फारूक अब्दुल्ला की पहलगाम से अपील- देश भर से आएं लोग, खत्म हो गया कश्मीर में डर का माहौल

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम और नेशनल कॉन्फ्रेंस के चीफ फारूक अब्दुल्ला का कहना है कि कश्मीर में अब डर का माहौल काफी हद तक खत्म हो गया है। उन्होंने देश भर के लोगों से आग्रह किया कि वे कश्मीर में खूबसूरती का आनंद लेने के लिए आएं। अब्दुल्ला ने विदेश मंत्रालय से आग्रह किया कि वह जम्मू-कश्मीर की यात्रा के खिलाफ कुछ देशों की ओर से जारी निगेटिव ट्रैवल गाइडलाइन को रद्द कराने का प्रयास करे। पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के बाद कश्मीर में पर्यटन प्रभावित हुआ है। इस आतंकवादी हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी। अब्दुल्ला ने कहा, 'यहां (पहलगाम हमला) जो हुआ वह बहुत दुखद है, ऐसा नहीं होना चाहिए था। लोग यहां खुशी-खुशी आ रहे थे। लोग अपने काम में व्यस्त थे, वे सरकारी नौकरी नहीं मांग रहे थे। पहलगाम में स्थिति ऐसी थी कि यहां कमरे उपलब्ध नहीं थे।'सीनियर लीडर ने पर्यटक रिसॉर्ट का दौरा किया और कुछ मित्रों के साथ पहलगाम गोल्फ कोर्स में गोल्फ खेला। उन्होंने कहा कि हालांकि हमले से भय का माहौल पैदा हुआ है, लेकिन सरकार ने घाटी में सुरक्षा स्थिति सुधारने के लिए कुछ कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा, 'यहां डर का माहौल था, लेकिन मुझे लगता है कि अब डर का माहौल काफी हद तक कम हो गया है। आप देख सकते हैं कि कितने लोग पहलगाम आ रहे हैं। मैं गुलमर्ग में था, वहां 400-500 पर्यटक थे।' उन्होंने कहा, 'अल्ला का शुक्र है कि अब डर खत्म हो रहा है। सरकार ने भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कुछ कदम उठाए हैं। मुझे लगता है कि लोगों को आगे आना चाहिए।' पूर्व केंद्रीय मंत्री ने केंद्र से अपील की कि वह उन देशों से बातचीत करे, जिन्होंने अपने नागरिकों को जम्मू कश्मीर नहीं जाने के लिए परामर्श जारी किया है, ताकि ये पाबंदियां हटाई जा सकें। उन्होंने स्पष्ट रूप से पाकिस्तान का हवाला देते हुए कहा, 'मैं केंद्र सरकार और विदेश मंत्री से भी अनुरोध करता हूं कि अब समय आ गया है कि विदेशों द्वारा भारत आने पर लगाए गए प्रतिबंध हटा दिए जाएं। दोनों देशों में शांति आ गई है और हम आशान्वित हैं कि शांति बनी रहेगी। उन्हें भी यहां आने की अनुमति मिलनी चाहिए क्योंकि वे भी इस जगह को देखना चाहते हैं। इनमें से कई गोल्फ खिलाड़ी हैं, मैं आशा करता हूं कि वे आएंगे।' अब्दुल्ला ने कहा कि बहुत से लोग गोल्फ खेलते हैं और इस खेल को अब खेलो इंडिया गेम्स में भी जगह मिल गई है। उन्होंने कहा, 'यह खेल ओलंपिक, राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों में खेला जाता है, इसलिए अब इसे हर जगह खेले जाने की जरूरत है। मेरा मानना ​​है कि हमारे लोगों को बड़ी संख्या में यहां आना चाहिए और इस खेल को खेलना चाहिए ताकि भारत को इन खेलों में पदक मिल सके।' कश्मीर की प्राकृतिक सुंदरता की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा, "इस मौसम और सुंदरता को देखिए, मैंने दुनिया भर में विभिन्न स्थानों की यात्रा की है, लेकिन मैंने कहीं भी ऐसी सुंदरता नहीं देखी है। मुझे उम्मीद है कि आपके चैनल को देखने वाले लोग बड़ी संख्या में यहां आएंगे, इस सुंदरता को देखेंगे और देश को मजबूत बनाएंगे। हमें डरना नहीं चाहिए, अगर हम डर गए, तो हम मर चुके हैं।' अमरनाथ यात्रा पर बोले- यह अहम है, भोले नाथ के होंगे दर्शन अब्दुल्ला ने तीन जुलाई से शुरू होने वाली वार्षिक अमरनाथ यात्रा के बारे में कहा कि यह तीर्थयात्रा हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, 'यह कई वर्षों से जारी है। मुझे उम्मीद है कि अधिक से अधिक तीर्थयात्री यहां आएंगे और शंकर भगवान, भोले नाथ के दर्शन करेंगे तथा अपने घर जाकर लोगों को बताएंगे कि यह स्थान कितना सुंदर है।' जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा अपने मंत्रिपरिषद की बैठक तथा बाद में पहलगाम में पर्यटन हितधारकों के साथ बैठक के बारे में पूछे गए सवाल पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष ने कहा कि यह महत्वपूर्ण है और इससे शांति का संदेश जाएगा। 'यहां पूरी कैबिनेट है तो लोगों को पॉजिटिव मेसेज मिलेगा' उन्होंने कहा, 'एक बार लोगों को पता चलेगा कि पूरा मंत्रिमंडल यहां है और यहां शांति है। वे हितधारकों से भी मिलेंगे। इसका भी असर होगा क्योंकि यहां के लोग सबसे ज्यादा परेशानी का सामना कर रहे हैं।' उन्होंने कहा, "इन लोगों ने ऋण लिए हैं, कुछ ने घर और होटल की मरम्मत के लिए, कुछ ने टैक्सी और घोड़ों के लिए। मुझे उम्मीद है कि हमारे देश से और ज्यादा लोग यहां आएंगे और हम उन्हें दिखाएंगे कि हमने पहले भी मेहमाननवाजी की है और आगे भी करेंगे।' पांच सालों में हमारी सरकार बहुत से बदलाव लाएगी पार्टी में खासकर श्रीनगर लोकसभा सांसद आगा सैयद रुहुल्ला मेहदी के साथ मतभेदों की खबरों पर उन्होंने कहा, 'हमारी पार्टी को तोड़ने की कोशिशें हमेशा होती रही हैं, लेकिन नेतृत्व परेशान नहीं है। यह हमारे लिए नई बात नहीं है, यह मेरे और मेरे पिता के समय भी होता रहा है। हमें क्यों चिंता करनी चाहिए?' उन्होंने कहा, 'हम यहां लोगों की समस्याएं हल करने के लिए हैं और हम ऐसा करेंगे, इंशा अल्लाह। आप देखिए कि अगले पांच सालों में इस राज्य में कितना बदलाव आएगा।'   recent visitors 65

बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में बना कम दबाव का क्षेत्र धीरे-धीरे तेज होता जा रहा, 4 राज्यों में खूब बरसेंगे बादल

महाराष्ट्र जहां उत्तर भारत में गर्मी पूरे उरूज पर है वहीं महाराष्ट्र और पश्चिमी घाट के तटवर्ती राज्यों में बारिश ने कहर ढा रखा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की ताजा चेतावनी के अनुसार देश के कई हिस्सों में आने वाले दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश के आसार हैं। बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में बना कम दबाव का क्षेत्र धीरे-धीरे तेज होता जा रहा है, जिससे दक्षिण-पश्चिम मॉनसून को मजबूती मिल रही है। साथ ही 29 मई से उत्तर भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने वाला है जिससे हिमालयी क्षेत्रों और मैदानी इलाकों जैसे पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में मौसम बिगड़ सकता है। दक्षिण भारत में भारी बारिश का कहर केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में अगले 5-6 दिनों तक मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी गई है। 27 से 30 मई तक केरल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु के कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी वर्षा हो सकती है। तूफानी हवाएं 50-70 किमी/घंटा तक की रफ्तार पकड़ सकती हैं। वहीं कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र और गुजरात में भी बारिश का जोर रहेगा। 27 मई को कोंकण के घाट क्षेत्रों और मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश के आसार हैं। रायगढ़, रत्नागिरी और पुणे जिलों के लिए फ्लैश फ्लड का अलर्ट जारी किया गया है। उत्तर और पूर्व भारत में राहत कब तक 29 मई तक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से उत्तराखंड, हिमाचल, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिससे गर्मी थोड़ी बहुत निजात मिलती नजर आएगी। हिमाचल में ओलावृष्टि की भी आशंका है। पूर्वी राज्यों में जैसे बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में अगले कुछ दिनों तक गरज और बिजली के साथ बारिश का दौर जारी रहेगा। दिल्ली-एनसीआर का क्या हाल वहीं राजधानी क्षेत्र में अधिकतम तापमान 37-39 डिग्री के बीच रहेगा। 29-30 मई को आंशिक बादलों के साथ गरज-चमक और हल्की बारिश हो सकती है। तेज़ हवाओं की गति 60 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है।   recent visitors 51

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सीमापार पाकिस्तानी चौकियों को ध्वस्त करने के लिए किन घातक हथियारों का किया इस्तेमाल

नई दिल्ली सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सीमापार पाकिस्तानी चौकियों को ध्वस्त करने के लिए किन घातक हथियारों का इस्तेमाल किया, मंगलवार को उनका प्रदर्शन किया। बीएसएफ ने इस ऑपरेशन में विध्वंसक एंटी-मटेरियल राइफल, ऑटोमैटिक ग्रेनेड लॉन्चर सिस्टम, 12.7 मिमी एंटी-एयरक्राफ्ट गन और मीडियम मशीन गन जैसे हथियार यूज किए। BSF के एक जवान ने बताया, 'यह विध्वंसक एंटी-मटेरियल राइफल है, जिसकी मारक क्षमता 1300 से 1800 मीटर तक है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस हथियार ने दुश्मन के टावरों और बंकरों को नष्ट कर दिया।' बीएसएफ ने ऑटोमैटिक ग्रेनेड लॉन्चर सिस्टम का भी प्रदर्शन किया। एक जवान ने बताया, 'यह सिस्टम ऑपरेशन सिंदूर में बहुत प्रभावी साबित हुआ। इसने पाकिस्तानी चौकियों, ठिकानों और उनके बुलेटप्रूफ वाहनों को नष्ट कर दिया। इसकी रेंज 1700-2100 मीटर है और इसका ग्रेनेड 10 मीटर के क्षेत्र में घातक प्रभाव डालता है।' बीएसएफ ने 12.7 मिमी एंटी-एयरक्राफ्ट गन का उपयोग पाकिस्तान की ओर से आने वाले ड्रोनों को मार गिराने के लिए किया। एक जवान ने बताया, 'इस गन ने दुश्मन के टैंक, कैंप और ड्रोन नष्ट किए। ऑपरेशन सिंदूर में हमने दुश्मन की चौकियों को तबाह कर उनकी सीमा चौकियों को खाली करने पर मजबूर कर दिया।' मीडियम मशीन गन ने भी किया कमाल मीडियम मशीन गन ने भी पाकिस्तानी बंकरों को नेस्तनाबूद किया। एक जवान ने कहा, 'इस गन से हमने पाकिस्तानी चौकियों और ड्रोनों को नष्ट किया। यह प्रति मिनट 600-1000 राउंड फायर कर सकती है।' इस तरह ऑपरेशन सिंदूर में बीएसएफ ने अपनी रणनीति, हथियारों की ताकत और जवानों के जोश के दम पर पाकिस्तान को करारा जवाब दिया। असिस्टेंट कमांडेंट नेहा भंडारी ने क्या बताया बीएसएफ की असिस्टेंट कमांडेंट नेहा भंडारी ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एक फॉरवर्ड पोस्ट की कमान संभाली थी। उन्होंने कहा, 'हमारा जोश बहुत ऊंचा था। हमारी जिम्मेदारी थी कि किसी भी घुसपैठ को रोका जाए, पाकिस्तान को करारा जवाब दिया जाए और अंतरराष्ट्रीय सीमा को सुरक्षित रखा जाए। हमने अपने घातक हथियारों से दुश्मन पर हमला किया। इस ऑपरेशन में महिला और पुरुष बीएसएफ जवानों ने एकसाथ कंधे से कंधा मिलाकर कर्तव्य निभाया।' बीएसएफ जवान शंकरी दास ऑपरेशन के दौरान फॉरवर्ड पोस्ट पर तैनात थे। उन्होंने कहा, 'हमने अपनी महिलाओं के 'सिंदूर' को मिटाने की कोशिश करने वाले पाकिस्तान से बदला लिया है।'   recent visitors 57

विकसित कृषि संकल्प यात्रा 29 मई से होगी प्रारंभ, वर्षा ऋतु के मद्देनजर सतर्कता बरतने के निर्देश

महासमुंद कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह की अध्यक्षता में आज समय-सीमा की बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें सुशासन तिहार अंतर्गत प्राप्त लंबित आवेदनों के अतिशीघ्र निराकरण हेतु सभी विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री एस. आलोक, अपर कलेक्टर श्री रवि साहू, अनुविभागीय अधिकारीगण एवं अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ अभियान की तैयारियों की समीक्षा की गई। यह अभियान 5 जून से 30 सितंबर तक चलेगा, जिसके अंतर्गत स्कूल, आंगनबाड़ी, पंचायत भवन, अमृत सरोवर, तालाबों एवं माइनिंग क्षेत्रों में फलदार पौधे लगाए जाएंगे। वन विभाग ने बताया कि इस वर्ष 10 लाख पौधे तैयार किए गए हैं, जिनमंा से 2 लाख पौधे नर्सरियों में उपलब्ध हैं। अभियान में अंतर्विभागीय समन्वय एवं नागरिक सहभागिता बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए। प्रधानमंत्री आवासों के आसपास भी पौधारोपण किया जाएगा। साथ ही, पौधा वितरण के लिए टोलफ्री नंबर और केंद्रों की सूची जारी करने हेतु वन विभाग को निर्देशित किया गया। बैठक में “विकसित कृषि संकल्प यात्रा“ की तैयारी पर भी चर्चा हुई। यह यात्रा 29 मई से आरंभ होगी। कलेक्टर श्री लंगेह ने इसके प्रचार-प्रसार हेतु दृश्य एवं श्रव्य माध्यमों का उपयोग करने के निर्देश दिए हैं। किसानों से प्राप्त सुझावों का संकलन किया जाएगा। विशेष रूप से मिलेट्स की खेती को बढ़ावा देने और धान की फसल के स्थान पर नकदी फसलों को प्रोत्साहित करने पर बल दिया गया। सफल किसानों के अनुभवों को साझा करने की योजना भी बनाई गई। ग्रामीण क्षेत्रों में जल संचयन को बढ़ावा देने के लिए ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान के अंतर्गत सभी जनपदों को कम से कम 25 जल संरचनाओं के निर्माण का प्रस्ताव देने को कहा गया है। बसना और सरायपाली जनपदों को इससे अधिक प्रस्ताव देने की अनुमति दी गई है। खुले बोरवेल को तत्काल बंद करने के लिए पीएचई विभाग को निर्देश दिए गए हैं, विशेषकर स्कूलों, आंगनबाड़ी और खेतों के समीप के बोरवेलों को प्राथमिकता दी जाए। कलेक्टर ने आगामी बरसात को ध्यान में रखते हुए आकाशीय बिजली से सतर्क रहने हेतु ’दामिनी ऐप’ के उपयोग की सलाह दी गई। पीएचई विभाग को पेयजल टंकियों में क्लोरिनेशन और स्वच्छता सुनिश्चित करने तथा पाइप लाइन में किसी भी प्रकार की लीकेज न हो, इसका प्रमाण पत्र जमा करने को कहा गया। साथ ही कलेक्टर ने राजस्व विभाग, स्वामित्व योजना, लोक सेवा गारंटी अधिनियम की समीक्षा की गई। साथ ही आवारा पशुओं को मुख्य मार्ग से हटाने के निर्देश दिए गए। आबकारी और पुलिस विभाग को अवैध शराब बिक्री पर रोक लगाने लगातार कार्रवाई के निर्देश दिया गया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को मौसमी बीमारियों से सतर्क रहने हेतु अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए। सभी सीएमओ को नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने और साफ-सफाई का कार्य तेज़ करने को कहा गया। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया के अंतर्गत अतिशेष शिक्षकों की सूची तैयार कर ली गई है और शीघ्र ही काउंसलिंग की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। पीएम जनमन योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि 124 व्यक्तियों के आधार कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र नहीं बने हैं, जिन्हें जल्द से जल्द बनवाया जाएगा। recent visitors 85

ग्वालियर की सड़कों पर अब नहीं दौड़ेंगे पुराने वाहन, कबाड़ में भेजने के आदेश

ग्वालियर  मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में वायु प्रदूषण सुधारने की ओर कलेक्टर ने बड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर रुचिका चौहान ने पुराने वाहनों को लेकर परिवहन विभाग को एक निर्देश जारी किया है। इसके अनुसार अब जिले की सड़कों पर 20 वर्ष से अधिक पुराने निजी वाहन और 15 वर्ष से अधिक पुराने सरकारी वाहन सड़कों पर दौड़ते नजर नहीं आएंगे। अगर ऐसा वाहन चलता मिलता है तो परिवहन विभाग इनको जब्त कर लेगा। जहां से इन्हें परिवहन विभाग के स्क्रैप केंद्र भेज दिया जाएगा। कलेक्टर ने तीन दिन में मांगी सूची कलेक्टर रुचिका चौहान ने परिवहन विभाग के अधिकारियों को ऐसे वाहनों की सूची तीन दिन में पेश करने का निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सरकार के प्रावधान को भी प्रस्तुत किया जाए, ताकि प्रावधानों के अनुरूप प्रभावी कार्रवाई की जा सके। कलेक्टर ने कहा कि प्राप्त सूची के आधार पर वाहनों का चलना प्रतिबंधित किया जाएगा। अब सड़कों पर न चलें पुराने वाहन कलेक्टर ने सोमवार को अंतरविभागीय समन्वय समिति की बैठक में विभागीय योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए यह निर्देश दिए हैं. शासन के प्रावधानों एवं प्रदूषण को देखते हुए ग्वालियर जिले में पुराने वाहन सड़क पर न चलें. इस पर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी. निजी एवं शासकीय वाहनों के उपयोग की समय-सीमा शासन द्वारा निर्धारित की गई है. बारिश से पहले सड़कों का पूरा हो निर्माण कलेक्टर ने बरसात से पूर्व सड़कों की मरम्मत के कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्माण एजेंसियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने विभाग की सभी सड़कों की मरम्मत बरसात से पहले करा लें. इसके साथ ही पुल-पुलियों की मरम्मत कराएं और शामन बोर्ड जरूर लगवाएं. शाइन बोर्ड पर ग्लोशाइन पट्टी भी लगाई जाए ताकि अंधेरे में भी नागरिकों को दिखाई दे सकें.  जिले में 12 लाख 53 हजार वाहन रजिस्टर्ड ग्वालियर जिले में लगभग 12 लाख 53 हजार वाहन रजिस्टर्ड है। इनमें 01 लाख 33 हजार निजी वाहन 20 साल से ज्यादा पुराने शामिल है। वहीं प्रदेश में लगभग 13 लाख 50 हजार वाहन स्क्रैप कराने लायक है। इनमें दो पहिया,तीन पहिया और चार पहिया वाहन शामिल है। निजी वाहन स्क्रैप कराने पर रोड टैक्स में 25% की छूट मिलेगी। वहीं कमर्शियल वाहन पर 15% तक की रोड टैक्स की छूट मिलेगी। शासन द्वारा अधिकृत स्क्रैप सेंटर पर डिस्पोजल करने पर ही यह छूट दी जाएगी। recent visitors 64

मोहन सरकार ने ट्रांसफर की तारीख बढ़ाई, अब इस दिन तक कर सकेंगे तबादले के लिए आवेदन

भोपाल  मध्य प्रदेश के कर्मचारियों से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। प्रदेश सरकार ने ट्रांसफर की तारीख को आगे बढ़ा दिया है। तबादले के लिए ज्यादा आवेदन के चलते यह फैसला लिया गया है। आइए जानते है एमपी में कब तक ट्रांसफर के लिए आवेदन कर सकेंगे। मध्य प्रदेश में तबादले को लेकर मारामारी देखने को मिल रही है। शिक्षा, राजस्व और स्वास्थ्य विभाग में सबसे अधिक आवेदन आए है। सबसे ज्यादा ट्रांसफर की मारामारी स्कूल शिक्षा विभाग में है, जहां 35 हजार आवेदन आ चुके हैं। राजस्व में 8 हजार और स्वास्थ्य में 4 हजार से ज्यादा तबादलों के आवेदन आए हैं। इसे देखते हुए सरकार ने तबादलों की तारीख को आगे बढ़ा दिया है। 10 जून तक हो सकेंगे टांसफर मध्यप्रदेश सरकार ने तबादलों की तारीफ 31 मई से बढ़ाकर 10 जून कर दी है इसके बाद अब प्रदेश के सरकारी अधिकारी-कर्मचारी अपने ट्रांसफर के लिए 10 जून तक आवेदन कर सकते हैं। यहां बता दें कि मध्यप्रदेश में पिछले तीन साल से ट्रांसफर पर प्रतिबंध था जो बीते दिनों हटाया गया है और अब नई तबादला नीति के तहत ट्रांसफर हो रहे हैं। एमपी के सरकारी कर्मचारी-अधिकारी अब 10 जून तक ट्रांसफर के लिए आवेदन कर सकेंगे। इससे पहले प्रदेश सरकार ने तबादले के लिए आवदेन की तिथि 31 मई निर्धारित की थी। आपको बता दें कि प्रदेश में पिछले तीन सालों से ट्रांसफर पर प्रतिबंध था। अब नई तबादला नीति के तहत ट्रांसफर होने हैं। ट्रांसफर के लिए आए ज्यादा आवेदन तीन साल बाद ट्रांसफर विंडो खुलने से प्रदेश में तबादले को लेकर मारामारी देखने को मिल रही है। शिक्षा, राजस्व और स्वास्थ्य विभाग में सबसे अधिक आवेदन आए हैं। सबसे ज्यादा ट्रांसफर की मारामारी स्कूल शिक्षा विभाग में है, जहां 35 हजार आवेदन आ चुके हैं। राजस्व में 8 हजार और स्वास्थ्य में 4 हजार से ज्यादा तबादलों के आवेदन आए हैं। इसे देखते हुए सरकार ने तबादलों की तारीख को आगे बढ़ा दिया है। recent visitors 59

रायपुर : अभिलेख में त्रुटि सुधार होने पर बहुत खुश हैं पवन अब मिलेगा शासकीय योजनाओं का लाभ

रायपुर सुशासन तिहार में अभिलेख में त्रुटि सुधार होने पर पवन सिंह मरावी बहुत खुश हैं, अब उन्हें शासकीय योजनाओं का लाभ मिलेगा। पेण्ड्रा ब्लाक के ग्राम पंचायत कुदरी के पवन सिंह मरावी की उम्मीदों को नई उड़ान तब मिली जब उन्होंने सुशासन तिहार में भाग लेकर अपनी वर्षों पुरानी समस्या का समाधान पाया। पवन सिंह लंबे समय से बी-1 रिकॉर्ड में त्रुटि के कारण शासन की विभिन्न योजनाओं, खासकर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से वंचित थे। हर बार आवेदन करने के बावजूद उन्हें एक ही समस्या का सामना करना पड़ता था, जिससे वे बेहद निराश और परेशान थे, लेकिन मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सुशासन तिहार कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें समस्याओं के समाधान के लिए आवेदन करने का अवसर मिला तो उन्होंने तुरंत आवेदन प्रस्तुत किया और राजस्व विभाग द्वारा उनके आवेदन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए बी-1 एवं किसान किताब में नाम की त्रुटि को सुधारा गया। अब इन्हें विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ मिलेगा।                अभिलेख में त्रुटि सुधार होने से अब पवन सिंह न केवल शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में सक्षम होंगे, बल्कि उनके लिए एक नई राह भी खुल गई है। इस सफलता पर उन्होंने शासन-प्रशासन के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा, “मैं शासन का दिल से धन्यवाद करता हूँ कि मेरी वर्षों पुरानी समस्या को इतनी जल्दी हल किया गया। अब मुझे किसान सम्मान निधि सहित सभी योजनाओं का लाभ मिलेगा।“ सुशासन तिहार ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जब प्रशासन संवेदनशील हो और जनता सजग हो। पवन सिंह मरावी की कहानी उन सभी के लिए प्रेरणा है जो अपने अधिकारों की प्राप्ति के लिए प्रयासरत हैं। recent visitors 76