटी ट्रॉफी थमाई थी।

वहीं, गावस्कर ने इसके बाद में कोड स्पोटर्स से कहा, "मुझे पुरस्कार वितरण समारोह में जाकर खुशी होती। आखिरकार यह बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी है और ऑस्ट्रेलिया तथा भारत से जुड़ी है। मैं मैदान पर ही था। मुझे फर्क नहीं पड़ता कि ट्रॉफी ऑस्ट्रेलिया को दी जा रही थी। उन्होंने बेहतर क्रिकेट खेला और जीते। ठीक है। सिर्फ इसलिए कि मैं एक भारतीय हूं। अपने अच्छे दोस्त एलन बॉर्डर के साथ ट्रॉफी प्रदान करके मुझे खुशी होती।’’ बता दें कि भारत और ऑस्ट्रेलिया 1996-97 से बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के लिए खेल रहे हैं। चार बार भारत इसे जीत चुका है।

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